Saturday, June 27, 2026
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महाकुंभ में किन्नर अखाड़े में भारी संख्या में उमड़ रहे श्रद्धालु, ले रहे आशीर्वाद

प्रयागराज में आयोजित किए जा रहे महाकुंभ में किन्नर अखाड़े में भारी संख्या में श्रद्धालु आशीर्वाद लेने के लिए पहुंच रहे हैं। किन्नर वर्ग के लिए दस साल पहले ‘अखाड़ा’ पंजीकृत कराने के दौरान समुदाय को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था, लेकिन उनका आशीर्वाद लेने पहुंची रही श्रद्धालुओं की भीड़ ने उम्मीद जगाई है कि आखिरकार समाज उन्हें स्वीकार करेगा। तीन हजार से अधिक किन्नर लोग अखाड़े में रह रहे हैं और संगम में डुबकी लगा रहे हैं। इनमें अधिकांश ऐसे हैं जिनके परिवार ने उन्हें छोड़ दिया था।

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10 साल पहले पंजीकृत कराया था अखाड़ा
खुद की पहचान महिला के रूप में करने वाली किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर पवित्रा नंदन गिरि ने कहा कि समाज ने हमेशा किन्नरों का तिरस्कार किया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें हमेशा से हीन भावना से देखा जाता रहा है। जब हमने अपने लिए अखाड़ा पंजीकृत कराना चाहा, तो हमारे धर्म को लेकर सवाल उठाए गए। हमसे पूछा गया कि हमें इसकी क्या जरूरत है? विरोध के बावजूद, हमने 10 साल पहले इसे पंजीकृत कराया और यह हमारा पहला महाकुंभ है।” अखाड़े ऐसी संस्थाएं हैं जो विशिष्ट आध्यात्मिक परंपराओं और प्रथाओं के तहत संतों (तपस्वियों) को एक साथ लाती हैं। गिरि ने कहा, ‘‘आज हम भी संगम में डुबकी लगा सकते हैं, अन्य अखाड़ों की तरह शोभायात्रा निकाल सकते हैं और अनुष्ठान कर सकते हैं। अखाड़े में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और हमारा आशीर्वाद लेने के लिए लंबी कतार लग रही है। उम्मीद है कि समाज में भी हमें स्वीकारा जाएगा।”

‘महाकुंभ में होता है अन्य संतों जैसा ही व्यवहार’
नर्सिंग स्नातक कर चुकीं गिरि ने कहा कि जैसा कि कई ट्रांसजेंडर लोगों के साथ होता है उसी तरह उनके परिवार ने भी उन्हें छोड़ दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लिए जीवन कठिन है। बचपन में मैं अपने भाई-बहनों के साथ खेलती थी, इस बात से अनजान कि मैं उनमें से नहीं हूं। एक बार जब मुझे पता चला तो सभी ने मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया जैसे मैं हीन या अछूत हूं। मैंने अपनी शिक्षा भी पूरी की, लेकिन फिर भी भेदभाव का दंश झेलना पड़ा।” बता दें कि अखिल भारतीय किन्नर अखाड़ा महाकुंभ में 14वां अखाड़ा है। महाकुंभ में 13 अखाड़ों को तीन समूहों में विभाजित किया गया है, संन्यासी (शैव), बैरागी (वैष्णव) और उदासीन। प्रत्येक अखाड़े को कुछ अनुष्ठानों के लिए विशिष्ट समय दिया जाता है। जूना अखाड़ा 13 अखाड़ों में सबसे पुराना और सबसे बड़ा है। महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने कहा कि महाकुंभ में उनके साथ अन्य संतों जैसा ही व्यवहार किया जाता है।

पंजाबियों के लिए Good News, अब 13 घंटे में कर पाएंगे 26 घंटे का सफर, जानें कैसे

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पंजाबियों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जानकारी के अनुसार पंजाब से गुजरात आना-जाना आसान होने वाला है। बता दें कि NHAI द्वारा भारत के दूसरे सबसे लंबे अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। वहीं अगले साल तक इस प्रोजेक्ट के पूरे होने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट से 4 राज्यों पंजाब, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान  को फायदा मिलेगा।

