Thursday, September 24, 2026
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BUSINESS : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में लगातार उछाल, 110 डॉलर के करीब पहुंचा ब्रेंट क्रूड

पश्चिम एशिया में जारी तनाव को खत्म करने के लिए ईरान द्वारा नए प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल कच्चे तेल की कीमत में कोई राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। ब्रेंट क्रूड आज 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी आज 97 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के पार जा पहुंचा। हालांकि बाद में कच्चे तेल की कीमत में मामूली गिरावट भी दर्ज की गई।

आज ब्रेंट क्रूड तेजी दिखाते हुए 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। थोड़ी देर में ही यह उछल कर 109.46 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। कुछ देर बाद इसकी चाल में गिरावट भी आई, जिसके कारण ब्रेंट लुढ़क कर 107.98 तक भी गिर गया। इसके बाद इसके भाव में दोबारा तेजी का रुख बनने लगा। भारतीय समय के अनुसार सुबह नौ बजे तक का कारोबार होने के बाद ब्रेंट क्रूड 0.90 प्रतिशत की तेजी के साथ 109.20 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड ने आज 96 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर 96.62 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। ओपनिंग के तुरंत बाद ये गिर कर थोड़ी देर के लिए 96.24 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आया, लेकिन इसके बाद इसकी चाल में तेजी आ गई। कुछ देर में ही यह उछल कर 97.55 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि बाद में इसके भाव में मामूली गिरावट भी दर्ज की गई। भारतीय समय के अनुसार सुबह नौ बजे डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.95 प्रतिशत की उछाल के साथ 97.29 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता के टल जाने और होर्मुज स्ट्रेट के मसले पर दोनों देशों के आमने सामने आ जाने की वजह से इस प्रमुख समुद्री रास्ते के जरिये होने वाली कच्चे तेल की सप्लाई अभी भी लगभग ठप पड़ी हुई है। ईरान ने हालांकि शांति वार्ता को दोबारा शुरू करने के लिए नया प्रस्ताव दिया है और अमेरिका ने भी उस प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही है। इसके बावजूद कच्चे तेल की कीमत में कोई गिरावट का रुख बनता हुआ नजर नहीं आ रहा है।

आपको बता दें कि फरवरी के अंत में पश्चिम एशिया में शुरू हुई इस जंग ने दुनिया के पेट्रोलियम बेस्ड एनर्जी मार्केट को हिला कर रख दिया है। इस जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट के लगभग बंद हो जाने से फारस की खाड़ी से होने वाली ऑयल और गैस की सप्लाई में जबरदस्त गिरावट आई है। अमेरीका ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए यहां नाकेबंदी कर रखी है। दूसरी ओर, ईरान अपनी ओर से होर्मुज को इंटरनेशनल ट्रैफिक के लिए बंद रखने की कोशिश में जुटा हुआ है।

पूरी दुनिया में होने वाली कच्चे तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा हॉर्मुज स्ट्रेट के जरिये होता है, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी जंग के कारण इसके लगभग ठप पड़ जाने से दुनिया भर में उथल-पुथल मच गई है और कच्चे तेल की कीमत में जबरदस्त उछाल आ गया। खासकर, डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत 70 प्रतिशत तक बढ़ गई।

फिलहाल अमेरिका और ईरान के बाच सीजफायर होने के बावजूद जानकारों का मानना है कि ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरी तरह से काम शुरू कर पाना मुश्किल है। जंग की वजह ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर का फिजिकल सिस्टम जल्दी ठीक नहीं होने वाला है। खासकर, जंग के कारण बंद हो गए तेल कुओं को फिर से शुरू करने, क्रू और जहाजों को दूसरी जगह भेजने और रिफाइनरी इन्वेंट्री को फिर से बनाने में काफी लंबा समय लगेगा।

