Thursday, September 24, 2026
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SPORTS : गुजरात के ‘सुदर्शन चक्र’ के आगे पस्त हुई येलो आर्मी, चेन्नई का घर में हुआ बुरा हाल

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गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद साई सुदर्शन के अर्धशतक के दम पर जीटी ने चेन्नई सुपर किंग्स को उनके घर में घुसकर हराया। चेन्नई के लिए कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ को छोड़कर बाकी बल्लेबाजों ने घुटने टेक दिए और इस वजह से सीएसके को चेपॉक में हार का सामना करना पड़ा। बेंगलुरु के खिलाफ हार के बाद गुजरात की टीम एक बार फिर से जीत की पटरी पर वापस लौट आई है।

चेन्नई ने गायकवाड़ के नाबाद 74 रनों की बदौलत पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट के नुकसान पर 158 रन बनाए थे। इस लक्ष्य को गुजरात ने 16.4 ओवरों में 2 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। इसी के साथ उन्होंने सीजन की चौथी जीत दर्ज की और अंक तालिका में भी पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। सुदर्शन ने शानदार पारी खेलते हुए 87 रन बनाए। गुजरात ने मैच को 8 विकेट से अपने नाम कर लिया।

गुजरात ने चेन्नई को पहले बल्लेबाजी करने का न्योता दिया था। इसके बाद गुजरात के गेंदबाजों ने कहर बरपा दिया। सीएसके को संजू सैमसन के रूप में पहले झटका लगा और वे 11 रन बनाकर आउट हो गए। चेपॉक में सीएसके के बल्लेबाज संघर्ष करते दिखे और एक के बाद एक लगातार विकेट गिरते रहे। 21 रनों के स्कोर पर पहला विकेट गंवाने वाली चेन्नई ने अगले 16 रनों पर 3 विकेट गंवा दिए। उनका स्कोर एक समय पर 37/4 हो गया। मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा ने कसी हुई गेंदबाजी की और चेन्नई के बल्लेबाजों को हाथ नहीं खोलने दिए। इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में आए सरफराज खान कुछ नहीं कर सके और गोल्डन डक का शिकार बने।

चेन्नई की टीम एकतरफ जहां विकेट खोती रही, तो दूसरी तरफ कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ डटे रहे। उन्होंने धीमी बल्लेबाजी की और पारी को संभाला। गायकवाड़ ने 49 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया। अंत के ओवरों में उन्होंने पारी को तेजी से आगे बढ़ाया और 60 गेंदों पर नाबाद 74 रनों की पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 6 चौके और 4 छक्के निकले। अंत में जेमी ओवरटन ने भी अपने हाथ खोले और 6 गेंदों पर 18 रन बनाए। इसी के साथ चेन्नई ने 7 विकेट के नुकसान पर 158 रन बना लिए। गुजरात के लिए कगिसो रबाडा (3), अरशद खान (2), मोहम्मद सिराज (1) और मानव सुथार को भी एक सफलता मिली।

सीएसके के 159 रनों के लक्ष्य के जवाब में गुजरात ने शानदार शुरुआत की। कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन के बीच पहले विकेट के लिए 58 रनों की साझेदारी हुई। गिल 33 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें नूर अहमद की गेंद पर संजू सैमसन ने एक शानदार स्टपिंग के जरिए मैदान के बाहर भेजा।

गिल के आउट होने के बाद सुदर्शन मैदान पर डटे रहे और अर्धशतक लगाया। उन्होंने 33 गेंदों पर अपनी फिफ्टी जड़ी और टीम को जीत के करीब पहुंचाया। गुजरात को जीत के लिए 4 रनों की दरकार थी और सुदर्शन ने शॉट लगाकर मैच को खत्म करने की कोशिश की लेकिन डेवाल्ड ब्रेविस ने अद्भुत कैच लपक लिया और उन्हें 87 रनों के स्कोर पर मैदान से बाहर भेज दिया। उन्होंने इस दौरान 4 चौके और 7 छक्के जड़े। जोस बटलर 30 गेंदों पर 39 रन बनाकर नाबाद रहे और गुजरात को 8 विकेट से जीत दिलाई। चेन्नई के लिए अकील हुसैन और नूर अहमद को एक-एक सफलता मिली।

