Tuesday, June 30, 2026
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Business : बढ़ी या घटी? देश में आज कितनी है पेट्रोल-डीजल की कीमत, फटाफट चेक करें लेटेस्ट रेट

अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजारों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत सरकार ने संकेत दिया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी स्थिर रहने की उम्मीद है. पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक तेल बाजारों में भले ही भारी उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 3 अप्रैल, 2026 को स्थिर बनी हुई हैं. तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अमूमन हर दिन सुबह 6 बजे ईंधन की कीमतें अपडेट करती हैं और उन्हें वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और मुद्रा विनिमय दरों में होने वाले बदलावों के अनुरूप रखती हैं.

आज भारत में तेल कंपनियों ने फिलहाल कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है. अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजारों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत सरकार ने संकेत दिया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी स्थिर रहने की उम्मीद है. इसके तहत, कीमतों में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव के एक हिस्से को तेल कंपनियां खुद वहन करेंगी ताकि उपभोक्ताओं को कोई झटका न मिले. इस हफ्ते की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 115 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई थीं, लेकिन तनाव कम होने के संभावित संकेतों के बाद उनमें नरमी आई है.

बता दें कि ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के चलते वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें अत्यधिक अस्थिर रही हैं. इस संकट ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के जरिए तेल शिपमेंट में संभावित रुकावटों के बारे में चिंताएं बढ़ा दी है. यह एक ऐसा रास्ता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 परसेंट हिस्सा गुजरता है. बता दें कि ग्लोबल में तेल की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव को मैनेज करने के लिए दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए गए हैं. भारत में भले ही कीमतें स्थिर हैं, लेकिन तेल कंपनियों (OMCs) को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.

सरकार ने हाल ही में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये की कटौती की है. इससे तेल कंपनियों को कीमतों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हुई बढ़ोतरी का भार उठाना पड़ रहा है. पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा का कहना है कि पेट्रोल की बिक्री पर फिलहाल कंपनियों को 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर प्रति लीटर करीब 104 रुपये का नुकसान हो रहा है. इसकी भरपाई कंपनियां अपने मुनाफे से कर रही हैं.

देश में आज पेट्रोल-डीजल की कीमत

शहरपेट्रोल (प्रति लीटर)डीजल (प्रति लीटर)
नई दिल्ली94.77 रुपये87.67 रुपये
मुंबई103.54 रुपये90.03 रुपये
कोलकाता105.45 रुपये92.02 रुपये
चेन्नई 100.80 रुपये92.39 रुपये
बेंगलुरु102.92 रुपये90.99 रुपये
लखनऊ94.65 रुपये 87.76 रुपये
पोर्ट ब्लेयर82.46 रुपये 78.05 रुपये
जयपुर104.88 रुपये90.36 रुपये
पटना105.18 रुपये92.04 रुपये

Sports : 100 छक्कों का अनोखा रिकॉर्ड बनाया अभिषेक शर्मा ने किया बड़ा कारनामा, अब सिर्फ इस प्लेयर से पीछे

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अभिषेक शर्मा ने गुरुवार को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 21 गेंदों में 48 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली. इस पारी में 4 छक्के लगाकर अभिषेक ने एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. अभिषेक शर्मा ने गुरुवार को ईडन गार्डन्स पर कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में 48 रनों की विस्फोटक पारी खेली. 228.57 की स्ट्राइक रेट से खेली इस पारी में अभिषेक ने 4 छक्के लगाकर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया. वह सनराइजर्स हैदराबाद के लिए 100 छक्के लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए, उन्होंने इस रिकॉर्ड लिस्ट में केन विलियमसन और हेनरिक क्लासेन को पछाड़ा.

IPL 2026 के छठे मैच में अजिंक्य रहाणे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी. अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड ने सनराइजर्स हैदराबाद शानदार शुरुआत दिलाई, दोनों ने पहले विकेट के लिए 82 रनों की साझेदारी की. पहला विकेट हेड के रूप में छठे ओवर की चौथी गेंद पर गिरा, इसके बाद नौवें ओवर में ईशान किशन आउट हो गए. नौवें ही ओवर इ ब्लेसिंग मुजारबानी ने अभिषेक को भी आउट किया, उन्होंने 21 गेंदों में 48 रन बनाए.

