Monday, September 21, 2026
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BUSINESS : महंगे पेट्रोल-डीजल ने बदली दुनिया की रफ्तार, इलेक्ट्रिक कारों पर तेजी से बढ़ा भरोसा

महंगे पेट्रोल-डीजल, तेल संकट और जलवायु परिवर्तन की चिंता के बीच दुनिया भर में इलेक्ट्रिक कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है। आईईए की रिपोर्ट के मुताबिक 2026 में ईवी बिक्री 2.3 करोड़ के पार जा सकती है। बैटरियों की घटती कीमतें और सरकारी प्रोत्साहन योजनाएं भी इसकी बड़ी वजह हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में दुनिया की सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों का दबदबा बढ़ सकता है। आइए, विस्तार रिपोर्ट को पढ़ते हैं…

दुनिया भर में बढ़ती तेल की कीमतों, पेट्रोल-डीजल के महंगे होने और जलवायु परिवर्तन के खतरे ने अब लोगों को तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों यानी ईवी की तरफ मोड़ दिया है। पहले जहां ईवी को सिर्फ भविष्य की तकनीक माना जाता था, वहीं अब यह आम लोगों की जरूरत बनती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी यानी आईईए की ताजा रिपोर्ट ‘ग्लोबल ईवी आउटलुक 2026’ के मुताबिक इस साल दुनिया भर में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 2.3 करोड़ के पार जा सकती है। इसका मतलब है कि हर दस नई कारों में करीब तीन पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी। बढ़ते ईंधन खर्च और पर्यावरण को बचाने की चिंता ने ईवी बाजार को नई रफ्तार दे दी है।

क्यों तेजी से बढ़ रही है इलेक्ट्रिक कारों की मांग?
आईईए की रिपोर्ट के अनुसार इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती बिक्री के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे बड़ा कारण पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतें हैं। आम लोग अब ऐसी गाड़ियों की तलाश में हैं जिनका खर्च कम हो और जो लंबे समय में सस्ती पड़ें। इसके अलावा बैटरियों की कीमतों में गिरावट आने से ईवी पहले के मुकाबले ज्यादा सस्ती हो गई हैं। कई देशों की सरकारें भी ईवी खरीदने पर टैक्स में छूट और सब्सिडी दे रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के लिए ऐतिहासिक साल साबित हुआ। पहली बार दुनिया भर में 2 करोड़ से ज्यादा इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री हुई और कुल ऑटो बाजार में इनकी हिस्सेदारी करीब 25 फीसदी तक पहुंच गई। दुनिया के लगभग 100 देशों में ईवी बिक्री ने नया रिकॉर्ड बनाया।

क्या भविष्य में सड़कों पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों का दबदबा होगा?
रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर मौजूदा रफ्तार बनी रही तो आने वाले वर्षों में दुनिया की सड़कों पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों का दबदबा बढ़ जाएगा। अनुमान है कि 2035 तक दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या 8 करोड़ से बढ़कर 51 करोड़ के पार पहुंच सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण को कम करने के लिए भी ईवी अहम भूमिका निभाएंगी। इलेक्ट्रिक वाहन पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाते हैं। यही वजह है कि अब कई देश पेट्रोल और डीजल वाहनों को धीरे-धीरे कम करने की तैयारी कर रहे हैं। ऑटो कंपनियां भी लगातार नई ईवी लॉन्च कर रही हैं ताकि ग्राहकों को ज्यादा विकल्प मिल सकें।

शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में फिर कैसे आई तेजी?
आईईए की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 की पहली तिमाही में चीन और अमेरिका में कुछ नीतिगत बदलावों के कारण वैश्विक ईवी बिक्री में करीब 8 फीसदी की हल्की गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि इसके बाद बाकी देशों में तेज मांग ने बाजार को फिर संभाल लिया। चीन को छोड़कर पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ईवी बिक्री 80 फीसदी तक बढ़ गई। इससे साफ है कि अब इलेक्ट्रिक वाहन केवल विकसित देशों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विकासशील देशों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चार्जिंग नेटवर्क बढ़ने और नई तकनीक आने से आने वाले समय में ईवी का इस्तेमाल और आसान हो जाएगा।

