Saturday, June 27, 2026
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कड़ाके की ठंड के चलते स्कूलों की छुट्टियां एक बार फिर बढ़ाई… 25 जनवरी तक छुट्टियां घोषित

उत्तर प्रदेश में शीतलहर और कड़ाके की ठंड के चलते स्कूलों की छुट्टियां एक बार फिर बढ़ा दी गई हैं। खासतौर पर छोटे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। अयोध्या जिले में सर्द मौसम और कोहरे की वजह से स्कूलों में 25 जनवरी तक छुट्टियां घोषित की गई हैं। गणतंत्र दिवस के बाद स्कूल पुनः खुलेंगे।

अयोध्या में 1 से 5 तक के स्कूल बंद
अयोध्या जिले के जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने ठंड और कोहरे को ध्यान में रखते हुए कक्षा 1 से 5 तक के सभी स्कूलों को 25 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है। यह आदेश सरकारी, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त और सभी बोर्डों के स्कूलों पर लागू होगा।

स्कूलों के समय में भी बदलाव
जिलाधिकारी ने कक्षा 6 से 12वीं तक के स्कूलों के समय में भी बदलाव किया है। अब यह स्कूल सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक खुलेंगे। पहले स्कूल का समय सुबह 9:30 बजे से था। यह बदलाव बच्चों की सुविधा और ठंड से बचाव के लिए किया गया है।

मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने 22 और 23 जनवरी को अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही ठंड और बढ़ने की संभावना जताई गई है। रविवार को अयोध्या में अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

छोटे बच्चों के लिए खास ध्यान
शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने छोटे बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार, सभी स्कूल प्रबंधन को इस निर्णय का पालन करना अनिवार्य होगा। इस फैसले से छोटे बच्चों और उनके अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार ने ठंड के कारण छात्रों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है।

जमाबंदी सुधार’ पर बिहार सरकार का बड़ा फैसला, अब ऑफलाइन आवेदन देकर भी करवा सकते हैं काम

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बिहार(Bihar) में चल रहे जमीन सर्वे (Land Survey) से संबंधित नियम में सरकार ने बदलाव किया है। दरअसल, राजस्व विभाग के ऑनलाइन माध्यम में आ रही गड़बड़ी और बढ़ते भ्रष्टाचार को देखते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिले के DM को यह निर्देश दिया है कि जमाबंदी में जो त्रुटियां सामने आ रही है। उसके निवारण के लिए ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया को जारी रखें। बता दें कि, बिहार सरकार ने जमीन के रिकॉर्ड यानी जमाबंदी में गलतियों को सुधारने के लिए यह कदम उठाया है। ऐसे में सरकार की इस पहल से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को दिए निर्देश

जानकारी के मुताबिक, यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक ऑनलाइन पोर्टल ‘परिमार्जन प्लस’ पूरी तरह से काम करने न लगे। राजस्व और भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जमाबंदी में सुधार के लिए ऑफलाइन आवेदन लेना जारी रखें। जब तक परिमार्जन प्लस पोर्टल पर ऑनलाइन सुविधा शुरू नहीं हो जाती, तब तक ऑफलाइन आवेदन ही स्वीकार होंगे। बता दें कि, लोगों की यह शिकायत थी कि ऑनलाइन माध्यम में कई प्रकार की गड़बड़ी हो रही है और गांव के लोग खुद इस माध्यम का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे में उन्हें इस काम के लिए पैसे देने पड़ रहे हैं।

क्या बोले मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल?

वहीं मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल (Dilip Kumar Jaiswal) ने कहा कि, लोग ऑफलाइन आवेदन देकर अपनी जमाबंदी में सुधार करवा सकते हैं। भूमि अधिग्रहण के मामलों में ऑफलाइन LPC जारी करने की समय सीमा भी 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। विभाग के निदेशक ने सभी समाहर्ताओं को इस बारे में सूचित कर दिया है। अभी भी अंचल कार्यालय से ऑफलाइन LPC मिल सकता है।

