Wednesday, July 1, 2026
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पंजाब सरकार ने इस बड़े पद पर निकाली Jobs, 31 जनवरी Last Date

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पंजाब के युवा लड़के-लड़कियों को पंजाब सरकार ने एक सुनहरा मौका दिया है। पंजाब पब्लिक सर्विस कमिशन (पी.पी.एस.सी.) ने स्टेट सिविल सर्विस कंबाइंड कॉम्पिटिटिव एग्जाम के लिए नोटिफिकेश जारी कर दी है।

जारी शेड्यूल के मुताबिक इस परीक्षा के लिए आवेदन 3 जनवरी से शुरू हो गए थे, जो 31 जनवरी तक कर सकेंगे। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट https://ppsc.gov.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस परीक्षा के जरिए कुल 322 पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें से 46 पद पंजाब सिविल सेवा कार्यकारी शाखा के लिए और 27 पद डिप्टी सुपरीडैंट ऑफ पुलिस के लिए होंगे। इसके अलावा 121 तहसीलदार, 13 आबकारी एवं कर अधिकारी, 49 खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी, ब्लॉक विकास एवं पंचायत अफसर के पदों पर नियुक्ती की जाएंगी। इसके अलावा तोऑपरेशन सोसाइटीज के 21 पद और लेबर कम कंसिलिएशन अफसर के 3 पद समेत अन्य पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

जानें कैसे करें आवेदन

  • सबसे पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट https://www.ppsc.gov.in/ पर जाना होगा।
  • अब होमपेज पर ppsc भर्ती 2025 पर Click करें और आवश्यक विवरण प्रदान करें।
  • आवेदन पत्र जमा करें, अब आवश्यक दस्तावेज जमा करें और भविष्य के संदर्भ के लिए उसका प्रिंटआउट अपने पास रखें।
  • उम्मीदवारों को आवेदन करते समय केवल इतना ध्यान रखना होगा कि आधिकारिक जानकारी को ध्यान से पढ़ें और उसके बाद ही आवेदन करें क्योंकि यदि आवेदन पत्र में कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए इन बातों का खास ख्याल रखें।

पंजाब में आज हड़ताल पर वकील, जानें क्या है मामला

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आज पंजाब भर में वकील हड़ताल पर हैं। जानकरी के अनुसार एडवोकेट हसन सिंह पर फतेहगढ़ साहिब में अमलोह नगर परिषद चुनाव के दौरान हमला हुआ था। इस मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न करने के कारण वकीलों द्वारा रोष व्यक्त किया जा रहा है। इसके चलते आज वकील हड़ताल पर हैं।

आपको बता दें कि एडवोकेट हसन सिंह खन्ना समराला बार एसोसिएशन के सदस्य भी हैं। इसके चलके आज खन्ना और समराला सहित पूरे  पंजाब में वकील हड़ताल पर हैं। इसके साथ ही आज एस.एस.पी. दफ्तर फतेहगढ़ साहिब के बाहर धरना दिया जाएगा। इसे लेकर जानकारी देते हुए मोहाली बार एसोसिएशन के प्रधान ने बताया कि आज अदालतें खुली है पर वकील काम नहीं करेंगे।

गौरतलब है कि एडवोकेट हसन सिंह की भाभी गर कौंसिल चुनाव में उम्मीदवार थी। मतदान के दिन हसन सिंह पोलिंग बूथ पर मौजूद थे। इस दौरान हसन सिंह पर विधायक गैरी वड़िंग के भाई मनी वड़िंग ने अपने साथियों संग मिल हमला कर दिया। इस मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में वह पंजाब के DGP को भी पत्र लिख चुके हैं पर फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते वह आज प्रदर्शन कर रहे हैं।

Punjab: जरूरी हुआ Schools के लिए ये काम, बचे सिर्फ 15 दिन…

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समाजिक सुरक्षा व स्त्री व बाल विकास पंजाब चंडीगढ़ की हिदायतानुसार बच्चों के शुरुआती देखरेख व शिक्षा के क्षे्त्र में काम कर रही संस्थाओं/प्राईवेट प्ले-वे स्कूलों व पहले से विकसित प्ले-वे स्कूलों की रजिस्ट्रेशन करवाने जरुरी की गई है।

इस संबंधी जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर फिरोजपुर दीपशिखा शर्मा ने बताया कि 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए ईसीसी के क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं व प्राईवेट प्ले-वे स्कूलों को रजिस्ट्रेशन करवाना जरुरी है व रजिस्ट्रेशन के लिए 5 हजार रुपए की वार्षिक फीस होगी। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि जिले की उक्तक संस्थाओं व प्ले-वे स्कूल 15 दिनों में अपनी रजिस्ट्रेशन जरुर करवाऐं।

