Friday, June 26, 2026
Home Blog Page 60

SPORTS : गुजरात टाइटंस ने RCB को 4 विकेट से हराया, गेंदबाजों पर बरसे गिल और बटलर

0

गुजरात ने टॉस जीतकर घातक गेंदबाजी करते हुए आरसीबी को 19.2 ओवर में महज 155 रन पर समेट दिया. फिर 15.5 ओवर में 6 विकेट खोकर 158 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया. आईपीएल के इस सीजन में आरसीबी की यह तीसरी हार है, तो गुजरात की यह पांचवीं जीत है.

गुजरात की ओर से कप्तान शुभमन गिल और जोस बटलर ने विस्फोटक पारी खेली. गिल ने 18 गेंदों का सामना किया, जिसमें 4 चौके और 3 छक्कों की मदद से 43 रन बनाए. जबकि जोस बटलर ने 19 गेंद पर 2 चौके और 4 छक्कों की मदद से 39 रन बनाए. जेसन होल्डर ने 10 गेंदों का सामना किया, एक छक्के की मदद से 12 रन बनाए. राहुल तेवतिया ने 27 रनों की नाबाद पारी खेली. उन्होंने 17 गेंदों का सामना किया और 4 चौके जमाए. राशिद खान एक चौके की मदद से 7 रन बनाकर नाबाद लौटे. 156 रन का पीछा करने उतरी गुजरात की शुरुआत अच्छी नहीं रही 42 रन के स्कोर पर साई सुदर्शन केवल 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. उसके बाद गिल भी, जब टीम को स्कोर 57 रन था, उस समय आउट हो गए.

गुजरात की ओर से अरशद खान ने 3.2 ओवर में 22 रन देकर 3 विकेट चटकाए. जबकि जेसन होल्डर और राशिद खान ने दो-दो विकेट लिए. मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा ने एक-एक विकेट अपने नाम किया.

आरसीबी के लिए देवदत्त पडीक्कल 40 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे जबकि विराट कोहली ने 28 और कप्तान रजत पाटीदार ने 19 रन का योगदान दिया. गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार ने 28 रन देकर 3 विकेट चटकाए. जबकि रोमारियो शेफर्ड ने दो और सुयश शर्मा ने एक विकेट लिए.

ENTERTAINMENT : शादी के 5 साल बाद पति तुषान भिंडी से अलग हुईं ‘ये जवानी है दीवानी’ फेम एवलिन शर्मा, बोलीं- हम मिलकर बच्चों…

‘ये जवानी है दीवानी’ फेम एवलिन शर्मा शादी के 5 साल बाद अपने पति तुषान भिंडी से अलग हो रही हैं. उन्होंने खुद इसका खुलासा किया है.

‘साहो’ और ‘यारियां’ जैसी फिल्मों में अपनी शानदार अदाकारी से दर्शकों का दिल जीत चुकी एक्ट्रेस एवलिन शर्मा अपनी लव लाइफ को लेकर चर्चा में आ गई हैं. दरअसल, एक्ट्रेस ने साल 2019 में इंडो-ऑस्ट्रेलियन डेंटल सर्जन तुषान भिंडी से सगाई की थी. इसके बाद साल 2021 में दोनों ने शादी रचाई. अब शादी के 5 साल बाद एवलिन शर्मा अपने पति तुषान भिंडी से अलग हो रही हैं. उन्होंने खुद इस बात का खुलासा किया है.

एवलिन शर्मा ने शादी के 5 साल बाद तुषान भिंडी से तलाक लेने का फैसला लिया है. हालांकि, दोनों साथ में अपने बच्चों की परवरिश करने वाले हैं.

इंटरव्यू में एवलिन ने कहा, ‘हां, हमने अपने रिश्ते को खत्म करके अलग होने का फैसला किया है, लेकिन हम अपने बच्चों की परवरिश मिलकर करने पर पूरी तरह से ध्यान दे रहे हैं. हम उम्मीद करते हैं कि हमारी प्राइवेसी का सम्मान किया जाएगा.’

