Saturday, April 25, 2026
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ENTERTAINMENT : सेट पर इस एक्टर को इग्नोर करती थीं शबाना आजमी, बना ली थी दूरी, 42 साल बाद सामने आई वजह

साल 1983 में रिलीज हुई फिल्म ‘मासूम’ में शबाना आजमी और जुगल हंसराज ने एक साथ काम किया था. अब सालों बाद एक्टर जुगल ने इस पर बात की और बताया कि सेट पर शबाना उन्होंने इग्नोर करती थी.

जब हम 80 के दशक की यादगार फिल्मों की बात करते हैं, तो शेखर कपूर की ‘मासूम’ का जिक्र जरूर होता है. इस फिल्म ने न केवल अपनी कहानी से लोगों का दिल जीता, बल्कि किरदारों के बीच के तनाव और भावनाओं को भी पर्दे पर बखूबी उतारा. हाल ही में फिल्म के नन्हे ‘राहुल’ यानी जुगल हंसराज ने एक बेहद दिलचस्प खुलासा किया है.

दरअसल पिंकविला को दिए इंटरव्यू में जुगल हंसराज ने बताया कि कैसे दिग्गज एक्ट्रेस शबाना आजमी फिल्म के सेट पर उनसे जानबूझकर दूरी बनाकर रखती थीं, ताकि पर्दे पर उनकी सौतेली मां वाला रूखापन एकदम असली नजर आए.

एक्टर्स जुगल हंसराज और शबाना आजमी ने 1983 की फिल्म मासूम में साथ काम किया था. जिसमें उन्होंने उनकी सौतेली मां का रोल निभाया था. अब पिंकविला से बात करते हुए जुगल ने बताया कि वह फिल्म के सेट पर उन्हें इग्नोर किया करती थी. शूटिंग के दिनों में तब उन्हें समझ नहीं आया था वह ऐसा क्यों करती थीं.

जुगल ने आगे कहा, ‘शबाना हालांकि दो दूसरी चाइल्ड एक्टर्स – उर्मिला मातोंडकर और आराधना के साथ फ्रेंडली थीं. वो दोनों बच्चियों के साथ बहुत फ्रेंडली थीं, क्योंकि वो मां थीं और वो फिल्म में उनके बच्चे थे. लेकिन शबाना जी मुझसे थोड़ी दूरी रखती थीं.’एक्ट्रेस ने बताया ,’बाद में पता चला कि यह उनके प्रोसेस का हिस्सा था कि वह नहीं चाहती थीं कि हम करीब आएं क्योंकि वह कोल्डनेस जो है वह स्क्रीन पर दिखनी चाहिए. सबको पता चला कि मुझमें और मां में भी एक डिस्कम्फर्ट है. तो वह बहुत खूबसूरती से उन्होंने किया था.’

बता दें कि फिल्म ‘मासूम’ एक ड्रामा फिल्म है. जिसमें शबाना ने इंदु मल्होत्रा ​​का रोल निभाया था और एक युवा जुगल राहुल मल्होत्रा ​​के रूप में दिखे थे. यह फिल्म शेखर कपूर की डायरेक्टर के तौर पर पहली फिल्म थी. यह 1980 के एरिक सेगल के नॉवेल मैन, वुमन एंड चाइल्ड का अडैप्टेशन है. फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, सईद जाफरी, तनुजा और सुप्रिया पाठक भी हैं. इसमें उर्मिला, आराधना और जुगल ने चाइल्ड एक्टर्स के तौर पर डेब्यू किया था.

फैंस ने शबाना को आखिरी बार हितेश भाटिया के डायरेक्शन में बनी क्राइम ड्रामा सीरीज डब्बा कार्टेल में देखा था. इसमें ज्योतिका, शालिनी पांडे, निमिषा सजयन और अंजलि आनंद भी थीं. जुगल को आखिरी बार राज और डीके द्वारा बनाई गई स्पाई थ्रिलर सीरीज ‘द फैमिली मैन’ के तीसरे सीजन में देखा गया था. इसमें मनोज बाजपेयी, प्रियामणि, शारिब हाशमी, दलीप ताहिल और श्रेया धनवंतरी समेत कई कलाकार थे.

