Sunday, September 27, 2026
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Bollywood : मामूली बजट, ना कोई बड़ा स्टार, फिर भी इस फिल्म ने हिला डाला बॉक्स ऑफिस, छप्परफाड़ है 12 दिनों की कमाई

इस तमिल फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर गदर मचाया हुआ है. महज 9 करोड़ के बजट में बनी ‘थाई किझावी’ ने 12 दिनों में बमफाड़ कमाई कर डाली है. राधिका सरथकुमार की लीड रोल वाली रूरल कॉमेडी ड्रामा ‘थाई किझावी’ से किसी ने भी उम्मीद नहीं की थी कि ये बॉक्स ऑफिस को हिला डालेगी. कम बजट और बिना बड़े स्टार कास्ट वाली ये फिल्म दर्शकों का दिल जीत रही है और इसी के साथ ये थिएटर्स में अपने दूसरे हफ्ते में भी लगातार अच्छा परफॉर्म कर रही है. यहां तक कि इसने सिनेमाघरों में मौजूद साउथ से लेकर बॉलीवुड तक की कई फिल्मों को धूल चटा दी है और कई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिये हैं. चलिए यहां जानते हैं ‘थाई किझावी’ ने रिलीज के 12वें दिन यानी दूसरे मंगलवार को कितने नोट छापे हैं?

साल की शुरुआत से तमिल फिल्म इंडस्ट्री की कोई बड़ी ब्लॉकबस्टर नहीं आई है. ऐसे में डायरेक्टर शिवकुमार मुरुगेसन की फिल्म थाई किझावी न केवल दर्शकों की फेवरेट बन गई है वहीं ये खूब कमाई भी कर रही है. दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म में कोई बड़ा मेल स्टार नहीं हैं. राधिका सरथकुमार स्टारर ये फिल्म आम कमर्शियल तमिल फिल्मों की कैटेगरी में भी नहीं आती. फिर भी हर तरफ से पॉजिटिव रिव्यू मिलने के बाद, थाई किझावी बॉक्स ऑफिस पर बहुत अच्छा परफॉर्म कर रही है.

इंडस्ट्री ट्रैकर सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने अब तक दुनिया भर में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है. 27 फरवरी को भारत में 2.65 करोड़ रुपये के अच्छे नेट कलेक्शन के साथ ओपनिंग करने के बाद, फिल्म ने वीकेंड में अपनी कमाई में अचानक उछाल देखा और अपने पहले शनिवार और रविवार को एक के बाद एक 5 करोड़ रुपये और 6.15 करोड़ रुपये कमाए. अगले वीकडेज़ में भी, फिल्म का कलेक्शन 1.7 करोड़ रुपये से कम नहीं हुआ.

शिवकुमार मुरुगेसन ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म को लिखा भी है. थाई किझावी को सुधन सुंदरम और शिवकार्तिकेयन ने पैशन स्टूडियोज़ और शिवकार्तिकेयन प्रोडक्शंस के बैनर तले प्रोड्यूस किया है. फिल्म में राधिका सरथकुमार सेंट्रल रोल में हैं, जबकि सिंगमपुली, अरुलडोस, मुनीशकांत, बाला सरवनन और इलावरसु सपोर्टिंग रोल में हैं. फिल्म की कहानी बेटों के एक ग्रुप के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी पैरालाइज्ड मां की मौत के बाद शुरू में विरासत में पैसा पाने की उम्मीद करते हैं। हालांकि, जब उन्हें पता चलता है कि मां के पास एक कीमती खजाना है, तो उनकी प्रायोरिटी बदल जाती है, जिससे वे उसे जिंदा रखने की कोशिश करते हैं. कहानी एक डार्क कॉमेडी फैमिली ड्रामा के तौर पर सामने आती है.