दक्षिण-पूर्व एशिया क्यों बन रहा नया ईवी हॉटस्पॉट?
आईईए ने दक्षिण-पूर्व एशिया को तेजी से उभरता हुआ ईवी बाजार बताया है। रिपोर्ट के मुताबिक वियतनाम और थाईलैंड जैसे देशों में पिछले साल इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री दोगुनी से ज्यादा बढ़ी। इन देशों के कुल ऑटो बाजार में ईवी की हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी तक पहुंच गई है। अनुमान है कि 2035 तक इस क्षेत्र में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 60 फीसदी तक पहुंच सकती है। कम लागत वाली ईवी, सरकारी योजनाएं और बढ़ती पर्यावरण जागरूकता इस बदलाव की बड़ी वजह मानी जा रही है। अब दुनिया का ऑटो बाजार तेजी से इलेक्ट्रिक दौर की तरफ बढ़ रहा है।

BIHAR : बिहार में जीतनराम मांझी के मंच पर पथराव, बिना भाषण दिए लौटे केंद्रीय मंत्री; 2 युवक गिरफ्तार

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केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के गया के खिजरसराय में एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर पत्थर फेंके गए। इस घटना के बाद मंत्री बिना बोले लौट गए, पुलिस ने दो संवाद सूत्र,खिजरसराय। गया जिले के खिजरसराय प्रखंड के सिसवर में स्थित संत थामस इंग्लिश स्कूल में शुक्रवार की शाम सात बजे आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी पहुंचे।

मंच पर जैसे अपनी बात केंद्रीय मंत्री रख रहे थे। इसी दौरान केंद्रीय मंत्री के मंच के पीछे की ओर से अचानक दो पत्थर फेंका गया, जो मंच पर आकर गिरा। इसके बाद अफरातफरी मच गई।

हालांकि घटना में किसी को चोट नहीं लगी। इस घटना के बाद केंद्रीय मंत्री बिना अपनी बात रखे लौट गए। पत्थर गिरते ही मंच पर कुछ देर के लिए कानाफूसी की स्थिति बन गई। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा में तैनात जवानों एवं पुलिसकर्मियों ने सक्रियता दिखाते हुए मंच के पीछे से दो युवकों को हिरासत में लिया।बताया जा रहा है कि दोनों युवक घटना के बाद वहां से भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है तथा घटना के पीछे के कारणों की जांच में जुटी है।

इधर, कार्यक्रम में मौजूद लोगों का कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश हो सकती है, जिसका उद्देश्य प्रशासन को बदनाम करना है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है तथा आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।कार्यक्रम स्थल पर तैनात पुलिस कर्मी, पदाधिकारी एवं हम पार्टी के कार्यकर्ता हरकत में आ गए। कार्यक्रम स्थल पर अफरातफरी मच गई। इसके बाद उन्हें स्थानीय पुलिस अभिरक्षा में भेजा गया।

अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम में पत्थर फेंका गया है, जो संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया गया है। पत्थर से मंत्री समेत किसी को भी कोई नुकसान नहीं हुआ है।पुलिस हर पहलु की जांच कर रही है। घटनास्थल पर खुद डीएसपी नीमचक बथानी सुरेंद्र कुमार सिंह मौजूद थे। इस तरह की हरकत में किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। पुलिस हर मामले की जांच कर रही है।

NATIONAL : जोधपुर से दिल्ली कैंट तक चलेगी 20 कोच वाली नई वंदे भारत एक्सप्रेस, अश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान

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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव व केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शुक्रवार को हरी झंडी दिखाकर जोधपुर से दिल्ली कैंट तक चलने वाली बीस कोच वाली वंदे भारत ट्रेन का उद्घाटन किया।बीस कोच वाली इस नई वंदे भारत के शुरू होने से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को वेटिंग लिस्ट से बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही जैसलमेर के नवनिर्मित कोच केयर कॉम्प्लेक्स का भी वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया।

पर्यटन नगरी जैसलमेर को गुजरात से सीधे जोड़ने के लिए साबरमती-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस का जैसलमेर तक विस्तार किया गया है। दोनों मंत्रियों ने इस विस्तारित ट्रेन को भी वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।समारोह को संबोधित करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान से देश के विभिन्न हिस्सों में हमारे प्रवासी रहते हैं, जहां भी जाते हैं, सबकी एक ही मांग होती है कि ट्रेनें चलाई जाएं।

इसी को ध्यान में रखते हुए चेन्नई, हैदराबाद, पुणे समेत कई नई ट्रेनें शुरू की गई हैं। जोधपुर में कोचिंग टर्मिनल बनाने का फैसला लिया गया है, जिससे भविष्य में और ज्यादा नई गाड़ियां शुरू हो सकेंगी।वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भी शुरू हो चुकी है। यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए इस ट्रेन को आठ कोच से बढ़ाकर बीस कोच का कर दिया गया है। इससे ट्रेन की यात्री क्षमता 530 से बढ़कर सीधे 1440 हो गई है। .

भगत की कोठी में वंदे भारत स्लीपर कोचिंग टर्मिनल का काम शुरू हो गया है, जिससे राजस्थान में स्लीपर वंदे भारत ट्रेनें चल सकेंगी।जोधपुर से हरिद्वार के लिए ट्रेन शुरू करने की लंबे समय से मांग की जा रही थी। आने वाले दस महीनों के अंदर यह ट्रेन शुरू हो जाएगी। समारोह को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी संबोधित किया।

NATIONAL : ओडिशा से कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का सफल परीक्षण, रक्षा मंत्रालय ने दी जानकारी

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भारत ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित आईटीआर से अग्नि-1 शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। परीक्षण में सभी तकनीकी और ऑपरेशनल मानक पूरी तरह सफल रहे।

भारत ने अपनी रक्षा क्षमता को एक बार फिर मजबूती देते हुए शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-1’ का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण 22 मई 2026 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से किया गया। रक्षा मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है। मंत्रालय के अनुसार, इस परीक्षण के दौरान मिसाइल ने अपने सभी ऑपरेशनल और तकनीकी मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे इसकी विश्वसनीयता और सटीकता की पुष्टि हुई।

रक्षा मंत्रालय ने यह भी बताया कि अग्नि श्रृंखला की मिसाइलें (अग्नि-1 से अग्नि-4 तक) पहले से ही भारतीय सेना में तैनात हैं, जिनकी मारक क्षमता लगभग 700 किलोमीटर से 3,500 किलोमीटर तक है।

यह परीक्षण स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड के तत्वावधान में किया गया, जो भारत के परमाणु और मिसाइल सिस्टम की जिम्मेदारी संभालता है। अधिकारियों के अनुसार, लॉन्च के दौरान सभी प्रक्रियाएं तय मानकों के अनुसार पूरी की गईं और किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या सामने नहीं आई।
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अग्नि-1 मिसाइल की मारक क्षमता 700 किलोमीटर तक की है। इस मिसाइल का भार 12 टन है और यह 1,000 किलो के परमाणु हथियार को अपने साथ ले जा सकती है। अग्नि 1 मिसाइल को उन्नत सिस्टम प्रयोगशाला ने रक्षा अनुसंधान विकास प्रयोगशाला और रिसर्च सेंटर इमरात के साथ मिलकर विकसित किया है। मिसाइल को हैदराबाद स्थित भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने पूरा किया है। इस मिसाइल को सबसे पहले साल 2004 में सेवा में लिया गया था। जमीन से जमीन पर वार करने वाली इस मिसाइल को सॉलिड प्रॉपलैंट्स द्वारा बनाया गया है।
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NEET-UG 2026: फीस रिफंड के लिए एनटीए ने खोला पोर्टल, 27 मई तक छात्र भरें बैंक डिटेल; 21 जून को पुनर्परीक्षा

