Monday, April 13, 2026
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ENTERTAINMENT : ‘आज वो किसी और की पत्नी है…’, पुनीत सुपरस्टार का छलका दर्द, गर्लफ्रेंड को लेकर कही ये बात

यूट्यूबर और कंटेंट क्रिएटर पुनीत सुपरस्टार अपनी हरकतों के लिए सोशल मीडिया पर काफी मशहूर हैं. हाल ही में उन्होंने अपने प्यार और गर्लफ्रेंड के बारे में बताया है. जानिए उन्होंने क्या कहा. सोशल मीडिया पर अपनी अजीबोगरीब हरकतों और ‘लॉर्ड’ के नाम से मशहूर पुनीत सुपरस्टार अक्सर लोगों को हंसाते हुए नजर आते हैं. बिग बॉस ओटीटी 2 फेम पुनीत को लेकर लोग सोचते हैं कि वे अपनी ही दुनिया में मस्त रहते हैं लेकिन इस बार पुनीत का अलग ही रूप देखने को मिला.

हाल ही में सिद्धार्थ कन्नन को दिए एक इंटरव्यू में पुनीत काफी इमोशनल हो गए. अपनी पर्सनल लाइफ पर खुलकर बात करते हुए पुनीत ने पहली बार अपनी ‘अधूरी लव स्टोरी’ का खुलासा किया और बताया कि आखिर क्यों उनकी मोहब्बत शादी की दहलीज तक नहीं पहुंच पाई.

इंटरव्यू के दौरान जब सिद्धार्थ ने पुनीत से उनके प्यार और रिलेशनशिप स्टेटस के बारे में पूछा, तो हमेशा मजाकिया रहने वाले पुनीत अचानक गंभीर हो गए. उन्होंने कुबूल किया कि उनके जीवन में एक लड़की थी जिससे वो बहुत प्यार करते थे. उन्होंने बताया, ‘प्यार तो है… एक लड़की है जिससे मैं बहुत मोहब्बत करता हूं. लेकिन उस लड़की की शादी कहीं और हो चुकी है. पुनीत ने बड़े ही सादगी भरे लहजे में बताया कि वो अब अपनी शादीशुदा जिंदगी में आगे बढ़ चुकी है.

पुनीत ने बताया, ‘वह भी मुझसे प्यार करती थी, लेकिन परिवार के फैसले के आगे वह मजबूर थी. उस लड़की ने मुझसे कहा था कि उसके माता-पिता उसकी शादी एक पुराने रिश्तेदार से कराने पर अड़े हुए हैं.’ उसने कहा, ‘अगर आज मैं तुम्हारे लिए अपने माता-पिता को छोड़ सकती हूं, तो कल को किसी और के लिए तुम्हें भी छोड़ दूंगी. अगर मैं उनके खिलाफ लड़ सकती हूं, तो कल को तुम्हारे खिलाफ भी लड़ूंगी.’ पुनीत ने उसकी इस ईमानदारी का सम्मान किया और खुद उसे आगे बढ़ने की सलाह दी.

अपनी लव स्टोरी के बारे में पुनीत ने बताया कि उनका रिश्ता कभी भी फिजिकल या गलत नीयत वाला नहीं था. उन्होंने कहा, ‘हमारा रिश्ता बहुत पवित्र था. हम कभी किसी गलत चीज में शामिल नहीं हुए.’ पुनीत का मानना था कि अगर उस लड़की की खुशी किसी और के साथ है, तो उन्हें उसे रोकना नहीं चाहिए. वह लड़की अब शादी के बाद बेंगलुरु में शिफ्ट हो गई है और अपनी नई जिंदगी जी रही है.

अंत में पुनीत से जब पूछा गया कि उस लड़की से बात होती है तो उन्होंने कहा, ‘मैं उसे याद जरूर करता हूं, लेकिन हम फोन पर बात नहीं करते. बस कभी कोई त्योहार या खास मौका होता है, तो उसकी तरफ से मैसेज या कॉल आ जाता है. कोई ब्लॉक नहीं है, कुछ नहीं है. इतनी ही बात होती है.’

NATIONAL : मां को मारने इंग्लैंड से घर आया बेटा, फिर ऐसे दिया हत्या को अंजाम, बस एक गलती से ऐसे चढ़ गया पुलिस के हत्थे

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हरियाणा के यमुनानगर में सरपंच की पत्नी बलजिंद्र कौर की हत्या का रहस्य पुलिस ने सुलझा लिया है. जांच में पता चला कि हत्या खुद उनकी संतान गोमित राठी और उसके दोस्त पंकज ने मिलकर की थी. लंबे समय से मां-बेटे के तनाव और टकराव ने हत्या को जन्म दिया. दोनों को गिरफ्तार कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है.