इस संबंधी ऐप्लीकेशन फार्म एनैक्सचर-1 जिला फिरोजपुरकी वैब-साईट पर उपलब्ध है और इसके अलावा फार्म संबंधित दफ्तर बाल विकास प्रोजैक्ट अफसर, जिला फिरोजपुर से प्राप्त किया जा सकता है। इस संबंधी केस प्रकार की जानकारी के लिए दफ्तर जिला प्रोग्राम अफसर फिरोजपुर मिन्नी सेक्रेटरीऐट ब्लाक-ए कमरा नंबर-110 डीलिंग सहायक के मोबाईल नंबर 99141-99001 पर तालमेल किया जा सकता है।

Rajkumar Chauhan Interview: डबल इंजन की सरकार बदलेगी दिल्ली की सूरत

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सवाल- किन परिस्थितियों में भाजपा में आए और मंगोलपुरी में क्या स्थिति है?

जबाव- कांग्रेस में जब मैं था, उस समय उन्होंने दो बार मेरे साथ नाइंसाफी की। एक बार टिकट दिया और जब कार्यकर्ता व मेरे समर्थक जुट गए तो टिकट काटकर किसी और को दे दिया। फिर कांग्रेस के उस समय के दिल्ली व हरियाणा के इंचार्ज दीपक बावरिया ने दुर्व्यवहार किया तो मैंने तय कर लिया कि अब कांग्रेस में नहीं रहना। हम राजनीतिक लोग हैं और दिल्ली में जिस तरह से सेवा की है, आज जिस भी जगह की बात करें, निश्चित रूप से मैं ऐसे स्थान और सड़कें बता सकता हूं जहां मैंने काम किया। बुरे व्यवहार के बाद बाद मैंने भाजपा का दामन थाम लिया, भाजपा ने मुझ पर भरोसा जताया और पहली ही लिस्ट में बाहर से आए व्यक्ति को टिकट दिया है। इसके लिए भाजपा का धन्यवाद करता हूं।

सवाल- क्या लगता है कि आपके चुनावी क्षेत्र में कांग्रेस का वोटर भी साथ देगा या भाजपा कार्यकर्ताओं के ही भरोसे रहेंगे?

जबाव- कांग्रेस अब मंगोलपुरी में जीरो हो चुकी है। जब मैं कांग्रेस में मंत्री और नेता था तो मैंने वहां काम किया था। लेकिन लगभग दस-ग्यारह साल का जो गैप हो गया है, वहां आम आदमी पार्टी ने कोई काम नहीं किया। ऐसे में लोग अब मुझे याद कर रहे हैं। क्योंकि मैंने वहां विकास के काफी काम किए थे। रिसेटलमेंट कॉलोनी में विकास की दिशा में बढ़चढ़कर उस समय काम किया था। आईटीआई खुलवाया था, ट्रॉमा सेंटर बनवाया, रिसेटलमेंट कॉलोनी में स्वीमिंग पूल बनना, सड़कें, सीवेज 27 कम्युनिटी सेंटर व अन्य कई विकास के काम हुए। विकास के काम से भी और अधिक जरूरी बात कि जो भी लोग अपनी समस्या को लेकर आते थे, उनसे बात करके और उनके काम कराके उन्हें संतुष्ट करने का प्रयास करता था। हो सकता है कि सौ में से 90 काम उन लोगों के करा सका, लेकिन वास्तव में लोग मेरे काम से संतुष्ट थे।

सवाल- भाजपा व कांग्रेस दोनों के बीच कार्यशैली में क्या फर्क महसूस करते हैं?

जबाव- जहां तक बात है कार्यशैली की, तो वास्तव में कांग्रेस, भाजपा के नजदीक तो कभी पहुंच ही नहीं सकती। हम लोगों ने वहां भी काम किया है और अब यहां शुरुआती दौर है। लेकिन भाजपा और कांग्रेस में जो फर्क है वो वास्तव में अलग है। भाजपा में प्रत्याशी को इतना बोझ ही नहीं देते हैं। भाजपा का कैडर है, कार्यकर्ता हैं, सब अपनी जगह काम कर रहे हैं। मंडल अध्यक्ष से लेकर अन्य तक सभी डोर टू डोर प्रचार में जुटे हैं मेरे लिए।

सवाल- आप को लेकर मंगोलपुरी के लोगों में क्या रुझान दिखता है?

जबाव- हमारे इलाके में पहले जो प्रत्याशी था, उसे शिफ्ट कर दिया गया। बेहतर होता कि उसी को फिर से आप ने चुनाव में उतारा होता। इससे मेरे लिए और अधिक लाभ चुनाव में होता, क्योंकि उसने कोई भी काम लोगों के हित का नहीं किया था। अब आम आदमी पार्टी में दो पार्षदों के बीच लड़ाई हो रही है। जब मैं वहां से विधायक था तो कोई भी निगम अधिकारी नहीं आता था, चाहे किसी का मकान बन रहा हो या कुछ और निर्माण हो, लेकिन इन्होंने पूरी तरह से इसे बढ़ावा दिया हुआ है।

सवाल-  एमसीडी में भाजपा के जमाने में भी और आप के शासन में भी जमकर भ्रष्टाचार जारी है, क्यों लगाम नहीं लगती?

