Sunday, September 27, 2026
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Business : ईरान वॉर से बढ़ा वैश्विक संकट, अब रूस के प्रसिडेंट व्लादमीर पुतिन के इस बयान ने और बढ़ाई टेंशन

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पुतिन ने यह भी कहा कि Russia दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल निर्यातक और सबसे बड़े गैस भंडार वाले देशों में से एक है. ऐसे में मौजूदा हालात से मॉस्को को फायदा मिल सकता है. ईरान पर United States और Israel के संयुक्त हमलों के बाद मिडिल ईस्ट की स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है. ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल के साथ-साथ अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया जा रहा है. इस बढ़ते संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है. इसी कड़ी में Vladimir Putin ने कहा है कि ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है.

रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने सोमवार (स्थानीय समयानुसार) कहा कि आने वाले कुछ हफ्तों में Strait of Hormuz से तेल की आवाजाही पूरी तरह ठप हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर European Union इच्छुक हो तो रूस लंबे समय तक ऊर्जा सहयोग के लिए तैयार है. सीनियर सरकारी अधिकारियों और रूस की प्रमुख तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ टेलीविजन बैठक में पुतिन ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बिगड़ती स्थिति के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा दबाव बन गया है. इससे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिसके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

इस तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर करीब 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जो साल 2022 के बाद पहली बार इतना ऊंचा स्तर है. तेल की कीमतों में यह तेजी मुख्य रूप से Strait of Hormuz से आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण देखी जा रही है. यह संकरा समुद्री रास्ता वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद अहम है, जहां से दुनिया के कुल तेल और गैस का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है.

पुतिन ने यह भी कहा कि Russia दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल निर्यातक और सबसे बड़े गैस भंडार वाले देशों में से एक है. ऐसे में मौजूदा हालात से मॉस्को को फायदा मिल सकता है. उन्होंने रूस की ऊर्जा कंपनियों से कहा कि वे बदलती वैश्विक परिस्थितियों का लाभ उठाने के लिए तैयार रहें.

Technology : क्या इंटरनेट पर आपकी पहचान सच में गुप्त है? रिसर्च में हुआ खुलासा, जानें कैसे AI लगा सकता है आप के असली नाम का पता

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इंटरनेट पर कई लोग अपनी पहचान छिपाकर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन एक नई स्टडी ने चेतावनी दी है कि अब AI की मदद से गुमनाम यूजर्स की असली पहचान तक पहुंचना आसान हो सकता है. इंटरनेट पर कई लोग अपनी पहचान छिपाकर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन एक नई स्टडी ने चेतावनी दी है कि अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से ऐसे गुमनाम यूजर्स की असली पहचान तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान हो सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, आधुनिक AI सिस्टम अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर मौजूद छोटी-छोटी जानकारी को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर सकते हैं कि किसी अनाम अकाउंट के पीछे असल में कौन व्यक्ति है.

इस अध्ययन में AI शोधकर्ता साइमन लेर्मन और डैनियल पालेका ने यह जांचने की कोशिश की कि क्या बड़े भाषा मॉडल (LLMs) किसी गुमनाम ऑनलाइन प्रोफाइल को वास्तविक पहचान से जोड़ सकते हैं. उन्होंने एक प्रयोग में कुछ अनाम सोशल मीडिया अकाउंट्स से जुड़ी जानकारी AI सिस्टम को दी और उसे निर्देश दिया कि इंटरनेट पर उपलब्ध बाकी स्रोतों से संबंधित जानकारी ढूंढे. प्रयोग के दौरान एक काल्पनिक उदाहरण लिया गया जिसमें एक अनाम यूजर ने अपने पोस्ट में स्कूल की परेशानियों का जिक्र किया था और यह भी बताया था कि वह अपने कुत्ते बिस्किट को डोलोरेस पार्क में घुमाने ले जाता है.

