Monday, September 21, 2026
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NATIONAL : पवन खेड़ा को असम पुलिस ने आज फिर पूछताछ के लिए बुलाया, कल 10 घंटे तक किए थे सवाल-जवाब

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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा से बुधवार को असम पुलिस की अपराध शाखा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान सरमा द्वारा दर्ज किए गए मामलों के संबंध में 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। खेड़ा ने बताया कि उन्हें गुरुवार सुबह फिर से अपराध शाखा के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है।

यह मामले ऐसे समय में दर्ज किए गए हैं जब खेड़ा ने आरोप लगाया था कि शर्मा के पास कई पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं। खेड़ा ने अपराध शाखा कार्यालय में प्रवेश करने से पहले पत्रकारों से कहा कि वह जांच में सहयोग कर रहे हैं।उन्होंने कहा, ‘मुझे पुलिस ने तलब किया था, जिसके बाद मैं यहां आया हूं। हम कानून और न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, इसलिए मैं कानूनी प्रक्रिया के अनुसार यहां उपस्थित हूं।’

खेड़ा ने कहा कि पूछताछ पूरी होने के बाद वह मीडिया से विस्तार से बात करेंगे। इस मामले में मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि कानून अपना काम करेगा, लेकिन हमें केंद्र सरकार से लिखित में यह सूचना मिल चुकी है कि खेड़ा द्वारा प्रदर्शित दस्तावेज फर्जी थे।

मुख्यमंत्री ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि इसलिए पुलिस जांच में ज्यादा समय नहीं लगेगा और वे निर्धारित समय के भीतर आरोप पत्र दाखिल कर सकेंगे। अगर वह सहयोग करते रहे तो आरोपपत्र या अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने में तेजी आएगी, लेकिन अगर वह सहयोग नहीं करते हैं तो इसमें समय लग सकता है। हम इस मामले को जल्द से जल्द निपटाना चाहते हैं।की पत्नी ने बीएनएस के विभिन्न प्रविधानों के तहत गुवाहाटी अपराध शाखा पुलिस थाने में खेड़ा और अन्य के खिलाफ आपराधिक शिकायतें दर्ज कराई थीं।

कांग्रेस नेता के खिलाफ लगाए गए आरोपों में चुनाव के संबंध में झूठे बयान देना, धोखाधड़ी, जालसाजी, शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना और मानहानि शामिल हैं।खेड़ा ने पहले तेलंगाना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसने उन्हें सात दिन की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी। हालांकि, असम पुलिस ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

शीर्ष न्यायालय ने ट्रांजिट अग्रिम जमानत आदेश पर रोक लगा दी थी और खेड़ा को गुवाहाटी हाई कोर्ट में अपील करने का निर्देश दिया था। इसके बाद गुवाहाटी हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद खेड़ा ने फिर से सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। बाद में शीर्ष न्यायालय ने उन्हें अग्रिम जमानत दी।

NATIONAL : वीडी सतीशन केरलम के अगले सीएम:चुनाव नतीजे घोषित होने के 10 दिन बाद कांग्रेस ने नाम का ऐलान किया

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कांग्रेस नेता वी डी सतीशन (61) केरलम के सीएम होंगे। कांग्रेस ने गुरुवार को राज्य के चुनाव नतीजे घोषित होने के 10 दिन बाद इसका ऐलान किया। सतीशन पारावूर सीट से विधायक हैं।

केरलम में मुख्यमंत्री पद के लिए तीन नाम केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्नीथला और वी डी सतीशन का नाम चल रहा था। कांग्रेस आलाकमान ने सतीशन के नाम पर मुहर लगाई।केरलम सीएम पद के लिए राज्य की अलप्पुझा सीट से लोकसभा सांसद केसी वेणुगोपाल राहुल गांधी की पहली पसंद कहे जा रहे थे। राहुल ने 11 मई को दिल्ली में वेणुगोपाल से अकेले में मुलाकात भी की थी।

कोट्टायम से विधायक राधाकृष्णन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हाईकमान ने सभी पक्षों की राय सुनी और इस पूरी प्रक्रिया में राहुल सीधे तौर पर शामिल थे।
उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाई गई थी। जब कई नाम सामने हों तो नेता चुनने को लेकर भ्रम की स्थिति बनना स्वाभाविक है।

NATIONAL : पीएम मोदी की अपील के बाद सीएम योगी का बड़ा कदम: VIP काफिलों में 50% कटौती

