Wednesday, July 1, 2026
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DELHI : लश्कर के निशाने पर थी कालकाजी मंदिर और लोटस टेंपल! गिरफ्तार आतंकी ने किए सनसनीखेज खुलासे

दिल्ली से गिरफ्तार लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शब्बीर अहमद लोन ने पूछताछ में बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उसने माना किया कि दिल्ली की मशहूर मंदिरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी की गई थी.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार, 30 मार्च को दिल्ली के बॉर्डर से लश्कर आतंकी शब्बीद अहमद को गिरफ्तार किया. इसके बाद उससे सुरक्षा एजेंसियों ने उससे पूछताछ की है. शब्बीर अहमद ने दिल्ली के प्रमुख मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर हमले की साजिश का खुलासा किया है. शब्बीर ने दिल्ली के कालकाजी मंदिर, लोटस टेंपल और छतरपुर मंदिर की रेकी करने के बाद इनके वीडियो पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर को भेजे थे.

आतंकी ने कनॉट प्लेस के भीड़भाड़ वाले मार्केट इलाके की भी टोह ली थी. पूछताछ में पता चला है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और लश्कर अब बांग्लादेश में ‘टीआरएफ’ (TRF) की तर्ज पर एक नया आतंकी संगठन खड़ा करने की कोशिश में हैं. इसके लिए बांग्लादेशी नौजवानों की भर्ती की गई है.

शब्बीर अहमद लोन को साल 2015 में कश्मीर में सज्जाद गुल के साथ पकड़ा गया था, जो अब पाकिस्तान में टीआरएफ का लॉन्चिंग कमांडर है. बांग्लादेश में सरकार बदलने के बाद शब्बीर एक्टिव हुआ और उसने दिल्ली, दक्षिण भारत और पश्चिम बंगाल तक अपना मॉड्यूल फैला दिया था.शब्बीर अहमद लोन ने पूछताछ में बताया कि लश्कर के निशाने पर दिल्ली के सबसे व्यस्त मंदिर थे. कालकाजी मंदिर, लोटस टेंपल और छतरपुर मंदिर की पूरी रेकी की गई थी, जिससे बड़े हमले को अंजाम दिया जा सके. इसके अलावा कनॉट प्लेस जैसे इलाकों का भी वीडियो पाकिस्तान भेजा गया था. इन खुलासों ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा सतर्क कर दिया है.

शब्बीर ने खुलासा किया कि आईएसआई और लश्कर के टॉप आतंकी अब बांग्लादेश को अपना नया केंद्र बना रहे हैं. वहां टीआरएफ (द रेजिस्टेंस फ्रंट) की तरह एक नया संगठन बनाने के लिए युवाओं को भर्ती किया गया है. सज्जाद गुल, जो शब्बीर के साथ पहले जेल जा चुका है, अब पाकिस्तान से इस पूरे फ्रंट को हैंडल कर रहा है और कश्मीर में आतंकी वारदातों को अंजाम दिलवा रहा है.

साल 2015 में शब्बीर और सज्जाद गुल एक साथ कश्मीर में पकड़े गए थे. जेल से रिहा होने के बाद सज्जाद पाकिस्तान भाग गया, जबकि शब्बीर को बांग्लादेश शिफ्ट किया गया. वहां काफी वक्त अंडरग्राउंड रहने के बाद वह हाल ही में एक्टिव हुआ. एनआईए ने सज्जाद गुल पर लाखों का इनाम रखा है, जो अब पीओके में बैठकर भारत विरोधी ऑपरेशंस को लीड कर रहा है.

NATIONAL : लखनऊ में बैंक के डिप्टी मैनेजर ने की आत्महत्या, लाइसेंसी पिस्टल से कनपटी पर मारी गोली

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लखनऊ के गुडंबा में एक्सिस बैंक के डिप्टी मैनेजर काजी अहमद जैद ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. 34 वर्षीय जैद का शव घर की छत पर मिला. पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. मोबाइल और पिस्टल कब्जे में लेकर मामले की जांच जारी है.

लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र स्थित आदिल नगर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक्सिस बैंक में तैनात डिप्टी मैनेजर काजी अहमद जैद ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली. 34 वर्षीय जैद का शव घर की छत पर बने स्टोर रूम के बाहर खून से लथपथ हालत में मिला. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. मामला सोमवार सुबह का है, जिसमें पुलिस अभी जांच-पड़ताल कर रही है.

जानकारी के मुताबिक, काजी अहमद जैद मूल रूप से गोंडा के रहने वाले थे और आदिल नगर में अपनी पत्नी, एक वर्षीय बेटी, मां, बड़े भाई, भाभी और भतीजे के साथ रह रहे थे. वह इंदिरानगर स्थित एक्सिस बैंक की भूतनाथ शाखा में डिप्टी मैनेजर के पद पर तैनात थे. परिजनों का कहना है कि जैद शनिवार को परिवार के साथ गोंडा में एक शादी समारोह में गए थे और रविवार देर रात करीब 12:30 बजे वापस लौटे थे.

सोमवार सुबह जब पत्नी की नींद खुली तो जैद कमरे में नहीं दिखे। पहले परिजनों को लगा कि वह बैंक चले गए होंगे, लेकिन जब उनके दोनों मोबाइल फोन कमरे में ही मिले और गाड़ी भी घर के बाहर खड़ी मिली, तो परिवार को शक हुआ. तलाश के दौरान पत्नी जब छत पर पहुंचीं, तो स्टोर रूम के दरवाजे के पास जैद खून से लथपथ पड़े मिले. चीख-पुकार सुनकर परिवार और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.

पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।. फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं और लाइसेंसी पिस्टल को कब्जे में ले लिया गया है. पुलिस ने मृतक के दोनों मोबाइल फोन भी जांच के लिए जब्त कर लिए हैं. एसीपी गाजीपुर के अनुसार, आत्महत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है. परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

NATIONAL : ‘पहले इस बात का जवाब दें कि…’, नक्सलमुक्त भारत के ऐलान पर प्रियंका चतुर्वेदी का BJP से सवाल

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भारत के गृहमंत्री अमित शाह ने देश को नक्सल मुक्त बनाने की तारीख रखी थी 31 मार्च. इससे एक दिन पहले ही उन्होंने लोकसभा में ऐलान कर दिया कि अब भारत नक्सल मुक्त हो गया है. नक्सलियों के नेटवर्क को चलाने वाले टॉप 12 नक्सली मारे जा चुके हैं और लाल आतंक का खात्मा हो गया है.

अमित शाह के ऐलान पर शिवसेना यूबीटी की राज्यसभा सासंद प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया आई है. प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “नक्सलवाद पर कार्रवाई यूपीए के कार्यकाल से शुरू हुई थी. अब ये लोग आकर इसके खात्मे का क्रेडिट ले रहे हैं. उसमें योगदान सिर्फ एक सरकार का नहीं हो सकता. नक्सलियों का खात्मा लगातार जारी रहने वाला एक्शन है. पुलिस फोर्सेस को पुख्ता करना, कोब्रा जैसे फोर्स बनाना… छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस की सरकार ने इसपर काम किया था.”

प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा, “कोई भी इसपर इकलौता हक जमाए कि नक्सलियों का खात्मा उनकी वजह से हुआ है, यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है. जबसे बीजेपी सरकार में आई है तबसे ऐसी ही चीजें देखने को मिल रही हैं.”शिवसेना यूबीटी नेता ने आगे कहा, “नक्सलवाद के खात्मे पर सदन में चर्चा हुई, बहुत अच्छी बात है, लेकिन इस बात पर चर्चा कब होगी कि ऑपरेशन सिंदूर से पहले जो जानकारी लीक हो गई थी, इंटेलिजेंस फेलियर की वजह से इतना बड़ा आतंकवादी हमला हुआ… फिर लाल किले पर टेरर अटैक हुआ. इसमें इंटेलिजेंस ब्यूरो की वर्किंग पर कब चर्चा होगी? इसकी जवाबदेही कब तय की जाएगी?”

शिवसेना यूबीटी सांसद ने आगे कहा, “अभी जनता को सबसे ज्यादा क्या प्रभावित कर रहा है. जिसकी वजह से महंगाई बढ़ रही है, हर चीज के दाम बढ़ रहे हैं, उसकी वजह मिडिल ईस्ट में हो रहा युद्ध है. लोगों को एलपीजी सिलेंडर के लिए कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, यह इसी युद्ध की वजह से हो रहा है. हम मांग कर रहे हैं कि इसपर भी चर्चा हो.”

