Friday, June 26, 2026
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HEALTH : गर्मियों में हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है, जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

गर्मियों की बढ़ती गर्मी में हीटस्ट्रोक जानलेवा भी हो सकता है। विशेषज्ञों से जानें हीटस्ट्रोक के गंभीर लक्षणों, इससे बचाव के घरेलू उपायों और सेहत के लिए सबसे अच्छे पेय पदार्थों के बारे में।

पूरे देश में गर्मियों का पारा लगातार चढ़ रहा है। चिलचिलाती गर्मी और लू न केवल बेचैनी पैदा करती है, बल्कि यह ‘हीटस्ट्रोक’ (लू लगना) जैसी जानलेवा स्थिति का कारण भी बन सकती है। हीटस्ट्रोक का हमला तब होता है जब शरीर की तापमान नियंत्रित करने की क्षमता कमजोर पड़ जाती है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) वाले लोगों को इस दौरान बेहद सावधान रहने की आवश्यकता है।

एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने बताया कि गर्मियों में हीटस्ट्रोक के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। यदि शरीर में ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए। शरीर का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है और त्वचा सूखी व गर्म हो जाती है। भ्रम की स्थिति महसूस होना, बोलने में कठिनाई होना या बेहोश हो जाना। लगातार सिरदर्द, चक्कर आना, जी मिचलाना या उल्टी होना। दिल की धड़कन तेज होना और सांस लेने में कठिनाई होना। इसके अलावा, यदि गर्मी के बावजूद पसीना आना बंद हो जाए, तो यह गंभीर हीटस्ट्रोक का संकेत है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में हीटस्ट्रोक और लू से बचने के लिए शरीर को ठंडा रखना आवश्यक है। इसे नजरअंदाज करने से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसीलिए, दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब गर्मी अपने चरम पर होती है, सीधे धूप में निकलने से बचें। यदि निकलना ही पड़े, तो अपने सिर को ढककर रखें। शरीर में खनिजों (minerals) का स्तर बनाए रखने के लिए केवल पानी ही नहीं, बल्कि छाछ, नींबू पानी और नारियल पानी जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थों का भी सेवन करें। हल्के रंग के और ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें, जिनसे हवा का आवागमन (air circulation) बना रहे। लंबे समय तक भूखे न रहें। हल्का और ताज़ा भोजन करें। कैफीन (चाय-कॉफी) और शराब से दूर रहें, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी (dehydration) पैदा करते हैं।

गर्मियों में शरीर द्वारा दिए गए छोटे से छोटे संकेत को भी नजरअंदाज न करें। यदि आपको अचानक कमजोरी या मांसपेशियों में ऐंठन महसूस हो, तो तुरंत किसी ठंडी और हवादार जगह पर आराम करें और चिकित्सकीय सलाह लें। सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। कभी-कभी, शरीर में पानी और खनिजों की कमी भी इस समस्या को और अधिक बढ़ा देती है। विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को अत्यधिक गर्मी में हीटस्ट्रोक और लू से बचने के लिए ये सावधानियां अवश्य बरतनी चाहिए।

DELHI : दिल्ली में डिजिटल जनगणना का पहला चरण आज से, 33 सवालों के जरिये जुटाई जाएगी पूरी जानकारी

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दिल्ली में आज से जनगणना का पहला चरण शुरू हो रहा है और इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। खास बात ये है कि इसमें आरडब्ल्यूए को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, जो लोगों को स्व-गणना में मदद करेंगे। पहले चरण में घरों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जिसके लिए हर वार्ड में स्व-गणना कैंप लगाए जाएंगे।

उत्तर-पूर्वी जिले के डीएम कार्यालय में इस संबंध में बृहस्पतिवार को बैठक हुई, जिसमें शाहदरा की एसडीएम रीता कौशिक और विभिन्न इलाकों के आरडब्ल्यूए पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में स्व-गणना की प्रक्रिया, जागरूकता और लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई। ये स्व-गणना प्रक्रिया 1 मई से 15 मई तक चलेगी। इसके बाद अधिकारी घर-घर जाकर भरी गई जानकारी की जांच करेंगे, ताकि कोई गलती न रह जाए। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इन कैंपों में आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लोगों को फॉर्म भरने और सवालों के जवाब देने में मदद करेंगे। मौके पर चार्ज ऑफिसर और ट्रेनिंग ले चुके फील्ड ट्रेनर भी मौजूद रहेंगे, ताकि परेशानी न हो।

डिजिटल जनगणना में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें मकान से जुड़े सात सवाल होंगे, जैसे घर की दीवार और फर्श किस चीज से बने हैं। परिवार से जुड़े आठ सवाल होंगे, जिनमें सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम और रहने के कमरों की जानकारी शामिल है।

9 सवाल बुनियादी सुविधाओं से जुड़े होंगे, जैसे पीने का पानी, बिजली और खाना बनाने के ईंधन का प्रकार। डिजिटल सुविधाओं पर पांच सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें इंटरनेट और डिजिटल डिवाइस की जानकारी शामिल होगी। 4 सवाल वाहन और अन्य जरूरी जानकारी से जुड़े होंगे।

लोगों को जागरूक करने के लिए गली-गली मुनादी की जाएगी और नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों में पीटीएम के जरिये भी अभिभावकों को जनगणना के बारे में बताया जाएगा, ताकि वे घर पर सही जानकारी भर सकें और किसी तरह की दिक्कत न हो।

गर्मी देखते हुए प्रशासन ने तय किया है कि दोपहर के समय फील्ड विजिट नहीं होगी। इस दौरान जनगणना कर्मियों को आराम दिया जाएगा और लोगों को भी परेशान नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल जनगणना से प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी। साथ ही, इससे भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक डेटा मिलेगा, जिससे शहर के विकास में मदद मिलेगी।

बैठक में शामिल राम नगर विस्तार के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष लोकेश पांचाल, राम नगर आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दीपक शर्मा, महासचिव देवेंद्र पाल शर्मा, जगजीवन नगर के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सीताराम निम्मी, जगतपुरी आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष राजीव शर्मा, नईम खान, जाकिर हुसैन, बाल किशन गुप्ता, संजीव किसान, वरुण अग्रवाल और यश पाल शर्मा समेत अन्य लोगों ने कहा कि वह पूरी ईमानदारी के साथ प्रशासन के इस काम में सहयोग करेंगे। ताकि समय पर स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी हो सके।

