NATIONAL : सड़क नहीं मिली तो बीमार बच्चे को कपड़े की पोटली में बांधा, 3 KM पैदल चले परिजन, रीवा के जवा का वीडियो वायरल

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रीवा जिले के जवा में बारिश के कारण सड़क खराब हो गई थी। बीमार बच्चे को अस्पताल ले जाने के लिए परिजन 3 किलोमीटर पैदल चले। खराब रास्ते के कारण वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका था। परिजनों ने बच्चे को कपड़े की पोटली में बांधकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से बच्चे को मोटरसाइकिल से अस्पताल ले जाया गया।

रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में बारिश के बीच ग्रामीण इलाकों की बदहाल सड़क और संपर्क व्यवस्था की तस्वीर सामने आई है। जवा जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोनीकलां के पौखरी टोला में एक बीमार बच्चे को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों को करीब 2 से 3 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। रास्ता खराब होने के कारण वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका। मजबूर परिजनों ने बच्चे को कपड़े की पोटली में बांधा और कंधे पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचे। इसके बाद बच्चे को बाइक से अस्पताल ले जाया गया।

बारिश के बाद सड़क का हिस्सा नहर में समाया
बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के बाद मिनी बाणसागर नहर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर सड़क में समा गया। इससे कोनीकलां पंचायत के पौखरी टोला समेत आसपास के इलाकों में आवागमन प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते पर पानी और कीचड़ के कारण चार पहिया वाहन तो दूर, कई जगह दोपहिया वाहन से निकलना भी मुश्किल हो गया है।

बीमार बच्चे को पोटली में बांधकर ले गए परिजन
पौखरी टोला निवासी मिथलेश केवट के करीब 10 से 12 वर्षीय भाई की तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उसे अस्पताल ले जाने के लिए निकले। लेकिन गांव तक वाहन पहुंचने का रास्ता नहीं था। ऐसे में परिजनों ने बच्चे को कपड़े में बांधा और कंधे पर उठाकर करीब 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचे। वहां से मोटरसाइकिल के जरिए बच्चे को अस्पताल ले जाया गया।

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में परिजन बारिश और खराब रास्ते के बीच बच्चे को लेकर पैदल जाते दिखाई दे रहे हैं।

6-7 हजार की आबादी, बारिश में कट जाता है संपर्क
ग्रामीणों के मुताबिक, कोनीकलां ग्राम पंचायत की आबादी करीब 6 से 7 हजार है। बारिश के मौसम में पंचायत के कई टोले जलभराव और खराब रास्तों के कारण मुख्य मार्ग से कट जाते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है। ग्रामीणों ने वीडियो के जरिए प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर खींचते हुए गांव तक सुरक्षित सड़क और आवागमन की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।

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