Wednesday, July 1, 2026
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NATIONAL : मासूम को 4-5 घंटे तक डीप फ्रीजर के भीतर रखा! हापुड़ में चोरी के शक में ‘तालिबानी’ सजा

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हापुड़ में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक दुकानदार ने चोरी के आरोप में 7 साल के बच्चे को घंटों तक ठंडे डीप फ्रीजर में बंद रखा और चाकू से गला काटने की धमकी दी. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

हापुड़ जिले के धौलाना थाना क्षेत्र में एक दुकानदार ने 7 वर्षीय मासूम को डीप फ्रीजर में बंद कर प्रताड़ित किया. आरोपी आजाद ने इमरान के नाबालिग बेटे पर सामान चोरी करने का आरोप लगाकर उसे अपनी डेंटिंग पेंटिंग की दुकान में लगे ठंडे फ्रीजर में डाल दिया. यह घटना 30 मार्च को अंजाम दी गई थी, जिसमें बच्चे को करीब 4 से 5 घंटे तक फ्रीजर के भीतर रखा गया. सोशल मीडिया पर इस क्रूरता का वीडियो वायरल होते ही धौलाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी आजाद को उसके गांव बझेड़ा से गिरफ्तार कर लिया.

पीड़ित बच्चे के पिता इमरान ने बताया कि आरोपी दुकानदार ने उनके बेटे को न केवल फ्रीजर में बंद किया, बल्कि उसे चाकू दिखाकर गर्दन काटने की धमकी भी दी. मासूम बच्चा ठंड और डर के मारे फ्रीजर के अंदर घंटों तक रोता और बिलखता रहा. इस अमानवीय कृत्य के कारण बच्चे को गंभीर शारीरिक और मानसिक आघात पहुंचा है. पिता ने प्रशासन से इस मामले में कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो.

धौलाना थाना प्रभारी अवनीश कुमार के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची. जांच में पता चला कि आरोपी आजाद मूल रूप से कपूरपुर जनपद का निवासी है और यहां दुकान चलाता है. पुलिस ने आरोपी को पकड़कर उसके खिलाफ विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और बच्चे के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाएगा.

NATIONAL : फ्रिज में गर्लफ्रेंड की लाश और कातिल प्रेमी की खौफनाक करतूत! राज खुला तो पुलिस भी चौंक गई, जानें पूरी कहानी

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विशाखापट्नम में नेवी टेक्नीशियन ने अपनी गर्लफ्रेंड को इस बेरहमी के साथ कत्ल किया कि देखने वालों की रूह कांप उठी. इस खौफनाक हत्याकांड ने एक बार फिर श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस की याद दिला दी. पहले कत्ल, फिर लाश के टुकड़े और फ्रिज में रखा धड़. जानिए इस हत्याकांड की पूरी कहानी.

आंध्र प्रदेश का एक बड़ा शहर है विशाखापट्नम. इस शहर को सिटी ऑफ डेस्टिनी यानि तकदीर का शहर भी कहा जाता है. मगर ज़रूरी नहीं कि वहां हर किसी की तकदीर संवर जाए. ये कहानी है 31 साल की पोलीपल्ली मॉनिका की, जिसकी तकदीर इस शहर ने ऐसे बिगाड़ी कि सब कुछ खत्म हो गया. फिर एक शख्स ने खुद थाने पहुंचकर पुलिस के सामने ऐसी कहानी बयां की, जिसे सुनकर पुलिसवालों के होश उड़ गए. यहां तक कि पुलिस ने कहानी सुनाने वाले शख्स को ही पकड़ लिया. आखिर क्या हुआ था पोलीपल्ली के साथ? पुलिस को कहानी सुनाने वाला शख्स कौन था? पुलिस ने उसे गिरफ्तार क्यों किया? ऐसे तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए हम भी आपको बताते हैं सिलसिलेवार पूरी कहानी.

विशाखापट्नम में मौजूद है गजुआका पुलिस स्टेशन. उसी पुलिस स्टेशन के अहाते में एसीपी का भी दफ्तर है. सोमवार शाम यानि 30 मार्च को इंडियन नेवी में बतौर टेक्नीशियन काम करने वाला 30 साल का चिंताडा रविंद्रा पुलिस स्टेशन पहुंचता है. तब पुलिस स्टेशन में तमाम पुलिसवाले ड्यूटी पर मौजूद थे. रविंद्रा थाने के एक अफसर के पास जाता है. अपना नाम और पता बताता है. और फिर उस पुलिसवाले को एक क्राइम की कहानी सुनाता है. कहानी सुनते ही हैरान पुलिस वाले रविंद्रा को अपने साथ लेकर सरकारी जीप से उसके बताए एक पते की तरफ निकल पड़ते हैं.