‘ये जवानी है दीवानी’ फेम एवलिन शर्मा ने आगे कहा, ‘हम आपको यकीन दिलाते हैं कि ये अलगाव जितना हो सकता है, उतना शांति और आपसी सहमति से हो रहा है. हम अपने जीवन के इस नए पड़ाव को अपनी पुरानी दोस्ती और मिलकर बच्चों की परवरिश करने के आधार पर आगे बढ़ा रहे हैं.’ एवलिन शर्मा के इस फैसले ने यकीनन उनके फैंस का दिल तोड़ दिया है.

बता दें कि एवलिन शर्मा ने साल 2019 में इंडो-ऑस्ट्रेलियन डेंटल सर्जन तुषान भिंडी से सगाई की थी. इसके बाद दोनों 2021 में शादी के बंधन में बंधे. इस कपल के दो बच्चे हैं. अब शादी के 5 साल बाद दोनों की राह अलग हो गई है. बता दें कि एवलिन शर्मा को आखिरी 2019 में फिल्म ‘साहो’ में देखा गया था. इसके अलावा वो वरुण धवन की फिल्म ‘मैं तेरा हीरो’ में नजर आ चुकी हैं.

WORLD : ट्रंप का दावा- ईरान समझौता करने को बेताब; भारत-PAK संघर्ष और नोबेल पुरस्कार पर कही ये बात

पश्चिम एशिया संकट पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि ईरान समझौते के लिए बेताब है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इस्राइल के युद्ध को लेकर कहा कि सैन्य अभियान के बावजूद, मैं इसे जंग नहीं कहता हूं। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना, वायु सेना और लगभग हर तरह का हथियार नष्ट हो चुका है.

अमेरिका राष्ट्रपति ने दावा करते हुए कहा, ”ईरान के ड्रोन कारखाने लगभग 82% ठप हो चुके हैं। वे समझौता करना चाहते हैं। हमने उनकी परमाणु क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। इसलिए उन्हें परमाणु बम नहीं मिला।”
विज्ञापन

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए मोजतबा खामेनेई के शासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “ईरानी शासन ने 42,000 लोगों को मार डाला। मैं किसी न किसी तरह से उस देश को बचाने की कोशिश कर रहा हूं। यह एक क्रूर समूह है, लेकिन हमने उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। उनकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है, इसलिए हम देखेंगे कि वे कब तक टिक पाते हैं।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर से भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाने के अपने दावे को दोहराया। उन्होंने कहा, “मैंने आठ युद्धों का निपटारा किया। लगभग हर मामले में उन्होंने मुझे धन्यवाद पत्र भेजे और नोबेल समिति को भी पत्र लिखे। भारत के मामले में, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा- मैंने तीन से पांच करोड़ लोगों की जान बचाई। लेकिन यह संख्या इससे भी अधिक हो सकती थी।”

उन्होंने कहा, “दो परमाणु शक्ति संपन्न देश आपस में लड़ रहे थे। 11 विमानों को मार गिराया गया। मैंने इसे टैरिफ लगाकर सुलझाया। मैंने कहा, अगर आप लड़ते रहे तो मैं आप पर टैरिफ लगाऊंगा।” गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदल दिया है। उन्होंने इसका नाम बदलकर अपने नाम पर करते हुए इसे ट्रंप जलडमरूमध्य बताया है।

WORLD : ईरान बोला-होर्मुज से भारतीय जहाजों के गुजरने पर रोक नहीं:10 हजार भारतीयों की सुरक्षा प्राथमिकता, चाबहार रेलवे लाइन का 90% काम पूरा

Gभारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहाली ने कहा है कि संघर्ष के बावजूद ईरान होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही तय कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सहित सभी दोस्त देशों के जहाजों पर किसी तरह की रोक नहीं है।एक इंटरव्यू में फतहाली ने कहा कि जो देश ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल की कार्रवाई में शामिल नहीं हैं, उनके जहाज सामान्य तरीके से होर्मुज से गुजर सकते हैं। कई भारतीय जहाज इस रास्ते से गुजर भी चुके हैं।