हरियाणा के यमुनानगर में सरपंच की पत्नी बलजिंद्र कौर की हत्या का रहस्य पुलिस जांच में सुलझ गया है. शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि खुद महिला के सगे बेटे गोमित राठी और उसके दोस्त पंकज ने मिलकर की थी. लंबे समय से मां-बेटे के बीच तनाव और टकराव ने इस पवित्र रिश्ते को जघन्य वारदात में बदल दिया.

पुलिस के अनुसार, गोमित राठी 18 दिसंबर को इंग्लैंड से गुपचुप तरीके से भारत लौटा. उसकी वापसी की जानकारी केवल उसका करीबी दोस्त पंकज को थी. दोनों ने परिवार और गांववालों से यह बात छुपाई. 24 दिसंबर की रात श्यामपुर गांव में बलजिंद्र कौर की संदिग्ध मौत की सूचना पुलिस को मिली. शुरुआती तौर पर मामला संदिग्ध लगा, इसलिए इसे अपराध शाखा-2 को सौंपा गया.

सीआईए-2 प्रभारी राकेश कुमार के अनुसार, गोमित अपनी मां की रोक-टोक से लंबे समय से चिढ़ा हुआ था. वह धीरे-धीरे मां के लिए नफरत महसूस करने लगा. इस दौरान वह एक लड़की से प्रेम कर बैठा, लेकिन मां ने लड़की दूसरी जाति की होने पर उसे कड़ी डांट दी. इस घटना के बाद गोमित का गुस्सा और बढ़ गया और उसने बदला लेने का मन बना लिया. परिवार ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और उसे स्टडी वीजा पर इंग्लैंड भेज दिया, लेकिन वहां भी उसका मन बदले की आग में जल रहा था.

पुलिस ने बताया कि गोमित 24 दिसंबर की रात गांव पहुंचा और जानवरों के बाड़े में छिपकर सही मौके का इंतजार करता रहा. देर रात उसने अपनी मां पर हमला किया. पहले चोटें पहुंचाई और फिर गला दबाकर हत्या कर दी. हत्या के बाद उसने शव को पानी की हौदी में फेंक दिया, ताकि यह घटना दुर्घटना जैसी लगे.पुलिस के अनुसार, पंकज ने न केवल गोमित की भारत वापसी को गुप्त रखा, बल्कि हत्या से पहले और बाद में भी उसकी मदद की. दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया.

एसपी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने लोकेशन ट्रैकिंग, मोबाइल डेटा, गांव के आसपास की गतिविधियों और घटनास्थल की परिस्थितियों का अध्ययन किया. सभी साक्ष्य गोमित की संलिप्तता की ओर इशारा कर रहे थे. डीएसपी ने बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान गहन पूछताछ की जाएगी और हत्या में इस्तेमाल किए गए सभी साधनों की बरामदगी के साथ अपराध की सभी कड़ियों को पूरी तरह स्पष्ट किया जाएगा.

पुलिस का कहना है कि यह मामला माता-पिता और बच्चों के बीच पैदा हुए तनाव का जघन्य परिणाम है और इसे तकनीकी जांच और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर हल किया गया है. आरोपी बेटे और उसके दोस्त के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे जारी रहेगी.

ENTERTAINMENT : ‘वो सो रहे थे तभी…’, 43 की उम्र में अचानक कैसे गई ‘इंडियन आइडल 3’ के विनर प्रशांत तमांग की जान? पत्नी ने तोड़ी चुप्पी

‘इंडियन आइडल 3’ के विनर प्रशांत तमांग का 11 जनवरी को अचानक निधन हो गया. उनके निधन से परिवार, दोस्त और तमाम फैंस का दिल टूट गया है. सिंगर के अचानक हुए निधन को लेकर उनकी पत्नी ने अब डिटेल साझा की है.

‘इंडियन आइडल 3’ के विनर रहे प्रशांत तमांग अब इस दुनिया में नहीं रहे. 11 जनवरी को उनका निधन हो गया. 43 साल की उम्र में वो अचानक इस दुनिया को अलविदा कह गए. उनके निधन से पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री को झटका लगा है. प्रशांत का परिवार भी उनके निधन से टूट गया है. प्रशांत की पत्नी ने अब सिंगर की अचानक हुई मौत पर चुप्पी तोड़ी है.