टीएनवी फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ तारकेश्वर नाथ वैष्णव का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमत का लंबे समय तक बना रहना भारत के करंट अकाउंट डेफिसिट को बढ़ा सकता है। इसके साथ ही इसकी वजह से फिस्कल डेफिसिट टारगेट भी हिट हो सकता है। इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमत भारतीय मुद्रा को कमजोर कर सकती है, महंगाई को बढ़ा सकती है और फॉरेन कैपिटल आउटफ्लो (विदेशी पूंजी की निकासी) को और बढ़ा सकती है। इसी तरह अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव से स्टॉक मार्केट में अनिश्चितता आ सकती है, क्योंकि सरकार को सब्सिडी, इंटरेस्ट रेट और रुपया-डॉलर एक्सचेंज रेट पर पड़ने वाले असर के बारे में कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं।

NATIONAL : देशभर में हीटवेव का कहर: अप्रैल से जून तक 12 से अधिक राज्यों में पड़ेगी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, केंद्र ने जारी किया अलर्ट

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देश में बढ़ती भीषण गर्मी को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को अलर्ट जारी किया है। IMD के अनुसार कई हिस्सों में तापमान सामान्य से ज्यादा रहने और हीटवेव चलने की संभावना है, जिसे लेकर स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासन को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

देश में बढ़ती भीषण गर्मी को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। गर्मी के असर को कम करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव पुण्या सलीला श्रीवास्तव (Punya Salila Srivastava) ने 23 अप्रैल 2026 को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर तैयारियां मजबूत करने को कहा है।

इस पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि आने वाले महीनों में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। आईएमडी (IMD Alert) के ताजा पूर्वानुमान (barish kab hogi) के अनुसार अप्रैल से जून 2026 के बीच देश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है। खासकर पूर्व, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के साथ-साथ दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में हीटवेव के ज्यादा दिन देखने को मिल सकते हैं। ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में तेज गर्मी (Aaj Ka Mausam) का असर ज्यादा रहने की आशंका है। इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।

मौसम विभाग लगातार लोगों को सावधान रहने की सलाह दे रहा है। केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया है कि सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं। हीट स्ट्रोक प्रबंधन इकाइयों को सक्रिय रखा जाए और एंबुलेंस सेवाओं को पूरी तरह तैयार रखा जाए। साथ ही, लोगों को समय-समय पर चेतावनी और सलाह जारी करने को भी कहा गया है, ताकि वे गर्मी से बचाव कर सकें। सरकार ने यह भी कहा है कि हीट स्ट्रोक से जुड़े मामलों की जानकारी तुरंत मंत्रालय के पोर्टल पर अपलोड की जाए, ताकि हालात पर नजर रखी जा सके।

बेहतर योजना और समन्वय के जरिए ही इस चुनौती से निपटा जा सकता है। राज्यों से यह भी अपील की गई है कि वे अपनी तैयारियों की नियमित समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी व्यक्ति की जान लापरवाही के कारण न जाए। इस समय देश के कई हिस्सों में गर्मी (Kal Ka Mausam) ने पहले ही गंभीर रूप ले लिया है। उत्तर भारत, पश्चिम भारत और मध्य भारत के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। कुछ जगहों पर हालात और भी ज्यादा खराब हैं। बांदा में तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के सबसे अधिक तापमान में से एक है।

इसके अलावा अमरावती, वर्धा, जैसलमेर और अकोला जैसे शहरों में भी तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया गया है। बाड़मेर और खजुराहो में भी तेज गर्मी देखने को मिल रही है, जहां पारा 46 डिग्री के आसपास बना हुआ है। वहीं कोटा, चित्तौड़गढ़, झांसी, यवतमाल और चंद्रपुर जैसे शहरों में तापमान 45 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। चिंता की बात यह है कि कई जगहों पर तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है, जो हीटवेव की स्थिति को और गंभीर बनाता है। ऐसे में लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है।

राजधानी दिल्ली में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। यहां आज तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रिज इलाके में 43.8 डिग्री और सफदरजंग में करीब 42.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में भी राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। कुल मिलाकर अगर कहा जाए तो इस साल गर्मी का असर काफी ज्यादा देखने को मिल रहा है। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर स्थिति से निपटने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन लोगों को भी अपनी सुरक्षा के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