Trending news : युवक ने बना डाले सिगरेट के पकौड़े, यह देख यूजर्स ने पकड़ लिया माथा

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शख्स अपने किचन में बैठा पकोड़े की हत्या को अंजाम दे रहा है. पकोड़े का वजूद, पकोड़े की इज्जत और न जाने किस किस से खिलवाड़ करता दिखाई दे रहा है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसने पकौड़े की परिभाषा ही बदल दी है. वीडियो ने फूड लवर्स के दिलों पर जिस तरह के जख्म किए हैं अब उनका भरना लगभग नामुमकिन सा लग रहा है. सोशल मीडिया के गलियारों में इस वक्त केवल एक ही विषय पर चर्चा हो रही है और वो है सिगरेट के पकौड़े. जी हां, एक महान पुरोद्धा ने पकौड़ों के साथ ऐसी ज्यादती कर डाली है कि न तो भुलाए निकल रही है और न रुलाए।

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स अपने किचन में बैठा पकोड़े की हत्या को अंजाम दे रहा है. पकोड़े का वजूद, पकोड़े की इज्जत और न जाने किस किस से खिलवाड़ करता दिखाई दे रहा है. वीडियो में शख्स एक बर्तन में बेसन का घोल करता है और उसे अच्छे से मिलकर उसमें कुछ सिगरेट डाल देता है और बस यहीं से शुरू होता है मौत का खेल.

शख्स गैस पर एक कड़ाही चढ़ाता है और उसमें तेल गर्म करने लगता है, तेल गर्म करने की शुरूआत से ही पकोड़ों को अपनी मौत की आहट होने लग जाती है. इसके बाद वही होता है जिसका डर था. शख्स सिगरेट को बेसन के घोल में डालता है और उन्हें इसमें डूबोकर गर्म तेल में तल देता है और बाहर निकलकर आते हैं सिगरेट के पकोड़े. वीडियो देखकर फूड लवर्स ने खून की उल्टियां करना शुरू कर दिया है. एक यूजर ने लिखा.भाई इसे खाना है या फूंकना है. एक और यूजर ने लिखा. मुझे तो खून की उल्टियां हो रही हैं. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा.ये कयामत लाकर मानेगा.

World : छुट्टे पैसे को लेकर अब दुकानदार से नहीं होगी झिकझिक, जल्द ATM से निकलेंगे 10-20 और 50 रुपये के नोट

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मार्केट में छोटे नोटो की कमी को देखते हुए सरकार अब ATM से भी 10-20 और 50 रुपये के नोट निकालने की योजना बना रही है. डिजिटलाइजेशन के इस नए दौर में बिल पेमेंट से लेकर रिचार्ज तक सबकुछ ऑनलाइन हो रहा है. कई बार अगर हम 100 या 500 रुपये का नोट लेकर बाजार जाते हैं, तो दुकानदारों का यही कहना रहता है कि ‘भाई साहब! छुट्टे नहीं है.’ ऑनलाइन पेमेंट के इस जमाने में छोटे नोटों की कमी अब खलने लगी है, जिनकी जरूरत ऑटो-रिक्शा का किराया चुकाने से लेकर छोटे-मोटे सामान की खरीदारी करते वक्त पड़ती है. । हालांकि, सरकार का कहना है कि मार्केट में छोटे नोटों की कोई कमी नहीं है. अब योजना ATM से भी छोटे नोट निकालने की है.

बीते मंगलवार को केंद्र सरकार की तरफ से संसद में बताया गया कि देश में छोटे नोटों की कोई कमी नहीं है. एक सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि 10 रुपये, 20 रुपये और 50 रुपये के नोट पहले से ही काफी संख्या में चलन में हैं. हालांकि, ATM से कैश विदड्रॉल के दौरान हमें अकसर 500 रुपये के ही नोट मिलते हैं. कभी-कभार100 या 200 रुपये के भी नोट निकल जाते हैं. ऐसे में 500 के नोट का छुट्टा मिलना कई बार मुश्किल हो जाता है.

इस दुविधा पर बात करते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि पुराने ATM छोटे नोट बांटने के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं. हालांकि, इस समस्या को हल करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है. इस पहल के तहत, खास ‘छोटे मूल्य वाले डिस्पेंसर’ की टेस्टिंग की जा रही है. इन मशीनों से लोग सीधे 10 रुपये, 20 रुपये और 50 रुपये के नोट निकाल सकेंगे. इस तरह, लोग ATM से कैश निकालते समय छुट्टे पैसे भी पा सकेंगे.

