Tuesday, June 23, 2026
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बजट पेश होने से पहले आम जनता को बड़ा झटका, 25 जनवरी से बस, ऑटो और टैक्सी किराए में इजाफा

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2025 के बजट से देशवासियों को महंगाई में राहत की उम्मीद है, लेकिन बजट पेश होने से पहले आम जनता को बड़ा झटका लगा है। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) ने अपनी बस सेवाओं के किराए में 14.95% की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जो शनिवार, 25 जनवरी से लागू हो गई है। यह वृद्धि हकीम समिति द्वारा निर्धारित फार्मूले के आधार पर की गई है।

MSRTC के किराए में बढ़ोतरी

इस बढ़ोतरी के बाद, MSRTC बसों से यात्रा करने वाले 55 लाख दैनिक यात्रियों को अब अपनी यात्रा के लिए अधिक भुगतान करना होगा। MSRTC के पास 15,000 बसों का विशाल बेड़ा है, जिससे यह भारत के सबसे बड़े बस नेटवर्क में से एक बन गया है।

मुंबई में ऑटो और टैक्सियों के किराए में भी इजाफा

मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण (MMRTA) ने ऑटो रिक्शा और काली-पीली टैक्सियों के आधार किराए में 3 रुपये की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।

  • ऑटो रिक्शा: पहले 23 रुपये था, अब 26 रुपये हो गया।
  • काली-पीली टैक्सी: पहले 28 रुपये था, अब 31 रुपये हो गया।
  • एसी कूल कैब: किराया 40 रुपये से बढ़कर 48 रुपये हो गया।
    ये नई दरें तभी प्रभावी होंगी जब सभी वाहनों के मीटर को नए किराए के अनुसार पुनः कैलिब्रेट कर दिया जाएगा।
पश्चिमी रेलवे का तीन दिवसीय जंबो ब्लॉक

पश्चिमी रेलवे ने 24 से 26 जनवरी तक तीन दिवसीय जंबो ब्लॉक का आयोजन किया है। यह ब्लॉक बांद्रा और माहिम के बीच पुल निर्माण के लिए लिया गया। इस दौरान लंबी दूरी की कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है।

प्रभावित ट्रेनों का विवरण:
  1. मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस (20901): 25 जनवरी को सुबह 6:15 बजे प्रस्थान करेगी।
  2. मुंबई सेंट्रल-अहमदाबाद गुजरात सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22953): 6:40 बजे प्रस्थान करेगी।
  3. मुंबई सेंट्रल-अहमदाबाद शताब्दी एक्सप्रेस (12009): 6:30 बजे प्रस्थान करेगी।
  4. भुसावल-दादर स्पेशल (09052): बोरीवली में शॉर्ट टर्मिनेट होगी और दादर के बीच आंशिक रूप से रद्द रहेगी।
यह किराया वृद्धि और जंबो ब्लॉक का असर आम जनता की जेब पर सीधा पड़ेगा। वहीं, आगामी बजट से राहत की उम्मीदें अब और बढ़ गई हैं।

इस देश में है दुनिया का सबसे सस्ता इंटरनेट, Pakistan भी इस लिस्ट में शामिल

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दुनिया में सबसे सस्ते मोबाइल इंटरनेट डेटा की बात करें तो भारत टॉप 10 देशों में शामिल है लेकिन पहला स्थान नहीं रखता। Cable.co.uk की एक रिपोर्ट के अनुसार, सबसे सस्ता मोबाइल डेटा इजरायल में मिलता है, जहां 1GB डेटा की कीमत मात्र 0.02 डॉलर (करीब 1.70 रुपए) है। यह अध्ययन जून से सितंबर 2023 के बीच 5,600 से अधिक मोबाइल डेटा प्लान के आधार पर तैयार किया गया। वहीं, सबसे महंगा इंटरनेट फॉकलैंड आइसलैंड में है, जहां 1GB डेटा की कीमत करीब 3,340 रुपए है। दिलचस्प बात यह है कि सस्ते मोबाइल डेटा के मामले में पाकिस्तान भी भारत से आगे है।

