बिजनौर में जज की बेटी के मंगेतर का शव गेस्ट हाउस में मिला है. पुलिस और फोरेंसिक विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. मंगेतर उत्कर्ष सिसोदिया 12 जनवरी से शुगर मिल के गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे. उनकी लाश बेड पर पड़ी मिली. मौत की वजह क्या है, ये अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है.
यूपी के बिजनौर में धामपुर शुगर मिल के गेस्ट हाउस में जज की बेटी के मंगेतर उत्कर्ष सिसोदिया का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से हड़कंप मच गया. चार महीने पहले ही उनका रिश्ता तय हुआ था और इसी साल शादी होने वाली थी. शव मिलने के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. अभी तक मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं.
जयपुर में वैशाली नगर के रहने वाले उत्कर्ष सिसोदिया का 4 महीने पहले बागपत में तैनात अपर जिला जज पूनम राजपूत की बेटी से रिश्ता तय हुआ था. जज पूनम राजपूत बिजनौर के नगीना क्षेत्र के हैदरपुर गांव की रहने वाली हैं. उत्कर्ष अफजलगढ़ क्षेत्र में एक होटल खोलने के लिए जगह का चयन कर रहे थे. वह यहां नगीना में एलआरएलएस कॉलेज से लॉ की पढ़ाई भी कर रहे थे. उत्कर्ष 12 जनवरी से धामपुर शुगर मिल के गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे. उनके लिए धामपुर शुगर मिल का गेस्ट हाउस एक लेखपाल द्वारा बुक कराया गया था.
बुधवार को सवेरे जब गेस्ट हाउस अटेंडेंट उनके कमरे में नाश्ते के लिए पूछने गया तो उत्कर्ष बेड पर अचेत हालत में पड़े हुए थे. उनके दोनों पैर बेड से नीचे लटके हुए थे. अटेंडेंट ने उन्हें उठाने की काफी कोशिश की. जब वह नहीं उठे तो उसने तुरंत सूचना मिल अधिकारियों को दी. सूचना मिलते ही मिल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी.
इसी के साथ डॉक्टरों को भी मौके पर बुलाया गया, लेकिन जांच के बाद डॉक्टर ने उत्कर्ष को मृत घोषित कर दिया. सूचना मिलते ही फोरेंसिक टीम और पुलिस मौके पहुंची. फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
उत्कर्ष सिसोदिया की मौत की खबर मिलते ही अपर जिला जज के परिजन गेस्ट हाउस पहुंचे और मामले की जानकारी ली. पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और बारीकी से जांच की. उत्कर्ष की मौत कैसे हुई, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है.सीओ धामपुर अभय कुमार पांडे ने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता लग सकेगा. इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
अपर जिला जज के बड़े भाई अनिल राजपूत के अनुसार, उत्कर्ष सिसोदिया के धामपुर शुगर मिल में ठहरने का किसी को पता नहीं था, जबकि वह स्वयं इसी मिल में कार्य करते हैं. उन्होंने बताया कि उनकी भांजी की शादी उत्कर्ष से होनी थी, जल्द ही तारीख तय कर तैयारी शुरू करनी थी, लेकिन उससे पहले यह घटना हो गई.
इसमें कोई दो राय नहीं कि आज की तारीख में अमेरिका सबसे ताकतवर मुल्क है. पर उसकी ताकत के पीछे यूरोप और कनाडा जैसे देशों का आंख मूंदकर मिलने वाला समर्थन भी रहा है. अगर ये दोनोंं ही ताकतें अमेरिका के खिलाफ खुलकर सामने आती हैं तो अमेरिकी प्रभुत्व का क्या होगा?
विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) की दावोस बैठक लंबे समय से पश्चिम के नेतृत्व वाले बहुपक्षीय वैश्विक ढांचे का प्रतीक रही है. पर इस बार एक साफ़ संदेश उभरा है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सनक भरी धमकियों और एक्शन के चलते पश्चिमी देशों के भीतर ही बदलाव की आवाज़ें तेज़ हुई हैं. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फ़ॉन डर लेयेन ने जिस तरह अमेरिका के साथ सहयोग की बात करते हुए उसके कृत्यों की निंदा की है उसका संदेश बहुत साफ है.