सरकार ने छोटे नोटों की सप्लाई का डेटा भी शेयर किया. मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (26 फरवरी तक) में रिजर्व बैंक (RBI) ने 439.4 करोड़ रुपये के 10 रुपये के नोट, 193.7 करोड़ रुपये के 20 रुपये के नोट और 130.3 करोड़ रुपये के 50 रुपये के नोटों की सप्लाई की. इसी तरह से पिछले कारोबारी साल 2025 में 180 करोड़ रुपये के 10 रुपये के नोट, 150 करोड़ रुपये के 20 करोड़ के नोट और 300 करोड़ रुपये के 50 रुपये के नोट सप्लाई की गई.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) नियमित तौर पर अलग-अलग डिनॉमिनेशन की डिमांड का रिव्यू करता है और बताता है कि कितने नोट छापे जाने चाहिए. सरकार के मुताबिक, कम वैल्यू वाले कैश की डिमांड बैंक नोट और सिक्कों को मिलाकर पूरी की जाती है. साथ ही, डिजिटल पेमेंट अब कम वैल्यू वाले पेमेंट सहित ट्रांजैक्शन का एक बड़ा हिस्सा है.

Bihar news : सुपौल में भी गैस को लेकर भारी परेशानी, 10 दिन पर भी नहीं मिल रहा सिलेंडर

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प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे लगातार गैस एजेंसी का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. बाजार में कालाबाजारी हो रही है. 1500 में गैस मिल रहा. एक तरफ इजरायल-ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध चल रहा है तो दूसरी ओर भारत में एलपीजी को लेकर लोगों को समस्या हो रही है. बिहार के कई जिलों में गैस की दिक्कत हो रही है. सरकार की ओर से भले दावा किया जा रहा है कि सब ठीक है लेकिन लोग परेशानी से जूझ रहे हैं. सुपौल में तो लोगों को एक सप्ताह से 10-10 दिन तक गैस नहीं मिल रहा है.

जिले में एलपीजी की कमी से परेशान उपभोक्ताओं का गुस्सा बुधवार (11 मार्च, 2026) को फूट पड़ा. गैस नहीं मिलने से नाराज लोगों ने बुधवार की सुबह त्रिवेणीगंज-पिपरा सड़क मार्ग को जाम कर दिया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया.

मामला त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के बघला के पास NH-327E का है, जहां बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने सड़क जाम कर हंगामा किया. प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि पिछले एक सप्ताह से लेकर दस दिनों तक गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है. वे लगातार गैस एजेंसी का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है.
प्रदर्शनकारियों ने गैस एजेंसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि एजेंसी में गैस नहीं होने की बात कही जा रही है, जबकि बाजार में कालाबाजारी हो रही है. गैस सिलेंडर 1500 रुपये तक में बेचा जा रहा है. लोगों का एजेंसी पर ही आरोप है कि यहीं से बड़े पैमाने पर सिलेंडर की कालाबाजारी की जा रही है. इसके कारण आम लोगों को परेशानी हो रही है. जिनके पास 1000 नहीं होता वे 1500 और 2000 कहां से लाएंगे.

सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद त्रिवेणीगंज थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाया. इसके बाद लोग शांत हुए और NH-327E पर परिचालन शुरू हुआ. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गैस आपूर्ति व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करने और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके.

Technology : LPG महंगा हुआ तो भी नो टेंशन, बस 1,500 रुपये में खत्म हो जाएगी सारी परेशानी, जानिए कैसे

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इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई के कारण LPG की सप्लाई पर असर पड़ा है. इसके चलते लोग अब इंडक्शन चूल्हे खरीद रहे हैं. इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई का असर अब आम आदमी की रसोई पर पहुंच गया है. होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से LPG सप्लाई में रुकावटें भी आ रही हैं, जिससे LPG की शॉर्टेज हो सकती है. हाल ही में सरकार ने LPG सिलेंडर के दाम भी बढ़ा दिए हैं और कई जगहों पर सिलेंडर बुकिंग का टाइम भी बढ़ा है. हालांकि, आपको इन चीजों की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. सिलेंडर महंगा होने या खत्म होने पर आप 1,000 रुपये से भी कम में सारी परेशानी दूर कर सकते हैं.

पिछले कुछ दिनों से LPG के दाम और इसके उपलब्धता को लेकर फैली अनिश्चितता के बीच लोग अब इंडक्शन चूल्हा खरीदने लगे हैं. ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर बिजली से चलने वाले इन चूल्हों की बिक्री कई गुना बढ़ गई है. अगर आप भी गैस की टेंशन को लेकर परेशान हैं तो इंडक्शन चूल्हा खरीद सकते हैं. ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर्स पर आपको 1,500 रुपये से भी कम में अच्छा चूल्हा मिल जाएगा. इसे खरीदने के बाद आप सारे काम कर सकेंगे और गैस की भी टेंशन नहीं लेनी पड़ेगी.

