Tuesday, June 30, 2026
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ENTERTAINMENT : ‘बूढ़े मां-बाप अफसरों के पैरों पर गिरकर रोए’ बताते हुए रो पड़े समय रैना, पहली बार बताया दर्द

‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ कंट्रोवर्सी के 14 महीने बाद कॉमेडियन समय रैना ने कमबैक किया है. उनका कमबैक हिट माना जा रहा है. कंट्रोवर्सी पर बात करते हुए समय इमोशनल भी हो गए.कॉमेडियन-यूट्यूबर समय रैना ने ‘स्टिल अलाइव’ शो से यूट्यूब पर कमबैक किया है. शो पर उन्होंने ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ कंट्रोवर्सी पर बात की. सबको हंसाने वाले समय रैना स्टेज पर रो पड़े. उन्होंने बताया कि एक छोटे से जोक्स ने कैसे रातोरात सबकी जिंदगी में तूफान ला दिया.

‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ कंट्रोवर्सी पर बात करते हुए समय ने कहा- उस सुबह मैं बहुत गिल्टी फील कर रहा था, ये सब देखकर. मुझे लग रहा था कि ये सब मेरी वजह से हुआ. मुझे बलराज की पत्नी का भेजा एक वीडियो मिला, वो मुझे पूरी तरह तोड़ गया. वीडियो में बलराज के 70 साल के माता-पिता जवान अफसरों के पैरों पर बैठे गिड़गिड़ा रहे थे कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया. ये बताते हुए समय तक गला रुंध आया.

उन्होंने कहा कि वो डर गए थे और जब मां का वीडियो कॉल आया, तो वो रो रहे थे. उन्होंने वीडियो कॉल कट करके तुरंत नॉर्मल कॉल किया. लेकिन मां को पता लग था गया कि कुछ गड़बड़ है. समय ने कहा कि जब मैंने मां से वीडियो कॉल पर बात की, तो रो पड़ा. वो भी रो रही थी.

समय रैना ने ये भी कहा कि ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ कंट्रोवर्सी के बाद हैबिटेट स्टूडियो पर हमला किया गया. स्टूडियो में खूब तोड़फोड़ हुई. अपूर्वा को रेप और जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं. लोग रणवीर अल्लाहबदिया की मां के क्लीनिक पहुंचकर हंगामा कर रहे थे.

समय रैना को इमोशनल देखकर उनके फैन्स भी इमोशनल हो गए. समय ने अपने वीडियो में अमिताभ बच्चन, सुनील पॉल और मुकेश खन्ना जैसे सेलेब्स पर भी जोक्स सुनाए.

समय रैना ने कहा कि मुझसे पूछा जा रहा है कि मैंने रणवीर अल्लाहाबादिया का आपात्तिजनक कमेंट क्यों नहीं हटाया. बता दूं कि रणवीर ने वो सवाल 8 बार पूछा था. कॉमेडियन ने कहा कि उस सवाल की वजह से एक मिनट में सब बदल गया. नेता, कॉमेडियन और पब्लिक सब उनके पीछे पड़ गई थी.

विवाद के 14 महीने बाद समय रैना का कमबैक हिट माना जा रहा है. 13 घंटे में उनके वीडियो को 5 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं.

NATIONAL : फोन पर ‘पापा’ की आवाज सुनाई, बच्चों को भरोसा दिलाया… और लेकर भाग गए दो गैस सिलेंडर

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ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 इलाके में दो शातिर बदमाशों ने घर में मौजूद बच्चों को गैस एजेंसी कर्मचारी बनकर झांसा दे दिया. आरोपियों ने लीकेज चेक करने के बहाने किचन से दो सिलेंडर निकाले और फरार हो गए. यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है.

ग्रेटर नोएडा में गैस सिलेंडर चोरी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां शातिर चोरों ने बच्चों को झांसा देकर घर से दो सिलेंडर पार कर दिए. यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब कई हिस्सों में गैस सप्लाई को लेकर किल्लत की शिकायतें सामने आ रही हैं.

