Monday, September 21, 2026
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NATIONAL : इबोला पर केंद्र सरकार का देशवासियों को परामर्श, कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की यात्रा करने से बचें

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नई दिल्ली, 24 मई (हि.स.)। केंद्र सरकार ने इबोला प्रभावित देशों में बदलती स्थिति को देखते हुए और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सिफारिशों के अनुरूप सभी भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। कांगो, युगांडा और उसकी सीमा से लगे दक्षिण सूडान और अन्य देशों में बीमारी फैलने सबसे अधिक खतरा है।

स्वास्थ मंत्रालय ने यह परामर्श जारी किया है। परामर्श के अनुसार भारतीय नागरिक जो वर्तमान में इन देशों में रह रहे हैं या यात्रा कर रहे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें और अतिरिक्त सावधानी बरतें। डब्ल्यूएचओ की आपातकालीन समिति ने 22 मई को आगमन के प्रवेश बिंदुओं पर बीमारी की निगरानी को मजबूत करने के लिए कुछ अस्थायी सिफारिशें जारी कीं। इन सिफारिशों में ‘बुंडिबुग्यो वायरस पाए जाने वाले क्षेत्रों की यात्रा न करने’ की भी सलाह दी गई है।

भारत में बुंडिबुग्यो वायरस स्ट्रेन के कारण होने वाली इबोला बीमारी का अबतक कोई भी मामला सामने नहीं आया है। इबोला रोग एक वायरल हेमोरेजिक बुखार है, जो इबोला वायरस के ‘बुंडीबुग्यो’ स्ट्रेन के संक्रमण के कारण होता है। यह एक गंभीर बीमारी है, जिसमें मृत्यु दर काफी अधिक है। वर्तमान में बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के कारण होने वाले इबोला रोग की रोकथाम या उपचार के लिए किसी भी टीके या विशिष्ट उपचार को मंजूरी नहीं दी गई है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम, 2005 के तहत 17 मई को इस स्थिति को ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित किया था। अफ्रीकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने भी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो और युगांडा को प्रभावित करने वाले बुंडिबुग्यो स्ट्रेन इबोला वायरस रोग के मौजूदा प्रकोप को आधिकारिक तौर पर ‘महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित किया है।

ARTICLE : इतिहास के पन्नों में २४ मईः…आवाज़ मैंं न दूंगा

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1 अक्टूबर, 1919 को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में जन्मे मजरुह सुल्तानपुरी हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध शायर और गीतकार थे। इनका पूरा नाम ‘असरार उल हसन ख़ान’ था। इनके लिखे हुए कलाम में ज़िंदगी के अनछुए पहलुओं से रूबरू कराने की ज़बरदस्त क्षमता थी। मजरूह सुल्तानपुरी ने चार दशक से भी ज़्यादा अपने लंबे सिने कैरियर में क़रीब 300 फ़िल्मों के लिए लगभग 4000 गीतों की रचना की। मजरूह सुल्तानपुरी के महत्त्वपूर्ण योगदान को देखते हुए वर्ष 1993 में उन्हें फ़िल्म जगत् के सर्वोच्च सम्मान ‘दादा साहब फाल्के पुरस्कार’ से नवाजा गया। इसके अलावा वर्ष 1964 मे प्रदर्शित फ़िल्म ‘दोस्ती’ में अपने रचित गीत ‘चाहूँगा मैं तुझे सांझ सवेरे’ के लिए वह सर्वश्रेष्ठ गीतकार के ‘फ़िल्म फ़ेयर’ पुरस्कार से भी सम्मानित किए गए। इस महान शायर और गीतकार ने 24 मई, 2000 को ८० साल की आयु में दुनिया को अलविदा कह दिया।

