Tuesday, April 7, 2026
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ENTERTAINMENT : गोविंदा के खिलाफ हो रही बड़ी साजिश! घुटन महसूस कर रहे एक्टर, बोले- परिवार हुआ शिकार

गोविंदा और सुनीता आहूजा के रिश्ते को लेकर उठी अफवाहों पर आखिरकार एक्टर ने चुप्पी तोड़ी है. गोविंदा ने बड़ी साजिश, परिवार के इस्तेमाल को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए. गोविंदा ने बताया कि इन सब विवादों से उन्हें घुटन महसूस होने लगी है.

गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा को लेकर चल रही अफवाहों के बीच अब पहली बार बॉलीवुड के हीरो नंबर 1 ने खुलकर बात की है. पिछले कई महीनों से उनकी शादी में दरार की खबरें सामने आ रही थीं, जिससे लोग यह सोचने लगे थे कि उनके रिश्ते का आगे क्या होगा. अब गोविंदा ने चुप्पी तोड़ते हुए अपनी बात रखी है.

ANI से गोविंदा ने कहा कि उन्होंने अब इसलिए बोलने का फैसला किया क्योंकि चुप रहने से वह कमजोर नजर आने लगे थे और लोगों के मन में उनकी एक निगेटिव छवि बनती जा रही थी. पर्दे के पीछे क्या चल रहा है, इस पर बात करते हुए गोविंदा ने एक बड़ी साजिश का जिक्र किया और कहा कि उनके मुताबिक उनके अपने लोग भी जाने-अनजाने इसमें इस्तेमाल हो रहे हैं.

गोविंदा ने कहा- मैंने हाल के समय में देखा है कि जब हम चुप रहते हैं, तो या तो हमें कमजोर समझ लिया जाता है या फिर ऐसा लगता है कि सारी परेशानी की जड़ हम ही हैं. इसलिए आज मैं जवाब दे रहा हूं. मुझे पहले ही बताया गया था कि मेरे परिवार के लोग शुरुआत में बिना समझे एक बड़ी साजिश का हिस्सा बन सकते हैं और उन्हें एहसास भी नहीं होगा कि उनका इस्तेमाल किया जा रहा है.

अपनी पत्नी के साथ रिश्तों पर एक्टर गोविंदा ने कहा- कभी-कभी परिवार किसी की अच्छी तरह रची गई साजिश का शिकार हो जाता है और बात अलगाव तक पहुंच जाती है. मुझे पहले ही बताया गया था कि ऐसी स्थिति में मेरे परिवार को इस्तेमाल किया जाएगा और मुझे समाज से काट दिया जाएगा.

‘मेरी फिल्मों को मार्केट नहीं मिला और मैंने खुद भी कई फिल्में छोड़ दीं. मेरी पत्नी इस बात को लेकर परेशान रहती है कि घर कैसे चलेगा. जब लोकप्रियता एक हद से ज्यादा हो जाती है, तो बहुत से लोग घबरा जाते हैं, यहां तक कि वे भी जिनसे उम्मीद नहीं होती. मैंने ऐसा एक सीनियर एक्टर के साथ भी होते देखा है. मैं बस अपने बच्चों की भलाई के लिए दुआ करता हूं.’

गोविंदा ने आगे कहा- मैंने कृष्णा से भी कहा था कि उसे मेरा अपमान करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, इसलिए उसे मेरी इज्जत का भी ध्यान रखना चाहिए. इस बात पर सुनीता को गुस्सा आ जाता था. मैं उस इंडस्ट्री पर दाग नहीं लगाना चाहता, जिसमें मैंने इतने साल काम किया है, लेकिन सतर्क रहना बहुत जरूरी है.

‘कुछ गलत धारणाएं बनाई जा रही हैं. मैं अभी-अभी शिवसेना में शामिल हुआ हूं और तभी से ऐसी साजिशें शुरू हो गई हैं. मुझे कमजोर न समझा जाए और मेरे खिलाफ कुछ भी बोलने से पहले लोग मेरे पुराने काम को याद रखें.’

गोविंदा ने अपने परिवार और बच्चों को लेकर भी दिल से बात की. उन्होंने कहा कि वह भगवान से दुआ कर रहे हैं कि कोई गलतफहमी न रहे, ताकि उन्हें अंदर से घुटन महसूस न हो.एक्टर ने कहा- मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि वह मुझे इस परेशानी से बाहर निकालें और साथ ही मेरे बच्चों की भलाई के लिए भी दुआ करता हूं. मैं यही चाहता हूं कि कोई गलतफहमी न हो और मुझे घुटन महसूस न हो. मैं खास तौर पर अपने ही परिवार से हाथ जोड़कर यही गुजारिश करता हूं.

गोविंदा और सुनीता की शादी साल 1987 में हुई थी. उनके दो बच्चे हैं—टीना और यशवर्धन. टीना ने साल 2015 में फिल्म सेकेंड हैंड हसबैंड से बॉलीवुड में डेब्यू किया था, जबकि यशवर्धन जल्द ही अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत करने वाले हैं.

