Saturday, May 2, 2026
Home Blog Page 371

SPORTS : शुभमन गिल की कप्तानी में पहली टेस्ट सीरीज जीता भारत, दूसरे मैच में वेस्टइंडीज को 7 विकेट से हराया

0

दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट में भारत ने वेस्टइंडीज को 7 विकेट से हराया. इसी के साथ टीम इंडिया ने 2 मैचों की सीरीज 2-0 से जीत ली है. दूसरी पारी में भारत को जीत के लिए 121 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसे टीम ने पहले एक घंटे के अंदर ही पूरा कर जीत दर्ज की. बतौर कप्तान ये शुभमन गिल की पहली टेस्ट सीरीज जीत है.

भारत ने पहली पारी 518 रनों पर घोषित की थी. वेस्टइंडीज की पहली पारी 248 पर सिमट गई थी, जिसके बाद टीम इंडिया ने मेहमान टीम को फॉलोऑन दिया. दूसरी पारी में वेस्टइंडीज ने 390 रन बनाकर भारत के सामने जीत के लिए 121 रनों का लक्ष्य रखा था. जिसका पीछा करते हुए केएल राहुल ने नाबाद 58 रन बनाए, उन्होंने विजयी चौका लगाया.पहली पारी में यशस्वी और गिल ने जड़ा था शतक
अरुण जेटली की पिच बल्लेबाजी के अनुकूल थी, इस वजह से टॉस जीतकर शुभमन गिल ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था. यशस्वी जायसवाल ने पहले दिन अपना शतक पूरा किया, केएल राहुल (38) के विकेट के बाद जायसवाल ने साई सुदर्शन के साथ मिलकर 193 रनों की साझेदारी की. सुदर्शन 87 रन बनाकर आउट हुए. दूसरे दिन जायसवाल अपने दोहरे शतक से चूक गए, गिल के साथ तालमेल में कमी की वजह से वह 175 रन बनाकर रन आउट हो गए. इस पारी में जायसवाल ने 22 चौके लगाए.

दूसरे दिन कप्तान शुभमन गिल ने भी अपना शतक पूरा किया, वह नाबाद रहे और भारत ने अपनी पहली पारी 518/5 पर घोषित कर दी. नितीश कुमार रेड्डी ने 43 और ध्रुव जुरेल ने 44 रन बनाए.

कुलदीप यादव ने पहली पारी में लिए थे 5 विकेट
तीसरे दिन दूसरे सेशन में वेस्टइंडीज की पहली पारी 248 रनों पर सिमट गई थी. कुलदीप यादव ने फाइव विकेट हॉल किया, उन्होंने एलिक एथनाज, शाई होप, तेविन इमलाच, जस्टिन ग्रीव्स और जयडेन सील्स के रूप में 5 विकेट लिए. उनके आलावा रवींद्र जडेजा ने 3 विकेट चटकाए, उन्होंने तीनों विकेट दूसरे दिन लिए थे. मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह को पहली पारी में 1-1 विकेट मिला था.

भारत ने दिया था फॉलोऑन
वेस्टइंडीज फॉलोऑन बचा नहीं पाई थी, इसके बाद भारत ने वेस्टइंडीज को दोबारा बल्लेबाज के लिए बुलाया. मेहमान टीम के शुरूआती 2 विकेट (तेजनारायण चंद्रपॉल और एलिक एथनाज) 35 के स्कोर पर गिर गए थे, लेकिन उसके बाद जॉन कैंपबेल और शाई होप ने पारी को संभाला और 177 रनों की साझेदारी की.

जॉन कैंपबेल ने 115 और शाई होप ने 103 रन बनाए. ये कैंपबेल का पहला टेस्ट शतक था, और वह 2002 के बाद भारत में टेस्ट शतक लगाने वाले पहले वेस्टइंडीज बल्लेबाज भी बने. होप ने 2017 के बाद पहली बार टेस्ट शतक लगाया.