बता दें कि भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत इस एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। इसका 915 किमी हिस्सा ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट के आधार पर बनाया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे 4 से 6 लेन का होगा। अगले साल तक इस एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो जाएगा और लोगों को भारी फायदा होगा। वहीं 26 घंटे का सफर घटकर सिर्फ 13 घंटे रह जाएगा।

पंजाब में चलने वाली जल बस को लेकर सरकार का सनसनीखेज बयान

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पंजाब के पर्यटन और सांस्कृतिक मामले संबंधी मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने स्पष्ट किया है कि जल बस को चलाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि मीडिया के एक भाग में ऐसी  खबरें आई हैं कि हरिके में खड़ी जल बस को पंजाब सरकार दोबारा रणजीत सागर झील में चलाने के लिए प्रयास कर रही है। सौंद ने कहा कि यह खबरें बेबुनियाद एवं गलत हैं और इनका खंडन करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी सब खबरें अफवाह के अतिरिक्त ओर कुछ नहीं है।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा इस परियोजना पर 8.63 करोड़ रुपये खर्च करना एक गलत निर्णय था, जिससे पंजाब के लोगों पर पड़े इस अनावश्यक आर्थिक बोझ की भी वह आलोचना करते हैं।  मंत्री सौंद ने कहा कि जल बस भ्रष्टाचार का प्रतीक रही है और वर्तमान सरकार इसकी जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि यह बस अब संचालन के लिए पूरी तरह अयोग्य है और इसके चलने से बड़े हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ऐसा कोई निर्णय नहीं लेगी जिससे जनता की जान-माल को खतरा हो। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस संबंध में मीडिया में चल रही किसी भी खबर पर विश्वास न करें, क्योंकि सरकार जनता के कल्याण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने कहा कि यह जल बस पहले भी घाटे का सौदा साबित रही है , क्योंकि इस पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, जबकि आमदनी नाममात्र की रही। उन्होंने दोहराया कि यह जल बस पूरी तरह अनुपयोगी हो चुकी है और भविष्य में इसे चलाने की कोई संभावना नहीं है। सौंद ने कहा कि यह ‘सुपर फेल’ परियोजना पिछली सरकारों के गलत निर्णयों का परिणाम है, जिससे जनता के धन की बर्बादी हुई। यह धन जनकल्याण योजनाओं में इस्तेमाल किया जा सकता था।

Indian Cricketer ने Punjab को लेकर कह दिया कुछ ऐसा, भड़के Fans

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दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हुए अपने IPL करियर की शुरुआत करने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत विवादों में गिरते हुए नजर आ रहे हैं। ऋषभ पंत ने पंजाब को लेकर कुछ ऐसा बोल गए जिसके बाद फैंस उन पर भड़के हुए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 सीजन से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) फ्रेंचाइजी ने ऋषभ पंत को टीम का कप्तान बनाया है। कप्तान बनते ही पंत ने एक बयान दिया और अभिनेत्री प्रीति जिंटा की मालिकाना हक वाली पंजाब किंग्स (PBKS) टीम का मजाक उड़ाया है।

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बताया जा रहा है कि, एक इंटरव्यू में ऋषभ पंत ने आश्चर्यजनक खुलासा किया कि वह मेगा नीलामी के दिन तनाव में थे क्योंकि उन्हें लगा कि उन्हें पंजाब किंग्स द्वारा शामिल किया जा सकता है। पंत ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि वह पंजाब स्थित फ्रेंचाइजी के लिए उत्सुक नहीं हैं। इस बात से राहत मिली है कि अय्यर को पंजाब किंग्स (PBKS) ने खरीद लिया, जिससे उनके लिए एलएसजी में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया।