गजुआका पुलिस की टीम अब एलवी नगर स्ट्रीट नंबर 2 पर मौजूद कीर्ति एन्केलव की पहली मंजिल पर पहुंचती है. रविंद्रा पुलिस के साथ है. अपार्टमेंट में इतने सारे पुलिसवालों को देखकर अब तक सभी पड़ोसी भी इकट्ठा हो चुके थे. रविंद्रा का चेहरा काले कपड़ों ले ढका हुआ था. अब फ्लैट का दरवाजा खुलता है और पुलिस कमरे के अंदर जाती है. फिर रविंद्रा इशारा करता है. उसका इशारा पाकर एक पुलिसवाला कमरे में रखे फ्रिज को खोलता है.

बंद फ्रिज जैसे ही खुलता है, तो फ्रिज के नीचे का पूरा हिस्सा खाली दिखता है. वहां दो छोटी कटोरियां थीं. नीचे बैंगन रखे थे और एक ट्रे. फ्रिज के सबसे ऊपर खाली एगट्रे रखा हुआ था. मगर फ्रिज का ऊपरी हिस्सा जहां अमूमन बर्फ जमाने के लिए जगह होती है, वहां पॉलिथिन में कुछ और सामान रखना था. पुलिस अब फ्रिज से पॉलिथिन समेत उसमें रखे सामान को नीचे उतारती है. पॉलिथिन खोली जाती है. पॉलिथिन खुलते ही वहां मौजूद लोग सन्न रह जाते हैं.

अब सामने नजर आता है एक इंसानी धड़. धड़ यानि जिसका सिर गायब हो, दोनों हाथ गायब हों और दोनों पैर गायब हो. अब जाहिर है जहां सिर ही नहीं होगा तो चेहरा कहां होगा. अब बगैर चेहरे के ये कैसे पता चले कि धड़ किसका है. लेकिन इसके बावजूद फ्रिज खोलने वाली पुलिस को मालूम था कि ये धड़ किसका है. वजह ये कि खुद कातिल पुलिस को बता चुका था कि उसने किसका कत्ल किया, क्यों किया, कैसे किया और कत्ल के बाद उसकी लाश के साथ क्या क्या किया? अब इन तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए एक बार फिर से गजुआका पुलिस स्टेशन का रुख करते हैं.

दरअसल, सोमवार की शाम रविंद्रा जब पुलिस स्टेशन में आया था तो अपनी कहानी सुनाकर वो पुलिस के सामने खुद को सरेंडर करने आया था. पुलिस स्टेशन में खडे होकर सोमवार की शाम जो उसने कहानी सुनाई थी. वो कहानी उस कत्ल की थी जो उसने अपने हाथों से किए थे. वो रविंद्रा ही था जिसने पुलिस को ये खबर दी थी कि जिसका उसने कत्ल किया है, उसकी लाश का आधा हिस्सा उसके घर के फ्रिज में रखा हुआ है. बाकि का हिस्सा वो जंगल में जला चुका है.

घर का फ्रिज तो खुल चुका था. अब पुलिस कहानी के दूसरे हिस्से को टटोलने के लिए सीधे जंगल पहुंचती है. क्योंकि फ्रिज से जो अधूरी लाश मिली थी उस लाश का बाकी हिस्सा जंगल में ही मिलना था. इस वक्त पुलिस जंगल में उसी अधजली लाश के बचे कुचे टुकड़ों को तलाश रही है. उन टुकड़ों में एक सिर है, दो हाथ हैं और दो पैर. रविंद्रा की निशानदेही पर पुलिस की टीम को जंगल से बची कुची लाश के टुकड़े मिल जाते हैं. पुलिस के साथ अब आंध्र प्रदेश फॉरेंसिक साइंस लैब यानि APFSL की एविडेंस रिस्पॉंस टीम भी शामिल हो चुकी थी. फ्रिज और जंगल से लाश और लाश के सबूत अब पुलिस के हाथ लग चुके थे.

थोड़ी देर बाद ही आंध्रा पुलिस पूरी कहानी समझ चुकी थी. दरअसल, श्रद्धा वॉल्कर और आफताब पूनावाला की दिल्ली वाली कहानी विशाखापट्नम में दोहराई जा चुकी थी. श्रद्धा और आफताब की कहानी तो ना जाने कितनी बार आप लोग सुन चुके हैं. तो चलिए अब विशाखापट्नम की मॉनिका और रविंद्रा की कहानी आपको बताते हैं.

रविंद्रा भारतीय नेवी में बतौर टेक्निशियन पिछले एक साल से काम कर रहा था. फिलहाल वो आईएनएस डेगा पर पोस्टेड था. आईएनएस डेगा विशाखापट्नम में मौजूद भारतीय नौसेना का एक बेहद अहम नौसेनिक वायु स्टेशन है. इस वायु स्टेशन से पी 8 आई, डोर्नियर, सी किंग और एएलएच जैसे लड़ाकू विमान से भारतीय नेवी पूर्वी समुद्री तट की रक्षा करती है. इस स्टेशन पर दुश्मन के ड्रोन का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने की भी सारी तकनीक मौजूद है. कुल मिला कर आईएनएस डेगा पूर्वी क्षेत्र में भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी और हवाई शक्ति को मजबूत करने वाला एक बेहद अहम केंद्र है.