WORLD : ईरान-अमेरिका बातचीत पर सस्पेंस कायम, तीन दिन में अचानक दूसरी बार पाकिस्तान लौटे अब्बास अराघची, सोमवार को रूस जाएंगे

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रविवार को तीन दिनों में दूसरी बार पाकिस्तान पहुंचे। इससे पहले खबर आई थी कि वह अमेरिका से बिना बातचीत के पाकिस्तान से लौट गए हैं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रविवार को तीन दिनों में दूसरी बार पाकिस्तान पहुंचे। इससे पहले खबर आई थी कि वह अमेरिका से बिना बातचीत के पाकिस्तान से लौट गए हैं।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रविवार को तीन दिनों में दूसरी बार पाकिस्तान पहुंचे। इससे पहले खबर आई थी कि वह अमेरिका से बिना बातचीत के पाकिस्तान से लौट गए हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। स्थानीय मीडिया के अनुसार अराघची शनिवार को पाकिस्तान से रवाना हुए थे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, रक्षा प्रमुख आसिम मुनीर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची सोमवार को मॉस्को दौरे पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करेंगे। ईरान की समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार रूस में ईरान के राजदूत ने बताया कि अराघची पुतिन और अन्य रूसी अधिकारियों के साथ मौजूदा वार्ताओं, सीजफायर और हालिया घटनाक्रम पर चर्चा करेंगे।

रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान छोड़ने के बाद अराघची ओमान गए, जहां उन्होंने सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा और ईरान-अमेरिका संघर्ष को खत्म करने के कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा की। इसके बाद वह रविवार को रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पहुंचे।

पाकिस्तान की राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर वार्ता को फिर से शुरू कराने की कोशिश कर रहा है। अराघची शनिवार देर रात इस्लामाबाद से रवाना हुए थे, जिससे दूसरे दौर की बातचीत को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई थी, लेकिन वह दोबारा इस्लामाबाद लौट आए। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार पाकिस्तान के बाद उनका अगला दौरा मॉस्को का हो सकता है। ओमान पहले भी ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा चुका है और यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज के दूसरी ओर स्थित है।
शनिवार को इस्लामाबाद में होने वाली ईरान-पाकिस्तान वार्ता से पहले व्हाइट हाउस ने घोषणा की थी कि डोनाल्ड ट्रंप के शांति दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर आगे की बातचीत के लिए पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि बाद में ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि उन्होंने यह दौरा रद्द कर दिया, क्योंकि बिना किसी नतीजे के बैठकर बातचीत करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने तेहरान के रुख की आलोचना भी की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उनके इस फैसले के तुरंत बाद ईरान ने अपने प्रस्ताव में बदलाव किया।

NATIONAL : दिल्ली पहुंचे शिवकुमार, बेंगलुरु में सिद्धारमैया की सीक्रिट मीटिंग, कर्नाटक सीएम बदलने की अटकलें तेज

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कर्नाटक में एक बार फिर मुख्यमंत्री बदलने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दिल्ली पहुंचे हैं। वहीं कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया ने बेंगलुरु में अपने करीबियों के साथ बंद कमरे में बैठक की। हालांकी शीर्ष नेतृत्व ने कर्नाटक में किसी भी तरह के बदलाव से इनकार किया है।

बेंगलुरु : कर्नाटक कांग्रेस में इन दिनों तेज राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। एक तरफ उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और गांधी परिवार के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने बेंगलुरु में अपने समर्थकों के साथ बंद कमरे में अहम बैठक की। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, दावणगेरे उपचुनाव को लेकर उठा विवाद अब पार्टी के भीतर खींचतान का कारण बन गया है। कहा जा रहा है कि इस मुद्दे ने शिवकुमार खेमे को सिद्दारमैया समर्थकों के खिलाफ सक्रिय होने का मौका दिया है। वहीं, सिद्दारमैया खेमे की ओर से भी जल्द जवाबी रणनीति सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि, दोनों नेताओं ने पहले कई मौकों पर एकजुटता दिखाने की कोशिश की थी, जिसमें संयुक्त कार्यक्रम और नाश्ते की बैठकों जैसी पहल शामिल थीं। लेकिन हालिया घटनाक्रम से संकेत मिल रहे हैं कि उपचुनाव के नतीजों के बाद नेतृत्व को लेकर बहस फिर तेज हो सकती है।