अन्य अहम घटनाएं-1994 – मीना (सऊदी अरब) में भगदड़ मच जाने से 250 लोगों से भी अधिक हाजियों की मृत्यु।2000 – दक्षिण लेबनान से 22 साल का ख़ूनी दौर समाप्त कर इस्रायली सेना वापस लौटी।2002 – नेपाल में नेपाली कांग्रेस ने प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को नेपाली कांग्रेस पार्टी से निलंबित किया।2003 – इस्रायल के प्रधानमंत्री एरियल शैरोन ने पश्चिम एशिया शांति योजना को स्वीकार किया।2005 – एनबी इंकबेयर मंगोलिया के राष्ट्रपति चुने गये।2007 – एमा निकोलसन रिपोर्ट यूरोपीय संघ की संसद में पारित।2008- उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों का मंहगाई भत्ता छह प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया।

जन्म1969 – सुधीर कुमार वालिया – भारतीय थल सेना के जांबाजों में से एक थे।1955 – राजेश रोशन – हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध संगीतकार हैं।1952 – रंजन मथाई – भारत के पूर्व ‘भारतीय विदेश सचिव’।1954 – बछेंद्री पाल – माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली प्रथम भारतीय महिला।1937 – थौनाओजम चौबा सिंह- भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ हैं।1928 – जन कृष्णमूर्ति – 2001 से 2002 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।1920 – नीलमणि राउत्रे – भारतीय राजनीतिज्ञ तथा उड़ीसा राज्य के भूतपूर्व मुख्यमंत्री थे।1899 – काज़ी नज़रुल इस्लाम – प्रसिद्ध बांग्ला कवि, संगीतज्ञ और दार्शनिक थे।1896 – करतार सिंह सराभा – भारत के प्रसिद्ध क्रान्तिकारियों में से एक।1819 – महारानी विक्टोरिया – ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैण्ड की महारानी

निधन2023 – टी. रिनपोछे – लद्दाख़ के प्रसिद्ध आध्यात्मिक और राजनीतिक नेता थे।2000 – मजरूह सुल्तानपुरी- हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध गीतकार और शायर।1999 – गुरु हनुमान – भारत के महान् कुश्ती प्रशिक्षक (कोच) व पहलवान।1981 – एस. के. पाटिल – भारत के प्रमुख राजनेता।1905 – प्रतापचंद्र मज़ूमदार – ब्रह्मसमाज के प्रसिद्ध नेता।1990 – के. एस. हेगड़े- भारतीय विधिवेत्ता, राजनीतिज्ञ और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष1879 – विलियम लायड गैरिसन – अमेरीकी दासता विरोधी आंदोलन के नेता1543 – निकोलस कॉपरनिकस – प्रसिद्ध यूरोपिय खगोलशास्त्री व गणितज्ञ थे

SPORTS : आज पंजाब किंग्स के लिए प्लेऑफ का इम्तिहान, लखनऊ के खिलाफ रिकॉर्ड शानदार

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आईपीएल में आज शनिवार को पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच मुकाबला होगा. पंजाब किंग्स के लिए आज का मैच ‘करो या मरो’ जैसा है. यानी प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए उन्हें हर हाल में जीतना ही होगा. पंजाब की शुरुआत इस सीजन में बहुत अच्छी रही थी. उसने पहले 7 मैचों में से 6 मैच जीते थे, लेकिन इसके बाद टीम लगातार 6 मैच हार गई. अब पंजाब की किस्मत सिर्फ अपनी जीत पर ही नहीं, बल्कि रविवार को होने वाले दूसरे मैचों के नतीजों पर भी टिकी है. वहीं दूसरी तरफ, लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम पहले ही प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी है, इसलिए उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है.

आईपीएल के इतिहास में ये दोनों टीमें अब तक 7 बार एक-दूसरे के आमने-सामने आ चुकी हैं. आंकड़ें की बात करें तो, पलड़ा पंजाब का थोड़ा भारी है. पंजाब ने लखनऊ के खिलाफ 4 मैच जीते हैं, जबकि लखनऊ को 3 मैचों में जीत मिली है. दोनों के बीच एक मैच टाई भी रहा है. इस मौजूदा सीजन में दोनों टीमें दूसरी बार टकराने जा रही हैं. इससे पहले जब इस सीजन में दोनों की भिड़ंत हुई थी. तब पंजाब ने अपने घरेलू मैदान पर लखनऊ को मात दी थी.

लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच बाकी मैदानों से काफी अलग है. यहाँ चौके-छक्कों की बरसात देखना थोड़ा मुश्किल होता है. इस पिच पर बल्लेबाज़ों के लिए बड़े शॉट्स लगाना आसान नहीं होता. यहाँ स्पिन गेंदबाजों को पिच से काफी मदद मिलती है. इसके अलावा, मैच की शुरुआत में तेज़ गेंदबाज़ों को भी स्विंग मिलती है, जो बल्लेबाज़ों को परेशान कर सकती है.

लखनऊ में मैच के दिन मौसम काफी गर्म और सूखा रहेगा. दिन के समय तेज़ धूप खिलेगी और लू चलने की भी संभावना है, जिससे गर्मी का असर ज़्यादा रहेगा. शाम को जब 7:30 बजे मैच शुरू होगा, तब भी गर्मी से बहुत ज़्यादा राहत नहीं मिलने वाली है. राहत की बात यह है कि बारिश होने की कोई उम्मीद नहीं है. आसमान बिल्कुल साफ रहेगा.

लखनऊ- मिचेल मार्श, जोश इंग्लिस, निकोलस पूरन, आयुष बडोनी, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, मोहसिन खान, मयंक यादव, आकाश सिंह, प्रिंस यादव, दिग्वेश सिंह राठी

पंजाब- प्रियांश आर्या, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शशांक सिंह, सूर्यांश शेडगे, अजमतुल्लाह ओमरजई, हरप्रीत बरार, जेवियर बार्टलेट, लॉकी फर्ग्यूसन, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल

WORLD : ईरान-अमेरिका समझौते की कोशिशों में पाकिस्तान की हुई एंट्री?: तेहरान पहुंचे आसिम मुनीर, होर्मुज पर बढ़ी चिंता

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पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर तेहरान पहुंचे हैं, जहां ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता और परमाणु विवाद को लेकर नई हलचल तेज हो गई है। ईरान ने कहा कि अमेरिका से समझौता अभी दूर है, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान समझौता करना चाहता है। आइए, विस्तार से मामले को जानते हैं…

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता के बीच पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज आसिम मुनीर का तेहरान पहुंचना नई हलचल पैदा कर गया है। ईरान के मजार-ए-शरीफ स्थित वाणिज्य दूतावास ने उनकी यात्रा की पुष्टि की। यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम, युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव लगातार बना हुआ है। दूसरी तरफ अमेरिका और नाटो देश भी संभावित संकट की स्थिति के लिए वैकल्पिक रणनीति तैयार करने में जुटे हैं.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साफ कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी बहुत गहरे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान पहले भी दो बार परमाणु वार्ता में नुकसान उठा चुका है, इसलिए अब वह बातचीत के हर कदम पर सतर्क है।

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता करने के लिए बेहद उत्सुक है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान पर कड़ी कार्रवाई की क्योंकि वह किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देना चाहता। हालांकि दूसरी ओर ईरान का कहना है कि वह अभी किसी अंतिम समझौते के करीब नहीं पहुंचा है। इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच अविश्वास अब भी बना हुआ है।
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अमेरिकी विदेश मंत्री ने नाटो सहयोगियों के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अगर ईरान इस समुद्री रास्ते को बंद कर देता है तो उसके लिए वैकल्पिक योजना यानी प्लान बी तैयार रखना जरूरी है।

SPORTS : जीतकर भी हारी हैदराबाद, शीर्ष पर रहते हुए क्वालिफायर-1 में पहुंची आरसीबी; गुजरात से होगी टक्कर