जबाव- कोठी वाले इलाके में तो निगम के भ्रष्टाचार का आलम यह है कि वहां दो ढाई लाख रुपए एक-एक लेंटर के वसूले जाते हैं और रिसेटलमेंट कॉलोनी वाला मेरा इलाका है, वहां भी एक लाख रुपए वसूली के मामले सामने आ रहे हैं। वहां भी आप के शासन में भ्रष्टाचार चरम पर है। आप के वादे थे बिजली, पानी फ्री, लेकिन दोनों के बिल रिसेटलमेंट कॉलोनी, झुग्गी बस्ती तक में आ रहे हैं। अब महिला सम्मान के नाम पर जो 2100 रुपए देने की बात आप ने की है, मेरी समझ से परे है। क्योंकि पंजाब में जबकि आप सरकार है, वहां तो इन्होंने अब तक वो पैसे नहीं दिए। भाजपा जब अपना संकल्प पत्र घोषित करेगी तो वो दिल्ली के लोगों की मदद के लिए ही होगा। इतना तो डबल इंजन की सरकार होने से दिल्लीवासियों को लाभ मिलेगा। क्योंकि केंद्र और दिल्ली दोनों जगह भाजपा की सरकार होगी, जिसका फायदा यहां अवश्य दिखेगा।

सवाल- काम में हस्तक्षेप का आरोप आप एलजी और भाजपा पर लगाती है,  क्या कहेंगे?

जबाव- दिल्ली का जो संविधान है, जो नियम बने हुए हैं उसमें एलजी के पास पॉवर है, इसमें कोई संदेह नहीं है। अगर आप इज्जत से काम करें तो सब काम होते हैं। बेहतर रहता है कि तहजीब से एलजी के पास जाकर बोलें कि हमारी सरकार का यह काम है, तो निश्चित रूप से वे कर देते हैं। लेकिन आप चार गालियां दें और फिर एलजी के पास जाकर कहें कि यह  काम है तो फिर क्या होगा।

सवाल- विधानसभा क्षेत्र के कौन से बड़े मुद्दे हैं?

जबाव- जो विकास मैंने किया था, वो सब तहस नहस हो गया है। पिछले ग्यारह साल के भीतर। इतने समय में कोई काम नहीं हुआ है। गंदगी के अंबार लगे हैं। पार्क बदहाल हैं। मैंने मेट्रो ट्रेन का प्रस्ताव बनवाया था 2012 में, 2015 में पूरा होना था। लेकिन, आज भी वो अधूरा है।

सवाल- दलित वर्ग का रुख भाजपा के प्रति उतना सकारात्मक नहीं दिख रहा है, क्यों?

जबाव- ऐसा नहीं है। दरअसल पहले मैं वहां होता था, तो उस समय लोग मेरे साथ लगे हुए थे। उसके बाद आम आदमी पार्टी के फ्री-फ्री के झांसे में आए। लेकिन लोगों को समझ में आ गया है कि अब हमें फ्री का कम चाहिए, लेकिन विकास ज्यादा चाहिए।

सवाल- काम पर बात हो रही है तो फिर शीशमहल से लेकर अन्य बातें क्यों?

जबाव- जो पार्टी यह कहकर बनी हो कि भ्रष्टाचार समाप्त करेंगे, मकान नहीं लेंगे, सरकारी सुविधाएं नहीं लेंगे और ईमानदारी से काम करेंगे। अब आलीशान बिल्डिंग बनवा ली। जो व्यक्ति पहले कहता था कि वीआईपी कल्चर नहीं रहने दूंगा और अब महंगी गाड़ियों में घूम रहा है। दो दो राज्यों से सुरक्षा ले रहा है।

सवाल- चुनाव में स्थानीय मुद्दे हावी रहेंगे या स्टेट के मुद्दे होंगे?

जबाव- हमेशा से चुनाव में ऐसा होता रहा है। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने चुनाव के लिए अपने भाषण के साथ ही पूरी तरह से दिशा भी तय कर दी है। जो भी योजना दिल्लीवासियों के लाभ की हैं, उसे लागू रखेंगे। महिलाओं को परिवार चलाने में जो सुविधा मिल सके उसमें और वृद्धि करेंगे।

सवाल- भाजपा के संकल्प पत्र में क्या लाडली बहन योजना या महिला सम्मान योजना सरीखे वादे होंगे?

