Monday, June 29, 2026
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GNDU यूनिवर्सिटी पहुंचे CM Mann ने किया ये ऐलान

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पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान आज अमृतसर पहुंचे। इस दौरान व अमृतसर की जीएनडीयू यूनिवर्सिटी में दिवंगत कवि सुरजीत सिंह पातर की याद में रखवाए गए प्रोगाम में शिरकत हुए। इस मौके कैबिनेट मंत्री कुलदीप धालीवाल सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे। वहीं प्रोग्राम में कवि सुरजीत सिंह पातर का परिवार भी मौजूद रहा।

इस दौरान सीएम मान ने लोगों को सुरजीत पातर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सुरजीत पातर ने पंजाबी कविता को नया रूप दिया है और उनकी कविताओं का कई भाषाओं में अनुवाद भी हुआ है। इस दौरान सीएम मान ने कवि सुरजीत सिंह पातर के नाम पर जीएनडीयू यूनिवर्सिटी में सेंटर बनाने का ऐलान किया है। इस सेंटर का नाम सुरजीत पातर एथिकल एआई होगा। इसके साथ ही आने वाले समय में सुरजीत पातर यादगार अवार्ड नए शायरों को दिया जाएगा।

सीएम मान ने सुरजीत पातर के साथ बिताए पलों को याद करते हुए कहा कि जब मैं कलाकर क्षेत्र में आया तो पातर साहब से प्रेरित होकर कई कविताएं लिखीं। आने वाले दिनों में एक किताब या ई-बुक जारी करूंगा। उन्होंने बताया कि एक बार जब उन्होंने सुरजीत पातर को अपनी लिखी कविता सुनाई तो पातर ने भगवंत से पूछा, “तुमने कुछ शब्दों में क्या लिख ​​दिया?” जिसके बाद प्रेरित हुए और कविताएं लिखना शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि हमारे पास कवि, लेखक, गायक सभी हैं जो पंजाबी विरासत को प्रसिद्ध करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर बॉलीवुड वालों के पास पंजाबी गाने नहीं हैं तो वे खुद को सुरक्षित नहीं मानते। उन्होंने कहा कि सभी भाषाएं बोलनी चाहिए, लेकिन सभी को अपनी मातृभाषा जरूर बोलनी चाहिए। लोग भले ही पंजाब से आए हों, लेकिन जब वे विदेश जाते हैं, तो हिंदी बोलने लगते हैं, लेकिन मैं चाहता हूं कि हम अपनी भाषा को न भूलें।

सीएम मान ने आगे कहा कि, जब मैंने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला तो मैं पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला गया, जहां हमें बताया गया कि हमारे पास पैसे नहीं हैं और हमें वेतन नहीं मिल रहा है। इसके बाद पंजाब सरकार ने पटियाला विश्वविद्यालय के लिए 350 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिलेगा तो इसका मतलब है कि शिक्षा कर्ज में डूबी हुई है और फिर विश्वविद्यालय कैसे प्रगति करेगा। पंजाब एक मेहनती राष्ट्र है और हमारे बुजुर्गों ने हमें एकजुट होकर एक-दूसरे का समर्थन करना सिखाया है।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसा मत सोचिए कि अगर 4 लोग अंग्रेजी बोलते हुए आ जाएं और 4 लोग हिंदी बोलते हुए आ जाएं तो अपनी भाषा बदल दीजिए। पंजाबी कोई आम भाषा नहीं है, यह बहुत बड़ी भाषा है। हमें अपने लेखकों, विरासत, शहीदों और राष्ट्र को हमेशा याद रखना चाहिए। जो राष्ट्र को याद रखते हैं, वे जीवित रहते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाबी जहां भी जाते हैं, झंडे जरूर फहराते हैं। हमें पंजाब की यादों को संजोकर रखना होगा ताकि हमारी नई पीढ़ी जीवित रह सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सुरजीत पातर साहब और सुरजीत पातर 74 एथिकल एआई यूनिवर्सिटी में एक केंद्र स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकारों का यह कर्तव्य है कि वे अपने नागरिकों को हर सुविधा उपलब्ध कराएं

Fact Check : भगवान कृष्ण के दिल की तस्वीर हुई वायरल..जानें क्या है सच्चाई?