ज्‍यादातर लोग इंटरनेट इस्तेमाल करते समय सस्ते डेटा प्लान ढूंढते हैं। कई लोग सोचते हैं कि सबसे सस्ता इंटरनेट भारत में है लेकिन यह सच नहीं है। दरअसल, इजरायल में इंटरनेट सबसे सस्ता है। वहां 1GB डेटा की कीमत सिर्फ 0.02 डॉलर है। यह भारत के मुकाबले बहुत कम है। इस सूची में दूसरे नंबर पर इटली है, जहां 1GB डेटा की कीमत 0.08 डॉलर (करीब 8 रुपए)। इसमें फिजी (0.08 डॉलर), सैन मरीनो (0.09 डॉलर) और कंबोडिया (0.12 डॉलर) के बाद छठे पायदान पर पाकिस्तान है। जिन्‍ना के देश में 1GB डेटा 0.13 डॉलर (करीब 11 रुपए) में मिलता है। इसके बाद भारत का नंबर है। यहां एक जीबी डेटा की कॉस्‍ट 0.16 डॉलर (लगभग 13 रुपए) है। फिर किर्गिस्‍तान (0.17 डॉलर), फ्रांस (0.20 डॉलर) और कोलंबिया (0.20 डॉलर) का नंबर है।

सबसे महंगा इंटरनेट

दूसरी तरफ सबसे महंगा इंटरनेट फॉकलैंड आइसलैंड में मिलता है। वहां 1GB डेटा के लिए आपको करीब 3,340 रुपए चुकाने पड़ेंगे। यह कीमत इतनी ज्‍यादा है कि इसमें भारत में एक साधारण मोबाइल फोन खरीदा जा सकता है। बांग्लादेश, मलेशिया, इंडोनेशिया, पोलैंड, चीन और ब्राजील में भी इंटरनेट की कीमतें काफी ज्‍यादा हैं।

कई फैक्‍टर पर न‍िर्भर करती है डेटा की कीमत

इससे पता चलता है कि दुनियाभर में इंटरनेट की कीमतों में बहुत अंतर है। कुछ देशों में इंटरनेट बहुत सस्ता है तो कुछ देशों में बहुत महंगा। यह अंतर कई फैक्‍टर्स पर निर्भर करता है, जैसे कि देश की आर्थिक स्थिति, इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रतिस्पर्धा।

पाकिस्तान जैसे देश में मोबाइल डेटा के सस्‍ते होने का कारण यह है कि ज्‍यादातर लोगों की आय कम है। इसलिए टेलीकॉम कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए सस्ते डेटा प्लान्स ऑफर करती हैं। पाकिस्तान में डेटा नेटवर्क का बुनियादी ढांचा भारत की तुलना में कम विकसित है। इससे कंपनियों को कम लागत में डेटा सेवाएं प्रदान करने में मदद मिलती है। पाकिस्तानी रुपए का मूल्य भारतीय रुपए की तुलना में कम है। इसके कारण डेटा की कीमतें भी कम दिखती हैं।

फिर इतिहास रचने को तैयार भारत, श्रीहरिकोटा से 100वीं लॉन्चिंग करेगा ISRO

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) 29 जनवरी को एक ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ अपने 100वें प्रक्षेपण के लिए तैयार है। इस मिशन के तहत GSLV-F15 रॉकेट के द्वारा NVS-02 उपग्रह को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SHAR) से लॉन्च किया जाएगा। यह प्रक्षेपण भारत के स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम NavIC को एक और मजबूत क्षमता प्रदान करेगा।

मिशन का उद्देश्य NVS-02 उपग्रह का लॉन्च

GSLV-F15 मिशन की उड़ान ISRO के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत के स्वदेशी नेविगेशन उपग्रह प्रणाली NavIC को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य NVS-02 उपग्रह को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में स्थापित करना है। NVS-02, NavIC प्रणाली का दूसरा उपग्रह है, जो सटीक स्थिति निर्धारण सेवाओं को और बेहतर बनाएगा।

भारत की स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली है NavIC

NavIC (Navigation with Indian Constellation) भारत की स्वदेशी क्षेत्रीय नेविगेशन सैटेलाइट प्रणाली है, जिसे विशेष रूप से भारतीय उपमहाद्वीप में सटीक स्थिति, वेग और समय (PVT) सेवाएँ प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह प्रणाली भारतीय भूभाग से लगभग 1,500 किलोमीटर दूर तक कार्य करती है। NavIC में दो प्रकार की सेवाएँ शामिल हैं—मानक पोजिशनिंग सेवा (SPS), जो 20 मीटर तक की सटीकता प्रदान करती है, और प्रतिबंधित सेवा (RS), जो अतिरिक्त नेविगेशन सुविधाएँ देती है।

NVS-02 उपग्रह क्या है?

