NATIONAL : हेमंत सोरेन सरकार को छात्रों ने दी चेतावनी, मांगे नहीं मानी गईं तो 10 अगस्त को करेंगे विधानसभा घेराव

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झारखंड में JPSC, JSSC, CGL और TDPL भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। छात्र नेताओं ने सरकार से वार्ता के बाद आगे की रणनीति तय करने की बात कही है, लेकिन मांगें नहीं माने जाने पर 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। जानिए छात्रों की प्रमुख मांगें, सरकार की ओर से गठित मंत्रियों की समिति और भर्ती परीक्षा अनियमितता मामले में अब तक हुई 19 गिरफ्तारियों की पूरी जानकारी।

झारखंड में JPSC, JSSC, CGL और TDPL भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच गुरुवार को छात्र नेताओं ने कहा कि वे हेमंत सोरेन सरकार से वार्ता के बाद अपने कदम पर विचार करेंगे। हालांकि, इस दौरान छात्र नेताओं ने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव हर हाल में किया जाएगा।

एसडीओ के साथ बैठक से पहले छात्र नेता राधे कुमार ने पत्रकारों से कहा, ‘हमारी कोर टीम के पांच सदस्य बैठक में शामिल होंगे। हम एसडीओ के माध्यम से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाएंगे। वे इन्हें संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखेंगे। सरकार की प्रतिक्रिया मिलने के बाद हम अपने अगले कदम पर निर्णय लेंगे।’

हालांकि, राधे कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बातचीत का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आता है तो 10 अगस्त को विधानसभा घेराव तय कार्यक्रम के मुताबिक होगा। उन्होंने कहा, ’10 अगस्त को विधानसभा घेराव प्रस्तावित है। हाल ही में एसडीओ सहित सरकारी अधिकारी हमारे पास आए थे। हमने उन्हें अपनी मांगें बता दी हैं। यदि इन्हें नहीं माना गया तो 10 अगस्त को लाखों छात्रों की भागीदारी के साथ विधानसभा का घेराव किया जाएगा।’

क्या हैं छात्रों की मांगें?
राधे कुमार ने कहा कि छात्र जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के दौरान टीडीपीएल कंपनी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं भी रद्द की जाएं। इसके अलावा अभय तिवारी से जुड़ी सभी परीक्षाओं को भी निरस्त करने और पूरे मामले की सीबीआई तथा ईडी से जांच कराने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं रद्द होने के बाद जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल की भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए।

उन्होंने आगे कहा, ‘झारखंड गठन के 26 वर्षों में छात्रों के साथ लगातार अन्याय हुआ है। जब भी छात्रों ने आंदोलन किया, उसे दबाने की कोशिश की गई। लेकिन 2026 का यह आंदोलन दबाया नहीं जा सकेगा, क्योंकि छात्र अब अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

कैबिनेट मंत्रियों की समिति की गई गठित
झारखंड सरकार ने आंदोलनरत छात्रों से वार्ता के लिए कैबिनेट मंत्रियों की एक समिति गठित की है। मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि यह समिति छात्रों की समस्याएं सुनेगी। सरकार और छात्रों के बीच सेतु का काम करेगी। उन्होंने छात्रों से बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।

मामले में अब तक कुल 19 गिरफ्तार
CID ने भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं के मामले में पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 19 हो गई है। मामले की जांच SIT द्वारा की जा रही है।

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