Monday, September 21, 2026
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NATIONAL : नीट परीक्षा रद्द होने पर एक्शन में सरकार: शिक्षा मंत्री के घर देर शाम तक चली बैठक, NTA के अफसर भी रहे मौजूद

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर गुरुवार देर शाम नीट (UG) परीक्षा दोबारा कराने को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में उच्च शिक्षा सचिव, स्कूली शिक्षा सचिव, एनटीए महानिदेशक और सीबीएसई चेयरपर्सन सहित कई बड़े अधिकारी शामिल हुए।

मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली सबसे बड़ी परीक्षा नीट-यूजी (NEET-UG) को रद्द किए जाने के बाद अब सरकार पूरी तरह से एक्शन में आ गई है। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए और परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के दोबारा कराने के लिए केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यह खबर उन सभी छात्रों के लिए बहुत जरूरी है जो मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट-यूजी परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने के मुद्दे पर पहली उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की है। इस अहम बैठक में शिक्षा मंत्रालय और परीक्षा कराने वाली एजेंसी के कई बड़े अधिकारी शामिल हुए। इस मीटिंग का मुख्य मकसद यही था कि रद्द हुई परीक्षा को अब नए सिरे से कैसे कराया जाए ताकि आगे कोई भी गड़बड़ी न हो। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस बार ‘री-नीट’ पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से हो, जिससे दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों के साथ कोई अन्याय न हो।

यह खास बैठक इसलिए बुलाई गई क्योंकि हाल ही में नीट-यूजी परीक्षा में कई तरह की बड़ी गड़बड़ियों और पेपर लीक के गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों के कारण छात्रों में भारी गुस्सा था और पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने पुरानी परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया। अब चूंकि परीक्षा दोबारा होनी है (RE-NEET), इसलिए नया शेड्यूल बनाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए शिक्षा मंत्री ने खुद मोर्चा संभालते हुए यह बैठक बुलाई।
इस उच्च स्तरीय बैठक में इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया कि परीक्षा के पेपर को लीक होने से कैसे बचाया जाए। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा बढ़ाने और पेपर बांटने के तरीके में कड़े बदलाव करने पर लंबी चर्चा की। सरकार की कोशिश है कि नया सिस्टम ऐसा हो जिसे कोई भी हैक या लीक न कर सके। इसके लिए नई और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने पर भी गहराई से विचार किया जा रहा है ताकि परीक्षा पूरी तरह से सुरक्षित रहे।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में हुई इस बैठक के बाद अब जल्द ही ‘री-नीट’ परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान होने की उम्मीद है। छात्रों को अपनी पढ़ाई और तैयारी जारी रखने की सलाह दी जा रही है। सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि छात्रों का कीमती साल बर्बाद न हो और उन्हें जल्द से जल्द एक साफ-सुथरी परीक्षा देने का मौका मिले। सरकार के इस कड़े कदम से उन लाखों छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी जो पूरी ईमानदारी से इस परीक्षा की तैयारी करते हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के घर हुई इस खास बैठक में शिक्षा विभाग के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी और स्कूली शिक्षा सचिव संजय कुमार ने मुख्य रूप से हिस्सा लिया। इनके अलावा, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह और सीबीएसई (CBSE) के चेयरपर्सन भी इस अहम चर्चा का हिस्सा बने।

इस बैठक में केवल एनटीए और शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी ही मौजूद नहीं थे, बल्कि स्कूलों के बड़े अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के आयुक्तों (कमिश्नरों) ने भी अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। इसके साथ ही कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी नई परीक्षा की तैयारियों को लेकर इस चर्चा में भाग लिया।

NATIONAL : ‘आधुनिक युद्ध में साथ चलना ही जीत की चाबी’, रक्षा मंत्री ने तीनों सेनाओं के तालमेल पर दिया जोर

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में आयोजित ‘कलाम और कवच’ सम्मेलन में कहा कि आधुनिक युद्ध में सफलता सेनाओं के आपसी तालमेल पर निर्भर करेगी। उन्होंने जल, थल, वायु, अंतरिक्ष और साइबरस्पेस में सभी बलों को एकजुट होकर काम करने पर जोर दिया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि आज के समय में युद्ध लड़ने का तरीका पूरी तरह से बदल चुका है। अब युद्ध केवल जमीन, समुद्र या हवा तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष और साइबर दुनिया तक पहुंच गया है। ऐसे में देश की सुरक्षा तभी पक्की हो सकती है जब हमारी सभी सेनाएं और रक्षा से जुड़े विभाग एक साथ मिलकर काम करें। नई दिल्ली में आयोजित ‘कलाम और कवच’ नाम के एक बड़े रक्षा सम्मेलन में उन्होंने यह अहम बात कही है। यह सम्मेलन देश को रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने के लिए आयोजित किया गया था।

