Wednesday, May 6, 2026
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RAJASTHAN : गर्लफ्रेंड के लिए पत्नी को मार डाला, फिर शव के पास बैठकर रोता रहा ताकि…

अजमेर के किशनगढ़ में भाजपा नेता रोहित सैनी को पत्नी की हत्या के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि उसने पत्नी संजू की हत्या अपनी गर्लफ्रेंड रितु सैनी के कहने पर कर दी थी. इस मामले को शुरुआत में लूट का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने महज 24 घंटे में हत्या की गुत्थी सुलझा ली. अब तक पति रोहित और प्रेमिका रितु दोनों गिरफ्तार हो चुके हैं. पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की हर कड़ी को खंगाल रही है.

राजस्थान के अजमेर में पत्नी की हत्या के मामले में बीजेपी के एक नेता को गिरफ्तार किया गया है. यह घटना 10 अगस्त को हुई थी, जिसे लूटपाट की वारदात बताने की कोशिश की गई थी लेकिन पुलिस ने हत्या की इस वारदात पर से पर्दा हटा दिया.

पुलिस के अनुसार, भाजपा नेता रोहित सैनी ने अपनी पत्नी संजू की हत्या अपनी प्रेमिका रितु सैनी के कहने पर की थी. शुरुआत में रोहित ने पुलिस को यह बताने की कोशिश की थी कि कुछ अज्ञात लुटेरे घर में घुस आए, जिन्होंने संजू की हत्या कर दी और कीमती जेवर लेकर फरार हो गए, लेकिन जब पुलिस ने गहन पूछताछ शुरू की तो रोहित के बयान बार-बार बदलने लगे. इसी विरोधाभास के बाद पुलिस का उस पर शक बढ़ गया.

एडिशनल एसपी रूरल दीपक कुमार ने बताया कि जब आरोपी से कड़ी पूछताछ की गई, तो उसने जुर्म कबूल कर लिया. रोहित ने बताया कि उसकी प्रेमिका रितु के साथ लंबे समय से संबंध थे, और पत्नी संजू उनके रिश्ते में सबसे बड़ी बाधा थी. रितु ने ही उस पर दबाव बनाया कि संजू को रास्ते से हटा दो, इसी दबाव में आकर रोहित ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी.

हत्या को अंजाम देने के बाद रोहित ने पूरे घटनाक्रम को लूटपाट जैसा दिखाने की योजना बनाई ताकि पुलिस गुमराह हो जाए, लेकिन पुलिस की पैनी नज़र और तेजी से की गई जांच ने उसकी साज़िश का भंडाफोड़ कर दिया.

इस मामले में पहले ही मुख्य आरोपी रोहित सैनी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. अब जांच में जब उसकी प्रेमिका रितु की संलिप्तता सामने आई, तो पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस वारदात में कोई और भी शामिल था या नहीं.

UP: पत्नी और ससुरालवालों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप, वीडियो बनाकर युवक ने की आत्महत्या…

बुलंदशहर में घरेलू कलह और अवैध संबंध के शक से युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी. मृतक सोहित ने मौत से पहले सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर पत्नी तमन्ना और उसके परिजनों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया. वीडियो में उसने पत्नी पर रिश्तेदार संग संबंध का भी दावा किया. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. नेहरूपुर निवासी 29 वर्षीय युवक सोहित ने शुक्रवार शाम अपने घर पर फांसी लगाकर जान दे दी. आत्महत्या से पहले उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें अपनी पत्नी तमन्ना और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए. वीडियो में सोहित ने कहा कि उसकी पत्नी का अपने चचेरे भाई के साथ अवैध संबंध है और ससुरालवाले उसे मानसिक रूप से लगातार प्रताड़ित करते थे.

दरअसल, शुक्रवार शाम करीब पांच बजे पुलिस को सूचना मिली कि सोहित ने आत्महत्या कर ली है. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) तेजवीर सिंह ने बताया कि मृतक के भाई रोहित ने शनिवार को खुर्जा नगर थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है.

शिकायत में रोहित ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो को सबूत बताते हुए पत्नी और ससुराल वालों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया. पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मृतक की बहन पूजा और जीजा विक्रम ने भी पुष्टि की कि सोहित ने अपनी मौत से ठीक पहले वीडियो पोस्ट किया था.

उन्होंने मांग की है कि उसकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को सख्त से सख्त सजा दी जाए. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

LIFESTYLE : कुत्ता ही नहीं, बिल्ली-बंदर से लेकर चूहे-छिपकली तक का काटना है खतरनाक, तुरंत चाहिए होता है ये इलाज

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हमारे आसपास कई जानवर-पक्षी रहते हैं. इनमें से कई पालतू तो कई आवारा भी होते हैं. यदि किसी को कोई जानवर या पक्षी काट ले तो उसे सबसे पहले क्या करना चाहिए, इस बारे में आर्टिकल में बताएंगे.

पिछले कुछ समय से आप पालतू या आवारा कुत्तों के काटने की खबरें काफी सुन रहे होंगे जो बच्चों से लेकर बड़े लोगों तक को शिकार बना रहे हैं. कई मामलों में तो लोगों की जान भी चली गई. जानवरों के काटने की यह आदत न सिर्फ चोट पहुंचाती है, बल्कि गंभीर संक्रमण और मनोवैज्ञानिक असर भी छोड़ सकती है. कुछ ऐसे जानवर और पक्षी भी हैं जो रोजमर्रा की जिंदगी में हमारे आसपास ही रहते हैं जैसे गाय, भैंस, घोड़ा, ऊंट, बकरी, चूहा, छिपकली, कौआ, तोता, बिल्ली, खरगोश आदि. कई लोग इन्हें पालते हैं और कई किसी व्यवसायिक रूप से इनके पास रहते हैं. कई बार काटने या खरोंच से होने वाले घावों से होने वाले संक्रमण से गंभीर बीमारी या यहां तक कि मौत भी हो सकती है. चाहे वो पालतू हो, आवारा हो या जंगली.

जानवरों के मुंह से निकले बैक्टीरिया और जीवाणु यदि इंसान शरीर के संपर्क में आ जाते हैं तो संक्रमण फैल जाता है. एनिमल बाइट की आवश्यक देखभाल इस बात पर निर्भर करती है कि काटने की गहराई कितनी है और काटने वाला जानवर कौन सा है. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि आपके आसपास रहने वाले जानवर या पक्षी आपको काट लें तो आपको सबसे पहले क्या करना चाहिए ताकि एनिमल बाइट के असर को कुछ हद तक कम किया जा सके.

