पीएम मोदी से मिलकर ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कहा कि युद्ध जारी रखने से न तो हमारे हितों को और न ही क्षेत्र या मानवता के हितों को कोई लाभ होता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (31 अगस्त 2026) को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ बैठक की. इस बैठक में पेजेशकियान ने पीएम मोदी ने कहा कि अमेरिका ने अपने वादे को पूरा नहीं किया इसके बावजूद ईरान एक अंतिम समझौते पर पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है. पेजेशकियान ने कहा कि इलाके में शांति और स्थिरता को मजबूत करने में भारत काफी मदद कर सकता है.

जंग के किसी को लाभ नहीं: पेजेशकियान
सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पेजेशकियान ने कहा, ‘हम अब भी समझौते और आपसी समझ बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. हमारा मानना है कि युद्ध जारी रखने से न तो हमारे हितों को और न ही क्षेत्र या मानवता के हितों को कोई लाभ होता है.’ फार्स समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के साथ बैठक में कहा कि अमेरिका में ऐसे लोग हैं जो चाहते हैं कि ये जंग जारी रहे.
पेजेशकियान ने कहा कि अमेरिका ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े समुद्री सहयोग और चाबहार बंदरगाह में सहयोग पर चर्चा की.
उन्होंने कहा, ‘चाबहार पोर्ट दक्षिण-पूर्वी ईरान में स्थित है, जिसके एक टर्मिनल को तैयार करने में भारत ने कम से कम 12 करोड़ डॉलर (120 मिलियन डॉलर) का निवेश किया है. इस परियोजना पर लगाए गए प्रतिबंधों में अमेरिका की ओर से दी गई छूट रविवार (30 अगस्त 2026) को समाप्त हो गई.’
ईरान-भारत के बीच आपसी सहयोग पर चर्चा
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी रिश्तों की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया और दोनों देशों के लिए अहम क्षेत्रों में ईरान और भारत के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया.पश्चिम एशिया संकट के बीच दोनों शीर्ष लीडर्स में संवाद कायम रहा है. जून में, पीएम मोदी और पेजेश्कियन के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें ईरानी राष्ट्रपति ने भारतीय पीएम को पश्चिम एशिया में हो रही घटनाओं और आगे की राह के बारे में जानकारी दी थी.
बातचीत के दौरान, पीएम मोदी ने संघर्ष खत्म करने के लिए बनी सहमति का स्वागत किया था और स्थायी शांति और स्थिरता के लिए लगातार कोशिशों की जरूरत को दोहराया. दोनों नेताओं ने इससे पहले 21 मार्च को भी बात की थी, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया क्षेत्र में सुरक्षा हालात पर विस्तार से चर्चा की थी. बैठक के बाद, विदेश मंत्रालय ने एक्स पर कहा, ‘दोनों नेताओं ने रक्षा, आर्थिक, फार्मा, विज्ञान और तकनीक, संस्कृति और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की. उन्होंने पश्चिम एशिया के हालात समेत क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाओं पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया.’
पीएम मोदी ने पुरानी दोस्ती का संकल्प दोहराया
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘बिश्केक में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात हुई. हमने ईरान के साथ भारत की पुरानी दोस्ती को अलग-अलग क्षेत्रों में और मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया. हम आने वाले समय में अपने व्यापार के दायरे को बढ़ाना और उसमें विविधता लाना चाहते हैं. हमने क्षेत्र के मौजूदा हालात पर चर्चा की. भारत स्थायी शांति सुनिश्चित करने की दिशा में की जा रही सभी कोशिशों का समर्थन करना जारी रखेगा.’

