Wednesday, February 4, 2026
Home Blog Page 59

BUSINESS : नए साल की शुरुआत के साथ ही भारतीय रुपये में नया जोश, अमेरिकी डॉलर को दी करारी शिकस्त

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 89.95 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान मजबूत होकर 89.92 तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से छह पैसे की बढ़त दर्शाता है.

नए साल की शुरुआत के साथ ही भारतीय रुपये में मजबूती देखने को मिली है. हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को शुरुआती कारोबार में रुपया छह पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.92 पर पहुंच गया. विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, रुपये के सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) 90 के स्तर को बचाने के लिए सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर रहा है. घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख से रुपये को समर्थन मिला, हालांकि विदेशी पूंजी की लगातार निकासी ने इस मजबूती को कुछ हद तक सीमित रखा.

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 89.95 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान मजबूत होकर 89.92 तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से छह पैसे की बढ़त दर्शाता है. इससे पहले गुरुवार को रुपया 89.98 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.17 पर रहा, जिससे उभरती मुद्राओं को कुछ राहत मिली.

शेयर बाजार की बात करें तो घरेलू बाजारों में तेजी का माहौल रहा. सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 158.19 अंक चढ़कर 85,346.79 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 55.8 अंक की बढ़त के साथ 26,202.35 अंक पर कारोबार करता दिखा. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 61.08 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली जारी रही और उन्होंने गुरुवार को शुद्ध रूप से 3,268.60 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे रुपये और बाजार की तेजी पर दबाव बना रहा.

इस बीच, सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर महीने में सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) कलेक्शन 6.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा. हालांकि, करों में कटौती के बाद घरेलू बिक्री से प्राप्त राजस्व की वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी रहने के कारण जीएसटी संग्रह की रफ्तार कुछ नरम दिखाई दी.

दिसंबर 2024 में सकल जीएसटी कलेक्शन 1.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक दर्ज किया गया था. आंकड़े संकेत देते हैं कि उपभोग में स्थिरता बनी हुई है, लेकिन टैक्स रेट में कमी और घरेलू मांग की सीमित गति के चलते राजस्व वृद्धि पर दबाव बना हुआ है.

SPORTS : टीम इंडिया की दोस्ती, WPL में दुश्मनी! हरमन से जीत छीनकर 4-4 कर पाएंगी स्मृति?

0

महिला प्रीमियर लीग का चौथा सीजन अब शुरू होने वाला है और इसके साथ ही लौट रही है WPL की सबसे चर्चित राइवलरी- मुंबई इंडियंस (MI) बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB). अब तक 7 मुकाबलों में MI ने 4–3 की बढ़त बनाई है, लेकिन इस ओपनिंग मैच में हरमन और स्मृति आमने-सामने होंगी, जिससे दोस्ती की कहानी मैदान पर दुश्मनी में बदल जाएगी.

महिला प्रीमियर लीग का चौथा सीजन अब बस शुरू होने वाला है… और साथ ही लौट रही है WPL की सबसे बड़ी और सबसे चर्चित राइवलरी. मुंबई इंडियंस (MI) बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB)- एक मुकाबला, जिसने लीग को पहचान दी, फैन्स को बांधा और हर बार क्रिकेट को इमोशन में बदल दिया. ये सिर्फ दो टीमें नहीं, ये दो सोच, दो क्रिकेटिंग कल्चर और मैदान पर टकराते दो जबरदस्त जज्बात हैं.

अब तक WPL में इन दोनों के बीच 7 मुकाबले खेले जा चुके हैं. नतीजों की किताब कहती है कि मुंबई इंडियंस 4-3 से आगे है. लेकिन इस आंकड़े के पीछे छुपी कहानियां कहीं ज्यादा दिलचस्प हैं. कहीं आखिरी ओवर का तनाव, कहीं एक कैच जिसने मैच का रुख पलट दिया, तो कहीं एक पारी जिसने फैन्स को खड़ा होकर ताली बजाने पर मजबूर कर दिया.