दोनों नेताओं ने साफ़ शब्दों में कहा कि पुरानी वैश्विक व्यवस्था अब समाप्त हो चुकी है और इसे वापस लाने की कोई इच्छा नहीं है. हमें पता है कि पुराना वैश्विक क्रम अब लौटकर नहीं आने वाला है. हमें शोक मनाने के बजाय आगे की रणनीति पर ध्यान देना होगा.अपने कड़े भाषण में मार्क कार्नी ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने एक सुखद कल्पना का अंत कर दिया है और एक कठोर वास्तविकता की शुरुआत कर दी है. उर्सुला फ़ॉन डर लेयेन ने भी कहा कि बीती चीज़ों को वापस लाने की कोशिश करने से वे संरचनात्मक निर्भरता ठीक नहीं होंगी, जिनके साथ हम आज जी रहे हैं.
दोनों नेताओं ने कहा कि हम ऊर्जा सुपरपावर हैं. हमारे पास सबसे शिक्षित आबादी है. हमारे पास पूंजी है. हम निवेश आकर्षित करने में सक्षम हैं. वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूरोपीय संघ के पास असीमित क्षमता है, कुशलता, कौशल और नवाचार भी है. यह अपरोक्ष रूप से अमेरिका को एक तरह से धमकी थी कि अगर हम अमेरिका से दूरी बनाते हैं तो विश्व में अमेरिका का प्रभुत्व खत्म होने कगार पर पहुंच सकता है. ग्रीनलैंड पर दोनों ही नेताओं ने ट्रंप की कार्रवाई का विरोध किया. कार्नी ने कहा कि कनाडा ग्रीनलैंड, डेनमार्क और नाटो का समर्थन करता है. वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूरोपीय संघ ग्रीनलैंड और डेनमार्क के साथ एकजुट है.
दावोस 2026 में कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के भाषणों से यह मान लेना जल्दबाजी होगी कि दुनिया में एक नए विश्व व्यवस्था (new world order) की शुरुआत हो चुकी है. दोनों नेताओं ने पुरानी व्यवस्था (old order) के अंत की बात जरूर की है पर नॉस्टैल्जिया को रणनीति न मानते हुए विभाजन पर जोर दिया है.
कार्नी कहना सही है कि अमेरिकी नेतृत्व वाली नियम-आधारित व्यवस्था अब वापस नहीं आएगी, और मध्यम शक्तियों (middle powers) को एकजुट होकर सामना करना चाहिए. वॉन डेर लेयेन ने इसे स्थायी परिवर्तन बताया. और यूरोप को और स्वतंत्रता फैसले लेने पर जोर दिया. चूंकि यह भाषण ट्रंप के ग्रीनलैंड धमकी और टैरिफ से जुड़े संकट के संदर्भ में आए, जहां पश्चिमी सहयोगी अमेरिका से दूरी महसूस कर रहे हैं. इसलिए इसे कनाडा और यूरोपीय संघ का स्थाई भाव नहीं कहा जा सकता है.
लेकिन वास्तव में यह नई व्यवस्था की शुरुआत ऐसे ही होती है. जब पुरानी व्यवस्था पर संकट के बादल गहराते हैं तो नई व्यवस्था अंकुरित होती है. ट्रंप की नीतियां वैश्विक व्यवस्था को तोड़ रही हैं. लेकिन कोई स्पष्ट नया ढांचा नहीं उभर कर सामने आ रहा है. कार्नी और वॉन डेर लेयेन ने विभिन्न गठबंधनों और रणनीतिक साझेदारियों की बात की, जो बहुपक्षीयता की नई कोशिश है, न कि नई व्यवस्था की. दरअसल किसी भी नई व्यवस्था के जन्म लेने के पहले एक संक्रमण काल होता है. विश्व अभी उसी संक्रमण काल में है.
ट्रंप की नीतियां, चीन-रूस का उदय, और यूक्रेन युद्ध ने पुरानी व्यवस्था को कमजोर किया, लेकिन नया आर्डर (चाहे बहुपक्षीय या बहुध्रुवीय) अभी बनना बाकी है.
