फतेहपुर के एक प्राइवेट स्कूल में केजी की छात्रा के साथ कक्षा 7 के छात्र द्वारा दुष्कर्म के प्रयास का सनसनीखेज मामला सामने आया है. वारदात के बाद स्कूल प्रशासन पर मामले को दबाने का आरोप लगा है, जिसके बाद पुलिस ने मां की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में 31 मार्च को एक निजी स्कूल के भीतर केजी की मासूम छात्रा के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया. इस स्कूल में रिजल्ट लेने गई बच्ची को कक्षा 7 के करीब 11-12 वर्षीय अज्ञात छात्र ने बहाने से बाथरूम में ले जाकर गलत हरकत को अंजाम दिया. घर पहुंचने पर छात्रा ने निजी अंग में तकलीफ की शिकायत परिजनों से की, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने पीड़िता की मां की लिखित तहरीर के आधार पर अज्ञात छात्र के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है.
बच्ची ने घर लौटकर अपनी मां को आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिजन तुरंत स्कूल पहुंचे. आरोप है कि स्कूल स्टाफ ने इस गंभीर मामले को सुलझाने के बजाय इसे दबाने की कोशिश की. इसके बाद आक्रोशित मां बच्ची को लेकर सीधे थाने पहुंच गई. पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की और छात्रा को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया.
फतेहपुर एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि छात्रा के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. बच्ची के बयान के अनुसार आरोपी छात्र की उम्र 11 से 12 वर्ष के बीच बताई जा रही है. पुलिस अब स्कूल के सीसीटीवी और अन्य माध्यमों से उस अज्ञात छात्र की पहचान करने में जुटी है जिसने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया. फिलहाल छात्रा का इलाज चल रहा है और उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है.
नालंदा के अजयपुर गांव में तीन युवकों ने एक विवाहित महिला के साथ सार्वजनिक रूप से दुष्कर्म का प्रयास किया. महिला की चीख-पुकार सुन गांववासी पहुंचे तो आरोपियों ने उसे छोड़ दिया, लेकिन बदमाशों ने घटना का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.
नालंदा के अजयपुर गांव से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां तीन युवकों ने एक 20 वर्षीय विवाहित महिला के साथ सड़क पर ही हैवानियत की कोशिश की. आरोपियों ने आरोपियों ने महिला के कपड़े फाड़ डाले और विरोध करने पर उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. ये घटना मणिपुर की उस कुख्यात घटना की याद दिला रही है, जिसमें महिलाओं के साथ सार्वजनिक रूप से अभद्रता की गई थी. पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार तीसरे आरोपी रविकांत की तलाश में छापेमारी जारी है.
दरअसल, ये घटना 26 मार्च की शाम 6 से 7 बजे के बीच की है. जब 20 वर्षीय महिला किराना की दुकान से सामान लेकर अपने घर लौट रही थी, तभी गांव के दबंग अशोक यादव, मतलू महतो और रविकांत कुमार ने उन्हें पकड़ लिया. आरोप है कि आरोपियों ने महिला को जबरन पकड़कर सड़क पर घसीटा, उसके साथ अभद्रता की और कपड़े फाड़ने की कोशिश की. इस दौरान महिला मदद के लिए चिल्लाती रही, लेकिन मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे और इसके बाद आरोपी मौके से भाग, लेकिन उन्होंने घटना का वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया.
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अशोक यादव और मतलू महतो को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार तीसरे आरोपी रविकांत की तलाश में छापेमारी जारी है.
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह विवाहित होने के बावजूद अपने मायके में रहती है, जिस कारण गांव के दबंग उन पर बुरी नजर रखते थे. घटना वाली शाम जब वह बाजार से लौट रही थी, तभी तीनों आरोपियों ने उन्हें दबोच लिया. विरोध करने पर दरिंदों ने उनके कपड़े फाड़ दिए. महिला की चीख-पुकार सुनकर जब गांव वाले इकट्ठा हो गए. इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए.