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सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही एक तस्वीर में एक लकड़ी के बने दिल को देखा जा सकता है। इस पोस्ट को शेयर कर कई दावे किये जा रहे हैं, जिनमें से एक यह है कि ये भगवान जगन्नाथ के असली दिल की तस्वीर है, जिसे जगन्नाथ मंदिर में संभाल कर रखा गया है।

विश्वास न्यूज ने इस बात की पड़ताल की कि क्या यह तस्वीर किसी असली दिल की है या नहीं। हमारी पड़ताल में वायरल दावा गलत साबित हुआ। दरअसल ये पेड़ से बना एक आर्टवर्क है, जिसे दिल के आकार का बनाया गया है। इसे रूस के एक कलाकार दिमित्री त्सिकालोव (Dimitri Tsykalov) ने लकड़ी और पेड़ की छाल से बनाया है।

क्या है वायरल पोस्ट में ?
फेसबुक यूजर पत्रकार कृष्णा पंडित ने 12 जनवरी 2025 को वायरल तस्वीर को शेयर किया और लिखा, “*रहस्यमयी जगरनाथ मंदिर* भगवान् कृष्ण ने जब देह छोड़ी तो उनका अंतिम संस्कार किया गया, उनका सारा शरीर तो पांच तत्त्व में मिल गया, लेकिन उनका हृदय बिलकुल सामान्य एक जिन्दा आदमी की तरह धड़क रहा था और वो बिलकुल सुरक्षित था,उनका हृदय आज तक सुरक्षित है, जो भगवान् जगन्नाथ की काठ की मूर्ति के अंदर रहता है और उसी तरह धड़कता है, ये बात बहुत कम लोगो को पता है!।” पोस्ट में और भी कई दावे किया गए हैं मगर हमने उनकी पड़ताल न करने का फैसला किया और अपनी पड़ताल को सिर्फ इस बात पर नियंत्रित किया कि यह किसी असली दिल की तस्वीर है या नहीं।

पड़ताल
वायरल तस्वीर एक बार पहले भी गलत दावे के साथ वायरल हुई थी और उस समय भी हमने इसकी पड़ताल की थी। गूगल लेंस के जरिए सर्च करने पर हमें यह फोटो ‘coolhunting dot com’ नाम की वेबसाइट पर पब्लिश हुए एक आर्टिकल में मिली। 16 अप्रैल 2013 को पब्लिश इस आर्टिकल के मुताबिक, “यह एक आर्टवर्क है, जिसे दिमित्री त्सिकालोव नाम के एक रूसी कलाकार ने बनाया है।”

हमें यह तस्वीर ‘buro247 dot ru’ नाम की वेबसाइट पर भी मिली। 29 मार्च 2013 को पब्लिश आर्टिकल में बताया गया, “यह तस्वीर पेरिस आर्ट फेयर की है। जिसे दिमित्री त्सिकालोव ने बनाया है।हमें ‘thalmaray dot co’ नाम की वेबसाइट पर भी दिमित्री त्सिकालोव के आर्टवर्क की जानकारी मिली। 14 दिसंबर 2017 को पब्लिश आर्टिकल में बताया गया था, “दिमित्री त्सिकालोव का जन्म रूस में हुआ था। हालांकि,अब वो पेरिस में रहते हैं और वहीं से काम करते हैं। दिमित्री ने छाल और मिट्टी से बने एक विशाल लकड़ी के दिल का निर्माण किया था। इस आर्टवर्क को ‘हार्ट एंड सॉइल’ नाम से जाना जाता है।” यहां हमें दिमित्री त्सिकालोव के बनाए गए कई अन्य आर्टवर्क के बारे में भी जानकारी मिली।उस समय दावे को लेकर हमने जगन्नाथ मंदिर के पीआर से भी संपर्क किया था। उन्होंने हमें बताया था, “वायरल दावा गलत है। इस तस्वीर का भगवान जगन्नाथ से कोई संबंध नहीं है, लोग गलत जानकारी शेयर कर रहे हैं।” पड़ताल के अंत में हमने इस पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की जांच की। जांच के दौरान पता चला कि यूजर पत्रकार कृष्णा पंडित के फेसबुक पर 6000 से अधिक फॉलोअर्स हैं। निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा गलत निकला। यह कोई असली दिल की तस्वीर नहीं है, बल्कि एक आर्टवर्क है।