मुंबई इंडियंस की पहचान रही है- एक मजबूत सिस्टम. चाहे कप्तानी का दबाव हो या रन-चेज की उलझन, MI अक्सर सबसे मुश्किल लम्हों में सबसे साफ क्रिकेट खेलती नजर आई है. उनके लिए जीत अचानक नहीं आती, वो उसे प्लान करती हैं. यही वजह है कि इस प्रतिद्वंद्विता में उन्हें मामूली… लेकिन अहम बढ़त मिली हुई है.

RCB की कहानी अलग है. ये टीम हर सीजन अपने साथ उम्मीदों का बोझ भी लाती है और उसे तोड़ने का साहस भी. इस बार सारी निगाहें स्मृति मंधाना पर होंगी. उनका बल्ला सिर्फ रन नहीं बनाता, वो माहौल बदलता है. जब स्मृति लय में होती हैं, तो RCB सिर्फ प्रतिस्पर्धी नहीं रहती- वो खतरनाक बन जाती हैं.खेल, इमोशन का और इस मुकाबले में ये बात सबसे ज्यादा फिट बैठती है. एक चौका सिर्फ चार रन नहीं होता, वो किसी शहर की खुशी बन जाता है. एक विकेट सिर्फ एक खिलाड़ी का आउट होना नहीं, बल्कि लाखों दिलों की सांसें थमने जैसा होता है.

NATIONAL : अवैध संबंध का खौफनाक अंजाम, गुरुग्राम में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति पर किया कुल्हाड़ी से हमला

0

गुरुग्राम में अवैध संबंधों के चलते पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति पर कुल्हाड़ी जैसे औजार से हमला किया. मंदिर से लौटते वक्त स्कूटर गिरवाकर वारदात को अंजाम दिया. गंभीर रूप से घायल पति अस्पताल में भर्ती है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है. दोनों आरोपी बिहार के रहने वाले हैं और उनके बीच बीते 6 महीने से अवैध संबंध था.

हरियाणा के गुरुग्राम में अवैध संबंधों की वजह से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति पर कुल्हाड़ी जैसे औजार से जानलेवा हमला कर दिया. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक घटना उस समय सामने आई जब पुलिस को खोह गांव में एक स्कूल के पास एक व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिली. मौके पर पहुंची पुलिस टीम को पता चला कि घायल व्यक्ति शिव शंकर को इलाज के लिए फरीदाबाद के अस्पताल में भेजा गया है. बुधवार को पुलिस अस्पताल पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने शिव शंकर को बयान देने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया.

पुलिस के अनुसार, शिव शंकर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का रहने वाला है और मानेसर की एक कंपनी में काम करता है. वह खोह गांव में अपनी पत्नी पूनम और बेटे के साथ रहता था. शिव शंकर और पूनम की शादी साल 2012 में हुई थी.जांच की शुरुआत पीड़ित की भाभी द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर हुई. शिकायत में आरोप लगाया गया कि शिव शंकर को हाल ही में अपनी पत्नी पूनम के अपने सहकर्मी मिंटू के साथ अवैध संबंधों का पता चला था. इस बात को लेकर घर में लगातार विवाद हो रहा था.

पुलिस ने बताया कि मंगलवार को पूनम अपने पति को झरना मंदिर बहला-फुसलाकर साथ ले गई. मंदिर से लौटते समय जब दोनों स्कूटर से वापस आ रहे थे, तभी VPS स्कूल के पास एक व्यक्ति ने उनका स्कूटर धक्का देकर गिरा दिया. इसके बाद मिंटू ने पीछे से शिव शंकर को पकड़ लिया और पूनम ने कुल्हाड़ी जैसे औजार से उसके चेहरे पर कई वार कर दिए.

हमले के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए और शिव शंकर को गंभीर हालत में छोड़ दिया गया. शिकायत मिलने पर मानेसर पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया. पुलिस ने गुरुवार को मंटू और पूनम को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में दोनों ने पिछले छह महीनों से संबंध होने की बात स्वीकार की है.

