Sunday, October 4, 2026
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ENTERTAINMENT : મોનાલિસાનો મહાકુંભ અવતાર! ગ્લેમર છોડીને ધારણ કર્યું સાદગીનું રૂપ, ફર્સ્ટ લુક જોઈ ફેન્સ થયા આફરીન!

મહાકુંભ 2025માં કરોડો ભક્તોની ભીડ વચ્ચે, મોનાલિસા નામની એક સામાન્ય છોકરી અચાનક ચર્ચાનું કેન્દ્ર બની ગઈ. માળા વેચતી વખતે તેની સાદગી અને સુંદરતાએ લોકોનું ધ્યાન ખેંચ્યું અને થોડી જ વારમાં તેના ફોટા અને વીડિયો સોશિયલ મીડિયા પર વાયરલ થઈ ગયા. કેમેરા અને રીલ્સ વચ્ચે ઉભા રહીને, મોનાલિસાના જીવનમાં અહીંથી એક નવો વળાંક આવ્યો. મહાકુંભ દરમિયાન, ફિલ્મ નિર્માતા સનોજ મિશ્રાએ મોનાલિસાને જોઈ. તેની સાદગી અને માસૂમિયતથી દિગ્દર્શક એટલા પ્રભાવિત થયા કે તેમણે મોનાલિસાને પોતાની ફિલ્મમાં લેવાનું નક્કી કર્યું. અહીંથી, મોનાલિસાની મેળાથી ફિલ્મોની દુનિયા સુધીની સફર શરૂ થઈ.

મોનાલિસાએ તેની પહેલી મોટી ફિલ્મ ધ ડાયરી ઓફ મણિપુરનું શૂટિંગ પૂર્ણ કરી લીધું છે. આ ફિલ્મમાં, તે રાજકુમાર રાવના ભાઈ અભિનેતા અમિત રાવ સાથે જોવા મળશે. ફિલ્મ પૂર્ણ થતાં, મોનાલિસાનો આત્મવિશ્વાસ સ્પષ્ટ થઈ ગયો છે. મહાકુંભના લગભગ એક વર્ષ પછી, મોનાલિસા ફરી એકવાર પ્રયાગરાજ પરત ફરી રહી છે. આ વખતે, તે માઘ મેળામાં માળા વેચવા નહીં, પરંતુ એક ઉભરતી બોલીવુડ અભિનેત્રી તરીકે પહોંચશે. આ વાપસી તેના માટે ભાવનાત્મક અને ઐતિહાસિક બંને છે.

ગાંધીગિરી અને શશાંક જેવી ફિલ્મો માટે જાણીતા સનોજ મિશ્રા હવે તેમની આખી ટીમ સાથે માઘ મેળામાં હાજરી આપવા જઈ રહ્યા છે. ફિલ્મનું શૂટિંગ પૂર્ણ કર્યા પછી, ટીમ માતા ગંગાના આશીર્વાદ લેવા માટે પ્રયાગરાજ પહોંચશે, જે યાત્રાને આધ્યાત્મિક પૂર્ણતા આપશે. દિગ્દર્શકના જણાવ્યા મુજબ, ધ ડાયરી ઓફ મણિપુરનું શૂટિંગ ઘણા તબક્કામાં પૂર્ણ થયું હતું. પ્રથમ શેડ્યૂલ ઉત્તર પ્રદેશના ઇટાવામાં શૂટ કરવામાં આવ્યું હતું, ત્યારબાદ ટીમ મણિપુર પહોંચી હતી, જ્યાં મહત્વપૂર્ણ દ્રશ્યો વિવિધ સ્થળોએ શૂટ કરવામાં આવ્યા હતા. આ પછી, નેપાળમાં એક શેડ્યૂલ પૂર્ણ થયું હતું અને ફિલ્મનો મોટો ભાગ દેહરાદૂનમાં શૂટ કરવામાં આવ્યો હતો. ફિલ્મનું શૂટિંગ ગયા અઠવાડિયે પૂર્ણ થયું હતું.