AI ने इन संकेतों के आधार पर दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद पोस्ट और जानकारी खोजी और अंत में उस अनाम प्रोफाइल को एक वास्तविक व्यक्ति से काफी हद तक जोड़ने में सफल रहा. शोधकर्ताओं का कहना है कि पहले इस तरह की पहचान उजागर करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता और ज्यादा संसाधनों की जरूरत होती थी. लेकिन अब इंटरनेट कनेक्शन और सार्वजनिक AI टूल्स की मदद से ऐसे प्रयास करना काफी आसान और सस्ता हो गया है. इस वजह से यह सवाल खड़ा हो रहा है कि इंटरनेट पर वास्तव में कौन-सी जानकारी निजी मानी जा सकती है और कौन-सी नहीं.

हालांकि रिपोर्ट यह भी बताती है कि AI कोई जादुई समाधान नहीं है. कई बार उपलब्ध जानकारी इतनी कम होती है कि सिस्टम किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाता. कुछ मामलों में संभावित लोगों की संख्या इतनी ज्यादा होती है कि सही पहचान तय करना मुश्किल हो जाता है. फिर भी कई परिस्थितियों में यह तकनीक किसी व्यक्ति की गुमनामी को कमजोर कर सकती है. विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तकनीक का गलत इस्तेमाल कई तरीकों से किया जा सकता है. उदाहरण के लिए, सरकारें गुमनाम कार्यकर्ताओं या विरोध करने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए AI का इस्तेमाल कर सकती हैं. इसके अलावा साइबर अपराधी भी इसका फायदा उठाकर बहुत ही व्यक्तिगत और भरोसेमंद दिखने वाले स्कैम तैयार कर सकते हैं. शोधकर्ताओं ने खासतौर पर स्पीयर-फिशिंग जैसे हमलों का जिक्र किया जिसमें हैकर किसी भरोसेमंद व्यक्ति का रूप लेकर पीड़ित को खतरनाक लिंक पर क्लिक करने के लिए धोखा देते हैं.

इस खतरे को कम करने के लिए विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया कंपनियों को सबसे पहले अपने प्लेटफॉर्म पर डेटा एक्सेस को नियंत्रित करना चाहिए. उदाहरण के तौर पर, यूजर डेटा डाउनलोड करने की सीमा तय करना, ऑटोमेटेड स्क्रैपिंग बॉट्स की पहचान करना और बड़ी मात्रा में डेटा एक्सपोर्ट को रोकना जैसे कदम उठाए जा सकते हैं.

वहीं आम यूजर्स को भी सावधानी बरतनी होगी. इंटरनेट पर पोस्ट करते समय व्यक्तिगत जानकारी, लोकेशन या ऐसे विवरण साझा करने से बचना चाहिए जो अलग-अलग प्लेटफॉर्म की जानकारी को जोड़कर किसी की असली पहचान उजागर कर सकते हैं.

Rajasthan news : राजस्थान से गुजरात तक झुलसाने लगी गर्मी, इस बार मार्च में ही मंडराने लगा हीटवेव का खतरा

राजस्थान समेत गुजरात के कई इलाकों में अगले कई दिनों तक गर्म हवाओं के चलने की उम्मीद है. वहीं हिमाचल में मौसम विभाग की तरफ से हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. देशभर में मौसम ने इस बार मार्च के महीने में ही अपनी तल्ख तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं. ऐसे राजस्थान से गुजरात तक पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों का जीना दुश्वार कर रखा है. इसी के साथ उत्तर और पश्चिम में जैसे-जैसे तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, वैसे-वैसे लू चलने की स्थिति बनती हुई दिख रही है.

राजस्थान समेत गुजरात के कई इलाकों में अगले कई दिनों तक गर्म हवाओं के चलने की उम्मीद है. वहीं हिमाचल में मौसम विभाग की तरफ से हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. इसमें चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार मार्च के महीने से देश के अलग-अलग राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, राजस्थान, हिमाचल और दिल्ली-एनसीआर में गर्मी ने हैरान कर दिया है.