National : ₹25 को लेकर टोल पर बवाल, हाईवे पर महिलाओं का हाईवोल्टेज ड्रामा, टोलकर्मियों को दौड़ाया भी

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जयपुर के चौमूं–चंदवाजी एनएच-48 स्थित कुशलपुरा–बांसा टोल प्लाजा पर 25 रुपये के टोल को लेकर शनिवार शाम हंगामा हो गया. हरियाणा नंबर कार सवार युवक ने खुद को सेना का जवान बताकर टोल पर छूट मांगी. पहचान पत्र जांच में आश्रित कार्ड सामने आने पर विवाद बढ़ गया. इसके बाद कार में बैठी महिलाएं उग्र हो गईं, जिससे ट्रैफिक प्रभावित हुआ.

जयपुर के चौमूं–चंदवाजी राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर स्थित कुशलपुरा–बांसा टोल प्लाजा पर शनिवार शाम उस समय हंगामा हो गया, जब टोल टैक्स देने को लेकर कार सवार महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया. मामूली 25 रुपये के टोल को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हाईवोल्टेज ड्रामे में बदल गया. टोल प्लाजा पर मौजूद कर्मचारियों और महिलाओं के बीच कहासुनी हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया.

घटना के दौरान महिलाओं ने टोलकर्मियों पर नाराजगी जताई. बताया जा रहा है कि महिलाओं ने दौड़ाते हुए उनकी पिटाई तक कर दी. इससे टोल प्लाजा पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. हंगामे के चलते टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ. कर्मचारियों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया, लेकिन महिलाओं के गुस्से के सामने हालात बिगड़ते चले गए.

जानकारी के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम करीब 5 बजे की है. हरियाणा नंबर की एक कार टोल प्लाजा पर आकर रुकी. कार चला रहा युवक खुद को सेना का जवान बताते हुए टोल टैक्स में छूट की मांग करने लगा. टोलकर्मियों ने नियमों के अनुसार उससे पहचान पत्र दिखाने को कहा. जब दस्तावेजों की जांच की गई तो मामला और बिगड़ गया.

टोलकर्मियों के अनुसार, युवक ने सेना का आश्रित कार्ड दिखाया था. नियमों के तहत आश्रित कार्ड पर टोल टैक्स में छूट नहीं दी जाती. इसी बात को लेकर कार में बैठी महिलाएं अचानक नाराज हो गईं और टोल प्लाजा पर हंगामा करने लगीं. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि अन्य लोगों को बीच-बचाव करना पड़ा.

टोल प्लाजा के मैनेजर कर्मवीर शर्मा ने बताया कि कार चालक सेना का जवान नहीं था. उसने केवल आश्रित कार्ड दिखाया था, जिस पर टोल माफी का कोई प्रावधान नहीं है. 25 रुपये के टोल को लेकर ही पूरा विवाद खड़ा हुआ. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस दौरान किसी तरह की मारपीट की घटना नहीं हुई.
कुछ देर बाद अन्य लोगों के समझाने पर मामला शांत हो गया और यातायात सामान्य हो सका. इस घटना को लेकर फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है.

ENTERTAINMENT : ‘भाभीजी घर पर हैं’ के सेट पर हुआ था बड़ा हादसा, बाल-बाल बची आसिफ शेख-रवि किशन की जान

टीवी का फेमस कॉमेडी शो ‘भाभीजी घर पर हैं’ पर बनी फिल्म जल्द ही बड़े पर्दे पर रिलीज होने वाली है. हाल ही में इसका ट्रेलर रिलीज किया गया था. फिल्म शूटिंग को लेकर आसिफ शेख और रवि किशन ने हैरान करने वाली बात बताई है.

टीवी का फेमस कॉमेडी शो ‘भाभीजी घर पर हैं!’ अब बड़े पर्दे पर धमाका करने के लिए तैयार है. हाल ही में मुंबई में एक भव्य आयोजन के दौरान फिल्म ‘भाभीजी घर पर हैं! – फन ऑन द रन’ का ट्रेलर लॉन्च किया गया. इस मौके पर फिल्म के एक्टर आसिफ शेख ने एक ऐसी घटना का जिक्र किया. जिसने सभी को हैरान कर दिया.दरअसल फिल्म की शूटिंग के दौरान एक ऐसा हादसा हुआ था जिसमें एक्टर आसिफ शेख और रवि किशन की जान भी जा सकती थी. इस खुलासे ने फैंस को हैरान कर दिया. जानिए आखिर ऐसा हुआ क्या था?

ट्रेलर लॉन्च के दौरान आसिफ शेख ने उस खौफनाक पल को याद करते हुए बताया कि यह हादसा नई लोकेशन पर शूटिंग के पहले ही दिन हुआ था. आसिफ ने कहा, ‘मैं और रवि एक-दूसरे के बगल में बैठकर आराम से कॉफी पी रहे थे. तभी अचानक एक भारी-भरकम पेड़, जो करीब 12-13 फीट लंबा था, हमारे ठीक बीच में आकर गिरा. वह पल इतना डरावना था कि अगर हममें से कोई भी उसकी जद में आता, तो हमारी चटनी बन जाती. हम दोनों पूरी तरह से सन्न रह गए थे, समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ.’