સનોજ મિશ્રાએ કહ્યું કે જ્યારે તેણે મેળામાં મોનાલિસાને જોઈ, ત્યારે તેને એ વાત પસંદ ન આવી કે લોકો તેમને ફક્ત રીલ્સ અને સેલ્ફી માટે હેરાન કરી રહ્યા છે. મોનાલિસા મધ્યપ્રદેશના મહેશ્વર ક્ષેત્રના બંજારા સમુદાયમાંથી આવે છે અને તેનો સ્વભાવ ખૂબ જ સરળ છે. આ સરળતા તેમને ફિલ્મમાં મુખ્ય ભૂમિકા માટે યોગ્ય બનાવે છે. ફિલ્મમાં કામ કરતા પહેલા, મોનાલિસાએ ખાસ તાલીમ લીધી હતી. તેને પહેલા ઇન્દોર અને પછી મુંબઈ મોકલવામાં આવી હતી, જ્યાં તેણે અભિનય, બોડી લેંગ્વેજ અને કેમેરા સામે કામ કરવાનું શીખ્યા. શરૂઆતમાં, મોનાલિસા અભણ હતી અને તેમને પોતાનું નામ પણ લખતા આવડતું ન હતું, પરંતુ સખત મહેનતથી તેમણે ઘણી નવી વસ્તુઓ શીખી.

દિગ્દર્શકે કહ્યું કે મોનાલિસા હજુ પણ ભાષા અને ઉચ્ચારણમાં સંઘર્ષ કરે છે. આ જ કારણ છે કે ફિલ્મમાં તેના રોલ માટે ડબિંગનો ઉપયોગ કરવામાં આવ્યો હતો. આમ છતાં, દિગ્દર્શક તેના અભિનયથી અત્યંત સંતુષ્ટ છે અને માને છે કે તેણે આ ભૂમિકાને સંપૂર્ણપણે સ્વીકારી લીધી છે. ધ ડાયરી ઓફ મણિપુર ફિલ્મ મણિપુરમાં સેટ છે અને હિંસા અને સંઘર્ષ વચ્ચે ખીલતી પ્રેમકથા દર્શાવે છે. ફિલ્મમાં, મોનાલિસા એક ઉત્તર ભારતીય છોકરીની ભૂમિકા ભજવે છે. એક સાદા મેળામાં શરૂ થયેલી આ સફર હવે મોટા પડદા પર પહોંચી ગઈ છે, અને મોનાલિસાની વાર્તા ફક્ત શરૂઆત છે.

NATIONAL : कोटद्वार में तनाव: ‘बाबा’ नाम पर बवाल के बीच समुदाय विशेष के युवक ने की युवती से छेड़छाड़, गिरफ्तार

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उत्तराखंड के कोटद्वार में सांप्रदायिक तनाव के बीच एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है. ‘बाबा’ नाम की दुकान को लेकर चल रहे विवाद के दौरान ही एक समुदाय विशेष के युवक उस्मान ने युवती से छेड़छाड़ की. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और शहर में भारी पुलिस बल तैनात है.कोटद्वार निवासी उस्मान ने एक युवती को कॉल और एसएमएस के जरिए परेशान किया और बाजार में उसका हाथ पकड़कर छेड़छाड़ की. युवती की शिकायत पर मंगलवार को कोतवाली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया.

यह घटना तब हुई जब शहर में पहले से ही एक दुकान के नाम को लेकर विवाद चल रहा है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 352 और 78 के तहत मुकदमा दर्ज किया है. माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए शहर के सभी चेक पोस्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है.