गौरतलब है कि नवंबर में IPL मेगा नीलामी हुई थी, जहां ऋषभ पंत को लखनऊ ने 27 करोड़ रुपये की सबसे अधिक बोली लगाकर खरीदा था। इसी  के चलते ऋषभ पंत IPL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी भी बन गए। बता दें कि यह रिकॉर्ड कुछ समय तक श्रेयस अय्यर के नाम था, जिन्हें पंजाब ने 26.75 करोड़ रुपये में खरीदा था। ऋषभ पंत के इस बयान का वीडियो खूब वायरल हो रहा है, खासकर पंजाब में जहां क्रिकेट प्रशंसक खुलकर उनकी आलोचना कर रहे हैं। कई फैन्स ने तो यहां तक ​​लिख दिया कि पंजाब ने पंत को न खरीदकर बहुत अच्छा फैसला लिया, जबकि अन्य ने श्रेयस अय्यर को पंत से बेहतर क्रिकेटर और कप्तान बताया है।

बता दें कि, भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी ऋषभ पंत का जन्म रुड़की, उत्तराखंड में हुआ है। ऋषभ पंत घरेलू क्रिकेट दिल्ली के लिए खेलते हैं। बल्लेबाजी और विकेटकीपर के लिए जाने जाते पंत अपनी बिस्फोटक बल्लेबाजी के लिऐ अधिक जाने जाते हैं।

भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न राजपूत के समर्थन में डॉ. सतीश पूनियां ने किया चुनाव प्रचार

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जो राम को लाये हैं हम उनको लायेंगे, जो हरियाणा लाये हैं वो दिल्ली भी लायेंगे, दिल्ली के द्वारका में पन्ना प्रमुख सम्मेलन में दिल्ली भाजपा नेताओं द्वारा हरियाणा भाजपा प्रभारी, भाजपा राजस्थान पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां की कुशल संगठन शैली व नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए उक्त बाते अपने संबोधन में कही। डॉ. सतीश पूनियां ने द्वारका विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न राजपूत के समर्थन में पन्ना प्रमुख सम्मेलन को सम्बोधित किया, इस दौरान सम्मेलन में सांसद कमलजीत सहरावत, जिला अध्यक्ष रमेश सोखन्दा सहित जिले के पदाधिकारी व पन्ना प्रमुख उपस्थित रहे। बता दें कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर भाजपा हरियाणा प्रभारी, भाजपा राजस्थान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां दिल्ली विधानसभा चुनाव में नजफगढ़ जिले की पांच विधानसभा सीटों पर चुनाव प्रचार व चुनाव प्रबंधन का काम देख रहे हैं। द्वारका में पन्ना प्रमुख सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. सतीश पूनियां ने कहा कि, दुनिया में कितने ही गणित हों, कितने ही जातियां, कितने धर्म हों, कितना ही कुछ भी हो लेकिन हरियाणा में भाजपा की सरकार बनाने में जो सबसे बड़ा कारक था वह हनुमान रूपी भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता था, जिसने अथक परिश्रम करके घर-घर दस्तक देकर भारतीय जनता पार्टी को जिताया।

उन्होंने कहा कि, दिल्ली में एक ऐसा रंगा सियार है जिसने जनता से झूठे वादे कर धोखा दिया, आम आदमी पार्टी के रंगा सियार को सत्ता से विदा करने का दिल्ली की जनता मन बना चुकी है। पार्टी ने मुझे आदेश दिया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में आपको जाना है, मैंने विज्ञापन देखा कि दिल्ली लंदन से कम नहीं है, मैंने कहा अपनी तो मौज हो गए लंदन जाते तो किराया लगता दिल्ली तो बहुत नजदीक है, दिल्ली में ही लंदन का आनंद आ जाएगा। अब लंदन के आनंद लेने के लिए मैंने दिल्ली में उत्तम नगर और विकासपुरी के बीच की 5 किलोमीटर की दूरी ढाई घंटे में तय की तो पता ही नहीं चल रहा था कि केजरीवाल की सड़क में गड्डे थे या गड्डे में आदमी थे। मुझे लगता है कि दिल्ली की जनता की अदालत में आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के इस तरीके के झूठ को उखाड़ फेंकना है, दिल्ली में भाजपा की सरकार बनेगी, यहां की जनता ने भाजपा को आशीर्वाद देने का संकल्प ले लिया है। दिल्ली की जनता के लिए एक बहुत बड़ा अवसर है, भाजपा के कार्यकर्ता  हनुमान की भूमिका में हैं, हम लोग तो जामवंत की तरह आपकी भूमिका की याद दिलाने आए हैं, आपको दिल्ली में केजरीवाल की भ्रष्टाचारी रूपी लंका में आग लगानी है, दिल्ली को आजादी दिलानी है प्रदूषण से, भ्रष्टाचार से, झूठ से और धोखेबाजी से।