JAIPUR : जहां हुई थी पत्थरबाजी, वहां चले बुलडोजर…. जयपुर के चौमूं में अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन

0

जयपुर के चौमूं में प्रशासन ने सड़क पर अतिक्रमण करके बनाए गए अवैध धार्मिक ढांचे के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की है. कुछ दिन पहले इसी इलाके में सड़क पर अतिक्रमण करके लगी लोहे की रेलिंग हटाने को लेकर तनाव फैल गया था और उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया था.

जयपुर के चौमूं कस्बे में शुक्रवार सुबह प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की. यह कार्रवाई उसी इलाके में हो रही है, जहां कुछ दिन पहले अतिक्रमण हटाने गई पुलिस टीम पर हिंसक भीड़ ने पथराव किया था. प्रशासन का कहना है कि सड़क पर अवैध रूप से लगाए गए लोहे के रेलिंग और अन्य ढांचे यातायात में बाधा बन रहे थे, जिन्हें हटाना जरूरी था. बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.

प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है. बता दें कि जयपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित चौमूं में दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में कलंदरी मस्जिद के पास बस स्टैंड क्षेत्र में लंबे समय से पड़े बड़े पत्थरों और लोहे की रेलिंग को हटाने की कोशिश की गई, जो सड़क पर अतिक्रमण माने जा रहे थे. इनसे ट्रैफिक जाम की समस्या वर्षों से बनी हुई थी. 25 दिसंबर की रात को मस्जिद समिति और नगर निगम के बीच बातचीत हुई, जिसमें पत्थर हटाने पर सहमति बनी.

लेकिन 26 दिसंबर की सुबह पुलिस ने जब बुलडोजर से रेलिंग हटाने की कार्रवाई शुरू की, तो तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया. देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए. भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया. स्थिति तनावपूर्ण होने पर इंटरनेट सेवाएं निलंबित करनी पड़ीं, जो बाद में बहाल हुईं.

कानून-व्यवस्था की स्थिति न उत्पन्न हो इसके लिए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और फ्लैग मार्च निकाला गया. हिंसक भीड़ द्वारा पथराव करने के मामले में पुलिस ने 110 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया, जबकि दो दर्जन के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई. प्रशासन ने 29 दिसंबर को इलाके में 4 अवैध निर्माणों और 20 अवैध बूचड़खानों पर नोटिस चस्पा किए, जिसमें तीन दिन की मोहलत दी गई थी कि सीढ़ियां, रैंप, प्लेटफॉर्म आदि सार्वजनिक भूमि से हटा लें, वरना बुलडोजर चलाया जाएगा.

पुलिस पर पत्थरबाजी में शामिल 24 आरोपियों के घरों पर भी नोटिस चस्पा कर तीन दिन में जवाब मांगा गया था. इसकी मियाद 31 दिसंबर को पूरी हो गई. संबंधित लोगों ने न नोटिस का जवाब दिया और न ही अपना अवैध अतिक्रमण हटाया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने चिन्हित अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना पर्याप्त नोटिस दिए उनके ढांचे गिराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है. वहीं प्रशासन का पक्ष है कि अतिक्रमण हटाने को लेकर पहले भी कई बार चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद अवैध कब्जे नहीं हटाए गए.

NATIONAL : नाबालिग का अपहरण कर मारपीट, जोड़ता रहा हाथ, कान में पिस्टल सटाकर मांगे 5 लाख

0

लखनऊ के तालकटोरा थाना क्षेत्र में 16 साल के नाबालिग के अपहरण और उसके साथ बर्बरता का मामला सामने आया है. आरोप है कि दबंगों ने युवक को अगवा कर मारपीट की और पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से कानून-व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां दबंगों ने 16 वर्षीय नाबालिग युवक का अपहरण कर उसके साथ बर्बरता की, उसे निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया और 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. मामला लखनऊ के तालकटोरा थाना क्षेत्र का है.

पीड़ित परिवार का आरोप है कि इशू यादव और अनुज दीक्षित ने अपने साथियों के साथ मिलकर नाबालिग युवक का अपहरण किया था. आरोपियों ने चार पहिया वाहन से युवक को अगवा किया और गाड़ी के अंदर ही उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया.

