Monday, April 6, 2026
Home Blog Page 169

NATIONAL : दिवाली की रात खौफ का सफर… इंस्टाग्राम पर छलका बेंगलुरु की महिला का दर्द, FIR के बाद भी कैब ड्राइवर अब तक फरार

0

बेंगलुरु की एक महिला ने एक कैब ड्राइवर पर यौन उत्पीड़न की कोशिश का आरोप लगाया है. FIR और कोर्ट में बयान के बावजूद पुलिस कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने सोशल मीडिया के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई है.दिवाली की रात जब पूरा शहर उत्सव मना रहा था, तब बेंगलुरु की एक महिला अपनी जिंदगी के सबसे भयानक अनुभव से गुजर रही थी. एक कैब ड्राइवर ने ‘तकनीकी खराबी’ का बहाना बनाकर न सिर्फ गाड़ी रोकी, बल्कि पिछली सीट पर आकर पीड़िता के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की.

बेंगलुरु की महिला का आरोप है कि 21 अक्टूबर 2025 को दीवाली की रात जब वह घर लौट रही थी, तो एक कैब ड्राइवर ने उसके साथ यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की. पीड़िता के बयान के अनुसार, कैब ड्राइवर ने अचानक गाड़ी रोक दी, यह कहते हुए कि कोई टेक्निकल दिक्कत आ गई है और फिर पिछली सीट पर आकर उसके साथ हमला करने की कोशिश की. उसने बताया कि ड्राइवर नशे में लग रहा था और उसका यौन शोषण करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वह उसे धक्का देकर भागने में कामयाब रही और मदद के लिए चिल्लाते हुए सड़क पर आ गई.

ड्राइवर ने थोड़ी देर तक उसका पीछा किया, जिसके बाद एक दोपहिया वाहन चालक और एक महिला उसकी मदद के लिए आए और उसे घर छोड़ा.पीड़िता ने बताया कि उसने अगले ही दिन शिकायत दर्ज कराई और 11 नवंबर को कोर्ट में अपना बयान रिकॉर्ड कराया, लेकिन उसके बाद से उसे अब तक पुलिस से कोई अपडेट नहीं मिला है.

पीड़िता ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में अपनी आपबीती बताई. उसने उस ट्रॉमा के बारे में भी बात की, जिसका वह अभी भी सामना कर रही है और दावा किया कि इस घटना के कारण उसे गंभीर तनाव, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और कैब या ऑटो इस्तेमाल करने का डर सता रहा है.

NATIONAL : ब्याज पर पैसे बांटना, 3 मकान, तीन ऑटो और एक कार… ऐसी जिंदगी है करोड़पति भिखारी मांगीलाल की

0

इंदौर के सर्राफा बाजार में लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी, पीठ पर टंगा बैग और हाथों में जूते लेकर घिसटकर चलता मांगीलाल जिसे भी दिखाई देता, वह सहानुभूति में उसे पैसे दे देता. लेकिन यही मांगीलाल तीन पक्के मकानों, तीन ऑटो और एक डिजायर कार का मालिक है. इतना ही नहीं, वह लोगों को ब्याज पर पैसा भी देता था. इस खुलासे ने सबको चौंका दिया.

मध्य प्रदेश के इंदौर में सालों से लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी पर घूम-घूमकर भीख मांगने वाला एक विकलांग भिखारी तीन पक्के मकानों, ऑटो और एक कार का मालिक निकला. इस भिखारी का नाम है मांगीलाल. यह पूरा मामला तब सामने आया जब महिला एवं बाल विकास विभाग की रेस्क्यू टीम ने लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर सराफा क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए मांगीलाल को रेस्क्यू किया और उससे पूछताछ हुई. इसके बाद चौंकाने वाले खुलासे हुए.

सर्राफा बाजार क्षेत्र में नियमित रूप से आने-जाने वाले लगभग सभी लोग मांगीलाल को पहचानते हैं. लकड़ी की बनी फिसलने वाली गाड़ी, पीठ पर टंगा बैग और हाथों में जूते के सहारे घिसटते हुए चलना. यह दृश्य वर्षों से सराफा बाजार में आम था. पहली नजर में मांगीलाल को देखकर हर व्यक्ति के मन में सहानुभूति जागती थी और लोग बिना कुछ सोचे-समझे उसे पैसे दे देते थे. मांगीलाल खुद को बेहद असहाय और मजबूर दिखाता था. न तो किसी से जबरदस्ती करता था और न ही ऊँची आवाज में कुछ कहता था. वह चुपचाप लोगों के पास जाता, और उसकी विकलांगता देखकर लोग स्वयं ही उसे भीख दे देते थे.