भारत को जीत के लिए मिला था 121 का लक्ष्य
कैंपबेल और होप के शतक के बाद रोस्टन चेज और जस्टिन ग्रीव्स ने भी अच्छी बल्लेबाजी कर वेस्टइंडीज को पारी की हार से बचाया. चेज ने 40 और ग्रीव्स ने 50 रन बनाए. जयडेन सील्स ने 32 रन बनाए, जिसके सहारे वेस्टइंडीज भारत के सामने जीत के लिए 121 का लक्ष्य रख पाया. इतिहास में सिर्फ चौथी बार ऐसा हुआ जब भारत ने विरोधी टीम को फॉलो ऑन दिया और फिर टीम इंडिया को चौथी पारी में बल्लेबाजी के लिए उतरना पड़ा.

पहली पारी में 175 रन बनाने वाले यशस्वी जायसवाल दूसरी पारी में 8 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद केएल राहुल और साई सुदर्शन के बीच 79 रनों की साझेदारी हुई, मैच के अंतिम दिन सुदर्शन 39 रन बनाकर रोस्टन चेज की गेंद पर कैच आउट हुए. इसके बाद आए शुभमन गिल भी 13 रनों की तेज तर्रार पारी खेलकर कैच आउट हुए. केएल राहुल ने नाबाद अर्धशतकीय पारी (58) खेली और 36वें ओवर की दूसरी गेंद पर विजयी चौका लगाया.

BOLLYWOOD : ‘जो जीता वहीं सिकंदर’ में दीपक तिजोरी ने किया था फराह खान को किस, फिल्ममेकर को नहीं मिले थे पैसे

0

फिल्ममेकर और कोरियोग्राफर फराह खान सोशल मीडिया पर खूब छाई रहती हैं. उनके व्लॉग लोगों को बहुत पसंद आते हैं. वो अपने कुक दिलीप के साथ शो बनाती हैं जिसमें वो बड़े सेलेब्स के घर जाती हैं और उनकी बेस्ट डिश वो बनाते हैं. फराह खान हाल ही में सिंगर शान के घर गई थीं. जहां पर दोनों ने मिलकर अपने पुराने दिनों को याद किया. इसी दौरान फराह ने फिल्म जो जीता वही सिकंदर से जुड़ा एक किस्सा सुनाया.

शान से बात करते हुए फराह ने कहा- ‘शान ने जो पहली फिल्म की थी वो जो जीता वही सिकंदर थी. इस बात पर शान हंसे और कहा हां, मैं वहां सैक्सोफोन के साथ था.’ उसके बाद फराह ने कहा- ‘और मं वहां जूनियर डांसर थी. फराह की ये बात सुनकर शान का बेटा चौंक गया.’

फराह ने दीपक तिजोरी को किया था किस
फराह ने कहा- ‘मैं असल में एक असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रही थी. मगर जब उनके बाद डांसर्स की कमी हो गई तो मैंने कोरियोग्राफी में मदद करना शुरू कर दिया था और हर बार जब कोई डांसर नहीं आता थआ तो वो मुझे कैमरे के सामने खड़ा कर देते थे. एक सीन तो ऐसा भी था जिसमें दीपक तिजोरी ने मेरे गाल पर किस किया था. जिस लड़की को किस करना था उसने मना कर दिया था. उसके बाद दीपक ने मुझे किस किया था.’

नहीं मिले थे पैसे
इस बात के बाद जब शान ने पूछा कि ‘तुम्हें पैसे मिले?’ इस पर फराह ने कहा- ‘मुझे नहीं मिले.’ इसके बाद शान ने बताया कि उन्होंने फिल्म पर चार दिन तक काम किया था लेकिन फाइनल कट में वो बहुत मुश्किल से नजर आए थे. उन्होंने कहा- ‘चार दिनों तक शूटिंग के बाद मैं गानों की मिक्सिंग में बस एक पासिंग शॉट के लिए वहां गया था. फराह ने कहा- ‘मुझे लगता है कि यह जतिन का गाना था. मैं इसे कोरियोग्राफ कर रही थी. मेकर्स इतने कंगाल थे कि उन्होंने जतिन को भी गाने में डाल दिया.’

NATIONAL : यूपी के बेटियों को पसंद आ रही योगी सरकार की ये पहल, बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोग

0

ATIONAL :

योगी सरकार के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल में “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” की पहल महिलाओं और बेटियों को काफी पसंद आ रही है. यही वजह है कि देवीपाटन मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को बेटियों और महिलाओं के समग्र विकास के लिए होने वाले “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” में श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा और बहराइच से अपनी समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं-बेटियां पहुंच रहीं हैं.