उन्होंने चाबहार पोर्ट को रीजनल कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद अहम बताते हुए कहा कि यह परियोजना लगातार आगे बढ़ रही है और कभी रुकी नहीं है। फतहाली के मुताबिक चाबहार-जोहेदान रेलवे लाइन का लगभग 90% काम पूरा हो चुका है और जल्द ही रेल लाइन बिछाने का काम खत्म हो जाएगा।फतहाली ने यह भी कहा कि ईरान में रहने वाले करीब 10 हजार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तय करना सरकार की प्राथमिकता है। ईरान भारतीयों और अपने नागरिकों में कोई भेदभाव नहीं करता है।

NATIONAL : महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य से बवाल, नेता ने दी धमकी- ‘सड़क पर पीटेंगे’

0

मराठी भाषा को अनिवार्य करने का यह मुद्दा अब महाराष्ट्र की राजनीति का बड़ा केंद्र बन गया है. आने वाले दिनों में इस पर सियासत और तेज होने की संभावना है, जबकि सरकार के सामने संतुलन बनाए रखने और कानून-व्यवस्था को संभालने की चुनौती बनी हुई है.

महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है.MNS नेता अमित ठाकरे ने चेतावनी देते हुए कहा कि मराठी लोगों को परेशानी हुई तो सड़कों पर कार्रवाई करेंगे.विपक्षी दलों ने इस फैसले को क्षेत्रवाद बढ़ावा देने वाला और समाज में विभाजन पैदा करने वाला बताया है.

महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के राज्य सरकार के फैसले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. यह मुद्दा अब सिर्फ परिवहन व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भाषा, क्षेत्रीय पहचान और रोज़गार से जुड़ी बड़ी राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का कहना है कि 1 मई से सभी लाइसेंसधारी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य किया गया है. ड्राइवरों को राज्य के 59 क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) में जांच के दौरान मराठी पढ़ना और लिखना आना चाहिए, नहीं तो उनका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है.

सरकार के इस फैसले को (MNS) ने खुलकर समर्थन दिया है. वहीं पार्टी नेता के एक बयान ने विवाद को और भड़का दिया है. अमित ठाकरे ने गैर-मराठी रिक्शा चालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आंदोलन के दौरान किसी मराठी व्यक्ति को परेशानी हुई, तो “सड़कों पर पीटेंगे.” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है. विपक्षी दलों ने इसे उकसाने वाला बयान बताते हुए सरकार और MNS पर निशाना साधा है.

अमित ठाकरे ने कहा कि सरकार द्वारा लिया गया फैसला पूरी तरह सही है और इससे किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी. उन्होंने हड़ताल की चेतावनी देने वालों को भी चुनौती देते हुए कहा कि “जिन्हें हड़ताल पर जाना है, वे जाएं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा.” उन्होंने यह भी कहा कि मराठी रिक्शा चालक सक्षम हैं और जरूरत पड़ने पर वे देर रात तक सेवा देंगे, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो.

इस पूरे मुद्दे पर MNS प्रमुख की पुरानी “मराठी मानुस” की राजनीति भी फिर चर्चा में आ गई है. पार्टी लंबे समय से स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग करती रही है.

अमित ठाकरे ने अपने बयान में कहा कि मराठी लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और जो लोग मराठी भाषा जानते हैं, उन्हें भी आगे रखा जाना चाहिए. वहीं जो लोग मराठी सीखने से इनकार करते हैं, उन्हें प्राथमिकता नहीं दी जानी चाहिए.

दूसरी ओर, उत्तर भारतीय नेताओं और कई विपक्षी दलों ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है. उनका आरोप है कि यह कदम क्षेत्रवाद को बढ़ावा देता है और इससे समाज में विभाजन पैदा हो सकता है. साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि इससे हजारों गैर-मराठी चालकों की रोज़ी-रोटी पर असर पड़ेगा.

जमीनी स्तर पर भी इस विवाद का असर देखने को मिल रहा है. मुंबई और आसपास के इलाकों से MNS कार्यकर्ताओं और कुछ रिक्शा चालकों के बीच झड़प और नोकझोंक की खबरें सामने आई हैं. कई स्थानों पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा है.

सरकार का कहना है कि यह निर्णय यात्रियों की सुविधा और स्थानीय भाषा में बेहतर संवाद के उद्देश्य से लिया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, मराठी भाषा का ज्ञान सेवा क्षेत्र में संवाद को आसान बनाता है और यह किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए है.