NATIONAL : क्या कहते हैं नए एग्जिट पोल्स?: बंगाल में सत्ता से बाहर हो सकती हैं ममता, असम के 12वें पोल में भी भाजपा

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चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के रणक्षेत्र में मतदान की आहुति पड़ने के बाद अब एग्जिट पोल के आंकड़ों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। पश्चिम बंगाल में 93% अभूतपूर्व मतदान ने दीदी के गढ़ में सेंधमारी और भाजपा के उभार के बीच ऐसी लकीर खींची है कि मुकाबला अब नाक की लड़ाई बन चुका है। जहां असम में हिमंत बिस्वा सरमा का विजय रथ बेरोकटोक दौड़ता दिख रहा है, वहीं केरल और तमिलनाडु के सर्वेक्षणों ने सत्ता की चूलें हिला दी हैं। कहीं वामपंथ का ढहने का अनुमान है तो कहीं फिल्मी पर्दे से राजनीति के मैदान में उतरे ‘विजय’ का जादू डीएमके के समीकरण बिगाड़ रहा है। इन तमाम अनुमानों के बीच अब सबकी निगाहें चार मई की तारीख पर जमी हैं, जब ईवीएम से निकलने वाला जनादेश यह तय करेगा कि जनता ने काम पर मुहर लगाई है या बदलाव का परचम बुलंद किया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान हुए हैं। कई सर्वे एजेंसियों ने अपने एग्जिट पोल के अनुमान जारी कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या तृणमूल कांग्रेस इस बार भी सत्ता को बनाए रखने में कामयाब हो पाएगी या भाजपा पहली बार भद्रलोक कहे जाने वाले बंगाल में अपने दम पर राजनीतिक पैठ बनाने में सफल रहेगी। 2021 के चुनाव में अनुमानों के उलट नतीजे आए थे। ममता बनर्जी बीते 15 वर्ष से बंगाल में मुख्यमंत्री हैं। खेला होबे जैसे चुनावी नारे के साथ भाजपा को पटखनी देने वाली सीएम ममता और उनके प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य कैसा है?

पांच साल के बाद 2026 चुनाव में किस्मत आजमा रहे प्रत्याशियों और दलों की क्या स्थिति रहेगी? ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के राजनीतिक चिह्न जोड़ा फूल के मुकाबले भाजपा के चुनावी निशान कमल में कौन कितना दमदार है? इतिहास में हुई सर्वाधिक वोटिंग के बाद सर्वे एजेंसियों राज्य की जनता का मिजाज कैसा है? क्या बंगाल की जनता बदलाव का मूड बना चुकी है?


पश्चिम बंगाल की सियासत में बड़े उलटफेर के संकेत दिए हैं। सर्वे ने भारतीय जनता पार्टी को 48% के भारी-भरकम वोट शेयर के साथ सबसे बड़ी शक्ति के रूप में उभरते हुए दिखाया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के लिए यह रुझान चिंताजनक है, क्योंकि पार्टी 38% मतों के साथ भाजपा से करीब 10 प्रतिशत पीछे नजर आ रही है। राज्य में हुए रिकॉर्डतोड़ 92.93% मतदान के बाद आए इन आंकड़ों ने राजनीतिक गलियारों में परिवर्तन की सुनामी की चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि इतना बड़ा वोट गैप सीटों के समीकरण में भाजपा को बहुमत के आंकड़े 148 से कहीं आगे ले जा सकता है।

अगर सीटों की बात करें तो सर्वे में 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 192 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत मिलने का अनुमान जताया है। सर्वेक्षण के आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि राज्य में हुए रिकॉर्डतोड़ 93% मतदान ने परिवर्तन की ऐसी लहर पैदा की, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस महज 100 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। यदि 4 मई के परिणाम इन अनुमानों के अनुरूप रहते हैं, तो यह न केवल बंगाल में टीएमसी के एक दशक से अधिक पुराने शासन का अंत होगा, बल्कि भारतीय राजनीति के इतिहास में भाजपा की सबसे बड़ी वैचारिक और चुनावी जीत के रूप में दर्ज किया जाएगा।

असम विधानसभा चुनाव 2026 में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा गठबंधन ऐतिहासिक जीत की ओर अग्रसर है। सीट प्रोजेक्शन के मुताबिक, 126 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा+ को 102 सीटें मिलने का अनुमान है, जो दो-तिहाई बहुमत से कहीं अधिक है। हालांकि, इसमें 9 सीटें आगे पीछे हो सकती है। वहीं, कांग्रेस नीत गठबंधन महज 23 सीटों पर सिमटता नजर आ रहा है। इसमें भी 9 सीटें आगे पीछे हो सकता है। यह आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि राज्य की जनता ने विकास और सुरक्षा के मुद्दे पर एक बार फिर एनडीए पर भरोसा जताया है, जिससे विपक्ष का पूरी तरह सूपड़ा साफ होने की उम्मीद है।

पोल मंत्रा के एग्जिट पोल ने केरल की राजनीति में बड़े उलटफेर की भविष्यवाणी करते हुए सत्तारूढ़ एलडीएफ की विदाई और यूडीएफ की शानदार वापसी का अनुमान जताया है। सर्वे के अनुसार, 140 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस नीत यूडीएफ 38.5% मतों के साथ 88 से 92 सीटें जीतकर बहुमत के आंकड़े को आसानी से पार कर सकता है, जबकि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला एलडीएफ गठबंधन महज 42 से 46 सीटों पर सिमटता नजर आ रहा है। वहीं, भाजपा नीत एनडीए को 20.2% वोट शेयर के साथ सीटों में मामूली बढ़त मिलने की संभावना है।

केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया है। विश्लेषण के अनुसार, 140 सदस्यीय सदन में कांग्रेस नीत यूडीएफ 69 सीटों के साथ बहुमत के आंकड़े के करीब है, जबकि सत्तारूढ़ एलडीएफ 64 सीटों के साथ उन्हें कड़ी टक्कर दे रहा है। इसमें 9 सीटें घटने बढ़ने का अनुमार लगाया गया है। सर्वे में सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा भाजपा गठबंधन का है, जिसे सात सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है, जो त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में सत्ता की चाबी अपने हाथ में रख सकती है। इसमें भी चार सीट घट बढ़ सकती है। मार्जिन ऑफ एरर को देखते हुए दोनों मुख्य गठबंधनों के बीच फासला बेहद कम है, जिससे चार मई को आने वाले वास्तविक परिणाम किसी भी पक्ष में झुक सकते हैं।