ENTERTAINMENT : ‘अमिताभ ने नहीं खरीदा अवॉर्ड, बाद में अनिल कपूर को मिला’, इस प्रोड्यूसर ने किया बड़ा दावा

बॉलीवुड प्रोड्यूसर मनोज देसाई का दावा है कि अनिल कपूर ने बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड खरीदा था, जिसे अमिताभ बच्चन पहले खरीदने से ठुकरा चुके थे. हालांकि उनके मुताबिक बिग बी ने पहले ही बता दिया था कि वो अवॉर्ड किसे मिलेगा.

बॉलीवुड में पिछले कई सालों से अवॉर्ड सेरेमनी की प्रथा चली आ रही है. जिस भी एक्टर को ‘बेस्ट एक्टर’ अवॉर्ड से नवाजा जाता है, माना जाता है कि उनकी वैल्यू इंडस्ट्री में काफी बढ़ जाती है. इसी चक्कर में कई लोग अवॉर्ड्स खरीदने भी लग गए हैं. इस बात का खुलासा कई एक्टर्स और स्टार्स कर चुके हैं.

हाल ही में बॉलीवुड के जाने-माने प्रोड्यूसर और मुंबई के फेमस थिएटर गेटी गैलेक्सी के मालिक मनोज देसाई ने इंडस्ट्री से जुड़े कई दावे किए हैं. उनका कहना है कि एक बार अमिताभ बच्चन के पास अवॉर्ड खरीदने का ऑफर आया था, जिसे एक्टर ने इनकार किया. मगर फिर वो अवॉर्ड अनिल कपूर के पास गया. उनका दावा है कि अनिल कपूर ने वो अवॉर्ड खरीदा था.

विक्की लालवानी के यूट्यूब चैनल पर मनोज देसाई ने कहा, ‘एक बार मैं और अमिताभ बच्चन साथ बैठे हुए थे. उस समय अवॉर्ड फंक्शन चल रहा था. तभी रऊफ अहमद जो उस वक्त फिल्म राइटर थे, मेरे पास आए और बोले कि अगर मैं बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड अमिताभ बच्चन को दे दूं, तो क्या तुम इस पूरी पार्टी का खर्चा उठाओगे? मैं अमिताभ बच्चन के पास गया और उनसे यही बात पूछी. उन्होंने कहा कि अमिताभ बच्चन अवॉर्ड खरीदता नहीं है.’

मनोज देसाई ने आगे बताया कि कैसे अमिताभ ने बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड अनाउंस होने से पहले ही उसके विजेता का नाम बताया. उन्होंने कहा, ‘फिर अमिताभ बच्चन ने ये भी कहा कि मुझे पता है ये अवॉर्ड किसको मिलने वाला है. ये अनिल कपूर को जाएगा. क्योंकि अनिल ने तो अपने घर की छत पर पहले से ही बहुत बड़ी पार्टी का इंतजाम कर रखा है. उस साल अनिल कपूर को बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला था. मुझे लगता है वो मिस्टर इंडिया फिल्म के लिए मिला था. अनिल कपूर ने फिल्मफेयर पार्टी के सारे खर्चे उठाने का वादा किया था, इसलिए उन्हें वो अवॉर्ड मिल गया.’

बता दें अनिल कपूर की फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ साल 1987 में आई थी, जो सुपरहिट तो थी. मगर उन्हें उस फिल्म के लिए कोई अवॉर्ड नहीं मिला था. बल्कि अनिल कपूर को अपनी 1988 में आई फिल्म ‘तेजाब’ के लिए, 1989 में बेस्ट एक्टर अवॉर्ड मिला था. उस साल उनके सामने अमिताभ बच्चन फिल्म ‘शहंशाह’ के लिए बेस्ट एक्टर नॉमिनेट हुए थे. ऐसे में मनोज देसाई का ‘मिस्टर इंडिया’ के लिए अवॉर्ड जीतने वाला दावा कथित तौर पर झूठा साबित हुआ है.