आप सभी कार्यकर्ताओं को खुशी होगी कि भारतीय जनता पार्टी आज 15 करोड़ सदस्यता को लेकर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, यह वह पार्टी है जो त्याग, तपस्या और बलिदान से खड़ी है, यह पार्टी तीन सीटों से शुरू हुई और 303 सीटों तक पहुंचकर विश्व के लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश को सुशासन के साथ आत्मनिर्भर बना रही है। दिल्ली की जनता भगवान राम से वास्ता रखती है, दिल्ली की जनता राष्ट्रवाद से वास्ता रखती है, दिल्ली की जनता तिरंगे से वास्ता रखती है, दिल्ली की जनता विकास से वास्ता रखती है, दिल्ली की जनता को यह अच्छे से पता है जब देश पर कोरोना का संकट था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से लेकर पूरे देश के लोगों की स्वास्थ्य की सुरक्षा की चिंता कर वैक्सीनेशन जैसे महाअभियान को जन-जन तक पहुंचाया। हिंदुस्तान की माता बहनों के बारे में सोचिए जो अंधेरा होने का इंतजार करती थीं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संवेदना देखिए कि उन्होंने लाल किले से आह्वान घर माता बहनों के  लिए करोड़ों शौचालय बनवाकर सम्मान और स्वाभिमान बढाने का काम किया।

पूरे देश में 54 करोड़ बैंक खाता खोलकर माता बहनों को सहूलियत देने का काम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की एनडीए सरकार ने किया। गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के लोग आयुष्मान का लाभ लेते हैं तो दिल्ली की जनता को भी इस योजना का लाभ लेने का हक है, ऐसे में जरूरत है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व में दिल्ली में डबल इंजन की भाजपा सरकार बनेगी, जो दिल्ली के विकास के लिए समर्पित होकर कार्य करेगी। दिल्ली देश का दिल है लेकिन इस दिल पर ऐसा व्यक्ति काबिज हो गया जिसने भारत की मर्यादा को, भारत की संस्कृति को, दिल्ली एवं देश के इतिहास को चुनौती दी, तिरंगे का अपमान किया, भारत माता के नारे का अपमान किया, भगवान राम का अपमान किया, जाति पंत और मजहब के नाम पर देश को नुकसान पहुंचाने का काम किया, उस केजरीवाल को सबक सिखाने के लिए दिल्ली की जनता ने फैसला कर लिया है, दिल्ली में इस बार भाजपा की डबल इंजन सरकार होगी जो समर्पित और संकल्पित होकर दिल्ली के विकास के लिए काम करेगी, दिल्ली में भाजपा की सरकार शिक्षा, आरोग्य, सड़क, बिजली, पानी सहित तमाम बुनियादी सुविधाओं के लिए कार्य करेगी।