इस बार गर्मी अपने चरम पर है. वहीं दिल्ली- एनसीआर में धूप भी रिकॉर्ड तोड़ रही है. अलग-अलग राज्यों में इस बार अभी से जून-जुलाई की धूप निकलना शुरू हो गई है. दरअसल मार्च के महीने के तापमान में गिरावट रहती है, लेकिन इस बार गर्मी ने जल्दी अपनी दस्तक दे दी है. वहीं कई राज्यों में दिन का तापमान सामान्य से ज्यादा जाता हुआ दिख रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक कुछ राज्यों में लू चल सकती है. वहीं हिमाचल प्रदेश के इलाकों में भी लू चलने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के मुताबिक कुछ दिनों के भीतर पश्चिम राजस्थान, उत्तर गुजरात के साथ दक्षिण गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ, विदर्भ के अलावा मराठावाड़ा में गर्म हवाएं चलने की आशंका जताई गई है. इन इलाकों में तापमान में काफी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. तापमान सामान्य से कई ज्यादा जा सकता है.

ज्यादा तापमान जाने की वजह से हीटवेव की स्थिति ज्यादा बन सकती है. भारत की पूर्वी हिस्सों में बादल बनने और आंधी तुफान के आने की उम्मीद है. वहीं बिहार-झारखंड, में तेज हवाओं के साथ चमक-गरज के अलावा हल्की बारिश होने का अनुमान है.

Bollywood : कृतिका कामरा और गौरव कपूर की शादी का कार्ड वायरल, इन दिन लेंगे सात फेरे

कृतिका कामरा और गौरव कपूर जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले हैं. उन्होंने अपनी शादी का कार्ड भी शेयर किया. कपल की शादी का कार्ड बहुत इंटरेस्टिंग है. एक्ट्रेस कृतिका कामरा और एक्टर-प्रेजेंटर गौरव कपूर की शादी के बंधन में बंधने वाले हैं. उनकी शादी का कार्ड सोशल मीडिया पर वायरल है. उनकी शादी के जश्न की झलक सामने आनी शुरू हो गई है. कृतिका और गौरव की शादी का कार्ड काफी यूनिक है.

कपल 12 मार्च को मुंबई में शादी के बंधन में बंधने जा रहा है. इस खास मौके पर उनके करीबी दोस्तों और परिवार साथ होगा. सभी साथ में मिलकर इसे सेलिब्रेट करेंगे. इस जश्न में फिल्म और खेल जगत के कई जाने-माने चेहरे भी शामिल होने वाले हैं. उनकी शादी को और खास बनाता है उनका अलग और दिलचस्प वेडिंग इनवाइट. ट्रेडिशनल वेडिंग रिसेप्शन की जगह कृतिका और गौरव ने “द पार्टी, आफ्टर” नाम से एक खास लेट-ईवनिंग सेलिब्रेशन रखा है. इसे आफ्टर-पार्टी की तरह प्लान किया गया है.

इस पार्टी में जैज़ नाइट और स्पीकईज़ी बार जैसा होगा. मेहमानों को जल्दी आने, आराम से बैठने और रात भर जश्न का आनंद लेने के लिए इंवाइट किया गया है. इनवाइट का डिज़ाइन भी बेहद खूबसूरत है, जिसमें मोनोक्रोम लुक और हल्का-फुल्का अंदाज दिखाई देता है. कृतिका और गौरव कुछ समय से रिलेशनशिप में हैं. उन्होंने दिसंबर 2025 में अपने रिलेशनशिप को इंस्टाग्राम ऑफिशियल किया था. उन्होंने एक-दूसरे के साथ की फोटोज शेयर की थी, जहां वो साथ में क्वालिटी टाइम एंजॉय कर रहे थे. खबरें हैं कि दोनों का रोमांस सीरीज द ग्रेट शमसुद्दीन फैमिली की शूटिंग के दौरान शुरू हुआ था.

गौरव की ये दूसरी शादी है. उनकी पहली शादी किरत भट्टल के साथ हुई थी. ये शादी चल नहीं पाई और उन्होंने अपने रास्ते अलग कर लिए. ये शादी 2014 से 2021 तक ही चली थी. वहीं कृतिका की बात करें तो वो टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस हैं. उनकी एक्टिंग और शो फैंस काफी पसंद करते हैं.