NATIONAL : ससुराल में दामाद का तांडव… सास-ससुर और पत्नी पर तलवार से किए ताबड़तोड़ वार, खौफनाक वारदात CCTV में कैद

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राजस्थान के पाली में सनसनीखेज वारदात सामने आई है. पत्नी के मायके से वापस न आने से नाराज एक युवक ने ससुराल पहुंचकर सास-ससुर और पत्नी पर तलवार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. आरोपी हेलमेट पहनकर बाइक से आया और जैकेट में छिपाई तलवार निकालकर मोहल्ले में खौफ फैलाता रहा. पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई.

राजस्थान के पाली में एक युवक ने ससुराल पहुंचकर अपनी पत्नी, सास और ससुर पर तलवार से हमला कर दिया. यह पूरी वारदात मोहल्ले में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है. फुटेज में देखा जा सकता है कि आरोपी खून से सनी तलवार लेकर लोगों को डराते हुए नजर आ रहा है. घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई.

मामला पाली शहर की कॉलोनी का है. यहां रहने वाले 55 वर्षीय जगदीश जोशी ने करीब 8 साल पहले अपनी बेटी आशा की शादी मेड़ता सिटी निवासी अजय जोशी से की थी. अजय जोधपुर में इलेक्ट्रीशियन है. शादी के कुछ साल बाद पति-पत्नी के बीच मतभेद शुरू हो गए. बीते चार महीने से दोनों के बीच तनाव चल रहा था. इसी दौरान आशा अपने तीन बच्चों के साथ मायके आकर रहने लगी.

अजय लगातार ससुराल पक्ष पर दबाव बना रहा था कि उसकी पत्नी को वापस भेजा जाए, लेकिन सास-ससुर इसके लिए राजी नहीं थे. इसी से नाराज होकर अजय ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.घटना के दिन शाम के समय आशा और उसकी मां दुर्गा मोहल्ले में थीं. तभी अजय बाइक से वहां पहुंचा. उसने हेलमेट पहन रखा था और अपनी जैकेट में तलवार छिपा रखी थी. जैसे ही उसने पत्नी आशा को देखा, वह अचानक तलवार निकालकर पीछे दौड़ पड़ा. जान बचाने के लिए आशा घर के अंदर चली गई.

इस दौरान जब सास दुर्गा जोशी ने अजय को रोकने की कोशिश की, तो आरोपी ने उनके हाथ और पैर पर तलवार से ताबड़तोड़ वार कर दिए. यह देख आशा अपनी मां को बचाने बाहर आई, लेकिन अजय ने उस पर भी हमला कर दिया. तभी जगदीश जोशी अपनी पत्नी और बेटी को बचाने दौड़े, तो अजय ने उनके सिर पर तलवार से वार कर दिया, जिससे वे मौके पर ही गिर पड़े.

परिवार की बहू काजल उस वक्त घर में सो रही थी. शोर सुनकर बाहर आई तो देखा कि उसका ननदोई सास-ससुर और ननद पर तलवार से हमला कर रहा है. जब वह बीच-बचाव करने गई, तो आरोपी ने उसे भी धक्का देकर नीचे गिरा दिया.हमले के बाद आरोपी खून से सनी तलवार लेकर मोहल्ले में घूमता रहा. जो भी उसे रोकने की कोशिश करता, वह उसे डराकर भगा देता. तलवार देख मोहल्ले के लोग भी दहशत में आ गए. कुछ देर बाद आरोपी मौके से फरार हो गया.

स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत बांगड़ अस्पताल पहुंचाया. सिर में गंभीर चोट लगने से जगदीश जोशी की हालत नाजुक है और वे वेंटिलेटर पर हैं. वहीं दुर्गा जोशी के हाथ-पैर में तलवार से गहरी चोटें हैं. घायलों को बेहतर इलाज के लिए जोधपुर रेफर किया गया है.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

NATIONAL : दुकान से चुराया ₹50000, फिर फ्लाइंग किस देकर बनाया रील

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यूपी में वाराणसी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां चोर ने अपने भाई के साथ मिलकर साड़ी की दुकान से 50 हजार रुपये चुराए फिर घटनास्थल पर दुर्घटना दिखाने के लिए आग भी लगा दी. आरोपी ने ऐसा इसलिए किया ताकि चोरी की वारदात का पता ही न चल सके. हालांकि उसने गलती ये कर दी कि चोरी के रुपयों के साथ रील बना दिया.