NATIONAL : पुणे रेलवे स्टेशन के पास वंदे भारत ट्रेन का एक कोच पटरी से उतरा, पुलिस-प्रशासन मौके पर

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पुणे रेलवे स्टेशन के पास वंदे भारत एक्सप्रेस का एक कोच पटरी से उतर गया है। इस घटना में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सभी यात्री सुरक्षित हैं। यह दुर्घटना तब हुई जब ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर पहुंच रही थी।

पुणे: महाराष्ट्र में पुणे रेलवे स्टेशन के पास वंदे भारत एक्सप्रेस के एक कोच के पटरी से उतरने की घटना हुई है। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से सोलापुर जा रही वंदे भारत ट्रेन का एक कोच पुणे रेलवे स्टेशन के पास पटरी से उतर गया। यह घटना तब हुई जब ट्रेन स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 की ओर बढ़ रही थी। गनीमत रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई। सुरक्षा के एहतियाती उपाय के तौर पर, ट्रेन में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। रेलवे प्रशासन की एक टीम मौके पर पहुंच गई है। प्रशासन फिलहाल पटरी से उतरे कोच को वापस पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है। अधिकारी युद्धस्तर पर मरम्मत का काम कर रहे हैं।

घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई है। रेलवे प्रशासन के साथ-साथ पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए हैं। सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से प्लेटफॉर्म नंबर 3 तक पहुंचाया जा रहा है। हालांकि इस अचानक हुई दुर्घटना में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्री स्वाभाविक रूप से इस बात को लेकर चिंतित हैं कि वे तय समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाएंगे। अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन कितनी जल्दी जरूरी मरम्मत का काम पूरा कर पाता है।

ट्रेन शाम 4:00 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से रवाना हुई थी। जैसे ही ट्रेन पुणे स्टेशन के करीब पहुंच रही थी और प्लेटफॉर्म नंबर 3 की ओर बढ़ रही थी। तभी उसका एक कोच पटरी से उतर गया। यह वंदे भारत एक्सप्रेस का छठा कोच था जो पटरी से फिसल गया। ट्रेन इस जगह पर लगभग दो से ढाई घंटे से फंसी हुई है। रेल प्रशासन पटरी से उतरे कोच को वापस पटरी पर लाने के लिए जोरदार कोशिशें कर रहा है।

SURAT : सूरत में फिल्मी अंदाज में बैंक लूट; बदमाशों ने हथियार के दम पर बनाया कर्मचारियों को बंधक, 50 लाख की नकदी लूटकर फरार

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सूरत के वराछा इलाके में दिनदहाड़े बैंक लूट की बड़ी वारदात सामने आई है, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया। हथियारबंद बदमाशों ने एसबीआई शाखा में घुसकर कर्मचारियों को बंधक बनाया और करीब 50 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए।

सूरत के वराछा इलाके में दिनदहाड़े हुई बैंक लूट की घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। लांबे हनुमान रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा में 5 से 6 हथियारबंद बदमाशों ने घुसकर करीब 50 लाख रुपये की नकदी लूट ली। बदमाशों के पास पिस्तौल थी, जिसके दम पर उन्होंने बैंक के कैशियर और अन्य कर्मचारियों को बंधक बना लिया और वारदात को अंजाम दिया।

डीसीपी आलोक कुमार के मुताबिक, लूट की यह वारदात बेहद सुनियोजित तरीके से की गई। बदमाशों ने उस समय बैंक को निशाना बनाया, जब CMS (कैश मैनेजमेंट सर्विस) की गाड़ी के जरिए नकदी जमा करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान उन्होंने मौके का फायदा उठाकर बैंक में प्रवेश किया और कर्मचारियों को हथियार दिखाकर काबू में कर लिया। इतना ही नहीं, बदमाशों ने स्टाफ के मोबाइल फोन भी छीन लिए, ताकि वे तुरंत पुलिस को सूचना न दे सकें।