इसी बीच, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने करीबी मंत्रियों के साथ एक अहम बैठक की, जबकि शिवकुमार अपने भाई डीके सुरेश के साथ दिल्ली रवाना हो गए। दोनों नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर एकजुटता दिखाई है, लेकिन उनके समर्थक विधायकों के बयानों में फर्क साफ नजर आ रहा है। सिद्दारमैया के बेटे और कांग्रेस एमएलसी यतींद्र सिद्दारमैया ने दावा किया कि उनके पिता पूरे पांच साल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे। वहीं, शिवकुमार समर्थक विधायकों का कहना है कि मौजूदा कार्यकाल में ही शिवकुमार मुख्यमंत्री बनेंगे।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान हाल तक पांच राज्यों के चुनावों में व्यस्त था। अब जब वे चुनाव लगभग खत्म हो चुके हैं तो शिवकुमार का दिल्ली पहुंचना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। दूसरी ओर, सिद्दारमैया ने बेंगलुरु के कनिंघम रोड स्थित एक निजी स्थान पर अपने विश्वस्त मंत्रियों के साथ बंद कमरे में बैठक की। इस बैठक में जी. परमेश्वर, के. एच. मुनियप्पा, सतीश जरकीहोली, जमीर अहमद खान और दिनेश गुंडू राव सहित कई मंत्री शामिल हुए।

बताया जा रहा है कि इस बैठक में कैबिनेट फेरबदल और पार्टी के अंदरूनी मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही यह चिंता भी जताई गई कि मुख्यमंत्री के करीबी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है और उनकी चुप्पी से स्थिति और जटिल हो रही है।

वहीं, दिल्ली में शिवकुमार ने कहा कि उन्हें इस बैठक की जानकारी नहीं है और उन्होंने यह भी कहा कि वे ‘कौन करीबी है और कौन नहीं’ इस तरह का भेद नहीं करते। उन्होंने संकेत दिए कि सरकार के तीन साल पूरे होने पर कैबिनेट फेरबदल हो सकता है और 20 मई से पहले कुछ ‘अप्रत्याशित घटनाक्रम’ भी हो सकते हैं। इससे पहले बजट के बाद सीएम सिद्दारमैया ने कहा था कि राज्य की जनता चाहती है कि वे मुख्यमंत्री बने रहें, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान का होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मौका मिला तो वे दो और बजट पेश करने के लिए तैयार हैं।

NATIONAL : ऑल वेदर तकनीक से लैस होगी जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन:30 अप्रैल से चलेगी, 6 घंटे में पूरा करेगी सफर; पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

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वंदे भारत ट्रेन में पहली बार ऐसी विंटराइजेशन (शीतकालीन) तकनीक का उपयोग किया गया है जो इसे माइनस डिग्री तापमान में भी सुचारू रूप से चलाने में सक्षम बनाएगी। -वंदे भारत ट्रेन में पहली बार ऐसी विंटराइजेशन (शीतकालीन) तकनीक का उपयोग किया गया है जो इसे माइनस डिग्री तापमान में भी सुचारू रूप से चलाने में सक्षम बनाएगी।

रेलवे ने जम्मू-कश्मीर के बर्फीले और ठंडे मौसम के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई वंदे भारत ट्रेन लॉन्च की है, जो 30 अप्रैल से जम्मू से श्रीनगर तक चलेगी। यह महज 6 घंटे में यह सुहाना सफर पूरा करेगी।

विशेष वंदे भारत ट्रेन में सिग्नेचर सेमी-हाई-स्पीड बरकरार रहेगी। इसमें पहली बार ऐसी विंटराइजेशन (शीतकालीन) तकनीक का उपयोग किया गया है जो इसे माइनस डिग्री तापमान में भी सुचारू रूप से चलाने में सक्षम बनाएगी। ट्रेन का जम्मू से श्रीनगर के लिए ट्रायल किया गया, जो 6 घंटे में श्रीनगर पहुंची।

