NATIONAL : 6 साल में साइबर क्राइम की 54 लाख शिकायतें, FIR सिर्फ 2.4 प्रतिशत पर

0
47

दिल्ली। देश में साइबर अपराध की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन इनके मामलों में एफआईआर दर्ज होने की दर बेहद कम है। 2019 से 2024 के बीच छह साल में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर करीब 53.93 लाख शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से सिर्फ 1.30 लाख मामलों में एफआईआर दर्ज हुई। यानी कुल शिकायतों का करीब 2.4% ही एफआईआर में बदला।

राज्यसभा की गृह मामलों से संबंधित स्थायी समिति की रिपोर्ट में साइबर अपराध से जुड़े ये आंकड़े सामने आए हैं। 31 सदस्यीय समिति के अध्यक्ष डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल हैं। समिति ने साइबर अपराध की शिकायतों पर कार्रवाई और अपराध के आंकड़ों को दर्ज करने के तरीके को लेकर चिंता जताई है।

छह साल में 78 गुना बढ़ीं शिकायतें

रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर अपराध की शिकायतों में छह साल के दौरान करीब 78 गुना बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद शिकायत और एफआईआर के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है। समिति ने 1930 साइबर हेल्पलाइन और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस कार्रवाई और फॉलो-अप में देरी का मुद्दा भी उठाया।

FIR नहीं होने से अपराध के आंकड़े प्रभावित

समिति ने कहा कि कई मामलों में पुलिस एफआईआर दर्ज करने के बजाय गैर-संज्ञेय रिपोर्ट तक सीमित रहती है। इससे गंभीर अपराध आधिकारिक आंकड़ों में कम दिखाई दे सकते हैं और पीड़ितों को न्याय मिलने में भी परेशानी होती है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि राज्यों की ओर से NCRB को अपराध के आंकड़े भेजने में डेढ़ से दो साल तक की देरी होती है। इससे पुलिसिंग, सुरक्षा नीति और बजट तैयार करने में पुराने आंकड़ों का इस्तेमाल होने की आशंका रहती है।

एक अपराध के साथ कई मामले दर्ज नहीं होते

समिति ने NCRB के ‘प्रिंसिपल ऑफेंस रूल’ का भी जिक्र किया। इसके तहत किसी घटना में कई अपराध होने पर मुख्य अपराध को ही दर्ज किया जाता है। उदाहरण के तौर पर अपहरण के बाद लूट और वीडियो ऑनलाइन लीक होने की स्थिति में रिकॉर्ड में सिर्फ अपहरण मुख्य अपराध के रूप में दर्ज हो सकता है। इससे साइबर अपराध, लूट या अन्य जुड़े अपराधों का अलग डेटा सामने नहीं आ पाता।

समिति के मुताबिक, ऐसे मामलों में सेकेंडरी अपराधों का डेटा छूटने से देश में साइबर अपराध की वास्तविक तस्वीर पूरी तरह सामने नहीं आती।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here