आरोपियों ने अपनी घिनौनी करतूत का वीडियो भी बनाया, जिसे बाद में पीड़िता को बदनाम करने और डराने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिससे पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया.
घटना के अगले दिन यानी 27 मार्च को महिला ने नूरसराय थाने में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई. महिला की गरिमा से जुड़े गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है. थाना केस संख्या-194/2026 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 75, 76, 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया. साथ ही मामले की जांच के लिए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है. पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी संजय अग्रवाल ने प्रेस रिलीज जारी कर जानकारी दी है. नूरसराय थाना केस संख्या-194/26 के तहत दर्ज मामले में पुलिस ने अशोक यादव और मतलू महतो उर्फ नवनीत कुमार नरोत्तम को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
डीएसपी ने स्पष्ट किया कि शेष अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और प्रशासन पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है.
हनुमान जयंती का हिंदुओं में बड़ा धार्मिक महत्व है. इस दिन को भगवान हनुमान की जयंती के रूप में मनाया जाता है क्योंकि उनका जन्म चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को हुआ था. भक्त इस दिन को बहुत खुशी और उत्साह के साथ मनाते हैं. बजरंगबली का जन्म राजा केसरी और माता अंजनी से हुआ था. तो आइए ज्योतिर्विद प्रवीण मिश्र जी से जानते हैं कि, कब मनाया जाएगा हनुमान जयंती का पर्व.
हनुमान जयंती का पावन पर्व हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था. हालांकि, देश के कुछ हिस्सों में यह मान्यता भी है कि हनुमान जी का जन्म कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हुआ था. इसलिए वहां कार्तिक में भी हनुमान जयंती मनाई जाती है. लेकिन ज्यादातर जगहों पर चैत्र पूर्णिमा को ही हनुमान जयंती मनाई जाती है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, हनुमान जी भगवान शिव के रुद्रावतार माने जाते हैं. उन्होंने वानर रूप में जन्म लेकर अपना पूरा जीवन भगवान श्रीराम की सेवा में समर्पित कर दिया. इसी कारण उन्हें भगवान राम का सबसे बड़ा भक्त कहा जाता है. इस साल हनुमान जयंती 2 अप्रैल को मनाई जाएगी.
पंचांग के मुताबिक, चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 2 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर होगा.
इस साल हनुमान जयंती पर दो मुहूर्त प्राप्त होंगे. द्रिक पंचांग के अनुसार, 2 अप्रैल को हनुमान जयंती पर सुबह 6 बजकर 10 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 44 मिनट तक पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है. इसके बाद शाम को 6 बजकर 39 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 6 मिनट तक पूजा का दूसरा मुहूर्त रहेगा. क्योंकि हनुमान जयंती का पूजन अभिजीत मुहूर्त में सबसे विशेष होता है इसलिए दोपहर 12 बजे से लेकर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहने वाला है.
इस साल हनुमान जयंती पर ध्रुव योग और हस्त नक्षत्र का संयोग रहने वाला है. ध्रुव योग सूर्योदय से लेकर दोपहर 2 बजकर 20 मिनट तक रहेगा. इसके बाद व्याघात योग शुरू हो जाएगा. फिर शाम को 5 बजकर 38 मिनट तक हस्त नक्षत्र भी रहने वाला है. इसके बाद चित्रा नक्षत्र लग जाएगा.
हनुमान जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और घर के मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें. एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और हनुमान जी को स्थापित करें. इसके बाद गंगाजल से स्नान कराएं, तिलक लगाएं और अक्षत अर्पित करें. हनुमान जी को सिंदूर और घी अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है. इसके साथ ही लाल फूल, जनेऊ और माला चढ़ाएं. भोग में गुड़-चना और मौसमी फल जैसे केला, सेब या अंगूर चढ़ाएं. इसके बाद बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें. समय हो तो सुंदरकांड का पाठ भी कर सकते हैं. अंत में हनुमान जी की आरती करें और अपनी मनोकामना उनके सामने रखें. पूजा के बाद प्रसाद को ज्यादा से ज्यादा लोगों में बांटें.