बीजेपी सरकार पर तंज कसते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “चलिए आप नक्सलवाद पर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं तो थपथपाइये, लेकिन जो मौजूदा समय में सबसे बड़ा संकट हमारे देश में आया हुआ है, जो दूसरे देशों की वजह से हो रहा है, उसपर भी चर्चा होनी चाहिए.”

घोसी से समाजवादी पार्टी सांसद राजीव राय ने कहा, “किसी भी बीमारी की डायग्नोसिस करनी चाहि, वजह पता करनी चाहिए कि नक्सलवाद क्यों होता है? कोई हिंसा का समर्थन नहीं करता. हम बहुत ही खतरनाक दौर से गुजर रहे हैं. जो लोग देश के लिए शहादत देते हैं, संसद से लेकर सीमा तक जो लोकतंत्र के मंदिर की रक्षा करते हैं, उनका अपमान होता है. समाज में जाति-मजहब और कपड़ा देखकर अन्याय होता है. कोई मां की कोख से नक्सली या आतंकी पैदा नहीं होता. अगर सरकार लगातार दमनकारी नीति अपनाती रहे, भेदभाव करती रहे, लोगों में असमानता का भाव रहे. भाषणों में तो अच्छा लगता है लेकिन जमीन पर वह हकीकत नजर नहीं आती है.”

LUCKNOW : कपड़ा व्यापारी मोनिस ने बना लिया अश्लील Video, ब्लैकमेल होने पर लड़की ने गुल्लक तोड़कर दिए 50 हजार

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लखनऊ से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक कपड़ा व्यापारी ने पहले एक किशोरी को प्रेम जाल में फंसा लिया. फिर उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया. इसके बाद वीडियो वायरल कर देने देने की धमकी देकर पैसे की मांग की.

लखनऊ के मोहन लालगंज से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक कपड़ा व्यापारी ने किशोरी को अपने प्रेम जाल में फंसाकर उसका अश्लील वीडियो बना लिया. फिर आरोपी मोनिस खान ने इस वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर पीड़िता को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और उससे लगातार पैसों की मांग की. वहीं बदनामी के डर से किशोरी ने अपने ही घर के गुल्लक में जमा किए गए 50 हजार रुपये निकालकर आरोपी को सौंप दिए.

​इस पूरी घटना का खुलासा तब हुआ, जब घर से गुल्लक गायब होने पर पिता को शक हुआ. पिता द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर किशोरी टूट गई और उसने आपबीती बताई. पीड़िता ने बताया कि आरोपी मोनिस खान ने उसे संपर्क में रहने के लिए तीन अलग-अलग कीपैड मोबाइल फोन दिए थे और वह इंस्टाग्राम के जरिए भी उसे लगातार गालियां दे रहा था. साथ ही जान से मारने की धमकियां भी दे रहा था.

​पुलिस जांच में चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया है. आरोपी मोनिस खान एक आदतन अपराधी है. लगभग तीन साल पहले भी वह इसी गांव की एक अन्य 15 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म करने और उसे बंधक बनाने के आरोप में जेल जा चुका है. मई 2023 में उसके खिलाफ नाबालिग के अपहरण और बलात्कार का मामला दर्ज हुआ था. जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था.

​इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित पिता की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी मोनिस खान को हिरासत में ले लिया गया है. पुलिस अब आरोपी के आपराधिक इतिहास (Criminal History) को खंगाल रही है. साथ ही उन मोबाइल फोनों को भी बरामद करने की कोशिश कर रही है, जो उसने किशोरी को दिए थे. पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

RAJKOT : खेलते-खेलते स्विमिंग पूल में डूबे सगे भाई-बहन, माता-पिता कर रहे थे बिल्डिंग की सफाई

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गुजरात के राजकोट में स्विमिंग पूल में डूबने से सगे भाई-बहन की मौत हो गई. घटना के समय दोनों बच्चे स्विमिंग पूल के पास खेल रहे थे और खेलते-खेलते अचानक दोनों पानी में गिर गए.

