गर्मियों के चरम पर पहुंचते ही देश के तालाबों में संकट गहराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार मई की शुरुआत से लेकर अंत तक देश के प्रमुख जलाशयों से पानी का स्तर बहुत तेजी से नीचे गिरा है। देश के 166 प्रमुख जलाशयों में मई के अंतिम सप्ताह तक कुल लाइव भंडारण घटकर 45.419 बिलियन क्यूबिक मीटर रह गया है, जो इनकी कुल क्षमता का मात्र 24.75% है। मई के शुरुआती हफ्ते में इन जलाशयों में 66.830 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी था, जो कुल क्षमता का 36.41% था। इसका सीधा मतलब यह है कि इस एक महीने के भीतर ही गर्मी और भारी खपत के कारण देश के मुख्य जल स्रोतों से करीब 21.411 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी कम हो चुका है। एक दिन पहले ही मौसम विभाग ने अल नीनो के चलते सूखे की आशंका जताई है। ऐसे में यह एक नई चिंता है क्योंकि 15 बांधों में स्टॉक सामान्य से आधा रह गया है। राहत की बात यह है कि यह वर्तमान स्टॉक पिछले साल की इसी अवधि और पिछले दस साल के औसत से थोड़ा बेहतर बना हुआ है, लेकिन तेजी से खाली हो रहे बांध आने वाले हफ्तों के लिए बड़ी चुनौती खड़ा कर रहे हैं।
गंभीर संकट वाले बांधों की संख्या 11 से बढ़कर 15 मई के महीने में पारा चढ़ने के साथ ही जलाशयों से पानी का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है। महीने की शुरुआत में जल भंडारण की स्थिति काफी नियंत्रण में दिख रही थी और देश के 112 बांधों में पानी का स्तर सामान्य से अधिक था। लेकिन भीषण गर्मी के कारण महीने के अंत तक आते-आते अत्यधिक खाली हो चुके और गंभीर संकट वाले बांधों की संख्या 11 से बढ़कर 15 तक पहुंच गई है। दक्षिण भारत न्यूनतम स्तर पर जल पानी की कमी की सबसे भयावह तस्वीर दक्षिण भारत के राज्यों में देखने को मिल रही है, जहां जल स्तर न्यूनतम स्तर पर है। मई की शुरुआत में इनमें कुल क्षमता का 26.83% पानी बचा हुआ था, जो मई के अंतिम सप्ताह की रिपोर्ट में गिरकर केवल 17.55% रह गया है। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में किल्लत बढ़ गई है। कई जलाशय पूरी तरह सूख चुके देश के कुछ हिस्सों में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि वहां के बड़े बांध पूरी तरह मैदान में तब्दील हो चुके हैं। महाराष्ट्र का भीमा उज्जैनी बांध और बिहार का चंदन बांध जैसे जलाशय मई की शुरुआत से लेकर महीने के अंत तक लगातार पूरी तरह सूखे रहे और वहां पानी का स्तर शून्य प्रतिशत दर्ज किया गया है। 6 जल विद्युत प्रोजेक्ट पर असर पानी की इस भारी गिरावट का सीधा असर देश के बिजली उत्पादन पर भी पड़ सकता है। देश की 20 जल विद्युत परियोजनाओं से जुड़े जलाशयों में से मई की शुरुआत में जहां 8 परियोजनाओं में पानी का स्टॉक सामान्य से नीचे था, वहीं अब 6 बड़े जलाशयों की स्थिति नाजुक है।
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार अब राज्य के 24वें मुख्यमंत्री बनेंगे। बेंगलुरु में शनिवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले सिद्धारमैया ने उनके नाम प्रस्ताव रखा। इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि 3 जून की शाम डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। बैठक में बाद शिवुकमार ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की।
सूत्रों के मुताबिक CM के साथ-साथ कैबिनेट भी बदलेगी। मौजूदा कैबिनेट से 10 मंत्री हटाए जा सकते हैं। नई कैबिनेट में सिद्धारमैया और मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे भी शामिल होंगे। 4 डिप्टी CM भी बनाए जा सकते हैं।शिवकुमार ‘सीएम रोटेशनल फॉर्मूला’ के तहत मुख्यमंत्री बनाए गए हैं। सिद्धारमैया 20 मई 2023 से 28 मई 2026 तक मुख्यमंत्री रहे हैं। आज की बैठक में कर्नाटक कांग्रेस इंचार्ज रणदीप सुरजेवाला, पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद थे। दोनों को पर्यवेक्षक बनाया गया है।
सभी विधायकों ने मिलकर प्रस्ताव पास किया, इसमें यह तय किया गया कि नए नेता का फैसला कांग्रेस की केंद्रीय लीडरशिप करेगी। इसके बाद सिद्धारमैया ने खुद डीके शिवकुमार का नाम नए CLP नेता के तौर पर पेश किया। गृह मंत्री डॉ. जी परमेश्वर ने प्रस्ताव का समर्थन किया, सभी विधायकों ने एकमत से इसका समर्थन किया। शिवकुमार ने एक प्रस्ताव रखकर सिद्धारमैया का शुक्रिया अदा किया। बैठक के दौरान सिद्धारमैया, वेणुगोपाल और सुरजेवाला अलग कमरे में चले गए और आपस में बात की। इसके बाद बैठक फिर शुरू हुई और शिवकुमार को नेता चुना गया।
कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे डीके शिवकुमार देश के सबसे अमीर नेताओं में हैं। उनके पास ₹1413 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। वह रियल एस्टेट, खनन, होटल कारोबारी भी हैं। दिलचस्प ये है कि इतनी संपत्ति के बावजूद उनके चुनावी हलफनामे में एक टोयोटा क्वालिस कार दर्ज है। 263 करोड़ का कर्ज भी है।