रेस्क्यू के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि मांगीलाल को उसकी विकलांगता को देखते हुए शासन द्वारा रेड क्रॉस सोसायटी की मदद से 1 बीएचके मकान पहले ही उपलब्ध कराया जा चुका था. वह अलवास क्षेत्र में स्थित आश्रम में भी रह चुका था. बावजूद इसके, उसने भीख मांगने को ही अपनी आजीविका का साधन बनाए रखा.

रेस्क्यू टीम द्वारा की गई जांच में मांगीलाल की संपत्ति का जो ब्योरा सामने आया, वह चौंकाने वाला है. मांगीलाल के पास कुल तीन पक्के मकान हैं. भगत सिंह नगर में 16×45 फीट का तीन मंजिला पक्का मकान, शिवनगर क्षेत्र में लगभग 600 स्क्वायर फीट में बना दूसरा पक्का मकान तथा अलवास क्षेत्र में 10×20 फीट का एक 1 बीएचके मकान. इन संपत्तियों की कीमत लाखों नहीं, बल्कि मौजूदा बाजार दर के अनुसार करोड़ों में आंकी जा रही है.

सिर्फ मकान ही नहीं, मांगीलाल के पास तीन ऑटो रिक्शा भी हैं, जिन्हें वह किराए पर चलवाता है. इसके अलावा उसके पास एक डिजायर फोर व्हीलर कार भी है. खास बात यह है कि मांगीलाल स्वयं इस कार का उपयोग नहीं करता, बल्कि इसे भी किराए पर चलवाता है.पूछताछ में मांगीलाल ने यह भी स्वीकार किया कि उसने सराफा क्षेत्र के कई लोगों को ब्याज पर पैसे दे रखे हैं. उसका कहना था कि वह रोज सराफा सिर्फ भीख मांगने नहीं, बल्कि ब्याज की रकम वसूलने भी जाता है. मांगीलाल के अनुसार, उसे प्रतिदिन ब्याज और भिक्षा मिलाकर 400 से 500 रुपये तक की आमदनी हो जाती है.

रेस्क्यू के दौरान मांगीलाल ने अपनी सफाई में कहा कि वह किसी से जबरदस्ती भीख नहीं मांगता. उसके अनुसार, लोग उसकी हालत देखकर स्वयं पैसे दे देते हैं. उसने यह भी कहा कि वह किसी को मजबूर नहीं करता और न ही किसी तरह का दबाव बनाता है. हालांकि प्रशासन का मानना है कि भले ही जबरदस्ती न हो, लेकिन झूठी मजबूरी और असहायता दिखाकर भीख मांगना भी अपराध की श्रेणी में आता है, खासकर तब जब व्यक्ति संपन्न हो. रेस्क्यू दल के नोडल अधिकारी दिनेश मिश्रा ने बताया कि सराफा क्षेत्र से मांगीलाल के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं. लोगों का कहना था कि वह वर्षों से भीख मांग रहा है, जबकि उसकी जीवनशैली और गतिविधियां संदेह पैदा करती थीं. इन्हीं शिकायतों के आधार पर भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे रेस्क्यू किया है. आगे की कार्रवाई शासन के निर्देशानुसार की जाएगी.

इस पूरे मामले पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रजनीश सिन्हा ने कहा कि भिक्षावृत्ति के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति भिक्षावृत्ति करेगा या इसे बढ़ावा देगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों से समाज में गलत संदेश जाता है और वास्तव में जरूरतमंद लोगों के हक पर भी असर पड़ता है.

NATIONAL : ड्राइवर की कोशिशें नाकाम, बस पलटते ही मचा कोहराम, 7 बारातियों की मौत

0

झारखंड के लातेहार जिले में बारातियों से भरी बस पलटने से बड़ा हादसा हो गया. इस दुर्घटना में पांच महिलाओं समेत सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं. हादसा महुआडांड़ थाना क्षेत्र के ओरसा बंग्लादारा घाटी में हुआ. 32 घायलों को रिम्स रांची रेफर किया गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं.