NVS-02 उपग्रह दूसरी पीढ़ी का उपग्रह है और इसमें एक मानक I-2K बस प्लेटफ़ॉर्म है। इसका लिफ्ट-ऑफ द्रव्यमान 2,250 किलोग्राम है और इसमें लगभग 3 किलोवाट की पावर हैंडलिंग क्षमता है। इस उपग्रह में एल1, एल5 और एस बैंड में नेविगेशन पेलोड, और सी-बैंड में रेंजिंग पेलोड होगा। यह उपग्रह आईआरएनएसएस-1ई की जगह 111.75 डिग्री पूर्व में तैनात किया जाएगा।

प्रक्षेपण की तकनीकी क्षमता

इस प्रक्षेपण में ISRO की तकनीकी विशेषज्ञता और स्वदेशी क्रायोजेनिक चरणों का उपयोग किया जाएगा। GSLV-F15 रॉकेट की यह उड़ान GSLV की 17वीं उड़ान है और स्वदेशी क्रायोजेनिक चरण वाली 11वीं उड़ान है, जो ISRO की तकनीकी क्षमता को और मजबूत करती है। इस मिशन में धातु के पेलोड फेयरिंग का उपयोग किया जाएगा और प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा के दूसरे लॉन्च पैड (SLP) से होगा।

इसरो की उपलब्धि और भविष्य की दिशा

NVS-02 का प्रक्षेपण इसरो की सफलता की दिशा में एक और कदम है। यह भारत के स्वदेशी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और नेविगेशन प्रणालियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके अलावा, NVS-02 उपग्रह में स्वदेशी और खरीदी गई परमाणु घड़ियों का संयोजन है, जो सटीक समय निर्धारण के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

ठाणे में बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई, 5 अवैध नागरिक गिरफ्तार

महाराष्ट्र में ठाणे पुलिस ने बांग्लादेशियों के खिलाफ एक्शन लिया है। पुलिस का आरोप है कि यहां पर 5 लोग अवैध तरीके से रह रहे थे। इस संबंध में ठाणे के कल्याण और डोंबीवली इलाकों में छापेमारी की। कल्याण के डीसी जोन-3 अतुल जेंडे ने बताया कि इस मामले में चार महिलाएं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया गया है। सभी लोग छोटे-मोटे काम कर रहे थे।

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पुलिस के मुताबिक ये लोग गांधी नगर की एक झुग्गी बस्ती में रह रहे थे। जब इनसे वैध दस्तावेज मांगे गए तो उन्होंने कुछ नहीं दिखाया। इसके बाद पुलिस ने पांचों आरोपियों को विदेशी नागरिक कानून और भारतीय पासपोर्ट कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब मामले की आगे जांच कर रही है।

23 दिसंबर को ठाणे पुलिस ने 25 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया था। ये सभी डोंबिवली, मानपाड़ा और भिवंडी इलाकों से पकड़े गए थे। उनके पास भारत में रहने का कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं था, जिसके बाद उनके खिलाफ मानपाड़ा और भिवंडी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। पुलिस को जानकारी मिली थी कि इन इलाकों में बांग्लादेशी नागरिक अवैध तरीके से रह रहे हैं, इसके बाद पुलिस ने एक अभियान चलाकर उन्हें पकड़ा। ठाणे पुलिस का यह अभियान अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ लगातार चल रहा है।

जब से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई और महाराष्ट्र में अवैध तरीके से रह रहे विदेशियों के लिए अलग डिटेंशन सेंटर बनाने की बात की है, तब से महाराष्ट्र पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई शुरू कर दी है।

महाकुंभ में CM योगी ने दिया एकता का संदेश, कहा- सनातन धर्म एक विराट वट वृक्ष की तरह