लूट की खास बात यह रही कि पूरी घटना बैंक के अंदर ही इतनी खामोशी से अंजाम दी गई कि बाहर मौजूद कैश वैन के कर्मचारियों को भी इसकी भनक तक नहीं लगी। कैश वैन के कर्मचारी शिवपूजन सिंह ने बताया कि जब तक उन्हें घटना की जानकारी मिली, तब तक लुटेरे फरार हो चुके थे। उन्होंने कहा कि न तो कोई भागता हुआ दिखाई दिया और न ही कोई शोर या सायरन सुनाई दिया, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आरोपी अंदरूनी हिस्से से ही आए और वहीं से निकल गए।

बताया जा रहा है कि, पांचों आरोपियों विमल के बैग में 50 लाख रुपये भर के निकल गए। मेट्रो के काम चलने की वजह से आस-पास की दुकानें खाली करवा दी गई थीं, इसलिए बैंक में लोगों की आवाजाही बहुत कम थी। सिक्योरिटी गार्ड से पूछताछ की जा रही है। डर के मारे सिक्योरिटी गार्ड भी नीचे बैठ गया था, इसलिए इस समय उससे भी पूछताछ की जा रही है।

घटना के बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। वराछा, पुणा, कापोद्रा और सरथाणा पुलिस स्टेशन समेत कई टीमों ने इलाके को घेर लिया है और शहरभर में नाकाबंदी कर दी गई है। बैंक और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। शुरुआती जांच में आरोपियों के चेहरे कैमरे में कैद हुए हैं, हालांकि एक-दो चेहरों की पहचान कैमरा एंगल के कारण स्पष्ट नहीं हो पाई है। डीसीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि लुटेरों द्वारा बुरखा पहनने की जो बातें सामने आ रही थीं, वह गलत हैं। किसी भी आरोपी ने बुरखा नहीं पहना था। पुलिस का कहना है कि यह संगठित गिरोह का काम लगता है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

NATIONAL : फीस के लिए प्रिंसिपल ने छात्र की मां को ‘शटअप’ कहा, अब FIR के साथ स्कूल की मान्यता रद्द होने का खतरा

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हरदोई के सनबीम स्कूल की प्रिंसिपल ममता मिश्रा का एक वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. महंगी कॉपी-किताबों के दबाव और अभिभावक से अभद्रता के मामले में अब स्कूल पर मुकदमा दर्ज करने और मान्यता खत्म करने की तैयारी चल रही है.

हरदोई के कैनाल रोड स्थित सनबीम स्कूल में 24 अप्रैल को प्रिंसिपल ममता मिश्रा और एक महिला अभिभावक नीलम वर्मा के बीच कॉपी-किताब खरीदने और फीस को लेकर विवाद हुआ था. प्रिंसिपल ने महिला पर चिल्लाते हुए ‘शटअप’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया और अभद्रता की. वीडियो वायरल होने के बाद 27 अप्रैल को बीएसए डॉ. अजीत सिंह ने पुलिस और साइबर टीम के साथ स्कूल में छापेमारी की. जांच के दौरान प्रिंसिपल ने अपनी भाषा के लिए माफी मांग ली, लेकिन जिला प्रशासन ने इसे गंभीर माना है. बीएसए ने अब नगर खंड शिक्षा अधिकारी को मामले में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं और जांच पूरी होने तक प्रिंसिपल के स्कूल जाने पर भी रोक लगा दी गई है.

पीड़िता नीलम वर्मा का आरोप है कि स्कूल प्रशासन उन पर महंगी कॉपियां खरीदने का दबाव बना रहा था और उनकी बेटी को होमवर्क नहीं दिया जा रहा था. जब वह प्रिंसिपल से मोहलत मांगने पहुंचीं, तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया. हालांकि, प्रिंसिपल ममता मिश्रा ने इन आरोपों को षड्यंत्र बताया. उन्होंने दावा किया कि फीस न देने के बहाने यह सब किया गया. प्रिंसिपल के अनुसार, उस समय वैक्सीनेशन के दौरान एक बच्ची के बेहोश होने की खबर से वह तनाव में थीं, इसलिए उन्होंने चिल्लाया.