युवती ने अपनी तहरीर में बताया कि कुछ समय पहले उसकी पहचान उस्मान से हुई थी. इसके बाद आरोपी उसे लगातार फोन और मैसेज कर परेशान करने लगा. हद तो तब हो गई जब उसने बाजार में सरेआम युवती का हाथ पकड़ लिया. बार-बार समझाने और विरोध करने के बावजूद आरोपी नहीं माना और गाली-गलौज पर उतर आया।. परेशान होकर युवती ने पुलिस की शरण ली, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा.

कोटद्वार में पहले से ही 26 जनवरी को पटेल मार्ग पर एक दुकान का नाम “बाबा” रखने को लेकर बवाल मचा हुआ है. वह मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि इस छेड़छाड़ की घटना ने क्षेत्र में फिर से गरमा-गर्मी बढ़ा दी है. शहर का माहौल खराब न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है. सभी मुख्य रास्तों और चौराहों पर पुलिस की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके.

NATIONAL : पॉलिथीन में बंद एक दिन की बच्ची की लाश…,पैदा होते ही कूड़े के ढेर में फेंक गया कोई

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फरीदाबाद के सेक्टर 12 में एक दिन की नवजात बच्ची का शव पॉलिथीन में बंद और कूड़े के ढेर में मिला. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा. अज्ञात माता-पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. पोस्टमार्टम से मौत के कारणों का पता चलेगा. पुलिस माता-पिता की पहचान और मामले की गहन जांच कर रही है.

हरियाणा के फरीदाबाद में सेक्टर 12 में मंगलवार दोपहर मानवता को शर्मशार करने वाला मामला सामने आया. यहां एक दिन की नवजात बच्ची का शव झाड़ियों और कूड़े के ढेर में पॉलिथीन में बंद मिला. जो लोग मौके पर पहुंचे, उनके लिए यह दृश्य न केवल हैरान करने वाला था बल्कि दिल दहला देने वाला भी था. मासूम बच्ची का जीवन इतने कम समय में ही इस निर्दयी दुनिया से समाप्त हो गया.सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने बच्ची के शव मिलने की जानकारी दी, जिसके बाद सेंट्रल थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया. डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में पुष्टि की कि बच्ची पहले ही मृत थी.

शव मिलने की परिस्थितियों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मासूम की मौत कब हुई और क्या उसे पॉलिथीन में बंद करके कूड़े में फेंकने से पहले ही जान गंवानी पड़ी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि बच्ची की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी या हत्या का मामला है.

पुलिस ने बताया कि मामले में अज्ञात माता-पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. अब यह पता लगाया जा रहा है कि कौन से निर्दयी माता-पिता ने अपनी नवजात बच्ची की जान लेने के बाद उसे इस तरह से फेंक दिया. पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर माता-पिता की पहचान करने की कोशिश कर रही है.

इस घटना ने पूरे इलाके में गहरी शोक और सदमे का माहौल पैदा कर दिया है. लोगों के लिए यह एक चेतावनी भी है कि कभी-कभी सबसे नाजुक प्राणी भी मनुष्यता की निर्दयता का शिकार बन जाते हैं.

BUSINESS : ‘लौट के आ जाओ… जो हुआ सो हुआ,’ Zomato फाउंडर दीपेन्द्र गोयल का पूर्व कर्मचारियों को लेकर भावुक पोस्ट

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गोयल ने लिखा कि कंपनी ने अपने अतीत से बहुत कुछ सीखा है और जो लोग पहले यहां काम कर चुके हैं, उनकी वापसी का खुले दिल से स्वागत करने के लिए वह तैयार है.

कोई भी कंपनी जब अपने कर्मचारियों को हटाती है तो उस समय चाहे जो भी वजह बताई जाए, लेकिन पूर्व कर्मचारियों को लेकर एक भावनात्मक जुड़ाव बना रहता है. एटरल (पूर्व में जोमैटो) के फाउंडर और वाइस चेयरमैन दीपेन्द्र गोयल ने भी अपने पूर्व कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए उन्हें दोबारा लौटने का न्योता दिया है.