रक्षा मंत्री ने एक वीडियो संदेश में कहा कि आधुनिक युद्ध में अलग-अलग रहकर सफलता नहीं मिल सकती है। जीत इस बात पर निर्भर करेगी कि भारतीय रक्षा बल जमीन, समुद्र, हवा, अंतरिक्ष और साइबरस्पेस में कितनी कुशलता से एक साथ आते हैं। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि देश की ताकत इस बात से तय होगी कि हमारी सेनाएं, प्रयोगशालाएं और उद्योग कितनी जल्दी एक साथ सोचते हैं और काम करते हैं। इसके साथ ही रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उदाहरण देते हुए बताया कि यह नए भारत की ताकत और आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त न करने की नीति का सीधा सुबूत है।

इस सवाल का जवाब देते हुए रक्षा मंत्री ने बताया कि आज के समय में भू-राजनीतिक तनाव, साइबर खतरे और नई तरह की युद्ध तकनीकों को देखते हुए हम पुरानी सोच के भरोसे नहीं रह सकते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हमें हमेशा तैयार रहना होगा और नया सोचना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय के युद्ध के मैदान में उसी की जीत होगी जो किसी भी नए विचार या तकनीक को बहुत जल्दी हथियार बनाकर सेना तक पहुंचा सकेगा। इसलिए सेनाओं के साथ-साथ रक्षा नीति बनाने वालों, वैज्ञानिकों और उद्योगों को बिल्कुल करीब आकर काम करना होगा।

राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि हथियारों के मामले में आत्मनिर्भर होना केवल देश की अर्थव्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि हमारी रणनीति के लिए भी एक बहुत बड़ी जरूरत है। अगर कोई देश अपने अहम रक्षा उपकरणों के लिए दूसरे देशों पर बहुत ज्यादा निर्भर रहता है, तो संकट के समय में वह हमेशा कमजोर ही साबित होगा। इसलिए भारत को अपने देश के अंदर ही हथियारों को डिजाइन करना, बनाना और उन्हें आधुनिक करना होगा। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने भी स्वदेशी तकनीक को देश के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहद जरूरी बताया है।

नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में हुए इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में सेना के बड़े अधिकारी, रक्षा उद्योग से जुड़े लोग, वैज्ञानिक और कई विशेषज्ञ शामिल हुए। इस कार्यक्रम में कई उच्च स्तरीय चर्चाएं हुईं, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े युद्ध, हाइपरसोनिक तकनीक और क्वांटम तकनीक जैसे आधुनिक विषयों पर बात की गई। इसके अलावा देश में हथियार बनाने की क्षमता को बढ़ाने और अंतरिक्ष के क्षेत्र में तरक्की को लेकर भी चर्चा की गई। इस सम्मेलन में एक खास प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें भारत की प्राइवेट कंपनियों और छोटे उद्योगों द्वारा बनाए गए नए रक्षा उपकरणों को दिखाया गया।

BUSINESS : पेट्रोल-डीजल तीन रुपये प्रति लीटर हुआ महंगा, नई दर आज से प्रभावी

नई दिल्ली, 15 मई (हि.स)। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। सीएनजी के दाम भी दो रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाए गए हैं। नई दरें आज से लागू हो गई हैं। करीब चार साल बाद पेट्रोल-डीजल की कीमत में इजाफा किया गया है।

दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है। कोलकाता, मुंबई और चेन्नई जैसे महानगरों में भी ईंधन की कीमतों में उछाल आया है।

कोलकाता में पेट्रोल 3.29 रुपये बढ़कर अब 108.74 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 3.14 रुपये बढ़कर 106.68 रुपये प्रति लीटर में मिल रहा है। दक्षिण भारत के बड़े शहर चेन्नई में पेट्रोल के दामो में 2.83 रुपये का उछाल आया है और नई कीमत 103.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

कोलकाता में डीजल की कीमत में 3.11 रुपये का इजाफा हुआ है। वहां एक लीटर डीजल 95.13 रुपये में मिल रहा है। मुंबई में भी डीजल 3.11 रुपये महंगा होकर 93.14 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। चेन्नई में डीजल की कीमत में 2.86 रुपये का इजाफा किया गया है। वहां डीजल अब 95.25 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।