प्रशांत की पत्नी मार्था एली ने समाचार एजेंसी संग बातचीत में कहा- मैं सभी का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं. मुझे दुनियाभर से लोगों की कॉल्स आ रही हैं. मैं जिन लोगों को जानती हूं और जिन्हें नहीं भी जानती, वो सभी मुझे फूल भेज रहे हैं. लोग मेरे घर के बाहर खड़े हैं. आखिरी बार प्रशांत को देखने के लिए लोग हॉस्पिटल भी पहुंचे.

Smriti Iraniचानक हुए निधन पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. इसपर प्रशांत की पत्नी ने कहा कि इसमें कुछ संदिग्ध परिस्थिति जैसा नहीं है. उनकी मौत नेचुरली हुई है. वो सो रहे थे और नींद में ही हमें छोड़कर चले गए. उस वक्त मैं उनके साथ ही थी. मार्था एली ने लोगों से विनती की कि वो उनके पति को हमेशा ऐसे ही प्यार करते रहें. उन्होंने आगे कहा- आप जैसे पहले प्रशांत को प्यार करते थे वैसे अभी भी करते रहना. वो एक शानदार इंसान थे. उम्मीद करती हूं कि आप उन्हें एक अच्छे इंसान के तौर पर ही याद रखेंगे.

प्रशांत तमांग की बात करें तो वो दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) के रहने वाले थे. इंडियन आइडल 3 का विनर बनने के बाद उनके करियर को काफी ऊंचाइयां मिली थीं. शो से वो घर-घर में फेमस हो गए थे. उन्हें फैंस का खूब प्यार मिलता था. सिंगिंग के बाद उन्होंने एक्टिंग में कदम रखा था. वो ‘पाताल लोक’ सीरीज में नजर आए थे. वो सलमान खान की अपकमिंग फिल्म ‘द बैटल ऑफ गलवान’ में दिखेंगे. उन्होंने हाल ही में फिल्म की शूटिंग पूरी की थी. ये प्रशांत की आखिरी फिल्म होगी.

NATIONAL : बॉयफ्रेंड के साथ अंतरंग हालत में थी बेटी…, पिता की पड़ी नजर तो हो गया खूनी खेल

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एटा जिले में ऑनर किलिंग का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जैथरा थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी सुहागपुर में प्रेम संबंधों से नाराज परिजनों ने प्रेमी युगल की धारदार हथियार से हत्या कर दी. घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई. पुलिस ने मृतका के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

उत्तर प्रदेश में एटा से एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. यहां प्रेम संबंधों के चलते एक प्रेमी युगल की हत्या कर दी गई. प्रेमिका के परिजनों ने बेरहमी से इस वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने घटना के बाद आरोपी माता -पिता को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है.मामला जैथरा थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी सुहागपुर का है, जहां प्रेमिका शिवानी से मिलने पहुंचे उसके प्रेमी दीपक को परिजनों ने आपत्तिजनक हालत में देख लिया. इसके बाद गुस्से और तथाकथित इज्जत के नाम पर दीपक पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर निर्मम हत्या कर दी गई. साथ ही उन्होंने शिवानी की भी जान ले ली. घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया और आरोपी परिजन घर छोड़कर फरार हो गए.

सूचना मिलते ही जैथरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया. घटना की गंभीरता को देखते हुए खुद एसएसपी एटा श्याम नारायण सिंह मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने प्रेमी दीपक के शव का बारीकी से निरीक्षण किया और इसे बेहद दर्दनाक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया.

SSP एटा श्याम नारायण सिंह ने कहा कि,’मामले की गहनता से जांच की जा रही है. प्रथम दृष्टया यह ऑनर किलिंग जैसा प्रतीत होता है. दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा.’पुलिस ने मृतका शिवानी के माता-पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. वहीं, परिवार के अन्य सदस्य और संभावित आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं.

गांव में इस दोहरे हत्याकांड के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है. लोग सहमे हुए हैं और चारों तरफ इस वारदात की चर्चा है. प्रेम संबंधों को लेकर समाज में फैली संकीर्ण सोच और तथाकथित इज्जत के नाम पर हुई इस हत्या ने एक बार फिर कानून और इंसानियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे दोनों की मौत की सही वजह सामने आ सके.

JAIPUR : घर खर्च के लिए महिला मास्टरमाइंड ने बनाई ‘लुटेरी गैंग’, रिश्तेदारों के साथ देती थी वारदात को अंजाम

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जयपुर में एयरपोर्ट थाना पुलिस ने ज्वेलरी शॉप में ग्राहक बनकर चांदी चोरी करने वाली महिला गैंग का पर्दाफाश किया है. गिरोह की मास्टरमाइंड नीरू उर्फ सोन्या को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी ने रिश्तेदार महिलाओं के साथ मिलकर श्याम ज्वैलर्स से चांदी की पायल से भरी ट्रे चुराई थी. पुलिस ने चोरी की गई 6 पायल बरामद की हैं और फरार आरोपियों की तलाश जारी है.