अभिषेक शर्मा ने 2018 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हुए अपने आईपीएल करियर की शुरुआत की थी, अगले साल वह सनराइजर्स हैदराबाद में शामिल हुए और अभी तक इसी फ्रेंचाइजी का अहम हिस्सा हैं. उन्होंने इस फ्रेंचाइजी के लिए 100 छक्के जड़ दिए हैं, वह ऐसा करने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं. अभिषेक के 101 छक्के हो गए हैं, वह अब सिर्फ फ्रेंचाइजी के पूर्व कप्तान डेविड वार्नर से पीछे हैं.

डेविड वार्नर ने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए आईपीएल में कुल 143 छक्के लगाए हैं, अभिषेक के 101 छक्के पूरे हो गए. हेनरिक क्लासेन ने 89 और केन विलियमसन ने 64 छक्के लगाए हैं. आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज अभिषेक ने आईपीएल में कुल 79 मैच खेले हैं, जिनमें खेली 76 पारियों में उन्होंने 1871 रन बनाए हैं. उनका आईपीएल में सर्वाधिक स्कोर 141 रन का है, जो लीग में उनकी एकमात्र शतकीय पारी भी है. अभिषेक ने आईपीएल में 9 अर्धशतक लगाए हैं. सनराइजर्स हैदराबाद का अगला मैच लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ रविवार, 5 अप्रैल को है.

Bollywood : ‘ये एक मेंटल हेल्थ इश्यू है’, शराब की लत पर जाह्नवी कपूर की बेबाक राय, बोलीं- ‘इलाज और दखल की जरूरत’

जाह्नवी कपूर ने हाल ही में एक इवेंट के दौरान शराब की लत पर बात की है कहा कि ये एक मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या है और इसके लिए इलाज जरूरी है. बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने हाल ही में एक इवेंट में शराब की लत के खतरों के बारे में बात की. इस कार्यक्रम में उन्होंने एक ऐसी पहल को सपोर्ट किया, जिसका मकसद शराब की लत को लेकर लोगों के बीच होने वाली बातचीत को चुप्पी और आलोचना से हटाकर, क्लिनिकल अंडरस्टैंडिंग, सेल्फ अवेयरनेस और इलाज तक ले जाना है.

‘ऑफ द रॉक्स’ के लॉन्च पर बोलते हुए जाह्नवी ने कहा कि उन्होंने देखा है कि जैसे-जैसे सामाजिक जीवन में शराब पीना ज़्यादा से ज़्यादा आम होता जा रहा है, इस बात को लेकर बहुत कम जागरूकता है कि कब सामाजिक तौर पर शराब पीना एक मेडिकल समस्या बन जाता है.

एक्ट्रेस ने कहा, “शराब को लेकर बातचीत या तो बिल्कुल होती ही नहीं है या फिर बहुत ज़्यादा जजमेंटल होती है और इन दोनों ही तरीकों से उन लोगों की कोई मदद नहीं होती जिन्हें असल में सहारे की ज़रूरत होती है. शराब की लत एक असल में एक मेडिकल समस्या है, और यह हर तबके के लोगों को प्रभावित करती है. इस पहल का मकसद इस बात को स्वीकार कर आसान बनाना है, और यह बताना है कि मदद उपलब्ध है.”

एक्ट्रेस ने इस बारे में बात की कि कैसे शराब की लत को अक्सर एक नैतिक कमज़ोरी के तौर पर देखा जाता है जो कि यह बिल्कुल नहीं है और इसे कभी भी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी समस्या नहीं माना जाता जिसके लिए इलाज और दखल की ज़रूरत हो.