इस घटना की गंभीरता बताते हुए रवि किशन ने कहा कि उस पेड़ का वजन कम से कम 500 किलो रहा होगा. जब वह गिरा, तो उसकी आवाज इतनी तेज थी कि पूरा सेट कांप गया. रवि किशन ने बताया कि इस हादसे में उनके कंधे पर चोट भी आई थी.फिल्म के प्रोड्यूसर संजय कोहली ने बताया कि इस घटना के बाद आधे घंटे तक सेट पर मौत जैसा सन्नाटा छा गया था. हर कोई डरा हुआ था, लेकिन रवि किशन की हिम्मत की दाद देनी होगी कि इलाज के तुरंत बाद वे वापस आए और कहा— ‘चलो, शूटिंग शुरू करते हैं.’

आपको बता दें कि ‘भाभीजी घर पर हैं! – फन ऑन द रन’ इस मशहूर टीवी फ्रेंचाइजी की पहली फिल्म है. इसमें शुभांगी अत्रे, विदिशा श्रीवास्तव, आसिफ शेख, रोहिताश्व गौड़, रवि किशन, मुकेश तिवारी और निरहुआ जैसे दिग्गज कलाकार नजर आएंगे. यह फिल्म 6 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी.

NATIONAL : युवक को बचाने के लिए 30 फीट गहरे ड्रेनेज में कूद गया ‘डिलीवरी बॉय’, तमाशबीन बनी रही पुलिस-SDRF!

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ग्रेटर नोएडा में कोहरे के कारण ड्रेन में गिरी कार के हादसे में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई. मौके पर मौजूद डिलीवरी एजेंट मोनिंदर ने रस्सी बांधकर पानी में उतरकर बचाने की कोशिश की. लेकिन युवराज को बचाया नहीं जा सका.

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक सड़क दुर्घटना में युवराज नाम के शख्स की मौत हो गई है. यह मौत सिस्टम पर सवाल खड़ा करती है. युवराज सेक्टर-150 में टाटा यूरेका पार्क सोसायटी में रहते थे और गुरुग्राम के सेक्टर-54 में एक कंपनी में काम करते थे. जब वो अपने घर लौट रहे थे तो कोहरे बहुत था. घर के पास ही उनकी एक गाड़ी से टक्कर हो जाती है और कार पास के पानी से भरे गड्ढे (ड्रेनेज) में गिर जाती है. ड्रेनेज करीब 30 फुट गहरा था. ये हादसा 16 जनवरी की रात को क़रीब 12:30 बजे हुआ था.

डिलीवरी एजेंट मोनिंदर ने दर्दनाक हादसे का जिक्र करते हुए बताया कि यह आधी रात के लगभग 1 बजे हुआ. खराब विजिबिलिटी के कारण एक कार ड्रेन में गिर गई. मोनिंदर ने बताया कि हादसे के बाद कार में फंसे युवराज की आवाज़ लगातार मदद के लिए सुनाई दे रही थी. करीब 1:45 मिनट तक युवराज पुकारता रहा, “भाई, किसी तरह बचा लो.”

मोनिंदर की मानें तो मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की टीम मौजूद थी, लेकिन बारिश और ठंड के कारण किसी ने पानी में उतरने की हिम्मत नहीं दिखाई. साथ ही पानी के नीचे लोहे की रॉड होने की भी बात कही गई, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन मुश्किल हो गया.

मोनिंदर लगभग 1:45 बजे मौके पर पहुंचे जब तक युवराज की मौत हो चुकी थी. उन्होंने SDRF के जवानों से खुद रेस्क्यू करने को कहा, लेकिन जब उन्होंने मना कर दिया तो मोनिंदर ने खुद पानी में छलांग लगाने का फैसला किया. उन्होंने अपने कपड़े उतारे, कमर में रस्सी बांधी और करीब 50 मीटर तक तैरकर कार और युवराज की तलाश की.

हालांकि लगभग 30 मिनट तक खोजबीन करने पर भी अंधेरे और पानी की गहराई के कारण कोई सफलता नहीं मिली. मोनिंदर ने बताया कि वह आख़िरकार सुबह करीब 5:30 बजे वहां से वापस लौटे. उस वक्त तक कार बाहर नहीं निकाली गई थी और युवराज का शव भी बरामद नहीं हुआ था.

मोनिंदर ने कहा कि उन्होंने पूरी कोशिश की, लेकिन सिस्टम की सुस्ती और देर के कारण एक युवा की जान चली गई. ग्रेटर नोएडा में सेक्टर-150 के टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी के पास शुक्रवार देर रात हुए एक दर्दनाक हादसे ने इमरजेंसी सेवी की तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की जान तब चली गई जब उनकी कार घने कोहरे के बीच नियंत्रण खो बैठी और पानी से भरे बेसमेंट में गिर गई.

युवराज गुरुग्राम के सेक्टर-54 में एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और शुक्रवार रात ऑफिस से घर लौट रहे थे. हादसे के बाद युवराज कार से सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे और कार के ऊपर खड़े हो गए और उन्होंने अपने पिता राजकुमार मेहता को घटना की सूचना दी. पिता ने तुरंत 112 पर कॉल कर पुलिस को खबर दी और मौके पर पहुंच गए. लेकिन आपातकालीन दलों के रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी देरी हुई.