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को महाकुंभ मेले में हिस्सा लिया और इस आयोजन को एकता का संदेश देने वाला और देश-दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म एक विशाल वट वृक्ष की तरह है और इसकी तुलना किसी छोटे झाड़ से नहीं की जा सकती। प्रयागराज में आयोजित अखिल भारतीय अवधूत भेष बारह पंथ-योगी महासभा के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह बातें कहीं।

सनातन धर्म ही एकमात्र सही धर्म
योगी ने कहा, “दुनिया में कई धर्म और उपासना विधियां हो सकती हैं, लेकिन सनातन धर्म ही एकमात्र सही धर्म है, जो मानवता का धर्म है। भारत में जितनी भी उपासना विधियां हैं, वे भले ही अलग-अलग पंथों से जुड़ी हों, लेकिन सबकी आस्था और निष्ठा सनातन धर्म से ही जुड़ी है। इसका उद्देश्य एक ही है।”

एकता से ही देश अखंड रहेगा
मुख्यमंत्री ने महाकुंभ के महत्व को बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था, “महाकुंभ का संदेश यह है कि एकता से ही देश अखंड रहेगा।” योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि भारत की सुरक्षा से जुड़ा हर पंथ और संप्रदाय एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़ा है, और किसी भी संकट से निपटने के लिए हम सबको एकता का संदेश देना होगा। उन्होंने आगे कहा, “भारत सुरक्षित है तो हम सभी सुरक्षित हैं। अगर भारत पर संकट आता है तो वह सभी धर्मों और पंथों पर आएगा, इसलिए हमें एकजुट रहना होगा।”

सीएम योगी ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया 
योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर पवित्र त्रिवेणी संगम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति के अवसर पर डुबकी लगाने आए लाखों श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि महाकुंभ में पिछले 10 दिनों में 10 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं, और अगले 35 दिनों में यह संख्या 45 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।  मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि हमें देश की एकता और समाज की एकता को किसी भी हालत में खंडित नहीं होने देना है।

भाषा के नाम पर हमें बांटने की हो रही कोशिश
उन्होंने कहा, “कुछ लोग हमें बांटना चाहते हैं, भाषा के नाम पर हमें बांटने की कोशिश कर रहे हैं। हमें उन लोगों के षड्यंत्र से बचना होगा और संतों को नकारात्मकता से दूर रखना होगा।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न तीर्थ स्थलों से आए महंतों और आचार्यों को सम्मानित किया। उन्होंने जूना पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज, परमात्मानंद महाराज, निर्मलानंद महाराज समेत कई अन्य संतों को शॉल ओढ़ाकर और गोरखनाथ जी की प्रतिमा भेंट कर उनका स्वागत किया।

मरीजों से डॉक्टरों में फैल सकती हैं गंभीर बीमारियां, कैंसर भी है शामिल

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कैंसर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन यह संक्रामक नहीं होती है और शारीरिक संपर्क से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैल सकती। कैंसर तब होता है जब शरीर की कोशिकाएं अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं। शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इन असामान्य कोशिकाओं को नष्ट कर देती है, इसलिए यह बीमारी दूसरों तक नहीं पहुंचती।

हालांकि, कुछ वायरस और बैक्टीरिया कैंसर के कारण बन सकते हैं। उदाहरण के लिए, HPV (ह्यूमन पापिलोमा वायरस) गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का कारण हो सकता है, लेकिन यह वायरस शारीरिक संपर्क से फैलता है, न कि कैंसर खुद।

कुछ दुर्लभ मामलों में, अगर किसी व्यक्ति को अंग प्रत्यारोपण से कैंसर का संक्रमण हुआ हो, तो वह व्यक्ति से दूसरे को फैल सकता है। इसलिए अंग प्रत्यारोपण से पहले हर चीज की सख्त जांच की जाती है।

अगर कैंसर संक्रामक होता, तो जैसे हम फ्लू से संक्रमित होते हैं, वैसे ही कैंसर के प्रकोप की स्थिति होती। इसके बावजूद, कुछ परिवारों में कैंसर का जोखिम अधिक हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि परिवार के सदस्य एक-दूसरे को यह बीमारी फैला रहे हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि परिवार के सदस्य एक जैसे जीन और समान जीवनशैली के होते हैं, जैसे कि आहार या धूम्रपान की आदतें।