दिल्ली का चुनाव केवल छोटे प्रदेश का चुनाव नहीं है, यह विचारधारा का चुनाव है, यदि हरियाणा में नहीं जीते होते तो देश की हालत क्या होती, लेकिन हरियाणा के जांबाज पार्टी कार्यकर्ताओं ने, हरियाणा की जनता ने कांग्रेस की छाती पर चढ़कर भारतीय जनता पार्टी के कमल को खिलाया। महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने परिश्रम किया, जनता ने आशीर्वाद दिया, मुझे लगता है कि हरियाणा और महाराष्ट्र की विजय के बाद भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता, पन्ना प्रमुख, शक्ति केंद्र प्रमुख, बूथ का कार्यकर्ता दिल्ली में भाजपा को जिताने का काम करेगा।

पंजाब में 28 तारीख तक खड़ा हुआ नया संकट!, झेलनी पड़ेगी परेशानी

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पंजाब के बठिंडा जिले के लोगों के लिए एक नया संकट खड़ा हो गया है। दरअसल नहर विभाग ने नहर निर्माण की तिथि बढ़ा दी है। पहले यह घोषणा की गई थी कि नहर 21 जनवरी तक बंद रहेगी, लेकिन अब इसे एक सप्ताह और बढ़ाकर 28 जनवरी कर दिया गया है, जिसके कारण अब लोगों को 28 तारीख तक पानी के लिए तरसना पड़ेगा।

नहर लंबे समय तक बंद रहने के कारण आने वाले दिनों में शहरवासियों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। उल्लेखनीय है कि नहर विभाग द्वारा नहर की मुरम्मत एवं पुलों के निर्माण आदि के लिए 30 दिसम्बर से 21 जनवरी तक नहर बंद की गई थी, लेकिन अभी तक कार्य पूर्ण नहीं होने के कारण इस अवधि को एक सप्ताह के लिए और बढ़ा दिया गया है।

जल आपूर्ति विभाग को कई दिनों से पानी नहीं मिल रहा है, जिससे जलापूर्ति में भारी कटौती हो सकती है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अब शहर की आबादी को एक दिन छोड़कर जलापूर्ति की जा सकेगी। इसके कारण लोगों को जल संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

कोलकाता रेप-मर्डर केस पर फैसला : संजय रॉय को उम्रकैद, साथ में लगा 50 हजार जुर्माना

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुई डॉक्टर रेप और मर्डर केस में मुख्य आरोपी संजय रॉय को कोर्ट ने मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा का ऐलान करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिरबान दास ने कहा कि यह मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर (अत्यंत दुर्लभ) श्रेणी का नहीं है, इसलिए आरोपी को उम्रकैद की सजा दी जा रही है।

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उम्रकैद की सजा के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि वह पीड़िता के परिवार को 17 लाख रुपये का मुआवजा दे। हालांकि, पीड़िता के माता-पिता ने कहा कि उन्हें किसी भी तरह का मुआवजा नहीं चाहिए। संजय रॉय को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 64, 66 और 103 (1) के तहत दोषी पाया गया है। इन धाराओं के तहत अपराधी को अधिकतम सजा के तौर पर फांसी या उम्रकैद की सजा दी जा सकती है, लेकिन जज ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है।

सजा सुनाने से पहले जज ने संजय रॉय से पूछा, “मैंने शनिवार को तुमसे कहा था कि तुम पर लगे सभी आरोप जैसे बलात्कार और हत्या साबित हो चुके हैं। तुम पर क्या कहना है? क्या तुम कुछ और कहना चाहोगे?” इस पर संजय ने कहा, “मुझे बिना किसी कारण के फंसाया गया है। मैं हमेशा रुद्राक्ष की माला पहनता हूं, अगर मैं अपराध करता तो क्राइम सीन पर माला टूट जाती। मुझे बोलने का मौका नहीं दिया गया और कई कागजों पर जबरदस्ती साइन करवाए गए।”

जज ने आगे कहा, “मैंने तुम्हें आधे दिन का समय दिया था और 3 घंटे तक तुम्हारी बात सुनी थी। जो भी आरोप, सबूत, गवाह और दस्तावेज पेश किए गए थे, उनकी पूरी जांच की गई। इसके बाद मैंने तुम्हें दोषी पाया। अब मैं सिर्फ तुमसे सजा के बारे में सुनना चाहता हूं। क्या तुम्हारे परिवार से कोई तुमसे मिलने आता है?” संजय ने बताया कि जेल में रहते हुए उसे कभी भी कोई परिवार का सदस्य नहीं मिला।