झारखंड में शादी की खुशियां मातम में बदल गई. लातेहार जिले में रविवार को ऐसा भीषण हादसा हुआ, जिसने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. बारातियों से भरी एक बस ओरसा बंग्लादारा घाटी में अनियंत्रित होकर पलट गई. हादसे में पांच महिलाओं समेत सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 से ज्यादा लोग घायल हो गए.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक यह दुर्घटना महुआडांड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत ओरसा बंग्लादारा घाटी में हुई. पुलिस के अनुसार, बस छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से लातेहार के महुआडांड़ में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रही थी. बस में करीब 90 यात्री सवार थे.लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया कि बस पलटने के तुरंत बाद पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें चार महिलाएं शामिल थीं. बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में दो और लोगों की मौत हो गई. हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

घायलों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया. उपमंडल पदाधिकारी (SDM) विपिन कुमार दुबे के मुताबिक, 60 घायल महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराए गए हैं, जबकि 20 से अधिक घायलों को एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है. इनमें से 32 गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया गया है.

मृतकों की पहचान रेशंती देवी (35), प्रेमा देवी (37), सीता देवी (45), सोनामती देवी (55), सुखना भुइयां (40) और विजय भुइयां के रूप में हुई है. लातेहार अस्पताल में इलाज के दौरान मृत एक महिला की पहचान अभी की जा रही है.बस चालक विकास पाठक ने दावा किया कि हादसा ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ. उसने बताया कि उसने बस को रोकने के लिए हैंडब्रेक लगाने और इंजन बंद करने की कोशिश की, लेकिन नियंत्रण नहीं पाया और बस पलट गई.

हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लातेहार के उपायुक्त को निर्देश दिया कि घायलों को हर संभव बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए.

NATIONAL : पत्नी-बेटे को मौत के घाट उतारने की कोशिश, फिर शिक्षक ने लगाई फांसी, प्रतापगढ़ में दिल दहला देने वाली वारदात

0

राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में घरेलू विवाद के चलते एक शिक्षक ने पहले पत्नी और बेटे पर धारदार हथियार से हमला किया, फिर खुद संदिग्ध हालात में फांसी लगा ली. हमले में पत्नी मंजू मीणा और बेटा हरीश गंभीर रूप से घायल हो गया, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के अरनोद थाना क्षेत्र में देर रात दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है. घरेलू विवाद के चलते एक पिता ने पहले अपनी पत्नी और बेटे पर धारदार हथियार से हमला किया और इसके बाद संदिग्ध हालात में आत्महत्या कर ली. इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.हमले में पत्नी मंजू मीणा (40) और बेटा हरीश (19) गंभीर रूप से घायल हो गया. दोनों को पहले प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद उन्हें जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ रेफर किया गया. अस्पताल में दोनों का इलाज जारी है और उनकी हालत पर डॉक्टरों की निगरानी बनी हुई है.

घटना बनेड़िया कला क्षेत्र की बताई जा रही है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घर में किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था. विवाद बढ़ने पर आरोपी गणपत लाल मीणा ने आपा खो दिया और घर में सो रही पत्नी और बेटे पर धारदार हथियार से हमला कर दिया.गणपत लाल मीणा मंडावरा क्षेत्र में बीएलओ के रूप में पदस्थ एक सरकारी शिक्षक था. हमले के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई. घायल अवस्था में पत्नी और बेटे को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि आरोपी मौके से चला गया.

अरनोद थाना अधिकारी शिवलाल मीणा ने बताया कि रात करीब 3 बजे पुलिस को सूचना मिली कि बनला गांव में गणपत लाल नामक व्यक्ति ने फांसी लगा ली है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची.मकान की जांच के दौरान पुलिस को घर के अंदर खून बिखरा मिला. वहीं नीचे फंदे के पास गणपत लाल का शव पड़ा हुआ था. पुलिस ने तुरंत मौके की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करवाई और शव को मोर्चरी भिजवाया.

जांच में सामने आया कि गणपत लाल ने आत्महत्या करने से पहले अपनी पत्नी और बेटे के साथ धारदार हथियार से मारपीट की थी. दोनों घायलों का फिलहाल प्रतापगढ़ अस्पताल में उपचार चल रहा है.पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है. पूरे मामले को घरेलू विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है और घटना से जुड़े हर तथ्य की पड़ताल की जा रही है.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

BIHAR : मिल गई CCTV में दिखी स्कॉर्पियो…, गाड़ी में लाकर घर के बाहर फेंकी गई थी नई दुल्हन की लाश

0

बिहार के सोनपुर में एक नवविवाहिता की हत्या कर शव घर के बाहर फेंकने का सनसनीखेज मामला सामने आया थी. सीसीटीवी में आधी रात स्कॉर्पियो से शव फेंकने की घटना कैद हुई है. ताजा अपडेट में स्कॉर्पियो कार बरामद कर ली गई है.