Mahakumbh में कल्पवास कर रही हैं Laurene Powell, भगवा वस्त्र पहन अमृत स्नान के लिए पहुंची संगम

महाकुंभ के दूसरे स्नान पर्व मकर संक्रांति पर मंगलवार को सुबह से अखाड़ों के साधु संतों का अमृत स्नान जारी है। इसी बीच अमेरिका के अरबपति कारोबारी स्टीव जाॅब्स की पत्नी लाॅरेन पाॅवेल (Laurene Powell) निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद सरस्वती के साथ रथ पर सवार होकर अमृत स्नान (शाही) स्नान के लिए पहुचीं। लाॅरेन भगवा वस्त्र पहने हुए नजर आई।

महाकुंभ में लॉरेन को मिला नया नाम 
बता दें कि एप्पल की मालकिन लॉरेन पॉवेल जॉब्स महाकुंभ में कल्पवास के लिए पहुंच गई हैं। उनके गुरु निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ने उनको कल्पवास के लिए महाकुंभ में कमला नया नाम दिया है। कमला ने पौष पूर्णिमा पर प्रथम डुबकी के साथ कल्पवास आरंभ किया। लॉरेन पॉवेल जॉब्स सेक्टर-18 में कैलाशानंद के शिविर में रहकर सनातन परंपरा के कठिन अनुशासन के तौर पर कल्पवास करेंगी। वह तीन दिनों तक कल्पवास करने के बाद 15 जनवरी को वापस लौट जाएंगी। पूरे देश की निगाहें इस समय लाॅरेन पाॅवेल पर हैं।

लॉरेन पॉवेल ने शाही स्नान में लिया हिस्सा
मंगलवार को मकर संक्रांति के मौके पर उन्होंने महाकुंभ के पहले शाही स्नान में हिस्सा लिया। वह आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद सरस्वती के साथ रत्न जड़ित शाही रथ पर सवार होकर कड़ी सुरक्षा के बीच संगम तट पर डुबकी लगाने के लिए पहुंचीं। महाकुंभ में वह सादगी भरा जीवन बिताते हुए सनातन की संस्कृति से परिचित होंगी और आध्यात्मिक ज्ञान भी प्राप्त करेंगी।

Bihar: 5 फीट लंबे मगरमच्छ को ग्रामीणों ने कंधे पर लादकर खेतों में घुमाया, फिर किया वन विभाग के हवाले

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बिहार के पश्चिम चंपारण ज़िले के चूहड़ी गांव में सोमवार को एक रोमांचक घटना घटी। गांव के तालाब में करीब पांच फीट लंबे और 80 किलो वजनी मगरमच्छ को ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ से पकड़ लिया। इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए पूरे गांव के लोग इकट्ठा हो गए।

ग्रामीणों ने जाल से पकड़ा मगरमच्छ

तालाब में पिछले आठ महीनों से मगरमच्छ के दिखाई देने की खबरें आ रही थीं। मगरमच्छ ने तालाब की मछलियों को खाना शुरू कर दिया जिससे ग्रामीण परेशान हो गए। आखिरकार ग्रामीणों ने मछली पकड़ने वाले जाल की मदद से मगरमच्छ को पकड़ने का प्लान बनाया। जाल में फंसाने के बाद ग्रामीणों ने उसे रस्सी से बांधा और कंधे पर लादकर तालाब से बाहर निकाला।