कोर्ट ने दो दिन पहले 18 जनवरी को संजय रॉय को दोषी करार दिया था। कोलकाता के सियालदह की सत्र अदालत के जज अनिर्बान दास ने संजय रॉय को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 64 (बलात्कार), 66 (हत्या करने) और 103 (हत्या) के तहत दोषी ठहराया था। जज ने 57 दिनों की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि संजय रॉय को सजा मिलनी चाहिए। इसके बाद संजय रॉय ने जज से सवाल किया, “मुझे फंसाने वाले और लोग क्यों नहीं पकड़े गए?” जज ने जवाब दिया, “मैंने सभी सबूतों और गवाहों को बारीकी से सुना है। फिर भी तुम दोषी पाए गए हो। तुम्हें सजा मिलनी चाहिए।”

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में ली शपथ, जेडी वेंस बने उपराष्ट्रपति

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डोनाल्ड जे. ट्रंप ने सोमवार को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही चार साल बाद दूसरी बार राष्ट्रपति पद पर उनकी उल्लेखनीय वापसी हो गई। ट्रप ने शपथ ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में कहा, ‘‘अमेरिका का स्वर्णिम युग अभी से शुरू होता है।” उन्होंने कहा, ‘‘आज के बाद से हमारा देश फिर से समृद्ध होगा और पूरी दुनिया में इसका सम्मान किया जाएगा। हर देश हमसे ईर्ष्या करेगा और कोई हमारा फायदा उठाये, हम ऐसा नहीं होने देंगे।” ट्रंप (78) ने कहा कि वह अमेरिका को ‘‘सर्वोपरि” रखेंगे।

उन्होंने कहा, “न्याय के तराजू को फिर से संतुलित किया जाएगा। न्याय विभाग और सरकार का क्रूर, हिंसक और अनुचित हथियारीकरण समाप्त हो जाएगा।” रिपब्लिकन पार्टी के नेता ट्रंप (78) ने एक ताकतवर व्यक्ति और एक शक्तिशाली राष्ट्रपति की दृष्टि के साथ व्हाइट हाउस में वापसी की है। साथ ही उन्होंने आव्रजन, शुल्क और ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में अमेरिकी नीतियों को आक्रामक रूप से बदलने का वादा किया है। ट्रंप ने अपने शपथ में कहा, ‘‘मैं सत्यनिष्ठा से शपथ लेता हूं कि मैं अमेरिका के राष्ट्रपति के पद का निष्ठापूर्वक निर्वहन करूंगा तथा अमेरिका के संविधान का अपनी पूरी क्षमता से संरक्षण, सुरक्षा और बचाव करूंगा।”

ट्रंप से पहले जे. डी. वेंस ने उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विशेष दूत के रूप में शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। ट्रंप ने पांच नवम्बर के राष्ट्रपति चुनाव में अपनी प्रतिद्वंद्वी एवं डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस पर शानदार जीत दर्ज की थी। चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप की हत्या के इरादे से उन पर दो बार हमला किया गया। ट्रंप को राष्ट्रपति रहते दो बार महाभियोग का भी सामना करना पड़ा था। चार साल पहले, ट्रंप ने पद पर बने रहने के लिए 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों को पलटने का असफल प्रयास किया था।

नवीनतम चुनाव में उनकी जीत को अमेरिकी राजनीतिक इतिहास में सबसे उल्लेखनीय जीत माना जा रहा है। अमेरिका की राजधानी में बहुत ज़्यादा ठंड होने की वजह से शपथग्रहण समारोह कैपिटल रोटुंडा (संसद भवन के केंद्रीय कक्ष) में आयोजित किया गया। पहले इसे शपथग्रहण समारोह खुले स्थान पर आयोजित करने की योजना बनाई गई थी। इस समारोह में ट्रंप की पत्नी मेलानिया, उनकी बेटी इवांका और इवांका के पति जेरेड कुशनर और अरबपति एलन मस्क, जेफ बेजोस और टिम कुक शामिल हुए।