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते मंगलवार शाम प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान से जुड़ने की अपील करते हुए ईंधन की खपत कम करने और अनावश्यक रूप से सोना खरीदने से बचने को कहा।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते रविवार को हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव को कम करने के लिए ईंधन का विवेकपूर्ण उपयोग करने, सोने की खरीद कम करने और विदेश यात्राओं में कटौती की अपील की थी।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रधानमंत्री के आह्वान को प्रदेश में व्यवहारिक रूप से अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक तथा विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों के साथ बैठक में निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में तत्काल 50 प्रतिशत तक कमी की जाए। उन्होंने कहा कि काफिले से अनावश्यक वाहनों को हटाया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में घर से काम की व्यवस्था को भी प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने पीएनजी, मेट्रो रेल, सार्वजनिक परिवहन और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों के अधिक उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने सरकारी बैठकों, संगोष्ठियों, सम्मेलनों और कार्यशालाओं का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से करने पर भी जोर दिया।

योगी आदित्यनाथ ने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया में उथल-पुथल का माहौल है, ऐसे में सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्यों को प्रधानमंत्री के आह्वान के अनुरूप तैयार रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। उन्होंने सप्ताह में एक दिन वाहन मुक्त दिवस मनाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों सहित समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ा जाए। उन्होंने औद्योगिक विकास विभाग और औद्योगिक निवेश एवं आधारभूत संरचना विकास निगम को निर्देश दिया कि औद्योगिक संस्थानों और बड़े स्टार्टअप आदि में घर से काम की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाए। जिन संस्थानों में बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां सप्ताह में दो दिन घर से काम की व्यवस्था लागू करने के लिए राज्य स्तर पर परामर्श जारी किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग की संगोष्ठियां, बैठकें और कार्यशालाएं भी ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएं। राज्य सचिवालय और निदेशालय की 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकें भी ऑनलाइन माध्यम से हों। उन्होंने विद्यालयों और महाविद्यालयों में बसों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा आवश्यकता पड़ने पर परिवहन निगम की बसों को विद्यालयों से जोड़ने का निर्देश दिया। योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक परिवहन, साइकिल चलाने, साझा वाहन उपयोग और विद्युत चालित वाहनों के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन शहरों में मेट्रो रेल सेवा उपलब्ध है, वहां लोग उसका अधिकतम उपयोग करें। अधिक मांग वाले मार्गों पर बसों सहित सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बढ़ाई जाएं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि अगले 6 महीनों तक गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं से बचें।

योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों और विवाह आयोजकों से देश के भीतर ही आयोजन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विरासत स्थलों, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों और किलों जैसे अनेक आकर्षक स्थान हैं, जहां शादी समारोह के आयोजन को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने मेरा राज्य देखो अभियान शुरू करने की बात कही, जिसके तहत स्वास्थ्य, प्रकृति, ग्रामीण, वन्यजीव और खानपान आधारित पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक जिला, एक व्यंजन योजना लागू करने वाला पहला राज्य है। उन्होंने संग्रहालयों और स्मारकों को कुछ समय के लिए नि:शुल्क किए जाने का भी निर्देश दिया।

WORLD : चीन-अमेरिका संबंधों में नया अध्याय शुरू होगाः शी जिनपिंग, ट्रंप से बातचीत शुरू

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बीजिंग, 14 मई (हि.स.)। चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग ने गुरुवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 2026 एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित होने वाला वर्ष होगा। यह वर्ष चीन-अमेरिका संबंधों में नया अध्याय खोलेगा। शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में द्विपक्षीय बैठक शुरू होने से पहले शुरुआती भाषण दिया। शी ने कहा दुनिया नए मोड़ पर आ गई है।

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ और अमेरिकी चैनल सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में यह पल ट्रंप और शी के बीच आधिकारिक मुलाकात का गवाह बना। ट्रंप स्वागत से बेहद खुश नजर आए। स्वागत के बाद दोनों नेताओं ने अमेरिका और चीन के प्रतिनिधिमंडलों के सदस्यों से मुलाकात की। इसके बाद दोनों नेता रेड कार्पेट पर चलते हुए लाल और सुनहरे रंग की सजावट वाले एक ढके हुए मंच तक पहुंचे।

यहां एक सैन्य बैंड ने दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए और पास ही स्थित तियानमेन चौक पर तोपों की सलामी गूंजी। ट्रंप और शी ने सैनिकों का निरीक्षण किया और फिर सैकड़ों उछलते-कूदते बच्चों के बीच से गुजरे। ट्रंप और शी ने कई बार एक-दूसरे के हाथ पर हाथ रखकर स्नेह जताया।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और चीनी नेता शी जिनपिंग ने अहम बातचीत शुरू कर दी है। दो दिनों तक चलने वाली इन मुलाकातों में उनके बीच टेक्नोलॉजी, व्यापार और ताइवान जैसे कई पेचीदा मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इस बातचीत का जो भी रुख तय होगा, वह आने वाले कई सालों तक दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच संबंधों की दिशा तय कर सकता है।