इंडक्शन चूल्हे के एक साथ कई फायदे हैं. यह गैस सिलेंडर की तुलना में अधिक पोर्टेबल है. इसे आप किचन के साथ-साथ घर के किसी भी कमरे में यूज कर सकते हैं. यह बिजली से चलता है तो इसमें गैस लीक होने का डर नहीं रहता. यह बहुत तेजी से गर्म होता है और कुछ ही मिनटों में आपका खाना तैयार कर देता है. इसे यूज करने के साथ-साथ साफ करना भी एकदम आसान है. साथ ही इसमें सिलेंडर की तरह गैस खत्म होने की टेंशन नहीं रहती.

ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर्स में 1,500 रुपये से भी कम में इंडक्शन चूल्हों की कीमत शुरू हो जाती है. 1,500 रुपये तक आपको अच्छी क्वालिटी का इंडक्शन चूल्हा मिल जाएगा. आप चाहें तो इससे महंगी कीमत वाले चूल्हे भी खरीद सकते हैं.

Trending news : अनारकली पहन फूल-सी खिली-खिली नजर आईं जया किशोरी, दिल जीत लेंगी ये तस्वीरें

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जया किशोरी अक्सर सिर्फ अपने भजनों और प्रवचनों वजह से ही नहीं बल्कि अपने फैशन और सादगी भरे स्टाइल की वजह से भी सुर्खियों में रहती हैं. चलिए बताते हैं कैसे. जया किशोरी अक्सर सिर्फ अपने भजनों और प्रवचनों की वजह से ही नहीं, बल्कि अपने सादगी भरे स्टाइल के कारण भी चर्चा में रहती हैं. मंच पर हों या किसी म्यूजिक वीडियो में नजर आएं, उनका अंदाज हमेशा बेहद सरल और शालीन दिखाई देता है. उनका फैशन यह दिखाता है कि बिना ज्यादा कोशिश किए भी एक खूबसूरत और कंफर्ट लुक पाया जा सकता है. हाल ही में उनके अनारकली सूट वाले कुछ लुक्स ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सादगी में भी अलग ही मोहक होता है.

आजकल फैशन की दुनिया में ट्रेंड बहुत तेजी से बदलते रहते हैं, लेकिन जया किशोरी का स्टाइल इन ट्रेंड्स से थोड़ा अलग नजर आता है. वह भारी कढ़ाई या ज्यादा चमकदार कपड़ों के बजाय सादगी को प्राथमिकता देती हैं. उनके लुक की खासियत यह होती है कि रंगों का चयन संतुलित होता है और कपड़ों की फिटिंग बेहद सलीकेदार होती है. मेकअप के मामले में भी वह बहुत हल्का और नैचुरल लुक पसंद करती हैं. उनका मेकअप इतना सादा होता है कि चेहरे की प्राकृतिक सुंदरता ही उभरकर सामने आती है. वहीं ज्वेलरी की बात करें तो वह अक्सर सिर्फ एक जोड़ी खूबसूरत इयररिंग्स पहनना पसंद करती हैं, जिससे पूरा ध्यान उनके आउटफिट पर ही बना रहता है.

अपने हालिया म्यूजिक वीडियो में जया किशोरी ने दो अलग-अलग अनारकली लुक्स में नजर आकर सभी का ध्यान आकर्षित किया. पहला लुक एक चमकीले लाल रंग के फुल-लेंथ अनारकली सूट का था. इस सूट में फुल स्लीव्स थीं और किनारों पर हल्की सुनहरी लेस लगी हुई थी, जो सादे कपड़े को भी खास बना रही थी. इसका फ्लोई स्कर्ट डिजाइन चलते समय बेहद खूबसूरत लग रहा था. उन्होंने इसे सिंपल झुमकों और आधे बंधे बालों के साथ स्टाइल किया, जिससे उनका लुक बेहद आकर्षक लेकिन सहज लगा. दूसरे लुक में वह गहरे हरे यानी टील ग्रीन रंग के सिल्क अनारकली में नजर आईं. इसके साथ उन्होंने हल्के गोल्डन डिजाइन वाला दुपट्टा लिया था, जिसे उन्होंने बेहद सहज तरीके से कंधों पर डाला हुआ था. इस लुक की सबसे खास बात उनके ऑक्सीडाइज्ड सिल्वर इयररिंग्स थे, जिनमें सफेद मोतियों की खूबसूरत डिटेल थी. बालों को चोटी में बांधने से पूरा लुक साफ, सलीकेदार और फ्रेश नजर आ रहा था.