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाला डीएमके+ गठबंधन 125 सीटें जीतकर बहुमत के साथ सत्ता में वापसी कर सकता है। इसमें 11 सीटें बढ़ घट सकती हैं। वहीं, अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) को 63 सीटों के साथ राज्य की दूसरी सबसे बड़ी शक्ति के रूप में उभरते हुए दिखाया गया है। इसमें 11 सीटें घट बढ़ सकती हैं। एआईएडीएमके महज 45 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर खिसकता नजर आ रहा है।

प्रमुख सर्वे एजेंसी एक्सिस माई इंडिया ने इस बार पश्चिम बंगाल का एग्जिट पोल जारी नहीं करने का निर्णय लिया है। एजेंसी ने डाटा की गुणवत्ता और सांख्यिकीय भरोसे में कमी को इसका मुख्य कारण बताया है। यह घोषणा चुनाव नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे करोड़ों दर्शकों के लिए काफी चौंकाने वाली है। एजेंसी ने बताया कि पिछले सात दिनों के दौरान राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर सघन फील्ड रिसर्च की थी। इस बड़े अभियान के लिए 80 प्रशिक्षित सर्वेक्षकों की एक विशेष टीम तैनात की गई थी। इन सर्वेक्षकों को 16 स्वतंत्र इकाइयों में बांटा गया था। टीम ने मतदाताओं से बात करने के लिए मानक एग्जिट पोल प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया। इस दौरान 13,250 से अधिक लोगों का सैंपल लिया गया था।

एक्सिस माई इंडिया के मुखिया प्रदीप गुप्ता खुद भी जमीन पर उतरे थे। उन्होंने सर्वे की पूरी प्रक्रिया और जमीनी हालात का जायजा लिया। हालांकि, पश्चिम बंगाल में सर्वे के दौरान टीम को एक बेहद कठिन और सांख्यिकीय चुनौती मिली। एजेंसी ने मतदाताओं के बीच नॉन-रिस्पॉन्स यानी जवाब न देने की दर बहुत ज्यादा पाई। आंकड़ों के मुताबिक, सर्वे के लिए संपर्क किए गए लगभग 70 प्रतिशत मतदाताओं ने हिस्सा लेने से मना कर दिया। आमतौर पर सर्वे मॉडल में कुछ हद तक हिचकिचाहट को शामिल किया जाता है। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लोगों का इनकार करना ऐतिहासिक रिकॉर्ड से बहुत ज्यादा है। इससे सटीक नतीजे निकालना लगभग असंभव हो जाता है।

प्रदीप गुप्ता ने कहा, ‘एक कड़ी चुनावी लड़ाई में शांत मतदाता व्यवहार से जोखिम बहुत बढ़ जाता है। यह किसी भी अनुमान की मजबूती को सीमित कर देता है।’ सांख्यिकीय नजरिए से देखें तो जवाब न देने का यह स्तर वोट-शेयर के सटीक अनुमान में बड़ी रुकावट डालता है। एजेंसी किसी भी गलत अनुमान से बचना चाहती है। एक्सिस माई इंडिया ने जानकारी दी है कि टीम ने 8,324 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय किया था। एक्सिस माई इंडिया बंगाल चुनाव के अपने निष्कर्षों को प्रकाशित करने के लिए तैयार थी। लेकिन डाटा की आंतरिक समीक्षा और सांख्यिकीय विश्वास के स्तर को देखने के बाद फैसला बदल दिया गया। एजेंसी ने बहुत सोच-समझकर एग्जिट पोल के अनुमानों को सार्वजनिक न करने का निर्णय लिया।

प्रदीप गुप्ता ने अपने आधिकारिक संदेश में कहा, ‘हम जानते हैं कि इस फैसले से दर्शकों को निराशा होगी। लेकिन कार्यप्रणाली की ईमानदारी और डाटा की साख के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सबसे ऊपर है। हम उन अनुमानों को पेश करना जिम्मेदारी भरा नहीं समझते जो हमारे आंतरिक मानकों पर खरे नहीं उतरते। इसलिए हमने प्रकाशन रोकने का फैसला किया है। बताते चलें कि पश्चिम बंगाल में साइलेंट वोटर हमेशा से चुनावी पंडितों के लिए पहेली रहे हैं।

भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा ‘जब 4 मई को नतीजे घोषित होंगे, तो दो बातें स्पष्ट हो जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकसित भारत 2047 का विजन मजबूत होगा और भाजपा पश्चिम बंगाल में अपनी पहली सरकार बनाएगी। इसके अलावा असम, पुदुचेरी और तमिलनाडु जैसे राज्यों में एनडीए आगे बढ़ेगी। दूसरा, इंडी गठबंधन के भीतर राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठेंगे और यह गठबंधन बिखर जाएगा। पश्चिम बंगाल के इतिहास में पहली बार हिंसा मुक्त वातावरण में मतदान हुआ है और चुनाव के दौरान किसी की जान जाने की खबर नहीं है। जो पिछले 70 वर्षों में कांग्रेस, कम्युनिस्ट और तृणमूल कांग्रेस के शासन में नहीं हुआ, वह अब हुआ है क्योंकि बंगाल के लोगों ने भयमुक्त और शांतिपूर्ण मतदान देखा। मतदाताओं ने बड़ी संख्या में बाहर आकर स्वतंत्र रूप से अपना वोट डाला।’

कोलकाता में मीडिया से मुखातिब होते हुए भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने बंगाल में सत्ता परिवर्तन का हुंकार भरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब टीएमसी की चोरी और कुशासन से ऊब चुकी है और विकास के लिए भाजपा की ओर देख रही है। सिन्हा ने ममता सरकार पर राज्य के सांप्रदायिक संतुलन को बिगाड़ने और इसे बांग्लादेश बनाने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों ने अब इस साजिश को समझ लिया है। उन्होंने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग और केंद्रीय सुरक्षाबलों का आभार व्यक्त किया। भाजपा सांसद ने दावा किया कि गुंडागर्दी पर लगाम लगने के कारण लोगों ने निडर होकर वोट दिया है।

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संपन्न होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का रथ अब और तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस, वामपंथ और टीएमसी के पिछले 70 वर्ष के इतिहास में पहली बार बंगाल ने बिना किसी हिंसा और जनहानि के पूरी तरह भयमुक्त मतदान देखा है। भंडारी के अनुसार, भारी संख्या में जनता का बाहर निकलकर वोट देना इस बात का प्रमाण है कि बंगाल में बदलाव तय है और इन नतीजों के बाद इंडी गठबंधन के भीतर राहुल गांधी का नेतृत्व और अधिक कमजोर साबित होगा।