ट्रंप राष्ट्रपति के तौर पर पहले दिन कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं, जिसमें जन्म के जरिये नागरिकता को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करना भी शामिल है। इस बीच ट्रंप ने सीबीपी वन को समाप्त कर दिया, जो बाइडन के अमेरिका के राष्ट्रपति रहने के दौरान एक सीमा ऐप था, जिसने ‘ऑनलाइन अपॉइंटमेंट’ के साथ लगभग 10 लाख प्रवासियों को कानूनी प्रवेश दिया था।

ट्रंप ने Birthright Citizenship खत्म करने का किया फैसला, भारतीयों पर क्या पड़ेगा इसका असर

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अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी 2025 को शपथ ली और कुछ ही घंटे बाद उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत अमेरिका में जन्मे आप्रवासी बच्चों के लिए बर्थराइट सिटिजनशिप को खत्म करने का प्रस्ताव रखा। यह कदम अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के खिलाफ माना जा रहा है, जो एक सदी से अधिक समय से लागू है और अमेरिका में जन्मे हर व्यक्ति को नागरिकता प्रदान करता है।

बर्थराइट सिटिजनशिप क्या है?
14वें संशोधन के तहत, अमेरिका में जन्मे हर व्यक्ति को स्वचालित नागरिकता मिलती है, चाहे उनके माता-पिता का आप्रवासन स्थिति कुछ भी हो। “उसकी न्यायिक क्षेत्राधिकार के अधीन” शब्दों की व्याख्या इस प्रकार की गई है कि इसमें अमेरिका की ज़मीन पर जन्मे सभी लोग शामिल हैं, सिवाय उनके जिनके माता-पिता विदेशी राजनयिक या विदेशी सैन्य बलों के सदस्य हों। ट्रंप का आदेश इस व्याख्या को चुनौती देता है और कहता है कि यह नियम अनधिकृत आप्रवासी या अस्थायी वीज़ा धारकों के बच्चों पर लागू नहीं होगा।

ट्रंप का इस फैसले पर बयान
ट्रंप ने अपने आदेश के दौरान कहा, “यह सुनिश्चित करेगा कि संविधान का दुरुपयोग न हो”। उन्होंने यह भी कहा कि यह नीति अवैध आप्रवासियों को अमेरिका के संसाधनों का अनुचित लाभ उठाने से रोकेगी। इसके साथ ही कई दक्षिणपंथी समर्थकों ने इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि 14वें संशोधन का उद्देश्य गलत तरीके से अवैध आप्रवासियों के बच्चों को नागरिकता देने के लिए इस्तेमाल किया किया गया है।

क्या भारतीयों पर असर पड़ेगा?
यह आदेश मुख्य रूप से अमेरिका में अस्थायी वीज़ा पर काम करने वाले भारतीयों के बच्चों को प्रभावित कर सकता है, जैसे कि H-1B वीज़ा धारक। यदि ऐसे वीज़ा धारकों के बच्चे अमेरिका में जन्म लेते हैं, तो उन्हें नागरिकता प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है। हालांकि, यह आदेश वर्तमान मामलों को प्रभावित नहीं करेगा, बल्कि 30 दिन के कार्यान्वयन समय के बाद प्रभावी होगा।

कानूनी और राजनीतिक प्रभाव क्या?
जैसे ही यह घोषणा की गई, अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) और अन्य अधिकार संगठनों ने इस आदेश के खिलाफ संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया। ACLU के कार्यकारी निदेशक एंथनी रोमेरो ने कहा, “यह एक स्पष्ट और खतरनाक प्रयास है जो अमेरिकी भूमि पर जन्मे व्यक्तियों के अधिकारों को कमजोर करने का है।” इस आदेश के बाद अमेरिका में राजनीतिक और कानूनी विवाद तेज़ होने की संभावना है क्योंकि इस कदम को संविधान के खिलाफ और नागरिक अधिकारों का उल्लंघन माना जा रहा है।