जाह्नवी कपूर आखिरी बार बड़े पर्दे पर शशांक खेतान द्वारा निर्देशित रोमांटिक कॉमेडी फ़िल्म ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ में नज़र आईं थीं जिसमें उनके साथ वरुण धवन, सान्या मल्होत्रा ​​और रोहित सराफ़ भी थे. जाह्नवी अब तेलुगू फ़िल्म ‘पेड्डी’ में राम चरण के साथ नज़र आएंगी, जो 30 अप्रैल 2026 को रिलीज़ होने वाली है. ये फ़िल्म जाह्नवी का दूसरा पैन-इंडिया प्रोजेक्ट है. इससे पहले पिछले साल वह ‘देवरा’ में नज़र आई थीं, जिसमें जूनियर एनटीआर और सैफ़ अली खान लीड रोल में थे.

Rajasthan News : रणथंभौर टाइगर सफारी में अब घूमना हुआ महंगा

रणथंभौर टाइगर रिजर्व में अब देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए घूमाना महंगा हो जाएगा. क्योंकि वन विभाग ने सफारी टिकट के दामों को बढ़ा दिया है. जिसके पीछे कई कारण है. राजस्थान के प्रसिद्ध रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सफारी टिकट के दाम बढ़ा दिए गए हैं, जिसका सीधा असर अब देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों पर पड़ने लगा है. नई दरें लागू होते ही पर्यटकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है और इससे पर्यटन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.

वन विभाग की ओर से सफारी शुल्क में की गई इस बढ़ोतरी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि पार्क के रखरखाव, वन्यजीव संरक्षण और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है. हालांकि, पर्यटक इस फैसले से खुश नजर नहीं आ रहे हैं.

नई दरों के अनुसार, जिप्सी और कैंटर सफारी दोनों के टिकट पहले के मुकाबले महंगे हो गए हैं. खासकर विदेशी पर्यटकों के लिए शुल्क में अधिक बढ़ोतरी की गई है. वहीं, ऑनलाइन बुकिंग के दौरान भी अतिरिक्त चार्ज बढ़ने से कुल खर्च और ज्यादा हो रहा है. ऐसे में परिवार के साथ घूमने आने वाले पर्यटकों को अब पहले से ज्यादा बजट तैयार करना पड़ेगा.

कैंटर सफारी (20 सीटर) के लिए

भारतीय पर्यटक : पहले ₹888 → अब बढ़कर ₹986.63 प्रति व्यक्ति
विदेशी पर्यटक : पहले ₹2176.10 → अब ₹2399.63 प्रति व्यक्ति

जिप्सी सफारी (6 सीटर) के लिए

भारतीय पर्यटक: पहले ₹1455.17 → अब ₹1611.80 प्रति व्यक्ति
विदेशी पर्यटक: पहले ₹2743.17 → अब ₹3024.80 प्रति व्यक्ति

यानी हर टिकट पर लगभग 100 से 300 रुपये तक का इजाफा हुआ है, जो परिवार के साथ आने वाले पर्यटकों के लिए बड़ा खर्च साबित हो सकता है. पर्यटकों का कहना है कि पहले ही रणथंभौर की सफारी काफी महंगी मानी जाती थी और अब कीमत बढ़ने से आम लोगों के लिए यहां घूमना मुश्किल हो सकता है. कई पर्यटकों ने यह भी कहा कि अगर इसी तरह कीमतें बढ़ती रहीं, तो वे अन्य सस्ते पर्यटन स्थलों की ओर रुख कर सकते हैं.

स्थानीय पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों की चिंता भी बढ़ गई है. होटल मालिकों, गाइड्स और ट्रैवल एजेंट्स का मानना है कि टिकट महंगे होने से पर्यटकों की संख्या में गिरावट आ सकती है, जिसका असर उनके कारोबार पर पड़ेगा. रणथंभौर का पर्यटन भी पूरी तरह से सफारी पर निर्भर है, ऐसे में टिकट की कीमत बढ़ना पूरे इकोसिस्टम को प्रभावित कर सकता है. हालांकि, वन विभाग का तर्क है कि सीमित संख्या में ही पर्यटकों को एंट्री दी जाती है ताकि वन्यजीवों को कोई नुकसान न पहुंचे. ऐसे में शुल्क बढ़ाकर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है. साथ ही, इससे मिलने वाली राशि को संरक्षण कार्यों में लगाया जाएगा.