अगर आप भी जया किशोरी के इस सादगी भरे स्टाइल से प्रेरित होकर वैसा लुक पाना चाहते हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. सबसे पहले कपड़े के फैब्रिक और फिटिंग पर ध्यान दें. बहुत ज्यादा भारी कढ़ाई या डिजाइन के बजाय सादा लेकिन अच्छी क्वालिटी का कपड़ा ज्यादा आकर्षक लगता है. इसके अलावा रंगों का चुनाव भी बहुत अहम होता है. अपनी स्किन टोन के अनुसार रंग चुनने से पूरा लुक और निखर कर आता है. त्योहार या खास मौकों पर लाल, सुनहरा या गहरे रंग अच्छे लगते हैं, जबकि रोजमर्रा के लिए हल्के और सॉफ्ट रंग बेहतर रहते हैं. एक्सेसरीज का इस्तेमाल भी संतुलित रखना चाहिए. अक्सर एक जोड़ी स्टेटमेंट इयररिंग्स ही पूरे लुक को पूरा करने के लिए काफी होती है. वहीं मेकअप को हल्का और नैचुरल रखना बेहतर रहता है.

Bollywood : प्रियंका चोपड़ा ने बताई बेटी मालती को लोगों की नजरों से दूर रखने की चौंकाने वाली वजह

प्रियंका चोपड़ा ने अपनी बेटी मालती को लोगों की नजरों से दूर रखा है. एक्ट्रेस ने हाल ही में एक इंटरव्यू में इसकी चौंकाने वाली वजह का खुलासा किया है. ग्लोबल आइकन प्रियंका चोपड़ा अपनी बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनस को पब्लिक लाइमलाइट से दूर रखना पसंद करती हैं. एक्ट्रेस ने हाल ही में इस फैसले के पीछे की वजह बताई, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने मालती की प्राइवेसी को सुरक्षित रखने के लिए सिक्योरिटी के तरीके अपनाए हैं. इसे लेकर उन्होंने एक चौंका देने वाली घटना का भी खुलासा किया.

हाल ही में, प्रियंका अमांडा हिर्श के ‘नॉट स्किनी बट नॉट फैट’ पॉडकास्ट में शामिल हुईं थीं. इस दौरान उन्होंने बताया कि वह और निक जोनस अपनी बेटी मालती के बड़े होने पर उसकी पहचान छिपाने को क्यों प्रायोरिटी दे रहे हैं. प्रियंका ने कहा, “जैसे-जैसे वह बड़ी हो रही है, हमने भी थोड़ा ध्यान भटकाना शुरू कर दिया है. वह बहुत घूमती-फिरती है, (इसलिए) हम उसे जितना हो सके गुमनाम रहने देते हैं. यह उसके लिए नॉर्मल है, और लोग उसके बारे में जानने को एक्साइटेड होंगे, और मैं कभी नहीं चाहती कि वह इससे डरे या मिलने वाले इंसानों को जज करे या उन पर शक करे क्योंकि दुनिया में अच्छे लोग हैं, और मेरे ऐसे दोस्तों के साथ बहुत अच्छे एक्सपीरियंस रहे हैं. उसके लिए यह जानना ठीक है, लेकिन मुझे लगता है कि चॉइस की समझ होना ज़रूरी होगा.”