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राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने नीट-यूजी 2026 उम्मीदवारों के लिए फीस रिफंड प्रक्रिया शुरू कर दी है। छात्र 27 मई तक बैंक खाते की जानकारी जमा कर सकते हैं। 3 मई की परीक्षा अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द हुई थी। अब पुनर्परीक्षा 21 जून को होगा और इसके लिए कोई नया शुल्क नहीं लिया जाएगा।

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा शुल्क वापसी के लिए उम्मीदवारों को बड़ी राहत दी है। एजेंसी ने शुक्रवार को एक विशेष ऑनलाइन सुविधा शुरू की, जिसके जरिए छात्र अपने बैंक खाते की जानकारी जमा कर सकते हैं। यह सुविधा 27 मई 2026 रात 11:50 बजे तक उपलब्ध रहेगी।

एनटीए ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर कहा कि नीट-यूजी 2026 के उम्मीदवार आधिकारिक रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर लॉगिन करके ‘फीस रिफंड’ लिंक के जरिए अपनी बैंक डिटेल भर सकते हैं। छात्रों को अकाउंट होल्डर का नाम, बैंक का नाम, अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड जैसी जानकारी देनी होगी। इसके अलावा, सही जानकारी सुनिश्चित करने के लिए छात्र चाहें तो कैंसिल चेक की स्कैन कॉपी भी अपलोड कर सकते हैं।

एजेंसी ने साफ कहा है कि एक बार जमा की गई बैंक डिटेल अंतिम मानी जाएगी और बाद में उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। साथ ही एनटीए ने छात्रों को सलाह दी है कि वे नीट-यूजी 2026 परीक्षा शुल्क के लिए किसी तरह का चार्जबैक रिक्वेस्ट न करें।

दरअसल, 3 मई को आयोजित होने से पहले नीट-यूजी 2026 परीक्षा को परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की थी कि नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून 2026 को कराई जाएगी। एनटीए पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि पुनर्परीक्षा के लिए छात्रों से कोई नया परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही पहले जमा की गई फीस भी उम्मीदवारों को वापस की जाएगी।

NATIONAL : दुनिया ने माना भारतीय नारी शक्ति का लोहा… मेजर अभिलाषा बराक को मिलेगा प्रतिष्ठित UN जेंडर एडवोकेट अवॉर्ड

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लेबनान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ तैनात भारतीय शांतिरक्षक मेजर अभिलाषा बराक को विश्व निकाय द्वारा प्रतिष्ठित 2025 यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।

मेजर बराक को लेबनान में महिलाओं और लड़कियों के साथ अपने आउटरीच प्रयासों के लिए यह पुरस्कार दिया जा रहा है। उन्होंने तैनाती के दौरान महिलाओं व किशोरियों के साथ सामुदायिक जुड़ाव और शांतिरक्षकों के लिए जेंडर संवेदीकरण प्रशिक्षण दिए हैं।

भारत के स्थायी मिशन ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि मेजर अभिलाषा बराक को 2025 यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

उन्हें महिलाओं और किशोर लड़कियों के साथ आउटरीच व कम्युनिटी एंगेजमेंट गतिविधियों तथा शांतिरक्षकों के लिए जेंडर संवेदीकरण प्रशिक्षण के लिए मान्यता दी जा रही है।