1962 में बेंगलुरु के पास कनकपुरा में जन्मे डीके वोक्कालिगा समुदाय से हैं। वह कनकपुरा से ही विधायक हैं। कांग्रेस में उनकी पहचान ऐसे नेता की है जो पार्टी विधायकों को टूटने से बचाते हैं। किसी भी बड़े ऑपरेशन, चुनाव मैनेजमेंट, प्रचार या गुप्त रणनीतियों के लिए जिस वित्तीय और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट की जरूरत होती है, उसे वे बखूबी मैनेज कर लेते हैं।
डीके पर 19 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। ईडी उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के दो केस में जांच कर रही है। 2017 में आयकर विभाग के छापे में इनके घर 8.5 करोड़ रु. मिले थे। इसी केस में वह 2019 में गिरफ्तार हुए। उन्हें 50 दिन तिहाड़ में बिताने पड़े थे। सीबीआई आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में जांच कर रही है।
ज्योतिषी का दावा- शिवकुमार लंबे समय तक सीएम रहेंगे
डिप्टी सीएम शिवकुमार के ज्योतिषी द्वारकानाथ गुरुजी ने भविष्यवाणी की है कि शिवकुमार लंबे समय तक सीएम रहेंगे। उन्होंने कहा- मैंने शिवकुमार को शपथ के लिए 31 मई, 5 जून और 6 जून की तारीखें दी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिवकुमार 2028 के विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता में वापसी करेंगे।
ज्योतिषी ने कहा, वह कोई एक दिन के मुख्यमंत्री या एक बार के CM नहीं हैं। वह एक लंबे समय तक इस पद पर बने रहेंगे। उनकी कुंडली बहुत अच्छी है। वह कर्नाटक के लिए लंबे समय तक काम करेंगे।
मद्रास हाई कोर्ट ने शुक्रवार को टिप्पणी करते हुए कहा कि हिंदू मंदिरों में सशुल्क वीआईपी दर्शन गलत और भेदभावपूर्ण है। न्यायालय ने कहा कि गिरजाघरों और मस्जिदों में ऐसी कोई प्रथा नहीं अपनाई जाती है।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस वी लक्ष्मीनारायणन की अवकाशकालीन पीठ ने टिप्पणी की , “मंत्रियों और विधायकों को यह नहीं सोचना चाहिए कि वे जब चाहें मंदिर में जा सकते हैं और भगवान उनका इंतजार कर रहे होंगे। हमें वीआईपी दर्शन की आवश्यकता ही क्यों है? भगवान के समक्ष सभी समान हैं।”
पीठ ने राज्य के एडिशनल एडवोकेट जनरल पी.वी. बालासुब्रमण्यम की तरफ से दिए गए इस तर्क को खारिज कर दिया कि सशुल्क वीआईपी दर्शन को वापस लेने से मंदिरों को राजस्व का नुकसान होगा।
पीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें वरिष्ठ नागरिकों, विकलांगों और संवैधानिक अधिकारियों को छोड़कर मंदिरों में ‘वीआईपी दर्शन’ और ‘विशेष दर्शन’ को पूरी तरह से खत्म करने की मांग की गई थी।
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी पी. चोकलिंगम की तरफ से दायर की गई याचिका में मानव संसाधन एवं पर्यावरण संरक्षण विभाग के अधीन मंदिरों में प्रचलित ‘वीआईपी दर्शन’ की प्रथा को खत्म करने की मांग की गई है। उनके वकील बी. जगन्नाथ ने बताया कि बांके बिहारी मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि विशेष दर्शन और वीआईपी सिस्टम को खत्म करने के लिए एक समिति का गठन किया जाना चाहिए। इस संबंध में समिति ने पिछले हफ्ते सर्वोच्च न्यायालय में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।
पिछली सुनवाई के दौरान अवकाशकालीन पीठ ने यह जानने की कोशिश की कि क्या तिरुप्पारनकुंड्रम मंदिर के अधिकारियों ने नए मंत्री आर निर्मलकुमार और उनके सहयोगियों को दर्शन सुनिश्चित करने के लिए मंदिर को निर्धारित समय से अधिक खुला रखकर नियमों का कोई उल्लंघन किया था।
शुक्रवार को सरकार ने बताया कि मंत्री के दौरे के दौरान किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ। इस दलील को दर्ज करते हुए पीठ ने टिप्पणी की कि मंत्रियों को यह नहीं सोचना चाहिए कि वे कानून से ऊपर हैं और देवता उनका इंतजार कर रहे होंगे। इसके बाद अदालत ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए छह हफ्ते का समय स्थगित कर दिया।
तमिल फिल्म ‘करप्पू’ पर प्रतिबंध लगाने को लेकर मद्रास हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। इसमें आरोप लगाए गए थे कि फिल्म में न्यायपालिका की छवि खराब करने की कोशिश हुई है। इसको लेकर कोर्ट ने कहा है कि इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता है कि न्यायपालिका में भी भ्रष्टाचार है, और जज कोई पवित्र गाय नहीं है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ। वे चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों के परिवारों से मिलने वहां गए थे। हमले को लेकर अब बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया दी है। पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “शासक हत्यारे बन गए। भाजपा पर शर्म आती है।”
तृणमूल कांग्रेस ने भी इस हमले की निंदा की। पार्टी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “अपने वादे पर कायम रहते हुए, अभिषेक बनर्जी ने संजू कर्मकार के शोकाकुल परिवार को अकेला छोड़ने से साफ इनकार कर दिया। बंगाल बीजेपी-समर्थित गुंडों के जानलेवा हमले के बाद भी, हमारे राष्ट्रीय महासचिव ने पीछे हटना मंजूर नहीं किया। इसके बजाय, वे उस परिवार के साथ खड़े रहे, जो कथित तौर पर बीजेपी-समर्थित गुंडों द्वारा पहुंचाए गए एक अकल्पनीय सदमे से टूट चुका था।”