पशु और पक्षी कई कारणों से काटते हैं जिनमें डर, सुरक्षा, गुस्सा, उकसाना, खाना खिलाने या छूने की कोशिश शामिल हैं. उत्तेजित होकर काटने की घटना तब हो सकती है जब कोई जानवर चौंक जाता है, खाते या सोते समय परेशान हो जाता है या जब उसके बच्चे पास में होते.

Healthline के मुताबिक, जानवर तब काट सकते हैं जब उन्हें उकसाया जाए या उन्हें मारने या डराने की कोशिश की जाए. उदाहरण के लिए अगर आप कुत्ते के खाते समय उसका खाना हटाने की कोशिश करते हैं जब उसे भूख लग रही है तो वो काट सकता है. अगर आप अपने पालतू जानवर को छेड़ते हैं तो भी ऐसा हो सकता है. हालांकि, कई मामलों में जानवरों के काटने का कारण बिना उकसावे के होता है. बिना उकसावे के काटने की घटना भी काफी कॉमन होती हैं जो उनके अग्रेसिव या असुरक्षा की भावना को दिखाता है.

VCA Animal Hospital के मुताबिक, पक्षी विशेष रूप से तनावग्रस्त होने, उत्तेजित होने, खतरा महसूस करने या अपनी जगह की रक्षा करने की कोशिश करने पर काट लेते हैं और ऐसे में उनके इन स्वभावों को हर उस इंसान को पता होना चाहिए जो इन्हें पाल रहा है. ऐसे पक्षी से सावधान रहें जो अपनी आंखें चमकाता हो और अपनी पुतलियां तेजी से सिकोड़ता हो क्योंकि वह शायद अति-उत्तेजित है और काटने वाला है.

Mayo Clinic का कहना है, अगर कोई नया व्यक्ति पास में आ जाए तो जानवर और पक्षी अति-उत्तेजित हो सकते हैं और सबसे नजदीकी व्यक्ति को काट सकते हैं. अगर कोई ऐसा इंसान पास आ रहा है जिसे वे पसंद नहीं करते तो जानवर-पक्षी अपने मालिक को काट सकते हैं. कुछ जानवरों और पक्षियों को यह भी पसंद नहीं आता कि कोई अनजान व्यक्ति उनके पास आए या उन्हें उठाने की कोशिश करे. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जानवरों के मुंह पर थूथन (जाली जैसा कवर) का उपयोग करने से खतरनाक स्थितियों के दौरान, काटने से बचाव में मदद मिल सकती है.

WHO का कहना है, कुत्तों के काटने की घटनाओं का कोई वैश्विक अनुमान उपलब्ध नहीं है हालांकि रिसर्चों से पता चलता है कि कुत्तों के काटने से हर साल करोड़ों लोग घायल होते हैं. उदाहरण के लिए, अमेरिका में हर साल लगभग 45 लाख लोगों को कुत्ते काटते हैं. कुल जानवरों के काटने के मामलों में 76-94 प्रतिशत कुत्ते ही होते हैं.

भारत में कुत्तों के काटने का आतंक एक गंभीर चुनौती बन गया है. इकोनॉमिक्स टाइम्स के डेटा के मुताबिक, देश में 2024 में कुत्तों के काटने के 37.17 लाख मामले दर्ज किए गए यानी कि रोजाना औसतन 10 हजार से अधिक मामले. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमान के अनुसार, भारत में हर साल रेबीज से 18-20 हजार मौतें होती हैं जो दुनिया भर में रेबीज से होने वाली मौतों का 36 प्रतिशत से भी अधिक है. इनमें अधिकतर 15 साल से कम उम्र के बच्चे शामिल हैं जिन्हें आवारा कुत्तों के हमलों का सबसे खतरा होता है.

कोविड के दौरान कुत्तों के काटने के मामलों में कमी आई थी. 2018 में 75.7 लाख मामले सामने आए थे और 2021 में केवल 17 लाख मामले सामने आए थे लेकिन अब फिर वृद्धि हुई है और ये मामले 2024 में 37.2 लाख तक पहुंच गए थे.अनुमान है कि हर साल रेबीज से 59 हजार लोग मरते हैं और इनमें से अधिकतर मौतें पागल कुत्तों के काटने से होती हैं. हालांकि रेबीज को वैक्सीन से रोका जा सकता है लेकिन यदि किसी को एक बार रेबीज हो जाए तो इसका कोई इलाज नहीं होता.

यदि किसी को कुत्ता काट लेता है तो सबसे पहले उस घाव को 15 मिनट तक साबुन या बहते पानी से साफ करें. इसके बाद उस पर जीवाणुरोधी पट्टी लगाएं और तुरंत डॉक्टर के पास जाएं. डॉक्टर कुत्ते की स्थिति के आधार पर आपको उचित ट्रीटमेंट देगा. कुत्ते को रेबीज़ का टीका लगाया गया है या नहीं, इस पर आपका ट्रीटमेंट निर्भर करेगा. यदि आपके कुत्ते को रेबीज का टीका लगा हुआ है तो आपको टेटनस का टीका लगाया जा सकता है.

बच्चों को कुत्तों के काटने के खतरों और रोकथाम के बारे में शिक्षित किया जाना चाहिए जिसमें आवारा कुत्तों से बचना और किसी भी कुत्ते के आसपास बच्चे को अकेला नहीं छोड़ना शामिल है.

बिल्ली (Cat)

न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, बिल्ली के काटे गए घावों में लगभग 75% मामलों में पास्चरेला बैक्टीरिया (Pasteurella) पाया जाता है जबकि कुत्ते के काटने में लगभग 50% मामलों में यह बैक्टीरिया होता है. कई मामलों में 3–6 घंटे में घाव में सूजन, दर्द, और पस बन जाना सामान्य है लेकिन कुछ गंभीर मामलों में घाव से सेप्सिस, ग्रंथि में सूजन, हड्डी का संक्रमण भी हो सकता है.