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी राज्य में स्थानीय भाषा को बढ़ावा देना गलत नहीं है, लेकिन इसे अनिवार्य बनाने और उससे जुड़े विवादित बयानों से कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है.

कुल मिलाकर, मराठी भाषा को अनिवार्य करने का यह मुद्दा अब महाराष्ट्र की राजनीति का बड़ा केंद्र बन गया है. आने वाले दिनों में इस पर सियासत और तेज होने की संभावना है, जबकि सरकार के सामने संतुलन बनाए रखने और कानून-व्यवस्था को संभालने की चुनौती बनी हुई है.

NATIONAL : ‘वो BJP जॉइन करने के बार में सोच सकते हैं’ मदन राठौड़ ने सचिन पायलट की तारीफ कर दे दिया ऑफर

0

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर सचिन पायलट को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पायलट की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें ऑफर दे दिया।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राजस्थान अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस नेता सचिन पायलट की बहुयामी प्रतिभा का धनी बताते हुए बड़ा ऑफर दे दिया। मदन राठौड़ ने सचिन पालयट की तारीफ करते हुए कहा कि सचिन पायलट समझदार, बुद्धिमान नेता हैं, वो बीजेपी जॉइन करने के बारे में सोच सकते हैं।

बीजेपी दफ्तर में मीडिया से बात करते हुए मदन राठौड़ ने क्लियर किया कि सचिन पायलट को लेकर बीजेपी कोई सीक्रेट अभियान नहीं चला रही है। लेकिन सचिन पायलट से कांग्रेस के नेताओं ने ही दूरी बना रखी है। सचिन पायलट देश काल परिस्थिति को समझने वाले नेता हैं। उनमें राष्ट्र भक्ति का भाव है। कांग्रेस में रहते हुए उनकी आत्मा झकझोर रही होगी। ऐसे में अगर पायलट साहब खुद बीजेपी में आने का फैसला करते है तो हम उनका स्वागत करेंगे।

उन्होंने कहा कि हम भाजपा में हर उस व्यक्ति का स्वागत करेंगे, जिनमें राष्ट्र भक्ति का भाव है।

बीजेपी के दरवाजे हर उस नेता के लिए हमेशा से खुले हैं, जिसमें राष्ट्रभक्ति की भावना है, वो देश की प्रगति के लिए कुछ करना चाहता है।
मदन राठौड़, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, राजस्थान

वहीं कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मदन राठौड़ ने आरोप लगाते हुए कहा कि ‘कांग्रेस नेतृत्व में देशभक्ति का भाव नहीं है। इसलिए वहां से अच्छे और ईमानदार नेता पार्टी छोड़कर चले गए हैं। राष्ट्रवादी विचारधारा वाले नेताओं का कांग्रेस में मोहभंग हो रहा है।’

हाल ही में राजस्थान भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल की ओर से पायलट को ‘बहुरूपिया’ कहे जाने पर मदन राठौड़ ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि राधा मोहन दास अग्रवाल का मकसद अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि पायलट बहुमुखी प्रतिभा के धनी और सौम्य छवि वाले नेता हैं। अशोक गहलोत की ओर से अपमानित किए जाने पर जनता ने उनका ‘रौद्र रूप’ भी देखा है। मदन राठौड़ ने कहा कि अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश के अंदाज में भावावेश में बात कही थी, उनकी मंशा गलत नहीं थी।

NATIONAL : खराब मौसम से जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज डूबा, छह लोगों की मौत, दस से ज्यादा की तलाश जारी

0

जबलपुर के बरगी डैम में बड़ा हादसा सामने आया है। यहां चल रहा क्रूज डूब गया है। अब तक छह लोगों की मौत की जानकारी सामने आ रही है। चार के शव निकाले जा चुके हैं। बता दें कि गुरुवार शाम को तेज आंधी चल रही थी, इसी की वजह से हादसा होना बताया जा रहा है।

मध्यप्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम पर गुरुवार शाम तेज आंधी और तूफान के बीच पर्यटकों से भरा एक क्रूज हादसे का शिकार हो गया। खमरिया टापू के पास संतुलन बिगड़ने से क्रूज डूब गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इसमें 35 से अधिक लोग सवार थे। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। चार लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। करीब 15 लोग सुरक्षित बचाए गए हैं, वहीं 10 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। विभाग की जानकारी के मुताबिक, बरगी बांध में क्रूज में कुल 29 यात्रियों के टिकट जारी किए गए थे।