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हैदराबाद ने आरसीबी को 55 रनों से हरा दिया। शुक्रवार को उप्पल स्टेडियम पर खेले गए मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद ने 20 ओवर में चार विकेट पर 255 रन बनाए। जवाब में आरसीबी निर्धारित ओवरों में चार विकेट पर 200 रन बना सकी। इस हार से आरसीबी को खासा नुकसान नहीं हुआ है। वह टेबल टॉपर ही हैं।

आईपीएल का 19वां संस्करण धीरे-धीरे अपने चरम पर पहुंच रहा है। शुक्रवार को उप्पल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को 55 रनों से हरा दिया। हालांकि, इस जीत के बावजूद टीम शीर्ष-दो में एंट्री करने में नाकाम रही और अब वह एलिमिनेटर मैच खेलेगी। वहीं, आरसीबी हार के बावजूद शीर्ष पर बरकरार रही और अब उसका सामना गुजरात टाइटंस से क्वालिफायर-1 से होगा।

दराबाद के दिए 256 रन के लक्ष्य को हासिल करने उतरी आरसीबी 20 ओवर में 4 विकेट पर 200 रन बना सकी और 55 रन से मैच हार गई। आरसीबी के लिए पारी की शुरुआत करने आए वेंकटेश अय्यर ने 19 गेंदों पर 4 छक्कों और 4 चौकों की मदद से 44 रन बनाए। इसके अलावा कप्तान रजत पाटीदार ने 39 गेंदों पर 56 रन की पारी खेली। क्रुणाल पांड्या 31 गेंदों पर 41 और टिम डेविड 7 गेंदों पर 15 रन बनाकर नाबाद रहे। विराट कोहली 15 और देवदत्त पड्डिकल 21 रन बनाकर आउट हुए। एसआरएच की तरफ से ईशान मलिंगा ने 4 ओवर में 33 रन देकर दो विकेट लिए। साकिब हुसैन और ट्रेविस हेड को एक-एक विकेट मिला।

इससे पहले टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद ने 4 विकेट पर 255 रन बनाए थे। एसआरएच के लिए विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने 46 गेंदों पर सर्वाधिक 79 रन की पारी खेली। किशन ने अपनी पारी में तीन छक्के और आठ चौके लगाए। इसके अलावा, अभिषेक शर्मा ने 22 गेंदों पर पांच छक्कों और चार चौकों की मदद से 56 और हेनरिक क्लासेन ने 24 गेंदों पर पांच छक्कों और दो चौकों की मदद से 51 रन बनाए। नीतीश रेड्डी ने 12 गेंदों पर नाबाद 29 रन बनाए थे। आरसीबी के लिए रसिख सलाम डार ने चार ओवर में 52 रन देकर दो विकेट लिए, जबकि सुयश शर्मा और क्रुणाल पांड्या ने एक-एक विकेट लिए थे। ईशान किशन लगातार दूसरे मैच में प्लेयर ऑफ द मैच बने।

एसआरएच-आरसीबी दोनों का यह आखिरी लीग मैच था। दोनों टीमें प्लेऑफ में जगह बना चुकी हैं। आरसीबी 14 मैचों से 18 अंक लेकर बेहतर रन रेट के आधार पर पहले, गुजरात टाइटंस 14 मैचों से 18 अंक लेकर दूसरे और एसआरएच 14 मैचों से 18 अंक लेकर तीसरे स्थान पर है।
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WORLD : अमेरिका में खुफिया विभाग चीफ तुलसी गबार्ड ने इस्तीफा दिया, पति के बोन कैंसर का दिया हवाला

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अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने अपने पति की बीमारी के चलते पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सौंपा है। तुलसी गबार्ड ने कहा है कि उनके पति बोन कैंसर से जूझ रहे हैं। ऐसे में मुझे सार्वजनिक सेवा से हटकर इस लड़ाई में उनके साथ रहना होगा।