जबाव- जो भाजपा का संकल्प पत्र आएगा, उसमें सब स्पष्ट हो जाएगा। सब बातें भाजपा के संकल्प पत्र में होंगी और अरविंद केजरीवाल को बताया जाएगा कि दिल्ली की जनता इस बार भाजपा को चुनेगी और केजरीवाल को विदा करने का मन बना चुकी है।

सवाल- बदलाव के लिए अपने इलाके में कौन से काम करेंगे?

जबाव- जो चीजें खंडहर हो गई हैं, उन्हें समेटने के लिए समय देना पड़ेगा। जो गलियां टूट गई हैं, उनमें समय लगाना पड़ेगा, सीवर की लाइनों को दुरुस्त कराना पड़ेगा। गंदगी के अंबार को दूर कराना होगा। स्वीमिंग पूल अंतरराष्ट्रीय स्तर का, ट्रॉमा सेंटर की बिल्डिंग बारह वर्षों से बनकर जर्जर हो रही है तथा कई अन्य काम लोगों के लिए कराकर देने होंगे। इसके अलावा बुजुर्गों के लिए 22 हजार रुपए की पेंशन जो शीला सरकार के समय मैंने सरकारी पेंशन लोगों को दी थी, वो सब बंद है। उसे सुचारु तरीके से लोगों को देनी होगी। आप सरकार को लेकिन इसकी परवाह नहीं है, केवल फ्री के नाम पर सत्ता में बने रहना चाहते हैं।

सवाल- केजरीवाल सिवाय बेवकूफ बनाने के, कोई काम नहीं करते

जबाव- जब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि सीएम कार्यालय नहीं जा सकते, फाइल पर साइन नहीं कर सकते हैं, कोई ऑर्डर नहीं कर सकते हैं तो फिर ये कैसे सीएम बन जाएंगे। यह पढ़ा लिखा तबका इस बात को पूरी तरह से समझ रहा है कि केजरीवाल सिवाय बेवकूफ बनाने के और कोई काम नहीं कर रहे। मुझे यह बताइए कि घोषणा पत्र में कोई भी चीज हो, सरकार आएगी तभी तो उसको लागू करेंगे। लेकिन इनकी पार्टी उससे पहले ही कार्ड बना रही है और अपनी पार्टी का कार्ड बनाकर दे रही है, जबकि इनका ही महिला बाल विकास कल्याण विभाग कह रहा है कि ऐसी कोई योजना ही नहीं है।

इन लोगों ने सिर्फ झगड़ेबाजी की है कि आफिसर को पीट लें। यह पहले सीएम शीला दीक्षित को भ्रष्टाचारी बताते थे, फिर अपने चीफ सेक्रेटरी को घर बुलाकर पिटवा देते हैं। महिला सम्मान को लेकर दावा करते हैं, लेकिन अपनी ही पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल को घर बुलाकर पिटवा देते हैं। न इनके साथ कोई अधिकारी बचा है और अब फाइल एलजी के पास गई नहीं, यह पहले ही शोर मचाना शुरु कर देते हैं कि एलजी ने काम नहीं किया। जाहिर है कि जिन लोगों को कोई काम नहीं करना है, जिसको यह नहीं पता है कि सरकार किस तरह से चलानी है तो कम से कम दिल्ली की जनता इस बार जान चुकी है और अबकी बार इनको मौका नहीं मिलेगा, दिल्ली की जनता ने मन बना लिया है कि अबकी बार नहीं सहेंगे, इनको बदलकर रहेंगे। सीधा भाजपा की सरकार बनने वाली है।

सवाल- डुप्लीकेट वोटर के ही नाम काटे गए हैं

जबाव- वोटर लिस्ट में नाम कटवाने को लेकर आम आदमी पार्टी भले ही कितना भी शोर मचा रही है, लेकिन उनकी बात में कोई दम ही नहीं है। क्योंकि अब तो चुनाव आयोग ने भी साफ-साफ बता दिया है कि सारी प्रक्रिया पूरी तरीके से सही है। उनके आरोपों में कोई सच्चाई रत्ती भर भी नहीं है। डुप्लीकेट वोटर होंगे, तभी काटे गए हैं। सच्चाई यह है कि जो चोर है, जब उसे लगने लगता है कि उसकी चोरी पकड़ी जाने वाली है तो वो पहले से ही डरने लगता है और शोर मचाने लगता है।

सवाल- गांव, रिसेटलमेंट कॉलोनी की समस्या जल्द दूर कराएंगे

जबाव- बहुत सी चीजें ऐसी हैं जो चुनाव घोषित होने के बाद अब कोड ऑफ कंडक्ट के कारण करा पानी फिलहाल मुश्किल भरा है। जिसमें गांव की विस्तारित आबादी का मामला हो, बढ़े हुए मुआवजे की बात हो या रिसेटलमेंट कॉलोनी में विकास कार्य से जुड़ी बातें। इनमें से कुछ कार्य एलजी और केंद्र सरकार के सहयोग से पूरा किया गया है। शेष विकास कार्य जब चुनाव खत्म हो जाएंगे और भाजपा की डबल इंजन की सरकार बनेगी तो निश्चित रूप से हम उन विकास कार्य को पूरा कराएंगे, लोगों की दिक्कतों को दूर कराएंगे।