दक्षिण 24 परगना के कैनिंग पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार प्रशांत बायन ने दूसरे चरण के मतदान के बाद अपनी जीत और राज्य में सत्ता परिवर्तन का भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के इस दूसरे पड़ाव में भाजपा की स्थिति बेहद मजबूत है और जनता का समर्थन स्पष्ट रूप से उनके पक्ष में दिख रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चार मई को आने वाले चुनावी नतीजे बंगाल में नई शुरुआत करेंगे और पूर्ण बहुमत के साथ राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी।

आसनसोल दक्षिण से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने पश्चिम बंगाल में हुए ऐतिहासिक मतदान पर खुशी जाहिर करते हुए निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में बिना राष्ट्रपति शासन लगाए इतना शांतिपूर्ण और भयमुक्त चुनाव संपन्न होना एक बड़ी उपलब्धि है। एग्जिट पोल के आंकड़ों पर अपनी असहमति जताते हुए पॉल ने दावा किया कि उन्होंने पिछले छह महीनों में जनता की जो नब्ज टटोली है, वह साफ तौर पर परिवर्तन की सुनामी की ओर इशारा कर रही है। उन्होंने कहा कि चार मई को बंगाल की जनता का उद्देश्यपूर्ण मतदान सत्ता परिवर्तन का नया इतिहास लिखेगा।

NATIONAL : ‘एग्जिट पोल में धांधली हुई, रात भर जागते रहो’: बंगाल के नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने ईवीएम की सुरक्षा का आह्वान किया

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल के अनुमानों पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्षी भाजपा पर नतीजों में हेराफेरी करने का आरोप लगाया है।बनर्जी ने विश्वास जताया कि 4 मई को बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद टीएमसी सरकार बनाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी मतगणना के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने देगी।

“एग्जिट पोल भाजपा के कार्यालय से हैं। ये आंकड़े मनगढ़ंत हैं और टीएमसी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने के लिए बनाए गए हैं,” बनर्जी ने एक वीडियो संदेश में कहा, साथ ही आरोप लगाया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र भाबनीपुर में “पूरी रात” छापेमारी की गई।

“भाजपा ने आखिरी दांव खेल दिया है। अगर सही आंकड़े जारी होते तो शेयर बाजार धराशायी हो जाते। लोगों को एकजुट रहना होगा, मतगणना पर कड़ी नजर रखनी होगी…पूरी रात जागकर गिनती करनी होगी,” उन्होंने कहा और साथ ही यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह खुद ईवीएम के स्ट्रांगरूम की सुरक्षा करेंगी।

“वे ईवीएम बदलने की योजना बना रहे हैं… जब तक मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस करके घोषणा न कर दूं, मतगणना स्थल न छोड़ें… वे कंप्यूटर में डेटा बदल सकते हैं, जिससे हमारे नतीजे भाजपा को और भाजपा के नतीजे हमें मिल जाएंगे। मैं खुद मतगणना कक्ष में जाऊंगी, एक उम्मीदवार के तौर पर मैं ऐसा कर सकती हूं। आपने बहुत कुछ सहा है। कृपया बंगाल को बचाने के लिए थोड़ा और धैर्य रखें,” उन्होंने कहा।

विभिन्न राज्यों के कई विपक्षी नेताओं ने हाल ही में अनियमितताओं की आशंकाओं के बीच ईवीएम के स्ट्रांगरूम की सुरक्षा बढ़ाने का आह्वान किया है।मैट्रिज़ के अनुसार, टीएमसी+ बहुमत के आंकड़े से कुछ सीटें पीछे रह सकती है और 125 से 140 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है। उन्होंने भाजपा को बढ़त देते हुए 146-161 सीटों पर जीत का अनुमान लगाया है, जो दोनों मुख्य दलों के बीच कड़ी टक्कर का संकेत देता है।

पी-मार्क़ नामक चुनाव विश्लेषक ने भी इसी तरह का अनुमान लगाया है, जिसके अनुसार भाजपा को 150-175 सीटें मिल सकती हैं, जबकि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को 118-138 सीटें मिल सकती हैं। इसके अलावा, अन्य दलों को दो से छह सीटें मिलने का अनुमान है।पोल डायरी के पोल्स ने भाजपा के लिए स्पष्ट जीत की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि पार्टी 142-171 सीटें जीत सकती है, जबकि टीएमसी बहुमत के आंकड़े से काफी पीछे रह सकती है और उसे केवल 99-127 सीटें मिल सकती हैं।

हालांकि, जनमत सर्वेक्षण एजेंसी पीपुल्स पल्स ने एक अलग अनुमान लगाया है, जिसके अनुसार राज्य में सत्ताधारी टीएमसी सरकार बरकरार रह सकती है, हालांकि विधानसभा में उसकी सीटों की संख्या मौजूदा 215 से घटकर 177-187 हो सकती है। उसने अनुमान लगाया है कि भाजपा को 95-110 सीटें मिलेंगी।

सीएनएन-न्यूज़18 के वोट वाइब ने तृणमूल और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान लगाया है। इस सर्वेक्षण में भाजपा के लिए 143-163 सीटें और टीएमसी+ गठबंधन के लिए 127-147 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। इस अनुमान के अनुसार, भाजपा को कुल वोट शेयर में बढ़त हासिल है, जो 44% है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस को 43% और अन्य पार्टियों को 13% वोट मिलने का अनुमान है।

गरुवार रात अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में स्टार ऑलराउंडर जेसन होल्डर ने शानदार प्रदर्शन किया। गुजरात टाइटन्स की जर्सी में खेलते हुए उन्होंने पांच विकेट लेने में अहम भूमिका निभाई और प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता। गुजरात ने मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को चार विकेट से हरा दिया। हालांकि, आरसीबी की टीम पहले विकेट को लेकर काफी नाराज थी और विशेषज्ञों ने उस शानदार कैच की वैधता पर भी सवाल उठाए।

आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने आठवें ओवर की चौथी गेंद पर पुल शॉट खेलने की कोशिश की, तभी अरशद खान ने लेंथ बॉल फेंकी। बल्ले का ऊपरी किनारा लगा और गेंद डीप बैकवर्ड स्क्वायर की तरफ चली गई। पास में ही तैनात कागीसो रबाडा और होल्डर दोनों गेंद की तरफ दौड़े। हालांकि, होल्डर ने नीचा कैच पकड़कर टक्कर से खुद को बचा लिया। लेकिन आरसीबी के खिलाड़ी इससे खुश नहीं थे, क्योंकि रिव्यू में पता चला कि वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर ने स्लाइड करते हुए भी कई बार गेंद को मिस किया था।