इसके अलावा, यह गलतफहमी है कि शुगर खाने से कैंसर तेजी से बढ़ता है। कैंसर रिसर्च यूके के अनुसार, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि शुगर छोड़ने से कैंसर का खतरा कम होता है। कुछ लोगों को लगता है कि डिओ या हेयर डाई से कैंसर हो सकता है, लेकिन अभी तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है। हालांकि, डिओ में ऐल्युमिनियम और पैराबेन जैसे पदार्थ हो सकते हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं, और हेयर ड्रेसर्स को भी केमिकल्स से जोखिम हो सकता है, जिससे उन्हें ब्लैडर कैंसर का खतरा हो सकता है।

रांची के मोरहाबादी मैदान में कल राज्यपाल फहराएंगे झंडा, तैयारियां पूरी; सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

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भारत के संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में हर साल गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। इसकी वजह से भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया। कल यानी रविवार को भारत 76वें गणतंत्र दिवस का जश्न मनाएगा। वहीं, झारखंड में गणतंत्र दिवस की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।

गणतंत्र दिवस को लेकर राज्य में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मोरहाबादी मैदान में पुलिस प्रशासन ने 1000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है, जिसमें RAF, JAP, JIRB, जिला पुलिस बल और अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। इस दौरान पुलिस मुख्यालय ने विधायकों और मंत्रियों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया है। सुरक्षा के मद्देनजर रांची के ट्रैफिक में भी बदलाव किया गया है। बड़े वाहनों को सुबह 6:00 बजे से लेकर रात 10:00 बजे तक शहर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। मोरहाबादी मैदान और आसपास की सुरक्षा के लिए ड्रोन से निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही वज्र वाहन और वाटर कैनन की तैनाती की गई है।

बता दें कि कल रांची के मोरहाबादी मैदान में सुबह 9:00 बजे झंडा फहराया जाएगा। राज्यपाल संतोष गंगवार ध्वजारोहण करेंगे। इस दौरान समारोह में मंईयां सम्मान योजना की सफलता को प्रमुख रूप से दर्शाया जाएगा। झांकियों के माध्यम से मंईयां सम्मान योजना से जुड़ी खुशहाली और इसके लाभों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया जाएगा।

भारत-इंडोनेशिया के बीच कई समझौतों पर हुए हस्ताक्षर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ व्यापक वार्ता की। बातचीत में दोनों देशों ने समग्र द्विपक्षीय संबंधों को नयी गति देने, खासकर रक्षा विनिर्माण तथा आपूर्ति श्रृंखला के क्षेत्रों में संयुक्त रूप से काम करने पर सहमति जताई। भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए सुबियांतो रविवार को कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।

PunjabKesariप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की उपस्थिति में दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत और इंडोनेशिया के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर भी हुए। इस दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए

इंडोनेशिया इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बना
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा, “भारत के पहले गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशिया मुख्य अतिथि था, और हमें गर्व है कि इस बार भी भारत के 75वें गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशिया एक बार फिर इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बना है।”

अपने वक्तव्य में मोदी ने इंडोनेशिया को 10 देशों के आसियान समूह के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत का “महत्वपूर्ण साझेदार” बताया और कहा कि दोनों देश इस क्षेत्र में नियम-आधारित व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य ताकत पर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच मोदी ने कहा, “हम इस बात पर सहमत हैं कि नौवहन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप सुनिश्चित की जानी चाहिए।”

इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा 
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की।” उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया रक्षा विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला पर संयुक्त रूप से काम करने पर सहमत हुए हैं। मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में हुए समझौते से अपराध रोकथाम, खोज एवं बचाव तथा क्षमता निर्माण में सहयोग और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने समग्र आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए व्यापार क्षेत्र में विविधता लाने और बाजार पहुंच की आवश्यकता पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने का फैसला किया है।” उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद निरोध और कट्टरपंथ से मुक्ति के क्षेत्र में सहयोग पर जोर दिया। वार्ता में भारतीय पक्ष ने इंडोनेशिया की ब्रिक्स सदस्यता का भी स्वागत किया।

 

भारत के साथ साझेदारी को बढ़ाने की जरूरत- इंडोनेशिया
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने बातचीत को सार्थक बताते हुए कहा कि दोनों पक्ष साझा हितों के कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। सुबियांतो ने कहा, ‘‘मैंने अपने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हमें भारत के साथ आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने की जरूरत है।”