कभी-कभी ज्यादा होशियारी या स्मार्टनेस भारी पड़ जाती है. ऐसा ही हुआ चोर राधे यादव उसके फुफेरे भाई जितेन्द्र यादव के साथ. वाराणसी के चौक क्षेत्र के ब्रह्मनल इलाके के जिस कुंजगली के पुरुषोत्तम दास अग्रवाल की दुकान पर ये काम करते थे. वहीं मौका पाकर 23 दिसम्बर को 50 हजार चोरी कर लिया और फिर शातिराना अंदाज से किसी को चोरी की घटना का पता ना चले दुकान में आग भी लगा दी. लेकिन एक गलती से चोरी पकड़ा गई.

दरअसल राधे यादव ने चोरी के ₹50000 को स्टाइल में गिनते-गिनते हुए और फ्लाइंग किस करते हुए रील बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया. जिससे पुलिस उसे खोजते हुए उसके चंदौली के मुगलसराय के मकान पर पहुंची और गिरफ्तार कर लिया. जबकि वाराणसी के चोलापुर का रहने वाला उसका फुफेरा भाई जितेंद्र यादव फरार हो चुका था.

MP : माता-पिता ने छोड़ा साथ… 16 साल की रेप पीड़िता बनेगी मां, हाईकोर्ट ने कहा- लड़की की मर्जी सबसे ऊपर

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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 16 साल के बलात्कार पीड़िता को बच्चे को जन्म देने की अनुमति दी, यह कहते हुए कि बिना उसकी सहमति गर्भपात नहीं किया जा सकता. पीड़िता ने बच्चे के पिता से शादी भी कर ली है.

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक 16 साल के रेप पीड़िता को बच्चे को जन्म देने की अनुमति दी है, यह कहते हुए कि बिना उसकी सहमति के गर्भपात की अनुमति नहीं दी जा सकती. इस लड़की ने अब बच्चे के पिता से शादी कर ली है.हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश विशाल मिश्रा ने आदेश दिया कि राज्य सरकार डिलीवरी से जुड़ी सभी खर्चे उठाएगी. यह डिलीवरी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सा टीम की उपस्थिति में कराया जाएगा.

11 दिसंबर के इस आदेश की एक प्रति शुक्रवार को उपलब्ध हुई, जो उस समय आई जब एक जिला अदालत ने नाबालिग बलात्कार पीड़िता के गर्भपात के संबंध में हाईकोर्ट को पत्र लिखा था. इसके बाद हाईकोर्ट ने चिकित्सा बोर्ड से रिपोर्ट मांगी.चिकित्सा बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता की उम्र 16 साल और सात माह थी और गर्भकाल 29 सप्ताह और एक दिन था, जो गर्भपात की अनुमति वाली अवधि के भीतर था. रिपोर्ट में कहा गया कि पीड़िता को गर्भपात कराने या न कराने के विकल्पों के बारे में समझाया गया और उसने गर्भ रखना जारी रखने की इच्छा जताई.

बाल कल्याण समिति (CWC) की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि उसने अपने बच्चे के पिता (आरोपी) से शादी कर ली है और डिलीवरी करवाना चाहती है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि लड़की के माता-पिता उसकी अपनी इच्छानुसार शादी करने के कारण उसे अपने साथ रखना नहीं चाहते. माता-पिता ने कहा कि उनका अपनी बेटी से कोई संबंध नहीं है, जो CWC की रिपोर्ट में दर्ज है.

हाईकोर्ट ने यह साफ किया कि बिना पीड़िता की सहमति के गर्भपात की अनुमति नहीं दी जा सकती. इसके साथ ही CWC को निर्देश दिया गया है कि वह पीड़िता को 18 साल की आयु तक अपनी देखभाल में रखे और उसके बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास करें.