युवराज लंबे समय तक पलटी हुई कार पर खड़े टॉर्च जलाते हुए मदद के लिए पुकारते रहे. अंधेरा, घना कोहरा और आधे अधूरे बेसमेंट की खतरनाक स्थिति ने रेस्क्यू में समस्या की बड़ी वजह बनी. पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन ठंडे पानी में उतरने से हिचकिचाईं. लगभग चार घंटे बाद, गाजियाबाद से आई NDRF टीम ने 30 फीट गहरे पानी से युवराज को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.

युवराज के परिवार और मौके पर लोगों ने सरकार और संबंधित विभागों पर समय पर मदद न पहुंचाने का आरोप लगाया है. उनका मानना है कि यदि तत्काल और बेहतर इमरजेंसी सेवा प्रबंधन होता, तो युवराज बच सकता था.

इस मामले में जॉइंट पुलिस कमिश्नर (सीपी) राजीव नारायण मिश्रा के कहा कि जीरो विजिबिलिटी की गंभीर स्थिति में एक रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया था. इस ऑपरेशन के दौरान हुई कुछ अनियमितताओं के संबंध में पीड़ित परिवार द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच तेजी से जारी है.

जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने साफ किया कि पुलिस प्रशासन ने शिकायत को गंभीरता से लिया है और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही की जा रही है.

NATIONAL : केदारनाथ मंदिर में अब नहीं बना पाएंगे रील, चारधाम यात्रा में मोबाइल ले जाने पर लगेगा बैन

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चारधाम यात्रा के दौरान मंदिरों की पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक अहम और दूरदर्शी कदम उठाया है. रील और ब्लॉग बनाने के नाम पर धार्मिक स्थलों में बढ़ते विवादों को देखते हुए इस वर्ष बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है. प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से न सिर्फ अनावश्यक विवादों पर लगाम लगेगी, बल्कि श्रद्धालु भी पूरी श्रद्धा और एकाग्रता के साथ दर्शन कर सकेंगे.

चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर शनिवार को चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई. बैठक में गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप सहित विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे. इस दौरान यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर कई अहम फैसले लिए गए.गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने स्पष्ट किया कि बीते कुछ वर्षों में मोबाइल से रील और ब्लॉग बनाने के दौरान कई बार विवाद की स्थिति सामने आई है, जिससे धामों की गरिमा प्रभावित होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए बदरीनाथ में सिंहद्वार से आगे मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. वहीं केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम परिसरों में भी श्रद्धालु मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे. श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और संबंधित जिला प्रशासन धामों से पहले श्रद्धालुओं के मोबाइल सुरक्षित रखने के लिए उचित व्यवस्था करेगा.

प्रशासन का यह निर्णय यह संदेश देता है कि सरकार केवल व्यवस्थाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आस्था स्थलों की पवित्रता और धार्मिक अनुशासन को लेकर भी गंभीर है. गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की यह पहल संतुलित मानी जा रही है, जिसमें आस्था और व्यवस्था दोनों का ध्यान रखा गया है.आयुक्त पांडेय ने बताया कि चारधाम यात्रा प्रबंधन के लिए फरवरी माह तक सभी जनपदों को धनराशि जारी कर दी जाएगी. उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अत्यावश्यक कार्यों की सूची तीन दिन के भीतर शासन को भेजी जाए और एक सप्ताह के अंदर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर फास्ट ट्रैक मोड में काम शुरू किया जा

सड़क, संचार और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए. एनएच, एनएचआईडीसीएल, लोनिवि और बीआरओ को 31 मार्च तक यात्रा मार्गों की सड़कों को दुरुस्त करने को कहा गया है. बीएसएनएल को यात्रा मार्गों और धामों में बेहतर संचार सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों की 15-15 दिन की रोटेशन ड्यूटी, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती और एयर एंबुलेंस की व्यवस्था करने को कहा गया है.

पंजीकरण व्यवस्था पूर्व की भांति 60 प्रतिशत ऑफलाइन और 40 प्रतिशत ऑनलाइन ही रहेगी. जरूरत पड़ने पर पंजीकरण काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी. जाम से निपटने के लिए छोटी बसों की शटल सेवा और ब्रह्मपुरी चौकी के पास हाईवे चौड़ीकरण का भी निर्णय लिया गया है.

गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने याद दिलाया कि वर्ष 2023 में रिकॉर्ड 56 लाख श्रद्धालु चारधाम पहुंचे थे और बीते सीजन में भी 50 लाख से अधिक यात्रियों ने सफल यात्रा की. उन्होंने भरोसा जताया कि इस वर्ष सरकार और प्रशासन के ठोस प्रयासों से यात्रा और अधिक सुगम, सुरक्षित और मर्यादित बनेगी. यह फैसला साफ तौर पर दिखाता है कि सरकार आस्था के केंद्रों की गरिमा बनाए रखने के लिए समय रहते ठोस कदम उठा

UP : तुम ही तो अच्छे दोस्त हो… अंधविश्वास की आड़ में फ्रेंड ने की शख्स की हत्या, शराब पार्टी में बिगड़ा माहौल

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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में ऑटो चालक नवीन की उसके तीन दोस्तों ने अंधविश्वास के डर में हत्या कर दी. शराब पार्टी में विवाद बढ़ा तो गैस सिलेंडर से वार कर मार डाला और शव को ऑटो सहित जला दिया.उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 35 साल के एक ऑटो चालक की उसके ही तीन दोस्तों ने बेरहमी से हत्या कर दी. मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. पुलिस जांच में पता चला कि हत्या के पीछे अंधविश्वास और गलतफहमी का बड़ा रोल था.