यह मामला बीटा-2 थाना क्षेत्र का है. पीड़ित प्रदीप सजवाण मूल रूप से रुद्रप्रयाग के रहने वाले हैं. वे पिछले तीन साल से ग्रेटर नोएडा में किराए पर रह रहे हैं. घटना सोमवार की दोपहर करीब 2 बजे की है, जब उनके घर पर केवल उनके दो बच्चे थे, इनमें एक 8 साल का और दूसरा 14 साल का है. माता-पिता दोनों ड्यूटी पर गए हुए थे.

इसी दौरान बाइक सवार दो युवक घर पहुंचे. एक ने हेलमेट पहन रखा था, जबकि दूसरे ने चेहरा कपड़े से ढक रखा था. दोनों ने खुद को गैस एजेंसी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उन्हें सिलेंडर में लीकेज की शिकायत मिली है और वे जांच करने आए हैं. जब बच्चों ने कहा कि उन्हें इस बारे में पता नहीं है तो आरोपियों ने चालाकी दिखाते हुए नया तरीका निकाला।एक युवक ने मोबाइल से कॉल मिलाने का नाटक किया और बच्चों को उनके पिता से बात कराने की बात कही. फोन पर दूसरी तरफ से एक आवाज सुनाई दी, बच्चों को लगा कि पिता की ही आवाज है.

इसी के बाद आरोपियों ने घर के अंदर एंट्री की. किचन में पहुंचकर उन्होंने सिलेंडरों पर पानी डालकर लीकेज चेक करने का ड्रामा किया और बच्चों से कहा कि ये सिलेंडर खराब हैं, इन्हें बदलना पड़ेगा. बच्चे कुछ समझ पाते, उससे पहले ही दोनों आरोपियों ने रसोई में रखे दो गैस सिलेंडर उठाए और बाहर खड़ी बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पर रखकर फरार हो गए.

कुछ देर बाद जब बच्चों की मां घर लौटीं, तो उन्होंने घटना की जानकारी दी. इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. मामले की शिकायत बीटा-2 थाने में दर्ज कराई गई है. यह पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है. फुटेज में देखा जा सकता है कि दोनों आरोपी बाइक पर सिलेंडर लेकर भाग रहे हैं. पुलिस अब इसी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है.

पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को इस तरह की स्थितियों से निपटने के लिए जागरूक करें. किसी भी अनजान व्यक्ति को घर में प्रवेश न करने दें, चाहे वह खुद को किसी भी कंपनी या एजेंसी का कर्मचारी क्यों न बताए.

SPORTS : RR से भिड़ने के लिए गुवाहाटी पहुंची RCB, एयरपोर्ट पर विराट कोहली को देखने के लिए उमड़ी भीड़….

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RR vs RCB 2026: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का अगला मैच राजस्थान रॉयल्स के साथ है, जिसके लिए टीम गुवाहाटी पहुंच गई है. कोहली को देखने के लिए एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में फैंस आए हुए थे.

विराट कोहली गुवाहाटी में पहुंचे तो एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखने के लिए आए थे. IPL 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का अगला मैच राजस्थान रॉयल्स के साथ बरसपारा क्रिकेट स्टेडियम में है. इसी ग्राउंड पर मंगलवार को राजस्थान ने मुंबई इंडियंस को हराया है, जिसमें वैभव सूर्यवंशी (39) और यशस्वी जायसवाल (77) ने धुआंधार बल्लेबाजी की थी.

मंगलवार को गुवाहाटी में बारिश हो रही थी, इसी कारण राजस्थान बनाम मुंबई मैच करीब 3 घंटे की देरी से शुरू हुआ था. इसे 11-11 ओवरों का तय किया गया था. मंगलवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम गुवाहाटी पहुंची, तो यहां का मौसम ठंडा था. कोहली जैकेट पहने हुए नजर आए.