बात साल 2021 की है. तब रविंद्रा ने नेवी ज्वॉइन नहीं की थी. उसी साल एक डेटिंग एप्लिकेशन मिंगल ऐप पर एक लड़की से उसकी मुलाकात हुई. इत्तेफाक से वो लड़की भी रविंद्रा की तरह ही विशाखापट्नम की रहने वाली थी. लड़की का नाम पोलपल्ली मॉनिका था. ऐप पर कुछ दिनों की बातचीत के बाद दोनों में दोस्ती हो गई. फिर मिलना जुलना शुरु हो गया. इसके बाद दोनों विशाखापट्नम में ही अक्सर कभी पार्क में मिलते, कभी सिनेमा ह़ॉल में कभी मॉल में. धीरे धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई. दोनों के प्यार और दोस्ती को अब चार साल हो चुके थे. सबकुछ ठीक चल रहा था.

फिर साल 2024 में रविंद्रा की शादी हो गई. मॉनिका से नहीं किसी और लड़की से. पर शादी के बाद भी दोनों का मिलना जुलना और प्यार जारी था. अब साल 2025 आ गया था. रविंद्रा की पत्नी गर्भवती थी. उधर, रविंद्रा अब नेवी में आईएनएस डेगा पर बतौर टेक्निशियन नौकरी कर रहा था. पहले के मुकाबले अब मॉनिका से मिलना जुलना थोड़ा कम हो गया था. फिर भी जब मौका मिलता दोनों मिलते. इस दौरान मॉनिका ने रविंद्रा से किसी ना किसी बहाने पैसे मांगने शुरु कर दिए. रविंद्रा करीब साढे तीन लाख रुपये दे चुका था. पर मॉनिका फिर भी उससे पैसे मांगती थी. ऐसे कई मौके आए जब रविंद्रा ने कहा कि उसके पास पैसे नहीं है. तब मॉनिका ने उसे धमकी दी कि वो उन दोनों के रिश्तों की बात उसकी पत्नी को बता देगी. अब इसी बात से रविंद्रा परेशान हो गया.

इधर, इन सबके बीच रविंद्रा की पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया. बच्चे के जन्म के लिेए रविंद्रा की पत्नी अपने मायके गई थी. 29 मार्च को रविंद्रा ने अचानक मॉनिका को फोन किया. उसे अपने घर बुलाया. दोनों के बीच पैसे और धमकी को लेकर फिर से झगड़ा शुरु हो गया. इसी झगड़े के दौरान गुस्से में रविंद्रा ने मॉनिका का गला घोंट दिया. मॉनिका उसी फ्लैट में दम तोड़ चुकी थी. मॉनिका के कत्ल के बाद अब रविंद्रा को सूझ नहीं रहा था कि वो क्या करे. लाश के साथ कुछ देर तक इसी फ्लैट नंबर 102 में वो अकेला बैठा रहा. पुलिस सूत्रों के मुताबिक फिर उसे अचानक श्रद्धा और आफताब पूनावाला का केस याद आया. जब के याद आया तो लाश के टुकड़े वाली बात और फ्रिज भी याद आ गया.

इसके बाद वो उसी रात पहले पास के ही एक दुकान पर गया. तेज धार चाकू या आरी खरीदने के लिए. लेकिन दुकान से उसे बड़ा चाकू या आरी नहीं मिली. वापस घर लौटा फिर उसने ऑनलाइन एक तेजधार चाकू का ऑर्डर दिया. कुछ ही देर में चाकू घर पर डिलिवर भी हो गया. इसके बाद उसने घर में ही बैठकर तीन जगहों से लाश के टुकड़े किए. पहले सिर धड़ से अलग किया. फिर दोनों हाथ काटे, इसके बाद घुटनो से दोनों पैर अलग कर दिए. इसके बाद उसने दोनों पांव और कमर का निचला हिस्सा एक ट्रॉली बैग में रख दिया. धड़ पॉलिथिन में लपेट कर फ्रिज के ऊपरी हिस्से में रखा. जबकि सिर और हाथ देर रात अपने साथ घर से करीब 60 किलोमीटर दूर ले गया और जंगल में उसे जला दिया. इन दोनों के साथ साथ उसने मॉनिका के मोबाइल को भी आग के हवाले कर दिया.

रात बीत गई अब 30 मार्च की तारीख आ गई थी. घर के फ्रिज में अब भी धड़ वैसे ही रखा हुआ था. जबकि दोनों पांव और कमर का निचला हिस्सा बेड के नीचे पड़ा था. रविंद्रा लाश के इन टुकड़ों को ठिकाने लगाने के लिए रात के अंधेरे का इंतजार कर रहा था. पर जैसे जैसे वक्त बीत रहा था उसकी घबराहट बढ़ती जा रही थी. उसी घबराहट में उसने अपने एक करीबी दोस्त को फोन किया. फोन पर उसने मॉनिका के कत्ल और लाश के टुक़ड़ों की बात सच-सच बता दी.