मिशन शक्ति के तहत आयोजित “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” में सोमवार को 21 महिलाओं ने विस्तार से मंडलायुक्त को अपनी समस्याओं से अवगत कराया. मंडलायुक्त ने सभी को जल्द से जल्द शिकायत के निस्तारण का आवश्वासन दिया. बता दें कि पिछले सोमवार को कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी, जिसमें 45 महिलाओं ने समस्याएं बताईं थीं. इनमें से एक हफ्ते के अंदर 40 महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण किया गया. इनमें से 36 महिलाओं ने शिकायत के निस्तारण पर संतोषजनक फीडबैक भी दिया. यही वजह है कि कार्यक्रम मंडल की महिलाओं को काफी पसंद आ रहा है.

शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता का रखा जाए विशेष ध्यान
देवीपाटन के मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने बताया कि सोमवार को मंडल मुख्यालय में विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें मंडल के चारों जिलों से 21 महिलाअों ने भाग लिया. संवाद कार्यक्रम में मंडलायुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण जल्द से जल्द किया जाए. शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए. कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए. शिकायतकर्ता की शिकायत का निस्तारण मेरिट के आधार किया जाये. समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जायेगी. प्रत्येक शिकायत का समाधान निश्चित समयावधि में किया जाए, ताकि शिकायतकर्ताओं को समय पर राहत मिल सके.

समस्या के निस्तारण में मिली लापरवाही तो होगी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई
मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि निस्तारण की प्रक्रिया केवल औपचारिक न हो, यह गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी भी होनी चाहिए, जिससे शिकायतकर्ता संतुष्ट हों. सभी शिकायतों की जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जाए. किसी भी प्रकार की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई न हो. यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा लापरवाही बरती जाती है तो उसके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. संवाद कार्यक्रम में रंजना पाण्डेय, श्यामकली, शबनम, रिचा, मंजू, रूचि तिवारी, अनारकली, मीना, अनीता, रामवती, कांति देवी सहित 21 महिलाओं ने अपनी समस्याएं बताईं. आयुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए भरोसा दिलाया कि प्राथमिकता के आधार पर सभी मामलों का समाधान कराया जाएगा.

45 में से 40 शिकायतों का हुआ निस्तारण
अपर आयुक्त (प्रशासन) कमलेश चंद्र ने बताया कि पिछले सोमवार को महिला जनसुनवाई के दौरान आये 45 में से 40 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है. इसमें से 36 महिलाओं ने निस्तारण के लिए संतोषजनक फीडबैक भी दिया है, जबकि चार शिकायतों में रिमाइंडर भेज कर संतोषजनक कार्रवाई करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए गए हैं. इस दौरान महिला अधिकारी के रूप में अपर आयुक्त (न्यायिक) देवीपाटन मीनू राणा तथा उपायुक्त (खाद्य) विजय प्रभा भी उपस्थित रहीं. उन्होंने भी जनसुनवाई के दौरान महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए. इस विशेष जनसुनवाई ने महिलाओं में यह भरोसा जगाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर है. महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी बात रखने के लिए सशक्त मंच मिल गया है.

NATIONAL : Bihar Election के लिए ओवैसी का बड़ा दांव, अब इस राजनीतिक दल के साथ मिलकर बनाएंगे थर्ड फ्रंट

0

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है. जहां एक ओर प्रमुख दल महागठबंधन और एनडीए सीट शेयरिंग को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, वहीं असदुद्दीन ओवैसी ने एक बड़ा राजनीतिक दांव चल दिया है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) अब अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ मिलकर बिहार में नया गठबंधन यानी थर्ड फ्रंट बनाने जा रही है.

AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमाम ने सोमवार (13 अक्टूबर) को इस नए गठबंधन की घोषणा की. उन्होंने कहा कि इस बार पार्टी केवल सीमांचल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य की 32 सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी. इमाम ने दावा किया कि यह नया गठबंधन उन सीटों पर बड़ा असर डालेगा जहां मुस्लिम और ओबीसी वोटरों का दबदबा है.