सवाल- गरीबों के लिए काम करना मेरी प्राथमिकताओं में शुमार

जबाव- व्यवहार अच्छा रखूंगा, ट्रॉमा सेंटर बेहतर करूंगा जो अब तक अधूरा पड़ा है उसे दुरुस्त करूंगा। खराब हालत में पहुंच चुके बारात घर को ठीक कराना है, मोहल्ला क्लीनिक के नाम से संजय गांधी अस्पताल से डाक्टरों को वहां भेजा जाता है, जो वहां पहुंचते ही नहीं हैं, गरीबों को सही इलाज मिले, इसके अलावा भाजपा की सरकार बनने पर बुजुर्गों का आयुष्मान योजना कार्ड बनवाएंगे, ताकि उन्हें अच्छा इलाज मिल सके और जिन बुजुर्गों की पेंशन कट गई है उसे दुरुस्त कराएंगे। इसके साथ ही सट्टा और ड्रग्स जैसे मामले पर अंकुश लगाने की दिशा में काम करेंगे।

सवाल- कमल निशान और पीएम मोदी हैं भाजपा का चेहरा

जबाव- दिल्ली के अंदर भाजपा का चेहरा कौन है, इसे लेकर आप संयोजक व पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल समेत सभी आप नेता लगातार बोलते हैं कि भाजपा का चुनाव में चेहरा कौन है, तो उन्हें बता देना चाहता हूं कि भाजपा का चेहरा तय है। भाजपा का यह सबसे बड़ा चेहरा कोई और नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं और उनके साथ ही कमल निशान है।

महिलाओं की सुरक्षा पर आप का जवाब नहीं: जिस तरह आप के मु​खिया ने घर बुलाकर अपनी ही पार्टी की राज्यसभा सांसद पर हमला करवाया। उससे साफ है कि महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर वे कितना गंभीर हैं।  उनके पीएस जो इस घटना का मुख्य आरोपी है, उसे साथ लेकर घूमना और संरक्षित करना, यह बताता है कि वह महिला पर हमला करने के आरोपी के कितने हितैषी हैं।

पंजाब से दौड़ लगाकर अयोध्या पहुंचा 6 साल का बच्चा, राम मंदिर पहुंचे देशी टार्जन

राम लला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह की पहली वर्षगांठ से पूर्व पंजाब से 1,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर छह वर्षीय धावक यहां पहुंचा। वहीं अपनी अनूठी जीवनशैली के लिए देसी ‘टार्जन’ नाम से विख्यात व्यक्ति भी दर्शन की अभिलाषा से यहां पहुंचा है। राम मंदिर न्यास के मीडिया सेंटर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, छह वर्षीय लड़का मोहब्बत, पंजाब के फाजिल्का जिले में किलियांवाली गांव से अयोध्या के लिए निकला और दौड़ लगाकर अयोध्या पहुंचने में उसे एक महीने और 23 दिन लगे।

इस पूरी यात्रा के दौरान, ‘यूकेजी’ के इस छात्र ने राम मंदिर आने के अपने सपने को पूरा करने के लिए 1,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की। उसके अभिभावक, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के निरंतर संपर्क में रहे जिससे उसका सुरक्षित सफर सुनिश्चित हो सके। वहीं, देसी ‘टार्जन’ के तौर पर मशहूर संजय सिंह एक अन्य असाधारण आगंतुक हैं जिन्हें उनकी एक अलग जीवनशैली के लिए जाना जाता है। हरियाणा के पलवल के रहने वाले सिंह अनाज से परहेज करते हैं और गाय के दूध पर जीवित हैं।

विज्ञप्ति के मुताबिक, वह साबुन के बजाय गाय के गोबर से स्नान करते हैं और दैनिक दिनचर्या के तहत गोमूत्र का सेवन करते हैं। हर सुबह और शाम सिंह 5,000 दंड बैठक लगाते हैं और उनके नाम पर ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ समेत 13 रिकॉर्ड दर्ज हैं। अयोध्या में वह भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह बल्ले के घर ठहरे हैं। दोनों आगंतुकों के 11 जनवरी को अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का कार्यक्रम है।

चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम इंडिया का बड़ा फैसला, 15 महीने बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी करेगा ये खिलाड़ी