दावोस भाषण राजनीतिक संदेश हैं, जो मध्यम शक्तियों को एकजुट करने की कोशिश हैं, लेकिन ये अभी सिर्फ प्रतिक्रिया हैं, न कि नई व्यवस्था की नींव. पर इतना तो कहा ही जा सकता है कि बदलाव आ रहा है और शुरुआत हो चुकी है. यह भी हो सकता है कि वैश्विक व्यवस्था के लिए यह संकट का चरण हो न कि नई शुरुआत.
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी प्रभुत्व (US hegemony) कम होने के कई संकेत
1-ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीतियां और सैन्य दखलंदाजी
ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला में हमला कर राष्ट्रपति को गिरफ्तार किया, कोलंबिया, मैक्सिको और ग्रीनलैंड पर सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है. कहीं से भी संयुक्त राष्ट्र जैसी एजेंसियां या कोई भी संगठन ऐसा नहीं दिख रहा है जो अमेरिकी राष्ट्रपति के मनमानेपन को कंट्रोल कर सके.
2- ट्रंप की नीतियां अमेरिका को अलग थलग कर रही हैं
अमेरिका अपने खास सहयोगियों यूरोप और कनाडा जैसे देशों से अलग थलग पड़ रहा है. यही कारण है कि सहयोगी (EU, कनाडा) नई साझेदारियां (Mercosur, भारत, UAE) बना रहे हैं. WEF Global Risks Report 2026 में कहा गया है कि अमेरिका की नीतियां fragmentation बढ़ा रही हैं.
Advertisement 3-चीन का उदय और बहुध्रुवीय दुनिया
चीन BRI और टेक से प्रभाव बढ़ा रहा है, जबकि अमेरिका टैरिफ युद्धों में फंसा है. भारत-रूस-चीन ‘ट्रोइका’ नई व्यवस्था बनाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं. डॉलर का पतन शुरू हो गया है, गोल्ड/सिल्वर की कीमतें बढ़ रही हैं.
4- मध्य शक्तियों का उभार
कनाडा और EU ‘मिडल पॉवर्स’ के रूप में उभर रहे हैं, अमेरिका से दूरी बना रहे हैं. दावोस में कार्नी और वॉन डेर लेयेन ने “old order” के अंत की घोषणा की, नए गठबंधनों (variable geometry) पर जोर दिया.
5-आर्थिक और सैन्य संतुलन अब अमेरिका के पक्ष में नहीं.
अमेरिका अब यूरेशिया पर प्रभाव कम कर रहा है, जबकि मध्य पूर्व, इंडो-पैसिफिक में चुनौतियां बढ़ी हैं. TRENDS रिपोर्ट 2026 में shifting alliances को मुख्य ट्रेंड बताया गया है. शक्ति अब एक देश (US) में केंद्रित नहीं है. चीन, रूस, भारत, ब्राजील, मध्य शक्तियां (middle powers) जैसे कनाडा, EU, इंडोनेशिया, सऊदी अरब स्वतंत्र भूमिका निभा रही हैं.
अमृतसर के कोर्ट रोड स्थित एक निजी होटल में ऑस्ट्रेलिया से आई महिला प्रभजोत कौर की हत्या का मामला सामने आया था. मौत के बाद से फरार महिला का आरोपी पति मनदीप को अब पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार किया है.
पंजाब में अमृतसर के थाना सिविल लाइन ने महिला की हत्या मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए उसके ऑस्ट्रेलिया निवासी पति को गिरफ्तार कर लिया है.दरअसल, हाल में शहर के कोर्ट रोड स्थित एक निजी होटल में ऑस्ट्रेलिया से आई महिला प्रभजोत कौर का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला की हत्या उसके पति मनदीप ने की है, जो वारदात के बाद फरार है. तब पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी.