राजद ने गठबंधन में शामिल न करके की बड़ी गलती- अख्तरुल इमाम

AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमाम ने महागठबंधन, खासकर राजद और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि राजद नेता तेजस्वी यादव ने AIMIM को गठबंधन में शामिल न करके एक बड़ी गलती की है. हमने सिर्फ छह सीटों की मांग की थी, लेकिन हमें दरकिनार किया गया. इसका नतीजा चुनाव में देखने को मिलेगा.

मुस्लिम-यादव समीकरण को भूल चुकी है राजद- इमाम

अख्तरुल इमाम ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे ‘कहीं से गाइड’ किए जा रहे हैं, इसलिए हमेशा विपक्ष में ही रहेंगे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजद अब अपने पुराने ‘MY समीकरण’ (मुस्लिम-यादव) को भूल चुकी है. इमाम के अनुसार राजद अब केवल ‘Y’ तक सीमित हो गई है और ‘M’ को भुला दिया गया है. यही कारण है कि मुसलमान अब मजबूर होकर थर्ड फ्रंट की ओर देख रहे हैं.

चुनावी तस्वीर में नया मोड़ लाएगा ओवैसी और मौर्य का गठबंधन

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओवैसी और स्वामी प्रसाद मौर्य का यह गठबंधन बिहार की चुनावी तस्वीर में नया मोड़ ला सकता है. सीमांचल में AIMIM का मजबूत जनाधार पहले से मौजूद है, वहीं मौर्य की पकड़ ओबीसी वर्ग में मानी जाती है. ऐसे में यह गठबंधन कई सीटों पर महागठबंधन और एनडीए दोनों के लिए चुनौती खड़ी कर सकता है.

सूत्रों के मुताबिक, दोनों पार्टियां मिलकर जल्द ही संयुक्त उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करेंगी. AIMIM प्रदेश नेतृत्व का कहना है कि उनका उद्देश्य न केवल सत्ता में हिस्सेदारी बल्कि सामाजिक न्याय की नई दिशा देना है. ओवैसी-मौर्य गठबंधन के ऐलान के बाद बिहार की सियासत में नई जंग छिड़ गई है, जो मुस्लिम-ओबीसी समीकरण को पूरी तरह बदल सकती है और चुनावी मुकाबले को त्रिकोणीय बना सकती है.

NATIONAL : बिहार चुनाव: ‘…तो रोने लगे’, PM मोदी का नाम लेकर क्या बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती?

0

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार (13 अक्टूबर, 2025) को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा कि बिहार और केंद्र की डबल इंजन सरकार गौ हत्या रोकने में फेल है. 12 साल से मोदी सत्ता में हैं, लेकिन जिस गौ के नाम और सत्ता में आए उसे ही भूल गए. पीएम मोदी की मां को गाली दी गई तो मंच पर खड़े होकर रोने लगे. आज गौ माता को बोटी-बोटी काटा जा रहा एक आंसू 12 वर्ष में नहीं गिरे.

इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि बिहार के सभी विधानसभा क्षेत्र में गौ भक्त प्रत्याशी उतरेंगे, जो निर्दलीय नामांकन करेंगे. कई जगहों पर नामांकन भी शुरू हो गया है. नाम वापसी के बाद गौ भक्तों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे. 

‘गौ रक्षा हमारी आस्था का विषय ही नहीं…’

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा तभी संभव है जब हम गौ माता का संरक्षण करेंगे. गौ रक्षा हमारी आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि यह हमारे समाज और संस्कृति की भी आधारशिला है. उन्होंने सभी लोगों से आग्रह किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में केवल उन्हीं प्रत्याशियों को वोट दें, जो गौ रक्षा को लेकर स्पष्ट और दृढ़ संकल्पित हों.

शंकराचार्य ने कहा कि हम सभी राष्ट्रीय पार्टी के दिल्ली कार्यालय पर गए और पूछा कि गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए अपना पक्ष लोकसभा सदन में रखिए और अपने पक्ष को हमें बताइए, लेकिन अभी किसी भी राजनीतिक दल ने अपना पक्ष गौ माता के विषय में नहीं बताया. अब मजबूरी में हमें बिहार विधानसभा चुनाव में गौ भक्त प्रत्याशी उतारने पड़ रहे हैं. 