गोयल ने लिखा कि कंपनी ने अपने अतीत से बहुत कुछ सीखा है और जो लोग पहले यहां काम कर चुके हैं, उनकी वापसी का खुले दिल से स्वागत करने के लिए वह तैयार है. स्वेच्छा से जोमैटो छोड़ने वाले या जिनसे आगे बढ़ने को कहा गया था, उन्हें संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय जोमैटो हर किसी के लिए सही जगह नहीं हो सकती थी कई लोगों को न तो वैसा कार्य वातावरण मिला होगा और न ही वैसी लीडरशिप, जिसकी उन्हें जरूरत थी.

इसके बावजूद उन्होंने माना कि कई कर्मचारियों का कंपनी के साथ गहरा भावनात्मक रिश्ता रहा है और जो अपनापन, प्यार और घर जैसा माहौल उन्हें जोमैटो में मिला, वैसा अनुभव शायद कहीं और नहीं हुआ होगा. इस पूरे संदेश का लहजा बेहद व्यक्तिगत था, जिसमें यह साफ झलकता है कि कंपनी छोड़ देने से साझा सफर और साथ किए गए काम की अहमियत कभी खत्म नहीं होती.

ENTERTAINMENT : संसद में साथ दिखे चिराग पासवान-कंगना रनौत, हुई क्या बात?

दिल्ली में एनडीए संसदीय दल की बैठक के दौरान कंगना रनौत और चिराग पासवान की मुलाकात सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है. दोनों ने 2014 की फिल्म ‘मिले ना मिले हम’ में साथ काम किया था और अब राजनीति में भी सक्रिय हैं.मंगलवार शाम को दिल्ली में एनडीए संसदीय दल की बैठक हुई. खास मौके पर एक बार फिर कंगना रनौत और चिराग पासवान को साथ देखा गया. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दोनों वेन्यू पर साथ पहुंचते दिखे, जहां उन्होंने एक-दूसरे से हंसकर मुलाकात की.

कंगना रनौत और चिराग पासवान ने 2014 की फिल्म ‘मिले ना मिले हम’ में साथ काम किया था. फिल्म में चिराग का रोल एक टेनिस प्लेयर का था, जो कंगना के किरदार से प्यार करने लगता है. ये चिराग की डेब्यू फिल्म थी, जिसमें नीरू बाजवा और सागरिका घाटगे भी मुख्य भूमिका में थीं.के बाद कंगना और चिराग राजनीति में भी अपनी धाक जमाने को तैयार हैं. ये पहली बार नहीं है जब दोनों एनडीए की संसदीय बैठक में दिल्ली साथ पहुंचे हों. पिछले साल भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कंगना चिराग को देखकर इतनी खुश हो गईं कि हाथ मिलाने के बाद उनसे बातें करने लगीं.

एक पुराने इंटरव्यू में चिराग ने कंगना के बारे में बात की थी. उन्होंने ये भी बताया था कि वो कंगना की तारीफ क्यों करते हैं. चिराग का कहना था कि वो अपनी बात राजनीतिक रूप से सही और खुलकर बोलती हैं. एएनआई को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा,एक चीज जो मुझे पता है वो ये कि कंगना ज्यादातर समय राजनीतिक रूप से सही नहीं होतीं, यही उनका यूएसपी है. वो अपनी बात बोलती हैं. वो जानती हैं कि क्या बोलना है, कब बोलना है. अब ये राजनीतिक रूप से सही है या नहीं, ये बहस का विषय हो सकता है.

कंगना रनौत और चिराग पासवान को साथ देखकर इनके चाहने वालों की खुशी का ठिकाना नहीं है. फैन्स का कहना है कि दो पावरफुल लोग. अन्य ने लिखा कि कंगना और चिराग पासवान दोनों ही मेरे फेवरेट हैं. कई लोग हार्ट इमोजी बनाकर दोनों पावरफुल पॉलिटिशियन बता रहे हैं.