हाल में बिहार के सोनपुर से एक बेहद सनसनीखेज और हृदयविदारक घटना सामने आई था, जहां एक नवविवाहिता की हत्या कर उसका शव घर के बाहर फेंक दिया गया था. सुबह जब परिजनों ने अपनी बेटी का शव घर के सामने पड़ा देखा, तो परिवार में चीख-पुकार मच गई. घटना की खबर मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप फैल गया. परिजनों ने तुरंत घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें पूरी घटना रिकॉर्ड पाई गई. फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि आधी रात के बाद एक स्कॉर्पियो वाहन घर के सामने आकर रुकता है और उसमें सवार लोग नवविवाहिता सरिता का शव बाहर फेंककर मौके से फरार हो जाते हैं. इस मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. हत्या में इस्तेमाल की गई पुलिस स्टीकर लगी काली स्कॉर्पियो बरामद कर ली गई है.

यह वाहन लालगंज थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव स्थित पूर्व मुखिया प्रमोद बैठा के घर से मिला है. प्रमोद बैठा मुजफ्फरपुर जिले के पानापुर में पदस्थापित दारोगा संतोष रजक के ससुर हैं. इस खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.स्कॉर्पियो बरामद होते ही फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया. टीम ने वाहन की गहन जांच कर हत्या से जुड़े महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए. पुलिस ने दारोगा संतोष रजक के ससुर से भी लंबी पूछताछ की है. बरामद स्कॉर्पियो को जब्त कर हरिहरनाथ थाना लाया गया है.

यह घटना दो दिन पहले सोनपुर में हुई थी. नवविवाहिता सरिता की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी. उसका शव आधी रात के बाद उसके मायके के घर के बाहर फेंक दिया गया था. सुबह परिजनों ने शव देखा तो पुलिस को सूचना दी गई. सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया कि आधी रात को एक स्कॉर्पियो वाहन वहां पहुंचा, जिसमें से कुछ लोग उतरे और शव को घर के सामने फेंककर फरार हो गए. इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने गाड़ी की पहचान की और जांच दारोगा संतोष रजक से जुड़े लोगों तक पहुंची.

मृतका सरिता के परिजनों ने उसके पति सत्येंद्र कुमार और ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है. मृतका के पिता के अनुसार, शादी के बाद जमीन रजिस्ट्री के लिए करीब आठ लाख रुपये दिए गए थे. इसके बावजूद ससुराल वाले तीन लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे. मांग पूरी न होने पर सरिता को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था.

घटना के बाद सारण रेंज के डीआईजी नीलेश कुमार सोनपुर पहुंचे. उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और परिजनों से पूरी जानकारी ली. सोनपुर अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया है. डीआईजी नीलेश कुमार ने बताया कि दारोगा संतोष रजक की भूमिका की भी जांच की जाएगी और आरोपी सत्येंद्र की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

ENTERTAINMENT : रहमान की वजह से छिनी म्यूजिशियंस की नौकरी? अभिजीत भट्टाचार्य ने लगाए आरोप, बोले- सब घर पर बैठे हैं

एआर रहमान ने बॉलीवुड में काम न मिलने और म्यूजिक इंडस्ट्री में बढ़ती सांप्रदायिकता पर चिंता जताई है. उनके बयान के बाद इंटरनेट पर बहस शुरू हो गई है. म्यूजिक इंडस्ट्री के कुछ सेलेब्स ने उनका समर्थन किया तो कुछ ने आलोचना की, जिसमें सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य ने रहमान पर निशाना साधा.

इंडिया के सेलिब्रेटेड म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान विवादों में घिरे हुए हैं. एक इंटरव्यू में रहमान ने बॉलीवुड में काम न मिलने, म्यूजिक इंडस्ट्री में फैली सांप्रदायिकता, कम्यूनल पावर शिफ्ट पर बात की. उन्होंने 2025 की सुपरहिट फिल्म छावा को बांटने वाली मूवी बताया. रहमान के मुताबिक, सांप्रदायिक भावना फिल्म और म्यूजिक वर्ल्ड पर हावी हो रही है. जिसका असर उनके काम पर भी पड़ रहा है. उनके बयान को लेकर इंटरनेट पर बहस छिड़ी हुई है.