अमेरिका- इजराइल का ईरान के साथ संभावित युद्ध और उसके बाद पैदा होने वाला वैश्विक ऊर्जा संकट इस यात्रा पर हावी है। उम्मीद है कि ट्रंप, शी से आग्रह करेंगे कि वे चीन के सहयोगी देश ईरान पर दबाव डालें ताकि वह शांति समझौते पर राजी हो जाए और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोल दे। होर्मुज तेल व्यापार के लिए बेहद अहम समुद्री रास्ता है। अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ इस दौरे पर कई शीर्ष अधिकारी और एक दर्जन से अधिक उद्योगपति भी हैं। इनमें टिम कुक और एलन मस्क प्रमुख हैं।

SPORTS : विराट कोहली का आईपीएल में नौवां शतक, टी20 में सबसे तेज 14,000 रन पूरे

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नई दिल्ली, 14 मई (हि.स.)। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने बुधवार को रायपुर में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाफ शानदार शतक जड़ते हुए इतिहास रच दिया। कोहली ने आईपीएल करियर का नौवां शतक लगाने के साथ टी20 क्रिकेट में सबसे तेज 14,000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।

लगातार दो मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद दबाव में दिख रहे 37 वर्षीय कोहली ने केकेआर के खिलाफ शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने 60 गेंदों में नाबाद 105 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और तीन छक्के शामिल रहे।

कोहली की इस विस्फोटक पारी की बदौलत आरसीबी ने 192 रनों के लक्ष्य का सफल पीछा किया और मुकाबले में 6 विकेट से शानदार जीत दर्ज की।यह केकेआर के खिलाफ कोहली का दूसरा आईपीएल शतक रहा, जबकि 2024 के बाद यह उनका पहला आईपीएल शतक है।इस शतकीय पारी के साथ विराट कोहली आईपीएल 2026 की ऑरेंज कैप की दौड़ में भी टॉप-5 में पहुंच गए हैं। मौजूदा सीजन में उनके नाम अब 53.77 की औसत से 484 रन हो गए हैं।टी20 क्रिकेट में 14,000 रन पूरे करने वाले कोहली दुनिया के छठे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले एलेक्स हेल्स, कीरोन पोलार्ड, डेविड वॉर्नर, जोस बटलर और क्रिस गेल यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।

BUSINESS : EV वालों की बल्ले-बल्ले, सरकार ने मंजूर किया 503 करोड़ का प्लान, क्या होगा फायदा

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को लेकर लोगों की सबसे बड़ी चिंता होती है रेंज की. क्या हो अगर रास्ते में गाड़ी की बैटरी खत्म हो जाए और कोई चार्जिंग स्टेशन ना मिले. इसकी वजह से बहुत से लोग ईवी खरीदने से भी घबराते हैं. सरकार लोगों की इस मुश्किल का हल निकालने की कोशिश कर रही है. इसके लिए देश भर में 4,874 इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे.

देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग बढ़ी है, लेकिन चुनौतियां अभी कम नहीं हुई है. भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 5.77 फीसदी तक पहुंच गई है. हालांकि, अभी भी लोगों के मन में बैठी रेंज एंजाइटी खत्म नहीं हुई है. ऐसे में सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे ईवी वालों की बड़ी चिंता दूर हो जाएगी.

भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए भारी उद्योग मंत्रालय ने चार्जिंग स्टेशन इंस्टॉल करने का ऐलान किया है. मंत्रालय देशभर में 4,874 इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन लगाएगा. इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार 503.86 करोड़ रुपये खर्च करेगी. ये प्रोजेक्ट पीएम ई-ड्राइव स्कीम का हिस्सा है.

12 मई को बेंगलुरू में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने इस बारे में जानकारी दी है. इस कदम का उद्देश्य लोगों के मन में बैठी रेंज एंजाइटी को कम करना है. इसके लिए सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना चाहती है. इससे जब भी लोगों को जरूरत होगी वे अपने व्हीकल को चार्ज कर पाएंगे.
इन चार्जिंग स्टेशन पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स, थ्री व्हीलर्स, पैंसेजर कार, बस और हैवी ड्यूटी ट्रक्स को भी चार्ज किया जा सकेगा. सरकार की मानें तो इन चार्जिंग स्टेशन को प्लानिंग के तहत अलग-अलग राज्यों में लगाया जाएगा. इसमें कर्नाटक, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना और तमिलनाडु शामिल हैं.