गांव के बच्चों और बड़ों ने मिलकर किया रेस्क्यू

मगरमच्छ को पकड़ने के बाद बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने मिलकर उसे कंधे पर उठा लिया। ग्रामीण उसे खेतों में ले गए और लोहे के पिंजड़े में बांध दिया। इस दौरान किसी को भी कोई नुकसान नहीं हुआ और मगरमच्छ को भी चोट नहीं आई।

वन विभाग ने मगरमच्छ को सुरक्षित कब्जे में लिया 

ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। टीम ने मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया। वनकर्मियों ने बताया कि यह मगरमच्छ गंडक नदी से नहर के सहारे तालाब में आ पहुंचा होगा। अब उसे वापस गंडक नदी में छोड़ा जाएगा।

ग्रामीणों का साहस और सूझबूझ

इस घटना ने दिखाया कि किस तरह गांव के लोगों ने मिलकर अपनी सूझबूझ से इस काम को अंजाम दिया। मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर वन विभाग को सौंपने तक पूरे गांव ने जिम्मेदारी से काम किया।

Insurance सेक्टर में बड़ा बदलाव, पहली बार LIC को पीछे छोड़कर आगे निकली यह कंपनी

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देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) के लिए यह साल चुनौतियों भरा साबित हो रहा है। पहली बार रेगुलर प्रीमियम पॉलिसीज के मामले में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस (SBI Life Insurance) ने एलआईसी को पीछे छोड़ दिया है। दिसंबर में एसबीआई लाइफ का प्रदर्शन बेहतर रहा, जिसमें नई व्यक्तिगत गैर-एकल प्रीमियम पॉलिसीज से 3,416 करोड़ रुपए जुटाए गए, जो पिछले साल की तुलना में 16.7% अधिक है। इसके विपरीत, इस सेगमेंट में एलआईसी का कलेक्शन 3,111 करोड़ रुपए से घटकर 2,628 करोड़ रुपए रह गया, जो 15% की गिरावट दर्शाता है।

एलआईसी का दिसंबर में प्रीमियम पिछले साल के मुकाबले 40 फीसदी गिरावट के साथ 22,981 करोड़ रुपए रह गया है। सबसे बड़ी गिरावट ग्रुप सिंगल प्रीमियम पॉलिसीज से आई, जो पिछले साल के 17,601 करोड़ रुपए से घटकर 8,191 करोड़ रुपये रह गई। इसके बावजूद एलआईसी ने दिसंबर 2024 में 13,523 करोड़ रुपए के कुल नए व्यवसाय प्रीमियम के साथ सबसे बड़ी कंपनी के रूप में अपनी बढ़त बनाए रखी, जो कि 30,218 करोड़ रुपए के इंडस्ट्री प्रीमियम का 44% है।

किसकी कितनी हिस्सेदारी

एसबीआई लाइफ की प्रीमियम में बढ़ोतरी दिसंबर में भी जारी रही। बीते महीने यह 15% बढ़कर 5,307 करोड़ रुपए हो गई। इससे महीने के लिए इसकी बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 17.5% हो गई। अप्रैल से दिसंबर तक, एसबीआई लाइफ ने 9.5% बाजार हिस्सेदारी हासिल की, जो एचडीएफसी लाइफ के 8.2% और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ के 5.5% से ज्यादा है। दिसंबर 2023 की तुलना में दिसंबर 2024 के लिए पूरी लाइफ इंश्योरेंस इंडस्ट्री में प्रीमियम में 21% की गिरावट देखी गई। अप्रैल-दिसंबर की अवधि के लिए एलआईसी की बाजार हिस्सेदारी 57.4% रही, जो पिछले साल के 58.8% से थोड़ी कम है।