गुजरात के राजकोट से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां स्विमिंग पूल में डूबने से सगे भाई-बहन की मौत हो गई. यह घटना रैयाधार इलाके स्थित ‘सोपान हाइट्स’ बिल्डिंग की है, जहां खेलते-खेलते दो मासूम बच्चों की जान चली गई. मृतकों की पहचान 7 साल के दीपेश भंडारी और उसकी 5 साल के बहन दीपिक्षा भंडारी के रूप में हुई है. दोनों बच्चे एक नेपाली परिवार से थे, जिससे पूरे परिवार और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है.

जानकारी के मुताबिक, बच्चों के माता-पिता उसी बिल्डिंग में सफाई का काम करते हैं. घटना के समय दोनों बच्चे स्विमिंग पूल के पास खेल रहे थे. खेलते-खेलते अचानक दोनों पानी में गिर गए. स्विमिंग पूल गहरा होने के कारण वे बाहर नहीं निकल सके और डूबने से उनकी मौत हो गई.

घटना की जानकारी मिलते ही माता-पिता और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को बाहर निकाला. तुरंत 108 एम्बुलेंस की मदद से उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही यूनिवर्सिटी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने इस मामले में दुर्घटनावश मौत का केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.

ENTERTAINMENT : ‘धुरंधर’ में हाईजैकर रोल पर ट्रोलिंग के बीच बोले विवेक सिन्हा- ‘क्या असली टेररिस्ट को कास्ट करते?’

धुरंधर में जहूर मिस्त्री की भूमिका निभाकर पॉपुलैरिटी हासिल करने वाले विवेक सिन्हा इन दिनों अपने रोल को लेकर काफी ट्रोल हो रहे हैं. ऐसे में उन्होंने ट्रोल करने वालों को करारा जवाब दिया है.

रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर में किडनैपर जहूर मिस्त्री की भूमिका चर्चा में आए विवेक सिन्हा इन दिनों काफी ट्रोल हो रहे हैं. सोशल मीडिया पर लोग उन्हें काफी खरी-खोटी सुना रहे हैं.बता दें धुरंधर में विवेक का एक डायलॉग था,’हिंदू एक डरपोक कौम होती है..’.

इस डायलॉग को बोलना उन पर काफी भारी पड़ गया है.यहां तक कि लोगों ने उन्हें पाकिस्तानी तक समझ लिया है और मारने तक की धमकी देने लगे हैं. हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान विवेक सिन्हा ने ट्रोलिंग को लेकर खुलकर बात की.

विवेक सिन्हा ने कहा,’कुछ दिनों पहले मुझे एक मैसेज मिलता है, इंस्टाग्राम पर. कोई लेडी मुझे लिख रही है, पता नहीं कहां गया मैसेज अब वो. उसने लिखा-आपको शर्म आनी चाहिए कि एक हिंदू होकर चंद पैसों के लिए आप एक हिंदू के लिए ऐसा बोल रहे हैं. उसने लिखकर छोड़ दिया. मेरा मन किया कि रिप्लाई करूं, फिर सोचा कि छोड़ो विवेक, नहीं करते. फिर मुझे लगा कि नहीं, करना चाहिए रिप्लाई. एक बार मैं उसको अपनी बात पहुंचा दूं.’

विवेक सिन्हा ने इस बारे में बात करते हुए आगे कहा,’मैंने उसे एक वॉइस नोट छोड़ा, और मैं ये बात कहना भी चाहता हूं कि फिल्में समाज का आईना हैं. दिखाते हैं कि कैसे कैरेक्टर होते हैं. अगर पाकिस्तान का एक आतंकवादी, जो अपनी जान की परवाह ना करते हुए इंडिया में घुस गया है और कहेगा कि मुझे मार दो,लेकिन मैं तो जो करूंगा, करूंगा ही..एक ऐसे इंसान का कैरेक्टर अगर हमें दिखाना होगा कि ऐसे पाकिस्तान से एक आदमी आया है. ऐसे धमका रहा है लोगों को, गन पॉइंट पर रखकर बात कर रहा है, अगर ये दिखाना होगा, उनकी सोच दिखानी होगी कि वो क्या सोच लेकर इंडिया में घुसा तो हिंदू डरपोक कौन है, उसने बोला, ये फील है उनका.हिंदू-मुस्लिम, यही तो चल रहा है. उसका फील है वो.’