मेजर अभिलाषा बराक की उपलब्धियां
यूएनआईएफआईएल में भूमिका: भारतीय बटालियन में फीमेल एंगेजमेंट टीम (FET) की कमांडर।
ऐतिहासिक उपलब्धि: भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट।
सम्मान समारोह: 29 मई को अंतरराष्ट्रीय यूएन शांतिरक्षक दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
इस उपलब्धि के साथ मेजर अभिलाषा बराक भारत की तीसरी अधिकारी बन गई हैं, जिन्हें यह पुरस्कार मिला है। इससे पहले यह सम्मान प्राप्त करने वाली भारतीय अधिकारी हैं…

NATIONAL : ‘अगर माता-पिता IAS अधिकारी हैं, तो उनके बच्चों के लिए आरक्षण क्यों?’, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

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सुप्रीम कोर्ट ने यह देखते हुए कि शैक्षणिक और आर्थिक रूप सशक्तिकरण के साथ साथ सामाजिक गतिशीलता भी आती है, कोर्ट ने शुक्रवार को पिछड़े वर्गों के उन्नत परिवारों के बच्चों को लगातार आरक्षण का लाभ देने पर सवाल उठाया।कोर्ट ने टिप्पणी की कि अगर माता पिता दोनों आईएएस हैं तो उन्हें आरक्षण क्यों मिलना चाहिए? शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तीकरण के साथ साथ सामाजिक गतिशीलता भी आती है। ये टिप्पणियां न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और उज्जवल भुइयां की पीठ ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान कीं।

याचिका में कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को आरक्षण से बाहर रखने के फैसले को सही ठहराया था। याचिकाकर्ता के माता पिता दोनों ही राज्य सरकार के कर्मचारी हैं।मामले पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर छात्रों के माता पिता अच्छी नौकरियों में हैं और उनकी आय भी अच्छी खासी है, तो बच्चों को आरक्षण के दायरे से बाहर हो जाना चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि सरकार द्वारा जारी कई आदेशों में पहले से ही ऐसे समृद्ध वर्गों को आरक्षण के लाभ से बाहर रखने का प्रविधान है। लेकिन अब उन आदेशों को चुनौती दी जा रही है।

पीठ ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और वंचित समूहों के मामले में , सामाजिक पिछड़ापन नहीं बल्कि केवल आर्थिक पिछड़ापन होता है। इसमें कुछ संतुलन होना चाहिए।

सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए, यह बात सही है लेकिन जब माता पिता आरक्षण का लाभ उठाकर एक निश्चित स्तर तक पहुंच चुके हैं, तो फिर उनके बच्चों को आरक्षण क्यों मिलना चाहिए।

वैधता प्रमाणपत्र देने से इनकार
याचिकाकर्ता को कर्नाटक पावर ट्रांसमीशन कारपोरेशन लिमिटेड में आरक्षित श्रेणई के तहत असिस्टेंट इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) के पद पर नियुक्ति के लिए चुना गया था।

हालांकि जिला जाति और आय सत्यापन समिति ने ये निष्कर्ष निकालते हुए कि वह क्रीमी लेयर (सम्पन्न वर्ग) के अंतरगत आता है, उसे जाति वैधता प्रमाणपत्र देने से इनकार कर दिया।

अधिकारियों ने पाया कि याचिकाकर्ता के माता पिता दोनों ही सरकारी कर्मचारी थे और उनकी संयुक्त आय निर्धारित क्रीमी लेयर सीमा से अधिक थी। याचिकाकर्ता को क्रीमी लेयर मे वर्गीक्रत करने का आधार उसके माता पिता की आय थी।

क्रीमी लेयर को बाहर रखने पर जोर
वे दोनों ही वेतनभोगी कर्मचारी थे और कथित तौर पर उनकी संयुक्त आय 800000 (आठ लाख) रुपये से अधिक थी। परिणामस्वरूप याचिकाकर्ता को जारी किया गया जाति प्रमाणपत्र रद कर दिया गया, जिसमें उसे कुरुबा समुदाय का सदस्य प्रमाणित किया गया था।

इससे पहले जनवरी 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने एक अलग मामले में मध्य प्रदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के बच्चों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित लाभों से बाहर रखने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था।