दिल्ली के प्रीत विहार स्थित भारत पेट्रोलियम के पंप पर एक ग्राहक ने इस पर कहा, “हम इसके बारे में क्या कर सकते हैं? ये सभी चीजें दूसरे देशों से आती हैं। इनका उत्पादन यहां नहीं होता। इसलिए सरकार जो भी कदम उठा रही है, वह देश के हित में है। पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने पर विपक्ष हमलावर है। कांग्रेस ने एक्स पर लिखा, ”महंगाई मैन ने जनता पर हंटर चलाया।” सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि आगे बढ़ना है, तो साइकिल ही विकल्प है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमत में यह बढ़ोतरी कच्चे तेल की बढ़ती वैश्विक कीमतों के कारण ईंधन बेचने वाली कंपनियों को लगातार हो रहे नुकसान के बीच की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लगभग 106 डॉलर प्रति बैरल है।

NATIONAL : PM Modi का Mission Europe-UAE: एनर्जी, ट्रेड और टेक्नोलॉजी पर 5 देशों के साथ होंगे अहम समझौते

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच संयुक्त अरब अमीरात और चार यूरोपीय देशों की छह दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाकर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। यह यात्रा यूएई के साथ रणनीतिक वार्ता से शुरू होगी और नॉर्वे में भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के साथ आगे बढ़ेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की छह दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए। प्रधानमंत्री की इस यात्रा का उद्देश्य मौजूदा भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। ऊर्जा प्रवाह की सुरक्षा सुनिश्चित करना, पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न व्यापार व्यवधानों को कम करना और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाना इस यात्रा का प्रमुख केंद्र बिंदु रहने की उम्मीद है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर बताया कि अगले छह दिनों में प्रधानमंत्री भारत की वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से कई विविध विषयों पर विश्व के कई नेताओं से बातचीत करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी का पहला गंतव्य संयुक्त अरब अमीरात होगा जहां वह राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और पश्चिम एशिया संघर्ष पर विचारों का आदान-प्रदान करने पर केंद्रित व्यापक वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री यूरोप यात्रा पर रवाना होने से पहले खाड़ी देश में लगभग चार घंटे बिताएंगे।

मोदी-अल नाहयान के बीच हुई वार्ता के बाद, भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच दो महत्वपूर्ण समझौतों को अंतिम रूप देने की उम्मीद है। इन समझौतों का उद्देश्य तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को बुरी तरह से अस्थिर कर दिया है जिसका मुख्य कारण तेहरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण पारगमन मार्ग है जिसके माध्यम से दुनिया की कुल पेट्रोलियम आपूर्ति के लगभग 20 प्रतिशत का आवागमन होता है।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति अल नाहयान के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देने पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और पिछले 25 वर्षों में कुल निवेश का सातवां सबसे बड़ा स्रोत है। यूएई में 45 लाख से अधिक भारतीय रहते हैं इसलिए प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारतीय समुदाय के कल्याण पर चर्चा करने का भी एक अवसर होगा। अपनी यात्रा के दूसरे चरण में, मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड की यात्रा करेंगे। यह 2017 के बाद नीदरलैंड की उनकी दूसरी यात्रा होगी। इस दौरान वह राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से मुलाकात करेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ बातचीत करेंगे।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि मोदी की यात्रा बहुआयामी साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाने का अवसर प्रदान करेगी। नीदरलैंड यूरोप में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक गंतव्यों में से एक है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में 27.8 अरब डॉलर का था। यह यूरोपीय देश भारत का चौथा सबसे बड़ा निवेशक है, जिसने कुल 55.6 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश किया है। अधिकारियों ने बताया कि मोदी की यह यात्रा रक्षा, सुरक्षा, नवाचार, हरित हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और जल पर रणनीतिक साझेदारी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उच्च स्तरीय बैठकों और घनिष्ठ सहयोग की गति को और आगे बढ़ाएगी। प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड के बाद स्वीडन की यात्रा पर जाएंगे। वह प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के निमंत्रण पर 17 से 18 मई तक दो-दिवसीय यात्रा के लिए स्वीडन जा रहे हैं। मोदी ने इससे पहले 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के लिए स्वीडन की यात्रा की थी।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, मोदी प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन के साथ बातचीत करेंगे। इसमें द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी और आपसी व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग के नए रास्ते तलाशे जाएंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार बातचीत में दोनों पक्ष हरित ऊर्जा बदलाव, कृत्रिम मेधा, उभरती प्रौद्योगिकियों, स्टार्टअप, मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं, रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु परिवर्तन संबंधी उपाय और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान देंगे। अपनी यात्रा के चौथे चरण में, मोदी 18 से 19 मई तक नॉर्वे की यात्रा करेंगे। वहां वह तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे की पहली यात्रा होगी। यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की भी नॉर्वे की पहली यात्रा होगी।