Auto Expo 2025 में पेश हुई शून्य Air Taxi, जल्द होगी लॉन्च

Auto Expo 2025 में कई नई और अनूठी गाड़ियां देखने को मिलीं, जिनमें से एक खास पेशकश “शून्य” एयर टैक्सी थी, जिसे सरला एविएशन ने पेश किया। यह इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (eVTOL) तकनीक पर आधारित है और सिटी ट्रैफिक में सुधार के लिए एक नई और सस्टनेबल दिशा की शुरुआत करने जा रही है। चलिए जानते हैं इस एयर टैक्सी के बारे में…

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क्या है ‘शून्य’ एयर टैक्सी

‘शून्य’ एक इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी है जिसे सिटी एरिया में तेज़ यात्रा के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसे eVTOL तकनीक पर आधारित बनाया गया है, यानी यह वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग कर सकती है। यह टैक्सी 2028 तक बेंगलुरू में लॉन्च होने की योजना है और उसके बाद मुंबई, दिल्ली और पुणे जैसे बड़े शहरों में भी इसे शुरू किया जाएगा।

‘शून्य’ के फीचर्स

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स्पीड: ‘शून्य’ 250 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकती है, जिससे यात्री तेज़ी से अपने गंतव्य तक पहुँच सकेंगे।

पेलोड क्षमता: यह एयर टैक्सी 6 यात्रियों और 1 पायलट को साथ में ले जाने की क्षमता रखती है और इसका कुल वजन 680 किलोग्राम तक हो सकता है।

दूरी: यह 20-30 किमी की छोटी दूरी के लिए उपयुक्त है, जिससे यात्री सिटी के भीड़-भाड़ वाले इलाकों से जल्दी बाहर निकल सकते हैं।

किराया: शुरुआत में इसका किराया प्रीमियम टैक्सी सेवा के समान होगा, लेकिन भविष्य में इसे ऑटो-रिक्शा के किराए जितना सस्ता बनाने की योजना है।

‘शून्य’ का महत्व

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सरला एविएशन के को-फाउंडर और CEO एड्रियन श्मिट ने बताया कि ‘शून्य’ सिर्फ एक तकनीकी सफलता नहीं है, बल्कि यह भारत में शहरी यातायात के तरीके को बदलने का एक बड़ा कदम है। यह ट्रैफिक जाम और प्रदूषण जैसी समस्याओं को हल करते हुए भारत की आर्थिक क्षमता को भी बढ़ाने में मदद करेगा।

निवेश और विकास

सरला एविएशन को हाल ही में 10 मिलियन डॉलर की सीरीज A1 फंडिंग मिली है, जिसे Accel ने लीड किया है। इस फंडिंग में फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर बिन्नी बंसल और जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामत जैसे बड़े निवेशकों ने भी योगदान दिया है। इस फंडिंग का उपयोग एडवांस तकनीकी विकास और अनुसंधान केंद्र स्थापित करने के लिए किया जाएगा।

मेडिकल सेवाओं में उपयोग

सरला एविएशन भविष्य में एक फ्री एयर एम्बुलेंस सेवा भी शुरू करने की योजना बना रही है, जो शहरी क्षेत्रों में त्वरित चिकित्सा सेवा प्रदान करेगी। इसके अलावा इसे सेना के लिए भी उपयोग में लाया जा सकता है, जिससे त्वरित प्रतिक्रिया और आपातकालीन सेवाओं में मदद मिलेगी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने EVM के उपयोग को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के उपयोग को चुनौती देने वाली एक याचिका को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता ने यह तर्क दिया था कि भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) को प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में ईवीएम के उपयोग के लिए अलग-अलग कारण प्रस्तुत करने चाहिए थे, लेकिन अदालत ने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।

क्या था याचिकाकर्ता का तर्क?

याचिकाकर्ता रमेश चंद्र ने अदालत में यह दावा किया था कि ईसीआई को प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्यों ईवीएम का उपयोग किया जा रहा है। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 61-ए के तहत यह आवश्यक है कि प्रत्येक क्षेत्र में ईवीएम के उपयोग को स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर आंका जाए। चंद्र ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग को यह बताना चाहिए कि वह प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में ईवीएम के उपयोग के लिए किन कारणों के आधार पर निर्णय ले रहा है।

अदालत का फैसला क्या था?