Business : ईरान वॉर ने ओर बढ़ायी भारत की मुसीबत, मुंबई के 20% होटल बंद हुए, भोपाल से चंडीगढ़ तक जानें हालात

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सरकार ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि आपूर्ति में किसी तरह की कमी न आए. फिलहाल सरकार की प्राथमिकता घरेलू एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखना है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है. Iran से जुड़े युद्ध के बीच भले ही सरकार ने तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात कही है, लेकिन देश के कई हिस्सों में एलपीजी की कमी से लोगों की परेशानी बढ़ रही है. हॉस्पिटैलिटी बॉडी AHAR (Indian Hotel and Restaurant Association) के मुताबिक आर्थिक राजधानी Mumbai में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति घटने के कारण करीब 20 प्रतिशत रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं.

संगठन का कहना है कि यदि यही स्थिति जारी रहती है तो अगले दो-तीन दिनों में लगभग 50 प्रतिशत तक खाने-पीने की दुकानें बंद हो सकती हैं. रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि पिछले दो दिनों से कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर प्राप्त करने में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसी तरह की समस्या Bengaluru और Chennai जैसे शहरों में भी सामने आ रही है. संगठन का कहना है कि यदि गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं होती है तो यहां भी स्थिति गंभीर हो सकती है. बेंगलुरु में होटल मालिकों ने संकेत दिए हैं कि कॉमर्शियल एलपीजी की सप्लाई बाधित होने पर उन्हें अपने संचालन अस्थायी रूप से बंद करने पड़ सकते हैं, क्योंकि उनका काम पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर है.

चंडीगढ़ में भी एलपीजी सप्लाई को लेकर हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं. Indane गैस एजेंसी के गोदाम में बड़ी संख्या में कमर्शियल गैस सिलेंडर जमा पड़े हैं. कर्मचारियों के मुताबिक पिछले चार दिनों से कमर्शियल सिलेंडर की नियमित सप्लाई नहीं मिल रही है, जिसकी वजह से जो सीमित सिलेंडर आ रहे हैं, वे गोदाम में ही इकट्ठा हो रहे हैं.

गोदाम में काम करने वाले कर्मचारी सोनू के अनुसार होटल और रेस्तरां संचालक लगातार सिलेंडर के बारे में पूछताछ कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं. इसके अलावा घरेलू गैस की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है और कर्मचारियों का कहना है कि घरेलू एलपीजी की सप्लाई लगभग आधी रह गई है. इस स्थिति के कारण शहर में होटल, रेस्तरां और खाने-पीने के कारोबार से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उनका संचालन पूरी तरह गैस सिलेंडर की उपलब्धता पर निर्भर करता है. भोपाल में भी Iran से जुड़े युद्ध के बीच गैस की किल्लत का असर साफ दिखाई देने लगा है. यहां कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई रुकने और घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर अनिवार्य किए जाने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है. हालात ऐसे हैं कि गैस एजेंसियों के गोदामों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगने लगी हैं. कई लोग सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर चिंतित हैं.

आम उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकार भले ही स्थिति सामान्य होने की बात कर रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर सिलेंडर आसानी से नहीं मिल रहे हैं और कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई अचानक बंद कर दी गई है. लोगों का यह भी आरोप है कि मौजूदा स्थिति का फायदा उठाते हुए कुछ गैस एजेंसियां सिलेंडर की कमी का हवाला देकर उपभोक्ताओं को इंतजार करने के लिए मजबूर कर रही हैं. इससे शहर में गैस सप्लाई को लेकर असमंजस और चिंता का माहौल बन गया है. दूसरी ओर केंद्र सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और तेल-गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है. सरकार ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि आपूर्ति में किसी तरह की कमी न आए. फिलहाल सरकार की प्राथमिकता घरेलू एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखना है.

सरकारी अधिकारियों के अनुसार इस कदम का उद्देश्य आवश्यक सेवाओं जैसे- रेस्टोरेंट, अस्पताल और फूड सप्लाई चेन को बाधित होने से बचाना है. इसी बीच Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि Iran से जुड़ा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है. साथ ही G7 देशों ने भी रणनीतिक तेल भंडार के इस्तेमाल का फैसला किया है. इन घोषणाओं के बाद वैश्विक बाजार में Crude Oil की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली है.