तुर्किये में स्की रिजॉर्ट के होटल में लगी भीषण आग, जिंदा जलकर मरे 10 लोग, 32 झुलसे

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उत्तर पश्चिमी तुर्किये में स्थित एक स्की रिजॉर्ट के होटल में सोमवार देर रात को आग लग जाने से 10 लोगों की मौत हो गई और 32 अन्य घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। गृहमंत्री अली येरलिकाया ने बताया कि आग बोलू प्रांत के कार्तलकाया रिजॉर्ट में एक होटल के रेस्तरां में लगी थी। सरकारी ‘अनादोलु’ समाचार एजेंसी ने गवर्नर अब्दुलअजीज आयदीन के हवाले से बताया कि घबराहट में इमारत से कूदने की वजह से दो पीड़ितों की मौत हो गई।

निजी ‘एनटीवी टेलीविजन’ ने अपनी खबर में बताया कि कुछ लोगों ने चादरों के सहारे अपने कमरों से नीचे उतरने की कोशिश की। आयदीन ने बताया कि होटल में 234 मेहमान ठहरे हुए थे। होटल में स्की प्रशिक्षक नेकमी केपसेटुटन ने बताया कि जिस वक्त आग लगी, उस समय वह सो रहे थे। घटना के बाद वह इमारत से बाहर भागे। उन्होंने ‘एनटीवी टेलीविजन’ को बताया कि इसके बाद उन्होंने होटल से करीब 20 मेहमानों को बाहर निकालने में मदद की। उन्होंने कहा कि होटल में धुआं भर गया था, जिससे मेहमानों के लिए आग से बचने का रास्ता ढूंढना मुश्किल हो गया था। स्की प्रशिक्षक ने ‘एनटीवी टेलीविजन’ को बताया, ‘‘मैं अपने कुछ छात्रों से संपर्क नहीं कर पा रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि वे ठीक होंगे।”

https://twitter.com/HamdiCelikbas/status/1881584153793384748?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1881584153793384748%7Ctwgr%5E9d815415bb1fcc17aaf924c5a0811fecb48c1094%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.punjabkesari.in%2Finternational%2Fnews%2Fhotel-fire-at-turkiye-ski-resort-kills-at-least-10-2092923

टेलीविजन पर दिखाए गए आग के दृश्यों में होटल की छत और ऊपरी मंजिलों में आग लगी हुई दिख रही है। आग लगने का कारण तुरंत पता नहीं चल पाया है। ‘एनटीवी टेलीविजन’ ने अनुमान जताया कि होटल के बाहरी हिस्से पर लकड़ी के आवरण ने आग को तेजी से फैलने में मदद की होगी। कार्तलकाया, इस्तांबुल से लगभग 300 किलोमीटर पूर्व में कोरोग्लू पर्वतीय क्षेत्र में स्थित एक लोकप्रिय स्की रिसॉर्ट है। तुर्किये में स्कूलों की छुट्टियां चल रही हैं और इस दौरान क्षेत्र के होटल आम तौर पर भरे हुए रहते हैं। आयदीन के कार्यालय ने कहा कि दकमल के 30 ट्रक और 28 एंबुलेंस को घटनास्थल पर भेजा गया। एहतियात के तौर पर रिजॉर्ट के अन्य होटलों को खाली करा लिया गया है।

https://twitter.com/ferozwala/status/1881599619068486104?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1881599619068486104%7Ctwgr%5E9d815415bb1fcc17aaf924c5a0811fecb48c1094%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.punjabkesari.in%2Finternational%2Fnews%2Fhotel-fire-at-turkiye-ski-resort-kills-at-least-10-2092923

 

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