विवेक सिन्हा ने इस बारे में बात करते हुए आगे कहा,’तो मैंने उस लेडी को यही वॉइस नोट छोड़ा कि अगर हमें दिखाना है ऐसे इंसान के बारे में, तो क्या पाकिस्तान से आतंकवादी बुलाकर लाएं शूटिंग के लिए. किसी आतंकवादी को फोन किया जाए कि भाई जरा एक शूटिंग के लिए आजा. हमें ही तो करना पड़ेगा ना. हम एक्टर्स में से किसी को वो कैरेक्टर करना पड़ेगा ताकि आपको बात तो पचा चले कि वो क्या कहना चाह रहा है. सबको तो नहीं पता ना. अगर कोई भी विलेन का रोल कर रहा है, तो हम ये दिखाना चाह रहे हैं ना कि एक विलेन किस हद तक क्रूर हो सकता है.अगर फिल्म में कोई मर्डर कर रहा है तो क्या इसके लिए जेस से असली मर्डरर को बुलाएं क्या एक्टिंग करने को.मैंने उस लेडी को ये वॉइस नोट भेजा, पर अभी तक जवाब नहीं आया कोई.’

ENTERTAINMENT : ‘धुरंधर’ की टीवी प्रीमियर रिलीज डेट हुई कंफर्म, जानें- कब और कहां देख सकेंगे?

आदित्य धर निर्देशित और रणवीर सिंह स्टारर ‘धुरंधर’ दिसंबर 2025 में रिलीज हुई थी और इसने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया था. इस फिल्म ने घरेलू और विदेशी दोनों बाजारों में छप्परफाड़ कमाई कर इतिहास रच दिया था. फिलहाल इसकी सीक्वल ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस पर आग लगा रही है और महज 12 दिनों में बॉलीवुड की सबसे बड़ी फिल्म बन चुकी है.

इन सबके बीच अगर आप थिएटर में इस ‘धुरंधर’ देखने से चूक गए थे, या बस घर पर पॉपकॉर्न के साथ इसे दोबारा देखना चाहते हैं, तो आपके लिए एक धांसू खबर है. दरअसल सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फ़िल्मों में से एक ‘धुरंधर’ अब सीधे आपके टीवी स्क्रीन पर आ रही है, जिससे बिना किसी स्ट्रीमिंग सब्सक्रिप्शन के इस एक्शन फ़िल्म का मज़ा लेना पहले से कहीं ज़्यादा आसान हो जाएगा. चलिए यहां जानते हैं ‘धुरंधर’ का टीवी पर प्रीमियर कब और कहां होगा?

बता दें कि रणवीर सिंह स्टारर और आदित्य धर के निर्देशन में बनी फ़िल्म ‘धुरंधर पार्ट 1’ (2025) इस मई में टेलीविज़न प्रीमियर के लिए पूरी तरह से तैयार है. यह फ़िल्म, पिछले साल दिसंबर में सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी और फिर 30 जनवरी को इसने ओटीटी के प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर अपना डिजिटल डेब्यू कर दुनिया भर में धूम मचा दी थी. फाइनली अब, मेकर्स इस स्पाई थ्रिलर को टीवी दर्शकों के लिए लेकर आ रहे हैं. यह फ़िल्म 30 मई, 2026 को शाम 7 बजे स्टार पर प्रीमियर होगी, जिससे उन लोगों को इसे देखने का ऑप्शन मिलेगा जो पारंपरिक टीवी प्लेटफ़ॉर्म पसंद करते हैं.

‘धुरंधर पार्ट 1’ के प्रीमियर का ऐलान करते हुए, स्टार गोल्ड ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है, “लेडीज एंड जेंटलमैन, अब आ गया है वक्त बिगडने का, आ रहा है धुरंधर का वर्ल्ड टीवी प्रीमियर, 30 मई, रात 7 बजे, सिर्फ स्टार गोल्ड पर.”