उन्होंने कहा जितने भी बड़े राजनीतिक दल हैं वह सभी गौ हत्या में सम्मिलित हैं. अगर गौ हत्या हो रही है तो सरकार की संलिप्तता है. बीजेपी भी है. कहने को हिंदुत्व की बात करती है, लेकिन गौ हत्या व्यापार में उसकी भी संलिप्तता है, इसलिए मजबूरन हमें यह कदम उठाना पड़ा.

NATIONAL : IPS पूरन कुमार के परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए सड़कों पर उतरी AAP, उठाया यह बड़ा कदम

0

आम आदमी पार्टी पंजाब में दलित IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार को इंसाफ दिलाने की लड़ाई को जनआंदोलन में बदलने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है. परिवार को न्याय न मिलने और हरियाणा की बीजेपी सरकार की खामोशी ने पूरे पंजाब में जनभावना को जगा दिया है. आम आदमी पार्टी ने साफ किया है कि यह मामला केवल एक अफसर की मौत का नहीं, बल्कि न्याय, समानता और सामाजिक सम्मान की लड़ाई है.

दलित समाज से आने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरण कुमार की खुदकुशी के बाद परिवार लगातार न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है. पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार में देरी इस बात का प्रतीक बन चुकी है कि सत्ता तंत्र ने एक दलित अफसर की मौत को भी राजनीति और रसूख के नीचे दबाने की कोशिश की है लेकिन अब पंजाब की सड़कों पर इंसाफ की यह मांग आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में गूंज उठेगी.

प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में AAP मंत्री और विधायक कैंडल मार्च की अगुवाई करेंगे. अमृतसर में हरभजन सिंह ETO, जालंधर में मोहिंदर भगत, पटियाला में MLA गुरदेव देवमान और चंडीगढ़ में पार्टी के वरिष्ठ नेता इस कैंडल मार्च को लीड करेंगे. पार्टी ने कहा है कि यह सिर्फ प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं होगा बल्कि यह एक बड़ा संदेश है कि जब सत्ता अन्याय पर चुप रहती है तो जनता सड़कों पर उतरकर उसे जवाब देती है.

आम आदमी पार्टी ने इस आंदोलन को डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा से जोड़ा है. बाबा साहब ने जिस न्याय, समानता और गरिमा के लिए संघर्ष किया, आज उसी विचार की रक्षा के लिए यह मोर्चा खोला जा रहा है. पूरन कुमार जैसे ईमानदार अफसर के साथ हुए अन्याय को पंजाब की जनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी. यह आंदोलन एक अफसर के लिए नहीं बल्कि पूरे दलित समाज की गरिमा के लिए है.

जनभावना साफ दिख रही है. लोग गुस्से में हैं, आहत हैं और यह सवाल पूछ रहे हैं कि जब एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तक को न्याय नहीं मिल पा रहा, तो आम नागरिक का क्या होगा. बीजेपी सरकार की चुप्पी और सुस्त रवैये ने इस गुस्से को और गहरा कर दिया है. आम आदमी पार्टी का कहना है कि सरकार को अब जवाब देना होगा, क्योंकि इंसाफ की मांग को अब दबाया नहीं जा सकता.

आम आदमी पार्टी ने यह भी कहा कि बीजेपी सरकार की संवेदनहीनता इस बात का प्रमाण है कि दलित समाज के दर्द को सत्ता के गलियारों में गंभीरता से नहीं लिया जा रहा. मगर इतिहास गवाह है कि जब सत्ता ने आवाज़ दबाने की कोशिश की है, तब सड़क पर निकले जनसमर्थन ने फैसले करवाए हैं. यही वजह है कि पूरे पंजाब में मोमबत्तियां जलाकर एक स्वर में इंसाफ की मांग उठेगी.

यह आंदोलन राजनीति से परे एक सामाजिक चेतना का प्रतीक बनकर उभरेगा. आम आदमी पार्टी ने कहा है कि इंसाफ की यह लड़ाई लंबी भी हो सकती है और कठिन भी, लेकिन इसे हर हाल में अंजाम तक पहुंचाया जाएगा. पूरण कुमार को न्याय मिलने तक यह संघर्ष जारी रहेगा.