सेंसेक्स में 300 अंक से ज्यादा की तेजी, 76,600 पर कारोबार कर रहा

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हफ्ते दूसरे कारोबारी दिन यानी आज मंगलवार (14 जनवरी) को शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 76,600 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 100 अंक की तेजी है, ये 23,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 27 में तेजी और 3 में गिरावट है। निफ्टी के 50 शेयरों में से 28 में तेजी और 21 में गिरावट है। जबकि एक शेयर बिना किसी बदलाव के ओपन हुआ है।

NSE सेक्टोरल इंडेक्स में सरकारी बैंकों के शेयर में सबसे ज्यादा 2.08% की तेजी है। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.19%, ऑयल एंड गैस 1.32% और मीडिया 1.96% की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है। FMCG और IT सेक्टर में मामूली गिरावट है।

ग्लोबल मार्केट में मिलाजुला कारोबार

  • एशियाई बाजार में जापान के निक्‍केई में 1.84% की गिरावट जबकि कोरिया के कोस्पी में 0.16% की तेजी रही। चीन का शंघाई कम्पोजिट इंडेक्स 1.79% ऊपर 3,217 पर बंद हुआ।
  • NSE के डेटा के अनुसार, 13 जनवरी को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 4,892.84 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इस दौरान घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 8,066.07 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।
  • 13 जनवरी को अमेरिका का डाओ जोंस 0.86% की तेजी के साथ 42,297 पर बंद हुआ। S&P 500 इंडेक्स 0.16% ऊपर 5,836 जबकि नैस्डैक इंडेक्स 0.38% गिरकर 19,088 के स्तर पर बंद हुए।

कल शेयर बाजार में रही थी बड़ी गिरावट

कल यानी 13 जनवरी को शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी दिन गिरावट रही। सेंसेक्स 1048 अंक (1.36%) की गिरावट के साथ 76,330 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 345 अंक (1.47%) की गिरावट रही, ये 23,085 के स्तर पर बंद हुआ। BSE स्मॉलकैप 2,126 अंक (4.03%) की गिरावट के साथ 50,596 के स्तर पर बंद हुआ।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 26 में गिरावट और केवल 4 में तेजी रही। निफ्टी के 50 शेयरों में से 46 में गिरावट और केवल 4 में तेजी रही। NSE सेक्टोरल इंडेक्स में सबसे ज्यादा निफ्टी रियल्टी 6.47%, निफ्टी मीडिया 4.54% और निफ्टी मेटल 3.77% गिरकर बंद हुए।

सुबह ब्रेकफास्ट करना ना भूलें, जानें 30 दिनों तक नाश्ता न करने से क्या होगा शरीर का हाल

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बचपन से हम यही सुनते आ रहे हैं कि नाश्ता छोड़ना एक गलती है। नाश्ते को अक्सर दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन कहा जाता है क्योंकि यह आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है और पूरे दिन स्वस्थ खाने के लिए माहौल तैयार करता है। नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन माना जाता है, क्योंकि यह आपको ऊर्जा प्रदान करता है और दिन की अच्छी शुरुआत सुनिश्चित करता है। यदि आपको भूख नहीं लग रही तो क्या नाश्ता छोड़ना सही है? आइए आपको इस तरह के सवालों का विस्तार से देते हैं जवाब

नाश्ता छोड़ने के दुष्प्रभाव

नाश्ता छोड़ने से ऊर्जा की कमी हो सकती है।  सुबह का नाश्ता शरीर को आवश्यक पोषक तत्व और ऊर्जा प्रदान करता है। इसे छोड़ने से दिनभर थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। डायबिटीज के मरीजों को नाश्ता जरूर करना चाहिए नहीं तो उनका  ब्लड शुगर लेवल अस्थिर हो सकता है।  एक्सपर्ट के मुताबिक, न्यूरोट्रांसमीटर सेरोटोनिन हमारे मूड को काफी हद तक प्रभावित करता है. जो हमारे नाश्ते से प्रभावित होता है. अगर हम एक महीने तक लगातार नाश्ता नहीं करते हैं तो सेरोटोनिन का स्तर बाधित हो सकता है, जिससे चिड़चिड़ापन, चिंता और यहां तक कि डिप्रेशन के लक्षण भी बढ़ जाते हैं।