एयरपोर्ट पर विराट कोहली को देखने के लिए बड़ी संख्या में फैंस आए थे. कोई उन्हें अपने मोबाइल फोन के कैमरे में रिकॉर्ड कर रहा था तो कई इस उम्मीद से आए थे कि उन्हें कोहली का ऑटोग्राफ मिल जाएगा. टीम बस के बाहर भी काफी फैंस आ गए थे. असम क्रिकेट एसोसिएशन के सोशल मीडिया पेज पर ये वीडियो शेयर की गई.

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स दोनों ही आईपीएल 2026 में अजेय रही है. आरसीबी लगातार दो मैच जीतकर गुवाहाटी पहुंची है, टीम के 4 अंक और +2.501 का नेट रन रेट है. आरसीबी के बाद राजस्थान रॉयल्स (+2.403) नेट रन रेट सबसे बेहतर है, लेकिन अंकों के आधार पर राजस्थान पहले नंबर पर है. राजस्थान जीत की हैट्रिक लगा चुकी है, उनके 6 अंक हैं.

राजस्थान रॉयल्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु मैच शुक्रवार, 10 अप्रैल को है. ये मैच बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा.

BIHAR : ‘मुझे उसका कलेजा निकालना था…’, 20 साल पहले देखे थे मां बाप पर बरसते कोड़े, अब लिया खौफनाक बदला

आरा में 20 साल पुरानी रंजिश ने खौफनाक रूप ले लिया, जब एक युवक ने पूर्व एयरफोर्स सार्जेंट पर चाकू से हमला कर दिया. बचपन की हिंसा और अपमान का बदला लेने के लिए उसने यह वारदात अंजाम दी. घटना ने समाज में मानसिक आघात और अपराध के गहरे संबंध पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

बिहार के आरा से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी. यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है, लेकिन इसके पीछे छिपा दर्द और नफरत बिल्कुल हकीकत है. एक 23 साल का युवक, जिसने 20 साल तक अपने सीने में प्रतिशोध की आग को पाले रखा. एक ऐसी आग, जिसने उसकी शादी, उसका करियर और उसकी शांति सब कुछ स्वाहा कर दिया. वजह थी बचपन में अपनी आंखों के सामने अपने भाई मां बाप और बुजुर्ग दादा पर बरसते कोड़े. आज उसी प्रतिशोध ने एक पूर्व एयरफोर्स सार्जेंट को मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है.

​दरअसल आरा के नगर थाना क्षेत्र स्थित शांति नगर मोहल्ले में मंगलवार की दोपहर जब चीख-पुकार मची,तो‌ लोगों को लगा कि ये कोई मामूली झगड़ा है. लेकिन जब परतें खुलीं, तो पता चला कि यह हमला अचानक नहीं, बल्कि 20 साल पुराने उस जख्म का नतीजा था जिसे आरोपी अनिल शुक्ला उर्फ मनजी अपनी यादों में रोज कुरेदता था. आखिरकार उसने पूर्व एयरफोर्स सार्जेंट को चाकू से गोदकर घायल कर दिया.

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और अपने जुर्म को कबूल किया. हालांकि, प्रतिशोध में किए गए हमले में आरोपी भी खूद के लगे चाकू से घायल हो गया है, जिसका अस्पताल में पुलिस अभिरक्षा के बीच इलाज चल रहा है.

आरोपी अनिल शुक्ला उर्फ मनजी के मुताबिक, 20 साल पहले संपत्ति के विवाद में उसके भाइयों और 80 साल के दादा को नग्न कर कोड़ों से पीटा गया था. उसकी मां को रसोई में कैद कर दिया जाता था. उस वक्त छोटा सा अनिल डर के मारे छज्जे पर छुपकर अपने भाइयों की चीखें सुनता था. वही चीखें आज खंजर बनकर पूर्व एयरफोर्स सार्जेंट अरविंद उपाध्याय के सीने और पेट में समा गईं.