इस घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया. छात्र नेता अर्पण कुशवाहा ने मांग की कि फीस वृद्धि और कॉपी-किताबों के लिए मजबूर करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. भारी दबाव और नारेबाजी के बीच प्रिंसिपल ममता मिश्रा को कैमरे के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ी. उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह नहीं चिल्लाना चाहिए था और वह अपनी गलती के लिए शर्मिंदा हैं.

बीएसए डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि जांच टीम ने स्कूल का निरीक्षण कर सीसीटीवी फुटेज (DVR) और रजिस्टर अपने कब्जे में ले लिए हैं. शिक्षकों और बच्चों से भी पूछताछ की गई है. बीएसए के अनुसार, जांच में कई कमियां पाई गई हैं और स्कूल की मान्यता खत्म करने के लिए नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी निजी स्कूल को अभिभावकों का शोषण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और पुस्तक भंडारों के साथ स्कूल के साठगांठ की भी जांच होगी.

इस विवाद ने एक बार फिर निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है. अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल अपनी मर्जी के स्टोर्स से सामान खरीदने के लिए मजबूर करते हैं. हरदोई प्रशासन ने अब पूरे जनपद के निजी स्कूलों पर नजर रखने की बात कही है. फिलहाल, सनबीम स्कूल की प्रिंसिपल की एंट्री बैन कर दी गई है और जांच कमेटी की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है.

NATIONAL : राघव चड्ढा का नया VIDEO, बताया- पार्टी छोड़ने के बाद सिर्फ 3 ऑप्शन बचे थे

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आम आदमी पार्टी छोड़कर 7 सांसदों के समर्थन के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक नया वीडियो जारी किया है. वीडियो में राघव चड्ढा ने अपने फैसले के पीछे की वजहों को विस्तार से बताया है. उन्होंने कहा कि बीते तीन दिनों में उन्हें बड़ी संख्या में संदेश मिले, जिनमें कुछ ने बधाई दी तो कई लोगों ने पार्टी छोड़ने का कारण जानना चाहा.

राघव चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी अब पहले जैसी पार्टी नहीं रही. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में काम करने और राज्यसभा में बोलने तक से रोका गया. उनका कहना है कि पार्टी अब चंद भ्रष्ट और कंप्रोमाइज्ड लोगों तक सीमित हो गई है, जिनका मकसद देश सेवा नहीं बल्कि निजी स्वार्थ है. राघव ने दावा किया कि वे लंबे समय से गलत पार्टी में सही आदमी होने का एहसास कर रहे थे.

वीडियो में राघव चड्ढा ने बताया कि उनके सामने तीन विकल्प थे—राजनीति छोड़ना, पार्टी में रहकर सुधार की कोशिश करना या किसी दूसरी पार्टी के साथ सकारात्मक राजनीति करना. अंत में उन्होंने बताया कि अकेले नहीं बल्कि कुल 7 सांसदों ने मिलकर आम आदमी पार्टी छोड़ने का फैसला किया. राघव चड्ढा ने भरोसा दिलाया कि वह पहले की तरह जनता के मुद्दे संसद में मजबूती से उठाते रहेंगे.

UP : यूपी के बांदा के बाद अब महाराष्ट्र के अकोला का बढ़ा तापमान, बारमेड़, जैसलमेर में पारा 46 पार

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महाराष्ट्र के अकोला में तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस पहुँच गया है, जबकि राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर में भी पारा 46 डिग्री के पार है.देशभर में अप्रैल महीने के अंत में ही सूरज ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया है. उत्तर प्रदेश के बांदा में बीते दिनों भीषण गर्मी का कहर देखने के बाद, अब मौसम का सबसे गर्म केंद्र महाराष्ट्र और पश्चिमी राजस्थान की तरफ शिफ्ट हो गया है. महाराष्ट्र के अकोला में जहां तापमान ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, वहीं राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर और जैसलमेर भट्टी की तरह सुलग रहे हैं और यहाँ पारा 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच गया है.