दबंगों ने नाबालिग के कपड़े उतरवाकर उसे बेरहमी से पीटा.इस दौरान कनपटी पर अवैध पिस्टल सटाकर जान से मारने की धमकी भी दी गई.वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पीड़ित युवक हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगता नजर आ रहा है, लेकिन आरोपी लगातार उसके साथ मारपीट करते रहे.पीड़ित परिवार के मुताबिक 31 दिसंबर की रात करीब 2 बजे नाबालिग का अपहरण किया गया था. दबंगों ने उसे कई घंटे तक बंधक बनाकर रखा और सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच छोड़ दिया.

आरोपियों पर पहले से ही कई संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. पीड़ित नाबालिग राजाजीपुरम इलाके का रहने वाला है. परिजनों ने तालकटोरा थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. थाना प्रभारी ने बताया की वीडियो वायरल का मामला सामने आने पर जांच की जा रही है.

DELHI : अब सिग्नेचर ब्रिज पर नहीं होगी चोरी और तोड़फोड़, सशस्त्र गार्ड की तैनाती

0

सिग्नेचर ब्रिज पर बढ़ती चोरी और तोड़फोड़ की घटनाओं को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने सशस्त्र सुरक्षा गार्ड तैनात करने का फैसला लिया है. रात में एक गार्ड को बंदूक के साथ और दिन में दो बिना हथियार गार्ड तैनात होंगे. इसके लिए 1.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है. सिग्नेचर ब्रिज आउटर रिंग रोड को वजीराबाद, करावल नगर और भजनपुरा क्षेत्रों से जोड़ता है.

देश की राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में Signature Bridge की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. विभाग ने पुल पर चोरी और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के मकसद से सशस्त्र सुरक्षा गार्ड तैनात करने की योजना बनाई है.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि सिग्नेचर ब्रिज पर रात के समय चोरी की घटनाएं अधिक सामने आती हैं. इसे देखते हुए मुख्य रूप से रात की ड्यूटी में एक गार्ड को बंदूक के साथ तैनात किया जाएगा.एक वरिष्ठ पीडब्ल्यूडी अधिकारी ने बताया कि बीते कुछ समय में पुल पर कई बार चोरी की घटनाएं हुई हैं और कुछ मामलों में चोरों ने तैनात गार्डों पर चाकू से हमला भी किया है. इसी वजह से सुरक्षा कर्मियों की सुरक्षा और पुल की निगरानी के लिए सशस्त्र गार्ड की तैनाती का निर्णय लिया गया है.

दिन के समय भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि दिन में बिना हथियार के दो सुरक्षा गार्ड पुल पर तैनात रहेंगे. ये गार्ड आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में काम करेंगे और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे.

दिल्ली का पहला Asymmetrical ब्रिज माने जाने वाला सिग्नेचर ब्रिज साल 2018 में आम जनता के लिए खोला गया था. करीब 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने इस पुल का निर्माण पर्यटन विभाग द्वारा कराया गया था. हालांकि, बाद में रखरखाव के लिए धन की कमी का हवाला देते हुए पर्यटन विभाग ने इसकी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को सौंप दी.

बीते सालों में सिग्नेचर ब्रिज आत्महत्या की घटनाओं को लेकर भी चर्चा में रहा है. जुलाई 2025 में दिल्ली विश्वविद्यालय के एक छात्र द्वारा यहां आत्महत्या किए जाने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद सुरक्षा और निगरानी को लेकर सवाल उठे थे.पीडब्ल्यूडी ने सुरक्षा गार्डों की तैनाती के लिए वार्षिक रखरखाव मद के तहत 1.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है. टेंडर की शर्तों के अनुसार, तैनात किए जाने वाले गार्डों की उम्र 55 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए और उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का ज्ञान होना अनिवार्य होगा.

सिग्नेचर ब्रिज आउटर रिंग रोड को वजीराबाद, करावल नगर और भजनपुरा क्षेत्रों से जोड़ता है. साथ ही यह ग्रैंड ट्रंक रोड, शाहदरा फ्लाईओवर होते हुए गाजियाबाद और आईटीओ की ओर बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करता है.