लिपिंकॉट जर्नल का कहना है, बिल्ली के काटने से या स्क्रैच करने से बार्टोनेला हेन्सेले (Bartonella henselae) नाम का बैक्टीरिया शरीर में जा सकता है जिससे लिम्फ नोड्स में सूजन और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसके अलावा बिल्ली में स्टैफिलोकोकस, और स्ट्रेप्टोकोकस जैसे बैक्टीरिया भी होते हैं जो काटने के बाद संक्रमित कर सकते हैं.

बिल्ली काटने से कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. बिल्लियों के मुंह में तेज दांत और काफी बैक्टीरिया होते हैं इसलिए घाव जल्दी और गहरा हो सकता है. बिल्लियां कीड़े-मकौड़े और चूहे खाती है इसलिए कीटाणु की मात्रा उसके मुंह में अधिक होती है.

बिल्ली यदि काट ले तो काटे गए या खरोंचे हुए घाव को सावधानीपूर्वक पानी से धोएं और एंटीसेप्टिक लगाएं. इसके बाद खून रोकने के लिए पट्टी लगाएं और डॉक्टर के पास जाएं. डॉक्टर आपकी स्थिति देखकर एंटीबायोटिक्स लेने की सलाह देंगे लेकिन आप डॉक्टर को यह जरूर बताएं कि बिल्ली पालतू थी या आवारा. क्योंकि उसके आधार पर ही आपका ट्रीटमेंट होता है।

चूहा (Mouse)

चूहे आक्रामक नहीं होते और आमतौर पर तभी काटते हैं जब उन्हें खतरा महसूस होता है. जब तक आप उन्हें छू नहीं रहे हों, आपको काटने की संभावना बहुत कम है.

Healthline का कहना है, चूहों के आगे के दांत बहुत मजबूत होते हैं जो काटने पर आपकी त्वचा को चीर सकते हैं. उनके काटने से तेज चुभन महसूस हो सकती है और खून भी निकल सकता है. आमतौर पर, उनके काटने से एक ही छेद जैसा घाव होता है.

चूहों के काटने का ज़्यादातर जोखिम संभावित जीवाणु या विषाणु संक्रमणों से होता है. चूहों के काटने से कुछ लोगों में एलर्जी भी हो सकती है. रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार, चूहों के काटने से रेबीज नहीं होता.

2014 की एक केस स्टडी में एक व्यक्ति को चूहे के काटने से एलर्जी हुई थी. 55 साल के व्यक्ति की बीच वाली उंगुली पर जब चूहे ने काटा था तो 10 मिनट के अंदर उसके पूरे शरीर में खुजली होने लगी थी और उसके हाथों पर दाने निकल आए थे. फिर कुछ देर बाद उसके होंठ सूज गए और उसे चक्कर आने लगे थे. अस्पताल में भर्ती होने के 8 घंटे बाद ही उस व्यक्ति के लक्षण कम हो गए थे.

इसके अलावा चूहे के काटने से बुखार, उल्टी, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द या जोड़ों में सूजन या दर्द जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

चूहों के काटने आमतौर पर गंभीर नहीं होते, लेकिन अगर आपको काट लिया जाए तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी हो जाता है. अगर आपको किसी चूहे ने काट लिया है या खरोंच दिया है, तो आपको तुरंत अपने घाव को गर्म पानी और साबुन से साफ़ करना चाहिए. घाव को साफ करने के बाद, आप उसे एक साफ कपड़े से सुखा सकते हैं और उस पर एंटीबायोटिक क्रीम और पट्टी लगा सकते हैं.

छिपकली (Lizard)

घर की आम दीवार पर पाई जाने वाली छिपकली इंसानों से डरकर भागती है और आमतौर पर हमला नहीं करती. यदि काटने का कारण गिला मॉन्स्टर (Gila monster) या मैक्सिकन बीडेड छिपकली (Mexican beaded lizard) जैसी विषैली छिपकली हों तो तुरंत चिकित्सा सहायता की जरूरत होती है.

यदि आपको छिपकली काट भी ले तो अक्सर जानलेवा नहीं होती, लेकिन कुछ समस्याएं हो सकती हैं जैसे, हल्का दर्द और सूजन, संक्रमण, एलर्जी या फिर यदि छिपकली संक्रमित है तो इंफेक्शन हो सकता है लेकिन ये काफी कम मामलों में होता है.

छिपकली के काटने वाले स्थान को पानी से अच्छी तरह धोएं और एंटीसेप्टिक लगाएं. दर्द या सूजन ज्यादा हो तो ठंडी पट्टी रखें और डॉक्टर को दिखाएं. बुखार, पस, या लाल लाइनें दिखती हैं तो वो इंफेक्शन का संकेत हो सकती हैं तो डॉक्टर को भी दिखाएं.

तोता (Parrot)

तोते के काटने से मामूली चोट से लेकर गंभीर चोट तक हो सकती है, जो तोते के आकार और काटने की ताकत पर निर्भर करता है. दर्द के अलावा, तोते के काटने से बैक्टीरिया भी फैल सकता है, जिससे संभवतः साइटाकोसिस या पेस्टुरेलोसिस जैसे संक्रमण हो सकते हैं. Clevelandclinic के मुताबिक, सिटाकोसिस को ऑर्निथोसिस या तोता बुखार भी कहा जाता है. हालांकि यह आपको केवल तोते से ही नहीं, बल्कि कई प्रकार के पक्षियों से हो सकता है.

सिटाकोसिस एक जीवाणु संक्रमण है जो आपको पक्षियों से हो सकता है. यदि इससे पीड़ित तोता इंसान को काट ले तो उसे बुखार और खांसी के लक्षण पैदा हो सकते हैं. तोता को दस्त, नाक या आंखों से पानी आना और अन्य लक्षण हो सकते हैं.

तोते के काटने पर यदि लाल निशान, सूजन, मवाद या बढ़ते दर्द जैसे लक्षण नजर आते हैं तो इसके लिए आपको मेडिकल सहायता की जरूरत हो सकती है. पानी से घाव को धोने के बाद डॉक्टर के पास जाएं और वो आपकी स्थिति देखकर पास्चरेला या सिटाकोसिस जैसे जीवाणु संक्रमणों को रोकने या उनका इलाज करने के लिए एंटीबायोटिक्स लिख सकते हैं.