NATIONAL : UGC के नए नियमों को लागू करने की मांग, दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्रों का प्रदर्शन तेज, निकाला ‘इक्विटी मार्च’

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DU छात्रों ने यूजीसी समानता नियम 2026 को लागू करने के लिए ‘इक्विटी मार्च’ निकाला. छात्रों का कहना है कि नियमों पर रोक से जातिगत भेदभाव बढ़ेगा और कमजोर वर्ग असुरक्षित महसूस करेगा.दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के सैकड़ों छात्रों ने मंगलवार, 3 फरवरी को नॉर्थ कैंपस में मार्च निकालकर यूजीसी समानता नियम 2026 को तत्काल लागू करने की मांग की. ‘इक्विटी मार्च’ नामक यह विरोध प्रदर्शन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) समेत विभिन्न छात्र संगठनों ने आयोजित किया था.

तख्तियां थामे नारे लगा रहे छात्रों ने कहा कि हाल ही में इन नियमों पर लगी अदालती रोक के कारण उच्च शिक्षा में जाति-आधारित भेदभाव से निपटने का काफी समय से लंबित प्रयास नाकाम हो गया है.ने कहा कि समानता नियम केवल प्रक्रियात्मक दिशानिर्देश नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए जवाबदेही और संरक्षण सुनिश्चित करने का एक अहम उपाय है, जिन्हें ‘रोहित एक्ट’ की भावना के अनुरूप लागू किया जाना चाहिए.

‘रोहित एक्ट’ से आशय प्रस्तावित रोहित वेमुला अधिनियम से है, जिसमें भारतीय उच्च शिक्षा में छात्रों के खिलाफ जातिगत/पहचान-आधारित भेदभाव को रोकने के लिए एक केंद्रीय कानून बनाने की बात कही गई. यह कानून हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला के नाम पर है, जिन्होंने 2016 में कथित तौर पर जातित भेदभाव के चलते आत्महत्या कर ली .छात्रों ने कहा कि ये नियम देशभर के विश्वविद्यालय परिसरों में वर्षों तक चले आंदोलनों का परिणाम हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों पर रोक के चलते एक बार फिर कमजोर वर्ग के छात्र विश्वविद्यालयों में असुरक्षित महसूस करेंगे.

सभा को संबोधित करते हुए जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष नितीश ने कहा, “सड़कों पर वर्षों की कुर्बानी और संघर्ष के बाद हमने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को ऐसे नियम लाने के लिए मजबूर किया ताकि जवाबदेही तय हो. इन दिशानिर्देशों पर लगी रोक यह साफ दिखाती है कि हमारे संस्थानों में उच्चतम स्तरों में आज भी जातिवाद गहराई से जड़ें जमाए हुए है. जब तक वास्तविक समानता हासिल नहीं होती, हम चैन से नहीं बैठेंगे.”

WORLD : 2300 करोड़ का नुकसान, भारत-पाकिस्तान मैच के बायकॉट पर गुस्से में पाकिस्तानी, बोले- ‘हमारे बिना…’

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भारत-पाकिस्तान के T-20 वर्ल्ड कप मैच से जुड़े बॉयकॉट पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. 2300 करोड़ की वैल्यू वाले मैच को लेकर पाकिस्तानी आवाम ICC पर सवाल उठा रही है.T-20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच खेलने से मना कर दिया है. इसको लेकर माहौल गरमाया हुआ है. इस बीच पाकिस्तानी महिला यूट्यूबर सना अमजद ने आवाम के बीच जाकर उनसे प्रतिक्रिया ली. उन्होंने सवाल किया कि अगर पाकिस्तान सच में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलता है तो इसका क्या असर पड़ेगा. इस पर एक शख्स ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मैच की कीमत करीब 2300 करोड़ रुपये बताई जा रही है. अगर पाकिस्तान अपने फैसले पर कायम रहता है और 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलता तो इसे लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो जाएगा और उसे जुर्माने के तौर पर 2300 करोड़ देने होंगे. हालांकि, इसके बावजूद पाकिस्तानी आवाम का कहना है कि पाकिस्तान का बॉयकॉट का फैसला बिल्कुल सही है.