म्यूजिक और फिल्म जगत से जुड़े कई लोगों ने रहमान को सपोर्ट किया है. लेकिन कुछ सेलेब्स ऐसे भी हैं जो खुलेआम रहमान को चुनौती दे रहे हैं. कंगना रनौत ने रहमान पर पलटवार किया. सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य ने भी म्यूजिक कंपोजर पर निशाना साधा है.

उन्होंने ANI संग बातचीत में कहा है कि एआर रहमान की वजह से इंडस्ट्री के ज्यादातर म्यूजिशियंस घर पर खाली बैठे हैं. उनके पास काम नहीं है. वो कहते हैं- फिल्मों में जो म्यूजिशियंस बजाते थे, आज उनके पास नौकरी नहीं है. इसका क्रेडिट मिस्टर रहमान को जाता है. उन्होंने बताया सबको कि कोई जरूरत नहीं है म्यूजिशियंस की. सबकुछ इधर मिलेगा लैपटॉप में. उनकी वजह से सबको सक्सेस मिल गई है. लेकिन बेचारे म्यूजिशियंस लोग घर पर बैठे हैं.

”एक साथ 100-100, 50-50 वायलिन पर बैठते थे. मैंने देखा था कि सॉन्ग ‘सुनो ना सुनो ना’ में भी वायलिन बज रहा है. अब ऐसा नहीं है. रहमान साहब ने बोल दिया कि भाई, जितना कमाएंगे सिर्फ मैं कमाऊंगा. म्यूजिशियंस की जरूरत नहीं है. आपको चेलो चाहिए, आपको कोरस चाहिए, आपको वायलिन चाहिए, फ्लूट चाहिए, कभी किसी एक फ्लूट वाले को बुला लेंगे. एक रिदम वाले को बुलाकर उसमें एड कर देंगे. पर म्यूजिशियन को घर पर बैठाया हुआ है. तो आप लोगों को क्या सुना रहे हो? आप जब सुना रहे थे, तब नयापन था. अब बच्चा-बच्चा इसी पर निकालता है वो.”

वैसे ये पहला मौका नहीं है जब अभितीज ने रहमान पर हमला किया है. इससे पहले भी अभिजीत ने आरोप लगाया था कि वो पद्म भूषण और पद्मश्री सम्मानित लोगों को घंटों मिलने के लिए इंतजार कराते थे. बात करें रहमान की तो, विवाद बढ़ता देख उन्होंने अपने बयान पर सफाई दी. रहमान ने बताया कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था. भारत उनका घर है. वो यहां का होने पर प्राउड फील करते हैं.

NATIONAL : UKG में पढ़ने वाले बेटे का रिजल्ट देखते ही इंजीनियर पिता की मौत, स्कूल में ही तोड़ा दम

0

पूर्वोत्तर भारत के असम राज्य से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां बेटे का रिजल्ट देखते ही पिता की तबीयत खराब हो गई और उसकी मौत हो गई. इस घटना से स्कूल स्टाफ भी सदमे में हैं.

असम के जोरहाट से एक दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. जहां बेटे का रिजल्ट लेने के बाद अचानक एक पिता की तबीयत खराब हो गई और वो जमीन पर गिर पड़े. जिसके बाद पिता को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन बचाया नहीं जा सका.जानकारी के अनुसार मंगलवार को सैमफोर्ड स्कूल में एक दुखद घटना हुई. जहां एक पिता अपने बेटे का परीक्षा परिणाम लेने स्कूल गए थे और वहीं गिर पड़े और उनकी मौत हो गई. मृतक की पहचान कछ गरल इलाके के सोनारी गांव के रहने वाले दीपांकर बोरदोलोई (35) के रूप में हुई है.

सूत्रों के अनुसार बोरदोलोई अपने बेटे का रिजल्ट लेने स्कूल आए थे, जो UKG में पढ़ता है. लेकिन रिजल्ट लेने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई और वे गिर पड़े. स्कूल में मौजूद लोग तुरंत उन्हें इमरजेंसी इलाज के लिए जोरहाट मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल ले गए. लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी.