इस फंडिंग का बड़ा हिस्सा कर्नाटक में खर्च होगा. रिपोर्ट्स की मानें, तो राज्य में 1243 चार्जिंग स्टेशन इंस्टॉल किए जाएंगे, जिसें लगभग 123.66 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस प्रोजेक्टर को पूरा करने में प्रमुख पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइसेस का भी योगदान होगा. प्रमुख तेल कंपनियां (जिनके नाम से आप पेट्रोल पंप देखते हैं) इस इंस्टॉलेशन प्रोजेक्ट को लीड करेंगी.

मौजूदा स्थिति की बात करें, तो पैसेंजर व्हीकल कैटेगरी में ईवी की हिस्सेदारी 5.77 फीसदी की है. वहीं टू-व्हीलर कैटेगरी में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की हिस्सेदारी 7.76 फीसदी तक पहुंच गई है. कमर्शियल व्हीकल कैटेगरी में ईवी का शेयर 2.26 फीसदी है. थ्री व्हीलर कैटेगरी में ईवी का दबदबा है. यहां इलेक्ट्रिक व्हीकल की हिस्सेदारी 60.38 फीसदी की है. ये आंकड़े अप्रैल 2026 में हुई सेल के हैं.
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SPORTS : आज RCB से हारते ही कोलकाता नाइट राइडर्स प्लेऑफ से बाहर? जानिए KKR का पूरा गणित

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आज अगर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ कोलकाता नाइट राइडर्स को हार झेलनी पड़ती है, तो आइए जानते हैं कि हार के बाद टीम का प्लेऑफ समीकरण कैसा होगा.

आज (13 मई) आईपीएल 2026 का 57वां मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच रायपुर में खेला जाएगा. प्लेऑफ के लिहाज से केकेआर के लिए यह मुकाबला बहुत अहम होगा. तो आइए जानते हैं कि अगर कोलकाता यह मुकाबला गंवा देती है, तो क्या टीम प्लेऑफ की रेस से बाहर हो जाएगी? यहां आपको केकेआर का पूरा समीकरण जानने को मिलेगा.

कोलकाता ने अब तक 10 लीग मैच खेल लिए हैं. टीम 11वें मैच के लिए आरसीबी के सामने मैदान पर होगी. 10 मैचों में टीम ने सिर्फ 4 में जीत दर्ज की है. 5 मैचों में अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली कोलकाता को हार का सामना करना पड़ा है. बाकी का एक मैच बारिश के कारण बेनतीजा रहा है. इस प्रदर्शन के साथ टीम के पास 9 प्वाइंट्स हैं और -0.169 का नेट रनरेट है. प्वाइंट्ल टेबल में नाइट राइडर्स 8वें पायदान पर है.

सीधा-सीधा कहा जाए, तो केकेआर को प्लेऑफ में जगह हासिल करने के लिए बाकी के सभी चारों मैचों में जीत हसिल करनी होगी. सभी मैच अपने नाम कर करके कोलकाता 17 प्वाइंट्स तक पहुंच सकती है. इतने प्वाइंट्स के साथ टीम का प्लेऑफ में कदम रखना लगभग तय हो जाएगा.

अब सवाल यह है कि अगर आज बेंगुलरु के खिलाफ कोलकाता हार जीता है, तो टीम प्लेऑफ की रेस बाहर हो जाएगी? इसका सीधा जवाब ‘नहीं’ है. आज का मैच हारने के बाद भी केकेआर के पास प्लेऑफ में पहुंचने के चांस रहेंगे. हालांकि इस सूरत टीम को बाकी टीमों के नतीजों पर बहुत ज्यादा निर्भर होना पड़ेगा.

आज का मैच हारने के बाद रहाणे की टीम को बाकी के 3 मैच हर हाल में जीतने होंगे. इस तरह टीम 15 प्वाइंट्स तक पहुंच पाएगी. लिहाजा अगर आज टीम हारती है, तो उनके पास प्लेऑफ में पहुंचने के चांस तो होंगे, लेकिन बहुत कुछ दूसरी टीमों पर निर्भर करेगा. अब देखना दिलचस्प होगा कि बेंगलुरु के खिलाफ कोलकाता कैसे प्रदर्शन करती है.

NATIONAL : CM विजय के ज्योतिषी का ‘बुरा समय’, 24 घंटे में ही OSD के पद से हटाए गए

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तमिलनाडु के CM विजय ने मंगलवार को ही अपने ज्योतिषी को अपनी सरकार में OSD के पद पर नियुक्त किया था. लेकिन इसे लेकर उनके अपने ही सहयोगियों ने उनकी काफी आलोचना की थी. अब बुधवार को फ्लोर टेस्ट के बाद ज्योतिषी पंडित रिकी राधा वेत्रीवेल को OSD के पद से हटा दिया है.