कोर्ट ने कहा था कि स्टेट बैंक बनाम दविंदर सिंह के मामले में सात न्यायाधीशों की संविधान पीठ द्वारा अगस्त 2024 में दिए गए फैसले में एससी और एसटी कोटे से क्रीमी लेयर को बाहर रखने का जो जिक्र किया गया था, वह केवल एक राय थी, इस संबंध में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार विधायिका के पास है।

NATIONAL : PM मोदी ने बांटे 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र, 47 शहरों में होगा मेगा शो

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19वें रोजगार मेले के तहत 51 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी का तोहफा दे दिया है. उन्होंने युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे दिया है. यह प्रोग्राम देश के 47 शहरों में आयोजित किया गया है. बता दें कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी युवाओं को संबोधित किया और तौहफा सौंपा. इस दौरान रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय समेत अन्य विभागों में नियुक्तियां दी जाएंगी. सरकार का दावा है कि अब तक 18 रोजगार मेलों में करीब 12 लाख युवाओं को नौकरी के नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं.

देश में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे लाखों युवाओं के लिए आज का दिन बेहद खास है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19वें रोजगार मेले के जरिए 51 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपा. इसके लिए पीएम मोदी ने अपना संबोधन शुरू कर दिया है. इस दौरान उन्होंने कुछ दिन पहले अपनी 5 दिनों की यात्रा का भी जिक्र किया है.यह आयोजन केवल नौकरी बांटने के लिए नहीं हो रहा है बल्कि युवाओं के लिए बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है.

खास बात ये है कि इस प्रोग्राम का आयोजन देश के अगल-अगल जगहों पर किया जा रहा है. इसके पहले सरकार ने दावा किया है कि रोजगार मेले के जरिए भर्ती प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और मिशन मोड में बदला गया है. यही वजह है कि रोजगार मेलों में करीब 12 लाख नियुक्ति पत्र बांटे जा चुके हैं.

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि आज आप सभी देश की विकास यात्रा में अहम भागीदार बन रहे हैं. कई क्षेत्रों में आप सभी नई जिम्मेदारियां संभालने जा रहे हैं. आने वाले समय में विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में आप सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं. यहां तक पहुंचने के लिए आप सभी ने लंबी तैयारी और कड़ा परिश्रम जरूर किया होगा.

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि मैं दुनिया में जहां भी जाता हूं तो भारत की युवा ताकत की चर्चा करता हूं. मैं एक नए संकल्प की बात करता हूं. 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के तहत देश अलग-अलग सेक्टर में निवेश कर रहा है. इससे युवाओं के रोजगार के लिए लाखों अवसर बन रहे हैं. भविष्य में भारत की 10 बड़ी सेमीकंडक्टर यूनिट दुनिया में अपना परचम लहराएगी. इसमें बड़ी संख्या में भारत के नौजवानों की भागीदारी होगी.

स्वाभाविक है कि इससे युवाओं को रोजगार के बड़े एवसर मिलेंगे. भारत आज शिप बिल्डिंग से लेकर शिप रिपेयरिंग और ओवरहॉलिंग का इको सिस्टम को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है. भारत आज एक बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरर है. ऐसे कई अभियानों पर भारत का पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर मिलकर बहुत बड़ा निवेश कर रहा है. ये निवेश देश के युवाओं को देश के भीतर ही नौकरी मिल रही है और वह अपना सपना पूरा कर रहे हैं.

सरकार लगातार इस बात पर फोकस कर रही है कि सिर्फ सरकारी नौकरियां ही नहीं, बल्कि स्किल, स्टार्टअप और डिजिटल सेक्टर में भी युवाओं के लिए नए मौके पैदा किए जा रहे हैं. जनवरी में आयोजित हुए 18वें रोजगार मेले के दौरान पीएम ने इस बात पर जोर दिया था कि रोजगार मेला सरकारी भर्तियों को मिशन मोड में लाने के लिए शुरू किया गया था और पिछले कुछ वर्षों में यह एक संस्था बन गया है. उन्होंने आगे कहा था कि आज भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है.