Bollywood : बेटे को था ट्यूमर, जॉनी लीवर करते रहते थे प्रार्थना, फिर हुआ चमत्कार, जेमी लिवर ने सुनाया हैरान करने वाला किस्सा

जॉनी लीवर को हमेशा हंसते-मुस्कुराते और दूसरों को हंसाते हुए देखा गया है. लेकिन, उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ में काफी तकलीफों का सामना किया है, जिसका खुलासा उनकी बेटी जेमी लिवर ने किया है. 90 के दशक के पॉपुलर कलाकारों में से एक माने जाने वाले जॉनी लीवर ने अपनी जिंदगी में सफलता के साथ-साथ काफी मुश्किल दौर का भी सामना किया है. अब हाल ही में उनकी बेटी जेमी ने दर्दनाक पल के बारे में बात की.

विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में जेमी लीवर ने बताया कि जब वो स्कूल में पढ़ा करती थीं, तभी उनके भाई को ट्यूमर हो गया था. पहले तो किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या है. लेकिन ट्यूमर के बढ़ने की वजह से भाई को काफी बेचैनी होने लगी थी. जेमी ने कहा कि उनका भाई ट्यूमर को छिपाने के लिए अलग तरीके से कपड़े पहनने लगा. वो और उनका भाई एक ही स्कूल में पढ़ा रहते थे. ऐसे में बड़ी बहन होने की वजह से वो अपने भाई का खास ख्याल रखती थीं.

जेमी ने कहा बताया कि उनके भाई की सर्जरी करवानी पड़ी, जो काफी मुश्किल था. उस दौरान उनकी और उनके पेरेंट्स की लाइफ पूरी तरह से बदल गई. उन्होंने बताया कि उनका परिवार और वो हमेशा से भगवान में काफी विश्वास रखते थे. लेकिन, इस घटना के बाद भगवान में उन लोगों का विश्वास और बढ़ गया. जेमी ने बताया कि उन्होंने अपने पेरेंट्स को काफी मुश्किल दौर से गुजरते देखा है. इतना ही नहीं उनके लिए भाई जेसी को सर्जरी और रिकवरी से गुजरते देखना काफी मुश्किल था.

जेसी ने आगे कहा कि उनके भाई की एक सर्जरी मुंबई में हुई थी, जो सफल नहीं हो सकी. उसके बाद दूसरी सर्जरी अमेरिका में हुई, जो बहुत लंबी चली. ये सब दो साल के अंदर हुआ. पहली सर्जरी के फेल होने के बाद जेमी और उनके परिवार ने प्रार्थना करना शुरू कर दिया. पूरा परिवार एक साथ मिलकर प्रार्थना करता था. लोग भी उनके घर आकर प्रार्थना किया करते थे. उन्होंने बताया कि उनके पिता घुटनों के बल बैठ कर प्रार्थना किया करते थे. उन्हें लग रहा था कि बेटी की सर्जरी करवानी चाहिए या नहीं. उस पल उनके पिता को महसूस हुआ जैसे भगवान ने कहा हो आगे बढ़ो.

जेमी ने बताया कि गर्मी की छुट्टियों में वो पूरे परिवार के संग अमेरिका गए थे. क्योंकि उनके पेरेंट्स जेसी की हर इच्छा पूरी करना चाहते थे. जब उनकी फैमिली एक चर्च में गई तो पादरी ने पूछा क्या हुआ. जब जेसी के बारे में पादरी को बताया गया तो उन्होंने एक अस्पताल का नाम बताया और कहा ईश्वर उसे ठीक कर देंगे. वहीं पर सर्जरी हुई और वो ठीक हो गया.

Bengal news : उत्तर 24 परगना में पुलिस का बड़ा एक्शन, 70 करोड़ के नकली नोट बरामद, दंपति समेत 7 अरेस्ट

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उत्तर 24 परगना के बेलघरिया में पुलिस ने नकली नोट रैकेट का भंडाफोड़ कर दंपति सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है और फ्लैट से करीब 70 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं. उत्तर 24 परगना के बेलघरिया इलाके में नकली नोटों के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है. पुलिस ने एक दंपति को गिरफ्तार किया है और उनके फ्लैट से करीब 70 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं. यह छापेमारी कमरहटी नगरपालिका के अंतर्गत सरतपल्ली इलाके में स्थित उनके अपार्टमेंट में की गई.