दिल्ली उच्च न्यायालय की खंडपीठ, जिसकी अध्यक्षता कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विभु बाखरू और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला कर रहे थे, ने याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने ऐसा कोई ठोस आधार नहीं प्रस्तुत किया जिससे यह मामला न्यायिक हस्तक्षेप के योग्य बनता हो। पीठ ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 61-ए के तहत चुनाव आयोग को ईवीएम के उपयोग को अपनाने का अधिकार है, और उसने पहले ही यह निर्देश जारी कर दिए हैं कि किन-किन निर्वाचन क्षेत्रों में ईवीएम का उपयोग होगा।

ईसीआई के द्वारा पहले ही जारी किए गए थे निर्देश

अदालत ने यह भी कहा कि ईसीआई ने पहले ही अपनी ओर से निर्देश जारी कर दिए थे और इनमें उन निर्वाचन क्षेत्रों को निर्दिष्ट किया था जहां ईवीएम का उपयोग किया जाएगा। इस प्रकार, अदालत ने पाया कि ईसीआई ने प्रावधानों का पालन किया था और इसलिए याचिकाकर्ता का दावा आधारहीन था।

अदालत ने क्यों किया याचिका खारिज?

अदालत ने यह स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 61-ए की भाषा इस बात का समर्थन नहीं करती कि चुनाव आयोग को हर निर्वाचन क्षेत्र के लिए अलग से कारण प्रस्तुत करना चाहिए। इसके अलावा, अदालत ने पहले के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर पहले ही निर्णय लिया जा चुका है, और याचिकाकर्ता ने कोई नया ठोस तथ्य नहीं प्रस्तुत किया जो अदालत को हस्तक्षेप करने के लिए प्रेरित करता।

महाकुंभ में मेक इन इंडिया की धूम, मेले के माध्यम से मिल रही वैश्विक पहचान

प्रयागराज में चल रहा महाकुंभ तकरीबन करीब डेढ़ महीने तक चलेगा। इस महाकुंभ से  वैश्विक स्तर पर ब्रांड यूपी को बढ़ावा मिलेगा। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, “शीर्ष भारतीय कंपनियों द्वारा मार्केटिंग में 30,000 करोड़ रुपये निवेश करने के साथ, महाकुंभ उत्तर प्रदेश की वैश्विक प्रतिष्ठा को बढ़ाने के लिए तैयार है। इस आयोजन से भारतीय और स्थानीय उत्पादों के लिए बाज़ार का विस्तार होगा, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को बढ़ावा मिलेगा।

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उन्होंने कहा, “आगंतुक काशी की प्रतिष्ठित ठंडाई, लालपेड़ा और बनारसी साड़ियों से लेकर गोरखपुर के टेराकोटा, मिर्जापुर के पीतल के बर्तन, प्रतापगढ़ के आंवला उत्पादों और अन्य कई प्रकार की वस्तुओं का पता लगा सकते हैं। ये अनूठी रचनाएं व्यापक ध्यान आकर्षित कर रही हैं और उपस्थित लोगों द्वारा खरीदी जा रही हैं, एमएसएमई विभाग ने आयोजन के दौरान लगभग 35 करोड़ रुपये का कारोबार करने का अनुमान लगाया है।”

आगे उन्होंने कहा, “महाकुंभ ने अन्य राज्यों को अपनी जीवंत विविधता, विरासत और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच भी प्रदान किया है। गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, दादरा नगर हवेली, नागालैंड और लेह जैसे राज्यों ने अपने-अपने मंडपों में रंग-बिरंगे प्रदर्शनों के साथ अपनी पहचान बनाई है, जिससे इस आयोजन की सांस्कृतिक झलक और समृद्ध हुई है।”

बाबा महाकाल ने सालासर बालाजी स्वरूप में दिए दर्शन, आरती में हजारों श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद

विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में होने वाली भस्म आरती में आज बाबा महाकाल का सालासर बालाजी के रूप में श्रंगार किया गया। हर रोज की तरह मंगलवार तड़के चार बजे भव्य भस्म आरती का आयोजन हुआ। इस अवसर पर भगवान महाकाल को जल से स्नान करवा कर भस्म अर्पित की गई। इसके बाद, उन्हें मेवों के साथ भोग अर्पित किया गया और कपूर की आरती की गई। इस दौरान भगवान महाकाल का श्रृंगार विशेष रूप से किया गया, जिसमें शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाला, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों से बनी फूलों की माला अर्पित की गई।