नई वंदे भारत ट्रेन कई विशेषताओं से पूर्ण है-

ट्रेन में अत्याधुनिक हीटिंग सिस्टम

जम्मू-कश्मीर के बर्फीले मौसम को देखते हुए ट्रेन में कई अत्याधुनिक हीटिंग सिस्टम लगाए गए हैं। पहली बार पानी की पाइपलाइनों को जमने से बचाने के लिए सेल्फ-रेगुलेटिंग हीटिंग केबल का उपयोग किया गया है। ये केबल बाहरी तापमान के अनुसार अपनी गर्मी को घटा या बढ़ा सकती है।

पानी के टैंकों में 1800 वोल्ट के सिलिकॉन हीटिंग पैड लगाए गए हैं। साथ ही, बायो-टैंकों और सहायक टैंकों में भी विशेष हीटिंग व्यवस्था की गई है ताकि स्वच्छता प्रणाली प्रभावित न हो।

यात्रियों की सुविधा के लिए मुख्य एयर कंडीशनिंग यूनिट से विशेष डक्ट्स के जरिए शौचालयों तक गर्म हवा पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। भारतीय शैली के शौचालयों में हीटर और थर्मल इंसुलेशन लगाया गया है ताकि वैक्यूम निकासी प्रणाली काम करती रहे।

सीसीटीवी कैमरों से लैस है एसी 20 कोच वाली ट्रेन

इस ट्रेन की गति 160 किमी प्रति घंटे की होगी। पूरी तरह से एयरकंडीशन 20 कोच वाली ट्रेन स्वचालित प्लग दरवाजे और एलईडी लाइटिंग से लैस होगी। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और ऊर्जा बचाने वाली पुनर्योजी ब्रेकिंग प्रणाली लगी है।

जम्मू मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल का कहना है कि जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में इस विशेष वंदे भारत का संचालन पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की मांग को ध्यान में रखकर की गई है। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा प्रदान करना है।

WORLD : ‘ट्रंप पर तो गोली चलनी थी, भारत में भी ऐसा ही माहौल’, महाराष्ट्र से कांग्रेस विधायक का विवादित बयान

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन के डिनर में हुई गोलीबारी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को निशाने पर लिया। कांग्रेस नेता ने कहा कि उनके शासन करने के तरीके को देखते हुए ये होना ही था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने इसकी तुलना भारत से भी की। कांग्रेस के पांच बार के विधायक वडेट्टीवार ने कहा, “ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर अपना दबदबा बनाने और दूसरे देशों को अस्थिर करने की कोशिश की। जैसी करनी, वैसी भरनी… चूंकि चीजें वैसी नहीं हुईं जैसी उन्होंने उम्मीद की थी, इसलिए ऐसा होना ही था।”

उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप के फैसलों से अमेरिका को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने विवादित बयान देते हुए कहा कि भारत में भी लोगों का मिजाज कुछ अलग नहीं है। हालांकि, वडेट्टीवार ने किसी नेता या संवैधानिक पद का नाम लेने से परहेज किया।

उन्होंने कहा, “चूंकि यहां लोग सड़कों पर नहीं उतर रहे हैं, इसलिए यह भ्रम बना हुआ है कि सब कुछ ठीक है। लेकिन लोगों की भावना अभी भी वही है कि भारत को नुकसान पहुंचा है।”

वडेट्टीवार ने कहा कि गोलीबारी की घटना अपने आप में दुर्भाग्यपूर्ण थी। उन्होंने कहा, “इतने ऊंचे पद पर आसीन किसी व्यक्ति के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था। लेकिन जनता की प्रतिक्रिया अक्सर नेतृत्व के स्वरूप को दर्शाती है।”

NATIOANL : PM मोदी की रैली से पहले जगद्दल में भारी हिंसा, BJP-TMC के समर्थक आपस में भिड़े; बमबाजी में 3 घायल

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पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में प्रधानमंत्री मोदी की रैली से पहले भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच हिंसक झड़प हुई। जगद्दल में हुई इस हिंसा में पत्थरबाजी, बमबाजी और फायरिंग हुई। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी है।