हनुमान जयंती के दिन उनकी पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस दिन भक्त हनुमान जी का ध्यान करने के लिए कई मंत्रों का जाप करते हैं.
एक प्रसिद्ध मंत्र है- ”मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥”
इस मंत्र में हनुमान जी की विशेषताओं का वर्णन किया गया है कि वे मन की तरह तेज गति से चलने वाले, इंद्रियों को जीतने वाले, बुद्धिमानों में श्रेष्ठ और भगवान राम के दूत हैं. ऐसा भी माना जाता है कि कलियुग में भी हनुमान जी का अस्तित्व है और जहां-जहां राम कथा होती है, वहां वे किसी न किसी रूप में जरूर पहुंचते हैं.
आधी रात को सास ने कहा कि तंत्र-मंत्र की पूजा से ही घर में दौलत आई है और इसमें शामिल होने के लिए कपड़े उतारने होंगे. मैंने मना किया तो पति और ससुर ने जबरदस्ती की. मुझे कमरे में बंद कर दिया गया और मारपीट की गई. बाद में दो करोड़ रुपये और एक किलो सोना लाने का दबाव बनाया गया. कानपुर की एक लड़की द्वारा दर्ज एफआईआर में ससुराल वालों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
‘शादी के बाद जब मैं ससुराल गई तो आधी रात के बाद घर में तंत्र-मंत्र की पूजा शुरू की गई. सास ने कहा कि इसी पूजा से घर में संपत्ति आई है और इसमें शामिल होना होगा. इसके लिए सभी लोग कपड़े उतारकर बैठते हैं. मैंने मना किया तो पति और ससुर ने जबरदस्ती मेरे कपड़े उतार दिए. इसके बाद मुझे कमरे में बंद कर दिया गया, जहां मेरे साथ अभद्र व्यवहार हुआ. फिर मुझे उसी हालत में पूजा में बैठाया गया. इस दौरान मेरे साथ मारपीट भी की गई. बाद में मुझ पर दो करोड़ रुपये और एक किलो सोना लाने का दबाव बनाया गया.’
कानपुर की एक लड़की ने पुलिस में दर्ज कराई अपनी शिकायत में ये गंभीर आरोप लगाए हैं. तंत्र-मंत्र के नाम पर प्रताड़ना, जबरदस्ती और दहेज की मांग से जुड़ा यह मामला अब पुलिस जांच में है. महिला थाने में दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस ने ससुराल पक्ष के कई लोगों को आरोपी बनाया है. कानपुर के सचेंडी इलाके के एक संपन्न परिवार की बेटी की शादी 6 मार्च 2024 को पांडु नगर निवासी मिश्रा परिवार में हुई थी. परिवार के अनुसार, शादी काफी धूमधाम से हुई और इसमें करीब 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए. पीड़िता का कहना है कि शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगा, लेकिन कुछ ही दिनों बाद ससुराल का माहौल बदलने लगा. घर में रात के समय पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र से जुड़ी गतिविधियां शुरू होती थीं, जिनमें उसे भी शामिल होने के लिए कहा जाता था.
पीड़िता के अनुसार, पहली बार उसे आधी रात के बाद उठाकर पूजा में शामिल होने के लिए कहा गया. उसने बताया कि उसकी सास ने कहा कि परिवार की संपत्ति और व्यापार की तरक्की इसी तरह की पूजा से हुई है. ऐसे ही करोड़पति बने हैं, सास खुद को कोलकाता से जुड़ा बताती थीं और कहती थीं कि वहां भी वह नियमित रूप से तंत्र-मंत्र की पूजा में जाती रही हैं. पीड़िता का आरोप है कि पूजा में शामिल होने के लिए उसे ऐसे नियम बताए गए, जिन्हें वह स्वीकार नहीं कर सकी. उसने इसका विरोध किया और साफ कहा कि उसके परिवार में इस तरह की परंपरा नहीं है.