पार्टी ने आगे लिखा, “यही फर्क है करुणा से प्रेरित राजनीति और नफरत से प्रेरित राजनीति के बीच। शुभेंदु अधिकारी ने, आज की घटनाओं ने एक बार फिर उस तरह की राजनीति का असली चेहरा बेनकाब कर दिया है, जिसका आप नेतृत्व करते हैं। एक ऐसी राजनीति जिसकी बुनियाद ही डराने-धमकाने, हिंसा और बदले की भावना पर टिकी है।”
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने के लिए सोनारपुर की यात्रा के दौरान उन पर हमला किया गया।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, “अगर मेरे साथ तैनात दो सुरक्षा अधिकारी इस घटना की जानकारी अपने सीनियर अधिकारियों को दे रहे हैं, फिर भी कोई फोर्स नहीं आ रही है, तो यह साफ है कि ऊंचे अधिकारी चाहते हैं कि यह पूरी घटना चलती रहे और राज्य सरकार की तरफ से इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं हो रही है। इससे साफ पता चलता है कि जिस तरह यहां एक मौत हुई, उसी तरह 2-4 और मौतें होनी चाहिए, तभी उन्हें कुछ चैन मिलेगा। उन्हें जो करना है, करने दो। हमारे पास सब कुछ रिकॉर्ड है। हम कोर्ट जाएंगे। मैं इस केस को लड़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाऊंगा।”
अभिषेक बनर्जी ने आगे कहा, “उन्होंने ईंट फेंकी, अंडा फेंका और पत्थर बरसाए। कृपया मुझे बताएं कि यह क्या है और आस-पास खड़े सभी लोग, उस इलाके के लोग। वे अब भी हमसे मिल रहे हैं और अब भी प्यार और इज्जत से हमारा स्वागत कर रहे हैं। जाकर उनसे पूछो जो यहां गुंडागर्दी कर रहे हैं। हमारे पास सभी वीडियो सबूत हैं। पास में ही एक कम्युनिटी हॉल है। सुबह 11 बजे से ही, उस कम्युनिटी हॉल में गुंडों को पत्थर फेंकने के लिए रखा गया था।”
तृणमूल कांग्रेस सांसद ने कहा, “देखो मेरे चश्मे का क्या हाल हो गया है। उन्होंने मेरी आंख पर ईंट मारी और मैं अपनी आंख खोल नहीं पा रहा हूं। उसने मेरी पीठ, छाती, बांह और पैर पर घूंसे मारे हैं। मैंने हेलमेट पहना हुआ था, वरना मेरा सिर दो टुकड़ों में बंट गया होता। तुम मेरे शरीर को गिरा सकते हो, लेकिन मेरा इरादा मजबूत है, मेरा जुनून और जोश अब भी कायम है और यह सिर कभी नहीं झुकेगा।” यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद कहा कि अगर वो हेलमेट नहीं पहने होते तो उनकी मौत भी हो सकती थी.ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ये क्या हो रहा है पता नहीं. क्या वो ऐसे देश में रह रही हैं, जहां मारने के बाद इलाज भी नहीं कराया जाता है?
उन्होंने दावा किया कि अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद भी उनका ढंग से इलाज नहीं कराया गया. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने में देरी की गई और इसके लिए आला अधिकारियों से अनुमति मांगी गई.पुलिस के मुताबिक़ अभिषेक पर शनिवार को उस वक़्त हमला किया गया जब वो सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने जा रहे थे. रास्ते में उन पर अंडे फेंके गए और धक्का-मुक्की की गई.
अभिषेक बनर्जी ने इस घटना के लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहराया है जबकि राज्य में बीजेपी के नेता और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि ‘पश्चिम बंगाल की जनता में टीएमसी को लेकर आक्रोश है.’पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने टीएमसी की ओर से पोस्ट किए गए हमले का एक वीडियो साझा करते हुए एक्स पर लिखा, “शासक ही हत्यारे बन गए हैं. बीजेपी पर शर्म आती है.”
उन्होंने कहा, ”अभिषेक पर हमले के बाद उन्हें आई चोटों की जांच नहीं कराई गई. उन्हें भर्ती करने से इनकार किया जाता रहा और इलाज करने में देरी की गई.उनके लिए घर पर अस्पताल सेट-अप करना पड़ा.”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को ऑटो-रिक्शा चालकों की स्थिति को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘आमदनी का मीटर’ बंद हो गया है, महंगाई पर लगाम लगाने के दावे विफल हो गए हैं और सरकार बहरी बनी हुई है। राहुल गांधी ने यह टिप्पणी एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए की। एक दिन पहले उन्होंने ऑटो-रिक्शा चालकों से मुलाकात की थी।
उन्होंने लिखा, हम बर्बाद हो गए हैं और सुनने वाला कोई नहीं है। एक ऑटो चालक ने यह बात दोपहर के भोजन के दौरान कही थी। उसी एक वाक्य में देश के लाखों गरीबों की पूरी कहानी छिपी है। राहुल गांधी ने लिखा, आय का मीटर थम गया है, महंगाई के ब्रेक फेल हो गए हैं और सरकार जो सुनने के लिए बनी है, वह बहरी बनी हुई है।
उन्होंने आगे लिखा, सीएनजी से एलपीजी तक। बच्चों की पढ़ाई से इलाज तक। दूध से लेकर खाने के तेल तक। हर बढ़ता रुपया इनके बजट पर, इनकी रसोई पर सीधा हमला है। महंगाई मानव मोदी जी सलाह देते हैं- सार्वजनिक परिवहन इस्तेमाल कीजिए। जो लोग सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ हैं वो आज महंगाई के बोझ तले टूट रहे हैं। आज इनकी थाली में रोटी-दाल के साथ एक सवाल भी है- कल की रोटी कहां से आएगी?