NATIONAL : ऑनलाइन गेमिंग में हार गया पैसे, तनाव में आकर युवक ने खत्म कर ली जिंदगी

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हैदराबाद के सुरारम इलाके में ऑनलाइन गेमिंग में पैसे गंवाने के बाद मानसिक तनाव से जूझ रहे 24 साल के युवक ने खुदकुशी कर ली. खौफनाक कदम उठाने से पहले युवक ने एक वीडियो भी बनाया, जिसमें उसने ऑनलाइन गेम खेलकर आर्थिक नुकसान होने की बात कही है. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.

ऑनलाइन गेमिंग की लत और उससे जुड़े आर्थिक नुकसान का दुखद मामला सामने आया है. हैदराबाद के सुरारम इलाके में 24 साल के युवक ने ऑनलाइन गेमिंग में पैसे हारने के बाद आत्महत्या कर ली. पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच में जुटी है.

एजेंसी के अनुसार, पुलिस का कहना है कि मृतक युवक फिलहाल बेरोजगार था और इससे पहले एक निजी शैक्षणिक संस्थान में लैब टेक्नीशियन के तौर पर काम कर चुका था. उसका शव रिश्तेदार के घर में लटका मिला है. परिजनों ने उसे घर के एक कमरे में पंखे से लटका देखा, तो उनके होश उड़ गए. घर में चीख-पुकार मच गई. तुरंत मामले की सूचना पुलिस को सूचना दी गई.

जांच के दौरान पुलिस को युवक का मोबाइल फोन मिला, जिसमें एक वीडियो रिकॉर्ड था. वीडियो में युवक ने ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान पैसे गंवाने की बात कही है. हालांकि, उसने यह स्पष्ट नहीं किया कि उसे कितना आर्थिक नुकसान हुआ था. शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह तनाव में था और पैसों की चिंता उसे अंदर ही अंदर तोड़ रही थी.

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि युवक किस तरह के ऑनलाइन गेम खेलता था और क्या वह किसी कर्ज या दबाव में था. परिवार के सदस्यों और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

NATIONAL : विंडो पर लटके, स्टंटबाजी की, लोगों को भी खतरे में डाला… दिल्ली की सड़कों पर रईसजादों का हुड़दंग

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नए साल के जश्न से पहले राजधानी दिल्ली में सड़क पर खतरनाक स्टंटबाजी और कार रेसिंग का वीडियो वायरल हो गया है. वीडियो में चार गाड़ियों में सवार युवक आईटीओ से नोएडा की ओर जाते हुए खुलेआम ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं, जिससे सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी खतरा पैदा हो गया.

नए साल के जश्न से पहले राजधानी दिल्ली में सड़क पर हुड़दंग और स्टंटबाजी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में चार गाड़ियां नजर आ रही हैं. इन गाड़ियों में सवार कई युवक सरेआम सड़क पर कार रेसिंग और खतरनाक स्टंट करते नजर आ रहे हैं. यह वीडियो 26 दिसंबर की रात का बताया जा रहा है, जो आईटीओ से नोएडा की ओर जाने वाले रास्ते का है.

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तेज रफ्तार कारें एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में चल रही हैं. कुछ गाड़ियां अचानक लेन बदलती हैं, तो कुछ चालक खतरनाक तरीके से स्टंट करते हुए अन्य वाहनों को ओवरटेक करते दिखते हैं. इस दौरान सड़क पर मौजूद अन्य वाहन चालकों और राहगीरों की जान को भी गंभीर खतरा पैदा हो गया. वायरल क्लिप में यह भी नजर आता है कि सड़क पर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.

इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है. कई यूजर्स ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है और सवाल उठाए हैं कि आखिर सड़क सुरक्षा को लेकर इतने बड़े शहर में इस तरह की लापरवाही कैसे हो रही है. लोगों का कहना है कि नए साल के आसपास इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती हैं, लेकिन समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए जाते.

दिल्ली पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है. इसमें नजर आ रही गाड़ियों और युवकों की पहचान की जा रही है. वीडियो की पुष्टि के बाद कार्रवाई की जाएगी. नए साल से पहले दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर स्टंटबाजी, ड्रैग रेसिंग और हुड़दंग का ये मामला सामने आया है.

