Wednesday, February 4, 2026
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ENTERTAINMENT : ‘आपका तानसेन बेसुरा है’, यूजर ने किया ट्रोल, तो कपिल शर्मा ने दिया ये जवाब

कॉमेडियन कपिल शर्मा अपने रियलिटी शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ को लेकर चर्चाओं में बने रहते है. बीते एपिसोड में विश्व कप विनर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी और कोच अमोल मजूमदार नजर आए थे.कॉमेडियन और एक्टर कपिल शर्मा हमेशा ही सुर्खियों में रहते हैं. इसके अलावा अक्सर विवादों में भी उनका नाम आ ही जाता है. अब एक बार फिर कॉमेडियन सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स के निशाने पर आ गए. ये मामला भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच अमोल मजूमदार और एक्टर शाहरुख खान से जुड़ा हुआ है.

गौरतलब है कि कपिल शर्मा इन दिनों अपनी फिल्म किस किस को प्यार करूं 2 की रिलीज के बाद से अपने रियलिटी शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ के नए सीजन को लेकर चर्चाओं में बने हुए हैं. हाल ही में टेलीकास्ट हुए शो में विश्व कप विनर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी और कोच अमोल मजूमदार नजर आए थे.शो के दौरान कपिल शर्मा ने कोच अमोल मजूमदार की तारीफ करते हुए उनकी तुलना फिल्म ‘चक दे इंडिया’ के शाहरुख खान से कर दी. इस फिल्म में शाहरुख खान ने कोच कबीर खान का किरदार प्ले किया था, जो महिला हॉकी टीम को विश्व विजेता बनाता है.

एपिसोड में कपिल शर्मा, अमोल से पूछते हैं, ‘क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने के बाद बाहर आपको लोग सोशल मीडिया पर ‘चक दे इंडिया’ के शाहरुख खान बोल रहे हैं? आप भी बहुत हैंडसम हैं. क्या आपको शाहरुख जैसा महसूस होता है?’ इस पर कोच अमोल मुस्कुराते हुए जवाब देते हैं, ‘नहीं, ‘चक दे इंडिया’ जैसा नहीं लग रहा.’

एक यूजर ने कपिल के बयान पर आपत्ति जताते हुए पोस्ट किया, ‘कपिल शर्मा को पता होना चाहिए कि असली हीरो मीर रंजन नेगी थे, न कि फिल्मी हीरो कबीर खान. काश अमोल मजूमदार ने इस मसखरे की सच्चाई जान ली होती.’यूजर के इस बयान पर कपिल शर्मा ने जवाब दिया, ‘महोदय मैंने कबीर खान कब कहा? मैंने शाहरुख खान कहा था और वो भी मजाकिया अंदाज में जो आप कभी नहीं समझेंगे क्योंकि आपका तानसेन तो बेसुरा है. खैर नए साल की शुभकामनाएं. खुश रहें और खुशियां फैलाएं.’

वहीं इस ट्वीट के बाद कपिल शर्मा को कई लोगों का सपोर्ट मिला. एक यूजर ने लिखा, ‘कपिल भाई, आप खुशियां फैलाते हैं, ऐसे जोकरों को नजरअंदाज़ करें. इससे आपको कोई फायदा नहीं होगा, बस आप फालतू की बहस में फंस जाएंगे.’ इस पर कपिल ने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘मैं जानता हूं, मैं उस समय टॉयलेट में बैठा था. कुछ अलग से समय नहीं निकला मैंने इनको उत्तर देने के लिए. हाहाहा, आपको भी नया साल मुबारक हो सर.’

BHAKTI : कल से शुरू हो रहा है माघ मेला, नोट करें पवित्र स्नान की सभी तारीखें

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माघ मेला केवल एक मेला नहीं, बल्कि आस्था, साधना और सनातन परंपरा का प्रतीक है. पुराणों के अनुसार माघ मास को “देव मास” भी कहा गया है. इस दौरान संगम में किया गया स्नान, गंगा जल के समान पुण्यकारी माना जाता है.

हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है. इस महीने में किया गया स्नान, दान, जप और तप व्यक्ति को विशेष आध्यात्मिक फल मिलता है. इसी कारण उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हर वर्ष माघ माह के दौरान भव्य माघ मेले का आयोजन किया जाता है. त्रिवेणी संगम (जहां गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है) के तट पर लगने वाला यह मेला आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम होता है. माघ मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु, साधु-संत और कल्पवासी संगम में पवित्र स्नान के लिए पहुंचते हैं. धार्मिक मान्यता है कि माघ मास में संगम स्नान करने से अक्षय पुण्य, पापों से मुक्ति और आत्मिक शुद्धि प्राप्त होती है. साल 2026 में माघ मेला 3 जनवरी से आरंभ होकर 15 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा.

हालांकि माघ मास का पूरा समय स्नान दान के लिए शुभ माना जाता है, लेकिन माघ मेले में कुछ विशेष तिथियां ऐसी होती हैं, जिनका धार्मिक महत्व अत्यधिक होता है. इस वर्ष माघ मेले में 6 मुख्य स्नान पर्व पड़ेंगे:

दूसरा मुख्य स्नान: मकर संक्रांति – 14 जनवरी 2026

तीसरा मुख्य स्नान: मौनी अमावस्या – 18 जनवरी 2026

चौथा मुख्य स्नान: बसंत पंचमी – 23 जनवरी 2026

पांचवां मुख्य स्नान: माघी पूर्णिमा – 1 फरवरी 2026

छठा मुख्य स्नान: महाशिवरात्रि – 15 फरवरी 2026

मौनी अमावस्या का विशेष महत्व

माघ मेले का सबसे प्रमुख और पुण्यकारी स्नान मौनी अमावस्या के दिन माना जाता है. इस दिन संगम तट पर श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ देखने को मिलती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या पर मौन रहकर किया गया स्नान पापों का नाश, मानसिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है. वर्ष 2026 में यह शुभ स्नान 18 जनवरी को किया जाएगा.

हिंदू धर्म में स्नान-दान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए ब्रह्म मुहूर्त को सर्वोत्तम समय माना गया है. ब्रह्म मुहूर्त का समय सुबह 4:00 बजे से 5:30 बजे तक रहता है. इस समय संगम में स्नान करने से स्नान का फल कई गुना बढ़ जाता है. श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे इसी समय में पवित्र डुबकी लगाएं.

ENTERTAINMENT : अशनूर कौर ने दिखाया अपना लग्जरी घर, Hi-Tech किचन देख फैंस हुए शॉक्ड, बोले- ‘ये तो तान्या से भी अमीर निकली’

19 साल की अशनूर कौर ने अपने घर का एक ‘हाउस टूर’ वीडियो शेयर किया है. उनके इस घर को देखकर हर कोई दंग है. इसे देख फैंस कह रहे हैं कि वह तान्या मित्तल से भी ज्यादा अमीर निकलीं.

रियलिटी शो ‘बिग बॉस 19’ खत्म होने के बाद भी चर्चे में है. वजह इसके कंटेस्टेंट्स की लग्जरी लाइफ स्टाइल. बता दें कि कि हाल में शो की कंटेस्टेंट्स रहीं तान्या मित्तल ने अपने ग्वालियर वाले घर की झलक दिखाई थी.अब उनके बाद अशनूर कौर ने अपने मुंबई वाले घर का ‘हाउस टूर’ वीडियो शेयर कर सभी को हैरान कर दिया. उनके घर की डेकोरेशन और कीमती सामान देख कर उन्हें तान्या मित्तल से ज्यादा अमीर बता रहे हैं.

बता दें कि हाल ही में 19 साल की अशनूर कौर ने मुंबई में एक आलीशान 3.5 BHK हाई-राइज फ्लैट खरीदी . इसकी कीमत करीब 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है. यह एक्ट्रेस का सपनों का घर है, जिसे उन्होंने अपने हाथों से सजाया है. खास बात ये है कि ऐश्वर्या ने अपने घर को अपनी मां के साथ मिलकर खुद डिजाइन किया है .