जयपुर में शातिर महिला चोर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. एयरपोर्ट थाना पुलिस ने ज्वेलरी शॉप में ग्राहक बनकर लाखों की चांदी चोरी करने वाली महिला गैंग की मास्टरमाइंड नीरू उर्फ सोन्या को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, नीरू अपने शौक पूरे करने और घर का खर्च चलाने के नाम पर रिश्तेदार महिलाओं के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देती थी.

हैरानी की बात यह है कि इस गिरोह में शामिल महिलाएं आपस में रिश्तेदार हैं और बेहद सधे तरीके से दुकानों को निशाना बनाती थीं. आरोपी महिलाएं खुद को सामान्य ग्राहक दिखाकर दुकानदारों को बातों में उलझाती थीं और मौका मिलते ही कीमती चांदी पर हाथ साफ कर लेती थीं.पुलिस के मुताबिक, यह मामला 3 जनवरी का है. जयपुर के जगतपुरा बाजार स्थित श्याम ज्वैलर्स शॉप में तीन महिलाएं ग्राहक बनकर पहुंचीं. उन्होंने चांदी की ज्वेलरी दिखाने के बहाने दुकानदार को बातचीत में उलझाया और इसी दौरान चांदी की पायल से भरी एक पूरी ट्रे चोरी कर ली.

चोरी के समय दुकानदार को किसी तरह की भनक तक नहीं लगी और तीनों महिलाएं आराम से दुकान से बाहर निकल गईं. बाद में जब दुकान में स्टॉक का मिलान किया गया, तब चोरी का पता चला. इसके बाद पीड़ित ज्वेलर के बेटे ने एयरपोर्ट थाने में मामला दर्ज कराया.

एयरपोर्ट थानाधिकारी रूप नारायण ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. फुटेज में तीन संदिग्ध महिलाएं साफ तौर पर नजर आईं. जांच के आधार पर पुलिस ने कोटा निवासी 38 वर्षीय नीरू उर्फ सोन्या को गिरफ्तार किया.पूछताछ में सामने आया कि चोरी की इस वारदात को नीरू ने ही अंजाम दिया था. उसने कंबल की आड़ में ज्वेलरी चुराई थी. नीरू ने पुलिस को बताया कि इस वारदात में उसके साथ उसकी रिश्तेदार गुड्डी और मौसम भी शामिल थीं.

पुलिस ने आरोपी महिला मास्टरमाइंड के कब्जे से ज्वेलरी शॉप से चोरी की गई चांदी की 6 पायल बरामद कर ली हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह महिला गिरोह केवल जयपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि कई अन्य राज्यों में भी इसी तरह की चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है.फिलहाल पुलिस गिरोह की फरार दो महिलाओं गुड्डी और मौसम की तलाश में जुटी हुई है. पुलिस का कहना है कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद इस महिला चोर गैंग से जुड़े और भी मामलों का खुलासा हो सकता है.

NATIONAL : पूर्णिया में युवती से गैंगरेप, 6 युवकों ने जबरन शराब पिलाकर की हैवानियत

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पूर्णिया से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक युवती को किडनैप करने के बाद 6 युवकों ने उसे शराब पिलाई और गैंगरेप किया. पीड़िता की हालत गंभीर है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

बिहार के पूर्णिया से रूह कंपा देने वाली एक वारदात सामने आई है, जहां एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया है. बताया जाता है कि आधा दर्जन युवकों ने न केवल युवती का अपहरण किया, बल्कि उसे जबरन शराब पिलाकर पूरी रात दरिंदगी की. फिलहाल पीड़िता की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और वह पूर्णिया जीएमसीएच में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है.

घटना डगरूआ थाना क्षेत्र स्थित बरियार चौक स्थित जया ट्रेडर्स में हुई है. पुलिस ने घटनास्थल से जया ट्रेडर्स के संचालक मोहम्मद जुनेद को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार लड़की नेवललाल चौक से पैदल ही अपने घर की ओर जा रही थी. इसी दौरान एक चार पहिया वाहन पर सवार छह युवकों ने उसे रास्ते में ही रोक लिया. विरोध करने पर युवकों ने जबरन उसे गाड़ी में खींच लिया और शोर मचाने से रोकने के लिए उसका मुंह बंद कर दिया.