तब उसी दोस्त ने रविंद्रा को ये सलाह दी कि वो कहीं भागे नहीं. ना इस कत्ल को छुपाए. क्योंकि देर सवेर पुलिस उसे पकड़ ही लेगी. इसीलिए बेहतर ये होगा कि वो खुद पुलिस के पास जाकर खुद को सरेंडर कर दे और सारी बात सच-सच बता दे. रविंद्रा ने दोस्त की बात मान ली और 30 मार्च की शाम गजुआका पुलिस स्टेशन पहुंच कर पहले इकरार-ए-जुर्म कर लिया और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया.

विशाखापट्टनम के मॉनिका मर्डर केस ने एक बार फिर लोगों को श्रद्धा वॉल्कर और इस जैसे दूसरे मामलों की याद दिला दी. उन केसेज़ की याद, जिनमें क़ातिलों की हैरान करने वाली और बर्बर हरकतों ने लोगों को वक़्त-बेवक़्त बुरी तरह से झकझोर कर रख दिया था.

SPORTS : ऋषभ पंत ने कराई दिग्वेश राठी और नीतीश राणा में सुलह… DPL का बखेड़ा IPL में हुआ खत्म

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आईपीएल भले ही आज भी दुनिया की सबसे बड़ी और रोमांचक टी20 लीग हो, लेकिन पहले जैसा ऑनफील्ड तकरार और तीखापन अब कम नजर आता है. इसी बीच ऋषभ पंत ने दिग्वेश राठी और नीतीश राणा के बीच पुराने विवाद को खत्म कर एक नया उदाहरण पेश किया है.

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास में कुछ मौके ऐसे आए, जब मैदान पर तीखी नोक-झोंक और विवाद देखने को मिले. कीरोन पोलार्ड vs मिचेल स्टार्क का विवाद हो या महेंद्र सिंह धोनी का मैदान पर अंपायर से भिड़ना या फिर गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच टकराव- ये सभी पल आज भी फैन्स को याद हैं.

हालांकि अब आईपीएल का माहौल पहले से ज्यादा शांत और प्रोफेशनल नजर आता है. पिछले साल अगस्त में दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में दिग्वेश राठी और नीतीश राणा के बीच हुए विवाद ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं. तब दोनों खिलाड़ियों के बीच जमकर बहस हुई थी और मामला हाथापाई तक पहुंचने वाला था. उस विवाद के बाद नीतीश राणा पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया था. जबकि दिग्वेश राठी की 80 फीसदी मैच फीस काटी गई थी.

इसी वजह से लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच 1 मार्च को निर्धारित आईपीएल 2026 के मुकाबले से पहले जब दोनों खिलाड़ी आमने-सामने आए, तो फैन्स को फिर से टकराव की उम्मीद थी. हालांकि, मुकाबले से पहले ही पूरा मामला शांत हो गया.कैमरों में कैद हुआ कि लखनऊ सुपर जायंट्स के स्पिनर राठी और दिल्ली कैपिटल्स के बैटर नीतीश राणा बातचीत कर रहे थे. इसी दौरान लखनऊ के कप्तान ऋषभ ने पहल करते हुए दोनों को बुलाया और विवाद खत्म करने को कहा. पंत ने दिग्वेश राठी से कहा, ‘तू कहां जा रहा है? बस हो गया.’ वहीं नीतीश राणा ने भी मजाकिया अंदाज में कहा, ‘फिर तो मुझे तेरे साथ बैठना पड़ेगा.’

इस दौरान कुलदीप यादव भी बातचीत में शामिल हुए और माहौल को हल्का बना दिया. उन्होंने मजाक में कहा, ‘बहुत ज्ञान दे दिया.’ इसके बाद पंत और कुलदीप के बीच दोस्ताना अंदाज भी देखने को मिला.अब भले ही मैदान पर पहले की तरह गरमागरमी कम हो गई हो, लेकिन ऐसे छोटे-छोटे मोमेंट्स आईपीएल को और दिलचस्प जरूर बना रहे हैं. पिछले सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स का प्रदर्शन औसत रहा था और इस बार दोनों टीमें नई शुरुआत करना चाहेंगी.