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में रविवार रात को भारी हिंसा भड़क गई। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार को होने वाली जनसभा से कुछ घंटे पहले हुई। मामले में जगद्दल पुलिस स्टेशन के सामने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थक आपस में भिड़ गए। इस संघर्ष में पत्थरबाजी, बमबाजी और फायरिंग की खबरें सामने आई हैं।

हिंसा की शुरुआत प्रधानमंत्री के दौरे के लिए लगाए गए राजनीतिक झंडों और पोस्टरों को फाड़ने से हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने जगद्दल इलाके में उनके प्रचार सामग्री का अपमान किया। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक पुलिस स्टेशन के सामने जमा हो गए। वहां उनके बीच तीखी बहस हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। स्थानीय पुलिस इस स्थिति को संभालने में काफी मशक्कत करती दिखी।

इस संघर्ष के दौरान भाटपारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार और विधायक पवन सिंह के आवास पर बम फेंके गए। विधायक के घर पर हुए इस हमले से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। इस धमाके में तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह ने कहा कि यह विवाद पिछले दिन एक नुक्कड़ सभा के दौरान शुरू हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में टीएमसी के लोगों ने भाजपा के कार्यक्रमों में बाधा डाली। पवन सिंह के मुताबिक, जब वे पुलिस स्टेशन से शिकायत करके घर लौट रहे थे, तब उन पर पत्थरों और बमों से हमला किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान हुई फायरिंग में एक सीआईएसएफ (CISF) जवान के बाएं पैर में गोली लग गई।

दूसरी ओर, भाटपारा से टीएमसी उम्मीदवार अमित गुप्ता ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि विवाद अचला बागान वार्ड में शुरू हुआ था। उनके मुताबिक, टीएमसी कार्यकर्ता शांति से झंडे लगा रहे थे, तभी गुड्डू और पिंटू सिंह नाम के व्यक्तियों ने उनके कार्यकर्ता बिट्टू के साथ मारपीट की और पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की। अमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि जब वे शिकायत करने पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर स्टेशन के अंदर ही टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया।

प्रधानमंत्री की रैली को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अब हाई अलर्ट पर हैं। जगद्दल और भाटपारा इलाकों में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है ताकि हिंसा और न बढ़े। पुलिस ने बमबाजी और झड़पों के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगा रही हैं।

NAGPUR : बाबा बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री ने शिवाजी महाराज पर दिए बयान पर मांगी माफी, कहा- मेरे खिलाफ हुई साजिश

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महाराष्ट्र में विरोध के बीच बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज पर अपनी टिप्पणी को लेकर गहरा खेद जताते हुए कहा कि उनके बयान को सोशल मीडिया पर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान शास्त्री के छत्रपति शिवाजी महाराज के बयान पर विवाद खड़ा हो गया था।

नागपुर : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर बाबा) ने माफी मांगी है। नागपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज पर अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर विवाद पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि विवाद और मीडिया का ध्यान उनके भाग्य का हिस्सा बन गया है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि नागपुर में जब भी हम आते हैं, कुछ न कुछ हो ही जाता है। पिछली बार हमने कुछ नहीं कहा था, फिर भी विवाद खड़ा हो गया। इस बार हमने सम्मान के बारे में सकारात्मक बातें कीं कि छत्रपति शिवाजी महाराज कितने संत-तुल्य और समर्पित थे, लेकिन उन्हें गलत तरीके से पेश किया गया।

नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि शिवाजी महाराज युद्ध से थककर अपनी जिम्मेदारियां छोड़ना चाहते थे। वह अपने ‘गुरु’ समर्थ रामदास के पास मुकुट लेकर पहुंचे थे। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि शिवाजी महाराज के बारे में उनकी बातों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उन पर शिवाजी महाराज का अपमान करने के आरोप से उन्हें पीड़ा हुई है। उन्होंने कहा कि वह शिवाजी का अपमान करना तो दूर, सपने में भी किसी को छत्रपति शिवाजी महाराज की आलोचना करते नहीं देख सकते। उन्होंने कहा कि ‘हिंदू राष्ट्र’ का उनका संकल्प ‘हिंदवी स्वराज’ की अवधारणा से प्रेरित है।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वह छत्रपति शिवाजी महाराज की संतों, महंतों और देवी तुलजाभवानी के प्रति श्रद्धा को रेखांकित करना चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि समर्थ रामदास ने शिवाजी महाराज द्वारा दिए गए मुकुट को वापस उनके सिर पर रखकर उन्हें शासन जारी रखने की सलाह दी थी। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि कुछ लोग लगातार सनातन और संतों का विरोध करते रहे हैं। उनका मकसद संतों और महंत को नीचा दिखाना है। उन्होंने कहा कि यह भी संभव है कि इसके पीछे कोई साजिश हो, क्योंकि जो कोई पूरा बयान सुनेगा और सही अर्थ समझेगा, वह इसे गलत नहीं मानेगा।

हमने कुछ भी अनुचित नहीं कहा। हमने सम्मान व्यक्त करने के उद्देश्य से बात की थी। इसके बावजूद हमने खेद व्यक्त किया और माफी भी मांगी है। कुछ लोगों ने मेरी बातों को गलत तरीके से पेश किया। यदि मेरी बातों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं इसके लिए बेहद क्षमाप्रार्थी हूं। मैं चाहता हूं कि मेरे बयान को गलत ढंग से प्रस्तुत न किया जाए, क्योंकि मैं शिवाजी महाराज के लिए जीता और मरता हूं।

बाबा बागेश्वर धाम ने आस्था और अंधविश्वास के बीच के अंतर पर भी विस्तार से बात की। कहा कि आस्था और अंधविश्वास के बीच बहुत बारीक लकीर होती है। समझ पर आधारित विश्वास ही आस्था है, जबकि बिना समझ के किया गया विश्वास अंधविश्वास है। हम कभी यह नहीं कहते कि लोग हमारी पूजा करें। हर सभा और प्रवचन में हम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि हम लोगों को खुद से जोड़ने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें भगवान बालाजी हनुमान से जोड़ने के लिए हैं।

छत्रपति शिवाजी महाराज पर दिए गए बयान के संदर्भ को स्पष्ट करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि संदर्भ बिल्कुल अलग था। हम एक शिष्य की अपने गुरु के प्रति भक्ति के बारे में बात कर रहे थे। ठीक वैसे ही जैसे महाभारत में अर्जुन ने भगवान कृष्ण से कहा कि वह अपने ही लोगों से युद्ध नहीं करेंगे, तब कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया। हमने संतों और महान विभूतियों से सुना है कि छत्रपति शिवाजी महाराज की संतों के प्रति अगाध श्रद्धा और अपने गुरु समर्थ रामदास स्वामी के प्रति गहरी निष्ठा थी। हमने यह बात किसी का अपमान करने के लिए नहीं कही थी। हमारा उद्देश्य केवल उनकी महानता को उजागर करना था कि वे संतों के प्रति कितने गहरे रूप से समर्पित थे, लेकिन एक छोटा सा अंश संदर्भ से काटकर फैला दिया गया।

NATIONAL : भारत-न्यूजीलैंड के बीच सोमवार को होगा FTA साइन, व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

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भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच 27 अप्रैल को होने वाला FTA समझौता व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खोलते हुए दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को मजबूत करेगा।भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद दोनों देश 27 अप्रैल को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं। इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करना है।

यह समझौता पिछले साल 22 दिसंबर को बातचीत पूरी होने के करीब चार महीने बाद साइन किया जा रहा है। इस मौके पर भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के ट्रेड और इन्वेस्टमेंट मंत्री टॉड मैक्ले मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम का आयोजन भारत मंडपम में किया जाएगा।

इस समझौते से भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड के बाजार में बिना शुल्क के पहुंच मिलेगी। साथ ही अगले 15 साल में करीब 20 अरब डॉलर का निवेश आने की उम्मीद है। भारतीय पेशेवरों के लिए अस्थायी रोजगार वीजा की सुविधा भी बढ़ेगी। इसके अलावा दवाइयों और मेडिकल डिवाइस के निर्यात को भी आसान बनाया जाएगा।