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनदीप सिंह, निवासी ऑस्ट्रेलिया के रूप में हुई है, जिसे राजस्थान के गंगानगर से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया है. यह मामला मृतका प्रभजोत कौर के पिता माखन सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया. शिकायत के अनुसार, प्रभजोत कौर और उसके पति मनदीप सिंह ने लोहड़ी मनाने के बहाने परिवार को गांव जेठूवाल आने के लिए कहा था और दोनों घूमने के लिए निकल गए थे. 12 जनवरी 2026 को प्रभजोत कौर की लाश अमृतसर के होटल फेयरवे, कोर्ट रोड स्थित कमरा नंबर 112 में मिली थी. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को राजस्थान के गंगानगर से गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस के अनुसार प्रभजोत कौर की शादी करीब सात साल पहले मनदीप के साथ हुई थी. शादी के बाद दोनों ऑस्ट्रेलिया चले गए थे, जहां उन्हें पीआर मिल गया था. कुछ दिन पहले मनदीप अपनी पत्नी प्रभजोत और छह साल के बेटे के साथ भारत आया था. परिवार के अनुसार मनदीप ने बच्चे को ससुराल छोड़ दिया और पत्नी को घूमने के बहाने अमृतसर ले आया.
सोमवार को दोनों अमृतसर के एक निजी होटल में ठहरे. इसके बाद मनदीप ने तेजधार हथियार से प्रभजोत की हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया. मृतका के परिवार का आरोप है कि मनदीप को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था, जिसको लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. घटना की सूचना दोपहर करीब एक बजकर तीस मिनट पर डायल 112 पर मिली. एसीपी लखविंदर सिंह कलेर ने बताया कि होटल में महिला की लाश मिलने की सूचना पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई.
मृतका के भाई लवप्रीत सिंह ने बताया कि विवाह के बाद दोनों विदेश में रह रहे थे. इस दौरान पति को शक होने लगा था, जिससे घर में तनाव बना रहता था. उन्होंने बताया कि सोमवार को मनदीप बहन को घूमने की बात कहकर ले गया था, लेकिन बाद में हत्या की खबर मिली. मृतका के पिता माखन सिंह ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और इंसाफ की मांग की है.
महाराष्ट्र के अकोला में प्रेम में धोखा मिलने से आहत 18 साल के युवक ने जहर पीते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर डाला. वीडियो वायरल होते ही साइबर टीम सक्रिय हो गई और युवक की जान बचा ली.
महाराष्ट्र के अकोला जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम में धोखा मिलने के मानसिक तनाव से एक 18 साल के युवक ने आत्महत्या करने की कोशिश की. युवक का नाम कृष्णा पालवी है. उसने जहर पीते हुए एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जिसमें उसने लिखा था, “करिश्मा, तेरी याद बहुत सताती रही… बाय… तेरे बिना नहीं जी सकते.” यह वीडियो कुछ ही समय में वायरल हो गया.
वीडियो वायरल होते ही अकोला पुलिस की साइबर टीम ने तुरंत संज्ञान लिया. साइबर टीम ने दहीहंडा पुलिस स्टेशन को सूचना दी. इसके बाद दहीहंडा पुलिस ने बिना देर किए काटीपाटी दोनवाडा खेतशिवार इलाके में युवक की तलाश शुरू की. समय रहते पुलिस युवक तक पहुंच गई और उसे तुरंत उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल कृष्णा की हालत स्थिर है और उसका इलाज जारी है.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक प्रेम संबंधों में विवाद और गर्लफ्रेंड द्वारा धोखा दिए जाने से मानसिक रूप से काफी परेशान था. इसी तनाव में उसने यह कदम उठाया. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे संवेदनशील मामलों को गंभीरता से लें और समय रहते पुलिस या प्रशासन को सूचना दें.
दूसरी ओर, नागपुर शहर के मानकापुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गोधनी इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एकतरफा प्यार के चलते 23 साल के छात्रा प्राची खापेकर की बेरहमी से हत्या कर दी गई. इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गईपोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या का खुलासा होने के बाद पुलिस ने शेखर ढोरे को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है. इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रेम संबंधों में बढ़ता तनाव और असंतुलन समाज के लिए कितना खतरनाक होता जा रहा है.