एक पाकिस्तानी शख्स ने ICC पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा समय में आईसीसी निष्पक्ष संस्था की तरह काम नहीं कर रही, बल्कि वह इंडियन क्रिकेट काउंसिल बनकर रह गई है. वजह यह बताई जाती है कि ICC की कमाई का बड़ा हिस्सा भारतीय क्रिकेट बोर्ड से आता है. इसी कारण दूसरे क्रिकेट बोर्डों की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता. पाकिस्तानी शख्स ने कहा कि इज्जत और आत्मसम्मान से जुड़ा फैसला है और आने वाले समय में आईसीसी को यह मानना पड़ेगा कि पाकिस्तान के बिना क्रिकेट अधूरा है.

भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मैच की कीमत करीब 2300 करोड़ रुपये बताई जा रही है. पाकिस्तानी आवाम का कहना है कि पाकिस्तान के बहिष्कार करने से आईसीसी से मिलने वाली टूर्नामेंट की रकम में कुछ कटौती हो सकती है. उदाहरण के तौर पर, अगर पाकिस्तान को 50 करोड़ मिलने थे तो शायद 35 करोड़ मिलें, लेकिन इसे बहुत बड़ा नुकसान नहीं मान रहे हैं. असल नुकसान आईसीसी और भारतीय ब्रॉडकास्टर्स को होने की बात कही जा रही है, जिन्होंने भारत-पाकिस्तान मैच के लिए भारी निवेश किया है. बताया जाता है कि इस मैच के हर मिनट का विज्ञापन करोड़ों में बिकता है. पाकिस्तान का तर्क है कि यह टूर्नामेंट उसका घरेलू टूर्नामेंट नहीं है, इसलिए आर्थिक नुकसान सीमित रहेगा.

ENTERTAINMENT : सुशांत की मौत के बाद इंडस्ट्री ने किया था बायकॉट, 7 साल बाद रिया चक्रवर्ती ने किया कमबैक

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद रिया चक्रवर्ती की जिंदगी में एक तूफान आ गया था. रिया ने कई महीने जेल में भी बिताए. एक्ट्रेस के लिए मुश्किल वक्त था, लेकिन वो हिम्मत नहीं हारीं. आज वो फिर से नई शुरूआत के लिए तैयार हैं.

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद रिया चक्रवर्ती की जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी, लेकिन अब एक्ट्रेस एक्टिंग में धमाकेदार कमबैक करने को तैयार हैं. मंगलवार शाम मुंबई में ‘नेक्स्ट ऑन नेटफ्लिक्स’ इवेंट में ऐलान हुआ. रिया नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘फैमिली बिजनेस’ एक्टिंग की दुनिया में वापसी कर रही हैं. इसमें अनिल कपूर और विजय वर्मा भी लीड रोल में हैं.

रिया ने इंस्टाग्राम पर शो का टीजर शेयर किया है. टीजर के कैप्शन में लिखा है- नया खून पुराने पैसों से मिला. जब इतनी ताकत दांव पर हो, तो फैमिली और बिजनेस की लाइनें धुंधली पड़ जाती हैं. देखिए फैमिली बिजनेस, जल्द आ रही है, सिर्फ नेटफ्लिक्स पर.एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर टीजर शेयर करते हुए लिखा कि 7 साल बाद. उन्होंने कैप्शन के साथ हाथ जोड़ने वाला इमोजी भी बनाया.