BOLLYWOOD : अन्नू कपूर ने तमन्ना भाटिया की मिल्की ब्यूटी पर किया रिएक्ट, बोले- क्या दूधिया बदन है

0

एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया अपनी मिल्की ब्यूटी की वजह से चर्चा में रहती हैं. उनके आइटम नंबर छाए रहते हैं. तमन्ना का फिल्म स्त्री में गाना ‘आज की रात’ जबरदस्त चर्चा में रहा था. इस गाने को लेकर तमन्ना ने कहा था कि बच्चे उनका ये गाना सुनकर सो जाते हैं और खाना खाते हैं.

अब अन्नू कपूर ने इसे लेकर रिएक्ट किया है. शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में अन्नू कपूर ने कहा, ‘माशाअल्लाह तमन्ना भाटिया का क्या दूधिया बदन है.’ इसके बाद शुभंकर ने कहा कि हाल ही में एक इंटरव्यू में तमन्ना ने कहा था कि उनका गाना आज की रात सुनकर बच्चे सो जाते हैं.

तमन्ना के आज की रात कमेंट पर अन्नू कपूर ने किया रिएक्ट

तो इस पर अन्नू ने मजाक में कहा, ‘कितनी उम्र के बच्चे सो जाते हैं. 70 साल का आदमी भी सो जाता है क्या. 70 साल का बच्चा भी हो सकता है. मैं होता तो जरा पूछता कितनी उम्र के बच्चे सो जाते हैं. अंग्रेजी में कहते हैं मैं 70 साल पुराना बच्चा हूं और वो 11 साल का बुड्ढा है. ये बहन तमन्ना भाटिया अपने गाने से या अपने शरीर से, अपने दुधिया चेहरे से हमारे बच्चों के मीठी नींद सुला रही हैं तो बहुत अच्छा है. इस देश के ऊपर बड़ी कृपा होगी कि हमारे बच्चे मीठी और स्वस्थ्य नींद सोएं बहुत अच्छी बात है. और भी उनकी इच्छाएं कुछ हों तो भगवान उन्हें इतनी सामर्थ्य दें कि वो उन इच्छाओं को पूरा कर सकें. ये ही मेरा आशीवार्द है.’

बता दें कि अन्नू कपूर इंडस्ट्री के पॉपुलर स्टार हैं. वो अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं. अन्नू कपूर ने 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है. अन्नू कपूर का रियलिटी शो ‘अंताक्षरी’ काफी चर्चा में रहा था. जॉली एलएलबी 2, ड्रीम गर्ल 2, विक्की डोनर जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं.

NATIONAL : अयोध्या दीपोत्सव 2025 का प्लान, जानें पहली बार यात्रा के लिए बजट, होटल और जरूरी टिप्स

0

अगर आप 2025 की दिवाली को अपने लाइफ का सबसे खास और यादगार त्योहार बनाना चाहते हैं, तो अयोध्या जाना एक बेहतरीन आइडिया हो सकता है. दिवाली वैसे तो पूरे देश में धूमधाम से मनाई जाती है, लेकिन अयोध्या की दिवाली सबसे अलग होती है. यहां हर गली, हर मंदिर, हर घाट भगवान श्रीराम की घर वापसी की कहानी कहता है. कहते हैं कि जब भगवान राम 14 साल का वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे, तब पूरे शहर ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था. आज भी वही परंपरा दीपोत्सव के रूप में निभाई जाती है, लेकिन अब वो उत्सव लाखों दीयों, रंग-बिरंगे कार्यक्रमों और भक्ति भाव से भरे माहौल के साथ मनाया जाता है. अगर आप पहली बार अयोध्या जा रहे हैं, तो आइए आज हम आपको अयोध्या में पहली बार यात्रा के लिए बजट, होटल और जरूरी टिप्स बताते हैं.

दीपोत्सव 2025 की तारीख और सही समय जाने का

2025 में दिवाली 20 अक्टूबर को है, लेकिन अयोध्या में दीपोत्सव इससे कुछ दिन पहले ही शुरू हो जाता है. जिसमें मुख्य कार्यक्रम दिवाली से 2-3 दिन पहले शुरू होते हैं और कई बार दिवाली के बाद तक चलते हैं. ऐसे में अगर आप पूरा एक्सपीरियंस लेना चाहते हैं, तो 18 से 21 अक्टूबर तक अयोध्या में रहें. इससे आप दीपदान, रामलीला, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शाम की आरती सब कुछ शांति से देख पाएंगे.