फिलहाल, टिकट दरों में हुई बढ़ोतरी को लेकर पर्यटकों और स्थानीय कारोबारियों में असंतोष देखा जा रहा है. अब देखने वाली बात होगी कि आने वाले समय में यह फैसला पर्यटन पर कितना असर डालता है और क्या सरकार इस पर दोबारा विचार करती है या नहीं.

Bihar News : बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब कांड! 4 लोगों की मौत और कई बीमार, 2 ने गंवाई आंखों की रोशनी

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मोतिहारी के रघुनाथपुर थाना व तुरकौलिया थाना संयुक्त रूप से करवाई में जुटी है. पुलिस ने घटना स्थल का दौरा कर जायजा लिया है. साथ ही शराब की स्त्रोत का पता करने में जुटी है. मोतिहारी में कथित जहरीली शराब कांड में चार लोगों की मौत हो गई है. वहीं कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं. अस्पताल में भर्ती 2 लोगों की आंख की रोशनी गायब होने की बात सामने आ रही है. कथित जहरीली शराब कांड मोतिहारी के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव की बताई जा रहा है.

बीते बुधवार(01 अप्रैल) की रात 30-40 लोगों ने स्प्रिट से बनी शराब का सेवन किया था. जिसके बाद एक युवक की जहरीली शराब पीने से संदिग्ध मौत हो गई थी. साथ ही कई लोगों की तबियत बिगड़ गई थी. जिनको इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान तीन और लोगों की मौत हो चुकी है.कथित जहरीली शराब पीने से मौत की अधिकारी पुष्टि नही हुई है. मृतक कि पहचान तुरकौलिया थाना क्षेत्र के प्रमोद यादव के रूप में हुई है. जिसके शव को तुरकौलिया थाना के द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया है. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है ताकि मौत का कारण की पुष्टि हो सकेगा.

वहीं चौथे व्यक्ति की कथित जहरीली शराब के सेवन के बाद इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह मौत हुई. जिसकी पहचान तुरकौलिया थाना क्षेत्र के परीक्षण माझी के रूप में हुई है. इससे पहले चंदू की मौत के बाद परिजनों ने आनन-फानन में शव को जला दिया है.

जहरीली शराब के सेवन के बाद लड्डू साह एवं लोहा सिंह के साथ एक अन्य की तबियत भी बिगड़ गई थी. फिलहाल दोनों का इलाज कराया जा रहा है. अस्पताल में भर्ती लोग अभी बातचीत करने की हालत में नहीं हैं. वहीं लड्डू साह एवं लोहा सिंह की आंख की रौशनी इलाज के बाबजूद अभी तक नही लौटी है.

मोतिहारी के रघुनाथपुर थाना व तुरकौलिया थाना संयुक्त रूप से करवाई में जुटी है. पुलिस ने घटना स्थल का दौरा कर जायजा लिया है. साथ ही जहरीले शराब की स्त्रोत का पता करने में जुटी है. तुरकौलिया थाना पुलिस के द्वारा गुरुवार की देर रात पोस्टमार्टम करा शव को परिजनों को सौंप दिया गया है. पुलिस अभी कुछ भी बोलने से परहेज बरत रही है.

World : ट्रंप के झूठ का अमेरिकी रिपोर्ट में ही पर्दाफाश, ईरान के पास अभी भी मिसाइलों की भयंकर भरमार, हजारों ड्रोन एक्टिव

अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, लगातार हमलों के बावजूद ईरान की सैन्य ताकत पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक बड़ी खुफिया रिपोर्ट ने अमेरिका और इज़राइल के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अमेरिकी खुफिया सूत्रों के अनुसार, पिछले पांच हफ्तों से लगातार हमलों के बावजूद ईरान की सैन्य ताकत पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.