आरसीबी खेमे में विराट कोहली विशेष रूप से आक्रोशित थे, जो तुरंत मैदान पर उतरे और डगआउट में बैठे रिजर्व अंपायर को हाथ से दिखाकर साबित किया कि गेंद जमीन पर लगी थी। आरसीबी के मुख्य कोच एंडी फ्लावर भी उनके साथ थे।टीवी अंपायर के अंतिम निर्णय से पहले, पाटीदार बाउंड्री के पास कुछ देर रुके रहे और फिर डगआउट में लौट गए। पाटीदार के डगआउट में बैठने के काफी देर बाद भी कोहली और अंपायर की बातचीत जारी रही।

NATIONAL : ‘मां, माटी और मानुष की सरकार बना रहे हैं’: रिकॉर्ड वोटिंग के बाद ममता का पहला बयान, कहा- 226 सीटें जीतेंगे

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने के लिए भाजपा के निर्देश पर एग्जिट पोल के पूर्वानुमान प्रसारित किए गए। उन्होंने भरोसा जताया कि सत्तारूढ़ पार्टी राज्य चुनावों में 294 विधानसभा सीटों में से 226 से अधिक सीटें जीतेगी।

पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड मतदान के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि मां, माटी और मानुष की सरकार एक बार फिर बनने जा रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी 226 सीटों का आंकड़ा पार करेगी। साथ ही उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से स्ट्रॉग रूम की दिन-रात रखवाली करने के लिए भी कहा है। बता दें कि सीएम ममता ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में मुख्यमंत्री ममता ने जनता को संबोधन करते हुए आभार जताया और चुनाव प्रक्रिया के दौरान हुए घटनाक्रम पर गंभीर आरोप लगाए।

सीएम ममता ने कहा, बंगाल के मां, माटी, मानुष को बहुत-बहुत धन्यवाद। आप सभी लोग अच्छे से रहे हैं और स्वस्थ रहें। आप सबके प्रति मैं कृतज्ञ हूं क्योंकि इतनी धूप में और इतने अत्याचार झेलकर आप लोगों ने जिस हिसाब से वोट दिया है, उसके लिए मैं आपका आभार व्यक्त करती हूं। मैं अपने कर्मियों का भी आभार जनाती हूं जिन्होंने तमाम अत्याचार को बर्दास्त करके, ना सिर्फ सेंट्रल फोर्स बल्कि यहां के फोर्स का भी अत्याचार सहन करके अपने काम किया।

सीएम ममता ने आगे कहा, मैं जब तक प्रेस कॉन्फ्रेंस न कर लूं, काउटिंग एरिया को छोड़कर कोई न जाए। यह भी ध्यान रखना है कि ईवीएम की काउंटिंग के बाद उसका डाटा कम्प्यूटर में सही लिखा जा रहा है कि नहीं। ऐसा भी हो सकता है कि टीएमसी के नंबर भाजपा में जोड़ दिए जाएं।

उन्होंने कहा, भारत सरकरार की पूरी मशीनरी, प्रधानमंत्री-गृह मंत्री से लेकर 19 भाजपा शासित राज्यों के नेताओं ने बंगाल के लोगों को कब्जाने की कोशिश की। मैं यह बताती हूं कि मतदाता पेटी में वोट जब्त हो गए हैं। मैं बहुत निश्चित होकर बोल रही हूं कि जो टीवी पर दिखा रहा है वो सब पैसों का खेल है। मैं स्पष्ट रूप से बोल रही हूं कि 2026 में हम 226 सीटों का आंकड़ा पार करेंगे। लोगों ने जिस तरह वोट दिया है उसके ऊपर मुझे पूरा भरोसा है। भाजपा ने प्रेस के जरिये ये (एग्जिट पोल) कराया है। ये लोग ईडी, सीबीआई के जरिये चमकाते हैं। ममता ने कहा कि अमित शाह के सीधे निर्देश पर पश्चिम बंगाल चुनावों के दौरान केंद्रीय बल भाजपा के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, भारत सरकरार की पूरी मशीनरी, प्रधानमंत्री-गृह मंत्री से लेकर 19 बीजेपी शासित राज्यों के नेताओं ने बंगाल के लोगों को कब्जाने की कोशिश की। मैं यह बताती हूं कि मतदाता पेटी में वोट जब्त हो गए हैं। मैं बहुत निश्चित होकर बोल रही हूं कि जो टीवी पर दिखा रहा है वो सब पैसों का खेल है। मैं स्पष्ट रूप से बोल रही हूं कि 2026 में हम 226 सीटों का आंकड़ा पार करेंगे। लोगों ने जिस तरह वोट दिया है उसके ऊपर मुझे पूरा भरोसा है। भाजपा ने प्रेस के जरिये ये (एग्जिट पोल) कराया है। ये लोग ईडी, सीबीआई के जरिये चमकाते हैं।

सीएम ममता ने कहा, मैं दो दिन से सो नहीं पाई हूं। भाजपा तमात हथकंडे अपनाने के बाद भी लोगों से उनका अधिकार नहीं छीन पाई। यही कारण है कि उन्होंने इसके जरिये (एग्जिट पोल) अंतिम खेल खेला है जिससे हमारे कर्मियों का मनोबल टूट जाए। अगर सच्चाई सामने आई तो शेयर मार्केट धड़ाम हो जाएगा। शेयर मार्केट को सांत्वना देने के लिए ये किया है। यह मेरे को विश्वस्त सूत्रों से पता चला है। पिछले एग्जिट पोल का हवाला देते हुए सीएम ममता ने कहा कि पहले भी 2016 और 2021 में एग्जिट पोल गलत साबित हुए हैं। उन्होंने एग्जिट पोल में बीजेपी के पक्ष में दिखाया है। यह एकतरफा दिखाया है। मैं अपने कर्मियों को बोलूंगी कि आज से ही काउंटिंग के लिए पहरा देना शुरू करें। जरूरत पड़ेगी तो मैं भी अपने इलाके में पहरा दूंगी।

ममता ने कहा, एक बात और कहूंगी, सभी लोग शांत रहें और संगठित होकर रहें। दीदी के प्रति और बंगाल के लोगों के प्रति भरोसा रखें। हम अपनी मां, माटी, मानुष की सरकार बनाने जा रहे हैं। हमने आगे भी सरकार बनाई थी और आगे भी हम ही सरकार बनाएंगे।