अयोध्या में दिवाली पर घूमने की बेस्ट जगह

  1. राम मंदिर और राम की पैड़ी – यहां का मुख्य आकर्षण राम मंदिर है, जो इन दिनों भव्यता की मिसाल बन चुका है. मंदिर के पास का राम की पैड़ी घाट लाखों दीयों की रोशनी में जगमगाता है.
  2. हनुमान गढ़ी मंदिर- यह एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर भक्तों के लिए खास आकर्षण है. इसके ऊपर से पूरा अयोध्या शहर चमकता हुआ दिखता है.
  3. कनक भवन – भगवान राम और सीता को समर्पित इस मंदिर में शांत माहौल और सुंदर सजावट होती है. यहां दिवाली की रात भजन और आरती का आयोजन होता है.
  4. सरयू घाट और नया घाट- सरयू नदी के किनारे तैरते दीये और आरती आपको जीवन भर याद रहेगा, वहीं नया घाट पर खास कार्यक्रम होते हैं.
  5. नागेश्वर नाथ मंदिर – भगवान शिव का यह प्राचीन मंदिर दिवाली की रोशनी में शांति और भक्ति का अद्भुत संगम दिखाता है.

अयोध्या में दिवाली के समय क्या खाएं?

अयोध्या की दिवाली सिर्फ देखने का ही नहीं, खाने का भी त्योहार है. दिवाली के आसपास गलियों में मिठाइयों और नमकीन की खुशबू आती रहती है. यहां आप कुछ खास चीजें जो जरूर ट्राय करें. जैसे गुजिया, बेसन के लड्डू, मालपुआ, जलेबी, खस्ता कचौड़ी, स्थानीय मिठाई की दुकानें नया घाट और हनुमान गढ़ी के पास होती हैं. इसके अलावा ठंडाई और दूध से बने पेय भी खूब मिलते हैं. वहीं स्ट्रीट फूड में समोसे, चाट, पकौड़ी और लस्सी ट्राई करें.

अयोध्या में दिवाली के समय कहां रहें?

दिवाली के समय अयोध्या में हजारों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं, इसलिए होटल पहले से बुक करना जरूरी है, यहां आप राम मंदिर के पास होटल या गेस्ट हाउस में रह सकते हैं. जिससे मंदिर और घाटों तक पहुंचना आसान होगा. इसके अलावा सरयू नदी के किनारे शांत और सुंदर जगहें हैं. वहीं कई धर्मशालाएं और होमस्टे भी बजट में ठहरने का अच्छा ऑप्शन और स्थानीय लोगों से जुड़ने का मौका मिलता है. वहीं यहां आप हवाई मार्ग से पहुंच सकते हैं. देश के कई शहरों से सीधी फ्लाइट महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक है. इसके अलावा ट्रेन से अयोध्या जंक्शन और अयोध्या कैंट के लिए लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर से अच्छी ट्रेन कनेक्टिविटी है. लेकिन दिवाली के समय टिकट पहले से बुक करें.

BUSINESS : त्योहारी सीजन के बीच सोना आज सस्ता हुआ या महंगा? जानें

0

देश में सोने की कीमत अक्टूबर की शुरुआत से ही लगातार ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच रही है. इसके पीछे मुख्य कारण अमेरिका में संभावित शटडाउन की आशंका मानी जा रही है, जिसके चलते निवेशक सुरक्षित निवेश के विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं. इसके अलावा, भारत में त्योहारी सीजन के दौरान बढ़ी मांग ने भी सोने के दाम को ऊंचा बनाए रखा है. शुक्रवार, 13 अक्टूबर को भी बाजार में सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी दर्ज की गई.

कितनी बढ़ी कीमत?

देश के घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोना, जो निवेश के उद्देश्य से खरीदा जाता है, आज 10 ग्राम के लिए 1,25,400 रुपये की दर से बिक रहा है, यानी इसमें 320 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, 22 कैरेट सोना, जो आमतौर पर आभूषणों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, 10 ग्राम के लिए 1,14,950 रुपये पर पहुंच गया है, यानी इसमें 300 रुपये की वृद्धि हुई है. इसके अलावा, 18 कैरेट सोना, जो ज्वैलरी बनाने में लोकप्रिय है, आज 10 ग्राम के लिए 95,050 रुपये की दर से बिक रहा है, यानी इसमें 240 रुपये का इजाफा हुआ है.