रिया चक्रवर्ती के कमबैक को लेकर फैन्स को एक्साइटेड हो उठे हैं. एक्ट्रेस के चाहने वालों ने वीडियो पर कमेंट करके खुशी जाहिर की है. एक यूजर ने उनके पोस्ट पर कमेंट किया, देर आए दुरुस्त आए. दूसरे ने लिखा, रिया को स्क्रीन पर वापस देखकर बहुत खुशी हुई. वो इस कमबैक की हकदार हैं. अन्य ने कहा कि इंतजार नहीं हो रहा. एक फैन ने कहा कि रिया की जर्नी हिम्मत की मिसाल है. उन्हें सिर्फ सम्मान नहीं, माफी भी मिलनी चाहिए.

2020 में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद रिया की जिंदगी में बड़ा भूचाल आ गया था. सितंबर 2020 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने उनके व्हाट्सएप पर ड्रग पेडलर्स के चैट्स मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी, लेकिन लंबे समय तक ट्रैवल पर पाबंदी रही. उन्हें इंडस्ट्री ने भी बायकॉट कर दिया था. एक्ट्रेस से प्रोजेक्ट्स छीन लिए गए थे.

2025 में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में रिया को सभी आरोपों से क्लीन चिट दे दी, जिससे इस चैप्टर का आधिकारिक अंत हुआ. ये सब उनके लिए बहुत बड़ा झटका था.

NATIONAL : पति की पत्थर से कुचलकर हत्या, प्रेमी के साथ मिलकर पत्नी ने ही रची थी साजिश

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फरीदाबाद में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की पत्थरों से सिर कुचलकर हत्या कर दी और शव को रेलवे ट्रैक पर फेंककर हादसा दिखाने की कोशिश की. 18 दिन बाद भाई की गुमशुदगी रिपोर्ट से मामले का खुलासा हुआ. पुलिस ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है.

हरियाणा के फरीदाबाद से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है. यहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी और वारदात को रेलवे एक्सीडेंट का रूप देने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया. करीब 18 दिन बाद जब मृतक के भाई ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, तब जाकर इस जघन्य अपराध का खुलासा हुआ.

यह मामला फरीदाबाद के मेवला महाराजपुर इलाके का है. पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान सुमन के रूप में हुई है, जो पेशे से ऑटो चालक था. उसकी शादी करीब 15 साल पहले हुई थी और उसके दो बच्चे भी हैं. लेकिन सुमन की पत्नी के अपने ही दफ्तर में काम करने वाले रियाजुल नामक युवक से अवैध संबंध थे. इसी रिश्ते को छिपाने और पति को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची.

पुलिस जांच में सामने आया है कि 30 नवंबर को महिला और उसके प्रेमी ने योजना के तहत सुमन को शराब पिलाई. जब वह नशे में पूरी तरह धुत हो गया, तो दोनों ने मिलकर पत्थरों से उसका सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद हत्या को हादसा दिखाने के लिए शव को मेवला महाराजपुर इलाके में रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया.

1 दिसंबर 2025 को रेलवे ट्रैक के पास एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी. शव ट्रेन की चपेट में आने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त था, जिससे उसकी पहचान नहीं हो सकी. पुलिस ने शव को फरीदाबाद के बादशाह खान सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखवाया और बाद में उसका अंतिम संस्कार भी करा दिया. उस समय पुलिस ने भी इसे ट्रेन एक्सीडेंट का मामला माना.

करीब 18 दिन बाद मृतक के भाई ने सूरजकुंड थाने में सुमन की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. जांच के दौरान जब हुलिए का मिलान किया गया तो कई तथ्य मेल खाते नजर आए. क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि मृतक की पत्नी ने अपने पति की गुमशुदगी की कोई रिपोर्ट नहीं दी थी और वह झारखंड चली गई थी.कड़ाई से पूछताछ करने पर पत्नी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. इसके बाद पुलिस ने आरोपी महिला और उसके प्रेमी रियाजुल को गिरफ्तार कर लिया. एसीपी क्राइम वरुण दहिया ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