केरल के कोझिकोड में 42 वर्षीय शख्स की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने 35 वर्षीय महिला शिमजिता मुस्तफा को हिरासत में लेकर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है. मामला उस सोशल मीडिया वीडियो से जुड़ा है, जिसमें शिमजिता ने दीपक पर बस यात्रा के दौरान यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. वीडियो वायरल होने के कुछ दिनों बाद दीपक का शव उनके घर में फंदे से लटका मिला था.
केरल के कोझिकोड में एक 42 वर्षीय व्यक्ति की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने 35 वर्षीय महिला शिमजिता मुस्तफा को हिरासत में लिया है. पुलिस ने महिला पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है. यह कार्रवाई उस वीडियो के बाद की गई है, जो शिमजिता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था और जो तेजी से वायरल हो गया था.
पुलिस के मुताबिक शिमजिता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उसने दीपक यू नाम के व्यक्ति पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. महिला का दावा था कि पय्यानूर रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड तक की भीड़भाड़ वाली बस में यात्रा के दौरान दीपक ने उसके साथ कई बार अनुचित व्यवहार किया. यह वीडियो सोशल मीडिया पर दो मिलियन से ज्यादा बार देखा गया और इस पर बड़ी संख्या में कमेंट्स भी आए.
वीडियो वायरल होने के कुछ ही दिनों बाद कोझिकोड के गोविंदपुरम इलाके में अपने घर के कमरे में दीपक का शव फंदे से लटका मिला. पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह जब उनके माता-पिता ने उन्हें जगाने की कोशिश की तो कोई जवाब नहीं मिला. बाद में दरवाजा तोड़कर देखा गया तो दीपक मृत पाए गए. शुरुआत में पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया था, लेकिन परिवार की शिकायत और सोशल मीडिया पर हुई घटनाओं की समीक्षा के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया.
दीपक के माता-पिता ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि आरोपों ने उनके बेटे की छवि पूरी तरह तबाह कर दी. परिवार का आरोप है कि ऑनलाइन पब्लिसिटी के लिए महिला ने उनके बेटे के चरित्र की हत्या की. परिजनों ने यह भी कहा कि दीपक ने हमेशा आरोपों से इनकार किया था और कभी विवादों में नहीं रहे.
रिश्तेदारों का आरोप है कि वीडियो सामने आते ही दीपक को ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, जिससे वह गंभीर मानसिक तनाव में आ गए. परिवार के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद ही दीपक ने आत्महत्या कर ली.
इन आरोपों के बाद पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया और शिमजिता को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपों को सीधे सोशल मीडिया पर क्यों डाला गया और पुलिस में शिकायत क्यों नहीं दी गई. इस बीच केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट मांगी है. मामला 19 फरवरी को समीक्षा के लिए सूचीबद्ध है.
अन्नामय्या जिले में दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने 19 कैन बीयर के साथ पार्टी की. फिर खाना खाने लगे. जिसके बाद खाना दोनों के गले में फंस गया और दोनों की मौत हो गई.आंध्र प्रदेश के अन्नामय्या जिले में दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की ज़्यादा शराब पीने के बाद खाना गले में फंस गया. जिससे दोनों की मौत हो गई. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी. मृतक मणि कुमार (35) और पुष्पराज (27) 17 जनवरी को उसी गांव के अपने चार दोस्तों से मिले और कई घंटों तक बीयर पी.
रायचोटी के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) कृष्णा मोहन ने बताया कि अन्नामय्या जिले के दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की यहां दोस्तों के साथ शराब पीने के बाद खाना गले में फंसने से मौत हो गई. मोहन ने बताया कि ग्रुप ने 19 बीयर के कैन खरीदे और उन्हें दोपहर 3.30 बजे से शाम 7.30 बजे के बीच पिया.इस दौरान कुमार ने लगभग छह बीयर के कैन पिए जबकि पुष्पराज ने लगभग पांच पिए. घर लौटते समय कुमार गिर गए और उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी. जिसके बाद दोस्त उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उनकी पहले मौत हो गई. जबकि पुष्पराज की मौत बाद में रात करीब 10 बजे हुई.