इसके बाद आरोपी उसे लेकर बरियार चौक स्थित जया ट्रेडर्स के एक सुनसान कमरे में पहुंचे, जहां उसे बंधक बना लिया गया. दरिंदगी की हदें तब पार हो गई जब आरोपियों ने युवती को जबरदस्ती शराब पिलाई. फिर सभी 6 आरोपियों ने युवती के साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया. इस हैवानियत के बाद पांच आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि एक आरोपी मोहम्मद जुनेद वहीं रुक गया. गंभीर स्थिति में होने के बावजूद पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी. वारदात के बाद जब मुख्य आरोपी मो. जुनेद नशे की हालत में सो गया, तब पीड़िता ने बड़ी चतुराई से उसी का मोबाइल उठाया और डायल 112 पर पुलिस को फोन कर अपनी लोकेशन और आपबीती बताई.

सूचना मिलते ही डगरूआ थाना की पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हुई और लोकेशन ट्रैक कर जया ट्रेडर्स पहुंची. कमरे के बाहर ताला लटका देख पुलिस ने लोहे की रॉड और ईंटों की मदद से दरवाजा तोड़ा. जब पुलिस ने अंदर प्रवेश किया तो अंदर का मंजर भयावह था. पीड़िता बदहवास और लहूलुहान हालत में रो रही थी, जबकि आरोपी बगल में ही सो रहा था.

पुलिस ने तत्काल मोहम्मद जुनेद को गिरफ्तार कर लिया. डगरूआ थाना की एसआई पूर्णिमा कुमारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया 6 युवकों ने मिलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया है. एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है. पीड़िता की हालत काफी गंभीर है, जिसे बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया GMCH में भर्ती कराया गया है. फरार पांच अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी दल गठित कर दिया गया है.

NATIONAL : जमीन का मुआवजा मिलते ही पति को दिया धोखा, लाखों रुपये और जेवर लेकर प्रेमी संग भागी पत्नी

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झांसी में एक विवाहिता मुआवजे का पैसा मिलने के बाद अपने प्रेमी के साथ रुपये लेकर फरार हो गई. इस घटना से परिवार वाले भी टेंशन में हैं. वहीं पति की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है.

झांसी में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीड़ा) के तहत जमीन अधिग्रहण के बाद मिले मुआवजे ने एक परिवार की खुशियों को गहरे विवाद और तनाव में बदल दिया. यहां के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नया गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां रक्सा थाना क्षेत्र के ग्राम बाजना निवासी युवक की पत्नी मुआवजे की रकम और लाखों के जेवरात लेकर अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई. पीड़ित पति ने पत्नी पर न केवल धोखा देने बल्कि घर से नकदी और जेवरात चोरी कर ले जाने का गंभीर आरोप लगाया है.

पीड़ित पति चंदन अहिरवार ने बताया कि उसके पिता ग्यासी अहिरवार की जमीन बीड़ा योजना के तहत अधिग्रहित हुई थी. जिसके एवज में उन्हें मुआवजा मिला था. ग्यासी अहिरवार ने यह रकम अपने तीनों बेटों जगत, अर्जुन और चंदन को बराबर-बराबर करीब 8-8 लाख रुपए के रूप में दी थी. चंदन के अनुसार इसी रकम से वह मकान निर्माण और पारिवारिक भविष्य की योजना बना रहा था.

चंदन ने आगे बताया कि उसकी शादी करीब पांच साल पहले प्रेमनगर निवासी रेशमा अहिरवार से हुई थी. दंपति के एक बेटा और एक बेटी हैं. चंदन का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही रेशमा के पड़ोस में रहने वाले युवक अभिषेक अहिरवार से प्रेम संबंध हो गए थे. इसे लेकर घर में आए दिन विवाद होता था.

चंदन के मुताबिक 4–5 दिन पहले उसने अपनी पत्नी को अभिषेक से मोबाइल पर बात करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था. जिसको लेकर उसका कई बार झगड़ा भी हुआ था. इसी बीच 5 जनवरी को विवाद इतना बढ़ गया कि रेशमा ने उस पर खौलती चाय फेंक दी, जिससे वह झुलस गया. वहीं अगले दिन रेशमा ने चंदन से कहा कि उसके माता-पिता गांव में भंडारे का आयोजन कर रहे हैं. ऐसे में वह वहां जाएगी और संक्रांति के दिन वापस लौट आएगी.