अशनूर कौर के घर की सबसे खूबसूरत जगह उसका लिविंग रूम है. यहां एक बड़े गोल्डन टेम्पल का पेंटिंग रखा गया है जो घर में पॉजिटिविटी का माहौल बनाता है. इस कमरे में स्मार्ट लाइट स्विच हैं जिनकी मदद से वह अपने फोन से लाइट्स को कंट्रोल कर सकती हैं.

अगर वह मन करे तो लाइट्स को पिंक या किसी और रंग में बदल सकती हैं. इसके अलावा लिविंग रूम में एक बड़ा गोल्डन ग्लास चैंडलियर और कई आर्ट पीस रखे गए हैं जो घर की खूबसूरती को और बढ़ाते हैं.घर के किचन में अशनूर कौर ने कुछ यूनिक चीजें भी जोड़ी हैं. यहां एक आइस-मेकर फ्रिज है, जिसमें क्यूब्स, फ्लेकी आइस और ठंडा पानी भी मिल सकता है. किचन के फ्रिज पर एक मेमोरी वॉल है जिस पर उन्होंने अपने अब तक के जर्नी के यादगार देशों के मैग्नेट लगाए हैं.

घर में एक ग्लास-डोर वॉक-इन क्लोजेट भी है. इसमें अशनूर कौर के पास महंगे बैग्स, परफ्यूम्स, सनग्लासेस और स्नीकर्स की एक बड़ी कलेक्शन है. उनके बेडरूम की सजावट भी बेहद शानदार है. व्हाइट और गोल्ड के रंगों का इस्तेमाल किया गया है. इस कमरे में एक ट्रांसपेरेंट स्विंग भी है जिसे अशनूर कौर खासतौर पर आराम के लिए इस्तेमाल करती हैं.

इस आलीशान घर में अशनूर कौर के पास एक बैलकनी भी है.जहां से वह समुद्र और सूर्यास्त का दृश्य देख सकती हैं. अशनूर कौर ने इस घर में करीब दो साल से रहना शुरू किया है और उन्होंने बताया कि वह घर में ज्यादातर समय बिताना पसंद करती हैं.

बता दें कि अशनूर कौर ने अपने करियर की शुरुआत 2009 में ‘झांसी की रानी’ जैसे टीवी शो से की थी. इसके बाद उन्होंने कई हिट शो में काम किया. उन्हें हाल ही में ‘बिग बॉस 19’ में देखा गया. इस शो में उन्हें काफी पसंद किया गया.

ENTERTAINMNET : नए साल पर 4 महीने के बेटे के संग झूमकर नाचीं गौहर खान ….

बॉलीवुड से लेकर टीवी इंडस्ट्री तक न्यू ईयर के जश्न में डूबा हुआ है. एक्ट्रेस ने नए साल के मौके पर अपने बेटे की झलक दिखाई है. वीडियो में एक्ट्रेस बेटे के संग डांस करते हुए जेन बीटा को सलाह दे रही हैं.देशभर के लोग न्यू ईयर सेलिब्रेशन में डूबे हुए हैं. वहीं फिल्मी और टीवी सेलेब्स भी पीछे नहीं हैं. इसी बीच गौहर खान ने 2025 का आखिरी दिन परिवार के संग सेलिब्रेट किया. गौहर ने एक फैमिली फंक्शन की तस्वीर शेयर की, जिसमें वो संगीत में दिल खोलकर नाचते हुए दिखाई दे रही हैं.

इंस्टाग्राम स्टोरीज पर गौहर ने परिवार के संग शेयर किया हुआ एक वीडियो रीपोस्ट किया. वीडियो में, एक्ट्रेस एक खूबसूरत सूट पहने हुए मंच पर चढ़ती दिख रही हैं. इतना ही नहीं वो फेमस सॉन्ग गल बन गई की धुन पर थिरक रही हैं. वीडियो पर लिखा था,’सबसे प्यारी गौहर बाजी का डांस.’ गौहर ने इस वीडियो को परिवार कैप्शन और एक लाल दिल वाले इमोजी के संग दोबारा पोस्ट किया.