बता दें कि ‘धुरंधर’ कमर्शियली बहुत बड़ी हिट रही है. इंडस्ट्री ट्रैकर सैकनिल्क के मुताबिक ‘धुरंधर’ ने दुनिया भर में 1307.35 करोड़ रुपये कमाए हैं, जिससे यह सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली भारतीय फ़िल्मों में से एक बन गई है. इस प्रोजेक्ट को आदित्य धर ने लिखा और डायरेक्ट किया है, और इसे जियो स्टूडियोज़ और B62 स्टूडियोज़ के बैनर तले ज्योति देशपांडे, धर और लोकेश धर ने प्रोड्यूस किया है. रणवीर सिंह के साथ-साथ, इस फ़िल्म में अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर. माधवन, राकेश बेदी और सारा अर्जुन जैसे कई कलाकार अहम किरदारों में नज़र आए हैं.

MAHARASHTRA : ‘मुझे चोर कहकर बदनाम किया’, गर्लफ्रेंड के घर वालों ने पीटा तो लड़के ने किया सुसाइड

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महाराष्ट्र के बीड़ में प्रेम संबंधों के विवाद के चलते 23 साल के युवक ने आत्महत्या कर ली. मृतक ने एक सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें उसने अपनी पीड़ा जाहिर की है.

महाराष्ट्र के बीड़ जिले के मांजरसुंबा इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रेम संबंधों के विवाद के चलते 23 साल के युवक ने आत्महत्या कर ली. मृतक की पहचान ज्ञानेश्वर तुकाराम कोकाटे के रूप में हुई है. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गर्लफ्रेंड के परिजनों के की गई मारपीट और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया.

बताया जा रहा है कि ज्ञानेश्वर का नेकनूर के पास एक गांव की लड़की के साथ प्रेम संबंध था. जब इस रिश्ते की जानकारी लड़की के परिवार को मिली तो उन्होंने गुस्से में उसे गांव बुलाया. वहां उसकी बाइक और मोबाइल छीन लिए गए और चार लोगों ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई की. इतना ही नहीं उस पर चोरी का झूठा आरोप लगाकर गांव में बदनाम करने की भी कोशिश की गई.

इस घटना के बाद ज्ञानेश्वर गहरे मानसिक तनाव में चला गया था. आत्महत्या से पहले लिखे सुसाइड नोट में उसने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए लिखा , “मुझे बहुत मारा, गांव में चोर के रूप में बदनाम किया, तुम्हें जान से मार देंगे ऐसी धमकियां दी.” इसके बाद उसने धुले–सोलापुर हाईवे के पास एक टायर पंचर की दुकान में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी.

घटना के बाद मृतक की मां ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि उनके बेटे को पेड़ से बांधकर पीटा गया और उसकी वीडियो भी बनाई गई. उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. इस मामले में नेकनूर पुलिस स्टेशन में चार आरोपियों वसंत उंदरे, सचिन उंदरे, अशोक उंदरे और प्रेम उंदरे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. उन पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है.

INDORE : राजा रघुवंशी हत्याकांड के 9 महीने बाद घर में जन्मा बेटा, मां बोलीं- हमारा राजा वापस आ गया, समय और दिन का भी अद्भुत संयोग

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इंदौर के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के गम में डूबे परिवार के लिए ‘ग्यारस’ का दिन एक ऐसी सौगात लेकर आया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. करीब 9 महीने बाद रघुवंशी परिवार में फिर से ‘राजा’ की किलकारी गूंजी है. इसे महज एक संयोग कहें या अटूट विश्वास, परिवार इसे अपने बेटे का पुनर्जन्म मान रहा है.

इंदौर के मशहूर ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या ने पूरे देश को दहला दिया था. पिछले कई महीनों से न्याय की गुहार लगा रहा रघुवंशी परिवार गमगीन था, लेकिन रविवार को इस परिवार में एक ऐसी खुशी आई जिसने दुखों के बादल छांट दिए. राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी के घर बेटे का जन्म हुआ है, जिसे पूरा परिवार ‘राजा’ की वापसी मान रहा है. क्या कामाख्या के पुजारी की भविष्यवाणी हुई सच…

राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने बताया कि हत्या के बाद जब तेहरवीं हुई थी, तब कामाख्या मंदिर के पुजारी ने कहा था कि भाइयों में से किसी के घर राजा दोबारा जन्म लेगा. उनका कहना था कि राजा की मृत्यु स्वाभाविक नहीं, बल्कि हत्या हुई है, इसलिए वह किसी न किसी रूप में वापस आ सकता है.