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इसके बाद भगवान महाकाल को वैष्णव तिलक, रुद्राक्ष की माला, भांग और चंदन अर्पित कर उन्हें सालासर बालाजी स्वरूप में सजाया गया। इस पावन मौके पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई, जो महाकाल के दर्शन और उनकी भस्म आरती में सम्मिलित होने के लिए आए थे।

Delhi-Katra Expressway के साथ-साथ अब लोगों को मिलेगी यह सुविधा

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जम्मू-कश्मीर में अब जल्द ही बहुत से जिलों में गैस पाइपलाइन परियोजना भी पहुंच जाएगी। गुरदासपुर से जम्मू कश्मीर तक पाइप लाइन लगाने का काम जोरों पर चल रहा है। लगाई जा रही यह पाइपलाइन दिल्ली कटरा एक्सप्रेस वे के साथ-साथ बिछाई जा रही है। 175 किलोमीटर लंबी पाइप बिछाकर इस परियोजना को लगभग 2026 तक खत्म होने की संभावना है। इसके बाद लोगों को इससे गैस की सुविधा मिलेगी।

वहीं पहले फेज में सांबा, कठुआ, जम्मू,‌ रियासी और उधमपुर के लोगों को गैस पाइपलाइन के जरिए गैस मिलेगी। इसके लिए कठुआ और हीरानगर में प्वाइंट बनाएं जाएंगे। यह सुविधा लोगों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। वहीं डिप्टी कमिश्नर सांबा राजेश शर्मा ने कहा कि यह एक बहुत बड़ी सौगात है जो लोगों को मिलने जा रही है।

WhatsApp में आ रहा गजब का म्यूजिक स्टेटस अपडेट फीचर, अब खुशी से झूम उठेंगे यूजर्स

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WhatsApp जोकि Meta के स्वामित्व वाला एक लोकप्रिय मैसेजिंग एप है अपने उपयोगकर्ताओं के लिए एक नया और दिलचस्प फीचर पेश करने की योजना बना रहा है। इस नए फीचर के जरिए उपयोगकर्ता अब अपने स्टेटस अपडेट्स में म्यूजिक जोड़ सकेंगे।

 

बीटा टेस्टिंग में है म्यूजिक स्टेटस फीचर

  • WhatsApp में आए ढेरों नए और मजेदार Features, यूज़र्स को अब मिलेंगे शानदार कैमरा Effects

यह फीचर फिलहाल Android और iOS दोनों वर्जन के लिए चुनिंदा बीटा उपयोगकर्ताओं के साथ टेस्टिंग के चरण में है। फीचर ट्रैकर WABetaInfo के अनुसार यह सुविधा Android उपयोगकर्ताओं के लिए बीटा अपडेट 2.25.2.5 और iOS उपयोगकर्ताओं के लिए बीटा 25.1.10.73 के साथ उपलब्ध हो रही है।

कैसे काम करेगा यह फीचर?

जब यह फीचर यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा तो वे अपने स्टेटस अपडेट में एक नया म्यूजिक बटन देख सकेंगे। इस बटन के जरिए वे गाने या कलाकारों को सर्च कर सकते हैं और अपनी पसंद का गाना चुन सकते हैं। गाना चुनने के बाद वे यह तय कर सकते हैं कि गाने का कौन सा हिस्सा वे अपने स्टेटस में डालना चाहते हैं।

अगर स्टेटस एक फोटो है तो म्यूजिक क्लिप की अवधि अधिकतम 15 सेकंड होगी। वहीं वीडियो स्टेटस में म्यूजिक की अवधि वीडियो की लंबाई के हिसाब से निर्धारित की जाएगी।

यह फीचर WhatsApp के उपयोगकर्ताओं को अपने स्टेटस अपडेट्स को और भी दिलचस्प और व्यक्तिगत बनाने का एक नया तरीका प्रदान करेगा। Meta का ही एक अन्य एप Instagram पहले से ही अपने उपयोगकर्ताओं को स्टोरीज में म्यूजिक जोड़ने की सुविधा देता है और अब WhatsApp भी इस फीचर को अपने प्लेटफॉर्म पर लाने जा रहा है।

दिल्ली वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, ‘KG से लेकर PG तक मुफ्त शिक्षा