बंदर (Monkey)

यदि कोई बंदर आपको काट ले तो रेबीज और अन्य जीवाणु संक्रमण सहित संक्रमण के संभावित जोखिम के कारण तत्काल मेडिकल हेल्प लेना जरूरी है. प्राइमरी तरीका तो वही रहेगा कि घाव को साबुन और पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोएं और खून रोकने के लिए पट्टी लगाएं और डॉक्टर के पास जाएं. एक्सपर्ट का कहना है कि बंदर की उपस्थिति और स्थान को नोट करने का प्रयास करें या उसकी फोटो भी लें ताकि बंदर की स्थिति देखकर आपको इलाज मिल सके.

गाय या बकरी (Cow or Goat)

गाय, भैंस, घोड़ा, बकरी जैसे मवेशियों के मुंह और दांतों में आमतौर पर कई बैक्टीरिया पाए जाते हैं. इनमें एक्टिनोमाइसेस (Actinomycosis) शामिल है जो ओरल माइक्रोबायोम (बैक्टीरिया, कवक और वायरस) का हिस्सा है.

एक्टिनोबैसिलस लिग्निएरेसी एक अन्य जीवाणु है जो मवेशियों के मुंह में पाया जाता है और यदि यह घावों के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है तो एक्टिनोबैसिलोसिस पैदा कर सकता है. इसके अलावा स्यूडोमोनास, बर्कहोल्डेरिया और एक्टिनोबैक्टीरिया जैसे जीवाणु की प्रजातियां भी मवेशियों के मुंह में पाई जाती हैं.

पालतू या आवारा मवेशियों दोनों स्थिति में इलाज की स्थिति अलग-अलग होगी क्योंकि आवारा पशुओं से संक्रमण फैलने का जोखिम अधिक होता है.

यदि आपको गाय या बकरी ने काट लिया हो तो घाव को तुरंत साबुन और पानी से कम से कम 15 मिनट तक साफ करें. यदि घाव से खून बह रहा हो तो साफ कपड़े से सीधा दबाव डालें ताकि खून रुक सके. खून रुकने के बाद डेटॉल, सेवलॉन जैसी एंटीसेप्टिक लगाएं और जीवाणु रहित पट्टी या साफ कपड़े से बांध लें.

इसके बाद पास के हॉस्पिटल में जाएं ताकि घाव की उचित देखभाल हो सके और जरूरत और गाय की स्थिति के आधार पर इंजेक्शन और वैक्सीनेशन के लिए मेडिकल हेल्प मिल सके.

भैंस (Buffalo)

भैंस ताकतवर मवेशी है, उसके जबड़े की ताकत से स्किन कट सकती है या घाव बन सकता है. यदि घाव गहरा हो जाता है तो संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है. भैंस के मुंह और दांतों में मौजूद जीवाणु कई तरह की बीमारियां इंसानों में फैला सकते हैं जैसे एंथ्रेक्स (बैसिलस एन्थ्रेसिस), टीबी (माइकोबैक्टीरियम बोविस से), रेबीज (संक्रमित जानवर हो तो), सलमोनेलोसिज (सलमोनेला बैक्टीरिया से), लेप्टोस्पाइरोसिस (संक्रमित लार या पानी से).

यदि आपको भैंस काट लेती है तो गाय-बकरी की तरह ही प्राथमिक इलाज करें जैसे, तुरंत घाव को साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ करें, खून रोकने के लिए कपड़ा या पट्टी बांधें और फिर एंटीसेप्टिक लगाने के बाद तुरंत मेडिकल हेल्प लें.

ध्यान रखें कि जब भी आप भैंस के मुंह के पास चारा देने या किसी अन्य काम से जाएं तो सावधानी रखें. यदि आपको पहले से ही कोई घाव के तो उसे कवर करके रखें ताकि भैंस की लार या उसके बैक्टीरिया आपके घाव तक ना पहुंच जाएं. समय-समय पर भैंस का टीकाकरण करवाएं और बीमार दिखने पर पुशओं के डॉक्टर को दिखाएं.

घोड़ा (Horse)

द स्प्रूस पेट्स के अनुसार, घोड़े विभिन्न कारणों से काट सकते हैं, जैसे डर, दर्द या बिना कारण के. आमतौर पर घोड़ा पालतू ही होता है इसलिए घोड़ों को वैक्सीनेशन हो चुका होता है. लेकिन यदि फिर भी घोड़ा आपको काट ले तो तुरंत घाव को पानी से साफ करें और काटने वाले निशान को एंटीसेप्टिक से साफ कर लें. बैक्टीरिया को प्रवेश करने से रोकने के लिए घाव को खरोंचने से बचें. रेबीज घोड़े के काटने से भी फैल सकता है, इसलिए सतर्क रहें.

चोट गहरी या जोड़ पर है तो मेडिकल मदद लें ताकि संक्रमण के जोखिम को भी कम किया जा सके. यदि घोड़ा आक्रामकता के लक्षण दिखा रहा है तो उसके व्यवहार को ठीक करने के लिए किसी प्रोफेशनल ट्रेनर या जानवरों के डॉक्टर से संपर्क करें.

ऊंट (Camel)

ऊंटों के काटने की घटनाएं प्रजनन काल के दौरान अधिक आम होती हैं क्योंकि उस समय वे अधिक आक्रामक होते हैं. ऊंट के काटने से ऊतकों को गहरा नुकसान हो सकता है और संक्रमण होने का खतरा रहता है क्योंकि उसके मुंह में मौजूद बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर सकते हैं जिससे संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है. कुछ मामलों में सर्जरी की भी जरूरत हो सकती है.

भले ही काटने की चोट मामूली लगे, फिर भी डॉक्टर के पास जाना जरूरी है. ऊंट के काटने पर टेटनस और रेबीज की रोकथाम की भी आवश्यकता हो सकती है इसलिए यदि आपको ऊंट काट ले तो जितना संभव हो सके बैक्टीरिया और लार को हटाने के लिए काटने वाले क्षेत्र को साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोना ही सबसे कारगर रहेगा. संभावित संक्रमणों को रोकने या उनका इलाज करने के लिए डॉक्टर एंटीबायोटिक्स लिख सकते हैं जो आपको सुरक्षित रखेंगे.