उन्होंने कहा, मैं प्रशासन से कहना चाहूंगी कि आप लोगों ने भाजपा के इशारे पर बहुत काम कर लिया। अब काउंटिंग के दिन किसी पर भी हाथ मत डालना। आप लोगों ने बहुत पीटा है, अब नहीं। बंगाल आप लोगों का नहीं है। बंगाल यहां के मां-माटी, मानुष के लोगों का है। बंगाल के लोग बाहरी लोगों का समर्थन नहीं करते। बूथ में बीजेपी के तो लोग थे नहीं तो उन्होंने सेंट्रल फोर्स के लोगों को इस काम में लगाया। उन्होंने बीजेपी के एजेंट की तरह काम किया। अमित शाह का सीधा हस्तक्षेप इसमें रहा। जब वोटिंग चल रही थी तो प्रधानमंत्री ने क्यों संबोधन किया। क्या वो बंगाल और यहां की मिट्टी को जानते हैं? कवि नजरुल, नेताजी, राजा राम मोहन, विद्यासागर को जानते हैं? वो किसी को नहीं जानते। सिर्फ विरोध में प्रचार करो। जिन लोगों ने बीजेपी से पैसे लिए, उन्होंने बहुत गलत किया, लेकिन याद रखें कि हम आपके साथ कुछ गलत नहीं करेंगे।

HEALTH : निमोनिया एक गंभीर बीमारी है, मौत का खतरा, क्या एक फेफड़े के साथ ज़िंदगी मुमकिन है? जानें एक्सपर्ट्स की राय

भारत में अस्थमा और फेफड़ों के इन्फेक्शन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जानें कि बदलते मौसम का फेफड़ों पर क्या असर पड़ता है और क्या गंभीर हालत में एक फेफड़े के साथ जीना मुमकिन है।

भारत में अस्थमा के मरीज़ों में बढ़ोतरी हुई है। बदलता मौसम हर किसी पर असर डाल रहा है। अस्थमा की समस्या बढ़ने पर फेफड़ों पर असर डालती है। अगर फेफड़ों में इन्फेक्शन का शुरू में ही इलाज न किया जाए, तो समस्या बढ़ जाती है। कुछ मामलों में तो यह जानलेवा भी हो जाता है। कई मामलों में यह बीमारी इतनी गंभीर हो जाती है कि फेफड़े निकालने पड़ सकते हैं। लेकिन क्या कोई इंसान सिर्फ़ एक फेफड़े के साथ जी सकता है। ऐसे में अगर गंभीर निमोनिया हो जाए तो कैसे बचा जा सकता है।

हमारे देश में निमोनिया के बारे में जागरूकता की कमी चिंता का विषय है। अगर इस फेफड़ों के इन्फेक्शन को समय पर पहचाना न जाए, तो यह बहुत खतरनाक हो सकता है। गंभीर मामलों में, मरीज़ का फेफड़ा सर्जरी से निकालने की भी ज़रूरत पड़ सकती है, जिसके बाद यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठता है कि ‘क्या कोई इंसान एक फेफड़े के साथ जी सकता है?’ हेल्थ एक्सपर्ट से जानें कि निमोनिया का इलाज कैसे करें ताकि यह फेफड़ों पर असर न करे।

निमोनिया फेफड़ों का एक गंभीर इन्फेक्शन है जो बैक्टीरिया, वायरस या फंगस से फैलता है। इस बीमारी में फेफड़ों की एयर सैक में बलगम भर जाता है, जिससे सांस लेने में बहुत दिक्कत होती है। इसके मुख्य लक्षण तेज बुखार, सीने में तेज दर्द, कमजोरी और सांस लेने में तकलीफ हैं। बच्चों, बुजुर्गों, स्मोकिंग करने वालों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को इसमें खास तौर पर सावधान रहना चाहिए।

निमोनिया की पुष्टि आमतौर पर एक्स-रे और ब्लड टेस्ट से होती है। डॉक्टर इन्फेक्शन के टाइप के आधार पर एंटीबायोटिक्स या एंटीवायरल दवाएं देते हैं। हालांकि, जब निमोनिया, कैंसर या ट्यूबरकुलोसिस जैसी बीमारियां फेफड़ों को उनकी लिमिट से ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं, तो न्यूमोनेक्टॉमी सर्जरी के जरिए पूरा फेफड़ा निकालना पड़ता है।

मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक फेफड़े के साथ रहा जा सकता है। शरीर को एडजस्ट करने की जरूरत होती है। जब एक फेफड़ा निकाल दिया जाता है, तो दूसरा फेफड़ा अपनी एफिशिएंसी बढ़ा लेता है और शरीर की जरूरतों को पूरा करने लगता है। ऐसे मरीज अपने रूटीन काम तो कर सकते हैं, लेकिन उन्हें बहुत ज्यादा फिजिकल लेबर या हैवी एक्सरसाइज करने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है। सही मेडिकल देखरेख और सावधानी से एक फेफड़े वाला व्यक्ति भी अच्छी ज़िंदगी जी सकता है। इसके लिए उन्हें रेगुलर डॉक्टर के पास जाना चाहिए और सही लाइफस्टाइल अपनानी चाहिए।

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी पढ़ने वालों को ज़्यादा जानकारी देने के लिए है और इस बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए आप एक्सपर्ट्स से संपर्क कर सकते हैं।)

ENTERTAINMENT : ट्रोलिंग के बाद बॉलीवुड राहुल रॉय के समर्थन में आया: फराह खान, सोनू सूद, अनुपम खेर जैसे सितारों ने हिम्मत बढ़ाई……..