एक्टर ने आगे बताया कि उन्होंने बाहर जाते समय बेटी के लिए सिक्योरिटी रखने का फैसला क्यों किया, उन्होंने बताया कि एक बार उनकी बेटी का स्कूल से घर तक एक आम आदमी ने पीछा किया और उसे रिकॉर्ड कर लिया. प्रियंका ने माना कि उन्होंने पब्लिक लाइफ जीने का फैसला किया है, लेकिन वह यह पक्का करना चाहती हैं कि उनकी बेटी को यह फैसला खुद करने की काबिलियत मिले. प्रियंका को हाल ही में पाइरेट एक्शन-एडवेंचर फिल्म द ब्लफ में देखा गया था. एक्टर जल्द ही एसएस राजामौली द्वारा डायरेक्टेड एसएसएमबी 29 के साथ इंडियन सिनेमा में कमबैक करने की तैयारी कर रही हैं. इस फिल्म में महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन भी हैं. बताया जा रहा है कि ये फिल्म 1000 करोड़ के बजट में बनी है, जिससे यह अब तक की सबसे महंगी इंडियन फिल्मों में से एक बन गई है. यह अभी अंडर प्रोडक्शन है और अप्रैल 2027 में थिएटर में रिलीज़ होने वाली है.

एक्ट्रेस ने कहा, “जब हमारे बाहर सिक्योरिटी होती है, तो बस. बिना परमिशन के रिकॉर्ड न किया जाए क्योंकि ऐसा बहुत कुछ होता है. मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि मैंने एक तरह से पब्लिक लाइफ चुनी है. जब बच्चों की बात आती है, तो वह जगह है जिसके बारे में हम सब पिछले 10 से 20 सालों में सीख रहे हैं कि अगले 10 साल, 15 साल में उनके लिए यह कैसा होगा. इसलिए मुझे लगता है कि सभी के लिए थोड़ी नरमी की ज़रूरत है, लेकिन साथ ही सेफ्टी और उसका क्या मतलब है, इस बारे में कुछ जागरूकता भी होनी चाहिए.” चैट के दौरान, प्रियंका ने बताया कि उनकी बेटी को लेकर सभी की एक्साइटमेंट “बहुत ग्रेट” है, लेकिन वह मालती की सिक्योरिटी को बाकी सब चीज़ों से ऊपर रखना चाहती हैं.

बता दें कि प्रियंका ने 2018 में सिंगर निक जोनास से शादी की थी और कपल 2022 में पेरेंट्स बन गए थे. इस जोड़ी ने सरोगेसी से अपनी बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनस का वेलकम किया था.

Sports : आईपीएल से पहले रोहित शर्मा का मालदीव वेकेशन, सोशल मीडिया पर वायरल हुई फोटो

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मालदीव में छुट्टियां मना रहे रोहित शर्मा ने अपनी शर्टलेस फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसे देखकर फैंस हैरान रह गए हैं. 11 किलो वजन घटाने के बाद उनका फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन अब खूब चर्चा में है. भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा इन दिनों मैदान से दूर छुट्टियों का आनंद ले रहे हैं. टी20 वर्ल्ड कप 2026 खत्म होने के बाद रोहित मालदीव में वेकेशन पर पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी एक शर्टलेस तस्वीर साझा की, जो देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गई.

रोहित की इस तस्वीर ने फैंस का खास ध्यान खींचा है, क्योंकि इसमें उनका फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन साफ नजर आ रहा है. लंबे समय तक अपनी फिटनेस को लेकर ट्रोल होने वाले रोहित अब काफी फिट दिखाई दे रहे हैं और सोशल मीडिया पर लोग उनकी इस नई फिटनेस की जमकर तारीफ कर रहे हैं. टी20 वर्ल्ड कप 2026 में रोहित शर्मा ब्रांड एम्बेसडर की भूमिका में नजर आए थे. टूर्नामेंट खत्म होने के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए क्रिकेट से ब्रेक लिया और छुट्टियां मनाने मालदीव पहुंच गए. मालदीव से शेयर की गई उनकी तस्वीर में वह समुद्र किनारे आराम करते नजर आ रहे हैं. इस तस्वीर को देखकर कई फैंस ने इसे “कमाल का फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन” बताया है.

दरअसल, रोहित शर्मा ने पिछले साल टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अपनी फिटनेस पर काफी मेहनत की है. उन्होंने फिटनेस ट्रेनर अभिषेक नायर के साथ मिलकर ट्रेनिंग की और अपनी डाइट पर भी खास ध्यान दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान रोहित ने करीब 11 किलो वजन कम किया. उन्होंने अपने पसंदीदा वड़ापाव समेत कई अनहेल्दी फूड्स को छोड़ दिया और फिटनेस पर फोकस किया. रोहित शर्मा टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब वह सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं. उनका लक्ष्य अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए खुद को पूरी तरह फिट रखना है.