इस पर चंदन उसे प्रेमनगर के नया गांव छोड़कर आया भी था. लेकिन 9 जनवरी को भंडारे के दिन परिवार के सभी सदस्य मंदिर गए हुए थे. इसी दौरान रेशमा ने तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर मंदिर जाने से इनकार कर दिया और अपनी बेटी को साथ लेकर पड़ोसी अभिषेक अहिरवार के साथ फरार हो गई. बाद में जब चंदन ने पत्नी के भाई से जानकारी ली तो उसने पत्नी द्वारा फोन पर बात किए गए एक नंबर के बारे में जानकारी दी.

पति ने जांच की तो पता चला कि वह नंबर अभिषेक अहिरवार का है. बाद में चंदन जब घर पहुंचा और जांच की तो पाया कि मकान बनवाने के लिए रखे 50 हजार रुपए नकद व बीड़ा के पैसों से खरीदे गए करीब 5 लाख के सोने-चांदी के जेवरात घर से गायब थे. चंदन ने इस संबंध में अपने ससुराल पक्ष से संपर्क किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला.

रंजना देवी ने बताया कि देवरानी रेशमा के पड़ोसी अभिषेक के साथ प्रेम संबंध थे. दोनों छत से एक-दूसरे को इशारे किया करते थे, जिसको लेकर घर में रोज झगड़े होते थे. रंजना के अनुसार जाते समय रेशमा करीब 5 लाख के जेवर और 50 हजार रुपए नकद साथ ले गई. वहीं चंदन की मां और रेशमा की सास गुड्डी देवी ने बताया कि बहू चोरी-छिपे अभिषेक से बात करती थी. झगड़े के दौरान उसने उनके बेटे पर खौलती चाय डाल दी थी. मोहल्ले वालों के मुताबिक रेशमा मुंह बांधकर किसी गाड़ी में बैठकर गई थी.

चंदन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने बताया कि बीड़ा मुआवजे के बाद बढ़ रहे ऐसा यह पहला मामला नहीं है. बीड़ा के तहत मुआवजा मिलने के बाद आसपास के इलाकों में ऐसे कई विवाद और परिवार टूटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. फिलहाल इस घटना के बाद परिवार में तनाव का माहौल बना हुआ है.

NATIONAL : 10-10 रुपये जोड़कर ‘राजू भिखारी’ ने लगाया कंबलों का लंगर; 500 जरूरतमंदों को कड़ाके की ठंड से दी राहत

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जहां कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है, वहीं ‘मन की बात’ फेम राजू भिखारी एक बार फिर चर्चा में हैं. खुद बेघर होने के बावजूद राजू ने सर्दी की मार झेल रहे बेसहारा लोगों के लिए कंबलों का लंगर लगाया और करीब 500 गर्म कंबल वितरित किए.

पूरे उत्तर भारत में शीत लहर का प्रकोप पूरी तरह से जारी है और इस प्रकोप के चलते कई लोग बीमार हो रहे हैं. ऐसे हालात में बेसहारा और जरूरतमंद लोग इस कड़ाके की ठंड से सबसे ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं. इसी बीच एक ऐसा इंसान, जो खुद भीख मांगकर अपना जीवन यापन करता है, उसने आज जरूरतमंद लोगों के लिए गर्म कंबलों का लंगर लगाया और करीब 500 कंबल जरूरतमंदों में वितरित किए.

राजू का कहना है कि यह लंगर किसी बड़े दान से नहीं, बल्कि उनके द्वारा मांगे गए 10-10 रुपये के सिक्कों को इकट्ठा करके संभव हो पाया है. राजू भावुक होकर कहते हैं, “शायद भगवान ने मेरी ड्यूटी लगा रखी है कि जो भी जरूरतमंद आए, उसकी मदद करूं. भगवान करवाता जाता है और मैं करता जाता हूं.”एक ओर जहां लोग संपन्न होकर भी दान से कतराते हैं, वहीं राजू ने अपनी भूख और सुख की चिंता किए बिना दूसरों की रक्षा को प्राथमिकता दी.

यह पहली बार नहीं है जब राजू ने समाज सेवा की हो. कोरोनाकाल के दौरान महामारी के दौरान जब देश संकट में था, तब राजू ने अपनी जमापूंजी से गरीबों की मदद की थी. उनके इस निस्वार्थ जज्बे का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कर चुके हैं.

