NATIONAL : योगी मंत्रिमंडल का विस्तार आज, मनोज पांडे और भूपेंद्र चौधरी समेत इन 6 नेताओं का बढ़ा कद; जानें पूरा समीकरण

0
48

उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद अहम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट का दूसरा विस्तार आज यानी रविवार दोपहर 3:30 बजे होने जा रहा है। राजभवन के गांधी सभागार में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल 6 नए विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाएंगी। शनिवार शाम को मुख्यमंत्री योगी की राज्यपाल से हुई मुलाकात के बाद इस फेरबदल पर अंतिम मुहर लग गई है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस विस्तार में भाजपा ने जातीय समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन साधने की पूरी कोशिश की है।

सूत्रों के मुताबिक, इस विस्तार में 2 कैबिनेट और 4 राज्य मंत्री बनाए जा सकते हैं। इसमें पिछड़े (OBC), दलित (SC) और ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की रणनीति साफ दिख रही है। आइए जानते हैं इनके नाम।

भूपेंद्र चौधरी: 55 वर्षीय भूपेंद्र चौधरी यूपी बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और पश्चिमी यूपी के कद्दावर जाट नेता हैं। मुरादाबाद से आने वाले चौधरी की जाट समुदाय में मजबूत पकड़ है। पहले ये पंचायती राज कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। 2016 में पहली बार एमएलसी बने और 2022 में उन्हें दोबारा मनोनीत किया गया। ये जाट समुदाय में अच्छी पैठ के लिए जाने जाते हैं।

मनोज पांडे: मनोज पांडे ऊंचाहार (रायबरेली) से विधायक हैं और सपा के बागी नेता के रूप में जाने जाते हैं। वे लगातार तीसरी बार विधायक बने हैं, 2012, 2017 और 2022 में सपा के टिकट पर जीत हासिल की। ब्राह्मण समाज से आने वाले पांडे अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं और सपा के मुख्य सचेतक की भूमिका निभा चुके हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने सपा छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। 58 वर्षीय मनोज पांडे का राजनीतिक सफर रायबरेली की राजनीति में एक अहम स्थान रखता है।

कृष्णा पासवान: फतेहपुर की खागा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक एक दलित महिला चेहरा हैं, जिन्होंने अब तक चार बार जीत दर्ज की है। उन्होंने पहली बार 2002 में चुनाव जीता और इसके बाद 2012, 2017 तथा 2022 में भी विजय हासिल की। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से राजनीति में कदम रखने वाली यह नेता SC समाज से आती हैं और अपनी जमीनी पकड़ के लिए जानी जाती हैं। 63 वर्ष की उम्र में भी वे सक्रिय राजनीति में मजबूत उपस्थिति बनाए हुए हैं। हाल ही में नवनिर्मित सड़क की गुणवत्ता जांचने के लिए फावड़े से खुदाई करती हुई उनकी एक वीडियो वायरल हुई थी, जिसने उन्हें और अधिक चर्चा में ला दिया।

हंसराज विश्वकर्मा: हंसराज विश्वकर्मा ने बूथ कार्यकर्ता से लेकर मंत्रिमंडल तक का सफर तय किया है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से आते हैं और वर्तमान में वाराणसी बीजेपी जिलाध्यक्ष हैं। ओबीसी वर्ग के विश्वकर्मा समाज से जुड़े होने के कारण उन्हें पार्टी का महत्वपूर्ण चेहरा माना जाता है। पीएम मोदी के करीबी नेताओं में गिने जाने वाले 57 वर्षीय हंसराज विश्वकर्मा अब मंत्रिमंडल का हिस्सा होंगे।

कैलाश राजपूत: कन्नौज की तिर्वा विधानसभा सीट से विधायक 67 वर्षीय नेता लोधी समाज से आते हैं। वे अखिलेश यादव के गढ़ में भारतीय जनता पार्टी के ओबीसी चेहरे के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए हैं। उनकी राजनीतिक मौजूदगी इस क्षेत्र में बीजेपी को सामाजिक समीकरणों के लिहाज से मजबूती देती है।

सुरेंद्र दिलेर: मंत्रिमंडल में शामिल सबसे युवा चेहरा 31 वर्षीय विधायक हैं, जो अलीगढ़ की खैर विधानसभा सीट से आते हैं। वे 2024 के उपचुनाव में पहली बार जीतकर विधानसभा पहुंचे। एससी समाज से जुड़े इस नेता को राजनीति विरासत में मिली है। इनके दादा किसान लाल दिलेर हाथरस से चार बार सांसद और पांच बार विधायक रहे, जबकि पिता राजवीर दिलेर भी हाथरस से सांसद और खैर सीट से विधायक रह चुके हैं। इस तरह परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि ने इन्हें कम उम्र में ही बड़ा मंच दिलाया है।

मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही सोमेंद्र तोमर, अजीत पाल और नरेंद्र कश्यप के प्रमोशन की भी चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, असीम अरुण, जेपीएस राठौर, दयाशंकर सिंह और संजय सिंह गंगवार का कद बढ़ाया जा सकता है। वहीं, कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में कटौती या बदलाव की भी संभावना है। फिलहाल किसी भी मंत्री को हटाए जाने की खबर नहीं है।

योगी सरकार में वर्तमान में 54 मंत्री हैं। आज के विस्तार के बाद यह संख्या बढ़कर 60 हो जाएगी। इससे पहले मार्च 2024 में पहला विस्तार हुआ था, जिसमें ओमप्रकाश राजभर और दारा सिंह चौहान जैसे नेताओं को जगह मिली थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here