इससे पहले शुक्रवार को उन्होंने दिल्ली के टोडरमल पार्क में ऑटो-रिक्शा चालकों से मुलाकात की थी और उनकी समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान उन्होंने ऑटो चालक की वर्दी भी पहनी और बच्चों के साथ सेल्फी ली। बाद में वह स्वयं ऑटो रिक्शा में बैठकर वहां से रवाना हुए।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर चल रहे एक बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेतृत्व में काम कर रहे 8 गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है. ये आरोपी दिल्ली में टारगेट किलिंग और बम धमाकों जैसी बड़ी आतंकी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में थे. पुलिस ने इनके पास से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए हैं.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बहुत बड़े ऑपरेशन में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के नापाक इरादों को नाकाम कर दिया है. पुलिस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के मॉड्यूल पर स्ट्राइक करते हुए अलग-अलग शहरों से 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. ये सभी आरोपी सोशल मीडिया के जरिए सीधे पाकिस्तान में बैठे भट्टी और उसके आकाओं के संपर्क में थे. ये सभी यूपी, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश से पकड़े गए हैं. पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि ये लोग दिल्ली में किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे. इनके निशाने पर कुछ वीवीआईपी और महत्वपूर्ण स्थान भी शामिल थे, जिनकी इन्होंने पहले ही रेकी कर ली थी. गिरफ्तार आरोपियों से मिले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में कई चौंकाने वाले सबूत मिले हैं, जो सीधे तौर पर सीमा पार बैठे आतंकियों से जुड़े हैं.
दिल्ली में बड़ी तबाही मचाने का था प्लान पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया है कि उन्हें दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में हमले का टास्क दिया गया था. शहजाद भट्टी ने ISI के निर्देश पर इन लोगों को भारत में एक्टिव किया था. ये मॉड्यूल न सिर्फ धमाके बल्कि दिल्ली में टारगेट किलिंग की प्लानिंग भी कर रहा था. आरोपियों ने शहर के कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील ठिकानों की रेकी पूरी कर ली थी. स्पेशल सेल अब इनके बाकी नेटवर्क और मददगारों की तलाश में जुटी हुई है.
कैसे ऑपरेट हो रहा था शहजाद भट्टी का यह मॉड्यूल? शहजाद भट्टी पाकिस्तानी जेलों और सुरक्षित ठिकानों से बैठकर सोशल मीडिया के जरिए इन युवकों को रिक्रूट कर रहा था. गिरफ्तार किए गए 8 आरोपी अलग-अलग शहरों से ताल्लुक रखते हैं, जो आपस में डिजिटल माध्यमों से जुड़े थे. पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं. इन डिवाइस की एनालिसिस से पता चला है कि भट्टी इन्हें हथियारों और फंड्स की सप्लाई करने वाला था. पुलिस को अंदेशा है कि इस मॉड्यूल के तार अन्य बड़े अंडरवर्ल्ड गैंग्स से भी जुड़े हो सकते हैं.
क्या इन आरोपियों के तार दूसरे गैंग्स से भी जुड़े हैं? दिल्ली पुलिस को जांच के दौरान यह भी पता चला है कि ISI अब गैंगस्टर्स का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए कर रही है. गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस अब उन बड़े गैंग्स पर भी एक्शन ले रही है जो परोक्ष रूप से इनकी मदद कर रहे थे. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक हाइब्रिड मॉडल है, जहां अपराधियों को आतंक फैलाने का काम सौंपा गया है.
दिल्ली पुलिस ने राजधानी में गैंग्स के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाया. इस अभियान को “ऑपरेशन गैंग्स बस्ट पार्ट-2” नाम दिया गया. पुलिस ने 48 घंटे के भीतर तय टारगेट पर एक साथ कार्रवाई की. स्पेशल सेल और सभी जिलों की टीमों ने मिलकर गैंगस्टरों, शूटरों, फाइनेंसरों और सोशल मीडिया संभालने वाले बदमाशों की पहचान की.
कुल 483 टारगेट चिन्हित किए गए. इसके बाद दिल्ली भर में 1014 ठिकानों पर रेड डाली गई. पुलिस ने 481 लोगों को गिरफ्तार किया. कार्रवाई में 130 हथियार, 214 कारतूस और 73 चाकू बरामद हुए. कई लाख रुपये, 24 गाड़ियां और दर्जनों मोबाइल फोन भी जब्त किए गए. पुलिस ने 30 गैंगस्टरों के गुर्गों को भी दबोच लिया.