पीड़िता ने बताया कि जब उसने इन गतिविधियों में शामिल होने से मना किया तो उस पर दबाव बढ़ा दिया गया. उसका कहना है कि उसे समझाने के बजाय जबरदस्ती की गई. उसने आरोप लगाया कि पति और ससुर ने उसके साथ जबरदस्ती की और उसे मजबूर किया गया. उसने यह भी कहा कि उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया.
पीड़िता के मुताबिक, इस दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई. उसने बताया कि विरोध करने पर उसे चप्पलों से मारा गया और कहा गया कि उसके ऊपर कोई प्रभाव है, जिसे ठीक करना जरूरी है. पीड़िता का कहना है कि इन घटनाओं का उस पर मानसिक असर पड़ा और वह लंबे समय तक सामान्य नहीं हो पाई. पीड़िता का आरोप है कि यह सब एक बार की घटना नहीं थी. उसने बताया कि घर में नियमित रूप से इसी तरह की पूजा होती थी और हर बार उसे उसमें शामिल होने के लिए कहा जाता था. उसका कहना है कि जब भी वह मना करती, उसे डांटा जाता और दबाव बनाया जाता.
पीड़िता ने अपने पति पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उसका कहना है कि जब उसने पति से मदद मांगी, तो उन्होंने उसका साथ नहीं दिया. पीड़िता के अनुसार, पति हमेशा अपने माता-पिता की बात मानते थे और उसे भी वही करने के लिए कहते थे. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष ने शादी के बाद अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी. उसने कहा कि उससे दो करोड़ रुपये और एक किलो सोना लाने के लिए कहा गया. पीड़िता के मुताबिक, उसके पिता पहले ही शादी में बड़ी रकम खर्च कर चुके थे और इस तरह की मांग पूरी करना संभव नहीं था.
लगातार हो रही घटनाओं से परेशान होकर पीड़िता ने आखिरकार ससुराल छोड़ने का फैसला किया. जनवरी 2025 में वह अपने मायके लौट आई और अपने परिवार को पूरी बात बताई. परिजनों ने उसके बयान के आधार पर पुलिस से संपर्क किया और कार्रवाई की मांग की. पीड़िता का कहना है कि शिकायत के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं हुई. उसने आरोप लगाया कि कई महीनों तक समझौते की कोशिश की गई और दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया जाता रहा. हालांकि, समझौता नहीं हो सका और आखिरकार पुलिस ने मामला दर्ज किया.
महिला थाने में दर्ज रिपोर्ट में पति, सास, ससुर, देवर और परिवार के अन्य सदस्यों को आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामले में एसीपी आशुतोष सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी.
इस मामले में ससुराल पक्ष से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका. परिवार के सदस्य घर पर नहीं थे और उनकी दुकान भी बंद थी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है.
सोलन के शूलिनी विश्वविद्यालय में एक छात्र की आत्महत्या के बाद हंगामा मच गया. वहीं गुस्साए छात्रों ने न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित शूलिनी विश्वविद्यालय से एक दुखद खबर सामने आई है. यहां के एक पूर्व छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, जिसके बाद पूरे परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया है. घटना के बाद छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है और वे लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक, छात्र द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ गंभीर आरोपों का जिक्र किया गया है. हालांकि पुलिस ने अभी तक इन आरोपों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन नोट को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. फिलहाल किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस सुसाइड नोट में लिखी बातों को गंभीरता से ले रही है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी.
जैसे ही घटना की खबर फैली, विश्वविद्यालय परिसर में सैकड़ों छात्र इकट्ठा हो गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया. छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के मुद्दों को लेकर लापरवाही बरतता है और कई बार किए गए वादों को पूरा नहीं करता. प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मृतक छात्र के परिवार को न्याय दिलाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक छात्रा के साथ कुछ छात्रों द्वारा मारपीट की जा रही है. बताया जा रहा है कि यह घटना अनुशासनहीनता के नाम पर हुई, लेकिन इस वीडियो ने पूरे मामले को और ज्यादा गंभीर बना दिया है. छात्र इसे लेकर भी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं.
अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. हालांकि परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अधिकारी छात्रों से बातचीत कर माहौल शांत करने की कोशिश कर रहे हैं. पूरे मामले पर सभी की नजर बनी हुई है.
मोनालिसा भोंसले और फरमान खान की शादी पर बवाल मचा हुआ है. सिलसिलेवार तरीके से देखें तो मोनालिसा ने परिवार के खिलाफ जाकर केरल में फरमान से शादी की. जिसके बाद उन्हें फिल्म में चांस देने वाले डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने इस शादी को लव जिहाद बताते हुए शिकायत दर्ज कराई. जवाब में मोनालिसा ने सनोज मिश्रा पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया और रोते हुए कार्रवाई करने की गुहार लगाई.
इस आरोप को खारिज करते हुए मोनालिसा के को-एक्टर मुकेश ने अपना राय दी है. द डायरी ऑफ मणिपुर में वो मोनालिसा संग काम कर चुके हैं, उन्होंने एक्ट्रेस पर जमकर अपना गुस्सा उतारा है और सनोज को निर्दोष बताया है. मालूम हो कि, इन विवादों के चलते फिल्म द डायरी ऑफ मणिपुर अब बंद बक्से मे जा चुकी है.
एक यूट्यूब चैनल वीडियो में मोनालिसा के को-एक्टर मुकेश ने अपनी पूरी भड़ास निकालते हुए उन्हें गलत बताया. उनका कहना है कि अगर मोनालिसा के साथ इतना ही गलत हो रहा था तो सेट पर इतनी मस्ती कैसे कर पा रही थीं. आपको एक बार पिंच करे तो भी आपके चेहरे पर दिखाई देता है. फिर ये तो छेड़छाड़ की बात थी. मुकेश का कहना है कि सबने साथ मिलकर पार्टीज की हैं, जिसमें सनोज मिश्रा भी शामिल रहे.
मुकेश बोले- अगर कोई महिला पीड़ित है तो क्या वो पूरी मस्ती करते हुए रह पाएगी. उसने मेरे साथ रील बनाई हैं. टीम के लोगों के साथ पार्टी की है, डांस किया है, पूरी मौज-मस्ती की है. वो रील्स सोशल मीडिया पर अपलोड भी की हुई हैं. जहां वो फुल बिंदास होकर रही हैं. अगर कोई महिला किसी ज्यादती का शिकार हो रही है तो क्या वो इस तरह से फुल फ्रीडम में रह पाएगी. इतना बिंदास रह पाएगी.
मुकेश ने आगे मोनालिसा की शादी पर सवाल उठाते हुए कहा कि- तो हम क्या समझें कि क्या वो इंतजार कर रही थी. हम नॉर्मल सी शादी की बात करते हैं तो एक साल तक लग जाता है. ये कुछ महीनों में ही मिलकर इतना भरोसा कैसे कर बैठी. वो भी वो इंसान जो पहले बाबा का भेष बनाकर मिलता है और खुद को हिंदू धर्म का बताता है.
मुकेश का कहना है कि फरमान एक जिहादी है जिसके साथ मोनालिसा हम सबको बदनाम कर रही है. उसके पास कुछ नहीं था, तो कैसे केरल में जाकर इतनी बड़ी शादी कर रही है. अभी उसने पार्टी की है अपने शादी के बाद, कैसे कर सकती है. कैसे उसे बड़े बड़े लोग सपोर्ट कर रहे हैं. कहीं ना कहीं से तो फंडिंग आ रही है. इसकी पूरी जांच होनी चाहिए, ये फरमान तुरंत पकड़ा जाएगा.
मुकेश ने सवाल उठाते हुए कहा कि- 2025 में मोनालिसा 16 साल की थीं, एक ही साल में 18 की कैसे हो गई. ताकत हो तो इंसान डॉक्यूमेंट भी फर्जी बनवा लेता है. जैसे छांगुर बाबा पकड़ा गया था, वैसे ही इन लोगों का भी पर्दाफाश होगा.