किडनी स्टोन का दर्द होगा गायब, अपनाएं ये घरेलू उपाय

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किडनी स्टोन एक ऐसी समस्या है, जो किसी भी व्यक्ति को दर्द और असुविधा का सामना करवा सकती है। यह तब होता है जब किडनी में मिनरल्स और साल्ट क्रिस्टल्स जमा होकर पथरी का रूप ले लेते हैं। किडनी स्टोन के दर्द की तीव्रता इतनी होती है कि व्यक्ति को तुरंत इलाज की आवश्यकता महसूस होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि किडनी स्टोन के दर्द को घरेलू नुस्खों से भी कम किया जा सकता है? इस लेख में हम आपको कुछ प्रभावी घरेलू नुस्खों के बारे में बताएंगे, जिन्हें आप आसानी से अपने घर पर इस्तेमाल कर सकते हैं और किडनी स्टोन के दर्द से राहत पा सकते हैं।

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किडनी स्टोन के कारण और जोखिम तत्व

किडनी स्टोन के निर्माण के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें आहार, जलवायु, जीवनशैली और पारिवारिक इतिहास शामिल हैं। इसके अलावा, शरीर में पानी की कमी और अनहेल्दी डाइट भी इस समस्या को बढ़ा सकती है। आमतौर पर, 30 से 60 वर्ष की आयु के लोग इस समस्या से अधिक प्रभावित होते हैं, लेकिन आजकल यह समस्या छोटे बच्चों और युवा वयस्कों में भी देखी जा रही है। पुरुषों में किडनी स्टोन का खतरा महिलाओं की तुलना में अधिक होता है, खासकर 40 से 50 साल के बीच। महिलाओं में यह समस्या अधिकतर 20 से 40 साल की उम्र में होती है।

किडनी स्टोन के दर्द को कम करने के घरेलू नुस्खे

किडनी स्टोन का दर्द बेहद तीव्र हो सकता है, लेकिन कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर इसे कम किया जा सकता है। यहां कुछ ऐसे प्रभावी घरेलू नुस्खे दिए गए हैं, जिनसे आप किडनी स्टोन के दर्द को कंट्रोल कर सकते हैं:

नींबू और जैतून का तेल (Lemon and Olive Oil)

नींबू में साइट्रिक एसिड पाया जाता है, जो किडनी स्टोन को टूटने में मदद करता है। वहीं, जैतून का तेल भी इसके टूटने की प्रक्रिया को तेज करता है। एक चम्मच जैतून के तेल में आधे नींबू का रस मिला कर दिन में दो बार पीने से किडनी स्टोन का आकार कम हो सकता है और दर्द में भी राहत मिलती है।

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बेकिंग सोडा और पानी (Baking Soda and Water)

बेकिंग सोडा शरीर के पीएच स्तर को संतुलित करता है और किडनी स्टोन को ढीला करने में मदद करता है। इसके लिए एक गिलास पानी में एक छोटा चम्मच बेकिंग सोडा डालकर पीने से किडनी के स्टोन में आराम मिलता है। यह नुस्खा किडनी के दर्द को भी कम करता है और स्टोन को बाहर निकालने में सहायक है।

तरबूज (Watermelon)

तरबूज में उच्च मात्रा में पानी होता है, जो किडनी को फ्लश करने में मदद करता है। इसके अलावा, तरबूज में पोटेशियम भी होता है, जो किडनी स्टोन को बाहर निकालने में सहायक है। इसके सेवन से किडनी की सफाई होती है और स्टोन का दर्द भी कम होता है। आप दिन में तरबूज का जूस पी सकते हैं या फिर ताजे टुकड़े खा सकते हैं।

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ग्रीन टी (Green Tea)

ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो किडनी स्टोन के निर्माण को रोकने में मदद करते हैं। यह किडनी के स्वास्थ्य को बनाए रखने और शरीर से अतिरिक्त टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में सहायक होती है। रोजाना ग्रीन टी का सेवन करने से किडनी स्टोन की समस्या कम हो सकती है। इसके अलावा, ग्रीन टी किडनी स्टोन को बनने से रोकने में भी मदद करती है।