तमिलनाडु के सीएम जोसेफ विजय ने अपने ज्योतिषी पंडित रिकी राधा वेत्रीवेल को नियुक्ति के 24 घंटे के अंदर ही पद से हटा दिया है. सीएम विजय ने मंगलवार को पंडित रिकी राधा वेत्रीवेल को मुख्यमंत्री ऑफिस में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) के पद पर नियुक्त किया था. लेकिन उनकी ये नियुक्ति तुरंत ही विवादों के घेरे में आ गई थी. TVK में सीएम के प्रतिद्वंद्वी खेमे और गठबंधन के साथियों ने इस नियुक्ति की आलोचना की थी. इसके बाद सीएम विजय ने 24 घंटे से भी कम समय में ज्योतिषी पंडित रिकी राधा वेत्रीवेल की नियुक्ति को रद्द कर दिया है.

मंगलवार को जब सीएम विजय ने ज्योतिषी पंडित रिकी राधा की नियुक्ति को हरी झंडी दी तो उनके इस कदम से तमिलनाडु के राजनीतिक हलकों में बड़ा विवाद खड़ा हो गया. VCK, CPIM और CPI जैसी पार्टियों ने, जिन्होंने TVK सरकार को अपना समर्थन दिया था, इस कदम की खुलकर आलोचना की.

बुधवार को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से पहले, VCK MLA वाणी अरसु ने सरकार से साइंटिफिक और लॉजिकल सोच पर फोकस करने और उन चीजों पर ध्यान न देने की अपील की जिन्हें ज़्यादातर अंधविश्वास माना जाता है.

फ्लोर टेस्ट से पहले तमिलनाडु सरकार के मंत्री निर्मल कुमार ने कहा था कि पंडित रिकी राधा हमारी पार्टी के प्रवक्ता रहे हैं. इसलिए हमने उनकी नियुक्ति की है. उनका ज्योतिषी होना उनके व्यक्तिगत जीवन की बात है. किसी भी व्यक्ति को OSD बनाया जा सकता है.

लेफ्ट पार्टियों, CPIM और CPI ने भी इस अपॉइंटमेंट पर VCK जैसी ही प्रतिक्रिया दी. स्टेट सेक्रेटरी पी शनमुगम ने कहा कि साइंटिफिक सोच और समझदारी भरी सोच को बढ़ावा देना सरकार की ज़िम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि सरकारी खर्च पर किसी ज्योतिषी को सरकारी पद पर अपॉइंट करने से सिर्फ़ अंधविश्वास को बढ़ावा मिलेगा. CPI के स्टेट सेक्रेटरी एम वीरपांडियन ने भी ऐसी ही चिंता जताई. इस रिएक्शन ने पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की ज्योतिषियों पर कथित निर्भरता से भी तुलना शुरू हो गई है.

वहीं AIADMK के सांसद आईएस ईनाबदुरई ने कहा कि दूसरों का भविष्य देखने वाले पंडित रिकी राधा अपना ही भविष्य नहीं देख पाए. विजय सरकार के बुरे दिन शुरू हो गए हैं.

पंडित रिकी राधा लंबे समय से विजय के पर्सनल ज्योतिषी और आध्यात्मिक सलाहकार रहे हैं. शपथ ग्रहण की तारीख/समय जैसी महत्वपूर्ण घटनाओं में भी उनकी सलाह ली गई मानी जाती है. पंडित रिकी राधा TVK के प्रवक्ता के रूप में भी सक्रिय थे.

पंडित रिकी राधा ने चुनाव से लगभग एक साल पहले ही थलपति विजय और उनकी पार्टी TVK की “सुनामी जीत” की भविष्यवाणी कर दी थी. यह सटीक साबित हुई.

NATIONAL : CM ભૂપેન્દ્ર પટેલે કાફલામાં કર્યો ધરખમ ઘટાડો:PMની અપીલને માન આપી માત્ર 2 કારમાં રાજુલા પહોંચ્યા, હર્ષ સંઘવી નહીં જાય અમેરિકા, રાજ્યપાલ કરશે બસ અને ટ્રેનમાં મુસાફરી

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પ્રધાનમંત્રી નરેન્દ્ર મોદી દ્વારા ઇંધણનો જરૂર પૂરતો ઉપયોગ કરવા આપવામાં આવેલા સંદેશ બાદ ગુજરાત સરકારે મહત્વપૂર્ણ નિર્ણય લીધો છે. રાજ્ય સરકાર દ્વારા હવે માત્ર CM અને DyCMને જ કોન્વોય સુવિધા આપવામાં આવશે, જ્યારે અન્ય તમામ મંત્રીઓને નોન કેટેગરીમાં રાખવામાં આવ્યા છે. સાથે જ રાજ્યપાલ પણ હવે પોતાની દરેક યાત્રા ST બસ અને ટ્રેનમાં કરશે. તો આવો જાણીએ કોન્વોય સિવાય કયા નેતા-મંત્રીઓની કઈ સુવિધાઓમાં ફેરકાર કે ઘટાડો થયો છે.