मनजी ने कहा- मुझे कोई अफसोस नहीं है. जेल ही अब मेरा घर है. मैं उसका कलेजा बाहर निकालना चाहता था, बस थोड़ा चूक गया. 20 साल से मैं इसी दिन का इंतजार कर रहा था. प्रतिशोध का जुनून ऐसा कि अनिल ने न शादी की, न कोई नौकरी टिकने दी. वह अलग-अलग राज्यों में काम करता था, लेकिन जैसे ही उसे मौका मिलता, वह नौकरी छोड़कर अपने टार्गेट की ‘रेकी’ करने आरा आ जाता था. मंगलवार को मौका मिला और उसने एक बुजुर्ग से मांगकर लाए चाकू से अरविंद पर एक के बाद एक कई वार कर दिए.

डॉक्टर विकास सिंह के मुताबिक, सार्जेंट की हालत नाजुक है. चाकू के वार इतने गहरे थे कि उसकी आंतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं. फिलहाल ऑपरेशन के बाद उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है. इधर, घायल के परिजनों ने किसी भी पुरानी दुश्मनी से इनकार किया है, लेकिन आरोपी ने खुद नवादा थाने में सरेंडर कर अपनी पूरी कहानी बयां कर दी है. पुलिस अब इस खूनी रंजिश के हर पहलू की जांच कर रही है.

बहरहाल यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि बचपन में देखा गया उत्पीड़न और हिंसा एक बच्चे के मानसिक विकास को किस हद तक अपराधी बना सकती है. 20 साल की नफरत ने आज दो परिवारों को तबाह कर दिया है.

SPORTS : बुमराह का डर भगाया! 15 साल के सूर्यवंशी ने ‘जस्सी’ को कुछ समझा ही नहीं, पहली ही गेंद उड़ा दी

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मुकाबले का टर्निंग पॉइंट 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की निडर बल्लेबाजी रही, जिन्होंने 14 गेंदों में 39 रन ठोकते हुए जसप्रीत बुमराह की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर दबाव पूरी तरह पलट दिया.

बारिश से सिमटे 11 ओवरों के मुकाबले में मंगलवार रात राजस्थान रॉयल्स (RR) ने मुंबई इंडियंस (MI) को 27 रनों से हराकर न सिर्फ लगातार तीसरी जीत दर्ज की, बल्कि अंदाज ऐसा रखा जिसने पूरे टूर्नामेंट को चौंका दिया. 6 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंची राजस्थान की इस जीत में जहां यशस्वी जायसवाल (32 गेंदों में नाबाद 77 रन, 10 चौके, 4 छक्के ) ने पारी को मजबूती दी, वहीं 15 साल के वैभव सूर्यवंशी (14 गेंदों में 39 रन, एक चौका, 5 छक्के) ने मैच का टोन ही बदल दिया और शुरुआत से ही मैच का रुख एकतरफा कर दिया.

जायसवाल की पारी क्लास, धैर्य और नियंत्रण की मिसाल थी, लेकिन सुर्खियां पूरी तरह सूर्यवंशी ने बटोरीं- एक ऐसा ‘बच्चा’ जिसने बिना किसी हिचक के जसप्रीत बुमराह और ट्रेंट बोल्ट जैसे अनुभवी तेज गेंदबाजों पर हमला बोलते हुए यह साफ कर दिया कि यह पारी सिर्फ रन बनाने की नहीं, बल्कि दबदबा बनाने की थी.

राजस्थान की पारी की शुरुआत विस्फोटक रही. जायसवाल और सूर्यवंशी ने महज 3.2 ओवरों के पावरप्ले में बिना विकेट खोए 59 रन जोड़ दिए. छोटे फॉर्मेट के इस मुकाबले में यही साझेदारी निर्णायक साबित हुई. जायसवाल ने जहां टाइमिंग और गैप खोजने की कला दिखाई, वहीं सूर्यवंशी ने हर ढीली गेंद को बाउंड्री के पार भेजने में कोई संकोच नहीं किया. उनकी बल्लेबाजी में जोखिम जरूर था, लेकिन आत्मविश्वास उससे कहीं ज्यादा.