प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्जा से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि मोदी नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ भारत-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान शिखर सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत-नॉर्वे संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा करने और व्यापार एवं निवेश पर ध्यान देने का अवसर है। तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन 19 मई को ओस्लो में होगा, जिसमें मोदी और नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के उनके समकक्ष शामिल होंगे। यह शिखर सम्मेलन अप्रैल 2018 में स्टॉकहोम और मई 2022 में कोपेनहेगन में आयोजित पिछले दो शिखर सम्मेलनों पर आधारित होगा और इससे नॉर्डिक देशों के साथ भारत के संबंधों को अधिक रणनीतिक आयाम मिलने की उम्मीद है।

अपनी यात्रा के अंतिम चरण में, प्रधानमंत्री मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर 19 से 20 मई तक इटली की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे मोदी ने आखिरी बार जून 2024 में जी7 शिखर सम्मेलन के लिए इटली की यात्रा की थी। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती प्रदान करने के लिए हो रही है। मोदी की इटली यात्रा का मुख्य उद्देश्य निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, नवोन्मेष और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करना है।

BUSINESS : सर्राफा बाजार में चमका सोना, चांदी के भाव में बड़ी गिरावट

नई दिल्ली, 15 मई (हि.स.)। घरेलू सर्राफा बाजार में आज शुरुआती कारोबार के दौरान सोने के भाव में तेजी का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। दूसरी ओर, सर्राफा बाजार में चांदी गिरावट का शिकार हो गया है। देश के ज्यादातर सर्राफा बाजार में सोना आज 300 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 330 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया है। सोना के विपरीत चांदी आज शुरुआती कारोबार के दौरान 10,200 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई है।

घरेलू सर्राफा बाजार में हाजिर सोने की कीमत में आए उछाल के कारण देश के ज्यादातर हिस्सों में 24 कैरेट सोना आज 1,62,340 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,64,190 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं 22 कैरेट सोना आज 1,48,810 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,50,510 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है।

दूसरी ओर, चांदी के भाव में कमजोरी आने के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज 2,99,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज हाजिर सोना 0.80 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,614.17 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया है। इसी तरह चांदी भी आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में 87.04 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर ट्रेड कर रही है।

दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,62,490 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,48,960 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,62,340 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,48,810 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,62,390 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,48,860 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।

इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,64,190 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,50,510 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,62,340 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,48,810 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,62,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,48,860 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,62,490 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,48,960 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,62,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,48,860 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,62,490 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,48,960 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने के भाव में तेजी का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,62,340 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,48,810 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।


BUSINESS : शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी उछले

नई दिल्ली, 15 मई (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार में आज शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। आज के कारोबार की शुरुआत भी मामूली मजबूती के साथ हुई । हालांकि बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक कुछ देर के लिए गिर कर लाल निशान में भी आए, लेकिन इसके बाद खरीदारों ने लिवाली का जोर बना दिया। लिवाली के सपोर्ट से इन दोनों सूचकांकों ने रिकवरी कर दोबारा हरे निशान में अपनी जगह बना ली। सुबह 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद सेंसेक्स 0.46 प्रतिशत और निफ्टी 0.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

आज प्रातः 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद स्टॉक मार्केट के दिग्गज शेयरों में से टीएमपीवी, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, कोल इंडिया और टीसीएस के शेयर 5.28 प्रतिशत से लेकर 2.01 प्रतिशत तक की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एटरनल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और अडानी इंटरप्राइजेज 1.89 प्रतिशत से लेकर 1.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करते हुए नजर आ रहे थे।

अभी तक के कारोबार में स्टॉक मार्केट में 2,618 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हो रही थी। इनमें से 1,479 शेयर मुनाफा कमा कर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि 1,139 शेयर नुकसान उठा कर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इसी तरह सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 21 शेयर लिवाली के सपोर्ट से हरे निशान में बने हुए थे। दूसरी ओर नौ शेयर बिकवाली के दबाव में लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। जबकि निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से 36 शेयर हरे निशान में और 14 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आ रहे थे।