विपिन ने बताया कि परिवार में कुल 9 भाई हैं, लेकिन यह सुख उनके भाई सचिन के घर ही आया. वे मानते हैं कि पुजारी की बात सच साबित हुई है. विपिन ने बताया कि जिस दिन उनके भाई राजा रघुवंशी की हत्या हुई थी, उस दिन भी ग्यारस थी और आज भी ग्यारस का ही दिन है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, राजा की मृत्यु दोपहर 2:40 बजे हुई थी, जबकि आज जन्मा बच्चा भी दोपहर 2:42 बजे पैदा हुआ.

करीब एक ही समय होने को परिवार एक विशेष संयोग मान रहा है. उनका कहना है कि जिस समय राजा उनसे बिछड़ा था, लगभग उसी समय वह फिर से उनके बीच लौट आया है.विपिन ने आगे बताया कि परिवार ने बच्चे का नाम भी ‘राजा’ ही रखा है. उन्होंने कहा कि उनकी भाभी पहले राजा का बहुत ख्याल रखती थीं और उसे अपने बच्चे की तरह मानती थीं. इसी वजह से बच्चे का नाम बिना कुंडली के ही ‘राजा’ रखा गया है, जैसे पहले उनके भाई का रखा गया था.

राजा की मां उमा रघुवंशी ने कहा कि उनके परिवार में फिर से खुशियां लौट आई हैं. उन्होंने बताया कि जिस दिन राजा उन्हें छोड़कर गया था, वह ग्यारस का दिन और दोपहर का समय था. आज भी ग्यारस है और दोपहर में ही यह बच्चा जन्मा है, जिसे वे अपने बेटे की वापसी मान रही हैं. उन्होंने इसे भोलेनाथ की कृपा बताते हुए कहा कि जो कुछ हुआ, वह भगवान की मर्जी से हुआ है. उनके शब्दों में, ”मेरा बेटा फिर से हमारे बीच लौट आया है.

उमा रघुवंशी ने बताया कि हमने बच्चे का नाम भी ‘राजा’ ही रखा है. जब उसे ‘राजा’ कहकर पुकारते हैं, तो वह ऐसे देखता है जैसे पहले से पहचानता हो. लंबे समय बाद परिवार में खुशियां लौटी हैं. राजा की हत्या के बाद से सभी गम में डूबे थे, लेकिन अब इस जन्म ने घर का माहौल बदल दिया है और हर ओर खुशी नजर आ रही है.

SPORTS : वैभव सूर्यवंशी का तूफान! 15 साल, 15 गेंदों में फिफ्टी… फिर भी टीम इंडिया दूर, कब खुलेगा दरवाजा?

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वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय क्रिकेट के दरवाजे पर जोरदार दस्तक दे दी है. उनके पास टैलेंट, आत्मविश्वास और बड़े मंच पर खेलने का साहस- तीनों मौजूद हैं. लेकिन टीम इंडिया तक पहुंचने के लिए उन्हें अभी निरंतर प्रदर्शन, अनुभव और मैच्योरिटी की सीढ़ियां चढ़नी होंगी. फिलहाल, वह भारतीय क्रिकेट का उज्ज्वल भविष्य हैं…वर्तमान बनने के लिए बस थोड़ा और इंतजार जरूरी है.

भारतीय क्रिकेट में हर कुछ समय पर एक नया सितारा उभरता है, जो अपने खेल से फैन्स और विशेषज्ञों को चौंका देता है. इस बार यह नाम है- वैभव सूर्यवंशी. महज 15 साल की उम्र में IPL जैसे बड़े मंच पर विस्फोटक बल्लेबाजी कर उन्होंने न सिर्फ सुर्खियां बटोरी हैं, बल्कि टीम इंडिया में उनके चयन को लेकर बहस भी तेज कर दी है.

सोमवार रात आईपीएल- 2026 के अपने पहले ही मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने धमाका कर दिया. उन्होंने महज 15 गेंदों में अर्धशतक जड़ते हुए 17 गेंदों पर 52 रन ठोक डाले. उनकी इस विस्फोटक पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स (RR) ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ 128 रनों का लक्ष्य सिर्फ 12.1 ओवरों में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया.