NATIONAL : 24 घंटे में खुला इंसाफ का ताला… अंजना को हक और हौसले की लड़ाई में मिला सीएम योगी का साथ

0

लखनऊ के इंदिरा नगर में मेजर की बेटी अंजना को मुख्यमंत्री से शिकायत करने के बाद 24 घंटे के भीतर उसका मकान वापस दिला दिया गया. मानसिक बीमारी से जूझ रहीं अंजना के घर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा किया गया था. सीएम के आदेश के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और मकान का कब्जा पीड़िता को सौंप दिया.

लखनऊ के इंदिरा नगर का ए-418 नंबर मकान गुरुवार को फिर खुला, लेकिन यह सिर्फ एक घर के ताले खुलने की कहानी नहीं थी. यह उस महिला की वापसी थी, जिसने पिता, भाई-बहन और फिर अपना मानसिक संतुलन खोने के बाद भी अपने हक की उम्मीद नहीं छोड़ी थी. वर्षों बाद अंजना अपने उसी घर में खड़ी थीं, जिसे कुछ समय पहले तक वह हमेशा के लिए खो चुकी मान चुकी थीं.

अंजना के पिता स्वर्गीय बिपिन चंद्र भट्ट भारतीय सेना में मेजर थे. देश की सेवा के दौरान उन्होंने लखनऊ के इंदिरा नगर में ए-418 नंबर का मकान बनवाया था. यही मकान कभी इस परिवार की पहचान हुआ करता था. साल 1994 में मेजर भट्ट का निधन हुआ. उस वक्त परिवार में बेटा और दो बेटियां थीं. समय के साथ हालात बदलते गए. बेटे और एक बेटी की असमय मौत ने परिवार को भीतर से तोड़ दिया. अकेली बचीं अंजना. लगातार आघातों ने उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया और धीरे-धीरे उन्हें सिजोफ्रेनिया जैसी गंभीर बीमारी ने घेर लिया.

साल 2016 में हालत बिगड़ने पर अंजना को निर्वाण रिहैब सेंटर में भर्ती कराया गया. इलाज शुरू हुआ, लेकिन इसी दौर में उनके जीवन की सबसे बड़ी साजिश रची जा रही थी. जिस घर को उन्होंने कभी सुरक्षित ठिकाना माना था, वही निशाने पर आ गया. जांच में सामने आया कि बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव ने अंजना की बीमारी और अकेलेपन का फायदा उठाया. फर्जी दस्तावेज तैयार कर मकान पर कब्जे की तैयारी की गई. धीरे-धीरे घर पर बाहरी लोगों का आना-जाना बढ़ा और एक दिन मकान पर किसी और का नाम लिखा बोर्ड लग गया. अंजना को जब इसकी जानकारी मिली, तो यह उनके लिए किसी झटके से कम नहीं था. जिस घर से उनका बचपन, परिवार और पहचान जुड़ी थी, वह उनसे छीना जा चुका था वो भी कागजों की चालबाजी से.

रिहैब सेंटर के डॉक्टर संतोष दुबे बताते हैं कि अंजना ने पहले स्थानीय थाने में शिकायत दी. 6 दिसंबर को लिखित प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन कार्रवाई की रफ्तार धीमी रही. अंजना मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं, लेकिन हालात की गंभीरता उन्हें पूरी तरह समझ में आ रही थी. डॉक्टरों और शुभचिंतकों ने उनका साथ दिया, पर कब्जाधारियों के हौसले बुलंद थे. अंजना को महसूस होने लगा कि यदि अब भी आवाज नहीं उठाई, तो सब कुछ हमेशा के लिए हाथ से निकल जाएगा.