मोदी कैबिनेट ने आज यानी बुधवार को एक देश एक चुनाव (One Nation, One Election) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब देश की 543 लोकसभा सीट और सभी राज्यों की कुल 4130 विधानसभा सीटों पर एक साथ चुनाव कराने की राह खुल गई। एक देश एक चुनाव पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट के बाद प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
इससे एक दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि देश में वन नेशन वन इलेक्शन हर हाल में 2029 से पहले लागू होगा। इसके एक दिन बाद ही एक देश एक चुनाव के प्रस्ताव को मोदी कैबिनेट से मंजूरी मिलने के क्या मायने हैं? वन नेशन वन इलेक्शन से जुड़े 12 सवालों के जवाब यहां पढ़िए…
78 वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्रचार से पीएम मोदी ने कहा- देश में हर छह माह में कहीं न कहीं चुनाव हो रहे होते हैं। ऐसे में देश को आगे ले जाने के लिए वन नेशन, वन इलेक्शन को आगे लाना ही होगा।
मोदी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर गृह मंत्री अमित शाह – हमारी योजना इस सरकार के कार्यकाल के दौरान ही वन नेशन वन इलेक्शन को लागू कराने की है। इसको लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
क्या है वन नेशन वन इलेक्शन? एक देश एक चुनाव यानी (One Nation, One Election) का मतलब है कि पूरे देश में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव हों। ऐसे समझिए, देश की सभी 543 लोकसभा सीटों और सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 4130 विधानसभा सीटों पर एक साथ चुनाव होंगे। वोटर सांसद और विधायक चुनने के लिए एक ही दिन, एक ही समय पर अपना वोट डाल सकेंगे।
क्या है मौजूदा चुनाव व्यवस्था? देश में अभी लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव अलग-अलग समय पर होते हैं।
क्या यह चुनाव व्यवस्था देश के लिए नई है? नहीं, यह कांसेप्ट भारत के लिए नया नहीं है। देश में आजादी के बाद 1952 से लेकर 1957, 1962 और 1967 तक लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ ही हुए थे। 1968 और 1969 में कई विधानसभाएं तय समय से पहले भंग कर दी गई थीं। 1970 में लोकसभा भी समय से पहले भंग कर दी गई थी। इसके चलते एक देश एक चुनाव की गाड़ी पटरी से उतर गई।
कमेटी ने कितने दिन में तैयार की रिपोर्ट? वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर 2 सितंबर, 2023 को एक कमिटी गठित की गई थी। इसकी अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कर रहे थे। कमेटी के सदस्यों ने सात देशों की चुनाव व्यवस्था का अध्ययन किया।
स्टेकहोल्डर्स-एक्सपर्ट्स से चर्चा और रिसर्च के बाद 191 दिन में 18 हजार 626 पन्नों की एक रिपोर्ट तैयार की गई। कमेटी ने यह रिपोर्ट 14 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी गई। रिपोर्ट में सभी विधानसभाओं का कार्यकाल 2029 तक करने का सुझाव दिया है।
राष्ट्रपति मुर्मू को रिपोर्ट सौंपते पूर्व राष्ट्रपति और कमेटी अध्यक्ष रामनाथ कोविंद, साथ में गृहमंत्री अमित शाह। फाइल फोटो
वन नेशन वन इलेक्शन कमेटी कितने और कौन-कौन है सदस्य? पूर्व राष्ट्रपति, एक वकील, तीन नेता और तीन पूर्व अफसर समेत आठ लोग कमेटी के सदस्य हैं।
रामनाथ कोविंद, अध्यक्ष (पूर्व राष्ट्रपति) हरीश साल्वे, वरिष्ठ अधिवक्ता अमित शाह, गृह मंत्री (बीजेपी) अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेस नेता गुलाम नबी, डीपीए पार्टी इनके सिंह, 15वें वित्त आयोग पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुभाष कश्यप, लोकसभा के पूर्व महासचिव संजय कोठारी, पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त कमेटी ने क्या सुझाव दिए? सभी विधानसभाओं का कार्यकाल अगले लोकसभा चुनाव यानी 2029 तक बढ़ाया जाए। पहले चरण में लोकसभा-विधानसभा चुनाव और फिर दूसरे चरण में 100 दिन के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव कराए जा सकते हैं। चुनाव आयोग लोकसभा, विधानसभा व स्थानीय निकाय चुनावों के लिए सिंगल वोटर लिस्ट और वोटर आईडी कार्ड बनाए। देश में एक साथ चुनाव कराने के लिए उपकरणों, जनशक्ति और सुरक्षा बलों की एडवांस प्लानिंग करने की भी सिफारिश की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे पूरे ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) और सरकार के आधिकारिक डिजिटल चैनलों पर प्रसारित किया जाएगा। मन की बात कार्यक्रम से जुड़ी हर अपडेट के लिए अमर उजाला के साथ जुड़े रहें…