मौसम विभाग (IMD) द्वारा रविवार, 26 अप्रैल को जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 से 46 डिग्री के बीच बना हुआ है. फिलहाल पूरे देश में सबसे ज्यादा गर्मी महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र स्थित अकोला में दर्ज की गई है. यहाँ आसमान से ऐसी आग बरसी कि अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस के खतरनाक स्तर तक पहुँच गया.

सबसे खौफनाक मंजर मरुस्थलीय राज्य राजस्थान का है. यहां गर्मी और भीषण लू (हीटवेव) ने आम जनजीवन को पूरी तरह झुलसा दिया है. तपती रेत और गर्म हवाओं ने सीमावर्ती जिलों को हीट मैप के ‘डार्क रेड जोन’ में धकेल दिया है.

बाड़मेर: यहां गर्मी अपने चरम पर है. बाड़मेर का अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. सुबह 9 बजे के बाद से ही सूरज की किरणें चुभने लगती हैं और दोपहर होते-होते लू के तीखे थपेड़े लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर देते हैं.

जैसलमेर: ‘स्वर्ण नगरी’ के नाम से मशहूर जैसलमेर का हाल भी बेहाल है. यहाँ पारा 46.0 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया है. तपती रेत से उठने वाली भयंकर गर्म हवाओं ने शहर से लेकर गांवों तक अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात पैदा कर दिए हैं.

बाड़मेर और जैसलमेर में दिन के साथ-साथ रात का न्यूनतम तापमान (लगभग 29.5°C – 30.2°C) भी अधिक बना हुआ है, जिससे लोगों को रात में भी इस उमस और झुलसाती गर्मी से कोई खास राहत नहीं मिल रही है.

हीट मैप के लाल होते नक्शे और इस जानलेवा गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है. आम जनता से सख्त अपील की गई है कि वे दोपहर के समय बिना किसी अति आवश्यक काम के धूप में न निकलें. लू से बचने के लिए सिर ढक कर रखें, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और शरीर में पानी की कमी न होने दें.

ENTERTAINMENT : रणवीर का माफीनामा स्वीकार, मगर चामुंडेश्वरी मंदिर जाना होगा, हाईकोर्ट का आदेश

कर्नाटक हाई कोर्ट ने ‘कांतारा मिमिक्री केस’ में रणवीर सिंह की बिना शर्त माफी स्वीकार कर ली है. कोर्ट ने उन्हें मैसूर के चामुंडेश्वरी मंदिर जाने का निर्देश भी दिया.

धुरंधर एक्टर रणवीर सिंह की मुश्किलों पर आखिरकार फुल स्टॉप लगता दिख रहा है. कर्नाटक हाई कोर्ट ने ‘कांतारा मिमिक्री केस’ में रणवीर की बिना शर्त माफी स्वीकार कर ली है. शनिवार, 25 अप्रैल को उन्होंने एफिडेविट दाखिल किया था. नए हलफनामे को देखते हुए कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि अब इस मामले को खत्म किया जा सकता है.

कोर्ट ने रणवीर सिंह को अगले चार हफ्तों के अंदर मैसूर के चामुंडेश्वरी मंदिर जाने का भी निर्देश दिया है. हालांकि अभी तक इस पर रणवीर का ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं आया है कि वो कब दर्शन करने जाने वाले हैं.

कोर्ट में रणवीर सिंह की उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी. ये एफआईआर उन्होंने गोवा में हुए 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया के दौरान फिल्म कांतारा: चैप्टर 1 में ऋषभ शेट्टी के किरदार की मिमिक्री करने को लेकर दर्ज की गई थी. उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई और चामुंडेश्वरी देवी को ‘महिला भूत’ कह दिया.