ENTERTAINMENT : ऑडियंस ने देखी ‘रामायण’ की पहली झलक, रणबीर कपूर बोले- ‘भगवान राम आज भी अंतरआत्मा के रक्षक’

नितेश तिवारी निर्देशित और रणबीर कपूर स्टारर ‘रामायण पार्ट 1’ का हर किसी को बेसब्री से इंतजार है. वहीं मेकर्स हनुमान जंयती के मौके पर 2 अप्रैल को इस अपकमिंग फिल्म से भगवान ‘रमा’ की पहली झलक लॉन्च करने वाले हैं. उससे पहले, रणबीर कपूर, डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने लॉस एंजिल्स में एक आईमैक्स स्क्रीनिंग की और चुनिंदा दर्शकों के सामने अपनी फ़िल्म के पहले विज़ुअल्स दिखाए. इस इवेंट में, तीनों ने एक Q&A सेशन भी किया, जिसमें उन्होंने अपनी आने वाली फ़िल्म, अपने किरदारों और अन्य चीज़ों के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब दिए.

इस इवेंट का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें रणबीर कपूर सेंटर स्टेज पर आकर भगवान राम के अपने किरदार के बारे में अपनी राय बताते हुए नजर आ रहे हैं. लॉन्च के दौरान बोलते हुए, रणबीर कपूर ने भगवान राम को न केवल एक पौराणिक किरदार, न केवल ‘अंतरात्मा के रक्षक’ के रूप में बताया, बल्कि पश्चिमी दर्शकों को ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ शब्द से भी परिचित कराया, जिसका अर्थ है आदर्श पुरुष.

इवेंट में रणबीर कपूर ने कहा, “राम सदियों से और उसके भी बहुत बाद तक, दुनिया भर के अरबों लोगों की अंतरात्मा के रक्षक रहे हैं. वे हमें मुश्किलों के समय मानवीय भावना के बारे में ज्ञान देते हैं. वे करुणा, साहस, धर्मपरायणता और क्षमा के प्रतीक हैं. उन्हें ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ कहा जाता है, जिसका अर्थ है एक आदर्श पुरुष.”

नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित यह फ़िल्म, भारी भरकम बजट में बनी है. खबरों के मुताबिक, लॉस एंजिल्स में होने वाला यह इवेंट टीम की बड़ी इंटरनेशनल रिलीज़ स्ट्रेटेजी का हिस्सा है. टीम इस फिल्म की पहली झलक दिखाने के लिए यूएस गई है. इससे पहले, यूएस में एक टेस्ट ऑडियंस के लिए फिल्म की एक स्पेशल स्क्रीनिंग भी रखी गई थी.

रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘RAMA’ नाम की इस पहली झलक को 2 मिनट 38 सेकंड के रनटाइम के साथ सर्टिफाइड किया गया है. प्रोड्यूसर मल्होत्रा ​​के मुताबिक, यह पहली झलक भारत में 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के शुभ मौके पर रिलीज़ होगी.

इस महाकाव्य में कई बड़े स्टार्स नज़र आएंगे, जिनमें साई पल्लवी माता सीता के रोल में, यश रावण के रोल में, सनी देओल हनुमान के रोल में और रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में दिखेंगे. दो पार्ट्स में बनी ये एपिक फिल्म ‘रामायण’ दुनिया भर में आईमैक्स में रिलीज़ होगी; इसका पहला पार्ट दिवाली 2026 में और दूसरा पार्ट दिवाली 2027 में रिलीज़ होगा.

NATIONAL : देश की पहली डिजिटल जनगणना आज से शुरू, सेल्फ एन्यूमरेशन का भी विकल्प, जानिए कैसे करेगा काम

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भारत में जनगणना 2027 का पहला चरण आज से शुरू हो गया है. यह देश की पहली डिजिटल जनगणना है, जिसमें मोबाइल ऐप और सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल का उपयोग किया जाएगा. पहले चरण में घरों और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी. यह प्रक्रिया राज्यों में अलग-अलग समय पर चलेगी. दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा.

भारत में आज से एक बहुत बड़ा काम शुरू हो रहा है, जो हम सबके भविष्य से जुड़ा है. आज यानी 1 अप्रैल 2026 से ‘जनगणना 2027’ के पहले चरण की शुरुआत हो गई है. यह भारत की 16वीं और आजादी के बाद की 8वीं जनगणना है, लेकिन इस बार का अंदाज बिल्कुल अलग है. इस बार इसे डिजिटल तरीके से किया जा रहा है, जिसमें मोबाइल ऐप के जरिए डेटा जुटाया जाएगा. यानी अब कागजों का दौर पीछे छूट चुका है और मोबाइल ऐप ने उसकी जगह ले ली है. इसे दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल जनगणना कहा जा रहा है.

इस बार सरकार ने एक बहुत बड़ी सुविधा दी है. इस सुविधा का नाम है सेल्फ-इन्यूमरेशन. इसका सीधा सा मतलब यह है कि अब आपको जनगणना वाले बाबू के घर आने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है. आप खुद ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपने परिवार की जानकारी भर सकते हैं. यह पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी समेत 16 भाषाओं में उपलब्ध है. आपको बस अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन करना है, घर की जानकारी भरनी है और आपको एक यूनिक आईडी मिल जाएगी. जब सरकारी कर्मचारी आपके घर आएगा, तो बस उसे यह आईडी दिखा दीजिएगा, आपका काम मिनटों में हो जाएगा.