दूसरी तरफ न्यूजीलैंड के करीब 95 प्रतिशत उत्पादों पर भारत टैरिफ कम या खत्म करेगा। इनमें ऊन, कोयला, लकड़ी, वाइन, एवोकाडो और ब्लूबेरी जैसे सामान शामिल हैं। हालांकि भारत ने अपने किसानों और घरेलू उद्योग को ध्यान में रखते हुए डेयरी, प्याज, चीनी, मसाले, खाद्य तेल और रबर जैसे उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा है।

इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में करीब 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा। यह निवेश मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, सेवाओं, इनोवेशन और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा।

दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में आपसी व्यापार को बढ़ाकर 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक हालात और पश्चिम एशिया के तनाव के कारण व्यापार प्रभावित हो रहा है। इससे भारत को ओशिनिया क्षेत्र में अपने निर्यात को बढ़ाने का मौका मिलेगा। इससे पहले भारत ऑस्ट्रेलिया के साथ भी इसी तरह का समझौता कर चुका है।

समझौते के तहत न्यूजीलैंड को कई उत्पादों पर शुल्क में राहत मिलेगी। इसमें कीवी फल और सेब के लिए कोटा आधारित टैरिफ कटौती शामिल है। इसके अलावा भेड़ का मांस, ऊन, कोयला और लकड़ी से जुड़े 95 प्रतिशत से ज्यादा उत्पादों को भारत में शुल्क मुक्त प्रवेश मिलेगा।

कुछ अन्य उत्पादों जैसे वाइन, समुद्री खाद्य पदार्थ, चेरी, एवोकाडो, पर्सिमन, बल्क इंफेंट फॉर्मूला, मनुका शहद और मिल्क एल्ब्यूमिन पर भी शुल्क में छूट दी जाएगी।

हालांकि भारत ने अपने किसानों और छोटे उद्योगों के हितों को ध्यान में रखते हुए डेयरी सेक्टर को इस समझौते से बाहर रखा है। दूध, क्रीम, व्हे, दही और पनीर जैसे उत्पादों पर कोई छूट नहीं दी जाएगी।

इसके अलावा कुछ अन्य संवेदनशील उत्पादों को भी इस समझौते में शामिल नहीं किया गया है। इनमें प्याज, चना, मटर, मक्का, बादाम, चीनी, कृत्रिम शहद, तेल, हथियार, रत्न और आभूषण, तांबा और एल्युमिनियम जैसे उत्पाद शामिल हैं।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए नए समझौते से सेवाओं, कृषि और व्यापार के कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड भारतीय पेशेवरों के लिए हर साल 5,000 वीजा का एक विशेष रास्ता खोलेगा। इन वीजा के जरिए लोग अधिकतम तीन साल तक वहां काम कर सकेंगे।

इस योजना में आयुष विशेषज्ञ, योग प्रशिक्षक, भारतीय शेफ और संगीत शिक्षक जैसे पारंपरिक पेशों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा आईटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, शिक्षा और निर्माण जैसे क्षेत्रों के पेशेवरों को भी अवसर मिलेगा। इससे दोनों देशों के बीच रोजगार और सेवाओं का आदान-प्रदान मजबूत होगा।

कृषि क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। न्यूजीलैंड की ओर से कीवी, सेब और शहद को लेकर एक विशेष एग्री-टेक एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। इसका मकसद भारतीय किसानों को बेहतर तकनीक, अच्छी पौध सामग्री और प्रशिक्षण देकर उनकी उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ाना है। इसके साथ ही फसल के बाद की प्रक्रिया, सप्लाई चेन और खाद्य सुरक्षा को भी बेहतर बनाया जाएगा।

समझौते में भौगोलिक संकेत यानी जीआई उत्पादों को लेकर भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। न्यूजीलैंड ने अपने कानून में बदलाव कर भारतीय वाइन और स्पिरिट्स के पंजीकरण को आसान बनाने का भरोसा दिया है।

व्यापार को आसान बनाने के लिए गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने पर भी सहमति बनी है। इसमें कस्टम प्रक्रिया को सरल करना, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े नियमों में सहयोग बढ़ाना और तकनीकी मानकों को बेहतर बनाना शामिल है।

फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को भी इस समझौते से फायदा मिलेगा। न्यूजीलैंड अब अमेरिका, यूरोप और ब्रिटेन जैसे देशों के मानकों को मान्यता देगा, जिससे भारतीय दवाओं और उपकरणों को वहां तेजी से मंजूरी मिल सकेगी। इससे भारतीय कंपनियों के लिए बाजार के नए रास्ते खुलेंगे।

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से दवा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। इस समझौते के बाद एक ही तरह की जांच बार-बार नहीं करनी पड़ेगी, जिससे कंपनियों का खर्च कम होगा और उत्पादों को मंजूरी जल्दी मिल सकेगी। इससे भारत से न्यूज़ीलैंड को दवाओं और मेडिकल उपकरणों का निर्यात बढ़ने की संभावना है।

सरकार अब तक कई देशों के साथ ऐसे समझौते कर चुकी है। यूएई के साथ मई 2022 में, ऑस्ट्रेलिया के साथ दिसंबर 2022 में और ब्रिटेन के साथ जुलाई 2025 में समझौता हुआ। इसके अलावा ईएफटीए समूह के साथ अक्टूबर 2025 में, ओमान के साथ दिसंबर 2025 में और यूरोपीय संघ के साथ जनवरी 2026 में बातचीत पूरी होने की घोषणा की गई। मॉरीशस के साथ समझौता अप्रैल 2021 से लागू है।

भारत ने अब तक फाइव आईज समूह के तीन देशों ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और न्यूज़ीलैंड के साथ व्यापार समझौते पूरे कर लिए हैं। इस समूह में अमेरिका और कनाडा भी शामिल हैं, जिनके साथ भारत की बातचीत अभी जारी है।

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच व्यापार की बात करें तो 2024-25 में दोनों देशों के बीच सामान का व्यापार करीब 1.3 अरब डॉलर रहा। वहीं 2024 में कुल व्यापार, जिसमें सेवाएं भी शामिल हैं, लगभग 2.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया। सेवाओं के क्षेत्र में यात्रा, आईटी और बिजनेस सेवाओं का सबसे ज्यादा योगदान रहा।

NATIONAL : पीएम मोदी का आज सिक्किम दौरा, खास समारोह में होंगे शामिल, देंगे 4000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की सौगात

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पीएम के दौरे के कार्यक्रम के अनुसार, पीएम मोदी दोपहर करीब 3 बजे गंगटोक पहुंचेंगे और लिबिंग हेलीपैड पर उतरने के तुरंत बाद लोक भवन तक रोड शो करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो दिवसीय दौरे पर सिक्किम पहुंचेंगे, जहां वे रोड शो करेंगे और राज्य स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के समापन समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान वह 4,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि पीएम मोदी के दौरे को देखते हुए राज्य की राजधानी और आसपास के इलाकों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

पीएम के दौरे के कार्यक्रम के अनुसार, पीएम मोदी दोपहर करीब 3 बजे गंगटोक पहुंचेंगे और लिबिंग हेलीपैड पर उतरने के तुरंत बाद लोक भवन तक रोड शो करेंगे। प्रधानमंत्री अगले दिन गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का दौरा करेंगे। राज्य की पारिस्थितिक और पुष्प विरासत को प्रदर्शित करने के लिए, सिक्किम राज्य स्थापना की स्वर्ण जयंती पर एक विश्व स्तरीय ऑर्किड अनुभव केंद्र के रूप में “स्वर्णजयंती मैत्री मंजरी पार्क” विकसित किया गया है।

पालजोर स्टेडियम में सिक्किम के 50वें राज्य स्थापना दिवस के समापन समारोह में भाग लेते हुए, वे राज्य भर में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, पर्यावरण, पर्यटन और कृषि सहित कई क्षेत्रों को कवर करती हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

पिछले वर्ष पालजोर स्टेडियम में सिक्किम के 50वें राज्य स्थापना दिवस के वर्षभर चलने वाले समारोह के उद्घाटन समारोह में मोदी को उपस्थित होना था, लेकिन खराब मौसम के कारण वे कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच सके। हालांकि, उन्होंने पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभा को संबोधित किया था।

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