बताया जा रहा है कि पर्यटन विभाग के द्वारा संचालित क्रूज में 35 से अधिक लोग सवार थे। ये लोग क्रूज का लुत्फ ले रहे थे, तभी मौसम बदल गया। शाम करीब 6 बजे तेज आंधी से क्रूज का नियंत्रण बिगड़ गया और वो डूबने लगा। लोगों की चीख-पुकार मच गई। लोग डूबने लगे। जो लोग तैरना जानते थे, वे तैरते हुए मदद मांग रहे थे। खबर मिलते ही मदद के लिए एक वोट भेजी गई। उसमें 15 लोगों को तुरंत बचा लिया गया। बचाव दल ने चार शव बरामद कर लिए हैं, उनकी शिनाख्ति के प्रयास जारी हैं। वहीं 10 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक छह लोगों की मौत हो चुकी है।

सूचना मिलते ही बरगी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ की टीम ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कुछ लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे की वजह अचानक आया तेज तूफान बताया जा रहा है, जिससे क्रूज असंतुलित हो गया। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सीएसपी बरगी जबलपुर अंजुल अयंक मिश्रा ने चार शव निकाले जाने की पुष्टि की है। जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के मुताबिक, खोज और बचाव अभियान जारी है।

मृतकों की जानकारी
क्र. नाम पिता/पति का नाम उम्र लिंग टिप्पणी
1 नीतू सोनी कृष्णा सोनी 43 महिला —
2 सोभाग्यम अलागन परिमल अलागन 42 महिला —
3 मधु मसी ज्यूलियस मसी 62 महिला दिल्ली
4 काकुलाझी कामराज 38 महिला खमरिया

पर्यटन विभाग निगम के अधिकारी संजय मल्होत्रा ने बताया कि 29 यात्रियों के टिकट जारी किए गए थे। सभी यात्रियों को लाइफ सेविंग जैकेट दिए गए थे। मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण घटना घटित हुई है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शाम को तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण कम दबाव का क्षेत्र निर्मित हो गया था। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ की सक्रिय है। राजस्थान तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी हवा के कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ था। जिसके कारण शाम लगभग 6 बजे मौसम में बदलाव आने के कारण बाहरी क्षेत्र में हवा की गति 60 से 65 किलोमीटर तथा शहरी क्षेत्र में हवा 30 से 35 किलोमीटर की रफ्तार से बह रही थी।

हादसे में बचे यात्री ज्यूलियस ने बताया कि वह अपनी पत्नी,बेटी,दामाद तथा नातिन व नाती के साथ क्रूज में सवार था। क्रूज यात्रा के दौरान सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं रखा गया था। जब क्रूज डूबने लगा तब यात्रियों को लाइफ सेविंग जैकेट दी गई। क्रूज के डूबने से पहने कई यात्री जैकेट तक नहीं पहन पाए थे। इस हादसे में उनकी पत्नी की मौत हो गई। बेटी व चार वर्षीय नाती लापता है। वह तथा दामाद व नातिन सुरक्षित हैं। घटना होने पर तत्काल कोई रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ नहीं हुआ था। क्षेत्रीय लोगों ने मदद करते हुए रस्सी फेंक कर उन सहित अन्य क्रूज यात्रियों को बाहर निकाला।

प्रशासन ने जारी की लापता लोगों की सूची
क्र. नाम पिता/पति का नाम उम्र
1 तमिल कामराज 5
2 विराज सोनी — 6
3 मयूरम — 9
4 आर.एच. सैय्यद — —
5 रेशमा सैय्यद — 66
6 पनूम थापा — 7
7 समीम जफर — —
8 ज्योति श्रीवास मनोज श्रीवास 34

