NATIONAL : 12 घंटे में 4 पीसी, 2 मंत्रियों के बयान; राहुल को जवाब देने में भाजपा ने अभूतपूर्व ताकत झोंकी

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग मार्च को रोकने के बाद कई घंटे धरना पर बैठकर ऐसा माहौल बना दिया कि भाजपा को 12 घंटे में चार संवाददाता सम्मेलन के ऊपर दो मंत्रियों से बयान दिलाना पड़ा।

राहुल गांधी को मंगलवार की रात आकाशवाणी भवन से हिरासत में लेकर जाती दिल्ली पुलिस।
सुबह 10.07 बजे संबित पात्रा, दोपहर 1.21 बजे सुधांशु त्रिवेदी, शाम 4.07 बजे प्रदीप भंडारी और रात 9.44 बजे दोबारा सुधांशु त्रिवेदी। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नई दिल्ली मुख्यालय में यह मंगलवार (6 अक्टूबर, 2026) को एक के बाद एक बुलाए गए चार संवाददाता सम्मेलन की सूची है। इनके ऊपर से वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और किरेन रिजिजू के साथ-साथ पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बयान दिया वो अलग। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग मार्च के दौरान भाजपा ने अभूतपूर्व ताकत झोंककर सुबह से रात तक वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और वोट चोरी के आरोपों पर सरकार और पार्टी का पक्ष रखते हुए राहुल गांधी की नीयत पर अराजकता फैलाने जैसे सवाल उठाए।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद से चुनाव आयोग तक मार्च कर रहे विपक्षी सांसदों को रास्ते में रोक लिया गया था। तब प्रियंका गांधी समेत अन्य नेताओं के साथ राहुल गांधी आकाशवाणी परिसर में ही धरने पर बैठ गए, जहां से उन्हें करीब 9 घंटे बाद हिरासत में लिया गया। राहुल ने ऑल इंडिया रेडियो कैंपस में मीडिया से कहा था- ‘मेरे भारत के साथ जो किया गया, वो देशद्रोह है। चाहे वो नरेंद्र मोदी हो, अमित शाह हो, ज्ञानेश कुमार हो या मोहन भागवत हो- कोई बच कर नहीं भाग पाएगा।’ सुबह 11 बजे शुरू मार्च रोक देने पर जब राहुल ने आकाशवाणी परिसर में ही धरना शुरू कर दिया तो बार-बार बुलाई गई कुल चार प्रेस कॉन्फ्रेंस और तीन बयान से सत्तारूढ़ दल पर दबाव साफ दिखने लगा।

बीजेपी के पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबित पात्रा ने क्या कहा?
भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि देश के अंदर कुछ विपक्षी दल, खास तौर से कांग्रेस एक प्रायोजित प्रयास कर रही है कि किसी तरह सत्ता परिवर्तन करें और राहुल गांधी को सत्तासीन करें। इसके लिए प्रायोजित रूप से लोकतंत्र और भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर प्रहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बार-बार कोशिश रही है कि कैसे भी राहुल को लॉन्च और री-लॉन्च किया जाए। पात्रा ने आरोप लगाया कि बहुत कोशिशों के बाद जब राहुल लॉन्च नहीं हो पाए, तो कांग्रेस और कुछ सहयोगी दलों ने यह तय किया है कि भले अराजकता के माध्यम से राहुल को लॉन्च करना पड़े, हम लोकतंत्र पर प्रहार करेंगे, मगर हर कीमत पर राहुल को लॉन्च करेंगे।

बीजेपी के दूसरे प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधांशु त्रिवेदी ने क्या कहा?
भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी पार्टी दफ्तर में दूसरी पीसी करने आए और कहा कि जिन लोगों ने 5.8 करोड़ का राशन खाया, जिन लोगों ने 4.45 करोड़ की मनरेगा मजदूरी खाई, वही लोग डेड और डुप्लीकेट वोटर्स के द्वारा लोकतंत्र को खाने का प्रयास कर रहे हैं। राहुल गांधी के आरोपों पर त्रिवेदी ने कहा- ‘वास्तविकता यह है कि ये (राहुल गांधी) कामचोर हैं, और वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं।’

बीजेपी के तीसरे प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदीप भंडारी ने क्या कहा?
भाजपा के तीसरे राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी शाम में तीसरे संवददाता सम्मेलन में पहुंचे और कहा कि राहुल गांधी ‘झूठ की दुकान’ चला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल ने जिस तरह फेक AI वीडियो के जरिए झूठा माहौल बनाने और दिल्ली पुलिस को बदनाम करने का प्रयास किया, उसका पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। भंडारी ने राहुल और कांग्रेस से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि इस झूठ के लिए उनकी जवाबदेही बनती है। उन्होंने कहा कि राहुल आज देश में झूठ, भ्रम और अशांति फैलाने की राजनीति कर रहे हैं। राहुल गांधी हर मुद्दे पर झूठे नैरेटिव फैलाने का प्रयास करते हैं।

भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी रात में फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए और पार्टी के कल के चौथे पत्रकार सम्मेलन में राहुल को झूठों के सरताज और राजनीतिक ड्रामे में माहिर बताते हुए कहा कि दिन भर का प्रपंच चुनाव आयोग की प्रेस रिलीज से पूरी तरह बेनकाब हो गया है। त्रिवेदी ने चुनाव आयोग के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया कि कांग्रेस या किसी विपक्षी दल से मुलाकात का कोई आग्रह आयोग को नहीं मिला है। आयोग ने यह भी कहा कि जब आयोग निर्धारित प्रक्रिया के तह त मिलने के लिए राजी था तो राहुल तैयार नहीं हुए। सुधांशु त्रिवेदी ने आयोग के बयान का संदर्भ रखते हुए कहा कि राहुल का उद्देश्य चुनाव आयोग से मिलकर अपनी बात रखना नहीं, बल्कि ड्रामा करना था। भाजपा प्रवक्ताओं के अलावा शिवराज सिंह चौहान, किरेन रिजिजू और रविशंकर प्रसाद ने भी अलग से बयान देकर राहुल गांधी पर तीखे हमले बोले।

तब पीएम आवास, अब आकाशवाणी; राहुल गांधी का फिर खूंटा गाड़ प्रदर्शन

राहुल गांधी समेत विपक्ष के नेता चुनाव आयोग और सरकार पर वोट चोरी के आरोप लगाते आ रहे हैं। एसआईआर को लेकर हालिया खुलासों और सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी के बाद विपक्ष ज्ञानेश कुमार पर और हमलावर है। 20 जुलाई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मार्च के बाद से सरकार विरोधी आंदोलन लगातार जारी हैं। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बनी कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर आंदोलन ने संसद का मॉनसून सत्र बिगाड़ा था और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और आयोग के कामकाज को लेकर शीतकालीन सत्र भी हंगामेदार रहने के आसार बन रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी ने भी 10 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर लौटने का ऐलान कर रखा है।

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