Business : शेयर बाजार के लड़खड़ाए कदम, 435 अंक गिरा सेंसेक्स; निफ्टी भी 110 अंक नीचे

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आज सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 32 अंकों की बढ़त हासिल करने के बाद सेंसेक्स फिर से करीब 435 अंक नीचे चला गया है. वहीं, निफ्टी में भी 110 अंकों की गिरावटदेखी जा रही है. भारतीय शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव का क्रम बना हुआ है. सुबह के कारोबार में बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स अभी 77770.74 पर कारोबार कर रहा है. यह इसके पिछले बंद 78205.98 के मुकाबले लगभग 435 अंक या 0.56 परसेंट नीचे है. वहीं, NSE का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 110 अंक लुढ़ककर 24150 पर ट्रेड करता दिख रहा है.

शुरुआती कारोबार में Wipro, Tata Steel, Power Grid, Bajaj Finserv, Tech Mahindra के शेयरों में बढ़त देखी जा रही है. वहीं, Kotak Mahindra Bank, ICICI Bank, HDFC Bank, Reliance Industries और Apollo Hospitals के शेयरों को नुकसान पहुंचा है. बैंक निफ्टी में गिरावट के चलते सेंसेक्स अभी लाल निशान में कारोबार कर रहा है.

एशियाई बाजारों का हाल

बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी के चलते एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली. जापान का निक्केई 225 1.36 परसेंट उछला, जबकि टॉपिक्स में 1.22 परसेंट की तेजी देखने को मिली. दक्षिण कोरिया के कोस्पी ने 2.52 परसेंट की बढ़त हासिल की, जबकि स्मॉल-कैप कोस्डैक 1.39 परसेंट तक चढ़ा. वहीं, हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स 25,936 पर कारोबार करता नजर आया, जबकि इंडेक्स का पिछली क्लोजिंग 25959.9 पर हुई थी.

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट लाल निशान में बंद हुआ. इस दौरान निवेशकों की नजर तेल की कम हुई कीमतों और ईरान में जंग की स्थिति पर रही. S&P 500 0.21 परसेंट गिरकर 6781.48 पर बंद हुआ. इसी तरह से डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज भी 34.29 अंक या 0.07 परसेंट लुढ़ककर 47706.51 पर बंद हुआ. हालांकि, नैस्डैक कंपोजिट 0.01 परसेंट बढ़कर 22697.10 पर बंद हुआ. बुधवार सुबह कच्चे तेल की कीमतें निचले स्तर से ऊपर चली गईं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से ईरान में युद्ध समाप्त होने के संकेत मिलने के साथ WTI क्रूड की कीमतें 0.03 परसेंट गिरकर 83.43 पर कारोबार करती नजर आईं, जबकि ब्रेंट क्रूड पिछले सेशन के हाई लेवल 119.50 डॉलर प्रति बैरल से गिरकर अब 87-90 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में है.

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने ईरान के साथ युद्ध के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने के बाद उन्हें कम करने के लिए अपने इतिहास में सबसे बड़े तेल भंडार (Emergency Oil Reserve) को जारी करने का प्रस्ताव दिया है. इसके तहत 182 मिलियन बैरल तेल से ज्यादा तेल जारी किया जाएगा.

National : खामेनेई अपने बेटे को नहीं बनाना चाहते थे ईरान का सुप्रीम लीडर, मगर क्यों? वसीयत को लेकर किया बड़ा दावा

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ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की 28 फरवरी को एयरस्ट्राइक में मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है.ईरान के नए सुप्रीम लीडर को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक बहुत कम लोग चाहते थे कि मोजतबा खामेनेई ईरान के अगले सुप्रीम लीडर बनें. यहां तक कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके अपने पिता अली खामेनेई भी इस फैसले के पक्ष में नहीं थे.

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की 28 फरवरी को एयरस्ट्राइक में मौत हो गई थी. न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अली खामेनेई ने अपनी वसीयत में साफ लिखा था कि उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी न बनाया जाए. हालांकि ईरान की ताकतवर सैन्य संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दबाव डालकर मोजतबा को इस पद तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.