पुलिस के अनुसार बीयर पीने से पहले ही कुमार नशे में थे और शुरुआती जांच से पता चला है कि ज़्यादा शराब पीने और खाना गले में फंसने से सांस लेने में दिक्कत हुई. 18 जनवरी को कुमार के पिता नरसिम्हा ने शिकायत दर्ज कराई. जिसमें कहा गया कि मौत का कारण पता नहीं है. जिसके बाद पुलिस ने BNSS की धारा 194 के तहत मामला दर्ज किया है.
DSP ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और इस्तेमाल किए गए बीयर के कैन के सैंपल लैब जांच के लिए भेजे गए है. जिससे पुष्टि हुई कि उनमें कोई मिलावट नहीं थी. उन्होंने आगे कहा कि मृतकों के खून और अन्य सैंपल भी आगे की जांच के लिए लैब भेजे गए हैं.
जहां कभी साइबर ठगी का जाल फैला था, उसी गांव से अब अपराध के खिलाफ आवाज उठ रही है. मथुरा के गोवर्धन थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव में ग्रामीणों ने पुलिस के साथ मिलकर साइबर अपराध पर करारा प्रहार किया है. साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किए जा रहे 68 मोबाइल फोन ग्रामीणों ने खुद आगे बढ़कर पुलिस को सौंप दिए.
मथुरा के गोवर्धन थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव ने साइबर ठगी के खिलाफ एक मिसाल कायम की है. कभी साइबर ठगी के मामलों को लेकर बदनाम रहा यह गांव अब पुलिस के साथ मिलकर अपराध के खिलाफ खड़ा नजर आ रहा है. ग्रामीणों ने साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किए जा रहे 68 मोबाइल फोन पुलिस को सौंप दिए हैं.
दरअसल, कुछ दिन पहले गोवर्धन थाना पुलिस ने दौलतपुर गांव में जागरूकता बैठक की थी. इसमें पुलिस और ग्रामीणों के बीच साइबर अपराध को रोकने को लेकर चर्चा हुई. बैठक के दौरान गांव के 20 जिम्मेदार लोगों की एक समिति बनाई गई, जिसने यह आश्वासन दिया कि साइबर ठगी में प्रयुक्त किसी भी मोबाइल या उपकरण को पुलिस के हवाले किया जाएगा और फरार आरोपियों को सरेंडर करने के लिए कहा जाएगा.
इसी कड़ी में बुधवार को दौलतपुर गांव के लोगों ने 68 फोन पुलिस के हवाले कर दिए. ये सभी मोबाइल साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे थे. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि इन मोबाइलों की तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि किन-किन मामलों में इनका इस्तेमाल हुआ और इनके जरिए कितने लोगों को ठगा गया.
सीओ गोवर्धन अनिल कुमार ने कहा कि गांव में आयोजित गोष्ठी के दौरान ग्रामवासियों ने पुलिस को पूरा सहयोग देने का वादा किया था. ग्रामीणों ने खुद आगे बढ़कर साइबर ठगी में प्रयुक्त मोबाइल पुलिस को सौंपे हैं, जो सकारात्मक संकेत है. सीओ ने यह भी कहा कि सभी मोबाइलों की जांच के बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस के अनुसार, साइबर फ्रॉड के मामलों में फरार चल रहे वांछित आरोपियों से भी जल्द सरेंडर की उम्मीद है. ग्रामीणों के इस सहयोग से न केवल दौलतपुर गांव, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी साइबर अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. गांव के लोगों का कहना है कि साइबर ठगी के कारण कई निर्दोष लोग आर्थिक नुकसान का शिकार हुए थे, जिससे गांव की छवि भी खराब हो रही थी. अब सभी ने मिलकर तय किया है कि भविष्य में किसी भी तरह के साइबर अपराध को पनपने नहीं दिया जाएगा.
बिहार के समस्तीपुर जिले से पति-पत्नी के अटूट प्रेम की एक दिल छू लेने वाली कहानी सामने आई है. 95 वर्षीय पति की मौत के कुछ ही घंटों बाद उनकी 90 वर्षीय पत्नी ने भी प्राण त्याग दिए. इसके बाद गांव में दोनों की एक साथ गाजे-बाजे के साथ शव यात्रा निकाली गई, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं.