सैनिकों के लिए गिरिजा अम्मा ने छात्रों के साथ मिलकर जुटाए 40 लाख : पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, साथियों, पिछले महीने मुझे एक बहुत अच्छा अनुभव हुआ। इसका संबंध ‘मन की बात’ से भी जुड़ा है। इसलिए आज मैं इसकी चर्चा आपसे करना चाहता हूं। तमिलनाडु के नागरकोइल में मेरी मुलाकात एक टीचर से हुई। करीब तीन दशक पहले भी मैं उनसे मिला था। मैं बात कर रहा हूं, गिरिजा अम्मा जी की। इस मुलाकात के दौरान कुछ युवा छात्र भी उनके साथ थे। गिरिजा अम्मा जी करीब 15 स्कूल चलाती हैं। इनमें चेन्नई का जयगोपाल गरोडिया हिन्दू विद्यालय बहुत प्रमुख है। उनकी देशभक्ति की भावना हर भारतवासी को प्रेरित करने वाली है। उन्होंने ‘मन की बात’ से प्रेरणा लेकर देश के अनेक सैनिकों के लिए योगदान का संकल्प लिया। इसके लिए उन्होंने अपने सभी स्कूलों के छात्रों को प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे वीर जवानों के लिए हर दिन एक रुपया योगदान दें। यानी एक साल में हर छात्र की ओर से 365 रुपये जमा हुए। इस छोटे-छोटे योगदान से करीब 40 लाख रुपये इकट्ठा हुए। गिरिजा अम्मा जी ने इस पूरी राशि का चेक मुझे सौंपा। उनसे बातचीत के दौरान मैंने महसूस किया कि मां भारती के प्रति उनका समर्पण कितना गहरा है। पिछले वर्ष ही चेन्नई के पहले हिन्दू विद्यालय ने अपने 50 वर्ष पूरे किए हैं। देश की शिक्षा और सांस्कृतिक गौरव को आगे बढ़ाने में इस स्कूल नेटनर्क की भूमिका बहुत प्रशंसनीय है। मैं इससे जुड़े सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं और उन छात्रों की भी विशेष सराहना करता हूं, जिन्होंने अपने वीर सैनिकों के लिए योगदान दिया।
मनोरमा नदी बचाने वाले आकाश गुप्ता का पीएम मोदी ने किया जिक्र मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा, साथियों, ऐसी ही यादों को बचाने की एक प्रेरक गाथा उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से सामने आई है। बस्ती के आकाश गुप्ता अपने गांव की मनोरमा नदी को देखकर बहुत दुखी होते थे, क्योंकि जिस नदी को उन्होंने बचपन में साफ और जीवंत देखा था। समय के साथ उस नदी में प्लास्टिक जमा होने लगा था। गंदगी बढ़ती चली जा रही थी। आकाश ने तय किया कि शिकायत नहीं करेंगे, एक नई शुरुआत करेंगे। शिकायत नहीं, शुरुआत मंत्र बन गया। उन्होंने अपने दोस्तों को साथ लिया। सिर्फ जाल था, फावड़ा था, टोकरी थी और सबसे बड़ी ताकत थी, कुछ बदलने का संकल्प। ये युवा नदी में उतरते थे, जलकुंभी निकालते थे। प्लास्टिक और कचरा बाहर लाते थे। कई बार एक दिन में 50-60 किलो तक कचरा नदी से निकाला गया। धीरे-धीरे मनोरमा नदी का वह हिस्सा फिर से साफ दिखने लगा। आसपास के लोगों का ध्यान भी इस काम की तरफ गया। लोगों में स्वच्छता को लेकर जागरुकता बढ़ी।
उन्होंने कहा, साथियों, ऐसी ही एक प्रेरक कहानी गोवा से भी सामने आई है। गोवा के बालकृष्ण अड़या जी सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। लेकिन समाज के लिए काम करने का उनका उत्साह आज भी वैसा ही है। उन्हें मड्डी-तोलाप इलाके में पानी की समस्या बहुत परेशान करती थी। उन्होंने भी समाधान के लिए काम शुरु किया। बालकृष्ण जी ने पाइपलाइन बिछाने के काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे कई घरों तक पानी पहुंचा। जिन परिवारों को पानी के लिए रोज संघर्ष करना पड़ता था, उनके लिए यह बहुत बड़ी राहत बनी।
पीएम मोदी ने कहा, साथियों, ‘मन की बात’ कार्यक्रम को जो लोग टीवी पर देख रहे हैं, मैं उनसे कहूंगा – एक वीडियो जरूर देखिएगा। ये वीडियो पिछले दिनों बहुत चर्चा में रहा। इसमें कुछ लोग बहुत धैर्य से, बहुत सावधानी से एक गंगा डॉल्फिन को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। आपको ये जानकर आश्चर्य होगा, इस पूरे प्रयास में करीब 13 घंटे लगे और आखिरकार वो डॉल्फिन बच गई। उन्होंने कहा, साथियों, इसमें बहुत बड़ी भूमिका रही – भारत की पहली गंगा डॉल्फिन रेस्क्यू एंबुलेंस की। ये घटना उत्तर प्रदेश की है। वहां एक गंगा डॉल्फिन नहर में फंस गई थी | ऐसे समय में ‘नमामि गंगे अभियान’ के तहत बनी ये एंबुलेंस उसके लिए उम्मीद बनकर पहुंची। फिर बहुत सावधानी से उसे बाहर निकाला गया | उसकी जांच की गई, उसका इलाज किया गया और उसके बाद उसे सुरक्षित राप्ती नदी में छोड़ दिया गया। एक तरह से कहें, तो एक जीवन, फिर अपने घर लौट गया।