बीएसई का सेंसेक्स आज 98.38 अंक की मामूली मजबूती के साथ 75,497.10 अंक के स्तर पर खुला। कारोबार की शुरुआत होते ही बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण यह सूचकांक गिर कर लाल निशान में 75,251.15 अंक के स्तर तक आ गया। इसके तुरंत बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे सेंसेक्स की चाल में तेजी आ गई। हालांकि बीच-बीच में बिकवाली के मामूली झटके भी लगते रहे। इसके बावजूद इस सूचकांक की रफ्तार लगातार बनी रही। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच सुबह 10 बजे का कारोबार होने के बाद सेंसेक्स 345.45 अंक की बढ़त के साथ 75,744.17 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

सेंसेक्स की तरह ही एनएसई के निफ्टी ने आज 41.80 अंक उछल कर 23,731.40 अंक के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव बन जने के कारण यह सूचकांक फिसल कर लाल निशान में 23,663.35 अंक के स्तर तक गिर गया। इसके तुरंत बाद खरीदारों ने मोर्चा संभाल लिया और लिवाली शुरू कर दी।

खरीदारी के सपोर्ट से निफ्टी थोड़ी देर में ही रिकवर कर हरे निशान में पहुंच गया। हालांकि इस सूचकांक को बीच-बीच में मुनाफा वसूली के कारण बिकवाली के मामूली झटकों का सामना भी करना पड़ा। इसके बावजूद इसकी गति लगातार बनी रही। बाजार में लगातार जारी लिवाली और बिकवाली के बीच सुबह 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद निफ्टी 123.50 अंक की मजबूती के साथ 23,813.10 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इसके पहले पिछले कारोबारी दिन गुरुवार को सेंसेक्स 789.74 अंक यानी 1.06 प्रतिशत की मजबूती के साथ 75,398.72 अंक के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी ने 277 अंक यानी 1.18 प्रतिशत की उछाल के साथ 23,689.60 अंक के स्तर पर गुरुवार के कारोबार का अंत किया था।

NATIONAL : भीषण गर्मी के बीच बदला मौसम, कई जिलों में आंधी-बारिश से राहत, 16 मई के बाद फिर हीटवेव का खतरा

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जयपुर, 15 मई (हि.स.)। राजस्थान में इन दिनों मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। एक ओर प्रदेश भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में है, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर लोगों को अस्थायी राहत दे रहा है। गुरुवार को सुबह से दोपहर तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी और लू का असर रहा, लेकिन दोपहर बाद जयपुर सहित कई जिलों में मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ बारिश हुई।

मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी प्रदेश के करीब 10 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों में हीटवेव को लेकर ऑरेंज और यलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। हालांकि 16 मई के बाद प्रदेश में एक बार फिर तेज गर्मी और लगातार हीटवेव का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है।

पश्चिमी राजस्थान में गुरुवार को बाड़मेर और जैसलमेर सबसे गर्म रहे, जहां अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस मापा गया। फलोदी, जोधपुर और आसपास के इलाकों में भी भीषण लू चली। जैसलमेर के सुथार मंडी क्षेत्र में रेत के तूफान ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।

राजधानी जयपुर में शाम को मौसम अचानक बदला। करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली तेज आंधी और जोरदार बारिश ने गर्मी से बड़ी राहत पहुंचाई।

तापमान में करीब 5 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ गई और शहर का पारा 36 डिग्री तक पहुंच गया। हालांकि आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने और जनजीवन प्रभावित होने की घटनाएं भी सामने आईं।

जोधपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर में भी दिनभर तेज गर्मी और लू का असर बना रहा। कोटा में तापमान 43.4 डिग्री, अजमेर में 42 डिग्री और उदयपुर में 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास मापा गया। अलवर और सीकर में दोपहर बाद मौसम बदलने से बादल छाए और कुछ क्षेत्रों में बारिश व बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आ गई।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों के चलते मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, लेकिन आने वाले दिनों में पश्चिमी राजस्थान सहित कई हिस्सों में गर्मी फिर विकराल रूप ले सकती है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।

BUSINESS : सोना ₹9,345 और चांदी ₹22,853 महंगी:इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% करने का असर, PM ने 3 दिन पहले कहा था

केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। बुधवार को जारी इस आदेश के बाद आज यानी 13 मई को सर्राफा बाजार में सोना 9 हजार और चांदी 22 हजार रुपए महंगी हो गई है।

10 ग्राम सोने का भाव ₹9,345 बढ़कर 1,60,977 रुपए और 1 किलो चांदी का भाव ₹22,853 बढ़कर 2,87,720 रुपए पर पहुंच गया है। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान जंग के बीच सरकार ने ये फैसला लिया है।

सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी।

WORLD : ट्रम्प 8 साल बाद चीन दौरे पर पहुंचे:बेटा और बहू भी साथ; जाने से पहले बोले- ईरान जंग रुकवाने में चीन की मदद नहीं चाहिए

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बुधवार को 8 साल बाद चीन दौरे पर पहुंचे। उनका विमान बीजिंग कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड किया, जहां चीनी उपराष्ट्रपति हान जेंग ने उन्हें रिसीव किया। हान जेंग को शी जिनपिंग का भरोसेमंद माना जाता है और वे पिछले साल ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए थे।

ट्रम्प के एयर फोर्स वन से उतरते समय करीब 300 बच्चे नीले और सफेद रंग की यूनिफॉर्म में एयरपोर्ट पर मौजूद थे। ये अमेरिका और चीन के झंडे लहरा रहे थे। ट्रम्प के साथ उनके बेटे एरिक ट्रम्प और बहू लारा ट्रम्प भी मौजूद थे।

इस दौरान बच्चों ने मंदारिन भाषा में ‘वेलकम’ के नारे लगाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ट्रम्प के बीच गुरुवार और शुक्रवार को अलग-अलग दौर की बातचीत होगी।

दोनों नेताओं के बीच व्यापार, ताइवान, रेयर अर्थ मिनरल्स, AI और ईरान युद्ध जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। ट्रम्प 15 मई तक बीजिंग में रहेंगे। यह 2017 के बाद उनका पहला चीन दौरा है।

ट्रम्प के साथ इलॉन मस्क, एप्पल CEO टिम कुक और बोइंग CEO समेत 17 बड़े अमेरिकी कारोबारी भी गए हैं। हालांकि चिप कंपनी एनवीडिया के CEO जेनसन हुआंग इस दौरे में शामिल नहीं होंगे।

इस दौरे में 9 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की बोइंग विमान डील हो सकती है। चीन 500 बोइंग 737 MAX, 100 बोइंग 787 ड्रीमलाइन और कई 777X वाइडबॉडी विमान खरीद सकता है। अगर करार हुआ तो यह इतिहास का सबसे बड़ा विमान सौदा होगा।

ट्रम्प ने कहा था- ईरान जंग खत्म करने के लिए चीन की जरूरत नहीं

डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए उन्हें चीन की मदद की जरूरत नहीं है। ट्रम्प ने यह बयान वॉशिंगटन से बीजिंग रवाना होते समय दिया था।पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने कहा था कि मुझे नहीं लगता कि हमें ईरान के मामले में किसी मदद की जरूरत है। अमेरिका यह युद्ध किसी भी तरह जीत जाएगा।जब ट्रम्प से पूछा गया कि क्या अमेरिका में लोगों की आर्थिक परेशानियां उनके फैसलों को प्रभावित कर रही हैं, तो उन्होंने कहा, मैं अमेरिकियों की आर्थिक स्थिति के बारे में नहीं सोचता। मैं सिर्फ एक बात सोचता हूं, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए।

UP: प्रदेश में आंधी-तूफान ने मचाई तबाही, 62 लोगों की दर्दनाक मौत; कई जिलों में पंगु हुई बिजली व्यवस्था

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प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे कई जगह बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। आंधी-पानी की चपेट में आने से अलग-अलग जिलों में 62 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हो गए। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकान और टीन शेड उड़ गए, वहीं फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

तेज बारिश और धूल भरी आंधी के कारण सड़कों पर आवाजाही प्रभावित रही। कई जगह पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। मरने वालों में भदोही में 11, मिर्जापुर में 6, सीतापुर में 2, कानपुर मंडल में 14, प्रयागराज में 9, प्रतापगढ़ में 4, रायबरेली में 2, संभल में दो और बरेली में 14 लोग शामिल हैं।

प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। जिला अधिकारियों को नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक कई जिलों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है तथा लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

प्रदेश में एक ओर जहां आंधी बारिश से नुकसान के अलावा गर्मी से कुछ राहत मिली वहीं बुंदेलखंड समेत दक्षिणी जिलों में तेज धूप और भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल किेया। बांदा 45.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। इसके अलावा झांसी में 44.5, प्रयागराज में 43.5, हमीरपुर में 43.2 और उरई में 41 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक बृहस्पतिवार से तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। 16 मई से बुंदेलखंड और दक्षिणी जिलों में लू चलने और तपिश बढ़ने की संभावना है।

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