बॉलीवुड अब ‘आशिकी’ फिल्म से मशहूर हुए राहुल रॉय का उनके मुश्किल समय में साथ देता नज़र आ रहा है। सोशल मीडिया पर उनकी कुछ रील्स का मज़ाक उड़ाए जाने के बाद, जब राहुल ने अपनी आर्थिक तंगी और काम न मिलने के दुख को साझा किया, तो अब इंडस्ट्री के कई बड़े कलाकारों ने खुलकर उनका समर्थन किया है। फराह खान से लेकर सोनू सूद तक, कई मशहूर हस्तियों ने राहुल के प्रति अपना सम्मान और समर्थन व्यक्त किया है।


राहुल रॉय ने सोशल मीडिया पर अपना दुख व्यक्त किया।
फराह खान और सोनू सूद ने हिम्मत बढ़ाई: राहुल रॉय की भावुक पोस्ट के बाद, फिल्म निर्माता फराह खान ने सबसे पहले टिप्पणी की और कहा, ‘शुभकामनाएं।’ वहीं, सोनू सूद ने राहुल को भाई कहकर संबोधित किया और लिखा – ‘छाए रहो भाई।’ अभिनेता अनुपम खेर ने भी राहुल का हौसला बढ़ाया और उन्हें ‘सर्वश्रेष्ठ’ कहा।


फराह खान और सोनू सूद ने उनका हौसला बढ़ाया।
‘उनका मज़ाक उड़ाने के बजाय, उन्हें काम दिलाने में मदद करें’: यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल रॉय को कंटेंट क्रिएटर डॉ. वनिता घाडगे के साथ कुछ इंस्टाग्राम वीडियो में देखा गया। कुछ लोगों ने इस वीडियो को ‘अजीब’ बताकर राहुल को ट्रोल करना शुरू कर दिया। इस पर राहुल ने जवाब दिया, ‘मैं इस समय आर्थिक तंगी और कुछ कानूनी मामलों से जूझ रहा हूं। मेरी सादगी का मज़ाक उड़ाने के बजाय, बेहतर होगा कि लोग मुझे काम दिलाने में मदद करें।’


राहुल रॉय का वीडियो वायरल हुआ और उन्हें ट्रोल किया गया।
इन सितारों ने भी राहुल का समर्थन किया: उनका समर्थन करने वालों की सूची में बॉलीवुड के कई अभिनेता शामिल हैं। मनीष पॉल ने उन्हें ‘सम्मान और शक्ति’ भेजी। वहीं, शिल्पा शिरोडकर ने कहा, ‘हमें वही करना चाहिए जो हमारे लिए ज़रूरी है, लोगों को जो कहना है कहने दो।’ इसके अलावा, निकितिन धीर, टीना दत्ता, करणवीर बोहरा और महिका शर्मा जैसे कलाकारों ने भी राहुल के लिए प्रार्थना की और उनके प्रति अपना प्यार व्यक्त किया।

अनुपम खेर, मनीष पॉल ने टिप्पणी की।
अनुपम खेर, मनीष पॉल ने टिप्पणी की। 2020 में ब्रेन स्ट्रोक के बाद भी राहुल रॉय का फिल्मी सफर उतार-चढ़ावों से भरा रहा है। 1990 में ‘आशिकी’ की ज़बरदस्त सफलता के बाद, उनका करियर धीरे-धीरे धीमा पड़ गया। 2007 में, उन्होंने ‘बिग बॉस’ का पहला सीज़न जीता, जिसने उन्हें फिर से सुर्खियों में ला दिया।

हालांकि, 2020 में, कारगिल में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आ गया। लंबे समय तक रिकवरी के बाद अब राहुल ठीक हैं, लेकिन वह अभी भी बॉलीवुड में अपनी जगह दोबारा बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

RECIPE : नींबू पानी बनाने में इस आम गलती से बचें, जानें सही तरीका

क्या आप नींबू पानी बनाते समय गर्म पानी का इस्तेमाल करते हैं? जानें नींबू पानी बनाने का सही तरीका और वह आम गलती जो आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है।

नींबू पानी
गर्मी के मौसम में नींबू पानी पीना बहुत फायदेमंद होता है। नींबू पानी हीटस्ट्रोक और लू से बहुत राहत देता है। गर्मी में मेहमानों के आने पर नींबू पानी को सबसे अच्छा वेलकम ड्रिंक कहा जा सकता है। नींबू पानी न सिर्फ शरीर को डिटॉक्स करने बल्कि उसे हाइड्रेट करने के लिए भी काम आता है। यह पानी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है। लेकिन यह ज़रूरी है कि आपका नींबू पानी सही हो। इस आम से लगने वाले ड्रिंक को बनाने में की गई गलतियों की वजह से हम इसके फायदों से वंचित रह जाते हैं। एक्सपर्ट्स से जानें सही नींबू पानी बनाने का सही तरीका।

नींबू पानी बनाने का सही तरीका

नींबू ड्रिंक बनाने के लिए सबसे पहले एक जग में नॉर्मल टेम्परेचर या बर्तन से ठंडा पानी लें। इस पानी में चीनी/शहद और नमक घोलें। नींबू निचोड़ने से पहले पानी में चीनी, काला नमक और भुना जीरा पाउडर घोलकर अच्छी तरह मिला लें। अगर आप हेल्थ कॉन्शियस हैं, तो चीनी की जगह शहद या गुड़ पाउडर इस्तेमाल कर सकते हैं। जब सब कुछ घुल जाए, तो आखिर में ताज़ा नींबू काटकर निचोड़ लें। नींबू का छिलका हटाना न भूलें। अगर छिलका चाशनी में रह गया, तो इस ड्रिंक का स्वाद कड़वा होगा। इसलिए इसे तुरंत छान लें। फ्रेशनेस बढ़ाने के लिए, आप हाथ से मसली हुई पुदीने की पत्तियां भी मिला सकते हैं।

नींबू पानी के ज़बरदस्त फायदे जानें

नींबू पानी गर्मियों के लिए कुदरत का तोहफ़ा है, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बनाए रखकर तुरंत फ्रेशनेस और एनर्जी देता है। विटामिन C से भरपूर होने के कारण, यह इम्यूनिटी बढ़ाता है और स्किन को अंदर से साफ़ करके उसे नेचुरल ग्लो देता है। इसके अलावा, सुबह गुनगुने पानी के साथ नींबू पीने से डाइजेशन बेहतर होता है, शरीर से टॉक्सिन बाहर निकलते हैं (डिटॉक्स) और वज़न घटाने में भी यह बहुत मददगार साबित होता है।

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी पढ़ने वालों को ज़्यादा जानकारी देने के लिए है और इस बारे में ज़्यादा जानकारी पाने के लिए आप एक्सपर्ट्स से संपर्क कर सकते हैं।)

RASHIFAL : आज का राशिफल

मेष :  आज का दिन आनंददायक सफलता प्रदान करने वाला रहेगा। प्रभावशाली लोगों से बातचीत बहुत ही सकारात्मक रहेगी। किसी लक्ष्य को हासिल करने में भाइयों का भी बखूबी सहयोग मिलेगा। 