NATIONAL : हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की ऋषिकेश AIIMS में मौत, कोर्ट ले जाते समय बदमाशों ने मारी थी गोली

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हरिद्वार के लक्सर कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी में हुए हमले में घायल हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की शनिवार सुबह मौत हो गई. हमले में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे. सभी को एम्स ऋषिकेश के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, जहां विनय त्यागी ने दम तोड़ दिया.

हरिद्वार के लक्सर इलाके में 24 दिसंबर को कोर्ट में पेशी के दौरान ले जाते समय पुलिस कस्टडी में हुए हमले में गंभीर रूप से घायल मेरठ के हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की एम्स ऋषिकेश में इलाज के दौरान शनिवार सुबह मौत हो गई. ट्रॉमा सेंटर के डाक्टरों ने उसे सुबह 7 बजे मृत घोषित कर दिया. वह हमले में घायल होने के बाद से ही वेंटिलेटर पर था. लक्सर कोर्ट में पेशी के लिए ले जाते समय रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने पुलिस काफिले पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी. इस हमले में विनय त्यागी के साथ-साथ दो पुलिस कांस्टेबल भी गोली लगने से घायल हो गए थे.

गंभीर हालत में सभी को एम्स ऋषिकेश के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था. बाइक सवार दो बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी का पीछा किया और लक्सर फ्लाईओवर के पास जाम के दौरान अचानक गोलियां चला दी थीं. इस मामले में पुलिस ने खानपुर थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर के जंगल और बिजनौर हाईवे से विनय त्यागी की हत्या करने वाले दोनों बदमाशों को 2 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया. उनकी पहचान 28 वर्षीय सन्नी यादव उर्फ शेरा और 24 वर्षीय अजय सैन के रूप में हुई है. दोनों ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर, के रहने वाले हैं. पुलिस के मुताबिक दोनों हार्डकोर क्रिमिनल हैं, जिन पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं.

विनय त्यागी की मौत के बाद उसके परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. विनय की बेटी तन्वी त्यागी और बहन सीमा त्यागी का आरोप है कि यह हमला उत्तराखंड पुलिस की मिलीभगत से किया गया. उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में गाजियाबाद का एक ठेकेदार भी शामिल है. विनय त्यागी की बहन सीमा त्यागी ने कहा कि यह मामला करीब 750 करोड़ रुपये की चोरी से जुड़ा हुआ है और पूरी साजिश ठेकेदार सुभाष त्यागी ने रची है. सीमा त्यागी ने बताया कि देहरादून से कुल 750 करोड़ की चोरी हुई, जिसमें नकदी, आभूषण और बेनामी प्रॉपर्टी के कागजात शामिल थे.

ये पूरा माल ठेकेदार सुभाष त्यागी का था. उसने ईडी की कार्रवाई से बचने के लिए देहरादून के एक डॉक्टर के यहां ये पूरा माल छिपाया था. विनय त्यागी को इस बात की जानकारी हुई. विनय और ठेकेदार की पुरानी रंजिश थी. इसलिए विनय ने पूरा माल चुराया और ईडी को सौंपने जा रहा था. सीमा के मुताबिक देहरादून पुलिस ने रास्ते में ही विनय को पत्नी सहित पकड़ लिया और सारा माल बरामद किया. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड पुलिस ने ठेकेदार सुभाष त्यागी के साथ मिलीभगत करके विनय को कोर्ट में पेशी पर ले जाते वक्त जान से मारने की साजिश रची, ताकि वह ED या किसी और एजेंसी के सामने मुंह न खोल पाए.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके पूरे परिवार को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और उन्हें जान का खतरा बना हुआ है. विनय त्यागी का संबंध गैंगस्टर बदन सिंह बददो, भूपेंद्र बाफर, नीरज भाटी से रहा है. साल 2015 में मेरठ के दो युवकों का अपहरण करके उनकी हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पहली बार विनय त्यागी का नाम सामने आया और उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया. उसके खिलाफ मर्डर, डकैती, अपहरण जैसे संगीन अपराधों के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 58 से अधिक मामले दर्ज थे. मेरठ के ब्रह्मपुरी थाने में दर्ज एक मुकदमे में वह लंबे समय से वांछित चल रहा था.