CNN को मिली जानकारी के मुताबिक, ईरान की करीब आधी मिसाइल लॉन्चिंग क्षमता और हजारों ड्रोन अब भी सक्रिय हैं, जो पूरे क्षेत्र के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं. रिपोर्ट यह भी दिखाती है कि अमेरिकी प्रशासन की बयानबाजी और जमीनी हकीकत में काफी अंतर है.
सूत्रों के मुताबिक, ईरान के करीब आधे मिसाइल लॉन्चर अभी भी सुरक्षित हैं. इसके साथ ही, लगभग 50% ड्रोन अब भी उनके पास मौजूद हैं. हालांकि अमेरिकी और इज़राइली हमलों ने ईरान की सैन्य ताकत को कुछ हद तक कमजोर जरूर किया है, लेकिन कई मिसाइल, लॉन्चर और तटीय क्रूज मिसाइलें अब भी बरकरार हैं. ये मिसाइलें खासकर स्ट्रेट ऑफ होरमज में जहाजों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती हैं. बताया जा रहा है कि अमेरिका अब तक 12,300 से ज्यादा टारगेट पर हमले कर चुका है और कई बड़े ईरानी नेताओं को मार गिराने का दावा किया गया है. पेंटागन के मुताबिक, ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले लगभग 90% तक घट गए हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता काफी कम हो गई है और उनके हथियार कारखाने और लॉन्चर पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं. लेकिन खुफिया रिपोर्ट इस दावे को पूरी तरह सही नहीं मानती. सूत्रों के अनुसार, ईरान के कई मिसाइल लॉन्चर और ड्रोन अभी भी सक्रिय हैं. इसके अलावा, ईरान की अंडरग्राउंड टनल और मोबाइल लॉन्च सिस्टम उन्हें अब भी मजबूत बनाए हुए हैं.

अमेरिका और इज़राइल ने अब तक ईरान की कई सैन्य सुविधाओं और नेताओं को निशाना बनाया है. इनमें सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख अली लारिज़ानी भी शामिल बताए जा रहे हैं. हालांकि अमेरिकी मीडिया में कहा गया कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले कम हुए हैं, लेकिन ये ताकतें अभी भी पूरी तरह नष्ट नहीं हुई हैं. मिसाइल लॉन्चरों की संख्या जरूर घटी है, लेकिन कुछ लॉन्चर अभी भी भूमिगत या सुरक्षित जगहों पर मौजूद हैं, जिससे उन्हें पूरी तरह खत्म करना आसान नहीं है.

ईरान ने लंबे समय से अपने मिसाइल लॉन्चरों को भूमिगत टनल और गुफाओं में छिपाकर रखा है. इसी वजह से अमेरिका और इज़राइल के लिए इन्हें निशाना बनाना मुश्किल हो गया है. मोबाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म्स भी ईरान की ताकत को बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. अमेरिका ने टनल के प्रवेश द्वार और भारी मशीनरी को निशाना बनाकर उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान की कोस्टल क्रूज मिसाइलें और कुछ ड्रोन अब भी खतरनाक बने हुए हैं.

ईरानी नौसेना को काफी नुकसान हुआ है, लेकिन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की छोटी नौकाएं और बिना चालक वाले सतही जहाज अब भी मौजूद हैं. इनका इस्तेमाल स्ट्रेट ऑफ होरमज में जहाजों पर हमले के लिए किया जा सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार प्रभावित हो सकता है. सूत्रों का कहना है कि ईरान की बची हुई ताकत अभी भी अमेरिका और इज़राइल के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है.पेंटागन के अनुसार, ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले काफी कम हो गए हैं और अमेरिकी सेना को एयर डॉमिनेंस हासिल है.

लेकिन खुफिया सूत्रों का कहना है कि ईरान अभी भी अपने मिसाइल और ड्रोन प्लेटफॉर्म्स के जरिए हमला करने की क्षमता रखता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह सुरक्षित करना अभी भी चुनौतीपूर्ण है और ईरान की कोस्टल मिसाइलें और भूमिगत लॉन्च सिस्टम अमेरिकी सेना के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं.इस पूरी रिपोर्ट से साफ है कि अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के बावजूद ईरान की मिसाइल और ड्रोन ताकत अभी भी खतरा बनी हुई है. यानी यह कहना गलत नहीं होगा कि ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और इसे पूरी तरह नष्ट करना फिलहाल आसान नहीं है.