ENTERTAINMENT : एक्ट्रेस जरीन खान की मां का निधन, लंबे समय से थीं बीमार

बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान की मां परवीन खान का 8 अप्रैल को निधन हो गया है. परवीन खान उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं और अक्टूबर 2025 से दो बार अस्पताल में भर्ती हो चुकी थीं.बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. 8 अप्रैल को एक्ट्रेस की मां परवीन खान का निधन हो गया है. निधन को लेकर परिवार की ओर से ऑफिशियल स्टेटमेंट सामने आया है. इसमें बताया गया कि बुधवार सुबह 10 बजे परवीन खान का अंतिम संस्कार किया जाएगा.

जरीन खान की मां उम्र संबंधित बीमारियों से जूझ रही थीं. तबीयत बिगड़ने की वजह से अक्टूबर 2025 में उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया था. जरीन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए फैन्स को मां की बिगड़ी तबीयत की जानकारी दी थी. अस्पताल से लौटने के बाद वो थोड़े वक्त तक ठीक रहीं. लेकिन 2026 में उन्हें अस्पताल में एडमिट करा दिया गया.

जरीन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए फैन्स से मां के लिए दुआ करने को कहा था. उन्होंने ये भी कहा था कि उनकी मां उनका सबसे बड़ा सहारा हैं. मां के निधन से जरीन खान पूरी तरह टूट गई हैं. मां के निधन के बारे में उन्होंने अब तक सामने आकर कुछ नहीं कहा है. पर हां उनकी मां का दुनिया से जाना उनके लिए सबसे बड़ा लॉस है.

जरीन खान 38 साल की हैं और उन्होंने अब तक शादी नहीं की है. ऐसे में वो अपनी मां हर छोटी-बड़ी बात शेयर करती थीं. सोशल मीडिया पर उनके साथ तस्वीरें भी पोस्ट करती थीं. जब-जब उनकी मां अस्पताल में एडमिट हुईं, उन्हें यही चिंता लगी रहती थी कि वो घर लौटेंगी या नहीं. अब एक्ट्रेस का डर हकीकत में बदल चुका है.

JAIPUR : कांग्रेस MLA की शादी का जाम पुलिस के लिए बना आफत, पहली बार अधिकारियों पर होगा एक्शन!

मुकेश भाकर के शादी समारोह के दौरान सिक्का रोड पर लगे जाम में कई VIP फंस गए थे. VIP को जाम से निकालना मुश्किल हो गया था. इस मामले में स्पेशल कमिश्नर ने मुख्यालय को रिपोर्ट सौंपी.

राजस्थान की राजधानी जयपुर में ट्रैफिक जाम की समस्या आम बात हो गई है. ट्रैफिक जाम से आम जनता परेशान होता ही है लेकिन इस बार जयपुर में एक खास शादी की वजह से पुलिस अधिकारी भी परेशानी में पड़ गए. दरअसल, पिछले दिनों लाडनूं से कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर की शादी समारोह में लगे जाम पर पुलिस मुख्यालय सख्त नजर आ रहा है.

मुख्यालय की ओर से जयपुर के स्पेशल कमिश्नर से मामले में रिपोर्ट मांगी गई थी जिसमें एक IPS और एक RPS सहित 6 अधिकारियों से जवाब तलब किया गया. माना जा रहा है कि इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है.

ऐसा पहली बार होता दिख रहा है जहां जाम की स्थिति बनने पर पुलिस के उच्च अधिकारियों पर एक्शन होगा. हालांकि, अभी जांच जारी है. बता दें 9 मार्च को जयपुर के सीकर रोड स्थित एक रिसॉर्ट में विधायक मुकेश भाकर की शादी समारोह था. इस कार्यक्रम में सत्ता और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. साथ ही पुलिस के कुछ आल अधिकारी भी समारोह में पहुंचे थे.