इस मामले में एक नेपाली नागरिक समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है. छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने नकदी और नकली नोटों से भरे कई बक्से, 12 मोबाइल फोन और एक लग्जरी कार भी बरामद की है. जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं.
जांचकर्ताओं के मुताबिक गिरफ्तार दंपति की पहचान दीपा धर और उनके पति अरिंदम धर के रूप में हुई है. दीपा स्थानीय निवासी है, जबकि अरिंदम मूल रूप से सोनारपुर के हरिणावी इलाके का रहने वाला है.

अधिकारियों के अनुसार यह दंपति कई वर्षों से सरतपल्ली इलाके में रह रहा था. खुफिया अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क तब सक्रिय हुआ जब दंपति 2024 में नेपाल गया और वहीं से कथित तौर पर तस्करी के गिरोह से जुड़ गया. इसके बाद से उनके संपर्क कई संदिग्ध लोगों से बढ़ने लगे थे. जांच में सामने आया है कि आरोपी वीडियो कॉल के जरिए व्यापारियों को नकली नोटों के बंडल दिखाते थे. इसके बाद उन्हें धोखाधड़ी वाले व्यापारिक सौदों में निवेश करने के लिए लुभाया जाता था और यह भरोसा दिलाया जाता था कि निवेश करने पर उनकी रकम दोगुनी कर दी जाएगी. बताया जा रहा है कि कई लोग इस झांसे में आकर पैसा लगाने को तैयार हो जाते थे. इसी तरीके से आरोपियों ने कथित तौर पर बड़ी रकम जुटाई और अपने अवैध कारोबार को आगे बढ़ाया.

अधिकारियों का कहना है कि दंपति इस पैसे का इस्तेमाल अपनी आलीशान जीवन शैली बनाए रखने में करता था. जानकारी के मुताबिक वे अक्सर देर रात तक पार्टियां आयोजित करते थे, जिनमें व्यापारियों को भी बुलाया जाता था.
फिलहाल जांच एजेंसियां नकली नोटों के असली स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई हैं. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस पूरे मामले के पीछे किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की संलिप्तता है. गिरफ्तार किए गए सभी सात लोगों से पूछताछ जारी है और मामले की जांच आगे बढ़ रही है.

Life style : गर्मी शुरू होते ही खाना शुरू कर दीजिए कच्चा प्याज, मिलते हैं गजब के फायदे

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गर्मी के मौसम में कच्चे प्याज का यूज काफी बढ़ जाता है. चलिए आपको बताते हैं कि इसके क्या फायदे होते हैं और आप इसको कैसे यूज कर सकते हैं. गर्मी का मौसम आते ही तेज धूप और बढ़ता तापमान सेहत पर असर डालने लगता है. ऐसे में लोग ऐसी चीजों की तलाश करते हैं जो शरीर को ठंडा रखने में मदद करें. आमतौर पर माना जाता है कि कच्चा प्याज गर्मियों में लू से बचाव करने और शरीर को ठंडक देने में मदद कर सकता है. चलिए आपको बताते हैं कि अगर आप गर्मी के मौसम में इसका सेवन करते हैं, तो आपको इससे क्या- क्या फायदा मिलता है.

कच्चा प्याज कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसमें विटामिन C पाया जाता है, जो शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करने के साथ-साथ त्वचा के लिए भी फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह कोलेजन बनने की प्रक्रिया में मदद करता है. इसके अलावा इसमें फोलेट मौजूद होता है, जो सेल्स के निर्माण और डीएनए के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. प्याज में पोटैशियम भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो नसों के काम और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है. साथ ही इसमें मौजूद फाइबर डाइजेशन सिस्टम को बेहतर बनाने में सहायक होता है. प्याज में क्वेरसेटिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं, जो सूजन को कम करने और हार्ट की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं.