नवीन उर्फ नंदू गाजियाबाद में ऑटो चलाता था. उसके तीन दोस्त पवन, सागर और नसीम भी ऑटो चालक थे. चारों की दोस्ती कई सालों से थी और वे अक्सर एक साथ बैठते, बातचीत करते और समय बिताते थे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी दोस्ती को अंधविश्वास ने खतरनाक मोड़ दे दिया.नवीन पिछले कुछ समय से दिल्ली में रहने वाले एक साधु के संपर्क में था. वह अक्सर उससे मिलता था और जीवन में सुधार की सलाह पूछता था. नवीन ने अपने दोस्तों को बताया कि साधु ने कहा है अगर कोई अमीर बनना चाहता है तो उसे अपने किसी करीबी की ‘बलि’ देनी होगी.

जब नवीन ने यह बात दोस्तों को बताई तो तीनों घबरा गए. आरोप है कि नवीन ने साधु से यह भी पूछा था कि क्या दोस्त की बलि दी जा सकती है, और साधु ने ‘हाँ’ कहा. बस इसी बात ने पवन, सागर और नसीम के मन में डर पैदा कर दिया. उन्हें लगा कि कहीं नवीन उन पर ही हमला करके उनकी बलि न दे दे.

घटना वाली रात चारों सागर के घर पर बैठे थे और शराब पी रहे थे. इसी दौरान नवीन ने फिर साधु का जिक्र किया. इस बात पर दोस्तों और नवीन के बीच बहस हो गई, जो मारपीट में बदल गई. डरे हुए तीनों दोस्तों को लगा कि नवीन सच में उनकी बलि देने वाला है.

गुस्से और डर में उन्होंने एक छोटा गैस सिलेंडर उठाया और नवीन के सिर व पीठ पर हमला कर दिया. कुछ ही मिनटों में नवीन की मौत हो गई. हत्या के बाद तीनों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई. उन्होंने नवीन के शरीर को एक कंबल में लपेटा और उसे उसके अपने ऑटो में रख दिया. इसके बाद वे गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र के एक सुनसान इलाके में पहुंचे. वहाँ उन्होंने ऑटो पर पेट्रोल छिड़ककर शव के साथ उसे आग लगा दी, ताकि पहचान मिटाई जा सके.

जलती हुई गाड़ी की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. जल्द ही यह खुलासा हुआ कि हत्या से पहले नवीन अपने तीन दोस्तों के साथ था. पुलिस ने पवन और सागर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नसीम फरार है. पुलिस का कहना है कि उसे भी जल्द पकड़ लिया जाएगा. पूछताछ में आरोपियों ने पूरा सच कबूल कर लिया. पुलिस अब साधु की भूमिका की भी जांच कर रही है.

NATIONAL : हरिद्वार, वाराणसी और प्रयागराज में लाखों श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान

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मौनी अमावस्या के अवसर पर धार्मिक नगरी हरिद्वार, वाराणसी और प्रयागराज में आस्था का भव्य संगम देखने को मिल रहा है. कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह-सुबह लाखों की संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे और पवित्र स्नान किया. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच श्रद्धालु स्नान के बाद मंदिरों में दर्शन-पूजन में लीन हैं.

हरिद्वार में रविवार को हजारों श्रद्धालु गंगा में पवित्र डुबकी लगाने, पूजा-पाठ करने और तर्पण करने के लिए ‘हर की पौड़ी’ पर इकट्ठा हुए. अधिकारियों ने कड़ी सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और निगरानी के साथ सब कुछ सुचारू रूप से सुनिश्चित किया. एक श्रद्धालु ने कहा कि आज मौनी अमावस्या है और हम इसे पारंपरिक तरीके से मना रहे हैं. इसका परिवार के सदस्यों और पूर्वजों के लिए विशेष महत्व है.

वाराणसी में भी मौनी अमावस्या के मौके पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर पवित्र स्नान किया. एक महिला ने कहा कि यह कृष्ण पक्ष का नौवां दिन, मौनी अमावस्या है. इस दिन लोग व्रत रखते हैं, अपनी हैसियत के हिसाब से दान करते हैं, पूजा करते हैं और प्रार्थना करते हैं. दशाश्वमेध घाट के तीर्थ पुरोहित विवेकानंद ने कहा कि माघ महीने के कृष्ण पक्ष में मौनी व्रत रखने वाले भक्त गंगा में अनुष्ठान करने आते हैं. गंगा में स्नान करने के बाद, वे पवित्र डुबकी लगाते हैं, अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देते हैं और उनकी शांति व कल्याण के लिए प्रार्थना करते हैं.