इस घटना के बाद स्कूल कैंपस में मातम छा गया. शिक्षक, माता-पिता और छात्र इस अचानक हुए नुकसान से गहरे सदमे में हैं. दीपांकर बोरदोलोई तेओक डिवीजन के तहत सिंचाई विभाग में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे. उनकी असामयिक मृत्यु से उनके परिवार, सहकर्मी और स्थानीय समुदाय गहरे शोक में हैं. हालांकि इंजीनियर के मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. पूरे मामले में अभी पुलिस का भी बयान नहीं आया है.

NATIONAL : ब्याह के दो दिन बाद भाग गई ‘पूजा’… पहले भी कर चुकी थी 2 शादियां; कुंवारे लड़कों को बनाती है निशाना

0

MP के खरगोन जिले में ‘लुटेरी दुल्हन’ का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां मकर संक्रांति पर सात फेरे लेने वाली दुल्हन महज दो दिन बाद घर से नकदी और मोबाइल लेकर रफूचक्कर हो गई. पीड़ित दूल्हे और उसके परिवार का दावा है कि वे एक बड़े संगठित गिरोह का शिकार हुए हैं.मध्य प्रदेश के खरगोन में सात फेरे के दो दिन बाद ही दुल्हन फरार हो गई. दूल्हे के परिजनों ने आरोप लगाया पूजा और उसके परिजन एक संगठित लुटेरी गैंग का हिस्सा हैं, जो कुंवारे युवकों को निशाना बनाते हैं.पहले भी लुटेरी दुल्हन दो शादी कर चुकी है.

जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर भीकनगांव थाना इलाके के नवलपुरा का यह मामला है. मकर संक्रांति के दिन रघुवीर चौहान निवासी नवलपुरा की शादी पूजा ठाकरे पिता शंकरलाल ठाकरे निवासी चिरापल्या तहसील पांडूपानी जिला बैतूल के साथ सामाजिक रीति रिवाज के साथ हुई. शादी के लिए लड़की पक्ष को एक लाख 60 हजार रुपए दिए गए.

रघुवीर के अनुसार, ”शादी के मात्र दो दिन बाद पूजा बगैर किसी को बताएं घर से फरार हो गई. जाते समय मेरा मोबाइल भी साथ में ले गई. जब परिजनों ने जानकारी जुटाई तो पता चला पूजा इससे पहले भी दो शादियां कर चुकी हैं और ये उसकी तीसरी शादी थी.” पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि फरार दुल्हन पूजा और उसके परिजन एक संगठित लुटेरी गैंग का हिस्सा है, जो अविवाहित युवाओं को निशाना बनाकर मोटी रकम लेकर फरार हो जाते हैं. इस गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी के साथ धोखाधड़ी न हो.

भीकनगांव थाना इंचार्ज गुलाब सिंह रावत का कहना है कि शादी के बाद दुल्हन के पैसे लेकर फरार होने की शिकायत प्राप्त हुई है. शिकायत के आधार पर तथ्यों की जांच कर रहे हैं. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

BHAKTI : सुबह का मुहूर्त निकल गया है तो इस मुहूर्त में करें घटस्थापना, जानें पूजा विधि

0

आज से माघ मास की गुप्त नवरात्र शुरू हो गई है. यह नवरात्र खास तौर पर साधना और सिद्धि के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है. इस पर्व में नौ दिनों तक 10 महाविद्याओं काली, तारा, त्रिपुरसुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुरभैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला की पूजा की जाती है. इस साल गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी 2026 से 27 जनवरी 2026 तक मनाई जाएगी.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मास की गुप्त नवरात्र में यदि देवी की पूजा गोपनीय तरीके से की जाए, तो विशेष फल मिलता है. नवरात्र के पहले दिन यानी आज घट स्थापना का शुभ समय सुबह 06:43 बजे से 10:24 बजे तक था.अगर कोई इस समय घट स्थापना नहीं कर पाता है, तो वह अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापित कर सकता है. अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:11 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा.

गुप्त नवरात्र के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें. इसके बाद पूजा स्थान को साफ करें, वहां लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं. अब मां दुर्गा या उनके किसी गुप्त स्वरूप की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें. इसके बाद कलश की स्थापना करें. कलश में साफ जल भरें, उसमें आम या अशोक के पत्ते डालें ऊपर नारियल रखें. कलश को देवी शक्ति का प्रतीक माना जाता है. अब सबसे पहले गणेश जी का स्मरण करें और मन में पूजा का संकल्प लें.