कच्चे प्याज में पानी की मात्रा अच्छी होती है, जिससे गर्म मौसम में शरीर को हाइड्रेट रहने में मदद मिलती है. यह शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है और डिहाइड्रेशन की समस्या से बचाव कर सकता है. इसके साथ ही इसमें कच्चा प्याज अपने कूलिंग प्रभाव के लिए जाना जाता है. इसे खाने से शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद मिलती है. यह पसीना आने की प्रक्रिया को भी बढ़ावा देता है, जिससे शरीर स्वाभाविक रूप से ठंडा रहता है. इसलिए गर्मियों में इसे सलाद या खाने के साथ साइड डिश के रूप में खाना फायदेमंद माना जाता है.

कच्चे प्याज में मौजूद विटामिन C और क्वेरसेटिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करते हैं. ये शरीर की सेल्स को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं और इंफेक्शन के खतरे को कम करने में सहायक हो सकते हैं. कच्चे प्याज में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है. इससे कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है और आंतों की काम करने का तरीका बेहतर बनी रहती है. इसके अलावा प्याज में पाए जाने वाले कुछ एंजाइम वसा को तोड़ने में भी मदद करते हैं, जिससे खाना आसानी से पच जाता है.

कच्चे प्याज में प्राकृतिक मिठास होती है, लेकिन इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है. इसमें मौजूद कुछ तत्व ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं. इसलिए डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए भी इसे सीमित मात्रा में डाइट में शामिल करना फायदेमंद माना जाता है.

Haryana news : पति बीमार था और गरीबी का कहर! 3 बेटियों संग कुएं में कूदी मां, गोद में थी 4 महीने की बच्ची, सभी की मौत

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हरियाणा के नूंह जिले के बड़ौंपुर गांव में साहिबा नाम की महिला ने अपनी तीन बेटियों के साथ कुएं में कूदकर आत्महत्या की, जिससे गांव में हड़कंप मच गया. जानें पूरा मामला. हरियाणा के नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र के गांव बड़ौंपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. जहां एक महिला ने अपनी तीन बेटियों के साथ कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली. इस घटना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया. सूचना मिलने के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों की मदद से कुएं से चारों शवों को बाहर निकाला गया.

पुलिस के अनुसार, मृतक महिला की पहचान साहिबा पत्नी शाहिद के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि साहिबा 8 मार्च को अपने खेतों में सरसों की कटाई करने गई थी. शाम को रोजा इफ्तार के दौरान वह अपने बच्चों सहित घर वापस नहीं लौटी. परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला.

अगली सुबह सुबह 9 बजे के करीब जब परिवार के सदस्य गेहूं की फसल को पानी देने खेत में गए, तो उन्हें कुएं के पास कुछ चप्पलें पड़ी मिलीं. शक होने पर उन्होंने कुएं में देखा और पानी में बच्चों के शव तैरते हुए पाए. घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचना दी. पुलिस स्टेशन अधिकारी सुभाष चंद्र पुलिस टीम और फायर विभाग के कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से महिला और उसकी तीनों बेटियों के शव कुएं से बाहर निकाले गए.

पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मंडीखेड़ा के जिला अस्पताल के मुर्दाघर में रखवा दिया. मृतक बच्चों की पहचान अक्ष (लगभग 7 वर्ष), सानूपिया (लगभग 5 वर्ष) और चार महीने की बच्ची के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि महिला का पति मानसिक रूप से बीमार था. इस मामले में अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. पुलिस घटना की पूर्ण जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

Health : क्या आरो का पानी सेहत के लिए होता है खतरनाक, आइये जानते डोक्टरस का कहना

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कुछ लोग यह भी सोचते हैं कि लंबे समय तक आरो का पानी पीने से शरीर का इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ सकता है, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार हेल्दी लोगों में ऐसा होना बहुत कम संभावना वाला मामला है. आजकल आमतौर पर सभी घरों में पानी को साफ करने के लिए वॉटर प्यूरीफायर का इस्तेमाल आम हो गया है. खासकर रिवर्स ऑस्मोसिस यानी आरो तकनीक वाले प्यूरीफायर लोगों के बीच बहुत पॉपुलर है. इन्हें पानी से गंदगी, भारी धातुओं और दूसरे हानिकारक तत्वों को हटाने के लिए भरोसेमंद माना जाता है. इस वजह से बहुत से लोग रोज पीने के लिए आरो का पानी इस्तेमाल करते हैं. हालांकि समय-समय पर यह सवाल भी उठता रहा है कि क्या आरो का पानी पीना पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं.