 

 

 

 

National : राहुल गांधी निकालेंगे ‘वोटर अधिकार यात्रा’, सासाराम से शुरुआत, तेजस्वी यादव भी होंगे साथ

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पवन खेड़ा ने कहा कि ये यात्रा ‘एक व्यक्ति-एक वोट’ के अधिकार की लड़ाई के लिए निकाली जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा फर्जी तरीके से वोट जोड़ने और काटने में रंगे हाथों पकड़ी गई है. बिहार में SIR प्रक्रिया से ‘वोट चोरी’ की साजिश स्पष्ट रूप से सामने आई है. अब सामान्य नागरिक भी वोट चोरी के सबूत निकालकर दे रहे हैं.

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बिहार में SIR प्रक्रिया और ‘वोट चोरी’ के विरोध में 17 अगस्त से बिहार के सासाराम से ‘वोटर अधिकार यात्रा’ थोड़ी देर में शुरू करेंगे. यात्रा में आरजेडी के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव समेत INDIA ब्लॉक के तमाम नेता शामिल होंगे.इंदिरा भवन स्थित कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने यात्रा का विस्तृत रोडमैप पेश किया. उन्होंने बताया कि यात्रा की शुरुआत 17 अगस्त को बिहार के सासाराम से होगी और यह 16 दिन में 20 जिलों से गुजरते हुए 1300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. यात्रा में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के अलावा INDIA ब्लॉक के अन्य नेता भी शामिल होंगे.

बिहार में SIR को लेकर 16 दिनों तक चलने वाली वोट अधिकार यात्रा की शुरुआत रविवार सुबह 11.30 बजे सासाराम के सुअरा हवाई अड्डे पर सभा से होगी. इसके बाद यह यात्रा औरंगाबाद पहुंचेगी. औरंगाबाद के कुटुंबा में महागठबंधन के नेता रात्रि विश्राम करेंगे.

कांग्रेस नेता ने बताया कि यात्रा 17 अगस्त को सासाराम, रोहतास; 18 अगस्त को देव रोड, अंबा-कुंडुंबा; 19 अगस्त को हनुमान मंदिर, पूनामा, वजीरगंज; 21 अगस्त को तीन मोहानी दुर्गा मंदिर, शेखपुरा; 22 अगस्त को चंद्र बाग चौक, मुंगेर; 23 अगस्त को कुर्सेला चौक, बरारी, कटिहार; 24 अगस्त को खुश्कीबाग, कटिहार से पूर्णिया; 26 अगस्त को हुसैन चौक, सुपौल; 27 अगस्त को गंगवारा महावीर स्थान, दरभंगा; 28 अगस्त को रीगा रोड, सीतामढ़ी; 29 अगस्त को हरिवाटिका गांधी चौक, बेतिया; 30 अगस्त को एकमा चौक, एकमा विधानसभा, छपरा में पहुंचेगी. 01 सितंबर को पटना में विशाल रैली के साथ इसका समापन होगा. 20, 25 और 31 अगस्त को यात्रा का विश्राम रहेगा.

पवन खेड़ा ने कहा कि ये यात्रा ‘एक व्यक्ति-एक वोट’ के अधिकार की लड़ाई के लिए निकाली जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा फर्जी तरीके से वोट जोड़ने और काटने में रंगे हाथों पकड़ी गई है. बिहार में SIR प्रक्रिया से ‘वोट चोरी’ की साजिश स्पष्ट रूप से सामने आई है. अब सामान्य नागरिक भी वोट चोरी के सबूत निकालकर दे रहे हैं.

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला देते हुए चुनाव आयोग पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद चुनाव आयोग को INDIA ब्लॉक और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांगों को मानना पड़ा. उन्होंने कि यह सिर्फ वोट छीनने का षड्यंत्र नहीं था, बल्कि दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, वंचितों, शोषितों, पीड़ितों और अल्पसंख्यकों की पहचान छीनने की साजिश थी. अगर आज उनका वोट देने का अधिकार छिन जाता है. तो भविष्य में सरकारी योजनाओं से भी उन्हें वंचित किए जाने का खतरा पैदा हो जाता.

पवन खेड़ा ने कहा कि ये यात्रा ऐतिहासिक होने वाली है, क्योंकि यह वोट देने के अधिकार की लड़ाई है, जो आजाद भारत में आजादी से सांस लेने के लिए बेहद जरूरी है. उन्होंने बिहार की जनता से इस संघर्ष में साथ देने की अपील की. उन्होंने कहा कि साजिश रचने वाले बाज नहीं आएंगे और वे वोट चुराने और छीनने की कोशिश करते रहेंगे. इसलिए सभी को सजग रहना होगा. उन्होंने कहा कि जब भी राहुल गांधी यात्रा पर निकले हैं, देश के लोकतंत्र ने एक नई करवट ली है.

 

Entertainment : यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम वाले घर पर बाइक सवार बदमाशों ने बरसाईं गोलियां , 25 राउंड फायरिंग

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मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर फायरिंग हुई है. फायरिंग के बाद तुरंत गुरुग्राम पुलिस के बड़े अधिकारी वहां पहुंचे और जांच शुरू की. वारदात के समय घर में मौजूद रहने वालों की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस ने पूछताछ की.बिग बॉस विनर, फेमस यूट्यूबर और एक्टर एल्विश यादव के घर पर गुरुग्राम के सेक्टर 57 में तड़के करीब 5:30 से 6 बजे के बीच जोरदार फायरिंग हुई. घर के पास बाइक पर सवार तीन अज्ञात बदमाश आए और दो दर्जन से ज्यादा राउंड फायरिंग करने के बाद मौके से फरार हो गए. अचानक हुई इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. हालांकि एल्विश उस वक्त घर पर मौजूद नहीं थे.

एल्विश यादव अपने यूट्यूब और सोशल मीडिया एक्टिविटी के लिए काफी मशहूर हैं. फायरिंग के बाद तुरंत गुरुग्राम पुलिस के बड़े अधिकारी वहां पहुंचे और जांच शुरू की. वारदात के समय घर में मौजूद रहने वालों की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस ने पूछताछ की. बताया जा रहा है कि उनके घर पर 20 से 25 राउंड फायरिंग हुई.

मौके पर पहुंची पुलिस ने इलाके को घेर लिया और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया है. अभी तक हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है.