पहले चरण में मुख्य रूप से आपके घर और वहां मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछा जाएगा. इसमें यह देखा जाएगा कि आपका घर किस चीज से बना है, पीने का पानी कहां से आता है, बिजली और शौचालय की क्या व्यवस्था है. साथ ही घर में गाड़ी, मोबाइल या इंटरनेट जैसी चीजें हैं या नहीं, इसके बारे में भी जानकारी ली जाएगी.

इस पूरे अभियान को सही ढंग से चलाने के लिए सरकार ने करीब 11,718.24 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट रखा है. देशभर में लगभग 30 लाख कर्मचारियों और अधिकारियों को इस काम में लगाया गया है. खास बात यह है कि अब सारा डेटा मोबाइल ऐप के जरिए तुरंत सर्वर पर चला जाएगा, जिससे गलती होने की गुंजाइश कम होगी और जनगणना के नतीजे भी पहले के मुकाबले जल्दी आ पाएंगे.

देश के अलग-अलग राज्यों में यह काम अलग-अलग समय पर होगा. जैसे दिल्ली, कर्नाटक, गोवा और सिक्किम में मकानों की लिस्टिंग 16 अप्रैल से शुरू होगी. वहीं मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में यह काम 1 मई से शुरू किया जाएगा. लद्दाख और जम्मू-कश्मीर जैसे ठंडे इलाकों के लिए शेड्यूल थोड़ा अलग रखा गया है ताकि मौसम की वजह से किसी को कोई दिक्कत न हो.

जनगणना का दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें लोगों की गिनती की जाएगी. उसी दौरान जाति आधारित गणना भी होगी. 1 मार्च 2027 की रात 12 बजे के वक्त को इस पूरी गिनती का मुख्य आधार माना जाएगा. इस डिजिटल बदलाव से न केवल काम आसान होगा, बल्कि आपका डेटा भी पहले से ज्यादा सुरक्षित रहेगा.

PUNJAB : 8 साल के बच्चे के साथ दरिंदगी, 2 नाबालिग लड़कों ने कई बार किया रेप, हालत बिगड़ने पर खुला राज

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लुधियाना के हैबोवाल कलां इलाके में एक 8 साल के लड़के के साथ दो नाबालिग लड़कों ने कई बार रेप किया. बच्चे को खेलने के बहाने सुनसान जगहों पर ले जाकर वहां उसके साथ गलत काम किया जाता था.पंजाब के लुधियाना के हैबोवाल कलां इलाके में मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, यहां न्यू विजय नगर में रहने वाले एक 8 साल के बच्चे के साथ उसी मोहल्ले के दो नाबालिग लड़कों ने बार-बार रेप किया. पीड़ित की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है.

पीड़ित की मां सुनीता देवी ने पुलिस को बताया कि उसका बेटा 26 मार्च को घर वापस आने पर रोने लगा. उसने अपने गुप्त अंगों में असहनीय दर्द की शिकायत की. जब मां ने उसे प्यार से समझाकर पूछा तो उसे सुनकर पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई. बच्चे के मुताबिक, पड़ोस के दो बच्चे उसे अक्सर गलियों, पार्कों, खाली प्लाटों और सुनसान जगहों पर ले जाते थे और उसका रेप करते थे. अगर उसने विरोध किया तो उसे धमकी दी जाती थी. पीड़ित की मां ने बताया कि बच्चा चार दिनों से बार-बार दर्द की शिकायत कर रहा था.

सुनीता देवी के मुताबिक, बच्चा पिछले चार दिनों से दर्द की शिकायत कर रहा था. जब उसकी हालत बिगड़ गई तो उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया और बच्चे ने सारी घटना विस्तार में बताई तो मामले की गंभीरता स्पष्ट हो गई. पीड़ित एलकेजी का स्टूडेंट है और उसकी मां परिवार का पालन-पोषण करने के लिए मजदूरी का काम करती है. बच्चे के पिता का पहले ही देहांत हो चुका है.

हैबोवाल पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर कृष्ण लाल ने बताया कि बच्चे की मेडिकल जांच की गई है और उसका बयान दर्ज कर लिया गया है. पुलिस आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. इस शर्मनाक घटना ने इलाके में हर किसी को चौंका दिया है.

NATIONAL : संसद में राघव चड्ढा ने रखी पैटरनिटी लीव की मांग, पति की फैन हुईं परिणीति चोपड़ा, बोलीं- गर्व है

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राघव चड्ढा जितने बेहतरीन पिता और पति हैं उतने ही अच्छे नेता भी हैं. राघव हमेशा करोड़ों देशवासियों की आवाज बनकर उनके मुद्दे संसद में उठाते हैं. इस बार उन्होंने पिताओं के लिए मैटरनिटी लीव की मांग की है. उनकी इस सोच और पहल की खूब सराहना हो रही है. परिणीति चोपड़ा ने भी राघव की तारीफ की है.