31 दिसंबर की शाम अंजना मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचीं. उन्हें पूरी बात विस्तार से बताई गई. मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश मिलने के बाद मामला अचानक गति में आ गया. स्थानीय पुलिस और प्रशासन हरकत में आया. दस्तावेज खंगाले गए, जमीन रिकॉर्ड की जांच हुई और पूरे घटनाक्रम को जोड़कर देखा गया. गुरुवार की सुबह तक तस्वीर साफ हो चुकी थी. जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया और दोपहर से पहले ही अंजना को उनका मकान वापस दिला दिया गया. मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों की निगरानी में ताले खुलवाए गए. जैसे ही अंजना घर के अंदर दाखिल हुईं, उनकी आंखें भर आईं. वे एक-एक कमरे में गईं

घर के बाहर आकर उन्होंने नारियल फोड़ा, दीप जलाया और फूल रखे. अंजना फूट-फूटकर रोने लगीं. पुलिस ने इस मामले में बलवंत कुमार यादव उर्फ बब्लू और मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है. एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना से जुड़े साक्ष्य मिले हैं. फर्जी दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त कर ली गई है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल था.

NATIONAL : जंगली भालू का अटैक! जबड़े में आकर भी कैसे बचा शख्स? एयरलिफ्ट कर पहुंचाया गया अस्पताल

0

चमोली जिले में भालू के हमले की एक गंभीर घटना सामने आई है. नंदानगर क्षेत्र के एक गांव में भेड़ें चराने गए व्यक्ति पर अचानक भालू ने हमला कर दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया. हालत नाजुक होने पर उसे एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश स्थित एम्स में भर्ती कराया गया, जहां अब उसकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है.

उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार को भालू के हमले से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. यह घटना नंदानगर तहसील के खुनाना गांव की है, जहां सुबह के समय भेड़ें चराने गए एक ग्रामीण पर अचानक जंगली भालू ने हमला कर दिया. हमले में व्यक्ति को सिर और हाथों में गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे इलाज के लिए हवाई मार्ग से ऋषिकेश स्थित एम्स भेजा गया.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, खुनाना गांव निवासी 40 साल के केसर सिंह कठैत गुरुवार सुबह करीब 10 बजे गांव के पास एक स्कूल के नजदीक अपनी भेड़ों के झुंड के साथ मौजूद थे. इसी दौरान जंगल की ओर से अचानक एक भालू वहां आ गया और केसर सिंह पर हमला कर दिया. अप्रत्याशित हमले से वह संभल नहीं पाए और भालू ने उन्हें अपनी पकड़ में ले लिया.

खुनाना ग्राम पंचायत के प्रधान महावीर सिंह ने बताया कि भालू और केसर सिंह के बीच कुछ देर तक संघर्ष होता रहा. आत्मरक्षा के लिए केसर सिंह के पास मौजूद एक बड़े हंसिए की मदद से उन्होंने किसी तरह खुद को भालू की पकड़ से छुड़ाया. हालांकि, तब तक उन्हें सिर और हाथों में गहरी चोटें लग चुकी थीं और अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था.

घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और घायल केसर सिंह को प्राथमिक उपचार दिया गया. इसके बाद उन्हें गांव से नंदानगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर कर दिया. राज्य सरकार की मदद से केसर सिंह को एयरलिफ्ट कर एम्स, ऋषिकेश पहुंचाया गया. ग्राम प्रधान के अनुसार, एम्स में भर्ती होने के बाद उनकी हालत में सुधार है और वह खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं. डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है.

MP : पेट्रोल पंप पर तेल भरने वाले के लिए शिक्षक पति का कत्ल, आंगनबाड़ी वर्कर की ये कैसी प्रेम कहानी

0

मध्यप्रदेश के श्योपुर में पत्नी ने पेट्रोल पंप पर तेल भरने वाले प्रेमी के लिए शिक्षक पति की हत्या कर दी. पत्नी खुद आंगनबाड़ी वर्कर है. बताया जा रहा है वह रोज उसी पेट्रोल पंप से होकर गुजरती थी, जहां उसका प्रेमी काम करता था. पति दोनों के बीच में रोड़ा बन रहा था, इसीलिए दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी.

मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में एक शिक्षक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी, जो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है, ने अपने प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर पति की हत्या की और सबूत मिटाने के इरादे से शव को खाई में फेंक दिया. पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है.