इस संबंध में जब राजू भिखारी से बातचीत की गई तो उन्होंने सरकार से अपने लिए एक घर देने की मांग की. उन्होंने कहा कि उनके पास रहने के लिए कोई घर नहीं है और उन्हें रहने के लिए कोई स्थायी स्थान दिया जाना चाहिए.आज किए गए इस नेक कार्य के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि दस-दस रुपये इकट्ठा करके उन्होंने यह कंबलों का लंगर लगाया है. उन्होंने कहा कि शायद भगवान ने उनकी ड्यूटी लगा रखी है कि जो भी जरूरतमंद उनके पास आता है, उसकी मदद की जाए. भगवान करवाता जाता है और वह करते जाते हैं.

वहीं, मौके पर पहुंचे स्थानक लोगों ने राजू की सराहना करते हुए कहा कि लोगों को इनसे सीख लेनी चाहिए और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आना चाहिए.जहां कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है, वहीं ‘मन की बात’ फेम राजू भिखारी एक बार फिर चर्चा में हैं. खुद बेघर होने के बावजूद राजू ने सर्दी की मार झेल रहे बेसहारा लोगों के लिए कंबलों का लंगर लगाया और करीब 500 गर्म कंबल वितरित किए.

पूरे उत्तर भारत में शीत लहर का प्रकोप पूरी तरह से जारी है और इस प्रकोप के चलते कई लोग बीमार हो रहे हैं. ऐसे हालात में बेसहारा और जरूरतमंद लोग इस कड़ाके की ठंड से सबसे ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं. इसी बीच एक ऐसा इंसान, जो खुद भीख मांगकर अपना जीवन यापन करता है, उसने आज जरूरतमंद लोगों के लिए गर्म कंबलों का लंगर लगाया और करीब 500 कंबल जरूरतमंदों में वितरित किए.

राजू का कहना है कि यह लंगर किसी बड़े दान से नहीं, बल्कि उनके द्वारा मांगे गए 10-10 रुपये के सिक्कों को इकट्ठा करके संभव हो पाया है. राजू भावुक होकर कहते हैं, “शायद भगवान ने मेरी ड्यूटी लगा रखी है कि जो भी जरूरतमंद आए, उसकी मदद करूं. भगवान करवाता जाता है और मैं करता जाता हूं.”एक ओर जहां लोग संपन्न होकर भी दान से कतराते हैं, वहीं राजू ने अपनी भूख और सुख की चिंता किए बिना दूसरों की रक्षा को प्राथमिकता दी.

यह पहली बार नहीं है जब राजू ने समाज सेवा की हो. कोरोनाकाल के दौरान महामारी के दौरान जब देश संकट में था, तब राजू ने अपनी जमापूंजी से गरीबों की मदद की थी. उनके इस निस्वार्थ जज्बे का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कर चुके हैं.

इस संबंध में जब राजू भिखारी से बातचीत की गई तो उन्होंने सरकार से अपने लिए एक घर देने की मांग की. उन्होंने कहा कि उनके पास रहने के लिए कोई घर नहीं है और उन्हें रहने के लिए कोई स्थायी स्थान दिया जाना चाहिए.आज किए गए इस नेक कार्य के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि दस-दस रुपये इकट्ठा करके उन्होंने यह कंबलों का लंगर लगाया है. उन्होंने कहा कि शायद भगवान ने उनकी ड्यूटी लगा रखी है कि जो भी जरूरतमंद उनके पास आता है, उसकी मदद की जाए. भगवान करवाता जाता है और वह करते जाते हैं.

वहीं, मौके पर पहुंचे स्थानक लोगों ने राजू की सराहना करते हुए कहा कि लोगों को इनसे सीख लेनी चाहिए और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आना चाहिए.

NATIONAL : साप्ताहिक बाजार से 4 महीने का बच्चा हुआ चोरी, जांच में जुटी पुलिस

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पूर्वी सिंहभूम जिले से एक 4 महीने का बच्चा चोरी हो गया. बताया जाता है कि बच्चे को एक महिला चुराकर ले गई है. फिलहाल बच्चे की मां की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में एक साप्ताहिक बाज़ार से चार महीने के बच्चे को चुरा लिया गया. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी. अधिकारी ने बताया कि रविवार को एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ, जिसमें वह बच्चा भी शामिल था, डुमरिया के रंगमटिया में साप्ताहिक देगाम बाज़ार गई थी.

उसने बच्चे को अपनी 8 साल की बेटी की देखरेख में छोड़ दिया और कुछ काम से चली गई. लड़की को अकेला देखकर एक महिला उसके पास आई और उसे 20 रुपये देकर कुछ खरीदने को कहा, साथ ही बच्चे की देखभाल करने का भरोसा भी दिलाया.