एल्विश यादव के पिता ने बताया कि घर में एल्विश नहीं थे लेकिन बाकी पूरा परिवार मौजूद था. सभी लोग सो रहे थे जब बदमाश फायरिंग कर फरार हो गए. इसके बाद पुलिस आई उन्होंने पूरी तफ्तीश की. लेकिन इस फायरिंग की घटना से पहले घरवालों या एल्विश को कोई धमकी नहीं मिली थी. सीसीटीवी फुटेज में घर की गेट के बाहर खड़े दो बदमाश दिखाई दे रहे हैं.

इससे पहले भी बॉलीवुड सिंगर फाजिलपुरिया पर फायरिंग हो चुकी है. दो बड़े सोशल मीडिया स्टार्स पर हुई ताबड़तोड़ वारदातों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा दिए हैं. लगातार बढ़ती ऐसी घटनाएं इलाके की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही हैं.एल्विश के घर पर हुए इस हमले से फैंस को चिंता में डाल दिया है. गुरुग्राम में एल्विश यादव के घर हुई फायरिंग ने सभी को हैरान कर दिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमलावरों की तलाश जारी है. ऐसे घटनाक्रम इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं.

एल्विश से पहले हरियाणवी और बॉलीवुड सिंगर राहुल फाजिलपुरिया पर 14 जुलाई 2025 की शाम करीब 5:50 बजे फायरिंग की घटना सामने आई थी. जानकारी के मुताबिक गुरुग्राम के SPR रोड पर अज्ञात बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया था. हालांकि बाद में पुलिस ने ऐसी किसी भी घटना के होने से साफ इनकार किया था.

पंजाबी सिंगर राहुल फाजिलपुरिया एल्विश यादव के करीबी दोस्त भी हैं. उनपर हुए हमले के बाद राहुल फाइनेंसर को मौत के घाट उतारा गया था. इन हमलों की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर एक गैंगस्टर ने ली थी. और अब एल्विस यादव के घर जिस तरह से 25 राउंड से ज्यादा फायरिंग हुई है, उससे ऐसा लगता है कोई मैसेज देने की कोशिश कर रहा है. पुलिस का मानना है कि इस तरह के हमले रंगदारी वसूल करने के लिए अमूमन गैंगस्टर ही करवाते हैं.

मालूम हो कि एल्विश यादव यूट्यूब व्लॉग्स और रोस्ट वीडियोज के लिए जाने जाते हैं. उनकी तगड़ी फैन फॉलोइंग है. एल्विश इससे पहले कई कॉन्ट्रोवर्सीज को लेकर चर्चा में आ चुके हैं. उनपर रेव पार्टी और सांप का जहर मामले में शामिल होने, चुम दरांग पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने, राजस्थान पुलिस पर गलत दावा करने और कई बार उनके ऊपर हाथापाई, बयानबाजी या धमकी देने के भी आरोप लग चुके हैं. सांप जहर मामले में फाजिलपुरिया का नाम भी उनके शामिल बताया गया था.

Mumbai : डिलीवरी बॉय के बार-बार बेल बजाने से गुस्सा हुआ शख्स, एयर गन से कर दी फायरिंग

मुंबई के लोअर परेल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां एक शख्स ने एक दवाइयों का ऑर्डर लेकर पहुंचे एक डिलीवरी बॉय पर एयर गन से फायरिंग कर दी. फिलहाल सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है.

मुंबई के लोअर परेल में एयर गन से फायरिंग की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. बताया जाता है कि यहां एक शख्स ने एक डिलीवरी बॉय पर फायरिंग कर दी. क्योंकि डिलीवरी बॉय दवाइयां लेकर आया था और ऑर्डर रिसीव करने के लिए बार-बार बेल बजा रहा था. डिलीवरी बॉय के बार-बार बेल बजाने की वजह से शख्स गुस्सा हो गया और एयर रायफल से हवा में फायरिंग कर दी.

पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी ने फ़ोन पर दवाइयों का ऑर्डर दिया था. लेकिन जब डिलीवरी बॉय दवाइयां लेकर पहुंचा तो आरोपी बाहर नहीं आ रहा था. इस पर डिलीवरी बॉय ने बार-बार बेल बजा दी. जिससे गुस्से में आकर आरोपी ने एयर गन से फायरिंग कर दी.

सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी सौरभ कुमार अविनाश कुमार सिंह (35) से पूछताछ की. आरोपी प्रकाश कॉटन बिल्डिंग, शंकरराव नारम पथ, लोअर परेल का निवासी है. आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने एक मेडिकल स्टोर से दवाइयां मंगवाई थीं, लेकिन डिलीवरी बॉय के बार-बार डोरबेल बजाने पर वह नाराज़ हो गया. फिर उसने अपनी एयर राइफल से हवा में गोली चला दी.

पुलिस ने कहा गोलीबारी में कोई घायल नहीं हुआ है. आरोपी और कॉल करने वाले को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन ले जाया गया है. फिलहाल मुंबई की एनएम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज कर आगे की जांच में जुट गई है.

HEALTH TIPS : चेहरे के दाग धब्बे आपकी खूबसूरती को कर सकतें हैं खराब, इन घरेलू उपायों से करें इसका इलाज

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चेहरा हमारी पर्सनैलिटी का आईना होता हैजब चेहरा साफ, चमकदार और ग्लोइंग हो तो आत्मविश्वास भी बढ़ जाता है. लेकिन अक्सर प्रदूषण, धूप, गलत खान-पान, हार्मोनल बदलाव या फिर स्किन इंफेक्शन की वजह से चेहरे पर दाग-धब्बे, पिग्मेंटेशन या काले निशान उभर आते हैं. ये न सिर्फ आपकी खूबसूरती को फीका कर देते हैं, बल्कि आपको बार-बार मेकअप का सहारा लेना पड़ता है.

डॉ. विजय लक्ष्मी बताती हैं किसही घरेलू नुस्खों और थोड़ी देखभाल से चेहरे की इन समस्याओं से निजात पाया जा सकता है. आइए जानते हैं कुछ असरदार घरेलू उपाय जो दाग-धब्बों को मिटाकर चेहरे पर नेचुरल ग्लो वापस ला सकते हैं.