NATIONAL : प्रधानमंत्री मोदी आज रोजगार मेले में ५१ हजार से अधिक नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे

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नई दिल्ली, 23 मई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी शनिवार सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से १९वें रोजगार मेले में विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में 51 हजार से अधिक नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे। वे आयोजन को संबोधित भी करेंगे।

प्रधानमंत्री आज रोजगार मेला में 51 हजार से अधिक नव-नियुक्त युवाओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नियुक्ति पत्र बांटेंगे। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि देशभर के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और सशक्तीकरण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता निरंतर बनी हुई है।

यह रोजगार मेला देशभर के 47 स्थानों पर आयोजित होगा। चयनित अभ्यर्थी रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, वित्तीय सेवाएं और उच्च शिक्षा सहित विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में अपनी सेवाएं देंगे।

RAJASTHAN : राजस्थान में गर्मी से मिली थोड़ी राहत, 24 मई से फिर लू चलने की चेतावनी

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जयपुर, 23 मई (हि.स.)। राजस्थान में भीषण गर्मी से फिलहाल थोड़ी राहत मिली है। प्रदेश के सभी शहरों का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। हालांकि बीकानेर, चूरू, फलोदी और चित्तौड़गढ़ सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे। लगातार दो दिन सबसे गर्म रहे श्रीगंगानगर में शनिवार सुबह हल्की बारिश होने से लोगों को राहत महसूस हुई। मौसम विभाग ने 24 मई से गर्मी फिर तेज होने और कई जिलों में हीटवेव से लेकर सीवियर हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग के अनुसार 24 मई से तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान के जिलों में सीवियर हीटवेव, जबकि पूर्वी और उत्तरी जिलों में हीटवेव तथा वार्म नाइट का असर रहने की संभावना है। 23 मई के लिए सात जिलों में यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

श्रीगंगानगर जिले में शनिवार सुबह अचानक मौसम बदला और हल्की बारिश हुई। इससे पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और लू से लोगों को राहत मिली। वहीं बीते 24 घंटे में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस चित्तौड़गढ़ में रिकॉर्ड किया गया।

फलोदी, चूरू, बीकानेर और गंगानगर सहित कई इलाकों में हीटवेव का असर बना रहा। राजधानी जयपुर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जबकि रात का तापमान 30.7 डिग्री तक पहुंच गया। शहर में दिनभर तेज धूप और लू का असर बना रहा। रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर यात्रियों के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।

जोधपुर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस मापा गया। दोपहर के समय तेज धूप के कारण बाजारों और सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दी। लोगों को राहत देने के लिए शहर में कई जगह प्याऊ लगाए गए हैं। उदयपुर में लगातार दूसरे दिन तापमान में बढ़ोतरी हुई। अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग घरों में अस्थायी बाथ टब और कूलिंग इंतजाम करते नजर आए। वहीं सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में भालुओं को ठंडक पहुंचाने के लिए फ्रूट आइसक्रीम और फल दिए जा रहे हैं।

अलवर में अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। नगर पालिका प्रशासन ने लोगों को राहत देने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया। तेज गर्मी के कारण दोपहर में बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। अजमेर में अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस मापा गया। गर्मी के चलते कोल्ड ड्रिंक, जूस और ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई है।

कोटा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 46.3 डिग्री सेल्सियस मापा गया। तेज धूप से इंसानों के साथ वन्यजीव भी परेशान दिखाई दिए। कई जगह बंदरों और अन्य जानवरों को पेड़ों की छांव में बैठे देखा गया।

सीकर में पिछले छह दिनों से लगातार तेज गर्मी का असर बना हुआ है। यहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर के समय सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम रही।

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