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं. देशवासियों के हित में वो हमेशा एक नया मुद्दा उठाते हैं और करोड़ों हिंदुस्तानियों की आवाज बनकर उसे संसद में सबके सामने रखते हैं. अब राघव ने पैटरनिटी लीव को लेकर आवाज उठाई है. उन्होंने कहा कि पैटरनिटी लीव को भारत में कानूनी अधिकार बना देना चाहिए. राघव की इस मांग पर उनकी पत्नी और एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा ने रिएक्ट किया है.

परिणीति चोपड़ा ने पति राघव चड्ढा का वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया है. राघव संसद में ये मांग रखते नजर आ रहे हैं कि इंडिया में पैटरनिटी लीव को कानूनी अधिकार बनाना चाहिए.

राघव ने कहा- सर, हमारे देश में जब बच्चे का जन्म होता है तो बधाइयां मां-बाप दोनों को मिलती हैं, लेकिन बच्चे का पालने की जिम्मेदारी सिर्फ मां की ही होती है. हमारा सिस्टम केवल मैटरनिटी लीव को मान्यता देता है, ये सोसाइटल फेलियर है. कानून समाज का आईना होता है, जब कानून में पिता की केयरगिविंग जिम्मेदारियों को मान्यता नहीं दी जाती, तो इससे हम ये संदेश दे रहे हैं कि बच्चे को पालना सिर्फ मां की जिम्मेदारी है.

पति की इस मांग से परिणीति चोपड़ा काफी खुश हैं. उन्होंने राघव का वीडियो शेयर करके उनकी सराहना की है. उन्होंने कैप्शन में लिखा- मेरे प्यारे पति. आज आपने न सिर्फ एक सांसद के तौर पर, बल्कि उस पिता के तौर पर भी बात की, जिसे मैं हर दिन देखती हूं. हमने इस बारे में कई बार चर्चा की है. हमारा बेबी मां-पिता दोनों का साथ डिजर्व करता है.

‘आज जब आपने इस बारे में बात की, तो वो सिर्फ पॉलिसी नहीं थी, बल्कि आप इस तरह हमारे बच्चे का पालन-पोषण करना चाहते हैं. आप बिना कहे मौजूद रहते हैं. आप इस बात को समझते हैं कि पेरेंटिंग साथ मिलकर होती है, सौंपा नहीं जाती. बच्चे के पैदा होने पर सिर्फ एक मां का जन्म नहीं होता, बल्कि एक पिता का भी जन्म होता है.’

परिणीति ने आगे लिखा- बहुत सी ऐसी माएं हैं, जो अकेले ही इस जिम्मेदारी को निभाती हैं और उनकी बातें नहीं सुनी जातीं. आज आपने उनकी आवाज को संसद में उठाया है. यह एक ऐसी जगह है, जहां इसकी सबसे ज्यादा अहमियत है. अगर इससे पेरेंट्स, खासकर माओं को सपोर्ट मिलता है, तो यह हमारे लिए एक जीत होगी. आप एक शानदार पिता और बेहतरीन नेता हैं. मैं इसे हर दिन देखती हूं, अब भारत भी इसे देखेगा. आप पर हमेशा गर्व रहेगा.

RAJASTHAN : राजस्थान में टीना डाबी सहित 65 IAS अफसरों का ट्रांसफर, 25 जिलों के कलेक्टर बदले

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राजस्थान में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ है. सूबे की सरकार ने एक साथ 65 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं, जिससे ब्यूरोक्रेसी में हलचल तेज हो गई है. राज्य के 25 कलेक्टर बदले गए हैं. इस बड़े प्रशासनिक बदलाव में खास बात यह है कि मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रमुख सचिव को छोड़कर करीब सभी अधिकारियों को बदल दिया गया है. इसे सरकार का बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है.

आईएएस टीना डाबी का बाड़मेर से सचिन पायलट के इलाके टोंक में कलेक्टर पद पर तबादला हुआ है. टीना की बहन रिया डाबी को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है. जयपुर के कलेक्टर जितेंद्र सोनी को सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बनाया गया है. जयपुर में संदेश नायक को कलेक्टर बनाया गया है, जबकि टोंक की जिम्मेदारी टीना डाबी को सौंपी गई है. उदयपुर में गौरव अग्रवाल और बीकानेर में निशांत जैन को तैनात किया गया है. करौली में अक्षय गोदारा और जोधपुर में आलोक रंजन को जिम्मेदारी दी गई है.

जैसलमेर में अनुपमा जोरवाल, बाड़मेर में चिनमयी गोपाल, प्रतापगढ़ में शुभम चौधरी और सीकर में आशीष मोदी को कलेक्टर बनाया गया है. फलौदी में अंकित कुमार सिंह और बारां में बाल मुकुंद असावा को पोस्टिंग मिली है.