यह मामला कराहल थाना क्षेत्र का है, जहां 27 दिसंबर 2025 को नोनपुरा घाटी में एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी. शुरुआती तौर पर इसे सड़क दुर्घटना माना गया था, लेकिन पुलिस की गहन जांच ने इस कथित हादसे को सुनियोजित हत्या में बदल दिया. 27 दिसंबर को कराहल थाना पुलिस को सूचना मिली कि नोनपुरा घाटी में मोड़ के पास ढलान पर एक व्यक्ति का शव पड़ा है. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान शिक्षक रमाकांत पाठक के रूप में की. शव के पास उनकी मोटरसाइकिल भी गिरी हुई थी, जिससे प्रथम दृष्टया मामला सड़क हादसे का प्रतीत हो रहा था. पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया और प्रारंभिक जांच शुरू की. हालांकि घटनास्थल की परिस्थितियां, चोटों का स्वरूप और बाइक की स्थिति को देखते हुए पुलिस को संदेह हुआ कि मामला सामान्य दुर्घटना नहीं है.

थाना प्रभारी यास्मीन खान के नेतृत्व में गठित टीम ने घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया. पुलिस को यह समझ में आया कि जिस तरह से शव और बाइक खाई में पड़े थे, वह किसी सामान्य सड़क हादसे से मेल नहीं खा रहा था. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया. मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, लोकेशन हिस्ट्री और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. जांच आगे बढ़ने पर पुलिस का ध्यान मृतक की पत्नी साधना शर्मा की ओर गया.

पुलिस ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता साधना शर्मा को पूछताछ के लिए बुलाया. प्रारंभ में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्य सामने रखे, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी. कड़ी पूछताछ के दौरान साधना ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और हत्या की साजिश का पूरा विवरण पुलिस को बताया.

पुलिस जांच में सामने आया कि साधना शर्मा का मनीष जाटव (24 वर्ष) नाम के युवक से प्रेम प्रसंग था. मनीष एक पेट्रोल पंप पर काम करता था, जो मृतक शिक्षक रमाकांत पाठक के घर के पास स्थित है. साधना रोजाना आंगनबाड़ी केंद्र जाने के लिए उसी रास्ते से गुजरती थी. इसी दौरान करीब डेढ़ साल पहले साधना और मनीष की पहचान हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई. समय के साथ साधना और मनीष के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं. इस दौरान रमाकांत पाठक को पत्नी के व्यवहार पर शक होने लगा था. वह इस रिश्ते का विरोध कर रहा था, जिससे साधना और मनीष के बीच तनाव बढ़ने लगा. इसी तनाव के चलते दोनों ने रमाकांत को रास्ते से हटाने की योजना बना ली.

पुलिस के अनुसार, साधना और मनीष ने करीब डेढ़ महीने पहले हत्या की साजिश रच ली थी. इस योजना में मनीष ने अपने दोस्त सतनाम को भी शामिल किया. योजना के तहत मनीष ने पहले रमाकांत से दोस्ती बढ़ाई. चूंकि रमाकांत अक्सर उसी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने आता था, इसलिए दोनों के बीच बातचीत होने लगी और मनीष ने उसका भरोसा जीत लिया. घटना वाले दिन मनीष और सतनाम ने रमाकांत को बाइक से घूमने चलने का प्रस्ताव दिया. रमाकांत बिना किसी संदेह के उनके साथ निकल गया. तीनों पहले पेट्रोल पंप पहुंचे, जहां रमाकांत की बाइक खड़ी की गई. इसके बाद तीनों एक कार में बैठकर नोनपुरा घाटी की ओर रवाना हुए. घाटी के सुनसान इलाके में पहुंचने के बाद मनीष और सतनाम ने मिलकर रमाकांत की हत्या कर दी.