પેટ્રોલ-ડીઝલની બચત, ટ્રાફિક વ્યવસ્થામાં સરળતા અને સરકારી ખર્ચ ઘટાડવાના હેતુથી આ નિર્ણય લેવામાં આવ્યો હોવાનું માનવામાં આવી રહ્યું છે. સરકારના આ પગલાને સાદગી અને સંસાધનોના સંયમિત ઉપયોગ તરફના પ્રયાસ તરીકે જોવામાં આવી રહ્યું છે.

અમરેલી જિલ્લાના રાજુલા ખાતે ₹22 કરોડના ખર્ચે નિર્મિત અત્યાધુનિક 108 બેડની હોસ્પિટલના ટ્રોમા સેન્ટરનું લોકાર્પણ કરવા પહોંચેલા મુખ્યમંત્રી ભૂપેન્દ્ર પટેલે વડાપ્રધાન નરેન્દ્ર મોદીની ‘વીઆઈપી કલ્ચર’ ઘટાડવાની અપીલને અક્ષરશઃ સાર્થક કરી બતાવી છે. સામાન્ય રીતે 10થી વધુ વાહનોના લશ્કરી કાફલા સાથે ફરતા મુખ્યમંત્રીએ શિસ્તનું ઉદાહરણ પૂરું પાડતા માત્ર બે જ કાર સાથે રાજુલા પહોંચીને સૌને ચોંકાવી દીધા હતા.

ગુજરાતના રાજ્યપાલ આચાર્ય દેવવ્રતે પર્યાવરણ જાળવણી અને ઈંધણ બચતના ઉમદા હેતુથી એક પ્રેરણાદાયી નિર્ણય લીધો છે, જે અંતર્ગત તેઓ હવે હેલિકોપ્ટર કે વિમાન સેવાના બદલે ST બસ અને ટ્રેનમાં મુસાફરી કરશે. વડાપ્રધાન નરેન્દ્ર મોદીની ઈંધણ બચાવવાની અપીલને પ્રતિસાદ આપતા રાજ્યપાલે પોતાના કાફલામાં પણ ગાડીઓની સંખ્યા ન્યૂનતમ રાખવાનો નિર્ણય કર્યો છે. આ સાથે જ તેમણે નાગરિકોને પણ પ્રદૂષણ ઘટાડવા માટે સાયકલ અને ઇલેક્ટ્રિક વ્હીકલ (EV) નો મહત્તમ ઉપયોગ કરવા ખાસ અનુરોધ કર્યો છે.

મે મહિનાના છેલ્લા સપ્તાહમાં નાયબ મુખ્યમંત્રી હર્ષ સંઘવી ફેડરેશન ઓફ ગુજરાતી એસોસિએશન ઓફ યુએસએ (FOGAUSA) દ્વારા આયોજિત બીજા ગુજરાતી કન્વેન્શનમાં હાજરી આપવાના હતા. જોકે વડાપ્રધાનની એક વર્ષ માટે વિદેશ પ્રવાસો ટાળવાની અપીલને અનુસરીને તેમણે આ પ્રવાસ રદ કર્યો છે. હર્ષ સંઘવીએ જણાવ્યું હતું કે, દેશની આર્થિક આત્મરક્ષા માટે વડાપ્રધાન નરેન્દ્ર મોદીએ કરેલી તમામ અપીલમાં ગુજરાતના નાગરિકોએ સહયોગ કરવો જોઇએ.

કેન્દ્રીય જળશક્તિ મંત્રી પાટીલે પોતે પહેલ કરતા જણાવ્યું છે કે જ્યાં સુધી પેટ્રોલના ભાવમાં સ્થિરતા નહીં આવે ત્યાં સુધી તેઓ પોતાની સુરક્ષા માટે ફાળવવામાં આવતી ‘પાયલોટિંગ કાર’ નો ઉપયોગ કરશે નહીં. સામાન્ય રીતે કેન્દ્રીય મંત્રીઓને સુરક્ષા પ્રોટોકોલ હેઠળ પાયલોટિંગ વાહનની સુવિધા મળતી હોય છે, પરંતુ વધતા ભાવ અને ઈંધણના વપરાશને ઘટાડવાના ઉમદા હેતુથી તેમણે આ સુવિધાનો ત્યાગ કરવાનો નિર્ણય લીધો છે. આ ઉપરાંત રાજ્યના આરોગ્યમંત્રી પ્રફુલ પાનસેરિયાએ પણ પાયલોટિંગ કારનો ઉપયોગ ન કરવાનો નિર્ણય કર્યો છે.