महाराष्ट्र के नागपुर में एक स्कूली छात्रा से रेप का मामला सामने आया है. मामले में पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी छात्रा को स्कूल गेट से उठा लेता था और होटल में ले जाकर दुष्कर्म करता था.
पहले इंस्टाग्राम पर दोस्ती की फिर आठवीं की छात्रा को स्कूल से ले जाकर कई बार होटल में किया दुष्कर्म. ये मामला महाराष्ट्र के नागपुर का है. जहां कक्षा 8वीं में पढ़ने वाली 13 वर्षीय छात्रा की एक लड़के से इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई. फिर उसी दोस्त ने नाबालिग छात्रा को अपने प्रेम जाल में ऐसे फ़ंसा लिया कि छात्रा स्कूल में जाने के बजाय आरोपी संग घूमने-फिरने के नाम पर होटल पहुंच जाती थी. जहां आरोपी लड़की के साथ दुष्कर्म करता था.
दरअसल ये पूरा मामला नागपुर के सदर थाना के अंतर्गत का है. इस मामले का आरोपी करण केशव केसी है. आरोपी नाबालिग छात्रा को लेकर एक होटल में ले आता था और उसके साथ दुष्कर्म करता था. करण से पीड़ित छात्रा की मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई थी. इसके बाद आरोपी 18 मार्च को लड़की के स्कूल के पास पहुंचा. उसने लड़की को स्कूल जाने की बजाय उसके साथ चलने का पहले ही बता चूका था.
ऐसे में तय योजना के तहत सुबह 7 बजे करण लड़की को स्कूल के सामने से दोपहिया पर बिठाकर एक शौचालय में ले गया. वहां लड़की ने स्कूल यूनिफॉर्म बदली. इसके बाद करण उसे फ्रेंड्स कॉलोनी की सिल्वर सूट्स होटल में ले गया. उसे पता था कि लड़की के नाबालिग होने से उसे कमरा हासिल करने में परेशानी हो सकती है. ऐसे में उसने उसकी जगह पर दूसरी युवती का आधार कार्ड भी रख लिया था.
होटल में कमरा लेने के बाद उसने छात्रा से दुष्कर्म किया. हालांकि, इसके बाद वह फिर 27 मार्च को लड़की के स्कूल पहुंचा. फिर लड़की का यूनिफॉर्म बदलवाया और होटल में ले जाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए. करण के झांसे में आने से लड़की स्कूल नहीं जा रही थी. ऐसे में स्कूल वालों ने लड़की की मां को मैसेज भेजा और उसके स्कूल नहीं आने का कारण भी पूछा.
जिसे बाद मां ने बेटी को भरोसे में लेकर पूछताछ की. तब उसने पूरी बात बताई. जिसके बाद उसकी मां ने सदर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने रेप व पॉक्सो के तहत मामला दर्ज कर करण को गिरफ्तार कर लिया. सदर पुलिस थाने के इंस्पेक्टर अमोल देशमुख ने बताया कि मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और जांच की जा रही है.
पश्चिमी एशिया में छिड़ी जंग को खत्म कराने के लिए ‘शांतिदूत’ बनने की कोशिशों में लगे पाकिस्तान को पहले ईरान ने आइना दिखाया तो अब इजरायल ने भी उसकी भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं.
ईरान जंग में ‘चौधरी’ बनने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान को बैक टू बैक झटके लग रहे हैं. पहला झटका ईरान ने दिया, जब उनसे दो टूक कहा कि जंग रोकने के लिए की जा रही कोशिशें पाकिस्तान की खुद की हैं, ईरान का इससे कोई लेना-देना नहीं है. वहीं, अब इजरायल की ओर से भी पाकिस्तान के ‘शांति दूत’ बनने पर सवाल उठाए गए हैं और भारत को इसके लिए बेहतर विकल्प बताया.