समारोह के दौरान सिक्का रोड पर जाम लग गया जिसमें कई VIP फंस गए. मैसेज के बाद भी VIP को जाम से निकालना मुश्किल हो गया, जिसके बाद जांच शुरू की गई. स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश ने जांच की और मुख्यालयों को इस मामले में अपनी रिपोर्ट सौंपी. इसके बाद अब अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है.

जयपुर शहर में जाम की स्थिति अब आम बात हो गई है. शहर में सुबह से शाम तक अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है, लेकिन ऐसा पहली बार है कि जब जिम्मेदार अधिकारियों पर ट्रैफिक जाम के कारण कार्रवाई हो रही है. जिम्मेदार अधिकारियों में एसीपी चौमूं IPS उषा यादव, एसीपी ट्रैफिक किशोर सिंह भदौरिया, TI मंजू चौधरी, TI संपत राज, TI नवरत्न धौलिया और हरमाडा थानाधिकारी उदयसिंह शामिल हैं.

NATIONAL : CCTV खंगाले, हर कड़ी जोड़ी, पुलिस को सबूत सौंपे, 2 साल से बेटे के लिए लड़ रही मां

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देहरादून में 2024 में हुए सड़क हादसे में बेटे को खोने के बाद मां ललिता चौधरी पिछले दो साल से न्याय के लिए संघर्ष कर रही हैं. पुलिस ने केस बंद कर दिया था, लेकिन अब एसएसपी के आश्वासन के बाद दोबारा जांच की उम्मीद जगी है. मां ने खुद सबूत जुटाकर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की है.

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में 16 फरवरी 2024 को हुए एक सड़क हादसे ने एक परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल दी. 18 वर्षीय क्षितिज की मौत अब सिर्फ एक हादसा नहीं रही, बल्कि यह एक ऐसी कहानी बन चुकी है जो एक मां के संघर्ष और पुलिस जांच व्यवस्था पर उठते सवालों को सामने लाती है.

क्षितिज एक होनहार छात्र था. वह ग्रेजुएशन कर रहा था और साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती की तैयारी भी कर रहा था. 16 फरवरी की रात वह सड़क पार कर रहा था, तभी एक डंपर ने उसे कुचल दिया और मौके से फरार हो गया. इस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई.इस घटना की सबसे दर्दनाक बात यह थी कि अगले ही दिन यानी 17 फरवरी को उसकी परीक्षा थी. जिस दिन उसे परीक्षा देने जाना था, उसी दिन वह जिंदगी की जंग हार गया. परिवार में उसकी मां ललिता चौधरी और एक बहन हैं, जिनका सहारा अचानक छिन गया.

19 फरवरी को पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया, लेकिन शुरुआत में जांच आगे बढ़ती नजर नहीं आई. पीड़ित मां का आरोप है कि 21 फरवरी को जांच अधिकारी ने उनसे बदतमीजी से कहा कि उनके पास कोई जादू की छड़ी नहीं है. इस बात ने ललिता चौधरी को अंदर तक झकझोर दिया और उन्होंने खुद अपने बेटे के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने का फैसला किया.

27 फरवरी से एक मां का संघर्ष शुरू हुआ. ललिता चौधरी ने खुद ही जांच की जिम्मेदारी उठाई और करीब दो महीनों तक लगातार मेहनत करती रहीं. वह रात-रात भर जागकर घटनास्थल और आसपास के इलाकों में जाती रहीं और सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा करती रहीं.उन्होंने हर छोटी-बड़ी जानकारी को जोड़ते हुए करीब 10 संदिग्ध वाहनों के नंबर चिन्हित किए. उनकी मेहनत इतनी गहरी थी कि उन्होंने एक संदिग्ध वाहन तक पहुंच बनाकर उसकी जानकारी पुलिस को भी दी. यह काम किसी पेशेवर जांच एजेंसी से कम नहीं था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की.