कुछ लोगों का मानना है कि आप फिल्ट्रेशन के दौरान पानी में मौजूद जरूरी मिनरल भी निकल जाते हैं, जिससे शरीर पर नेगेटिव इफेक्ट पड़ सकता है. खासकर लंबे समय तक आरो का पानी पीने से मिनरल की कमी या इलेक्ट्रोलाइट संतुलन होने की चिंता जताई जाती है. वहीं इसे लेकर डॉक्टरों का कहना है कि इसे लेकर लोगों के मन में कई तरह की गलतफहमियां भी है. दरअसल आरो फिल्ट्रेशन पानी से कई तरह की अशुद्धियों को हटाता है, लेकिन इससे सेहत को नुकसान होने की संभावना सामान्य तौर पर कम मानी जाती है.

आरो तकनीक में पानी मेम्ब्रेन से गुजरता है, इस प्रक्रिया में बैक्टीरिया, वायरस, घुले हुए नमक, भारी धातु और दूसरे हानिकारक तत्वों को अलग कर देता है. यही वजह है कि जिन इलाकों में भोजन में प्रदूषण या अशुद्धियां होती है. वहां आरो सिस्टम पानी को साफ करने में प्रभावी माना जाता है. हालांकि इस प्रक्रिया के दौरान पानी में मौजूद कुछ नेचुरल मिनिरल जैसे कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा कम हो सकती है. यही कारण है कि कई लोग मानते हैं कि आरो का पानी जरूरत से ज्यादा शुद्ध हो जाता है और इसमें जरूरी पोषक तत्व कम हो जाते हैं.

वहीं न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि शरीर को मिलने वाले जरूरी मिनरल का मुख्य सोर्स पानी नहीं बल्कि हमारा रोज का खाना होता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार पीने के पानी से शरीर को मिलने वाले मिनरल की मात्रा काफी कम होती है. जबकि ज्यादातर पोषक तत्व हमें खाने से ही मिलते हैं, उनका कहना है कि अगर कोई रोज संतुलित और पोषक आहार लेता है तो आरो पानी से मिनरल की थोड़ी कमी होने से शरीर में किसी तरह की कोई कमी नहीं होती है. वहीं फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर भोजन शरीर की जरूरत के पोषक तत्व आसानी से पूरा कर सकता है.

किडनी एक्सपर्ट्स के अनुसार आरो का पानी किडनी की सेहत पर आमतौर पर कोई बड़ा नेगेटिव इफेक्ट नहीं डालता है. डॉक्टर के अनुसार आरो सिस्टम पानी से अशुद्धियां हटाने के लिए बनाया गया है, जिससे पानी पीने के लिए सुरक्षित हो जाता है. हालांकि इस प्रक्रिया में कुछ मिनरल कम हो सकते हैं, लेकिन किडनी की सेहत के लिए ज्यादा जरूरी चीज पर्याप्त पानी पीना, संतुलित भोजन करना और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना है. साफ और सुरक्षित पानी पीना किडनी के लिए फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इससे शरीर से अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकलने में मदद मिलती है.

कुछ लोग यह भी सोचते हैं कि लंबे समय तक आरो का पानी पीने से शरीर का इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ सकता है, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार हेल्दी लोगों में ऐसा होना बहुत कम संभावना वाला मामला है. शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन किडनी हार्मोन और खाने से मिलने वाले पोषक तत्व के जरिए नियंत्रित होता है. सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट मुख्य रूप से खाने से ही मिलते हैं, इसलिए नॉर्मल कंडीशन में आरो का पानी पीने से इलेक्ट्रोलाइट संतुलन पर असर नहीं पड़ता है.

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