युवाओं में एस्ट्रोनॉमी को लेकर काफी उत्साह : पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, साथियों, हम भारतीयों में खगोल विज्ञान यानी एस्ट्रोनॉमी को लेकर हमेशा विशेष आकर्षण रहा है। हमारे देश में आज भी सदियों पुरानी वेधशालाएं मौजूद हैं। यहां अद्भुत गणितीय खोज हुई हैं | नेविगेशन हो, पंचांग हो, या हमारे पर्व-त्योहार, इन सबका संबंध आकाश और तारों से रहा है। हमारे यहां एस्ट्रोनॉमी ने हर पीढ़ी में कौतूहल जगाया है। उसे अन्वेषण के लिए प्रेरित किया है और आज के युवाओं में भी इसे लेकर काफी उत्साह दिखाई देता है।
उन्होंने कहा, आजकल आप भी देखते होंगे, देशभर में एस्ट्रोनॉमी क्लब्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक, स्कूलों से लेकर पार्कों तक इनकी गतिविधियां दिखाई देती हैं। मुझे बंगलूरू एस्ट्रोनॉमिकल सोसइटी के बारे में जानकारी मिली। यहां ऑब्जर्वेशनल सेशंस आयोजित किए जाते हैं | इस संस्था ने ग्रामीण क्षेत्रों में एस्ट्रोनॉमी को लोकप्रिय बनाने का मिशन भी शुरू किया है। ‘खगोल मण्डल’ नाम की एक टीम ने 30 घंटे का एक बहुत इनोवेटिव कोर्स शुरु किया है।
नीदरलैंड्स ने लौटाईं चोला काल की ताम्र पट्टिकाएं पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा, मेरे प्यारे देशवासियों, बीते दिनों मुझे यूरोप के नीदरलैंड्स जाने का अवसर मिला। वहां मैं कई बैठक में शामिल हुआ। इसी दौरान एक ऐसा क्षण आया जिसने हर भारतीय को गर्व से भर दिया। नीदरलैंड्स में आयोजित एक विशेष समारोह में चोला काल की प्राचीन ताम्र पट्टिकाएं भारत को वापस सौंपी गईं। उस कार्यक्रम में नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री भी मौजूद थे | इन ताम्र पट्टिकाओं को लेकर मुझे देश-विदेश से लगातार संदेश मिल रहे हैं। लोग खुशी जता रहे हैं, गर्व व्यक्त कर रहे हैं। दुनियाभर के तमिल समुदाय में भी इसे लेकर विशेष उत्साह है।
उन्होंने कहा, साथियों, इन ताम्र पट्टिकाओं को लेकर लोगों में काफी जिज्ञासा भी है। इसलिए आज मैं इससे जुड़ी कुछ बातें आपसे साझा करना चाहता हूं। इनमें 21 बड़ी और तीन छोटी ताम्र पट्टिकाएं हैं। ये मुख्य रुप से राजा राजेंद्र चोला-प्रथम द्वारा अपने पिता राजा राजराजा चोला के एक वचन को पूरा करने से जुड़ी हैं। इनमें आनइमंगलम् गांव को एक बौद्ध विहार को दान देने का उल्लेख है। इन ताम्र पट्टिकाओं में चोला वंश की उपलब्धियों का भी वर्णन मिलता है। इनसे पता चलता है कि चोला साम्राज्य की समुद्री शक्ति कितनी मजबूत थी। दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ उनके संबंधों की जानकारी भी इनमें मिलती है।
देशभर के आमों की किस्मों का किया जिक्र पीएम मोदी ने कहा, ”साथियो, गर्मी आते ही एक और चर्चा हर घर में शुरु हो जाती है और वो है आम। आम, आम चर्चा का विषय होता है, भारत में शायद ही कोई घर होगा जहां गर्मियों में आम की बात न होती हो। हर इलाके का अपना आम, अपना स्वाद, अपनी खुशबू। महाराष्ट्र और कोंकण का हापुस, अलफांसो, गुजरात का केसर, यह तो आमरस की जान है, उत्तर प्रदेश का दशहरी और मेरी काशी का लंगड़ा। वैसे, लंगड़ा आम की एक खास बात होती है – पकने के बाद भी उसका रंग कई बार हरा ही रहता है। बिहार का जर्दालू जिसकी खुशबू दूर से पहचान में आ जाए। चौसा, मालदा – हर नाम के साथ लोगों की यादें जुड़ी हुई हैं।”
उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत जाइए, तो बंगनपल्ली, तोतापुरी, नीलम, मलगोवा, बंगाल का हिमसागर, ओडिशा और आंध्र प्रदेश का सुवर्णरखा। यानी, जगह बदलती है, आम का रूप-रंग और उसका स्वाद भी बदल जाता है। साथियो आम की ये यात्रा, अब गांव से, ग्लोबल मार्केट तक भी पहुंच रही है | आज ‘मन की बात’ के माध्यम से मैं आम की पैदावार से जुड़े अपने किसान भाई-बहनों की प्रशंसा करूंगा | आप देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए आम किसान नहीं बहुत विशेष हैं। ऐसे ही छाए रहिए।
देश में बढ़ती गर्मी को लेकर पीएम मोदी ने दोहराई अपील पीएम मोदी ने देश में पड़ रही गर्मी को देखते हुए एक बार फिर से अपनी अपील को दोहराया। उन्होंने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियों, इस समय देश के ज्यादातर हिस्सों में बहुत गर्मी पड़ रही है। तेज धूप, गर्म हवाएं, ऐसे मौसम में अपना ध्यान रखना बहुत जरूरी है। पानी पीते रहिए। धूप में अगर निकलना ही पड़े तो थोड़ा संभल कर निकलें। इस दिशा में सरकार के भिन्न-भिन्न विभाग ने जो गाइडलाइंस जारी की है वो भी भूलियेगा नहीं।
पीएम मोदी ने कहा, साथियों, हमारे यहां गर्मी से लड़ने का तरीका कई बार रसोई में भी मिलता है। आपने भी देखा होगा जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, वैसे-वैसे घर की रसोई का स्वाद बदल जाता है, रसोई का प्रकार बदल जाता है। कहीं मटके का पानी निकल आता है, कहीं दही जमने लगता है, तो कहीं कच्चे आम उबलने लगते हैं – और फिर शुरु होता है देसी पेय का दौर।