इजरायली विदेश मंत्रालय के विशेष दूत फ्लूर हसन नहूम ने एक इंटरव्यू के दौरान जंग में पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दिया. उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं मालूम कि पाकिस्तानियों को क्या लगता है कि वे क्या कर रहे हैं. लेकिन मुझे लगता है कि उनकी कोशिश खुद को प्रासंगिक बनाने की हैं. वे खुद जिहादी आतंकवाद की दुनिया में एक बड़ी समस्या हैं, वह मध्यस्थता की कोशिश कर सकते हैं लेकिन मुझे भरोसा नहीं है कि वह बहुत सफल होंगे.’
फ्लूर हसन नहूम ने इस दौरान भारत की भूमिका को लेकर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा, ‘भारत इजरायल का बेहद करीब सहयोगी है. जैसा कि आपको मालूम है कि युद्ध की शुरुआत से पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल गए थे. हम समझते हैं कि भारत सभी के साथ बेहतर संबंध रखता है.’ उन्होंने आगे कहा, अगर आप मुझसे पूछेंगे तो पाकिस्तान की तुलना में भारत कहीं बेहतर मध्यस्थ हो सकता है. लेकिन देखना होगा कि चीजें आगे कैसे बढ़ती हैं.’
बता दें कि पाकिस्तान अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग को खत्म कराने लिए मध्यस्थता की कोशिशें कर रहा है. रविवार (29 मार्च) को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा, सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किए के विदेश मंत्रियों के साथ इस्लामाबाद में बैठक के बाद वह अमेरिका-ईरान के बीच वार्ता आयोजित करेगा. लेकिन ईरान ने बातचीत से साफ इनकार कर दिया है. सोमवार को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने पाकिस्तान के साथ हुई बैठकों को लेकर साफ कहा कि ये उनकी अपनी पहल हैं, इसमें ईरान शामिल नहीं है.
महीने की शुरुआत में अकाउंट में पैसे आते हैं, लेकिन देखते ही देखते खर्च हो जाते हैं. बचत नाम की कोई चीज नहीं होती. सही प्लानिंग और समझदारी से इस स्थिति में बदलाव किया जा सकता है…
Money Management Tips: महीने की शुरुआत में अकाउंट में पैसे आते हैं, लेकिन देखते ही देखते खर्च हो जाते हैं. बचत नाम की कोई चीज नहीं होती. ये स्थिति काफी लोगों की है. ऐसे में निराशा और तनाव होना भी आम बात है, क्योंकि जरूरतें और सपने दोनों अधूरे रह जाते हैं.
इसके पीछे की वजह कई बार कम इनकम नहीं होती है, बल्कि जानकारी की कमी और मनी मैनेजमेंट इसके पीछे के कारण हो सकते हैं. अगर आपको भी लगता है कि जितना भी कमाएं, बचत नहीं हो रही, तो अब तरीका बदलने की जरूरत है. सही प्लानिंग और समझदारी से इस स्थिति में बदलाव किया जा सकता है…
पैसों को सही तरीके से संभालने के लिए सबसे जरूरी है कि आप हर महीने अपनी इनकम और खर्च का पूरा रिकॉर्ड रखें. सिर्फ बड़े खर्च ही नहीं, बल्कि चाय, स्नैक्स या ऑनलाइन खरीदारी जैसे छोटे-छोटे खर्च भी नोट करना जरूरी है.
यही खर्च धीरे-धीरे बजट बिगाड़ते हैं. इसके लिए आप मोबाइल ऐप, नोटपैड जैसे विभिन्न तरीकों की मदद ले सकते हैं. ऐसा करने से महीने के अंत में आप अपने खर्च को ट्रैक कर पाएंगे. जिससे अपनी खर्चों में बदलाव करने में मदद मिलेगी.
बजट बनाने के साथ-साथ उसका पालन भी है जरूरी
पैसों को सही जगह में खर्च करने के लिए हर महीने की शुरुआत में बजट बनाना बेहद जरूरी है. इसमें अपनी कमाई को अलग-अलग हिस्सों में बांटना चाहिए. जैसे जरूरी खर्च, घूमना-फिरना, ट्रांसपोर्ट और अन्य खर्च.