हत्या के बाद दोनों आरोपी कार से वापस पेट्रोल पंप पहुंचे और रमाकांत की बाइक लेकर दोबारा घाटी पहुंचे. वहां उन्होंने शव और बाइक दोनों को खाई में नीचे फेंक दिया, ताकि यह मामला सड़क दुर्घटना प्रतीत हो. इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. पुलिस जांच में अहम सुराग सीसीटीवी फुटेज से मिला. पेट्रोल पंप और आसपास के इलाकों में लगे कैमरों में रमाकांत, मनीष और सतनाम को एक साथ देखा गया. इसके अलावा घटना के समय कार की आवाजाही भी कैमरों में कैद हुई थी. इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मनीष और सतनाम को हिरासत में लिया.

ENTERTAINMENT : ‘आपका तानसेन बेसुरा है’, यूजर ने किया ट्रोल, तो कपिल शर्मा ने दिया ये जवाब

कॉमेडियन कपिल शर्मा अपने रियलिटी शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ को लेकर चर्चाओं में बने रहते है. बीते एपिसोड में विश्व कप विनर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी और कोच अमोल मजूमदार नजर आए थे.कॉमेडियन और एक्टर कपिल शर्मा हमेशा ही सुर्खियों में रहते हैं. इसके अलावा अक्सर विवादों में भी उनका नाम आ ही जाता है. अब एक बार फिर कॉमेडियन सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स के निशाने पर आ गए. ये मामला भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच अमोल मजूमदार और एक्टर शाहरुख खान से जुड़ा हुआ है.

गौरतलब है कि कपिल शर्मा इन दिनों अपनी फिल्म किस किस को प्यार करूं 2 की रिलीज के बाद से अपने रियलिटी शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ के नए सीजन को लेकर चर्चाओं में बने हुए हैं. हाल ही में टेलीकास्ट हुए शो में विश्व कप विनर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी और कोच अमोल मजूमदार नजर आए थे.शो के दौरान कपिल शर्मा ने कोच अमोल मजूमदार की तारीफ करते हुए उनकी तुलना फिल्म ‘चक दे इंडिया’ के शाहरुख खान से कर दी. इस फिल्म में शाहरुख खान ने कोच कबीर खान का किरदार प्ले किया था, जो महिला हॉकी टीम को विश्व विजेता बनाता है.

एपिसोड में कपिल शर्मा, अमोल से पूछते हैं, ‘क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने के बाद बाहर आपको लोग सोशल मीडिया पर ‘चक दे इंडिया’ के शाहरुख खान बोल रहे हैं? आप भी बहुत हैंडसम हैं. क्या आपको शाहरुख जैसा महसूस होता है?’ इस पर कोच अमोल मुस्कुराते हुए जवाब देते हैं, ‘नहीं, ‘चक दे इंडिया’ जैसा नहीं लग रहा.’

एक यूजर ने कपिल के बयान पर आपत्ति जताते हुए पोस्ट किया, ‘कपिल शर्मा को पता होना चाहिए कि असली हीरो मीर रंजन नेगी थे, न कि फिल्मी हीरो कबीर खान. काश अमोल मजूमदार ने इस मसखरे की सच्चाई जान ली होती.’यूजर के इस बयान पर कपिल शर्मा ने जवाब दिया, ‘महोदय मैंने कबीर खान कब कहा? मैंने शाहरुख खान कहा था और वो भी मजाकिया अंदाज में जो आप कभी नहीं समझेंगे क्योंकि आपका तानसेन तो बेसुरा है. खैर नए साल की शुभकामनाएं. खुश रहें और खुशियां फैलाएं.’

वहीं इस ट्वीट के बाद कपिल शर्मा को कई लोगों का सपोर्ट मिला. एक यूजर ने लिखा, ‘कपिल भाई, आप खुशियां फैलाते हैं, ऐसे जोकरों को नजरअंदाज़ करें. इससे आपको कोई फायदा नहीं होगा, बस आप फालतू की बहस में फंस जाएंगे.’ इस पर कपिल ने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘मैं जानता हूं, मैं उस समय टॉयलेट में बैठा था. कुछ अलग से समय नहीं निकला मैंने इनको उत्तर देने के लिए. हाहाहा, आपको भी नया साल मुबारक हो सर.’

- Advertisement -