देश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) एसवाई कुरैशी अपनी एक नई किताब को लेकर अभी खूब चर्चा में हैं। अब उन्होंने मौजूदा चुनाव आयोग (ECI) पर यह आरोप लगाकर कि वह विपक्ष के साथ अन्यायपूर्ण रवैया अपना रहा है, सनसनी मचा दी है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा है कि यह सिर्फ आरोप नहीं है, चुनाव आयोग विपक्ष के साथ सही बर्ताव नहीं कर रहा है।
‘विपक्ष को सहयोग की जरूरत होती है’
पूर्व सीईसी एसवाई कुरैशी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में सीईसी ज्ञानेश कुमार की अगुवाई वाले मौजूदा चुनाव आयोग की अपने कार्यकाल से तुलना की है और कहा है कि उनके समय विपक्ष को प्राथमिकता देने की नीति थी, जबकि अभी उसके साथ अनुचित व्यवहार हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘मेरी घोषित नीति थी कि विपक्ष का साथ दें..क्योंकि वे उपेक्षित होते हैं.. सत्ता से दूर होते हैं, उन्हें हमारे सहयोग की जरूरत है…सरकार के पास तो बहुत कुछ होता है।’
मैंने अपने सभी अधिकारियों से कहा था विपक्ष के लिए अपने सारे दरवाजे खोल दें..। अगर वे कल का समय मांगते हैं तो उन्हें आज का समय दें। अगर आपके पास दो तरह के अनुरोध आते हैं, एक विपक्ष से और दूसरा सरकार से तो विपक्ष को प्राथमिकता दें।

एसवाई कुरैशी, पूर्व सीईसी
‘मेरे कार्यकाल में विपक्ष बहुत कंफर्टेबल था’
कुरैशी का दावा है कि उनके कार्यकाल में विपक्ष, खास तौर पर बीजेपी को बहुत फायदा हुआ, क्योंकि उन्होंने नीति ही ऐसी बना रखी थी। उनके मुताबिक, ‘..क्योंकि हमें पूरे देश का भरोसा जीतना होता है, विशेष तौर पर विपक्ष का। इसलिए हमारे समय में विपक्ष हमारे साथ बहुत ही ज्यादा कंफर्टेबल था।’
‘मेरी नीति से बीजेपी को फायदा हुआ’
एसवाई कुरैशी ने यहां तक दावा किया कि ‘मेरे पूरे कार्यकाल में बीजेपी सबसे प्रमुख विपक्षी पार्टी थी..अगर उसके कुछ नेता आज मेरी आलोचना करते हैं तो वे इसे नजरअंदाज कर रहे हैं…मेरी नीति से विपक्ष को लाभ होता था, खासकर बीजेपी को, इसे याद रखना बहुत जरूरी है।’ एसवाई कुरैशी अपनी किताब में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के उस बयान को शामिल करने को लेकर चर्चित हुए हैं, जिसमें कथित तौर पर उन्होंने आत्महत्या करने की बात कही थी।
‘विपक्ष के प्रति चुनाव आयोग बहुत अन्यायपूर्ण’
भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त से जब यह पूछा गया कि क्या आपको भी लगता है कि मौजूदा चुनाव आयोग का विपक्ष के साथ रवैया थोड़ा अन्यायपूर्ण है, तो उन्होंने कहा, ‘थोड़ा अन्यायपूर्ण…यह बहुत ही कम है…बेशक यह बहुत ही ज्यादा अन्यायपूर्ण है।…यही वजह है कि 23 विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई हैं।’
‘चुनाव आयोग का रवैया अन्यायपूर्ण’
कुरैशी ने मौजूदा चुनाव पर सीधा मोर्चा खोलते हुए यहां तक आरोप लगाया कि ‘चुनाव आयोग उन्हें (विपक्ष) सुनने का मौका नहीं दे रहा है,यह स्वीकार्य नहीं है। वो जो कर रहे हैं और जिस तरह से बचकर निकल रहे हैं, वह मुझे हैरान कर रहा है। चुनाव आयोग से यह उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्हें सबको साथ लेकर चलना है।’ पूर्व सीईसी का यह बयान इसलिए बहुत अहम हो जाता है कि विपक्ष ने अभी चुनाव आयोग और खासकर सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
मीडिया पर भी बरसे एसवाई कुरैशी
उन्होंने मीडिया पर भी आरोप लगाया कि ‘इसका बड़ा हिस्सा सरकार से सवाल पूछने की जगह विपक्ष से सवाल पूछता है। नेहरू के समय चली जाती है।’
‘लोकतंत्र में आपको सरकार से सवाल पूछना चाहिए और सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है।’
‘हम यहां देख रहे हैं कि विपक्ष मुलाकात के लिए भीख मांगता रहता है और आप समय नहीं देते हैं। इसलिए विपक्ष को सीजेआई को लिखना पड़ा है।’