दरअसल, सूर्यवंशी की 15 गेंदों में अर्धशतक वाली पारी ने उन्हें रातोरात चर्चा का केंद्र बना दिया. जिस आत्मविश्वास और निडरता के साथ उन्होंने बड़े-बड़े शॉट लगाए, जिससे यह साफ हो गया कि इस खिलाड़ी में कुछ खास है. पावरप्ले में गेंदबाजों पर दबाव बनाना और मैच का रुख बदल देना- ये गुण आमतौर पर अनुभवी खिलाड़ियों में देखने को मिलते हैं, लेकिन सूर्यवंशी ने इतनी कम उम्र में यह कर दिखाया.

हालांकि, इस पूरे उत्साह के बीच क्रिकेट के जानकारों और पूर्व खिलाड़ियों ने एक अहम संदेश दिया है- टैलेंट साफ दिख रहा है, लेकिन टीम इंडिया का टिकट अभी पक्का नहीं है.

सूर्यवंशी सिर्फ प्रतिभाशाली नहीं, बल्कि मैच-विनर बनने की क्षमता भी रखते हैं. यही वजह है कि उन्हें ‘फ्यूचर स्टार’ के तौर पर देखा जाने लगा है. लेकिन क्रिकेट के दिग्गज इस उत्साह में संतुलन बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं. पूर्व भारतीय क्रिकेटर अंबति रायडू और पीयूष चावला ने Espncricinfo के शो के दौरान साफ कहा है कि इंटरनेशनल क्रिकेट का स्तर बिल्कुल अलग होता है, जहां सिर्फ टैलेंट से काम नहीं चलता.

उनके मुताबिक, सूर्यवंशी को अभी निरंतरता (Consistency) और मैच सिचुएशन की समझ पर काम करने की जरूरत है. IPL में एक-दो शानदार पारियां किसी खिलाड़ी को चर्चा में जरूर ला सकती हैं, लेकिन टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए लंबे समय तक लगातार प्रदर्शन करना पड़ता है.

सूर्यवंशी की उम्र इस पूरी चर्चा का सबसे अहम पहलू है. 15 साल की उम्र में वह अभी क्रिकेट के शुरुआती चरण में ही हैं. इस स्तर पर खिलाड़ी का मानसिक विकास, दबाव झेलने की क्षमता और तकनीकी मजबूती तीनों ही चीजें समय के साथ बेहतर होती हैं. ऐसे में चयनकर्ताओं के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे खिलाड़ी को जल्दबाजी में इंटरनेशनल क्रिकेट में न धकेलें.

भारतीय टीम में मौजूदा प्रतिस्पर्धा भी किसी से छिपी नहीं है. टॉप ऑर्डर में पहले से कई स्थापित बल्लेबाज मौजूद हैं, जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे में सूर्यवंशी के लिए सीधा टीम इंडिया में जगह बनाना आसान नहीं होगा.ऐसे में सही रास्ता यही है- धीरे-धीरे आगे बढ़ना और हर स्तर पर खुद को साबित करना. अगर सूर्यवंशी इस प्रक्रिया से गुजरते हैं, तो न सिर्फ उनका खेल निखरेगा, बल्कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियों के लिए भी पूरी तरह तैयार हो पाएंगे.

दूसरी ओर, जल्दबाजी में लिया गया फैसला उनके करियर के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है. कई बार देखा गया है कि बहुत कम उम्र में बड़े मंच पर उतारे गए खिलाड़ी दबाव में आकर अपनी लय खो देते हैं. ऐसे में चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे खिलाड़ी के विकास को प्राथमिकता दें.

हालांकि, यह भी सच है कि सूर्यवंशी ने जिस तरह का टैलेंट दिखाया है, उसे ज्यादा समय तक नजरअंदाज करना भी मुश्किल होगा. अगर वह इसी तरह लगातार रन बनाते रहे और बड़े मैचों में खुद को साबित करते रहे, तो वह दिन दूर नहीं जब उन्हें टीम इंडिया की जर्सी पहनने का मौका मिल सकता है.

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