अजवाइन और पानी (Carom Seeds and Water)

अजवाइन में प्राकृतिक रूप से एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो किडनी स्टोन के दर्द को कम करने में मदद करते हैं। एक चम्मच अजवाइन को पानी में उबालकर उसे पिएं। इससे किडनी की सफाई होती है और दर्द में भी राहत मिलती है।

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कुछ अन्य टिप्स जो किडनी स्टोन से राहत दिलाने में मदद करें:

अधिक पानी पिएं: किडनी स्टोन को बाहर निकालने के लिए शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है। दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं, जिससे किडनी में जमा स्टोन बाहर निकलने में मदद मिलेगी।

संतुलित आहार लें: किडनी स्टोन को बढ़ने से रोकने के लिए फलों और हरी सब्जियों का सेवन करें। साथ ही, प्यूरीफाइड पानी पिएं और प्रोसेस्ड फूड्स से बचें।

नमक का सेवन कम करें: अत्यधिक नमक किडनी स्टोन के निर्माण को बढ़ा सकता है, इसलिए नमक का सेवन सीमित करें।

किडनी स्टोन का दर्द वाकई बहुत परेशान करने वाला हो सकता है, लेकिन कुछ घरेलू नुस्खों से आप इस दर्द को नियंत्रित कर सकते हैं। नींबू, जैतून का तेल, बेकिंग सोडा, तरबूज, ग्रीन टी, और अजवाइन जैसे प्राकृतिक उपाय किडनी स्टोन को तोड़ने और दर्द को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं। हालांकि, यदि किडनी स्टोन का दर्द लगातार बढ़ता है या कोई गंभीर समस्या महसूस हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

सुबह नाश्ते में खाएं मूंग और पालक से बना चीला, वजन कम करने के साथ देगा और भी फायदे

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अगर आप हेल्दी और स्वादिष्ट नाश्ते की तलाश में हैं, तो मूंग और पालक से बना चीला एक बेहतरीन विकल्प है। यह न केवल पौष्टिक है, बल्कि इसे बनाना भी काफी आसान है। मूंग दाल में उच्च मात्रा में प्रोटीन, विटामिन, और फाइबर होते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं।

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 मूंग दाल चीला के फायदे

1.वजन प्रबंधन मूंग दाल का चीला कैलोरी में कम होता है, जिससे यह वजन घटाने में मदद कर सकता है। यह खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता।

2.पोषण से भरपूर मूंग दाल और पालक का संयोजन आपको आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है, जैसे कि आयरन, फोलिक एसिड, और एंटीऑक्सीडेंट।

3. इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है इसमें मौजूद विटामिन्स और मिनरल्स आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

 मूंग चीला बनाने की सामग्री

आधा कप हरी मूंग दाल (भिगोई हुई)

एक कप कटी हुई पालक

6 से 7 लहसुन की कलियां

1 प्याज (बारीक कटा हुआ)

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1 शिमला मिर्च (कटी हुई)

स्वादानुसार नमक

तेल (तलने के लिए)

मूंग चीला बनाने की विधि

मूंग दाल को रात भर भिगोकर रखें। सुबह, मूंग दाल और पालक को मिक्सर में डालकर ग्राइंड करें। थोड़ा सा नमक डालकर इसे अच्छी तरह पेस्ट बना लें। इस मिश्रण में कटी हुई शिमला मिर्च और प्याज डालें। इसमें 1 चम्मच चाट मसाला मिलाएं और आधे घंटे के लिए छोड़ दें ताकि सभी स्वाद अच्छे से मिल जाएं। तवा गरम करें और घोल को एक बार फिर से चलाएं। अब तवे पर घोल डालें, थोड़ा सा घी डालकर पलट दें और दूसरे तरफ से हल्का सेकें। मूंग चीला तैयार है! इसे मीठी और पुदीने की चटनी के साथ गरमा-गरम परोसें। मूंग और पालक से बना यह चीला न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसे अपने नाश्ते में शामिल करें और अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाएं। स्वस्थ रहने के लिए पौष्टिक आहार बहुत जरूरी है, और यह नाश्ता आपकी दिन की शुरुआत को ताजगी और ऊर्जा से भरपूर बना देगा।

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