World : ईरान युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने लगाया 100 प्रतिशत टैरिफ! अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसले से किसे लगेगा झटका?

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध के बीच बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने फार्मास्युटिकल कंपनियों पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की है. अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा फैसला किया है. उन्होंने फार्मास्युटिकल कंपनियों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है, लेकिन जो कंपनियां अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग या प्राइसिंग डील करेंगी, उन्हें छूट मिल सकती है. व्हाइट हाउस के इस फैसले की वजह से दवा कंपनियों को मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है. ट्रंप ने यह घोषणा उस वक्त की है, जब ईरान युद्ध की वजह से दुनिया के कई देश प्रभावित हुए हैं.

व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिका में आने वाली पेटेंट वाली दवाओं पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगेगा, लेकिन कंपनियाँ प्रशासन के साथ डील करके इन टैक्सों से बच सकती हैं. ट्रंप की ओर से इसको लेकर कई बार धमकी दी जा चुकी थी और उन्होंने गुरुवार (2 अप्रैल) को इसकी घोषणा कर दी. व्हाइट हाउस ने कहा कि इन टैरिफ का मकसद अमेरिका में जरूरी दवाओं के उत्पादन को बढ़ाकर राष्ट्रीय सुरक्षा के जोखिमों को कम करना है.

ट्रंप ने एक बड़ा आदेश जारी किया है, जिसके तहत स्टील, एल्युमिनियम और कॉपर के आयात पर भारी टैक्स (टैरिफ) लगाया गया है. सरकार का कहना है कि यह कदम देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है. प्रशासन ने कहा कि इस कदम से पिछली नीतियों में मौजूद उन कमियों को दूर किया जा सकेगा, जिनका फायदा उठाया जा रहा था. नए नियमों के तहत, ज्यादातर स्टील और एल्युमिनियम उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक टैक्स लगाया जाएगा. वहीं, इनसे बने कुछ अन्य प्रोडक्ट्स पर 25 प्रतिशत टैक्स लगेगा.

आईएएनएस की खबर के मुताबिक पहले लगाए गए टैरिफ के बाद अमेरिका में एल्युमिनियम और स्टील का प्रोडक्शन बढ़ा है. एल्युमिनियम की क्षमता का इस्तेमाल करीब 50.4 प्रतिशत और स्टील का 77.2 प्रतिशत तक पहुंच गया है. सरकार का कहना है कि अब इन आंकड़ों को 80 प्रतिशत के लक्ष्य के करीब लाने के लिए और सख्ती जरूरी है, ताकि कोई भी कंपनियां नए तरीकों से नियमों को दरकिनार न कर सकें.

Delhi News : राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने जारी किया एक और वीडियो, कहा- खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं

आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के फैसले पर पहली बार खुलकर बोला है. राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा- जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं. और शायद मैं ऐसे विषय उठाता हूं, जो आमतौर पर संसद में नहीं उठाए जाते. लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है? मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोका जाए.

उन्होंने कहा कि जी हां, आम आदमी पार्टी ने संसद को सूचित किया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने की अनुमति न दी जाए. अब कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? जब भी मैं बोलता हूं, मैं देश के आम आदमी की बात करता हूं. एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा, जोमैटो-ब्लिंकिट डिलीवरी राइडर्स की समस्या, खाने में मिलावट का मुद्दा, टोल प्लाजा पर बैंक चार्जेज की लूट, मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ, कंटेंट क्रिएटर्स पर स्ट्राइक का मुद्दा, टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 12 महीनों में 13 बार रिचार्ज कराने का मुद्दा, डेटा रोलओवर का मुद्दा, रिचार्ज के बाद इनकम बंद होने का मुद्दा-मैंने ये सभी मुद्दे संसद में उठाए हैं.