वॉशिंगटन: अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि वह अपने पति को हड्डी के कैंसर के एक बेहद दुर्लभ रूप से चल रही लडाई में सहारा देने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे रही हैं। उन्होंने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में हुई बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप को इस बारे में सूचित किया। ट्रंप ने भी उनके कार्यकाल की तारीफ की है। ओडीएनआई में उनका आखिरी दिन 30 जून होने की उम्मीद है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भेजे अपने त्यागपत्र में तुलसी गबार्ड ने लिखा, “आपने मुझ पर जो भरोसा जताया उसके लिए और पिछले डेढ़ साल से राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के कार्यालय का नेतृत्व करने का अवसर देने के लिए मैं बहुत आभारी हूं।” उन्होंने लिखा, “दुर्भाग्यवश, मुझे 30 जून, 2026 से प्रभावी अपना इस्तीफा देना होगा। मेरे पति अब्राहम को हाल ही में हड्डियों के कैंसर के एक अत्यंत दुर्लभ प्रकार का पता चला है।” गबार्ड ने आगे कहा कि उनके पति को “आने वाले हफ्तों और महीनों में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।” उन्होंने कहा, “इस समय मुझे सार्वजनिक सेवा से हटकर उनके साथ रहना होगा और इस लड़ाई में उनका पूरा समर्थन करना होगा।”

तुलसी गबार्ड ने आगे कहा: “ग्यारह साल की हमारी शादी के दौरान अब्राहम मेरे लिए एक मजबूत सहारा रहे हैं – पूर्वी अफ्रीका में संयुक्त विशेष अभियान मिशन पर मेरी तैनाती, कई राजनीतिक अभियानों और अब इस भूमिका में मेरी सेवा के दौरान वे दृढ़ता से मेरे साथ खड़े रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “उनकी ताकत और प्यार ने मुझे हर चुनौती से उबरने में सहारा दिया है। मैं अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनकर उनसे यह नहीं कह सकती कि वे इस कठिन और समय लेने वाले पद पर रहते हुए अकेले इस लड़ाई का सामना करें।”

BUSINESS : आरबीआई द्वारा 2.87 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड लाभांश भुगतान: मध्य पूर्व संकट के बीच यह सरकार की मदद कैसे करेगा?

ऐतिहासिक भुगतान: आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रिकॉर्ड 2.87 लाख करोड़ रुपये के लाभांश की घोषणा की है, जो वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 6.7% अधिक है और बजट में अनुमानित गैर-कर राजस्व का लगभग 91% योगदान देता है।

राजकोषीय सहायता: यह भुगतान राजकोषीय घाटे को प्रबंधित करने में मदद करता है, सार्वजनिक व्यय के लिए गुंजाइश प्रदान करता है, और मध्य पूर्व संकट के बीच भोजन, उर्वरक और पेट्रोलियम पर बढ़ती सब्सिडी की आंशिक रूप से भरपाई करता है।बैंकों का मुनाफा और भंडार: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 1.98 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि आरबीआई ने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी 5.9% से बढ़ाकर 16.7% कर दी, जिससे वित्तीय स्थिरता मजबूत हुई।


भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड लाभांश देने की घोषणा की है। यह लाभांश ऐसे समय में दिया जा रहा है जब अर्थव्यवस्था अमेरिका-ईरान युद्ध और वैश्विक तेल कीमतों में आए झटके के प्रभावों से जूझ रही है। शुक्रवार को घोषित लाभांश अब तक का सबसे अधिक है और वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान दिए गए 2.69 लाख करोड़ रुपये से 6.7% अधिक है।

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबी) द्वारा हस्तांतरित अधिशेष ही वित्त वर्ष 27 के लिए ‘भारतीय रिज़र्व बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लाभांश/अधिशेष’ श्रेणी के अंतर्गत बजट में निर्धारित गैर-कर राजस्व का लगभग 91% योगदान देता है।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों से अतिरिक्त लाभांश प्राप्त होने की उम्मीद के साथ, सरकार द्वारा 2026-27 के लिए इस श्रेणी के तहत अनुमानित 3.16 लाख करोड़ रुपये की प्राप्तियों को आसानी से पार कर लिया जाएगा, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि सरकारी बैंकों ने मजबूत आय दर्ज की है।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने सामूहिक रूप से 1.98 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो 11.1% की वृद्धि दर्शाता है, और यह लगातार चौथा वर्ष है जब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने संयुक्त रूप से लाभ कमाया है।