ગુજરાત યુનિવર્સિટીમાં હાલ વર્ક ફ્રોમ હોમની કોઈ વ્યવસ્તા નથી. પરંતુ કાર પુલિંગનો નિર્ણય છે જે અંગે સત્તાવાર પરિપત્ર પણ કર્યો છે. યુનિવર્સિટીના કુલપતિ નીરજા ગુપ્તાએ જણાવ્યું હતું કે, જે પણ કર્મચારી અધિકારી કાર લઈને આવતા હોય તે તેમની સાથે નજીકમાં કે આસપાસ રહેતા કર્મચારી અને અધિકારીને સાથે લઈને આવે જેનાથી વાહનનો વપરાશ ઘટે તો ઇંધણની પણ બચત થઈ શકશે.

મોરબીના ધારાસભ્ય તેમજ રાજ્યના શ્રમ, કૌશલ્ય વિકાસ અને રોજગાર વિભાગના રાજ્યમંત્રી કાંતિ અમૃતિયાએ હવે પાઇલોટિંગ સેવાઓનો ઉપયોગ ન કરવાનો નિર્ણય કર્યો છે. વડાપ્રધાન નરેન્દ્ર મોદીએ પેટ્રોલ-ડીઝલ બચાવવા માટે કરેલી અપીલ બાદ તેમણે આ પગલું ભર્યું છે.

PM મોદીએ 11 મેના રોજ વડોદરામાં પશ્ચિમ એશિયામાં સર્જાયેલી યુદ્ધની કારણે સર્જાયેલા વૈશ્વિક સંકટની વાત કરી દેશવાસીઓને પેટ્રોલ-ડીઝલનો ઉપયોગ ઓછો કરવા અને સોનાની ખરીદી ન કરવા અપીલ કરી હતી.

સરદાર ધામ-3ના લોકાર્પણ કાર્યક્રમમાં સંબોધન દરમિયાન પીએમ મોદીએ કહ્યું હતં કે,પહેલા કોરોનાનું સંકટ, પછી વૈશ્વિક આર્થિક પડકારો અને હવે પશ્ચિમ એશિયામાં વધતો તણાવની અસર દુનિયા પર પડી છે. તેમાંથી ભારત પણ બાકાત નથી. કોરોના મહામારી આ સદીનું સૌથી મોટુ સંકટ હતું. તો પશ્ચિમ એશિયામાં સર્જાયેલી યુદ્ધની સ્થિતિ આ દશકની સૌથી મોટા સંકટમાંની એક છે. જ્યારે આપણે મળીને કોરોનાનો સામનો કરી લીધો તો આ સંકટને પણ પાર પાડી દઈશું.

ભારતના ઈમ્પોર્ટનો મોટો હિસ્સો ક્રુડ ઓઈલ છે. જે વિસ્તારમાંથી દુનિયાને ક્રુડ મળે છે તે જ ક્ષેત્રમાં આજે યુદ્ધની સ્થિતિ છે. એટલે જ્યાં સુધી સ્થિતિ સામાન્ય ન થાય ત્યાં સુધી આપણે તમામે મળીને નાના નાના સંકલ્પો કરવા પડશે. મારા દેશના દરેક નાગરિકને અપીલ છે કે, જ્યાં સંભવ હોય ત્યાં પેટ્રોલ-ડીઝલનો ઉપયોગ ઓછો કરે. મેટ્રો, ઈવી બસ, પબ્લિક ટ્રાન્સપોર્ટનો ઉપયોગ કરે. જેની પાસે કાર છે તેઓ અન્ય લોકોને સાથે લઈ ચાલે. જરુરી છે કે, સરકારી અને પ્રાઈવેટ ઓફિસમાં વર્ચ્યુઅલ મીટીંગ અને વર્કફ્રોમ હોમને પ્રાથમિકતા આપવામાં આવે. હું શાળાને પણ આગ્રહ કરું છું કે, થોડા સમય માટે ઓનલાઈન ક્લાસીસ માટે વ્યવસ્થા કરે.(વાંચો સંપૂર્ણ અહેવાલ)

શક્તિપીઠ નાગેશ્રીમાં ભક્તિ અને સન્માનનો સંગમ: કાઠી ક્ષત્રિય સમાજ દ્વારા રાજુલા-જાફરાબાદ-ખાંભાના

NATIONAL : PM મોદીની અપીલ બાદ ગુજરાત સહિત 5 રાજ્યોમાં ઈંધણ બચાવવા સરકાર એક્ટિવ, આપ્યા કડક નિર્દેશ