फरारी काटी और दुबई में रहा. फिर चोरी छिपे भारत पहुंचा और दिल्ली में एक किराये के फ्लैट में रहने लगा. मेरठ पुलिस को इसकी भनक लगी और जून-2024 में उसे स्पेशल ऑपरेशन ग्रुपकी टीम ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया. उसकी पत्नी मुजफ्फरनगर से जिला पंचायत सदस्य भी रह चुकी है. विनय त्यागी की मौत के बाद उसके परिवार ने उत्तराखंड सरकार से मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है.

ENTERTAINMENT : ‘मौत दिखे तो सलाम कर’, रोंगटे खड़े कर देगा सलमान खान की ‘बैटल ऑफ गलवान’ का दमदार टीजर

‘बैटल ऑफ गलवान’ के टीजर में सलमान खान अपने अब तक के सबसे दमदार अवतार में नजर आ रहे हैं. वह एक भारतीय सेना के अफसर की भूमिका में हैं. उनके चेहरे पर दिखती सख्ती, गुस्सा और शांत लेकिन मजबूत अंदाज बिना कुछ कहे बहुत कुछ कह रहा है.

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने अपने 60वें जन्मदिन पर फैंस को बड़ा गिफ्ट दिया है. उनकी सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का दमदार टीजर रिलीज हो गया है. यह सिर्फ एक बर्थडे रिवील नहीं है, बल्कि देश की सीमाओं पर डटे भारतीय जवानों और उनके अटूट साहस को समर्पित एक दिल से दी गई श्रद्धांजलि भी है.

‘बैटल ऑफ गलवान’ के टीजर में सलमान खान अपने अब तक के सबसे दमदार अवतार में नजर आ रहे हैं. वह एक भारतीय सेना के अफसर की भूमिका में हैं. उनके चेहरे पर दिखती सख्ती, गुस्सा और शांत लेकिन मजबूत अंदाज बिना कुछ कहे बहुत कुछ कह रहा है. खासतौर पर वीडियो के आखिरी पलों में उनकी सीधी नजर दर्शकों से जैसे बात करती है, उसका गहरा असर छोड़ रही है.

टीजर की सादगी भरी लेकिन ताकतवर झलक सीधे दिल और दिमाग पर असर छोड़ती हैं. ऊंचाई पर लड़ी जाने वाली जंग की मुश्किल जमीन और उसकी सच्ची हकीकत को भी ये टीजर साफ दिखाता है. इसकी शुरुआत में सलमान खान की आवाज सुनी जा सकती है. वो अपने साथी जवानों से कहते हैं, ‘जवानों याद रहे, जख्म लगे तो मेडल समझना और मौत दिखे तो सलाम करना.’

इसके बाद सभी ‘बिरसा मुंडा’ और बजरंग बलि की जय कहते हैं. फिर आप स्क्रीन पर सलमान खान को भारी भीड़ में भागकर आती दुश्मन की फौज के सामने एक मोटी लट्ठ लिये खड़े देखते हैं. उनके चेहरे पर कोई डर, माथे पर कोई शिकन नहीं है. जैसे-जैसे भीड़ पास आ रही होती है, टीजर ब्लैकआउट हो जाता है. सलमान की आवाज फिर आती है और वो कहते हैं- ‘मौत से क्या डरना, उसे तो आना है.’

‘बैटल ऑफ गलवान’ के टीजर को और असरदार बनाती हैं स्टेबिन बेन की आवाज, जो खामोशी को चीरते हुए अलग-अलग भावनाओं का एहसास आपको कराती है. हिमेश रेशमिया का दमदार बैकग्राउंड स्कोर अपनी धड़कन बढ़ा देने वाली धुनों से विजुअल्स की सच्चाई को और भी गहराई देता है. ये सिर्फ एक वॉर फिल्म नहीं है, बल्कि यह टकराव की कीमत, सरहद पर डटे जवानों के साहस और इस सच्चाई की याद दिलाती है कि बहादुरी भले ही हमेशा अमर रहे, लेकिन असली जीत आखिरकार शांति में ही होती है.