बिहार के समस्तीपुर का यह मामला पति-पत्नी के अटूट प्रेम की मिसाल है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं. यहां 95 वर्षीय पति की मौत के कुछ ही घंटों बाद 90 वर्षीय पत्नी ने भी प्राण त्याग दिए. इसके बाद गांव में गाजे-बाजे के साथ पति-पत्नी की एक साथ शव यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे इलाके को भावुक कर दिया.मामला समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत परोरिया पंचायत के वार्ड संख्या 11 का है. यहां रहने वाले 95 साल के युगेश्वर राय का निधन हो गया था. इस खबर से परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई. परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट ही रहे थे कि तभी एक और दुखद घटना घट गई.
पति की मौत से सदमे में आईं उनकी 90 वर्षीय पत्नी तेतरी देवी शव के पास बैठकर लगातार रोती रहीं. परिजनों के अनुसार, वह बार-बार पति का नाम ले रही थीं. इस दौरान वह अचानक बेसुध होकर गिर पड़ीं. परिजन कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उनकी भी सांसें थम गईं. इस तरह पति की अर्थी उठने से पहले ही पत्नी ने भी प्राण त्याग दिए.
बुजुर्ग दंपति की एक साथ मौत की खबर मिली तो आसपास के गांवों से भी लोग पहुंचने लगे. हर कोई इस दृश्य को देखकर भावुक हो उठा. ग्रामीणों का कहना था कि आज के दौर में जहां रिश्ते कमजोर होते जा रहे हैं, वहीं इस दंपति ने सात जन्मों तक साथ निभाने के वचन को सच कर दिखाया.मृतक दंपति अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं. उनके तीन बेटे जीवछ राय, रंजीत राय और राजीव राय और दो बेटियां हैं. सभी की शादी हो चुकी है. परिवार में पोते-पोतियां भी हैं. बच्चों का कहना है कि उनके माता-पिता का रिश्ता बेहद मजबूत था. वे हमेशा एक-दूसरे के साथ ही जीवन बिताना चाहते थे.
गांव के लोगों ने मिलकर दंपति की एक साथ शव यात्रा निकालने का निर्णय लिया. गाजे-बाजे के साथ निकली इस शव यात्रा में पूरा गांव शामिल हुआ. हर आंख नम थी और हर जुबान पर सिर्फ यही बात थी कि यह सच्चे प्रेम और समर्पण की मिसाल है. अंतिम संस्कार के लिए दोनों पार्थिव शरीर को बेगूसराय जिले के तेघड़ा स्थित अयोध्या घाट ले जाया गया, जहां गंगा तट पर रीति-रिवाजों के साथ पति-पत्नी का अंतिम संस्कार किया गया. इस घटना की चर्चा पूरे इलाके के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी हो रही है.
बिहार ने पहली बार जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना का 2 मीट्रिक टन समुद्री मार्ग से दुबई निर्यात किया है. कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने इस पहल को किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने वाला बताया. भविष्य में अन्य जीआई-टैग उत्पादों के निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे बिहार की वैश्विक पहचान मजबूत होगी.
बिहार ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. पहली बार जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना को समुद्री मार्ग से दुबई के लिए सफलतापूर्वक निर्यात किया गया है. 2 मीट्रिक टन की यह खेप बुधवार को पूर्णिया जिले से रवाना हुई. यह निर्यात वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार, बिहार सरकार तथा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से संभव हुआ है.
मिथिला मखाना बिहार के मिथिला क्षेत्र का पारंपरिक, पोषक एवं विशिष्ट कृषि उत्पाद है, जिसे भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त है. समुद्री मार्ग से इसका सफल निर्यात इस बात का प्रमाण है कि बिहार अब अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, आधुनिक पैकेजिंग, ट्रेसबिलिटी और लॉजिस्टिक्स आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो चुका है.