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में संभावित सरकारी शटडाउन की आशंका और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक सोने जैसे सुरक्षित निवेश माध्यमों की ओर झुक रहे हैं. वहीं, भारत में नवरात्र, धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहारों के चलते मांग में वृद्धि से घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है.

कैसे तय होता है रेट?

सोने और चांदी की कीमतें रोजाना कई आर्थिक और वैश्विक कारकों के आधार पर तय होती हैं. इन धातुओं की दरों में उतार-चढ़ाव सिर्फ बाजार की मांग और आपूर्ति पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, मुद्रा दरों और सरकारी नीतियों पर भी निर्भर करता है. सबसे पहले, एक्सचेंज रेट और डॉलर की कीमतों में बदलाव का बड़ा असर पड़ता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें अमेरिकी डॉलर में तय होती हैं, इसलिए जब डॉलर मजबूत होता है या रुपया कमजोर होता है, तो भारत में इनकी कीमतें बढ़ जाती हैं.

दूसरा, सीमा शुल्क (Import Duty) और टैक्स भी सोने-चांदी की दरों को प्रभावित करते हैं. भारत में इन धातुओं का बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है, इसलिए अगर सरकार इंपोर्ट ड्यूटी या जीएसटी बढ़ाती है, तो सोने की कीमत भी बढ़ जाती है. तीसरा, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी इन धातुओं के दाम तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं. जब दुनिया में किसी तरह की उथल-पुथल होती है — जैसे युद्ध, आर्थिक मंदी या ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव — तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, जिससे कीमतें बढ़ जाती हैं.

चौथा, भारत में सोने का सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व भी कीमतों को प्रभावित करता है. शादी-ब्याह, त्योहारों और शुभ अवसरों पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है. इन मौकों पर मांग बढ़ने से कीमतें भी ऊपर चली जाती हैं. पांचवां, मुद्रास्फीति (Inflation) और निवेश का नजरिया भी इसमें भूमिका निभाता है. जब महंगाई बढ़ती है या शेयर बाजार अस्थिर होता है, तो लोग सोने और चांदी में निवेश करना सुरक्षित मानते हैं. यह बढ़ती मांग कीमतों को ऊपर ले जाती है. इस तरह, सोने और चांदी की कीमतें सिर्फ कीमती धातु के मूल्य पर नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक और घरेलू आर्थिक स्थिति पर निर्भर करती हैं.

NATIONAL : आज पूर्व CM वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण, 6 महीने का समय और 24 लाख की लागत से तैयार

0

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के रिज मैदान पर पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण होगा. जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. सोमवार आज सुबह 11 बजे 9 फीट प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा. प्रतिमा के अनावरण के साथ ही कांग्रेस की जनसभा भी रखी गई है.

सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा शिमला पहुंचीं

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी व राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा भी विशेष तौर पर इस कार्यक्रम के लिए शिमला पहुंच गई हैं. प्रियंका वाड्रा रविवार सड़क मार्ग से शिमला पहुंची. जबकि सोनिया गांधी हवाई मार्ग से शिमला पहुंची. प्रियंका अपनी मां सोनिया गांधी के साथ शिमला के छराबड़ा स्थित अपने घर पर रुकी है.

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोनिया गांधी का शिमला पहुंचने पर स्वागत किया. कार्यक्रम में सचिन पायलट समेत कई नेता शामिल होंगे. वीरभद्र सिंह के राजनीतिक जीवन पर आधारित फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई है. मूर्तिकार राम सुतार ने 9 फीट ऊंची मूर्ति का प्रारूप तैयार किया है.

कई राज्यों के नेता होंगे शामिल

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अस्वस्थ हैं, इस कारण वह कार्यक्रम में नहीं आ रहे हैं. कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ल, सचिन पायलट, दीपेंद्र हुड्डा, प्रीतम सिंह, रणदीप सुरजेवाला, चेतन चौहान, विदित चौधरी सहित कई अन्य राज्यों के नेता इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल बीते शुक्रवार को शिमला आ चुकी हैं.

- Advertisement -