आरबीआई द्वारा रिकॉर्ड तोड़ लाभांश भुगतान से सरकार को किस प्रकार लाभ होता है?
आरबीआई द्वारा लाभांश का भुगतान वह अधिशेष लाभ है जो वह भंडार और आकस्मिक खर्चों के लिए धनराशि अलग रखने के बाद केंद्र सरकार को हस्तांतरित करता है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सरकार के गैर-कर राजस्व में वृद्धि होती है, जिससे राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने में मदद मिलती है और उधार बढ़ाए बिना सार्वजनिक व्यय के लिए अतिरिक्त गुंजाइश उपलब्ध होती है।
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विशेषज्ञों का मानना ​​है कि आरबीआई द्वारा रिकॉर्ड मात्रा में अधिशेष का हस्तांतरण पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच सरकार की तनावपूर्ण राजकोषीय स्थिति को केवल आंशिक रूप से ही सहारा देगा।

ईवाई इंडिया के मुख्य नीति सलाहकार डीके श्रीवास्तव ने टीओआई को बताया, “यह सरकार के गैर-कर राजस्व में मामूली वृद्धि को दर्शाता है और उम्मीद है कि यह पश्चिम एशियाई संकट के संदर्भ में सरकारी सब्सिडी, विशेष रूप से खाद्य पदार्थों, उर्वरकों और पेट्रोलियम पर, में संभावित वृद्धि की आंशिक रूप से भरपाई करने में मदद करेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “2025-26 में, आरबीआई की सकल आय में 26.4% की वृद्धि हुई, जबकि शुद्ध आय में 26.3% की वृद्धि हुई। यह भी उल्लेखनीय है कि आरबीआई ने समय के साथ अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी को लगातार बढ़ाया है, जो 2020-21 में 5.9% से बढ़कर 2025-26 में 16.7% हो गई है।”

आईसीआरए की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर का मानना ​​है कि बजट अनुमानों की तुलना में, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच ईंधन और उर्वरक सब्सिडी पर अधिक खर्च होने की संभावना, कर राजस्व में कमी और तेल विपणन कंपनियों से लाभांश में गिरावट के कारण राजकोषीय दबाव अभी भी अधिक रहने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, “हालांकि आर्थिक स्थिरीकरण कोष और सोने-चांदी के आयात पर सीमा शुल्क में बढ़ोतरी से कुछ हद तक राहत मिलने की संभावना है, लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि भारत सरकार वित्त वर्ष 2027 के लिए बजट में निर्धारित राजकोषीय घाटे के लक्ष्य (जीडीपी के 4.3 प्रतिशत) को 40 बीपीएस से पार कर जाएगी, यह मानते हुए कि इस वित्त वर्ष में कच्चे तेल की औसत कीमत 95 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल रहेगी।”

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र कुमार पंत के अनुसार, अधिक अधिशेष हस्तांतरण से मौजूदा भू-राजनीतिक तनावों से उत्पन्न होने वाले कुछ राजकोषीय दबाव को कम करने की संभावना है।

पंत ने आगे कहा कि अगर केंद्रीय बैंक ने आकस्मिक जोखिम बफर को पिछले वर्ष के 44,862 करोड़ रुपये के स्तर पर बनाए रखा होता, तो आरबीआई द्वारा हस्तांतरित राशि 64,518 करोड़ रुपये अधिक होती। उन्होंने समझाया कि सीआरबी के लिए अधिक राशि आवंटित करने से घरेलू और वैश्विक व्यापक आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव के आधार पर वित्तीय बाजारों में हस्तक्षेप करने की आरबीआई की क्षमता मजबूत होगी।