नींबू का रस

  • नींबू का रस स्किन के लिए नेचुरल ब्लीच का काम करता है. इसमें मौजूद विटामिन त्वचा की रंगत को निखारता है और डार्क स्पॉट्स को हल्का करता है
  • एक चम्मच नींबू के रस में थोड़ा शहद मिलाकर चेहरे पर लगाएं
  • 10 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें
  • नियमित इस्तेमाल से दाग-धब्बे धीरे-धीरे हल्के होने लगेंगे

खीरा

  • खीरे का रस चेहरे पर लगाने से स्किन को ठंडक मिलती है और टैनिंग भी कम होती है
  • खीरे को कद्दूकस करके उसका रस निकालें
  • इसे चेहरे पर 15 मिनट तक लगाए रखना होगा
  • यह उपाय खासकर गर्मियों में बहुत असरदार होता है और दाग-धब्बों को कम करता है

हल्दी और दूध

  • हल्दी एंटीसेप्टिक और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती है, जबकि दूध स्किन को मॉइश्चराइज करता है
  • एक चम्मच हल्दी में कच्चा दूध मिलाकर पेस्ट बना लें
  • इसे चेहरे पर 15 मिनट लगाएं और फिर धो लें
  • यह पैक न सिर्फ दाग-धब्बों को हटाता है बल्कि चेहरे पर नेचुरल ग्लो भी लाता है

टमाटर का रस

  • टमाटर में मौजूद लाइकोपीन त्वचा को टैनिंग और डार्क स्पॉट्स से बचाता है
  • एक टमाटर का रस निकालकर उसमें थोड़ी दही मिलाएं
  • इस पैक को चेहरे पर लगाकर 15 मिनट बाद धो लें
  • नियमित इस्तेमाल से पिग्मेंटेशन और काले धब्बे कम हो जाते हैं

एलोवेरा जेल

  • एलोवेरा में मौजूद गुण त्वचा की गहराई तक जाकर हीलिंग का काम करते हैं
  • रात में सोने से पहले एलोवेरा जेल को अच्छे से चेहरे पर लगाएं
  • पूरी रात लगा रहने दें और सुबह धो उठकर इसे पानी से धो सकते हैं
  • यह उपाय स्किन को हाइड्रेट करने के साथ दाग-धब्बे मिटाने में भी कारगर है

NATIONAL : जन्माष्टमी पर क्यों लगाया जाता है 56 भोग, 50 या 55 क्यों नहीं

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16 अगस्त 2025 को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है. हर साल भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर यह पर्व मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि इसी तिथि पर श्रीहरि के आठवें अवतार के रूप में द्वापर युग में कृष्ण का जन्म धरती पर हुआ था. हिंदू धर्म को मानने वालों के लिए जन्माष्टमी महत्वपूर्ण पर्व में एक है.

जन्माष्टमी पर कान्हा के बाल स्वरूप की पूजा की जाती है, विशेष श्रृंगार किया जाता है, आरती होती है और महाप्रसाद अर्पित किए जाते हैं. महाप्रसाद में कृष्ण को एक-दो नहीं बल्कि पूरे 56 प्रकार के भोग चढ़ाए जाते हैं. आइये जानते हैं कान्हा के 56 भोग कौन-कौन से हैं.

कृष्ण के 56 भोग की थाली में कया-क्या होता है

कहा जाता है कि पूरी दुनिया में छह प्रकार के रस (स्वाद) हैं, जिसमें मीठा, नमकीन, कड़वा, अमलीय, खट्टा और कैसला स्वाद शामिल है. इन्हीं छह स्वाद के मेल से 56 पकवान बनाए जाते हैं. कान्हा के 56 भोग में मुख्य रूप से- माखन, मिश्री, पंजीरी, खीर, रसगुल्ला, मालपुआ, जलेबी, जीरा लड्डू, काजू-बादाम की बर्फी, पेड़ा, घेवर, रबड़ी, मूंग का हलवा, पिस्ता, बर्फी, घी, शक्कर पारा, मठरी, चटनी, पकौड़े, साग, दही, चावल, कढ़ी, खिचड़ी, केला, आम, किशमिश, आलू बुखारा, सेब, अंगूर, मुरब्बा, पापड़, चीला, दलिया, टिक्की, पुड़ी, दुधी की सब्जी, बैंगन की सब्जी, शहद, कचौरी, रोटी, छाछ, मीठे चावल, चना, भुजिया, नारियल, पान, मेवा, बादाम का दूध, शिकंजी आदि शामिल हैं. लेकिन इस बात खास ध्यान रखें कि भोग तैयार करते समय लहसुन-प्याज का इस्तेमाल ना करें.

कान्हा 56 भोग ही क्यों 50 या 55 क्यों नहीं

कान्हा के 56 भोग के बारे में तो कई लोगों ने सुना होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर क्यों कान्हा जी को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए जाते हैं, 50 या 55 क्यों नहीं. दरअसल इसके पीछे इंद्रदेव के क्रोधित होने और श्रीकृष्ण के गोवर्धन पर्वत को कनिष्ठ ऊंगली में उठा लेने की कथा जुड़ी है. यह कथा काफी प्रचलित भी है.

कथा के अनुसार- एक बार सारे ब्रजवासी इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए पूजा की तैयारी में जुटे हुए थे. नन्हे कृष्णा यह सब देख रहे थे, तभी उन्होंने नंद बाबा से पूछा कि लोग इंद्रदेव की पूजा क्यों कर रहे हैं. नंद बाबा ने जवाब दिया कि, इंद्रदेव प्रसन्न होंगे तो अच्छी वर्षा होगी. कान्हा ने कहा कि वर्षा कराना तो इंद्रदेव का काम है. हमें तो गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिए. क्योंकि गोवर्धन पर्वत के कारण ही हमें फल, सब्जियां और पशुओं को चारा मिलता है.

कृष्ण की बात लोगों को सही लगी और सभी गोवर्धन पर्वत की पूजा करने लगे. लेकिन इस बात से इंद्रदेव क्रोधित हो गए और उन्होंने इतनी वर्षा कराई कि ब्रजवासी परेशान हो गए. इंद्रदेव के कहर से ब्रजवासियों की रक्षा करने के लिए कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली से उठा लिया. बृजवासियों ने अपने पशुओं के साथ पर्वत के नीचे शरण ली. कृष्ण पूरे 7 दिनों तक गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर लिए खड़े रहे. आखिरकार इंद्रदेव को कृष्ण के दैवीय स्वरूप का आभास हुआ. उन्होंने कृष्ण से माफी मांगते हुए आठवें दिन वर्षा रोक दी.