अपूर्व लाखिया के डायरेक्शन में बनी ‘बैटल ऑफ गलवान’, बहादुरी, बलिदान और जज्बे की एक सच्ची और बेबाक कहानी पेश करने का वादा करती है. सलमान के अलावा फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में नजर आएंगी. फिल्म को सलमा खान ने सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है. ये 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

BUSINESS : H-1B वीजा इंटरव्यू में देरी पर भारत ने जताई चिंता, अमेरिका से कहा – ‘महीनों से फंसे…’

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H-1B वीजा इंटरव्यू और अपॉइंटमेंट में हो रही देरी पर भारत सरकार ने अमेरिका के सामने चिंता जताई है. नए स्क्रीनिंग नियमों से भारतीय आवेदक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं.

अमेरिका के H-1B वीजा को लेकर भारतीय नागरिकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. इंटरव्यू और कांसुलर अपॉइंटमेंट की शेड्यूलिंग में हो रही लंबी देरी को लेकर अब भारत सरकार ने औपचारिक रूप से अपनी चिंता दर्ज कराई है. विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस स्थिति के कारण बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर, छात्र और उनके परिवार महीनों से अनिश्चितता में फंसे हुए हैं.

साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कहा कि H-1B वीजा से जुड़े अपॉइंटमेंट बार-बार टलने से लोगों की निजी और पेशेवर ज़िंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है. उन्होंने बताया कि कई आवेदक लंबे समय से इंटरव्यू या री-शेड्यूलिंग का इंतजार कर रहे हैं, जिससे परिवारों को भी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. भारत सरकार ने इस मुद्दे को नई दिल्ली और वॉशिंगटन डीसी दोनों स्तरों पर अमेरिकी प्रशासन के सामने उठाया है.

H-1B वीजा प्रणाली में हाल के महीनों में किए गए बदलावों का असर सबसे अधिक भारतीय नागरिकों पर पड़ा है. अमेरिका में H-1B वीजा धारकों में भारतीयों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है, खासकर टेक्नोलॉजी, आईटी और सर्विस सेक्टर में. ऐसे में नियमों में थोड़ी सी सख्ती भी सीधे हजारों भारतीय पेशेवरों की योजनाओं को प्रभावित कर देती है.

इस महीने की शुरुआत में ट्रंप प्रशासन ने वीजा प्रक्रिया में एक नया नियम लागू किया, जिसके तहत H-1B, H-4 और F, M, J कैटेगरी के आवेदकों को अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्राइवेसी सेटिंग सार्वजनिक करनी अनिवार्य कर दी गई. अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इससे आवेदकों की ऑनलाइन गतिविधियों की जांच आसान होगी. हालांकि इस अतिरिक्त जांच के कारण वीजा प्रोसेसिंग और इंटरव्यू शेड्यूलिंग में और देरी देखने को मिल रही है.

नए नियम लागू होने के बाद कई H-1B आवेदकों को अमेरिकी अधिकारियों की ओर से ई-मेल मिले, जिनमें बताया गया कि उनके इंटरव्यू आगे के महीनों के लिए टाल दिए गए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई इंटरव्यू अब मई 2025 तक के लिए शिफ्ट कर दिए गए हैं. इस अचानक बदलाव से भारतीय प्रोफेशनल्स, छात्रों और उनके परिवारों की यात्रा, नौकरी और पढ़ाई से जुड़ी योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.

विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वीजा से जुड़े नियम किसी भी देश का संप्रभु अधिकार होते हैं, लेकिन भारत ने अपने नागरिकों की परेशानियों को अमेरिका के सामने मजबूती से रखा है. रणधीर जायसवाल ने उम्मीद जताई कि इस देरी और अव्यवस्था का कोई व्यावहारिक समाधान निकाला जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया स्क्रीनिंग का नियम सिर्फ भारत पर नहीं, बल्कि सभी देशों के आवेदकों पर समान रूप से लागू किया गया है.

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