गौहर का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें वो अपने बेटे से बातें करती दिख रही हैं.इतना ही नहीं वीडियो को शेयर करते हुए लिखा,’मम्मी की तरह से जेन बीटा बच्चे को दी जाने वाली एडवाइस.’ गौहर ‘हम हैं नए अंदाज क्यों हो पुराना’ पर बैठे हुए डांस कर रही हैं और फिर बेटे को गोद में ले लेती हैं.

ये कोई पहला मौका नहीं था जब गौहर ने अचानक से परफॉर्मेंस देकर हर किसी को चौंका दिया. इससे पहले बेटे के जन्म के एक महीने बाद ही एक्ट्रेस ने करण औजला के सॉन्ग फॉर ए रीजन पर जमकर डांस किया था. वो वीडियो भी खूब वायरल हुआ था. मालूम हो गौहर खान और जैद दरबार ने इंस्टाग्राम पर अपने दूसरे बच्चे के जन्म की खुशखबरी शेयर की थी.हो एक्ट्रेस के दूसरे बेटे का जन्म 1 सितंबर 2025 को हुआ था. इससे पहले 2023 में एक्ट्रेस ने अपने बड़े बेटे जेहान का स्वागत किया था. गौहर ने 2020 में जैद संग शादी की थी. इन दिनों बेशक गौहर किसी प्रोजेक्ट में नजर नहीं आ रही हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव रहती हैं.

NATIONAL : पटना जंक्शन पर कारोबारी से 22 लाख से ज्यादा की लूट, पुलिस की वर्दी में आए 2 आरोपी गिरफ्तार

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पटना जंक्शन पर सोना कारोबारी से 22.50 लाख की लूट को अंजाम दिया गया. आरोपी बदमाश पुलिस की वर्दी में आए थे. पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर लूट कांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस घटना ने स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह घटना सोमवार (29 दिसंबर) रात की है. घटना के बाद पीड़ित कारोबारी धीरज कुमार ने इस संबंध में जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद रेल पुलिस ने दोनों बदमाशों को पकड़ लिया है. दोनों के पास से 19 लाख कैश भी बरामद हुआ है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों का नाम दीपक झा और राजा कुमार हैं.

पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों पटना जंक्शन पर ही पानी का कारोबार करते थे. उसी की आड़ में छिनतई और धोखाधड़ी जैसे अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने लगे. कारोबारी धीरज कुमार द्वारा जीआरपी थाने में दी गई शिकायत में बताया कि उन्होंने अपने साले दीपक कुमार को वैशाली से पटना के बाकरगंज स्थित राज टंच के मालिक संतोष देवकर के पास चांदी के गहने देने भेजा था.

गहने सौंपने के बाद दीपक एक बैग में 22.50 लाख रुपये लेकर पटना जंक्शन लौट रहा था. इसी दौरान पुलिस की वर्दी में एक व्यक्ति दीपक के पास पहुंचा और शाम होने का हवाला देते हुए बैग की जांच के नाम पर उसे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से प्लेटफॉर्म नंबर-6 तक ले गया.

इसके बाद बदमाश उसे प्लेटफॉर्म नंबर-7 पर खड़ी ट्रेन की एक खाली बोगी में ले गए. वहां पहले से एक अन्य आरोपी मौजूद था. बदमाशों ने दीपक को डरा-धमकाकर बैग की तलाशी ली और उसमें रखे 22.50 लाख रुपये निकालकर फरार हो गए.

रेल एसपी इनामुल हक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजा और दीपक झा के रूप में हुई है. दीपक झा खुसरूपुर का रहने वाला है, जबकि राजा करबिगहिया इलाके का निवासी है. दोनों पिछले तीन महीनों से पटना जंक्शन पर पानी बेचने का काम कर रहे थे और करबिगहिया इलाके में किराए के कमरे में रह रहे थे.

घटना की रात पीड़ित के पास बैग देखकर आरोपियों को शक हुआ कि वह शराब ले जा रहा है. इसी बहाने दोनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए पीड़ित को बरगलाया और प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन की बोगी में ले गए. वहां डरा-धमकाकर बैग से रुपये निकाल लिए.