NATIONAL : ‘मेरे ख्वाबों में जो आए…’,लाल सूट में रेलवे ट्रैक पर नाच-नाचकर बनाई थी रील, लड़की ने अब जोड़े हाथ

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रील्स बनाने का जुनून युवाओं को खतरनाक रास्ते पर ले जाता दिख रहा है. गुजरात के सूरत में सचिन रेलवे स्टेशन के पास एक युवती ने व्यस्त रेलवे ट्रैक पर फिल्मी गाने पर रील बनाई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. विवाद बढ़ने के बाद युवती ने माफी मांगते हुए वीडियो जारी किया. रेलवे प्रशासन ने मामले में कानूनी कार्रवाई की है.

रील्स बनाने का पागलपन युवाओं को किस ओर ले जा रहा है, यह कहना मुश्किल है. रील बनाने के चक्कर में लोग अपनी जान तक जोखिम में डाल लेते हैं. गुजरात में सूरत के सचिन रेलवे स्टेशन के पास व्यस्त रेलवे ट्रैक पर एक युवती द्वारा फिल्मी गाने पर रील बनाने का मामला सामने आया है. जान जोखिम में डालकर बनाई गई ये रील सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद युवती ने माफी मांगने का वीडियो भी वायरल किया है. गौरतलब है कि हाल ही में गुजरात के ही राजकोट में वंदे भारत ट्रेन के साथ सेल्फी लेने के चक्कर में 3 लोग चपेट में आ गए थे, जिनमें से 2 की मौत हो गई थी.

सूरत के सचिन रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर खतरनाक रील बनाने के इस वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लाल सूट पहने एक युवती रेलवे ट्रैक के बीचों-बीच बिना किसी डर के चल रही है और पोज दे रही है. यह वही ट्रैक है जहां से दिन-रात तेज रफ्तार एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं. यदि शूटिंग के दौरान अचानक ट्रेन आ जाती, तो युवती को जान बचाने का मौका भी नहीं मिलता. महज कुछ सेकंड की प्रसिद्धि के लिए युवती ने अपनी अनमोल जान दांव पर लगा दी थी. युवती का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ और उसके बाद युवती के रील बनाने के इस तरीके को लेकर काफी विवाद हुआ था.

इसके बाद युवती ने अपना एक और वीडियो वायरल किया जिसमें उसने रेलवे ट्रैक पर रील बनाने की अपनी गलती स्वीकार की है. उसने कहा कि मेरा नाम नेहा राजभर है. जैसे मैं इंस्टाग्राम पर अपनी वीडियो अपलोड करती हूँ, तो एक दिन मैं मार्केट गई थी, फिर में सचिन स्टेशन पर गई, तो वहां रेलवे ट्रैक पर वीडियो डाल रही थी. मुझे यह नहीं पता था कि ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है. फिर मैंने रील पोस्ट कर दी थी, तो मेरे ऊपर जो भी है, कानूनी कार्रवाई की गई है. तो आइंदा कोई भी रील बनाने वाला व्यक्ति चाहे वह महिला हो या पुरुष रेलवे ट्रैक पर इस तरह की वीडियो न डालें. मुझसे गलती हुई है, उसके लिए मैं सॉरी बोल रही हूं.

रेलवे सुरक्षा बल के नियमों के अनुसार, रेलवे ट्रैक पर अनाधिकृत प्रवेश करना या वहां शूटिंग करना एक गंभीर कानूनी अपराध है. रेलवे एक्ट की धारा 147 के तहत इसके लिए जेल की सजा या भारी जुर्माने का प्रावधान है. स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो अन्य युवा भी ऐसे जोखिम भरे स्टंट करने के लिए प्रेरित होंगे. सूरत रेलवे विभाग ने सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया प्रोफाइल के आधार पर युवती की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की है. यह बात उसने अपने दूसरे माफी वाले वीडियो में कबूल की है.

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