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब पुलिस ने बिना परिवार को सूचित किए ही सितंबर 2025 में सुराग न मिलने का हवाला देते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी. इसका मतलब यह हुआ कि आरोपी आज भी पुलिस की पकड़ से बाहर है और केस कागजों में बंद कर दिया गया.

ललिता चौधरी का आरोप है कि अगर उनके द्वारा जुटाए गए सबूतों पर गंभीरता से काम किया जाता, तो आरोपी तक पहुंचा जा सकता था. पिछले दो सालों से वह लगातार न्याय के लिए संघर्ष कर रही हैं. वह थानों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी बात रख चुकी हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला.

हाल ही में देहरादून में हुए दिव्यांशु केस के दौरान किसान नेता राकेश टिकैत की अगुवाई में आयोजित सभा में ललिता चौधरी भी शामिल हुईं. इस दौरान उनकी मध्यस्थता से उनकी मुलाकात देहरादून के एसएसपी परमेन्द्र डोभाल से हुई. एसएसपी परमेन्द्र डोभाल ने फोन पर बातचीत में बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद न्यायालय में पुनः जांच के लिए आवेदन किया गया है. उन्होंने कहा कि अदालत से अनुमति मिलने के बाद इस मामले की दोबारा जांच शुरू की जाएगी.

इस आश्वासन के बाद ललिता चौधरी को एक बार फिर उम्मीद जगी है कि उनके बेटे को न्याय मिलेगा और आरोपी सलाखों के पीछे जाएगा. यह मामला सिर्फ एक सड़क हादसे का नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि जब सिस्टम जवाब देने में विफल हो जाता है, तो एक साधारण मां भी असाधारण हिम्मत दिखाकर सच की तलाश में जुट जाती है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार जांच सही दिशा में आगे बढ़ेगी और दोषी तक पहुंचा जाएगा, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा.

ENTERTAINMENT : ‘तूने बच्चे मारे हैं शक्त‍िमान’ मुकेश खन्ना पर समय रैना का तंज, बोले- वाइल्ड शो करना चाहता हूं

समय रैना का शो इंडियाज गॉट लेटेंट अश्लील जोक के कारण बैन किया गया था. उस दौरान कई सेलेब्स ने समय को निशाने पर लिया था. इनमें सुनील पाल, बी प्राक और मुकेश खन्ना शामिल थे. अब समय ने सबको करारा जवाब दिया है.

यूट्यूबर और स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना के लिए साल 2025 भयानक रहा था. उनके शो इंडियाज गॉट लेटेंट पर यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया ने ऐसा अश्लील जोक मारा कि पूरे इंडिया में बवाल मच गया. समय का शो बैन हुआ. उनके खिलाफ केस हुआ. ये वक्त उनके लिए बुरे सपने जैसा था. महीनों बाद वो इस दुख से उभर चुके हैं. अब समय ने अपने नए शो स्टिल अलाइव में दिल की बात कही. उन लोगों को भी ट्रोल किया जिन्होंने बुरे वक्त में समय को नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी.

इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद के वक्त कॉमेडियन सुनील पाल, सिंगर बी प्राक और एक्टर मुकेश खन्ना ने समय पर तीखे हमले किए थे. उन पर देश के युवाओं को बिगाड़ने का आरोप लगाया था. अपने नए शो में समय ने इन्हें जवाब दिया है. वो कहते हैं- सब आ गए थे हमको खाने- नेता, सेलेब्रिटीज, सुनील पाल. समय ने सुनील को ट्रोल करते हुए कहा- वो मुझे कह रहा था कि इनको बोलो कपिल शर्मा से कुछ सीखें, लेकिन क्या बताऊं कपिल तो खुद हमारे शो के अगले एपिसोड में आने वाले थे. कपिल मुझे मैसेज कर रहे थे, लव यॉर शो, आपके शो का बड़ा फैन हूं, क्या टाइमिंग थी. ये सुनील पाल बीच में आ रहा था. पता नहीं, क्या ही चल रहा था.