जैसे ही लड़की वहां से गई, वह महिला बच्चे को लेकर भाग गई. बेटी के घटना बताने के बाद मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. कोवाली पुलिस स्टेशन के इंचार्ज धनंजय कुमार पासवान ने कहा कि हम महिला की पहचान करने के लिए CCTV फुटेज देख रहे हैं और आस-पास के पुलिस स्टेशनों को अलर्ट कर दिया है.हम गांव वालों से भी जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं. महिला ने बताया कि बाजार में खरीददारी कर रही थी और दोनों बच्चों को बड़ी बेटी की देखरेख में छोड़ दिया था. इसी दौरान एक महिला चार महीने के बच्चे को लेकर चली गई. मामले की शिकायत पुलिस से की गई है.

NATIONAL : लावारिस मिठाई का पैकेट बना काल… खाने के 15 मिनट बाद हुई उल्टियां, 1 मौत, परिवार के 4 लोग अस्पताल में भर्ती

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छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव में एक अज्ञात मिठाई खाने से PHE कर्मचारी दसरू यदुवंशी की मौत हो गई. दुकानदार मुकेश कचौरिया के परिवार के 4 सदस्य भी गंभीर रूप से बीमार हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में एक चाय की दुकान पर छोड़ी गई अज्ञात मिठाई जानलेवा साबित हो गई. मिठाई खाने के बाद पीएचई विभाग में कार्यरत 50 वर्षीय कर्मचारी दसरू यदुवंशी की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि चाय दुकानदार मुकेश कचौरिया के परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से बीमार हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सभी को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल पहुंचाया गया.

घटना जुन्नारदेव के पीएचई कार्यालय के पास स्थित वार्ड नंबर-3 की है. जानकारी के अनुसार, किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा चाय की दुकान पर मिठाई का एक पैकेट छोड़ दिया गया था. पीएचई कार्यालय में कार्यरत दसरू यदुवंशी ने वह मिठाई खा ली, जिसके करीब 15 मिनट बाद उन्हें तेज उल्टियां, दस्त और घबराहट शुरू हो गई.

चाय दुकानदार मुकेश कचौरिया ने बताया, ”परसों एक थैली में मिठाई का पैकेट मिला था. दसरू यदुवंशी ने मिठाई खाई, करीब 15 मिनट बाद उन्हें उल्टियां शुरू हो गईं. वे खुद बाजार जाकर दवा लाए, लेकिन कोई आराम नहीं मिला. बाद में उनके साले को बुलाया गया और उन्हें जुन्नारदेव अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालत बिगड़ने पर छिंदवाड़ा जिला अस्पताल रेफर किया गया, फिर प्राइवेट अस्पताल में एडमिट किया गया. वहां एक अंग ने काम करना बंद कर दिया और सुबह उनकी मौत की खबर मिली.”

मुकेश कचौरिया ने आगे बताया कि,“सुबह मेरी पत्नी को वही मिठाई के दो टुकड़े मिले, जिसे वह घर ले गई. मेरी दूसरी नंबर की बेटी खुशबू ने मिठाई खाई और तुरंत उल्टियां शुरू हो गईं. इसके बाद मेरे पिता, पत्नी और दोनों बेटियां बीमार हो गईं. चार लोग अस्पताल में भर्ती हैं.

नगरपालिका अध्यक्ष रमेश सालोडे ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, ”वार्ड नंबर 3 में मुकेश कचौरिया की चाय की दुकान है. वहां कोई अज्ञात व्यक्ति मिठाई का पैकेट भूल गया था. पीएचई के कर्मचारी दसरू यदुवंशी ने मिठाई खाई और संभवतः दूसरों को भी दी. इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. मुकेश कचौरिया के परिवार के चार सदस्यों ने भी मिठाई खाई, जिन्हें उल्टियां हुईं. सभी को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल मिठाई उनकी स्थिति स्थिर है.

बीएमओ सुरेश नागवंशी ने बताया कि 10 जनवरी को दसरू यदुवंशी (50 वर्ष) को उल्टी-दस्त की शिकायत के साथ सामुदायिकसुरेश स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था. परिजनों ने बताया कि उन्होंने किसी अज्ञात मिठाई का सेवन किया है. हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें जिला अस्पताल छिंदवाड़ा रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.

उन्होंने आगे बताया इसके बाद एक ही परिवार के चार सदस्यों ने भी उसी मिठाई का सेवन किया था. इनमें से दो लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है. 72 वर्षीय सुंदरलाल को उल्टी-दस्त में सुधार न होने के कारण जिला अस्पताल भेजा गया है, जबकि अन्य की हालत सामान्य है.

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