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भारत के लिए 2025 का सबसे बड़ा क्रिकेट मिशन चैंपियंस ट्रॉफी है, जो पाकिस्तान की मेज़बानी में 19 फरवरी से शुरू होगी। इस टूर्नामेंट के सभी मैच दुबई में खेले जाएंगे। इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट की तैयारियों के लिए भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है, जो 6 फरवरी से शुरू होगी। बीसीसीआई जल्द ही इंग्लैंड सीरीज और चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर सकता है और इसी बीच टीम इंडिया से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है।

मोहम्मद शमी की वापसी: 15 महीने बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में
एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज से 15 महीने बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी करने जा रहे हैं। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप के बाद से शमी चोट के कारण क्रिकेट से बाहर थे, लेकिन अब वह पूरी तरह से फिट होकर भारतीय टीम का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं। शमी की वापसी टीम इंडिया के लिए एक बड़ी राहत होगी, खासकर चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी के संदर्भ में।

चोट के कारण 15 महीने का ब्रेक
मोहम्मद शमी को 2023 के वनडे वर्ल्ड कप के दौरान दाहिनी एड़ी में चोट लगी थी। इसके बाद, उन्हें फरवरी 2024 में टखने की सर्जरी करवानी पड़ी। सर्जरी के बाद शमी क्रिकेट से दूर रहे हालांकि उन्होंने हाल ही में घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है और विजय हजारे ट्रॉफी में अच्छा खेल दिखाया है। शमी के फिटनेस पर ध्यान देने के लिए बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने उनकी निगरानी की और अब उनकी वापसी टीम इंडिया के लिए एक महत्वपूर्ण विकास है।

ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले भी आई थी वापसी की उम्मीदें
इससे पहले, मोहम्मद शमी को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भेजने की खबरें आई थीं लेकिन बीसीसीआई ने एक प्रेस रिलीज में यह स्पष्ट किया था कि शमी को ऑस्ट्रेलिया नहीं भेजा जाएगा। बीसीसीआई ने कहा था कि शमी की दाहिनी एड़ी की सर्जरी के बाद उनकी स्थिति की बारीकी से निगरानी की जा रही थी और हालांकि उनकी एड़ी ठीक हो चुकी थी लेकिन उनके घुटने में हल्की सूजन थी।

2023 वनडे वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन
मोहम्मद शमी ने 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 7 मैचों में 24 विकेट चटकाए, जिसमें तीन बार उन्होंने 5 विकेट हॉल भी लिया। शमी ने सबसे कम मैचों में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया था। उनका प्रदर्शन वर्ल्ड कप के दौरान बेहतरीन था और उनकी वापसी से टीम इंडिया को चैंपियंस ट्रॉफी में भी एक अनुभवी और प्रभावशाली गेंदबाज मिलेगा, जो किसी भी मैच को पलटने की क्षमता रखता है।

चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अहम भूमिका
मोहम्मद शमी की वापसी से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिलेगी। चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान उनकी भूमिका अहम हो सकती है क्योंकि वह अपनी तेज गेंदबाजी और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। शमी की मौजूदगी टीम इंडिया के लिए एक बड़ी मजबूती साबित हो सकती है खासकर जब यह टूर्नामेंट पाकिस्तान के मेज़बानी में खेला जाएगा और भारत-पाकिस्तान मुकाबले के लिए अतिरिक्त दबाव होगा।

इस प्रकार मोहम्मद शमी की वापसी भारतीय टीम के लिए न केवल चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी को बल देती है, बल्कि एक और बड़े टूर्नामेंट में भारत को एक शीर्ष तेज गेंदबाज मिलने की उम्मीद भी जगाती है।

ट्रांसफॉर्मर ही चुरा ले गए चोर, UP के इस गांव में 25 दिन से बिजली नहीं; टेंशन में छात्र

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के उघैती क्षेत्र में सोरहा गांव के लोग 250 केवीए के ट्रांसफॉर्मर की चोरी के बाद 14 दिसंबर से बिना बिजली के रहे हैं। स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अनुसार चोरों ने पास के खेतों से ट्रांसफॉर्मर को उखाड़ दिया, उसके पुर्जे और अन्य कीमती सामानों को चुरा लिया और फिर वे भाग गए। बिजली विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस और बिजली विभाग ने जांच शुरू की, लेकिन 25 दिन बीत जाने के बाद भी गांव में कोई नया ट्रांसफॉर्मर नहीं लगाया गया है। इससे ग्रामीणों में निराशा बढ़ रही है, जिन्हें अब बिजली न होने के कारण कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब पांच हजार की आबादी वाला यह गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। सबसे ज्यादा प्रभावित विद्यार्थी हैं जो फरवरी में शुरू होने वाली उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली के बिना विद्यार्थी रात में पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ रहा है।