समय ने सिंगर बी प्राक पर भी निशाना साधा. वो कहते हैं- बी प्राक भी बीच में आ गया. उनके गाने मुझे पसंद थे. लेकिन दो मिनट नहीं हुआ लेटेंट का विवाद शुरू हुए और वो बीच में कूद पड़ा. कहता है- ये कैसी बातें हुई हैं शो में. मैं तो कभी नहीं जाऊंगा उस पॉडकास्ट में. भाई तुझे बुलाया किसने है? मुकेश खन्ना पर भी समय ने अटैक किया. वो कहते हैं- उस वक्त सब आ गए थे. शक्तिमान आ गया था, शक्तिमान? अब शक्तिमान से भला कौन लड़ेगा? सॉरी शक्तिमान. वो कह रहा था- ऐसे कंटेंट का बच्चों पर क्या असर होगा. मैं नहीं जानता आपने कितना शक्तिमान देखा. तब न्यूज आती थी कोई बच्चा शक्तिमान देखकर कूद गया. तूने बच्चे मारे हैं भाई, तू क्या बोल रहा है मुझे.

NATIONAL : आसाराम के बेटे नारायण साईं का हुआ तलाक, पत्नी जानकी हरपालानी को देने होंगे इतने करोड़ रुपए

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इंदौर की फैमिली कोर्ट ने नारायण साईं और जानकी देवी के तलाक को मंजूरी देते हुए 2 करोड़ रुपये एलुमनी का आदेश दिया. 2008 में शादी के बाद 2013 से दोनों अलग थे. पत्नी ने परित्याग और अन्य संबंधों के आरोप लगाए. धारा 125 के तहत 50 हजार मासिक भरण-पोषण और करीब 50 लाख बकाया की वसूली भी जारी है. मामले में आगे हाई कोर्ट जाने की संभावना है.

मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित फैमिली कोर्ट ने लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद में अहम फैसला सुनाते हुए स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम के पुत्र नारायण साईं और उनकी पत्नी जानकी हरपालानी के विवाह को समाप्त घोषित कर दिया है. अदालत ने तलाक की याचिका मंजूर करते हुए नारायण साईं को पत्नी को स्थायी गुजारा भत्ता के रूप में 2 करोड़ रुपये अदा करने का निर्देश दिया है. नारायण साईं फिलहाल दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सूरत जेल में सजा काट रहा है.

जानकारी के अनुसार, यह मामला करीब आठ वर्षों से अदालत में लंबित था. सभी पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद 2 अप्रैल को निर्णय सुरक्षित रखा गया था, जिसकी जानकारी बाद में जानकी के वकील अनुराग गोयल ने साझा की.

याचिका में बताया गया कि दोनों की शादी वर्ष 2008 में हुई थी, लेकिन 2013 से ही दोनों अलग-अलग रह रहे हैं. पत्नी ने आरोप लगाया कि उन्हें उपेक्षा का सामना करना पड़ा और उन्हें परित्यक्त जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ा. मौजूदा समय में वह अपनी मां के साथ रह रही हैं. याचिका में यह भी कहा गया कि नारायण साईं के अन्य महिलाओं से संबंध थे और उनके खिलाफ दुष्कर्म मामले में सजा का भी जिक्र किया गया.

भरण-पोषण को लेकर पत्नी ने 5 करोड़ रुपये की मांग की थी, हालांकि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद 2 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया. वहीं, वकील अनुराग गोयल के मुताबिक, पहले से ही अदालत ने प्रति माह 50 हजार रुपये भरण-पोषण देने का आदेश दिया था, लेकिन इसका नियमित भुगतान नहीं हुआ. इस कारण करीब 50 लाख रुपये की बकाया राशि हो गई है, जिसकी वसूली की प्रक्रिया अब शुरू की जाएगी.

सूत्रों की मानें तो इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है. साथ ही, संपत्तियों के सत्यापन से जुड़ी जानकारी अब तक पूरी तरह प्रस्तुत नहीं होने के कारण आगे भी विवाद की स्थिति बनी रह सकती है.

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