NATIONAL : अब तक करीब 32 लाख तीर्थयात्री कर चुके दर्शन, अन्य मंदिरों व तीर्थ स्थलों में भी पहुंच रहे

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चारधाम यात्रा में अब तक करीब 32 लाख यात्री पहुंच चुके हैं। तीर्थयात्री अब चारधामों के साथ ही अन्य मंदिरों व तीर्थ स्थलों में भी पहुंच रहे हैं। जिससे चारधाम यात्रा मार्ग की तरह अन्य स्थानों पर भी आर्थिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। इस साल रुद्रप्रयाग के कार्तिक स्वामी मंदिर में मई महीने तक 57863 तीर्थयात्री आ चुके थे।

2021 में यहां 15735 यात्री पहुंचे थे। 2024 तक तीर्थयात्रियों की संख्या 228837 तक पहुंच गई थी। जबकि जागेश्वर धाम में 15 जून तक 56423 यात्री दर्शन कर चुके थे। 2024 में यहां 208073 लोगों ने दर्शन किए थे। इसी तरह राज्य के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी तीर्थ यात्रियों की संख्या बढ़ी है।

बता दें कि इस यात्रा सीजन में ही चारधाम और हेमकुंड के लिए कुल पंजीकरण की संख्या 44 लाख से अधिक हो चुकी है। इसमें यमुनोत्री धाम के लिए 713456 गंगोत्री के लिए 780554 केदारनाथ के लिए 1443513 बदरीनाथ के लिए 1336923 और हेमकुंड के लिए 169180 पंजीकरण हुए हैं, जिसमें से अब तक करीब 32 लाख तीर्थयात्री यात्रा पूरी कर चुके हैं।

चारधाम यात्रा मार्ग पर इसका सकारात्मक आर्थिक प्रभाव नजर आ रहा है। सीएम धामी लगातार, अन्य तीर्थ स्थलों और धामों के भी प्रचार-प्रसार पर जोर देते रहे हैं, ताकि इन क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां तेज हो सके।
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NATIONAL : विक्रम को मिली जान से मारने की धमकी: PM मोदी को झालमुड़ी खिलाने वाले दुकानदार को मिली सुरक्षा, CRPF जवान तैनात

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पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री मोदी को चुनाव प्रचार के दौरान झालमुड़ी परोसने वाले विक्रम शॉ ने जान से मारने और बम से उड़ाने की धमकियां मिलने का दावा किया है। शिकायत के बाद उनकी सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ जवान तैनात किए गए हैं।

एएनआई से बातचीत में विक्रम शॉ ने कहा कि उन्हें एक धमकी भरा फोन कॉल आया था। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी पुलिस थाने में दे दी गई है और सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें सुरक्षा दी गई है। उन्होंने कहा कि मैंने पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत कर दी है। मुझे धमकी भरा कॉल आया था। सुरक्षा के लिए मुझे सुरक्षा दी गई है।

बताया जा रहा है कि विक्रम शॉ को व्हाट्सऐप के जरिए भी धमकी भरे संदेश मिले थे। ये कथित धमकियां उस समय सामने आईं जब अप्रैल में कृष्णानगर में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रैली के दौरान उन्होंने पीएम को झालमुड़ी परोसी थी।इस बीच, पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस तरह की घटनाओं के जरिए देश में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं और अब ऐसे लोगों को करारा जवाब मिलेगा।

पत्रकारों से बातचीत में दिलीप घोष ने कहा कि कुछ लोग भारत में इस तरह की हरकतें करके तनाव पैदा करते हैं। अब वह समय चला गया है। अब हमारी सरकार है। हर चीज का जवाब अच्छे से दिया जाएगा।

वहीं, मंगलवार को दिलीप घोष ने ममता बनर्जी द्वारा बुलडोजर कल्चर के खिलाफ पार्टी विधायकों के साथ बुलाई गई बैठक को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी बैठकें पहले की गई होतीं और लोगों की परेशानियों को समझा गया होता, तो हालात कुछ अलग होते। उन्होंने कहा कि पहले मुख्यमंत्री को यह तक पता नहीं था कि बंगाल में क्या हो रहा है। अगर ये बैठकें पहले होतीं और लोगों की पीड़ा को समझा जाता, तो स्थिति कुछ और होती।

WORLD : अमेरिका-सऊदी अरब नहीं वेनेजुएला भारत का संकट मोचक, तेल सप्लाई करने वाला तीसरा बड़ा देश बना, रूस किस नंबर पर?