14 वर्षीय बच्चे ने तैरकर बचाई जान
क्रूज के डूबने पर उसके सवार 14 वर्षीय बच्चा जफर अली जान बचाने के लिए नदी में कूद गया। जफर तेज बहाव में तैरते हुए किनारे आ गया और वह पूरी तरह से सुरक्षित है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी घटना की गंभीरता को देखते हुए मंत्रियों-अफसरों को मौके पर भेजा है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि आज जबलपुर में तेज आंधी-तूफान के कारण बरगी डैम में हुए दुखद क्रूज हादसे को लेकर स्थानीय प्रशासन एवं रेस्क्यू फोर्स का ऑपरेशन लगातार जारी है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह जी, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी जी, संभाग प्रभारी एसीएस, एडीजी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। त्वरित बचाव कार्य से 15 नागरिकों को सकुशल बचा लिया गया है। जो लापता हैं, उन्हें जल्द से जल्द ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूर्ण संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है। इस हादसे में जो जनहानि हुई है, वह अत्यंत पीड़ादायक है। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मृतकों के परिवारजनों को राज्य शासन की ओर से ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री राकेश सिंह ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल लोगों को निकालना प्राथमिकता है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि जबलपुर के बरगी डैम में खमरिया टापू के पास पर्यटकों से भरे क्रूज के डूबने की अत्यंत दु:खद सूचना मिली है। कलेक्टर समेत स्थानीय प्रशासन से चर्चा कर राहत और बचाव कार्य संबंधी आवश्यक निर्देश दिए हैं। मैं स्वयं भी नई दिल्ली से जबलपुर एयरपोर्ट पहुंचते ही घटना स्थल के लिए रवाना हो चुका हूं। एसडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मौके पर पहुंच चुकी है। इस मुश्किल घड़ी में हम सभी प्रभावित परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज डूबने की घटना बेहद पीड़ादायक है। हादसे में कई लोगों के हताहत होने की खबर है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें। प्रशासन से अपील है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाई जाए और लापता लोगों को जल्द सुरक्षित निकालने के हरसंभव प्रयास किए जाएं।प्रशासन को मजिस्ट्रेट इंक्वायरी का आदेश देना चाहिए और क्रूज के ठेकेदार पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

BUSINESS : कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 993 रुपये का इजाफा, अब 3071 रुपये चुकाने होंगे

चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश का चुनाव खत्म होते ही कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में इजाफा हुआ है। सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी ANI ने जानकारी दी है कि शुक्रवार से कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 993 रुपये का इजाफा होने जा रहा है।अब राजधानी नई दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़कर 3071.50 रुपये हो जाएंगी। हालांकि अच्छी बात यह है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।

कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 993 रुपये का इजाफा होने का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा। इससे खाने-पीने की चीजें महंगी होने की आशंका है। अगर ऐसा होता है तो आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

ईरान और अमेरिका के बीच इस समय संघर्ष विराम चल रहा है लेकिन हॉर्मुज जलमार्ग अभी भी बंद है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बढ़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। ईरान युद्ध के बाद से बेहद सीमित मात्रा में एलपीजी और तेल टैंकर खाड़ी देशों से भारत आ पाए हैं, ऐसे में यह आशंका जताई जा रही थी कि आने वाले दिनों तेल और गैस के दाम में भारी इजाफा हो सकता है।

दुनिया के कई देशों में ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी हुई है। पाकिस्तान में तो पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। बीते गुरुवार को भी पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम में इजाफा किया है। भारत अभी तक इससे बचा हुआ है।

29 अप्रैल को आई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर क्रमशः 14 रुपये एवं 18 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल के अलावा रसोई गैस (एलपीजी) पर भी भारी ‘अंडर-रिकवरी’ यानी नुकसान होने की आशंका है। यह नुकसान वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 80,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

ईरान युद्ध के प्रकोप से ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने के बाद से, खुर्जा में अधिकांश मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारखाने गैस आपूर्ति की कमी और ईंधन की बढ़ती लागत के कारण अपने संयंत्रों को चलाने में असमर्थ रहे हैं। कुछ श्रमिकों ने भी काम छोड़कर जाना शुरू कर दिया है।

BUSINESS : सुधारों के दम पर 90 अरब डॉलर के पार पहुंचेगा एफडीआई, तेज आर्थिक वृद्धि से विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत