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મધ્ય-પૂર્વમાં ચાલી રહેલા તણાવને કારણે ઈંધણના પુરવઠા પર અસર પડવાની આશંકા છે, જેને ધ્યાનમાં રાખીને પીએમ મોદીએ દેશભરમાં ઈંધણ બચાવવાની અપીલ કરી હતી. આ અપીલને પગલે ભાજપ શાસિત રાજ્યોમાં કડક અમલવારી શરૂ કરી દેવામાં આવી છે. દિલ્હી, ઉત્તર પ્રદેશ, રાજસ્થાન, મધ્ય પ્રદેશ અને ગુજરાત જેવા રાજ્યોએ સરકારી સ્તરે પેટ્રોલ-ડીઝલનો વપરાશ ઘટાડવા માટે મહત્ત્વના નિર્ણયો લીધા છે. આ પગલાંનો મુખ્ય ઉદ્દેશ્ય ભવિષ્યમાં આવનારા કોઈ પણ મોટા આર્થિક કે ઊર્જા સંકટનો સામનો કરવાનો છે.

ઈંધણ બચાવવા માટે ઉત્તર પ્રદેશના મુખ્યમંત્રી યોગી આદિત્યનાથે એક મોટો દાખલો બેસાડ્યો છે. તેમણે મુખ્યમંત્રી અને મંત્રીઓના કાફલામાં વપરાતી ગાડીઓની સંખ્યામાં 50 ટકાનો ઘટાડો કરવાનો આદેશ આપ્યો છે. આ સાથે જ મુસાફરી ઘટાડવા માટે સરકારી બેઠકો ઓનલાઇન યોજવા અને અઠવાડિયામાં બે દિવસ ‘વર્ક ફ્રોમ હોમ’ કરવા જેવી સલાહ પણ આપવામાં આવી છે. બીજી તરફ, રાજસ્થાનના મુખ્યમંત્રી ભજનલાલ શર્માએ પણ પોતાના કાફલામાંથી વધારાના વાહનો હટાવી દીધા છે અને અધિકારીઓને પબ્લિક ટ્રાન્સપોર્ટનો ઉપયોગ કરવા સૂચના આપી છે.

મધ્ય પ્રદેશમાં પણ મુખ્યમંત્રી મોહન યાદવે રાષ્ટ્રહિતમાં ઈંધણ બચાવવા માટે પોતાના કાફલાની ગાડીઓની સંખ્યા 13થી ઘટાડીને 8 કરી દીધી છે. તેમણે નવનિયુક્ત પદાધિકારીઓને સાદગીથી કામ કરવા અને જનતાને પબ્લિક ટ્રાન્સપોર્ટ વાપરવા વિનંતી કરી છે. દિલ્હીમાં પણ મુખ્યમંત્રી રેખા ગુપ્તાએ સરકારી કામકાજ માટે વાહનોની સંખ્યા સીમિત કરી છે અને મંત્રીઓ તથા ધારાસભ્યોને કારપૂલિંગ તેમજ મેટ્રો-બસ જેવી સુવિધાઓનો ઉપયોગ કરવાના સ્પષ્ટ નિર્દેશ આપ્યા છે.

ગુજરાતમાં પણ પીએમની આ મુહિમની ગંભીર અસર જોવા મળી છે. ઈંધણ અને સરકારી ખર્ચમાં બચત કરવાના હેતુથી ગુજરાતના ડેપ્યુટી સીએમ હર્ષ સંઘવીએ પોતાનો નિર્ધારિત અમેરિકા પ્રવાસ રદ કરીને એક નવી મિસાલ રજૂ કરી છે. આ નિર્ણયને સરકારની ઊર્જા બચત પ્રત્યેની ગંભીરતા તરીકે જોવામાં આવી રહ્યો છે.

આગામી સમયમાં ઈંધણની વપરાશ હજુ ઘટાડવા માટે રાજ્યો દ્વારા ‘નો વ્હીકલ ડે’ જેવા સૂચનો પર વિચાર કરવામાં આવી રહ્યો છે. આ ઉપરાંત, ઈલેક્ટ્રિક વાહનો, સીએનજી બસો અને સાયકલના ઉપયોગને પ્રોત્સાહન આપવામાં આવી રહ્યું છે. ઓફિસના સમયમાં ફેરફાર કરવાના સૂચનો પણ સામે આવ્યા છે જેથી ટ્રાફિક જામ ઓછો થાય અને બિનજરૂરી ઈંધણ ન બળે. સરકારનું માનવું છે કે જ્યારે દરેક નાગરિક નાના-નાના પગલાં ભરશે ત્યારે જ આ મોટા ઊર્જા સંકટ સામે વિજય મેળવી શકાશે.

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