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मई में वेनेजुएला भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है, जिसने सऊदी अरब और अमेरिका जैसे पारंपरिक देशों को पीछे छोड़ दिया है। .

भारत दुनिया का सबसे बड़े तेल इंपोर्ट करने वाले देशों में शामिल है। भारत अपने जरूरत का कच्चा तेल सऊदी अरब और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे कई देशों से मंगाता है। लेकिन मई में इन पारंपरिक देशों को पीछे छोड़ वेनेजुएला भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है। दरअसल वैश्विक तेल बाजारों में जारी उथल-पुथल के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज और अन्य रिफाइनर कंपनियों द्वारा वेनेजुएला के सस्ते और उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई है।

ऊर्जा कार्गो ट्रैकर केप्लर के अनुसार, वेनेजुएला ने इस महीने अब तक भारत को 417,000 बैरल प्रतिदिन तेल की आपूर्ति की है, जो अप्रैल में 283,000 बैरल प्रतिदिन (BPD) से अधिक है। जनवरी में अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने के कुछ हफ्तों बाद वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति फिर से शुरू हुई।

केप्लर के अनुसार, मई में अब तक भारत का कुल कच्चे तेल का आयात पिछले माह की तुलना में 8% बढ़कर 49 BPD हो गया है। हालांकि, आपूर्ति फरवरी में दर्ज किए गए 52 करोड़ बैरल प्रतिदिन (BPD) के आयात स्तर से 5% कम है। हालांकि ये आंकड़ा ईरान युद्ध से पहले का था, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के चलते शिपमेंट बाधित हुआ।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो केप्लर के प्रमुख रिफाइनिंग विश्लेषक निखिल दुबे ने बताया कि,”भारतीय खरीदारों ने वेनेजुएला के कच्चे तेल में बहुत रुचि दिखाई है। क्योंकि यह सस्ता है और भारतीय रिफाइनरियों में आसानी से शुद्ध (refining) किया जा सकता है।” वेनेजुएला का कच्चा तेल गुजरात में रिलायंस इंडस्ट्रीज की उन्नत रिफाइनरी के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है, जबकि अधिकांश अन्य भारतीय रिफाइनर इस उच्च-सल्फर, भारी श्रेणी के तेल को सीमित मात्रा में ही प्रोसेस कर सकते हैं।

अप्रैल में होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग बंद हो जाने की वजह से इराक का तेल भेजना रुक गया था। उसके बाद, इस महीने (मई) में इराक से कुछ मात्रा में तेल भारत पहुंचने में सफल रहा। भारत को मई में अब तक इराक से 51,000 बैरल प्रतिदिन तेल मिला है, जबकि फरवरी में यह संख्या 969,000 बैरल प्रतिदिन थी।

ईरान युद्ध शुरू होने से पहले सऊदी अरब भारत का तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता था। हालांकि, सऊदी अरब से आपूर्ति इस महीने लगभग आधी होकर 340,000 BPD रह गई है, जो कि अप्रैल में यह 670,000 BPD थी।

रूस अभी भी सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता
भारत और रूस के बीच का संबंध किसी से छुपा नहीं है। वेनेजुएला से तेल की खरीद बढ़ने के बाद भी रूस अभी हमारा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता देश बना हुआ है। अप्रैल में रूस से 1570,000 बैरल प्रतिदिन तेल भारत आता था जो मई में 1983,000 बैरल प्रतिदिन हो गया है। रूस के बाद मई महीने में UAE सबसे बड़ा तेल भेजने वाला देश बना है।

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