ग्राम प्रधान सतपाल सिंह ने कहा, “बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ‘इनवर्टर’ और मोबाइल चार्जिंग जैसी बुनियादी ज़रूरतें भी उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।” उघैती बिजली उपकेंद्र के जूनियर इंजीनियर अशोक कुमार ने कहा, “ट्रांसफार्मर चोरी के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। एक-दो दिन में नया ट्रांसफार्मर लगा दिया जाएगा।”

पाकिस्तान की ‘प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी’ मान्यता पर संकट, यू.एस. हाउस में नया विधेयक पेश

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अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक बार फिर पाकिस्तान को प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी (Major Non-NATO Ally) के रूप में मान्यता समाप्त करने का विधेयक पेश किया गया है। रिपब्लिकन कांग्रेसी एंडी बिग्स द्वारा लाए गए इस विधेयक में पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की गई है। इसमें विशेष रूप से हक्कानी नेटवर्क का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि पाकिस्तान को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी जमीन आतंकवादी संगठनों के लिए सुरक्षित पनाहगाह न बने।

अफगान-पाक सीमा पर समन्वय अनिवार्य
विधेयक में यह शर्त जोड़ी गई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति तब तक पाकिस्तान को ‘प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी’ का प्रमाण पत्र जारी नहीं कर सकते, जब तक पाकिस्तान हक्कानी नेटवर्क और अन्य आतंकवादी संगठनों के खिलाफ निर्णायक सैन्य अभियान नहीं चलाता। इसके साथ ही, पाकिस्तान को अफगान सरकार के साथ समन्वय करते हुए अफगान-पाक सीमा पर आतंकवादियों की आवाजाही रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

विधेयक का इतिहास
एंडी बिग्स ने इस विधेयक को पहली बार जनवरी 2019 में पेश किया था और इसके बाद इसे हर कांग्रेस सत्र में पेश किया गया है। हालांकि, अब तक इस प्रस्ताव को कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। इस बार पेश किए गए विधेयक में हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई की शर्तों को प्रमुखता दी गई है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर प्रभाव
अगर यह विधेयक पारित होता है, तो पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी के रूप में मान्यता मिलने से पाकिस्तान को अमेरिकी सैन्य सहायता और तकनीकी सहयोग प्राप्त होता है। यह प्रस्ताव इन सुविधाओं को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

Maha Kumbh : संगम में डुबकी लगाएंगी स्टीव जॉब्स की पत्नी, करेंगी सनातन धर्म की परंपराओं का अनुभव

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प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ में साधु-संतों के साथ कई अरबपति महिलाएं और जानी-मानी हस्तियां हिस्सा लेंगी। इनमें स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल, इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति, जिंदल समूह की चेयरपर्सन सावित्री जिंदल और भाजपा सांसद व अभिनेत्री हेमा मालिनी शामिल हैं। यह सभी संगम पर डुबकी लगाकर सनातन धर्म की परंपराओं का अनुभव करेंगी।

लॉरेन पॉवेल करेंगी संगम स्नान और कल्पवास

दिवंगत एपल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल 13 जनवरी को प्रयागराज पहुंचेंगी। 25 अरब डॉलर की संपत्ति की मालिक लॉरेन पौष पूर्णिमा के दिन संगम में पहली डुबकी लगाकर कल्पवास शुरू करेंगी।

ठहरने की व्यवस्था: उनके लिए निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद के शिविर में व्यवस्था की गई है।

सनातन धर्म का अनुभव: लॉरेन 19 जनवरी से शुरू होने वाली कथा की पहली यजमान होंगी और 29 जनवरी तक शिविर में रहकर सनातन धर्म को समझेंगी।

सुधा मूर्ति और सावित्री जिंदल भी होंगी शामिल

सुधा मूर्ति: इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति संगम पर डुबकी लगाएंगी। उनके लिए उल्टा किला के पास एक विशेष कॉटेज तैयार किया जा रहा है।

सावित्री जिंदल: जिंदल समूह की चेयरपर्सन सावित्री जिंदल के लिए स्वामी अवधेशानंद और चिदानंद मुनि के शिविरों में ठहरने की व्यवस्था की गई है।

हेमा मालिनी का शिविर में प्रवास

भाजपा सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी भी महाकुंभ में शामिल होंगी। वह जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि के शिविर में ठहरेंगी और संगम में स्नान करेंगी।

कल्पवास और इसके नियम

महाकुंभ में कल्पवास 30 दिन की एक विशेष साधना है। इसमें कल्पवासी को कई नियमों का पालन करना होता है:

सत्य वचन और अहिंसा का पालन।

इंद्रियों पर नियंत्रण और प्राणियों पर दया।

ब्रह्मचर्य का पालन और व्यसनों का त्याग।

ब्रह्म मुहूर्त में जागना और दिन में तीन बार पवित्र नदी में स्नान।

साधु-संतों की सेवा, जप और संकीर्तन।

एक समय भोजन करना।

महाकुंभ: आस्था और परंपरा का संगम

महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जहां करोड़ों श्रद्धालु, साधु-संत और हस्तियां एकत्रित होती हैं। इस बार महाकुंभ में कई बड़े नामों की उपस्थिति इसे और खास बना रही है। श्रद्धालुओं के लिए शिविरों में विशेष व्यवस्था की गई है। संगम तट पर डुबकी लगाकर हर कोई इस अनोखे अनुभव का हिस्सा बनेगा।

Ukraine के जापोरिज्जिया में Russia ने दागी मिसाइलें, 13 लोगों की मौत, 30 घायल

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रूस ने दक्षिणी यूक्रेन के जापोरिज्जिया शहर पर मिसाइलें दागी जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई जबकि 30 अन्य घायल हो गए। यह हमला बुधवार को हुआ और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इसे नागरिक क्षेत्रों पर किए गए एक और क्रूर हवाई हमले के रूप में बताया।

मलबे में फंसे लोग 

आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंची जेलेंस्की ने कहा कि इस हमले के दौरान कई लोग मलबे के नीचे दब गए थे और उन्हें बचाने के लिए आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंची। उन्होंने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक पोस्ट की जिसमें नागरिक मलबे से भरी सड़कों पर पड़े हुए दिखाई दे रहे थे। राष्ट्रपति ने इसे नागरिकों पर किए गए हवाई हमलों की क्रूरता का उदाहरण बताया।

हवाई हमले से जुड़ी चेतावनी और तबाही 

जापोरिज्जिया क्षेत्र के गवर्नर इवान फेडोरोव ने कहा कि हमले से कुछ मिनट पहले ही उन्होंने विनाशकारी ग्लाइड बम और मिसाइल हमलों की चेतावनी दी थी। दोपहर में रूसी सैनिकों ने जापोरिज्जिया में ग्लाइड बम गिराना शुरू कर दिया और इनमें से कम से कम दो बम शहर की आवासीय इमारतों पर गिरे। फेडोरोव ने घोषणा की कि गुरुवार को इस क्षेत्र में शोक का दिन होगा।

राष्ट्रपति जेलेंस्की का बयान

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि नागरिकों पर हवाई हमले करना सबसे क्रूर अपराध है। उन्होंने कहा कि यह बेहद जरूरी है कि दुनिया के बाकी देश यूक्रेन को सुरक्षा देने के लिए आगे आएं और इस संघर्ष में यूक्रेन का समर्थन करें।

रूस का बड़ा ड्रोन हमला और यूक्रेनी मिसाइल-ड्रोन शस्त्रागार 

रूस के अधिकारियों ने इस हमले में एक बड़े ड्रोन हमले की बात मानी है और कहा कि उन्होंने लड़ाई के लिए एक आपातकालीन कमांड सेंटर स्थापित किया है। वहीं यूक्रेन ने भी अपनी तरफ से लंबी दूरी की मिसाइलों और ड्रोन का शस्त्रागार विकसित करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं ताकि वह रूस में पश्चिमी आपूर्ति वाली मिसाइलों से हमला कर सके। यूक्रेन ने ड्रोन और मिसाइलों को अपनी सेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण बनाते हुए सीमाओं तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

रूस के एंगेल्स क्षेत्र में ड्रोन हमले से आग

इससे पहले यूक्रेनी जनरल स्टाफ ने बताया कि रूस के सारातोव क्षेत्र के एंगेल्स में एक भंडारण सुविधा पर ड्रोन हमला हुआ था। इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन ड्रोन के मलबे से एक औद्योगिक संयंत्र में आग लग गई। क्षेत्र के गवर्नर रोमन बुसार्गिन ने कहा कि यह नुकसान मलबे के कारण हुआ था लेकिन इसमें कोई मौत या घायल नहीं हुआ।

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एंगेल्स शहर की स्थिति 

एंगेल्स जो वोल्गा नदी के बाएं किनारे पर स्थित है रूस के परमाणु-सक्षम बमवर्षकों का मुख्य अड्डा भी है। युद्ध के शुरुआती दौर से ही यूक्रेनी ड्रोन हमले इस क्षेत्र को निशाना बना रहे हैं जिससे रूस की सेना को अपने अधिकांश बमवर्षकों को दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा है। एंगेल्स का यह औद्योगिक क्षेत्र रूस के सैन्य संचालन के लिए महत्वपूर्ण है।

अंत में बता दें कि जापोरिज्जिया और एंगेल्स में हुए हमले ने यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष की एक और क्रूर तस्वीर पेश की है। इस हमले ने न केवल नागरिकों की जान ली बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया है। दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थितियों में और भी वृद्धि हो सकती है जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते हैं।

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