वजन बढ़ने का खतरा

नाश्ता न करने से दिन के बाकी समय में अधिक भूख लग सकती है, जिससे आप अनहेल्दी स्नैक्स का सेवन कर सकते हैं। यह वजन बढ़ने का कारण बन सकता है।नाश्ता छोड़ने का असर आपके मूड और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। खाली पेट रहने से चिड़चिड़ापन, ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत, और मानसिक थकान हो सकती है। कुछ अध्ययनों के अनुसार नाश्ता न करने से हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी को प्रभावित कर सकता है।

भूख ना लगने पर क्या करें

नाश्ता दिन का एक महत्वपूर्ण भोजन माना जाता है, लेकिन अगर आपको सुबह भूख नहीं लगती, तो यह सवाल उठता है कि क्या नाश्ता छोड़ना सही है? यदि आपको नाश्ता छोड़ने का मन हो  तो एक हल्का नाश्ता जैसे फल, नट्स, या एक स्मूदी ले सकते हैं। यह आपके शरीर को पोषक तत्व और ऊर्जा प्रदान कर सकता है बिना ज्यादा भारी महसूस कराए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अपने शरीर के संकेतों को सुनें। अगर आप नाश्ता छोड़ने के बावजूद दिनभर ऊर्जावान और स्वस्थ महसूस करते हैं, तो यह आपके लिए सही हो सकता है। लेकिन अगर नाश्ता न करने से थकान या भूख लगने लगती है, तो नाश्ता करना महत्वपूर्ण हो सकता है।

 

डॉक्टर से परामर्श लें

अगर आप नाश्ता छोड़ने को लेकर असमंजस में हैं या इससे जुड़ी कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहतर होगा। अगर आपको सुबह भूख नहीं लगती है, तो नाश्ता छोड़ना कभी-कभी ठीक हो सकता है, लेकिन यह आपकी दैनिक ऊर्जा और पोषण की जरूरतों पर निर्भर करता है। हल्का नाश्ता करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। अपने शरीर की जरूरतों को समझना और उसके अनुसार निर्णय लेना सबसे महत्वपूर्ण है।

इन विकल्पों पर दें ध्यान

अगर आपको ज्यादा भूख नहीं है, तो आप हल्का और पोषण युक्त नाश्ता जैसे फल, नट्स, या दही ले सकते हैं।  दिनभर ऊर्जा बनाए रखने के लिए नियमित समय पर भोजन करें। सुबह पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से भूख बढ़ सकती है और पाचन तंत्र की क्रिया में सुधार हो सकता है। नाश्ता न करने से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे ऊर्जा की कमी, मेटाबॉलिज्म पर असर, ब्लड शुगर लेवल में अस्थिरता, वजन बढ़ना, और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव। इसलिए, भूख न होने पर भी हल्का और पोषण युक्त नाश्ता करना आपकी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।

Mata Vaishno Devi के श्रद्धालुओं के लिए Good News, जल्द शुरू होगी यह सुविधा

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मां भगवती के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं का पुरानी गुफा खुलने का इंतजार आज खत्म होगा। श्रद्धालु श्राइन बोर्ड द्वारा पूजा-अर्चना के बाद पुरानी गुफा से मां वैष्णो देवी की प्राकृतिक पिंडियों के दर्शनों के लिए आगे बढ़ सकेंगे।

वहीं मकर संक्रांति पर श्राइन बोर्ड प्रशासन द्वारा वैष्णो देवी भवन की तर्ज पर अर्द्धकुंवारी पर भी हवन यज्ञ सुविधा शुरू की जा रही है। इसमें श्रद्धालु 3100 रुपए का भुगतान कर परिवार संग (5 सदस्य) मां भगवती का गुणगान कर सकेंगे।