सांसद ने कहा कि और इन मुद्दों को उठाने के बाद देश के आम आदमी को फायदा हुआ. लेकिन इससे पार्टी के आम आदमी को क्या फायदा हुआ? कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? कोई मेरी आवाज क्यों दबाना चाहेगा? खैर, आप लोग मुझे असीम प्यार देते हैं. जब भी मैं आपके मुद्दे उठाता हूं, आप मेरा समर्थन करते हैं, मेरी सराहना करते हैं, मुझे प्रोत्साहित करते हैं.

आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि मैं आपका धन्यवाद करना चाहता हूं. इसी तरह मेरा हाथ थामे रखिए और मेरा साथ दीजिए. मुझे मत छोड़िए. मैं आपके साथ हूं और आपके लिए हूं. और जिन्होंने संसद में बोलने का मेरा अधिकार छीन लिया, मेरी आवाज को दबा दिया, मैं उनसे भी कुछ कहना चाहता हूं. मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझिए. मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझिए. मैं वह नदी हूं, जो समय आने पर बाढ़ बन जाती है.

Health : होंठ होंगे इतने गुलाबी कि तमन्ना भाटिया भी आपके सामने लगेगी फीकी, चुकंदर से ऐसे बनाएं लिप बाम

चुकंदर लिप बाम होंठों को सिर्फ मॉइश्चराइज ही नहीं करता, बल्कि उन्हें हल्का नेचुरल गुलाबी टिंट भी देता है. यह होंठों को हेल्दी ग्लो देने में मदद करते हैं.क्या आपके होंठों की रंगत फीकी पड़ गई है और आप नेचुरल तरीके से उन्हें गुलाबी बनाना चाहते हैं? आजकल बाजार में कई प्रोडक्ट्स मिलते हैं, लेकिन केमिकल से भरे इन प्रोडक्ट्स की बजाय घर पर बना चुकंदर लिप बाम एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प बन सकता है. दरअसल, होंठों की त्वचा बहुत पतली और संवेदनशील होती है, जिस पर मौसम, धूप और डिहाइड्रेशन का असर जल्दी दिखाई देता है. यही वजह है कि होंठ सूखे, फटे या काले पड़ने लगते हैं. ऐसे में सही देखभाल और नेचुरल इंग्रेडिएंट्स का इस्तेमाल बेहद जरूरी हो जाता है.

व्यूटी प्रोडक्ट्स के बारे में जानकारी देने वाली बेवसाइट चुकंदर लिप बाम की खास बात यह है कि यह होंठों को सिर्फ मॉइश्चराइज ही नहीं करता, बल्कि उन्हें हल्का नेचुरल गुलाबी टिंट भी देता है. इसमें मौजूद नेचुरल पिगमेंट्स होंठों को हेल्दी ग्लो देने में मदद करते हैं. इसे बनाने के लिए ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं होती. थोड़ी सी बीजवैक्स, नारियल तेल, बादाम तेल और चुकंदर पाउडर मिलाकर इसे आसानी से घर पर तैयार किया जा सकता है. चाहें तो इसमें विटामिन E ऑयल भी मिलाया जा सकता है, जिससे होंठ और ज्यादा सॉफ्ट बने रहते हैं.

बनाने की प्रक्रिया भी आसान है. सबसे पहले सभी ऑयल और वैक्स को हल्की आंच पर पिघलाएं, फिर इसमें चुकंदर पाउडर मिलाएं और अच्छी तरह मिक्स करें. इसके बाद इस मिश्रण को किसी साफ कंटेनर में डालकर ठंडा होने दें. इस लिप बाम का इस्तेमाल करने से होंठों की ड्राइनेस कम होती है और फटे होंठ धीरे-धीरे ठीक होने लगते हैं. इसके साथ ही यह होंठों को स्मूद और सॉफ्ट बनाए रखता है. चुकंदर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन C होंठों की रंगत सुधारने में मदद करते हैं. नियमित इस्तेमाल से होंठों का रंग धीरे-धीरे बेहतर और साफ नजर आने लगता है.