श्रीगंगानगर में अमित यादव, चित्तौड़गढ़ में मंजू, पाली में रविन्द्र गोस्वामी और सिरोही में रोहिताश्व सिंह तोमर को नियुक्त किया गया है. बूंदी में हरफूल सिंह यादव, डीडवाना-कुचामन में अवधेश मीणा और नागौर में देवेंद्र कुमार को जिम्मेदारी दी गई है.दौसा में सौम्या झा, खैरथल-तिजारा में अतुल प्रकाश, सलूंबर में मुहम्मद जुनैद पीपी, डूंगरपुर में देशल दान और डीग में मयंक मनीष को कलेक्टर बनाया गया है. वहीं, करौली-बहरोड़ में अपर्णा गुप्ता को जिला कलेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है.

NATIONAL : शख्स ने पत्नी को उतारा मौत के घाट, लोहे की रॉड से पीट-पीटकर ले ली जान

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झारखंड की राजधानी रांची से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी. फिर मौके से फरार हो गया.

झारखंड के रांची ज़िले में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को लोहे की रॉड से पीट-पीटकर मार डाला. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी. अधिकारी ने बताया कि यह घटना सोमवार को सोनाहातू पुलिस थाना क्षेत्र के लापुंगडीह गांव में हुई. पुलिस ने बताया कि मृतका की पहचान गांगी देवी (35) के रूप में हुई है और आरोपी की पहचान चित्रंजन सिंह मुंडा (40) के रूप में हुई है.

सोनाहातू पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी प्रेम प्रदीप ने कहा कि अपराध करने के बाद से आरोपी फरार है. उनके बीच किसी बात को लेकर हुए झगड़े के बाद उसने महिला की हत्या कर दी थी. शव को पोस्टमार्टम के लिए रांची के RIMS भेज दिया गया है. हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड घटनास्थल से बरामद कर ली गई है.

प्रेम प्रदीप के मुताबिक पुलिस आरोपी का पता लगाने और उसे पकड़ने के लिए इलाके में कई जगहों पर छापेमारी कर रही है. इस मामले में पुलिस थाने में एक FIR दर्ज कर ली गई है.पड़ोसियों ने बताया कि पति-पत्नी में अक्सर लड़ाई झगड़े होते थे. कई बार दोनों को समझाया भी गया था. बावजूद इसके दोनों के बीच लड़ाई बंद नहीं हुई. सोमवार को भी दोनों के बीच विवाद हुआ था ऐसे में पति ने पत्नी को मौत के घाट उतार दिया.

NATIONAL : किन्नरों में वर्चस्व की जंग… बधाई मांगने पर आपस में भिड़े दो गुट, कर दी तोड़फोड़, झड़प में तीन घायल

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हरियाणा में महेंद्रगढ़ के हट्टा बाजार में बधाई मांगने को लेकर किन्नर समुदाय के दो गुट आमने-सामने आ गए. कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें तीन लोग घायल हुए. इस दौरान गाड़ियों में तोड़फोड़ भी कर दी गई. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

हरियाणा में महेंद्रगढ़ शहर के 11 हट्टा बाजार में दादरी और नारनौल के मंगलामुखी किन्नर गुटों में हिंसक झड़प हो गई. इस विवाद में दादरी से आए 3 किन्नरों को चोटें आई हैं. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की. लोगों का कहना है कि दादरी से मंगलामुखी किन्नर महेंद्रगढ़ शहर पहुंचे थे.इसकी खबर नारनौल के मंगलामुखी किन्नर समाज को मिली. इसके बाद नारनौल के किन्नर भी मौके पर आ गए. दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई. झड़प के दौरान दादरी नंबर की एक गाड़ी और नारनौल नंबर की दूसरी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए.

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया. बाद में दोनों पक्ष शहर पुलिस थाने पहुंचे. शहरवासियों का कहना है कि दोनों गुटों के बीच यह विवाद क्षेत्र में बधाई के अधिकार को लेकर है.दादरी क्षेत्र से एक नया गुट महेंद्रगढ़ में सक्रिय हो गया है और इलाके पर अपना अधिकार जता रहा है, जिसका स्थानीय गुट विरोध कर रहा है.शहरवासियों का कहना है कि कुछ किन्नर समूह अब लोगों से जबरदस्ती पैसे वसूल रहे हैं, जिससे आमजन में असंतोष बढ़ रहा है. उनका कहना है कि पहले किन्नर परंपरागत रूप से मांगलिक अवसरों पर आशीर्वाद देते थे और स्वेच्छा से मिलने वाली भेंट से अपना जीवन यापन करते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है.

इस मामले को लेकर शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने संयुक्त रूप से प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में दादरी से आए गुट की गतिविधियों पर रोक लगाने तथा जबरन वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है. संगठनों ने प्रशासन से शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन को राहत दिलाने की अपील की है.

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