इस संबंध में सी.ई.ओ. श्राइन बोर्ड अंशुल गर्ग ने बताया कि इस बार भी हर वर्ष की तरह मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद आज पुरानी गुफा के कपाट खोल दिए जाएंगे। हालांकि श्रद्धालुओं को पुरानी गुफा से दर्शनों की अनुमति उस समय ही होगी जब यात्रा का आंकड़ा 10,000 से कम होगा।

उन्होंने बताया कि अगर भीड़ अधिक होगी तो श्रद्धालुओं को नई गुफा से ही दर्शन करने की अनुमति मौके पर मौजूद टीम द्वारा दी जाएगी।

पंजाब की सियासत में बड़ी हलचल, बेहद अहम होगा आज का दिन

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40 मुक्तों की पवित्र व ऐतिहासिक धरती श्री मुक्तसर साहिब में अपने आप को पंथ का सच्चा सिपाही बताने के लिए शिअद बादल,शिअद अमृतसर और सांसद अमृतपाल सिंह की नई बनी पार्टी के लोग 14 जनवरी को माघी वाले दिन सियासी कांफ्रैंस कर शक्ति प्रदर्शन करेंगे। सुखबीर बादल इस कांफ्रैंस के माध्यम से शक्ति प्रदर्शन कर पार्टी में मजबूती के साथ वापसी करना चाह रहे हैं। वहीं सांसद अमृतपाल की पार्टी के लोग भी बादल सरकार के समय हुए गुनाहों की गठरी को एक बार फिर खोल कर लोगों के बीच रखने की तैयारी किए हुए हैं। वहीं पूर्व सांसद सिमरजीत सिंह मान भी सियासी कांफ्रैंस की तैयारी किए हुए हैं।

बता दें कि मलोट रोड पर शिअद (बादल) ने सियासी कांफ्रैंस रखी है। पिछले कई दिनों से इसकी तैयारी चल रही है। वहीं शिअद (अमृतसर) द्वारा डेरा भाई मस्तान में कांफ्रैंस की जा रही है। इसी तरह बठिंडा रोड पर स्थित ग्रीन सी रिजोर्ट पुलिस लाइन के सामने सांसद अमृतपाल सिंह के समर्थकों की ओर से नई पंथक पार्टी की घोषणा के लिए सियासी कांफ्रेंस रखी है। यह तीनों ही कांफ्रैंस पंथ के नाम पर हो रही है और अपने आप को असली पंथक नेता दिखाने के लिए सभी नेता शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।

मलोट रोड पर शिअद (बादल) की कांफ्रैंस को पूर्व अध्यक्ष सुखबीर बादल लीड करेंगे। इस कांफ्रैंस में शिअद की सीनियर लीडरशिप भी शामिल होगी। वहीं इस बार शिअद पिछली बार की तरह महिलाओं की अलग कांफ्रेंस नहीं करेगा। इस बार महिलाओं और पुरूष नेताओं की कांफ्रैंस संयुक्त रूप से होगी। सुखबीर बादल का इस्तीफा मंजूर होने के बाद शुरू होने जा रही नई भर्ती को लेकर सुखबीर इस कांफ्रेंस के माध्यम से अपना शक्ति प्रदर्शन करना चाह रहे हैं। ताकि वह फिर से पार्टी में मजबूती के साथ वापसी कर सकें। उधर,नई बनी सांसद अमृतपाल की पार्टी भी शिअद को कहीं न कहीं नुकसान जरूर पहुंचाएगी। तीनों कांफ्रेंसों में पंथ को आधार बनाया जा रहा है।