इससे पहले 10 अप्रैल को रणवीर सिंह ने हाई कोर्ट से कहा था कि वो शिकायतकर्ता के साथ बैठकर माफी वाले हलफनामे की भाषा पर काम करेंगे.शिकायतकर्ता का कहना था कि पहले दिया गया हलफनामा सच्चा पछतावा नहीं दिखाता. दरअसल, इवेंट के दौरान रणवीर सिंह फिल्म की तारीफ करते हुए गलती से ‘दैव’ को ‘भूत’ कह बैठे थे. उन्होंने कहा था कि- मैंने कांतारा देखी, ऋषभ, आपका परफॉर्मेंस शानदार था, खासकर जब ‘महिला भूत’ (चामुंडी दैव) आपके शरीर में प्रवेश करता है.

इसके बाद उन्होंने ऋषभ शेट्टी के उस किरदार की नकल भी की, जो कर्नाटक की ‘भूता कोला’ परंपरा का अहम हिस्सा है. हालांकि रणवीर सिंह ने बाद में इंस्टाग्राम पर माफी भी मांगी थी, लेकिन एक हिंदू संगठन के सदस्य ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें दैवों के अपमान का आरोप लगाया गया.

इसके बाद रणवीर सिंह ने फरवरी में हाई कोर्ट का रुख किया और राहत की मांग की. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 196, 299 और 302 के तहत मामला दर्ज किया गया था, जो समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और जानबूझकर अपमानजनक बयान देने से जुड़ी हैं.

LIFESTYLE : गर्मी में बिजली बिल की टेंशन खत्म! एसी और फ्रिज के इस्तेमाल में अपनाएं ये 5 सीक्रेट ट्रिक्स

How to Reduce Electricity Bill: गर्मी में AC, कूलर और फ्रिज का ज्यादा इस्तेमाल होने से बिजली बिल बढ़ता है, लेकिन सही तरीके अपनाकर इसे कम किया जा सकता है. जानिए कुछ जरूरी बातें.

गर्मी का मौसम आने के बाद घरों में AC, कूलर और फ्रिज का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ जाता है, जिसके कारण बिजली का बिल भी ज्यादा आने लगता है. ऐसे में काफी लोगों को यही लगता है कि ज्यादा बिल आने का कारण सिर्फ ज्यादा इस्तेमाल करना है. सच तो यह है कि हमारे इस्तेमाल करने का तरीका भी ज्यादा बिल आने का कारण होता है, लेकिन अगर हम अपनी कुछ आदतों को बदल दें तो आपका बिजली का बिल कम आ सकता है.

गर्मी से राहत पाने के लिए AC सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है, लेकिन लोगों को यह नहीं पता होता कि इसे सही तरीके से चलाते कैसे है. कुछ ध्यान रखने वाली बातें जैसे…

याद रखें कि AC को 16-18°C पर चलाने से बचें, क्योंकि इससे कंप्रेसर पर ज्यादा दबाव पड़ने लगता है.
24-26°C का तापमान सबसे सही और किफायती माना जाता है.
जब भी आप AC चलाते है उस दौरान दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें.
AC के साथ पंखा चलाने से ठंडी हवा तेजी से फैलती है और कमरा जल्दी ठंडा हो जाता है.
AC के फिल्टर की नियमित सफाई करें, क्योंकि अगर फिल्टर गंदा होगा तो AC ज्यादा बिजली खींचने लगता है.
फ्रिज इस्तेमाल करने में ये गलतियां न करें

फ्रिज एक ऐसा उपकरण है जो 24 घंटे चलता है, इसलिए इसमें जरा सी भी लापरवाही बिल बढ़ा सकती है. ध्यान रखें खास बातें जैसे….

बार-बार फ्रिज का दरवाजा न खोलें, इससे फ्रिज की कूलिंग पर असर पड़ेगा.
फ्रिज का तापमान मीजियम पर रखें.
जब भी खाना गर्म हो उसे फ्रिज में न रखें.
खाने को पहले सामान्य तापमान पर ठंडा होने दें, फिर फ्रिज में रखें.
कूलर चलाने का सही तरीका क्या है?