जब पहले से तय रहेगा कि कितना पैसा कहां खर्च करना है, तो फालतू खर्च से बचना आसान हो जाता है.
अगर आपने लोन ले रखा है, तो उसे समझदारी से मैनेज करना बहुत जरूरी है. सबसे पहले उन कर्जों को खत्म करने पर ध्यान दें जिन पर ब्याज ज्यादा लगता है. जैसे क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन.
साथ ही बेवजह उधार लेने से बचना चाहिए. कोशिश करनी चाहिए कि आपकी कुल EMI आपकी आय के 30-40 प्रतिशत से ज्यादा न हो. इससे खर्च संतुलित रहेगा और कर्ज कम होने के साथ मानसिक दबाव भी घटेगा.
आज के बदलते दौर में कई तरह की परेशानी बिना बताए चली आती है. नौकरी का छूट जाना, बिजनेस में लॉस, मेडिकल इमरजेंसी इत्यादि हालातों में तुरंत ही पैसों की जरूरत होती है.
ऐसे में जानकार कम से कम 6 महीने के खर्च के बराबर का इमरजेंसी फंड रखने की सलाह देते हैं. ऐसा करने से आप इमरजेंसी के समय खुद के खर्चों को आसानी से संभाल सकते हैं.
पटना में प्रतिबंधित कोडिन कफ सिरप की तस्करी पर DIU टीम ने उषा मार्टिन स्कूल के पास चेकिंग अभियान चलाया. जिसमें तलाशी के दौरान 12,050 पीस प्रतिबंधित कोडिन कफ सिरप बरामद हुए है.पटना में नशे के कारोबारियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें प्रतिबंधित कोडिन कफ सिरप की तस्करी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है. गौरीचक थाना क्षेत्र में गोदाम बनाकर यह अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था, जिसमें गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई है.
पटना DIU टीम और स्थानीय पुलिस ने मामले में उषा मार्टिन स्कूल के पास चेकिंग अभियान चलाया. इस दौरान संदिग्ध तीन गाड़ियां को घेराबंदी कर पकड़ा गया, जिसमें दो स्कॉर्पियो और एक अर्टिगा शामिल है. तलाशी में 12,050 पीस प्रतिबंधित कोडिन कफ सिरप बरामद किए गए जिनकी अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये बताई जा रही है.
पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर वाहन सवार लोग गाड़ी छोड़कर भागने लगे, जिसमें से चार को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि एक फरार हो गया. फरार आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. मौके से गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद आदिल (31), अनवर आलम (27), बमबम कुमार (24) और करण कुमार (28) के रूप में हुई है.
सोमवार 30 मार्च की रात में गौरीचक थानांतर्गत कुछ व्यक्तियों द्वारा स्कॉर्पियो एवं अन्य वाहनों से अवैध नशीली दवा ले जाने के संबंध में गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी. जिसके लिए छापेमारी टीम का गठन किया गया था. गठित टीम द्वारा उषा मार्टिन स्कूल के पास वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें चेकिंग के दौरान संदिग्ध वाहन आते दिखाई दिए. पुलिस द्वारा वाहन को रोकने का प्रयास करने पर वाहन सवार कुछ व्यक्ति वाहन छोड़कर भागने लगे, जिसमें 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
वाहनों की तलाशी के क्रम में कोडिन युक्त कफ सिरप Shifex-T की 6,800 बोतल बरामद की गई हैं. पूछताछ के क्रम में प्राप्त जानकारी के आधार पर एक गोदाम में छापेमारी की गई, जहां से 5,250 बोतल कफ सिरप बरामद की गई हैं. इस प्रकार छापेमारी के क्रम में 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए कुल 12,050 बोतल कफ सिरप और परिवहन में प्रयुक्त 3 कार बरामद की गई हैं. आगे की जांच की जा रही है.