वाहन चालक सावधान! जल्दी से कर ले ये काम नहीं तो…

चंडीगढ़ में ट्रैफिक पुलिस ने पिछले साल 10 लाख से ज्यादा चालान काटे। इन चालानों में 7.5 लाख से ज्यादा चालान का जुर्माना वसूल ही नहीं हो पाया। यह खुलासा आर.टी.आई. से में हुआ है। आर.टी.आई. के मुताबिक 2024 में कुल 10, 15,5 18 चालान काटे गए। इनमें से सिर्फ 2,61,586 चालान का ही भुगतान हुआ। पुलिस को चालानों से 22,78,43,950 रुपए की कमाई हुई।

यह जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता आर. के. गर्ग द्वारा दायर आर. टी. आई. से मिली है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा किए गए चालान ज्यादातर रेड लाइट जंप, तेज रफ्तार और गलत पार्किंग जैसे नियमों के उल्लंघन के काटे गए। महिला चालकों और पीछे बैठने वालों   को भी हैल्मेट न पहनने के लिए बड़ी संख्या में चालान काटे गए। आर. टी. आई. एक्टिविस्ट गर्ग ने सवाल उठाया है कि पुलिस की वैबसाइट पर सिर्फ 75 तरह के ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन बताया गया है, जबकि चालान 121 तरह के उल्लंघनों के लिए काटे गए। चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस चालान का भुगतान न करने वालो को सम्मन भिजवा रही है। इसके अलावा पुलिस खुद भी लोगों को फोन कर चालान का भुगतान करने के लिए कह रही है। पुलिस का कहना है कि चालान का भुगतान न करने पर गाड़ी या दोपहिया वाहन की आर. सी. रद्द कर दी जाएगी। हालही में लोक अदालत में 170 से ज्यादा चालानों का वाहन मालिकों ने भुगतान किया था।

6 चालान पुलिस ने खुद मौके पर काटे
कुछ चालान सी.सी.टी.वी. कैमरों से काटे गए। कुछ चालान पुलिस ने खुद मौके पर काटे। कुछ चालान सोशल मीडिया पर अपलोड की गई तस्वीरों के आधार पर काटे गए। यह चालान 121 अलग-अलग ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए काटे गए। बता दें कि चालान जारी होने के बाद ट्रैफिक पुलिस लोगों को एस.एम.एस. के जरिए सूचना देती है। अगर एस.एम.एस. नहीं मिलता है तो लोग चंडीगढ़ पुलिस की वैबसाइट पर अपने चालान की जानकारी ले सकते हैं। चालान का भुगतान सैक्टर-29 स्थित ट्रैफिक पुलिस लाइन्स में किया जा सकता है। लोग कोर्ट और लोक अदालतों में भी चालान का भुगतान कर सकते हैं।

सबसे ज्यादा चालान लाइट जंप के
सबसे ज्यादा चालान रेड लाइट जंप और खतरनाक गाड़ी चलाने के लिए काटे गए। 1 जनवरी, 2024 से 25 दिसंबर, 2024 के बीच ऐसे 4.90 लाख चालान काटे गए। तेज रफ्तार के 1,15,625 चालान काटे गए। स्टॉप और जेब्रा लाइन के उल्लंघन के लिए 1,08,393 चालान काटे। भारी वाहनों ट्रक और बसों को तेज रफ्तार में चलाने के लिए 2,750 चालान काटे।

महिलाओं के भी कटे चालान
महिला चालकों और पीछे बैठने पर हैल्मेट न पहनने के लिए बड़ी संख्या में चालान काटे गए। 44,564 महिलाओं को पीछे बैठ हेल्मेट न पहनने के लिए चालान काटे गए 16,870 महिलाओं के वाहन चलाते समय हैल्मेट न पहनने के लिए चालान काटे गए। 19,693 पुरुपों के हैल्मेट न पहनने के लिए चालान काटे गए। 12,264 पुरुपों को पीछे बैठकर हैल्मेट न पहनने के लिए चालान काटे गए। ट्रिपल राइडिंग के लिए 2,356 चालान काटे गए।

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