यह ध्यान रखना जरूरी है कि चुकंदर लिप बाम का असर स्थायी नहीं होता. यह एक नेचुरल टिंट देता है, जो समय के साथ हल्का पड़ जाता है, इसलिए इसे नियमित रूप से लगाना जरूरी है. बेहतर परिणाम के लिए होंठों को हाइड्रेट रखना भी जरूरी है. पर्याप्त पानी पीना और धूप से बचाव करना होंठों की हेल्थ को बनाए रखने में मदद करता है. आप चाहें तो चुकंदर के साथ शहद या शुगर स्क्रब का इस्तेमाल करके होंठों की डेड स्किन भी हटा सकते हैं. इससे लिप बाम का असर और बेहतर दिखता है. घर पर बना यह लिप बाम न सिर्फ सस्ता है, बल्कि पूरी तरह नेचुरल भी है. इसमें किसी तरह के हानिकारक केमिकल्स नहीं होते, जिससे यह रोजाना इस्तेमाल के लिए सुरक्षित रहता है.

Business : बड़ी राहत! प्लास्टिक से लेकर टेक्सटाइल तक, 30 जून तक इन उत्पादों की कस्टम ड्यूटी पर मिलेगी छूट

वैश्विक सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है. कुछ जरूरी पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटाने का फैसला किया है.

वैश्विक सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है. वित्त मंत्रालय ने कुछ जरूरी पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर 30 जून 2026 तक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटाने का फैसला किया है. इन उत्पादों का उपयोग प्लास्टिक, कपड़ा और दवा जैसे कई सेक्टर में होता है. इसलिए इस फैसले से कंपनियों की लागत कम होने की उम्मीद की जा रही है. जिसका सीधा फायदा आम लोगों को होगा. चीजों की कीमतें कम होने से राहत मिलने की उम्मीद है.

सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उन इंडस्ट्रीज को होगा, जहां पेट्रोकेमिकल उत्पाद कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं. प्लास्टिक और पैकेजिंग सेक्टर में लागत घटने से उत्पादन बढ़ सकता है. वहीं फार्मा कंपनियों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि कई दवाओं के निर्माण में इनका उपयोग होता है. जिससे दवाएं सस्ती हो सकती है.

इसके अलावा टेक्सटाइल इंडस्ट्री में सिंथेटिक फाइबर और कपड़ों की लागत पर इस फैसले का असर होगा. ऑटोमोबाइल सेक्टर में प्लास्टिक और रबर पार्ट्स सस्ते बनने से मैन्युफैक्चरिंग खर्च घटेगा. जिससे चीजों की कीमतें कम होगी. साथ ही केमिकल और अन्य मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को भी इस कदम से काफी फायदा मिलने की उम्मीद है.

सरकार ने जिन पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर छूट दी है, उनमें कई जरूरी इंडस्ट्रियल केमिकल शामिल हैं. इस लिस्ट में एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन, विनाइल क्लोराइड मोनोमर, मेथनॉल, आइसोप्रोपाइल अल्कोहल, मोनोएथिलीन ग्लाइकोल और फिनोल जैसे पदार्थ शामिल हैं. इसके अलावा एसिटिक एसिड, विनाइल एसीटेट मोनोमर, प्यूरीफाइड टेरेफ्थैलिक एसिड, अमोनियम नाइट्रेट, एथिलीन पॉलिमर, एपॉक्सी रेजिन, फॉर्मल्डिहाइड, यूरिया-फॉर्मल्डिहाइड और मेलामाइन-फॉर्मल्डिहाइड जैसे अन्य उत्पादों को भी इस छूट का फायदा मिलेगा.

सरकार के अनुसार उद्योगों को मिली इस छूट का फायदा आखिरकार आम लोगों को मिलेगा. जब कंपनियों की उत्पादन लागत घटेगी, तो प्लास्टिक उत्पाद, कपड़े, दवाइयों और वाहनों जैसी चीजों की कीमतें कम होने की उम्मीद है. जिससे लोगों को फायदा पहुंच सकता हैं.

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