भारत में एफडीआई 2025-26 में 90 अरब डॉलर के पार पहुंचने की संभावना है। डीपीआईआईटी के अनुसार, नीतिगत सुधारों और तेज आर्थिक वृद्धि से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 90 अरब डॉलर के पार पहुंच सकता है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने कहा, अप्रैल, 2025 से फरवरी, 2026 के दौरान देश में कुल 88 अरब डॉलर से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है। इससे पूरे वित्त वर्ष के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। इस अवधि में देश में शुद्ध एफडीआई बढ़कर 6.26 अरब डॉलर हो गया है, जबकि 2024-25 में यह 80.61 अरब डॉलर था। भाटिया ने कहा, सरकार की ओर से निवेश आकर्षित करने के लिए किए गए नीतिगत सुधारों, विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों और तेज आर्थिक वृद्धि ने भारत पर विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। इन कारकों के चलते भारत वैश्विक निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में उभरा है।

राष्ट्रीय निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट इंडिया ने 2025-26 में 6.1 अरब डॉलर से अधिक के 60 प्रोजेक्ट हासिल करने में मदद की है। ये निवेश 14 राज्यों में फैले हैं और इससे 31,000 से ज्यादा रोजगार सृजन की संभावना है। कुल निवेश का करीब 42 फीसदी यूरोपीय देशों से आया है, जबकि अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया से भी निवेश बढ़ा है। 
विज्ञापन

सरकार चीनी कंपनियों में 10 फीसदी तक हिस्सेदारी रखने वाली विदेशी कंपनियों के लिए एफडीआई नियमों में ढील से जुड़े फैसले को जल्द अधिसूचित करेगी। अधिसूचना विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत जारी होगी। सरकार ने मार्च में प्रेस नोट-3 (2020) में संशोधन को मंजूरी दी थी। हालांकि, यह छूट चीन, हांगकांग या भारत से सटे अन्य देशों में पंजीकृत कंपनियों पर लागू नहीं होगी।

HEALTH TIPS : हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए यह फल सबसे अच्छा है, जानें इसके फायदे

आप सुबह खाली पेट कई फल खा सकते हैं। लेकिन फलों को खाली पेट बहुत सोच-समझकर खाना चाहिए। जबकि कुछ फलों को खाली पेट खाने से बचने की सलाह दी जाती है।

आमतौर पर सुबह खाली पेट फल खाने को लेकर काफी कंफ्यूजन रहता है, लेकिन दूध और पके केले का कॉम्बिनेशन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है। यह खासकर हाई ब्लड प्रेशर (High BP) की समस्या से परेशान लोगों के लिए एक बेहतरीन डाइट है।

केला और दूध सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन क्यों है?

केला पोषक तत्वों का खजाना है जो पूरे साल मिलता है। जब इसे दूध के साथ लिया जाता है, तो इसके फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं:

ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है: केले में काफी पोटैशियम होता है, जो ब्लड प्रेशर को बैलेंस करने में अहम भूमिका निभाता है।

पोषक तत्वों से भरपूर: केले से विटामिन B6 और C मिलता है, जबकि दूध से कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस और जिंक जैसे जरूरी मिनरल मिलते हैं।

दिन भर एनर्जी: नाश्ते में यह मिक्सचर लेने से शरीर में ग्लूकोज लेवल बना रहता है, जिससे आप पूरे दिन एनर्जेटिक महसूस करते हैं।

खास हेल्थ बेनिफिट्स

वजन बढ़ाने में मदद करता है:

अगर आप कम वजन या कमजोरी से परेशान हैं, तो दूध और केले का ‘बनाना शेक’ रामबाण इलाज है। इसमें मौजूद हाई कैलोरी हेल्दी तरीके से वजन बढ़ाने में मदद करती है।

हड्डियों की मजबूती:

दूध में मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। यह डाइट बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों के दर्द और हड्डियों की कमजोरी को रोकने के लिए सबसे अच्छी है।

मेटाबॉलिज्म और डाइजेशन:

केले हल्के होते हैं और डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए फायदेमंद होते हैं। यह मिक्सचर मेटाबॉलिक रेट को बेहतर बनाता है, जिससे खाना आसानी से पच जाता है और पेट की छोटी-मोटी दिक्कतों से बचा जा सकता है।

- Advertisement -

News of the Day