इन सात दिनों तक कृष्ण पर्वत को अपनी कनिष्ठ उंगली पर उठाए रहे और इस दौरान उन्होंने कुछ भी नहीं खाया. तब मां यशोदा ने अपने कान्हा के लिए 56 भोग तैयार किया. क्योंकि एक दिन में यशोदा अपने लाल को आठ बार भोजन करती थी. ऐसे में 7 सात दिनों के आठ बार भोजन को जोड़कर 56 भोग (7*8=56) तैयार किए गए और कृष्ण को खिलाया गया. कहा जाता है कि इसके बाद से ही कान्हा को छप्पन भोग चढ़ाने की परंपरा की शुरुआत हुई.

SPORTS : बाबर-रिजवान की वापसी, शाहीन को भी मिला मौका; 2025 एशिया कप के लिए पाकिस्तान की टीम लीक!

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2025 एशिया कप के लिए पाकिस्तान की टीम सामने आई है. अभी PCB ने टीम का एलान नहीं किया है, लेकिन सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें एशिया कप के लिए पाकिस्तान की 15 सदस्यीय टीम दिख रही है. फैंस जमकर इस फोटो को शेयर कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि PCB ने 2025 एशिया कप के लिए इन 15 नाम पर मुहर लगाई है.

वायरल तस्वीर में जो 15 नाम दिख रहे हैं, उसमें पूर्व कप्तान बाबर आजम, वनडे कप्तान मोहम्मद रिजवान और स्टार तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी शामिल हैं. इसे 2025 एशिया कप और टाई सीरीज की टीम बताया जा रहा है. इस टीम में फखर जमान भी हैं. हालांकि, कप्तान का खुलासा नहीं किया गया है.

इस टीम में युवा स्टार सैम अयूब भी हैं. वहीं हसन नवाज, मोहम्मद हारिस, साहिबजादा फरहान और सुफियान मुकीम जैसे युवा भी शामिल हैं. हालांकि, कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान एशिया कप की टीम का हिस्सा नहीं होंगे. वहीं एक खबर यह भी आई थी कि बाबर को टीम में शामिल किया जा सकता है, लेकिन रिजवान टी20 टीम से बाहर रहेंगे.

9 सितंबर से खेला जाएगा एशिया कप 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2025 एशिया कप 9 सितंबर से शुरू होगा. इसका फाइनल मुकाबला 28 सितंबर को खेला जाएगा. 2025 एशिया कप में कुल आठ टीमें हिस्सा लेंगी. इन टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है. 2025 एशिया कप के मैच आबू धाबी और दुबई में खेले जाएंगे.

3 बार हो सकता है भारत-पाकिस्तान मैच 

2025 एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला 14 सितंबर को खेला जाएगा. यह लीग स्टेज का मैच होगा. दोनों टीमें 21 सितंबर को सुपर-4 राउंड में भी भिड़ सकती हैं. इसके बाद अगर भारत और पाकिस्तान दोनों फाइनल में प्रवेश करते हैं तो एक बार फिर दोनों के बीच मैच होगा. इस तरह 2025 एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच 3 मैच खेले जा सकते हैं.

BOLLYWOOD : इस हसीना संग रोमांस करने में चकरा गया था बॉबी देओल का दिमाग, कर डाली थी डायरेक्टर से शिकायत

बॉलीवुड फिल्मों में लव स्टोरीज को कुछ ज्यादा पसंद किया जाता है. ऐसे में लव इंटरेस्ट और रोमांटिक सीन्स का अलग ही फैन बेस है. लेकिन इन सीन्स को शूट करने को लेकर भी कई दिलचस्प किस्से हैं. आज बॉबी देओल से जुड़ा एक ऐसा ही किस्सा आपको बताएंगे जब लव सीन को लेकर ये एक्टर बेहद भड़क गया था. आखिर क्या थी इसकी वजह आगे बताएंगे.

किस हीरोइन संग रोमांस नहीं कर पा रहे थे बॉबी?

दरअसल ये किस्सा बॉबी देओल की हिट फिल्म ‘गुप्त’ से जुड़ा हुआ है. इस फिल्म के दौरान बॉबी देओल को एक इंटीमेट सीन करना था लेकिन अचानक बॉबी एक अजीब सी शिकायत लेकर डायरेक्टर के पास पहुंच गए थे. बॉबी देओल भड़के हुए डायरेक्टर के पास पहुंचे और सबके सामने चिल्लाकर कहने लगे कि उसके मुंह से बेहद बदबू आ रही है.

डायरेक्टर से कर दी थी एक्टर ने शिकायत

फिल्मफेयर को दिए एक इंटरव्यू के दौरान खुद बॉबी देओल ने इस किस्से का जिक्र किया था. साल 1997 में आई फिल्म ‘गुप्त’ में बॉबी देओल के साथ काजोल और मनीषा कोईराला भी अहम किरदार निभा रही थीं. मनीषा कोईराला उस दौर में जानी मानी और अनुभवी एक्ट्रेसेज में शुमार की जाती थीं लेकिन अचानक बॉबी ने डायरेक्टर से उनकी शिकायत कर दी थी.

बॉबी देओल ने शेयर किया था अजीब किस्सा

बॉबी ने इस वाकये का जिक्र करते हुए कहा कि, ‘इस फिल्म के एक गाने के वीडियो शूट के दौरान उन्हें मनीषा कोईराला के क्लोज रहना था. इस सीन के लिए बॉबी को मनीषा की चिन पर काटना था. लेकिन बॉबी ने बताया कि उनकी सांसों से इतनी तेज बदबू आ रही थी कि मेरे लिए ये बेहद मुश्किल हो रहा था.’

मनीषा ने शूटिंग से पहले खाए थे प्याज

दरअसल मनीषा ने सीन के शूट से ठीक पहले कच्चे प्याज के साथ चना चाट खाई थी. जिसकी वजह से उनकी सांसों से तेज बदबू आ रही थी. बॉबी उस वक्त इंडस्ट्री में नए थे और ये उनकी दूसरी ही फिल्म थी. बॉबी कहते हैं कि उस वक्त मेरे लिए रोमांस के बारे में सोचना बहुत दूर की बात थी लेकिन मैंने किसी तरह से ये सीन पूरा किया और सीधे डायरेक्टर को जाकर ये सारी बात बता दी.

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