माघ मेले का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान मौनी अमावस्या के दिन होता है. रविवार सुबह घने कोहरे और ठंड के मौसम के बीच मौनी अमावस्या के मौके पर पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम घाट आए. डिविजनल कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने कहा कि शनिवार शाम 6 बजे से अब तक सभी घाटों पर लगभग पचास लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया है. भीड़ उम्मीद से ज्यादा है, लेकिन पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं. स्नान की प्रक्रिया सुचारू रूप से और व्यवस्थित तरीके से चल रही है.

डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि मौनी अमावस्या का मुख्य स्नान आज हो रहा है और आधी रात से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र स्नान कर रहे हैं. स्नान छह घंटे से ज्यादा समय से चल रहा है और यह प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के जारी है. हर घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद हैं और स्नान कर रहे हैं.

ज्योतिषी आशुतोष वार्ष्णेय ने कहा कि मौनी अमावस्या स्नान का महत्व बहुत ज्यादा है. मान्यताओं के अनुसार, 33 करोड़ देवी-देवता प्रयागराज आते हैं और पवित्र स्नान करते समय मौन व्रत रखते हैं, जो इस अनुष्ठान के आध्यात्मिक महत्व को बताता है.

प्रयागराज में संगम घाट पर कड़ी सुरक्षा और ट्रैफिक के इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीमों, सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जा रही है. श्रद्धालुओं ने कहा कि मौनी अमावस्या है और इस पवित्र मौके पर हम यहां पवित्र स्नान करने आए हैं. हम आधी रात के करीब निकले थे, और स्नान पूरा करने के बाद अब हम घर वापस जा रहे हैं. कई श्रद्धालुओं ने माघ मेला के दौरान व्यवस्थाओं की प्रशंसा की.

NATIONAL : वो बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा… टीमें साढ़े चार घंटे तक रेस्क्यू में लगी रहीं, बेबस पिता के सामने इंजीनियर बेटे की मौत

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ग्रेटर नोएडा में एक हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया. यहां 27 साल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर नाले में गिरी कार के ऊपर खड़े होकर बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा. पुलिस, दमकल, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें साढ़े चार घंटे तक रेस्क्यू में लगी रहीं. मौके पर मौजूद पिता बेबसी से बेटे को जूझते देखते रहे, लेकिन देखते ही देखते बेटा कार सहित पानी में डूब गया.

ग्रेटर नोएडा में सेक्टर-150 एटीएस ली ग्रैंडियोस के पास शुक्रवार देर रात एक कार अनियंत्रित हो गई और नाले की दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे बेसमेंट में जा गिरी. नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस, दमकल टीम, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम ने करीब साढ़े चार घंटे तक रेस्क्यू कर 30 फीट गहरे पानी से युवक को निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

मृतक की पहचान सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी के रहने वाले 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के रूप में हुई है. युवराज केपिता ने अपनी आंखों के सामने बेटे के साथ हो रहे इस हादसे को देखा. पिता राजकुमार मेहता ने नॉलेज पार्क कोतवाली में घटनास्थल के पास बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर नहीं होने पर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है. इस पूरे मामले की जांच की जा रही है.

राजकुमार मेहता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से निदेशक के पद से सेवानिवृत हैं. उनकी पत्नी की कुछ साल पहले बीमारी के कारण हो मौत हो चुकी है. बड़ी बेटी यूनाइटेड किंगडम (यूके) में रहती है. बेटा युवराज मेहता गुरुग्राम के सेक्टर-54 स्थित कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था. वह वर्क फ्रॉम होम के साथ बीच-बीच में गुरुग्राम स्थित कंपनी जाता था.

शुक्रवार की रात युवराज गुरुग्राम से अपनी कार से लौट रहा था. घर से करीब 500 मीटर पहले सेक्टर-150 एटीएस ली ग्रैंडियोस के पास टी प्वाइंट पर युवराज की कार कोहरे के कारण नाले की दीवार को तोड़ते हुए पानी से लबालब भरे बेसमेंट में जा गिरी. ज्यादा पानी होने के कारण कार पलटने के बाद तैरने लगी. किसी तरह युवराज ने कार से बाहर आकर अपने पिता को फोन पर घटना की जानकारी दी.

पिता ने तुरंत डायल 112 पर कॉल किया और मौके पर पहुंचे. कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद कोतवाली प्रभारी सर्वेश सिंह दमकल को सूचना देकर मौके पर पहुंचे. वहीं नॉलेज पार्क फायर स्टेशन से दमकल कर्मी भी छोटी और बड़ी क्रेन के साथ पहुंच गए. उन्होंने क्रेन लगाकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर को निकालने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी.

इस दौरान युवक ने बीच-बीच में कार के ऊपर ही किसी तरह खड़े होकर टार्च जलाकर तेज-तेज आवाज लगाई, वह बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा. इस दौरान अंधेरे के साथ कोहरा होने के कारण पुलिस और दमकल को मशक्कत करनी पड़ी. प्लॉट में ठंडा पानी भरा होने के साथ निर्माणाधीन कॉलम से टकराने के डर से पुलिस और दमकलकर्मियों ने पानी के अंदर जाने का जोखिम नहीं उठाया.