इस ऐतिहासिक अवसर पर राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव की अध्यक्षता में बुधवार को एक वर्चुअल फ्लैग-ऑफ समारोह का आयोजन किया गया. समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि जीआई-टैग उत्पादों का निर्यात किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ राज्य की वैश्विक पहचान को भी सशक्त करेगा. उन्होंने कहा कि इस पहल से मखाना मूल्य श्रृंखला से जुड़े किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और कृषि उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर प्राप्त होंगे. साथ ही, भविष्य में बिहार से अन्य जीआई-टैग एवं मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा.
कृषि मंत्री ने इसे किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मील का पत्थर बताया. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच स्थापित होने से मखाना उत्पादक किसानों को उनके उत्पाद का उचित और लाभकारी मूल्य मिलेगा, जिससे उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
रिंकू सिंह आखिरकार रंग में लौट आए और उन्होंने नागपुर टी20 में न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार फिनिशर टच दिखाया. रिंकू की इस पार मंगेतर प्रिया सरोज का भी रिएक्शन सामने आया. जो उन्होंने इंस्टाग्राम पर शेयर किया.भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह की नागपुर टी20 में विस्फोटक बल्लेबाजी ने जहां मैदान पर फैन्स का दिल जीता, वहीं उनकी मंगेतर प्रिया सरोज भी खुद को तारीफ करने से रोक नहीं सकीं. रिंकू की शानदार पारी के बाद प्रिया ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए अपने प्यार का इजहार किया. रिंकू और प्रिया ने जून 2025 में लखनऊ में एक प्राइवेट समारोह में सगाई की थी.
मैच के बाद प्रिया सरोज ने रिंकू सिंह की बल्लेबाजी से जुड़ी तस्वीर और वीडियो साझा करते हुए दिल वाला इमोजी और प्यार भरा मैसेज पोस्ट किया. उनकी यह इंस्टा स्टोरी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई. रिंकू सिंह हाल के समय में भारतीय टीम के लिए भरोसेमंद फिनिशर बनकर उभरे हैं. प्रेशर के हालात में बड़े शॉट खेलने की उनकी काबिलियत एक बार फिर देखने को मिली, जिसने उनकी मंगेतर प्रिया सरोज को भी गर्व से भर दिया.
रिंकू ने नागपुर टी20 में 20 गेंदों पर 44 रनों की धुआंधार पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे. इस दौरान रिंकू का स्ट्रइाक रेट भी 220 का दर्ज किया गया. 28 साल के रिंकू टी20 फॉर्मेट के शानदार बल्लेबाज हैं, वह अब तक 36 टी20 इंटरनेशनल खेल चुके हैं. इसमें उन्होंने 594 रन 45.69 के एवरेज और 165 के स्ट्राइक रेट से बनाए हैं.
वैसे मैदान के बाहर रिंकू और प्रिया की बॉन्डिंग भी अक्सर चर्चा में रहती है. प्रिया का यह सोशल मीडिया रिएक्शन साफ दिखाता है कि रिंकू की हर कामयाबी में उनका पूरा साथ और सपोर्ट मौजूद है.
27 साल की प्रिया उत्तर प्रदेश की मछलीशहर सीट से सांसद हैं. वह 2024 के लोकसभा चुनाव में जीतर भारत की सबसे युवा MP में से एक बनीं थीं. प्रिया ने तब लगभग 25 साल की उम्र में अपना कार्यकाल शुरू किया था.प्रिया के पिता तूफानी सरोज सालों से राजनीति में रहे हैं. वो उत्तर प्रदेश को जौनपुर की केराकात विधानसभा सीट से सपा के विधायक हैं. वहीं वो तीन बार सांसद भी रह चुके हैं.
वैसे जब रिंकू और प्रिया की सगाई हुई थी, तो दोनों ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि उनको इस मोमेंट (सगाई) का इंतजार 3 साल से था. हालांकि दोनों कब शादी करने वाले हैं, इस पर हाल फिलहाल में कोई खबर नहीं आई हैं, लेकिन ये ऐलान भी संभवत: टी20 वर्ल्ड कप के बाद हो सकता है.