वृषभ :वृषभ राशि वालों के लिए समय के अनुसार अपने व्यवहार में बदलाव लाना जरूरी है। बच्चों के साथ व्यवहार करते समय उन्हीं के नजरिए से देखना उचित रहेगा। पति पत्नी के बीच संबंधों में मधुरता रहेगी। प्रेम संबंधों में भी नजदीकियां बनी रहेंगी।

मिथुन: मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। जीवन से जुड़े कुछ बदलाव होंगे।सहकर्मियों के साथ तालमेल मजबूत रहेगा और किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में आपकी भूमिका रहेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं जो भविष्य की सफलता का आधार बनेंगी।

कर्क : कर्क राशि के जातकों को आज के दिन व्यवसाय में फायदा मिलने के अवसर प्राप्त होंगे। पैसों से संबंधित मामलों में भी प्रगति होगी।लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों को मुद्रा सुधारने की आवश्यकता है।

सिंह : सिंह राशि के लोगों के लिए आज का दिन मिश्रित रहेगा। जीवनसाथी के साथ किसी भी प्रकार का मतभेद हो सकता है।पिछली कुछ गलतियों से सीख कर आप अपनी कार्यप्रणाली में कुछ परिवर्तन लाएंगे, जो कि बेहतरीन रहेंगे। युवाओं को करियर संबंधी किसी परीक्षा मे बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। घर के सदस्यों में आपसी तालमेल प्रेम पूर्ण बना रहेगा।

कन्या : कन्या राशि के लोगों के लिए आज का दिन बहुत अच्छा काम लेकर आएगा। जीवनसाथी की ओर से सहयोग मिलेगा। घर के सदस्यों में आपसी तालमेल प्रेम पूर्ण बना रहेगा। किसी मित्र के मिलने से खुशनुमा यादें भी ताजा होगी।

तुला : तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन खुशियों से भरा रहेगा। आपको आपके फंसे हुए पैसे वापस मिल सकते हैं।नौकरी में आपके बेहतरीन कार्य की सराहना होगी और पदोन्नति संबंधी खुशखबरी मिल सकती है।

वृश्चिक: वृश्चिक राशि के लोगों के लिए आज का दिन परेशानियों से भरा रहेगा। सहकर्मियों के साथ विवाद हो सकता है।काम में नेतृत्व, योजना और तेज निर्णय की अपेक्षा रहेगी। सरकारी विभाग या कॉर्पोरेट सेक्टर में इंटरव्यू संबंधी संदेश मिल सकता है।

धनु : धनु राशि के लोगों के लिए दिन परेशानियों से भरा रहेगा। आप अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए अधिक मेहनत करेंगे।जीवनसाथी आपकी किसी सख्त बात को गलत समझ सकते हैं, इसलिए संवाद को शांत रखें। सिंगल लोगों को किसी जिम्मेदार एवं प्रभावी व्यक्तित्व से सहज आकर्षण महसूस हो सकता है।

मकर: आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। जीवनसाथी के साथ घूमने जा सकते हैं और आज आपका अपने जीवनसाथी के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा।

कुंभ : आज के दिन आप किसी भी प्रकार की यात्रा या प्रवास पर जा सकते हैं। दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा।काम में सफलता मिलेगी।

मीन : मीन राशि के लोगों के लिए आज का दिन आनंद लेकर आएगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में पार्टनर के साथ सामंजस्य बढ़ सकता है।

NATIONAL : भारत से दक्षिण-पूर्व एशिया तक मौसम पैटर्न बदलने की आशंका; गर्मी, सूखा व अतिवृष्टि का खतरा

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प्रशांत महासागर में तापमान बढ़ने से मेगा अल नीनो की आशंका बढ़ी है। इसका असर भारत के मानसून, एशिया की बारिश, ऑस्ट्रेलिया के सूखे और वैश्विक तापमान पर पड़ सकता है। इससे कमजोर मानसून, लंबी लू और कृषि संकट जैसी चुनौतियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।

प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में समुद्र की सतह के तापमान में असामान्य वृद्धि के संकेतों ने दुनिया भर के मौसम वैज्ञानिकों का ध्यान फिर से मेगा अल नीनो की ओर खींचा है। विश्व मौसम संगठन (डब्ल्यूएमओ), अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (एनओएए) और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार यदि अल नीनो की स्थिति और अधिक मजबूत होती है तो इसका असर भारत के मानसून, दक्षिण-पूर्व एशिया की वर्षा, ऑस्ट्रेलिया के सूखे, अफ्रीका की खाद्य सुरक्षा और अमेरिका-यूरोप के तापमान पैटर्न तक महसूस किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य अल नीनो और ‘मेगा अल नीनो’ यानी अत्यंत शक्तिशाली अल नीनो में अंतर उसकी तीव्रता और वैश्विक प्रभाव के स्तर का होता है, और इतिहास बताता है कि ऐसे वर्षों में मौसमीय असंतुलन व्यापक आर्थिक और मानवीय संकट में बदल सकता है।

भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल दक्षिण-पश्चिम मानसून का है, क्योंकि देश की कृषि, जल भंडारण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था काफी हद तक मानसूनी वर्षा पर निर्भर है। आईएमडी और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के वैज्ञानिकों के अनुसार मजबूत अल नीनो अक्सर मानसून को कमजोर कर सकता है, हालांकि हर बार इसका सीधा और समान असर नहीं होता।

कमजोर मानसून की स्थिति में धान, दाल, गन्ना और तिलहन जैसी फसलों पर दबाव बढ़ सकता है। जलाशयों का स्तर गिर सकता है और बिजली उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है। साथ ही, उत्तर और मध्य भारत में लू की अवधि लंबी हो सकती है और शहरी क्षेत्रों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक जा सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार भारत में इस समय अप्रैल के अंत से ही कई राज्यों में तापमान 44 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है और लू की अवधि सामान्य से लंबी देखी जा रही है। हर हीटवेव का सीधा कारण केवल अल नीनो नहीं होता, लेकिन मजबूत अल नीनो की पृष्ठभूमि में सतही तापमान और अधिक बढ़ सकता है। आईएमडी के अनुसार उत्तर-पश्चिम, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत में लंबे और अधिक तीव्र गर्मी के दौर की संभावना ऐसे वर्षों में बढ़ जाती है।

दक्षिण-पूर्व एशिया में वर्षा संकट की आशंका: इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, वियतनाम और मलेशिया जैसे देशों में अल नीनो आमतौर पर वर्षा में कमी और लंबे शुष्क दौर का कारण बनता है।

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