उन्होंने कहा, देसी पेय से आप भी परिचित हैं, अगर आप उत्तर भारत में जाएंगे तो काफी जगह आपको मिलेगा आम पन्ना, कच्चे आम का स्वाद, और गर्मी से राहत भी। पंजाब-हरियाणा जाइए तो लस्सी मिल जाएगी, बड़े गिलास वाली लस्सी। राजस्थान और गुजरात में छाछ, जैसे हर खाने की साथी बन जाती है। बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश में सत्तू का शरबत, उसकी तो बात ही क्या है पेट भी भरे, ताकत भी दे। कोंकण और गोवा में कोकम शरबत, सोल कढ़ी। दक्षिण भारत में पानकम, नीर मोर, सम्बारम और ओडिशा में बेल पना, वो सिर्फ पेय नहीं, भारत के अलग-अलग क्षेत्रों की परंपरा का हिस्सा है।
पीएम मोदी ने कहा, इसमें ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना की झलक भी मिलती है। एक बात जरूर ध्यान रखियेगा, इनमें से ज्यादातर चीजें हमारी अपनी रसोई से निकली हैं, हमारे खेत खलिहान से निकली हैं। कोई बड़ी ब्रांडिंग नहीं है। लेकिन पीढ़ियों का अनुभव उनमें समाया हुआ है। आप भी गर्मी के दौरान देसी पेजयलों का खूब आनंद लीजिए। 11:12 AM, 31-May-2026 अनिमेष कुजूर ने साझा किए अपने विचार एथलीट अनिमेष कुजूर ने पीएम मोदी के कार्यक्रम में कहा, “नमस्ते सर, मेरा नाम अनिमेष कुजूर। मैं 200 मीटर और 400 मीटर का नेशनल रिकॉर्ड होल्डर हूं और मैं छत्तीसगढ़ से आता हूं। अभी मैं उड़ीसा से खेलता हूं। मैं पिछले साल एशियन मेडल और वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स मेडल लेकर आया। मैं एथलेटिक्स 2021 से चालू किया जब मैं स्कूल से पास हुआ।” 11:10 AM, 31-May-2026 एथलीट गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर से की बात पीएम मोदी ने कहा कि हमने संगीत में तो जुगलबंदी देखी थी, लेकिन चुनौती में अब जुगलबंदी होती है कि एक बार एक चुनौती दे फिर दूसरा उस चुनौती को उठा ले। फिर तीसरी बार कर ले। बड़ा रोचक विषय रहा है आपका। मैं चाहता हूं कि ‘मन की बात’ के श्रोताओं को पता चले कि आप लोग के विषय में उनको जानकारी हो। आपने जो पराक्रम किया है उसका पता चले।
11:08 AM, 31-May-2026 100 मीटर रेस में तीन बार टूटा नेशनल रिकॉर्ड : पीएम मोदी पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कहा, ”साथियों, एक इवेंट जिसकी देशभर में बहुत चर्चा हो रही है, वह है – 100 मीटर रेस, सौ मीटर की दौड़। महज दो दिनों के भीतर 100 मीटर रेस के पुरुष वर्ग में नेशनल रिकॉर्ड तीन बार टूटा | जिन दो एशलीट्स ने ये कमाल दिखाया है वे हैं – गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर।
अजमेर, 30 मई। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान जिलेभर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही है। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने बताया कि अभियान के अन्तर्गत रविवार 31 मई (ज्येष्ठ पूर्णिमा) के दिन पंचायती राज विभाग, खेल विभाग एवं नेहरू युवा केन्द्र द्वारा स्थानीय ग्रामवासियों, जनप्रतिनिधियों एवं नेहरू युवा केन्द्र आदि अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से वंदे गंगा प्रभात फेरी एवं जागरूकता अभियान रैली का ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजन, वंदे गंगा रैली तथा साइकिल रैली निकाली जाएगी। साथ ही पुलिस, सेना एवं अर्द्ध सैनिक बल द्वारा जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर श्रमदान और वंदे गंगा जल सेवा में सहयोग करेंगे।
स्वयं सेवी संस्था द्वारा जल संग्रहण संरचनाओं की गाद निकालना एवं साफ-सफाई हेतु श्रमदान, वंदे गंगा जल सेवा, पशु खेलियों, बावडियों की साफ-सफाई तथा पशुओं के लिये पीने के साफ पानी की व्यवस्था एवं पक्षियों के लिये परिंडे बांधना। इसके साथ स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जल स्त्रोतो की साफ-सफाई एवं मरम्मत, जल स्त्रोतों पर दीप प्रज्वलन, अमृत 2.0 अंर्तगत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा साफ-सफाई एवं रख-रखाव कार्यक्रम, शहरी रोजगार योजना अर्न्तगत्त पौधारोपण कार्य हेतु अग्रिम तैयारी, महापुरूषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई, प्लास्टिक कचरे का चिन्हित स्थल पर निष्पादन, नो प्लास्टिक डे, अमृत-2.0 योजना अर्न्तगत नवीन कार्यादेश जारी करना एवं पूर्ण कार्यों का अवलोकन एवं लोकार्पण तथा स्थानीय निवासियों / जनप्रतिनिधियों एवं नेहरू युवा केन्द्र आदि अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से वंदे गंगा प्रभात फेरी एवं जागरूकता अभियान रैली का नगर निकाय स्तर पर आयोजन करेंगे।