कूलर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो कम बिजली में अच्छी ठंडक देता है.

ध्यान रहें कि कूलर को कभी भी बंद कमरे में न चलाएं.
इसे ऐसी जगह रखना चाहिए जहां से ताजी हवा आ सके ताकि क्रॉस वेंटिलेशन हो.
कूलिंग पैड्स की सफाई करें और अगर आपको लगता है कि बदलने की जरूरत है तो बदल दें.
पानी की टंकी और पंप की नियमित जांच करें.
सही मेंटेनेंस से कूलर कम स्पीड पर भी अच्छी कूलिंग देता है.

NATIONAL : अकोला में तापमान 46.9°C दर्ज किया गया, जबकि महाराष्ट्र लू की चपेट में है।

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पुणे में, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की शिवाजीनगर वेधशाला में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रकाशन तिथि: 27 अप्रैल, 2026, सुबह 4:04 बजे (भारतीय मानक समय)

शनिवार को भी महाराष्ट्र के बड़े हिस्से भीषण लू की चपेट में रहे, जहां पुणे और विदर्भ क्षेत्र के कई जिलों में गर्मी के मौसम का अब तक का सबसे अधिक दिन का तापमान दर्ज किया गया।

पुणे में, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की शिवाजीनगर वेधशाला में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस गर्मी का अब तक का सबसे अधिक तापमान है और सामान्य से 3.1 डिग्री सेल्सियस अधिक है। लोहेगांव वेधशाला में इससे भी अधिक 42.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो लगातार दूसरा दिन है जब इस क्षेत्र में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा है।

पुणे जिले के लगभग पूरे हिस्से में भीषण गर्मी पड़ रही है, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कम से कम 12 मौसम निगरानी केंद्रों ने 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान दर्ज किया है। इनमें दुदुलगांव और शिवाजीनगर में 41.8 डिग्री सेल्सियस, उसके बाद दौंड में 41.5 डिग्री सेल्सियस और बारामती में 41.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। जिले का सबसे कम दिन का तापमान मालिन में 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

शनिवार को महाराष्ट्र में अकोला सबसे गर्म स्थान बनकर उभरा, जहां पारा 46.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। विदर्भ के अन्य जिलों में भी भीषण गर्मी देखी गई, जिससे लंबे समय तक गर्मी के संपर्क में रहने और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।मौसम विज्ञानियों के अनुसार, महाराष्ट्र के आंतरिक भाग में प्रचलित वायुमंडलीय स्थितियों के कारण ही यह भीषण गर्मी की लहर चल रही है।

पुणे स्थित आईएमडी के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एसडी सनप ने कहा कि महाराष्ट्र के आंतरिक भाग और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद प्रतिचक्रवाती परिसंचरण तापमान में तीव्र वृद्धि के लिए जिम्मेदार है।”ऐसी परिस्थितियों में, हवा नीचे की ओर धंसती है और संकुचित होती है, जिससे आसमान साफ ​​हो जाता है और सतह तक अधिक सौर विकिरण पहुंच पाता है। हवा का प्रवाह भी अपेक्षाकृत कमजोर होता है, और यह तापमान में वृद्धि का कारण बनता है,” सनाप ने समझाया।

उन्होंने आगे कहा कि हालांकि निकट भविष्य में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है, लेकिन अगले दो दिनों में थोड़ी राहत मिल सकती है।सनाप ने कहा, “अगले 48 घंटों के बाद हालात में सुधार होने की संभावना है, और अधिकतम तापमान में लगभग 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है।”

इस बीच, मुंबई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने 27 अप्रैल के लिए अकोला, अमरावती और वर्धा जिलों में लू की स्थिति को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के शेष हिस्सों के लिए अभी तक कोई रंग-कोडित चेतावनी जारी नहीं की गई है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने निवासियों को दोपहर के चरम समय के दौरान सीधे धूप में लंबे समय तक रहने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और निर्जलीकरण, गर्मी से थकावट और हीटस्ट्रोक जैसी गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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