इस दौरान मौके पर मौजूद पिता बार-बार पुलिस और दमकल से बेटे को बचाने की गुहार लगाते रहे. मगर रात 1:45 बजे उनका बेटा कार सहित पानी के अंदर जा समाया. कुछ देर बाद एसडीआरएफ की टीम आई. लेकिन जरूरी संसाधन नहीं होने के कारण एसडीआरएफ को कामयाबी नहीं मिल पाई.

इस दौरान गाजियाबाद स्थित एनडीआरएफ को भी सूचना दी गई. करीब डेढ़ घंटे बाद गाजियाबाद से आई एनडीआरएफ की टीम ने ढाई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के बाद गहरे पानी में स्टीमर उतारा और टार्च की रोशनी जलाकर युवराज को पानी से बाहर निकाला. उसे बेहोशी की हालत में इलाज के लिए नॉलेज पार्क स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पिता, रिश्तेदारों, गांव के लोगों ने रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी के आरोप लगाए हैं.पीड़ित पिता राजकुमार मेहता ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि सेक्टर-150 के लोगों द्वारा पहले भी नोएडा प्राधिकरण से कई बार मांग की गई थी कि नाले के आसपास मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड लगाए जाएं.

बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इससे आए दिन हादसे होते हैं. लेकिन प्राधिकरण की उदासीनता के कारण सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए. इसलिए मामले में संबंधित विभाग के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके.

नॉलेज पार्क कोतवाली प्रभारी सर्वेश सिंह ने कहा कि प्रथम दृष्टया हादसे का कारण तेज रफ्तार और कोहरे के कारण वाहन से नियंत्रण खोना लग रहा है, जिससे कार सीधे गहरे पानी में जा गिरी. इस मामले में मृतक के पिता ने तहरीर दी है, जांच की जा रही है.

NATIONAL : बीमा के ₹1 करोड़ पर क्लेश… IRB जवान की मौत के बाद पत्नी पहुंची कोर्ट, बुजुर्ग मां-बाप लगा रहे न्याय की गुहार

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पूर्वी सिंहभूम के मुसाबनी क्षेत्र में सड़क हादसे में शहीद IRB जवान सुधीर कुमार सिंह की मौत के बाद ₹1 करोड़ दुर्घटना बीमा राशि को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. विधवा बहू ने बीमा भुगतान रोक लगा दिया है. बुजुर्ग मां‑बाप न्याय के लिए मुसाबनी मुख्यालय पहुंचे और बहू पर प्रताड़ना व बीमा राशि पर दावा करने के आरोप लगाए हैं.

पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल से हैरान कर देने वाला पारिवारिक विवाद सामने आया है. इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) के जवान की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद अब उसके बूढ़े माता-पिता और विधवा पत्नी के बीच ₹1 करोड़ की दुर्घटना बीमा राशि को लेकर टकराव खुलकर सामने आ गया है. जवान के बुजुर्ग पिता ने बहू पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए मुसाबनी मुख्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है.

दरअसल, यह मामला घाटशिला के मुसाबनी क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पूर्व में IRB में कार्यरत जवान सुधीर कुमार सिंह की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. परिजनों का कहना है कि बेटे की मौत के बाद जो सहारा मिलना चाहिए था, वह भी विवाद और कानूनी लड़ाई में उलझ गया है.

जानकारी के मुताबिक, सुधीर कुमार सिंह (28) की मौत 26 मई 2025 को हुई थी. वह ड्यूटी से घर लौट रहे थे और साइकिल पर सवार थे, तभी मुसाबनी में एक ट्रक की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया.सुधीर कुमार सिंह इंडिया रिजर्व बटालियन में कार्यरत रह चुके थे. उनकी असमय मौत के बाद परिवार को मिलने वाली सुविधाओं और बीमा राशि को लेकर उम्मीद थी कि इससे बूढ़े माता-पिता और अन्य परिजनों का जीवन किसी तरह संभल सकेगा.

परिजनों का आरोप है कि मृतक की विधवा पत्नी नेहा कुमारी ने लालच में आकर ₹1 करोड़ की दुर्घटना बीमा राशि पर अपना दावा ठोक दिया है. जबकि बीमा पॉलिसी में नोमिनी के रूप में सुधीर की मां इतवारू देवी का नाम दर्ज है. बताया गया कि बहू ने इंश्योरेंस कंपनी को पत्र लिखकर नोमिनी को भुगतान नहीं करने का अनुरोध किया.जब इंश्योरेंस कंपनी की ओर से यह आवेदन स्वीकार नहीं किया गया, तो नेहा कुमारी ने भोजपुर के अवर न्यायाधीश प्रथम के न्यायालय में अपील दायर कर बीमा भुगतान पर रोक लगवा दी. इससे परिवार की मुश्किलें और बढ़ गईं.

शुक्रवार को मृतक जवान के बुजुर्ग पिता और उनके चाचा मुसाबनी स्थित IRB-2 मुख्यालय पहुंचे. उन्होंने कमांडेंट को एक लिखित शिकायत सौंपते हुए बहू पर गंभीर आरोप लगाए. शिकायत में कहा गया है कि बहू का उनके बेटे के साथ दांपत्य जीवन कभी सामान्य नहीं रहा और उसने पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं किया.