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अपना दूसरा घोषणापत्र जारी किया। इसमें शिक्षा और युवाओं से जुड़े बड़े वादे किए गए हैं। पार्टी ने सरकार बनने पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने और जरूरतमंद छात्रों को केजी से पीजी (KG to PG) तक मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने का वादा किया है।

बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने घोषणापत्र जारी करते हुए कहा, “हमारी सरकार बनने के बाद दिल्ली के सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में जरूरतमंद छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, परीक्षा आवेदन शुल्क और दो बार यात्रा व्यय की भी भरपाई की जाएगी।”

यह घोषणापत्र दिल्ली के युवाओं और छात्रों के लिए बड़े वादे करता है, जिसमें शिक्षा और आर्थिक सहायता को प्राथमिकता दी गई है। यह एक डिवेलपिंग स्टोरी है और जैसे-जैसे जानकारी उपलब्ध होगी, इसे अपडेट किया जाएगा।

Covid-19 के दौरान अनाथ हुए 4,500 से अधिक बच्चों पर PM केयर्स फंड से 346 करोड़ रुपये किए गए खर्च

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कोविड-19 महामारी के दौरान अनाथ हुए 4,500 से अधिक बच्चों के कल्याण के लिए पीएम केयर्स फंड से 346 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह जानकारी 2022-23 के लिए फंड के नवीनतम ऑडिटेड स्टेटमेंट से सामने आई है।

क्या है PM केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 मई 2021 को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना की शुरुआत की थी। इसका मुख्य उद्देश्य उन बच्चों की सहायता करना है जिन्होंने 11 मार्च, 2020 से 5 मई, 2023 तक की अवधि में कोविड-19 महामारी के कारण अपने माता-पिता, कानूनी अभिभावक, दत्तक माता-पिता या दोनों जीवित माता-पिता को खो दिया है।

योजना का उद्देश्य और सुविधाएं

इस योजना का उद्देश्य बच्चों की देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत बच्चों को स्वास्थ्य बीमा, शिक्षा 23 वर्ष की उम्र होने पर वित्तीय सहायता और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अन्य मदद दी जाती है।

इस योजना में 4,500 से अधिक बच्चों को सहायता मिल रही है जो भारत के 31 राज्यों के 558 जिलों में फैले हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा बच्चे महाराष्ट्र (855), उत्तर प्रदेश (467), मध्य प्रदेश (433), तमिलनाडु (426) और आंध्र प्रदेश (351) में हैं।

बच्चों को मिल रही सहायता:

➤ सभी बच्चों को 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है।
➤ बच्चों के पुनर्वास के लिए आवास और भोजन की सहायता।
➤ स्कूलों में प्रवेश की सुविधा।
➤ उच्च शिक्षा के लिए शैक्षिक ऋण।
➤ 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर।
➤ कक्षा 1 से कक्षा 12 तक के स्कूल जाने वाले बच्चों को प्रति वर्ष 20,000 रुपये की छात्रवृत्ति।

कोविड-19 महामारी का असर और बच्चों की स्थिति

कोविड-19 महामारी ने भारत समेत पूरी दुनिया को बुरी तरह प्रभावित किया। बच्चों के लिए सबसे बड़ी चुनौतियां उनकी दिनचर्या का नुकसान, स्कूल न जा पाना और प्रियजनों को खोने का डर था। महामारी के कारण कई बच्चों ने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया।

वहीं इन बच्चों के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापक सहायता की घोषणा की और इनकी देखभाल और पुनर्वास के लिए पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना शुरू की। बता दें कि योजना में बच्चों को शिक्षा के लिए गैप फंडिंग 18 वर्ष की आयु तक मासिक वजीफा और 23 वर्ष की आयु में 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि दी जाती है।

पीएम केयर्स फंड का उद्देश्य और मदद

कोविड-19 महामारी से उत्पन्न आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पीएम केयर्स फंड की स्थापना की गई थी। यह फंड समाज के सबसे प्रभावित वर्गों की मदद करने के लिए समर्पित है। महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय इस योजना के लिए नोडल मंत्रालय है और यह योजना राज्यों, जिला प्रशासन और अन्य मंत्रालयों के साथ मिलकर चलाई जा रही है।

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