मां दुर्गा को रोली, अक्षत, फूल, सिंदूर, चुनरी और भोग अर्पित करें. घी का दीपक जलाएं और धूप दिखाएं. इसके बाद दुर्गा सप्तशती, चंडी पाठ या बीज मंत्रों का जाप करें. गुप्त नवरात्र में खासतौर पर मंत्र जप, ध्यान और साधना का बहुत महत्व होता है. पूजा के अंत में मां दुर्गा की आरती करें. संभव हो तो पूरे नौ दिनों तक सात्त्विक भोजन करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें.

घट स्थापना को मां दुर्गा के आगमन का प्रतीक माना जाता है. कलश को जीवन शक्ति और सृजन का स्वरूप कहा गया है. मान्यता है कि कलश स्थापित करने से नवरात्र के पूरे समय देवी मां उसी स्थान पर वास करती हैं. गुप्त नवरात्र में मंत्र जाप का विशेष महत्व होता है.देवी साधना के लिए “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र को बहुत प्रभावशाली माना गया है. इसके अलावा “ॐ दुं दुर्गायै नमः” मंत्र का जाप भी किया जा सकता है.

NATIONAL : कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, आपस में टकराए पांच वाहन, जिंदा जले दो लोग

0

नूंह जिले के तावडू उपमंडल में KMP एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह पांच भारी वाहनों की टक्कर से भीषण हादसा हुआ. रोड़ी से लदा डंपर और अमेजन का कंटेनर आग की चपेट में आ गए, जिससे डंपर चालक और परिचालक की जिंदा जलकर मौत हो गई. कंटेनर में भरा करीब सवा करोड़ रुपये का सामान जल गया. हादसे से छह किलोमीटर जाम लगा, जिसे चार घंटे बाद बहाल किया गया.

नूंह जिले के तावडू उपमंडल में कुंडली–मानेसर–पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया. मोहम्मदपुर अहिर थाना क्षेत्र में गांव सबरस और गुढ़ी के बीच सुबह करीब 8 बजे अचानक हुए इस हादसे में पांच भारी वाहन आपस में टकरा गए. एक बड़े वाहन के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे से आ रहे वाहनों में चेन रिएक्शन हुआ और देखते ही देखते रोड़ी से लदा डंपर व अमेजन कंपनी का कंटेनर आग की चपेट में आ गए.

आग इतनी तेजी से फैली कि डंपर चालक राकेश (27) पुत्र कैलाश, निवासी रंहिया का बास, थाना पाटन, जिला सीकर (राजस्थान) और परिचालक देशराज, निवासी कोटपूतली (राजस्थान) को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका. दोनों की मौके पर ही जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई. अन्य वाहनों में सवार लोगों को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

हादसे में शामिल अमेजन कंपनी का कंटेनर गुरुग्राम से लखनऊ जा रहा था, जिसमें कपड़े, जूते, मोबाइल समेत अन्य सामान भरा हुआ था. आग लगने से करीब सवा करोड़ रुपये का सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया. कंटेनर मालिक अश्वनी कुमार मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया. कुछ बचा हुआ सामान ट्रैक्टर से हटाया गया, हालांकि मौके पर जमा भीड़ द्वारा सामान उठाने की कोशिश को पुलिस ने रोक दिया.

हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर करीब 6 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जो पचगांव होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-8 तक पहुंच गया. फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. क्रेन और जेसीबी की मदद से जली हुई गाड़ियों को हटाया गया, जिसके बाद करीब चार घंटे बाद यातायात सुचारू हो सका.

सूचना मिलते ही धुलावट ट्रैफिक थाना प्रभारी कृष्ण कुमार और मोहम्मदपुर अहिर थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. प्रत्यक्षदर्शी वाहन चालक बंटी और लांगुरिया चौधरी ने बताया कि मानेसर से पलवल की ओर जाते समय आगे एक वाहन ने अचानक ब्रेक मारा, जिससे पीछे से आ रहे कंटेनर और डंपर टकरा गए और आग लग गई.

पुलिस ने मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं. पुलिस के अनुसार हादसे में एक डंपर, एक कंटेनर और तीन ट्रेलर क्षतिग्रस्त हुए हैं. मामले की जांच शिकायत के आधार पर की जा रही है. धुलावट ट्रैफिक थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे और सर्द मौसम में सावधानी बरतें और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें.

- Advertisement -

News of the Day