परिजनों का कहना है कि बहू ने पति की मौत के बाद सास-ससुर और कुंवारी ननद को बेसहारा छोड़ दिया है. अब हालात ऐसे हो गए हैं कि बूढ़े माता-पिता न्याय और सम्मान की लड़ाई लड़ने को मजबूर हैं.मृतक जवान के पिता और अन्य परिजन चाहते हैं कि दुर्घटना में मिलने वाली बीमा राशि पॉलिसी के अनुसार नोमिनी इतवारू देवी को मिले. उनका कहना है कि इसी राशि से कुंवारी बेटी की शादी, बीमार बेटे का इलाज और पूरे परिवार का जीवन-यापन संभव हो सकेगा.

सात महीने बाद अब मृतक जवान की सर्विस बुक में बहू का नाम दर्ज होने पर भी परिजनों ने आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि यह मामला केवल पैसों का नहीं, बल्कि बूढ़े मां-बाप के सम्मान और भविष्य से जुड़ा है. फिलहाल, मामला कानूनी प्रक्रिया में है और परिवार न्याय की आस लगाए बैठा है.

WORLD : ग्रीनलैंड को लेकर भड़के ट्रंप ने 8 देशों पर लगाया 10% टैरिफ, अब यूरोपीय यूनियन ने उठाया बड़ा कदम, अमेरिका की बढ़ेंगी मुश्किलें

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड खरीदने के लिए यूरोपीय यूनियन को टैरिफ की धमकी दी. लेकिन अब EU ने उलटा ट्रंप पर दबाव बनाते हुए व्यापार समझौता रोकने का फैसला किया है.यूरोपीय संघ (EU) के सांसद अब अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को मंजूरी देने से रोकने की तैयारी कर रहे हैं. यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ धमकी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड के मुद्दे पर यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की बात कही है.

ट्रंप की धमकी के जवाब में यूरोपीय संसद के सबसे बड़े ग्रुप यूरोपियन पीपुल्स पार्टी (EPP) के प्रमुख मैनफ्रेड वेबर ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘EPP EU-US ट्रेड डील का समर्थन करता है, लेकिन ग्रीनलैंड पर ट्रंप की धमकियों के कारण अभी इसकी मंजूरी संभव नहीं है. अमेरिकी उत्पादों पर EU के टैरिफ कम करने की योजना को फिलहाल रोकना होगा.’इसका मकसद दोनों तरफ से पूर्ण व्यापार युद्ध से बचना था. समझौता आंशिक रूप से लागू हो चुका है, लेकिन यूरोपीय संसद की मंजूरी अभी बाकी है. अगर EPP और लेफ्ट-लीनिंग ग्रुप मिलकर वोट दें, तो इसे रोकना या ब्लॉक करना आसान हो जाएगा.

कई EU सांसद पहले से ही इस डील को अमेरिका के पक्ष में ज्यादा झुका हुआ मानते थे. जुलाई समझौते के बाद अमेरिका ने स्टील और एल्युमिनियम पर 50% टैरिफ को सैकड़ों और EU उत्पादों तक बढ़ा दिया था, जिससे गुस्सा और बढ़ गया.यूरोपीय संसद के ट्रेड कमेटी चेयर बर्न्ड लांगे ने कहा कि देशों की संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए. उन्होंने समझौते के लागू होने को रोकने और EU के एंटी-कोएर्शन इंस्ट्रूमेंट (ACI) इस्तेमाल करने की बात कही, जो कभी इस्तेमाल नहीं हुआ है. यह टूल कोएर्सिव (दबाव वाली) ट्रेड कार्रवाइयों के खिलाफ टैरिफ, टेक कंपनियों पर टैक्स और निवेश रोक आदि का इस्तेमाल करने की शक्ति देता है.

डेनिश MEP पेर क्लाउसेन ने 30 सांसदों के हस्ताक्षर से एक लेटर भेजा है कि ग्रीनलैंड पर दावे और धमकियां जारी रहने तक डील को फ्रीज कर दिया जाए. EU के 27 देशों के राजदूत रविवार को इमरजेंसी मीटिंग में इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे. यह पूरा मामला ट्रांसअटलांटिक रिश्तों में तनाव बढ़ा रहा है और दोनों तरफ व्यापार युद्ध की आशंका पैदा कर रहा है.

ट्रंप ने 17 जनवरी 2026 को घोषणा की कि 1 फरवरी से 8 यूरोपीय देशों नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड्स, फिनलैंड और डेनमार्क के सामान पर 10% एक्स्ट्रा टैरिफ लगेगा. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका को ग्रीनलैंड को ‘पूरी तरह खरीदने’ की डील नहीं मिली, तो यह टैरिफ जून में बढ़कर 25% हो जाएगा. ग्रीनलैंड डेनमार्क का सेमी-ऑटोनॉमस इलाका है और ट्रंप लंबे समय से इसे अमेरिका में शामिल करने की बात कर रहे हैं.

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