विशेषज्ञों के अनुसार, अली खामेनेई को अपने बेटे की योग्यता को लेकर गंभीर संदेह था. विपक्षी संगठन नेशनल यूनियन फॉर डेमोक्रेसी के रिसर्च डायरेक्टर खोसरो इस्फहानी ने कहा कि अली खामेनेई ने अपनी वसीयत में साफ तौर पर लिखा था कि मोजतबा को उत्तराधिकारी न बनाया जाए. इस्फहानी के मुताबिक अली खामेनेई का मानना था कि मोजतबा के पास देश चलाने के लिए जरूरी अनुभव और राजनीतिक कद नहीं है. उन्होंने कहा, “मोजतबा एक युवा धर्मगुरु हैं, जिन्होंने राजनीति में कोई खास उपलब्धि हासिल नहीं की है.” इस्फहानी ने यह भी कहा कि इतने सालों तक मोजतबा की पहचान सिर्फ अपने पिता के नाम की वजह से ही रही है.

ईरान में सुप्रीम लीडर चुनने की जिम्मेदारी आमतौर पर असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स नाम की संस्था की होती है. यह धर्मगुरुओं की एक परिषद है, जो देश के सर्वोच्च नेता का चुनाव करती है. लेकिन इस्फहानी के अनुसार मोजतबा की नियुक्ति सामान्य प्रक्रिया के तहत नहीं हुई. उनका कहना है कि जब असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स इस मुद्दे पर विचार कर रही थी, तब IRGC ने उस पर दबाव डाला और अंत में फैसला मोजतबा के पक्ष में करवा दिया. इस्फहानी ने ईरान के अंदर मौजूद अपने सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि मोजतबा को परिषद में बहुमत के वोट भी नहीं मिले थे. बताया जा रहा है कि IRGC के दबाव के कारण कई धर्मगुरुओं ने उस बैठक का बहिष्कार कर दिया, जिसमें नए सुप्रीम लीडर के नाम की घोषणा की गई थी.इस्फहानी ने कहा कि असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने वास्तव में मोजतबा के पक्ष में मतदान नहीं किया था. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ काफी विरोध था, लेकिन IRGC के दबाव के चलते उन्हें उत्तराधिकारी घोषित कर दिया गया. इस्फहानी के अनुसार, ईरान की यह ताकतवर सैन्य संस्था मोजतबा को ऐसा नेता मानती है जिसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है. उन्होंने कहा, “वे उन्हें एक कठपुतली की तरह देखते हैं, जिस पर वे अपनी मर्जी से असर डाल सकते हैं.”

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है. ट्रंप ने कहा कि मोजतबा खामेनेई शांति से नहीं रह पाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अली खामेनेई के दूसरे बेटे को ईरान का नया नेता बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता. मोजतबा की नियुक्ति से पहले ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका को ईरान के अगले नेता के चयन में भूमिका होनी चाहिए, जैसे पहले वेनेजुएला के मामले में अमेरिका ने हस्तक्षेप किया था. एक्सियोस को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि 56 साल के मोजतबा खामेनेई का अपने पिता के बाद ईरान का प्रमुख बनना स्वीकार नहीं है.

ट्रंप ने कहा कि वे चाहते हैं कि ईरान में ऐसा नेता आए जो देश में शांति और संतुलन ला सके. उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई ऐसा नेता बनाया जाता है जो अली खामेनेई की नीतियों को ही आगे बढ़ाएगा, तो इससे अमेरिका को पांच साल के भीतर फिर से युद्ध का सामना करना पड़ सकता है. रविवार को एबीसी न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “उन्हें हमसे मंजूरी लेनी होगी. अगर उन्हें हमारी मंजूरी नहीं मिली तो वे ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएंगे.”

56 साल के मोजतबा खामेनेई ने इससे पहले कभी कोई आधिकारिक सरकारी पद नहीं संभाला था. उनका प्रभाव मुख्य रूप से अपने पिता के करीबी दायरे में काम करने से बढ़ा था. इसी दौरान ईरान में सख्त रूढ़िवादी नीतियां और मजबूत होती गईं.
2000 के दशक में लीक हुए अमेरिकी कूटनीतिक दस्तावेजों में उन्हें “पावर बिहाइंड द रोब्स” यानी पर्दे के पीछे की ताकत बताया गया था. उसी समय उन पर यह आरोप भी लगा था कि उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति चुनावों को प्रभावित करने में भूमिका निभाई थी ताकि सत्ता के समर्थक उम्मीदवार जीत सकें.

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