आरोपी पुलिस की खाकी जैकेट पहने हुए थे और मोबाइल में जीआरपी थानेदार के नाम से नंबर सेव कर रखा था, जिससे पीड़ित को डराया गया. पुलिस ने राजा के पास से 9 लाख और दीपक के पास से 10 लाख रुपये बरामद किए हैं. शेष रकम की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है. रकम ज्यादा होने के कारण इनकम टैक्स विभाग को भी सूचना दे दी गई है, जो अपने स्तर से जांच कर रहा है.

BUSINESS : LPG-PNG से लेकर यूपीआई तक… आज से हो गए ये पांच बड़े बदलाव, आपकी जेब के ऊपर डालेंगे सीधा असर

बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट से जुड़े नियमों में भी बदलाव लागू हो गए हैं. 1 जनवरी 2026 से यूपीआई और अन्य डिजिटल लेनदेन के नियम पहले से ज्यादा सख्त कर दिए गए हैं, ताकि ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगाई जा सके.नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव हो गए हैं, जिनका सीधा असर जेब पर पड़ने वाला है. इन बदलावों में एलपीजी गैस की कीमतों से लेकर कारों के दाम, बैंकिंग नियम, यूपीआई, सिम वेरिफिकेशन और सरकारी योजनाएं तक शामिल हैं. जहां एक ओर नया साल नई उम्मीदें लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर कुछ फैसलों से खर्च भी बढ़ गया है.

सबसे पहले एलपीजी सिलेंडर की बात करें तो 1 जनवरी 2026 से 19 किलो वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 111 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई है. दिल्ली में यह सिलेंडर अब 1580.50 रुपये से बढ़कर 1691.50 रुपये का हो गया है. कोलकाता में इसकी कीमत 1684 रुपये से बढ़कर 1795 रुपये, चेन्नई में 1739.50 रुपये से बढ़कर 1849.50 रुपये और मुंबई में 1531.50 रुपये से बढ़कर 1642.50 रुपये हो गई है. इससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ने की संभावना है.

नए साल की शुरुआत पर इन्द्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने अपने उपभोक्ताओं को राहत दी है. कंपनी ने घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की कीमतों में प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर 70 पैसे तक की कटौती करने का ऐलान किया है. इस कटौती के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पीएनजी की नई कीमत घटकर 47.89 रुपये प्रति एससीएम हो गई है.

इस फैसले से खास तौर पर शहरी घरों को फायदा मिलेगा, जहां बड़ी संख्या में लोग खाना पकाने के लिए पीएनजी का इस्तेमाल करते हैं. बढ़ती महंगाई के बीच गैस की कीमतों में आई यह कमी घरेलू बजट पर बोझ कम करने में मददगार साबित हो सकती है और उपभोक्ताओं के लिए नए साल की एक सकारात्मक शुरुआत मानी जा रही है.

नए साल के साथ ही कार खरीदना भी महंगा हो गया है. 1 जनवरी 2026 से कई ऑटो कंपनियों ने अपने वाहनों की कीमतों में इजाफा कर दिया है. बीएमडब्ल्यू, रेनॉल्ट और निसान ने अपनी गाड़ियों के दाम 3,000 रुपये से लेकर तीन प्रतिशत तक बढ़ाने का ऐलान किया है. वहीं होंडा और टाटा मोटर्स ने भी कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं, जिससे 2026 मॉडल की कारें पिछले साल के मुकाबले ज्यादा महंगी पड़ सकती हैं.

बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट से जुड़े नियमों में भी बदलाव लागू हो गए हैं. 1 जनवरी 2026 से यूपीआई और अन्य डिजिटल लेनदेन के नियम पहले से ज्यादा सख्त कर दिए गए हैं, ताकि ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगाई जा सके. इसके साथ ही सिम कार्ड के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी कड़ी कर दी गई है. राहत की बात यह है कि एचडीएफसी बैंक, एसबीआई और पीएनबी समेत कई बैंकों ने लोन की ब्याज दरों में कटौती की घोषणा की है, जो नए साल से प्रभावी हो गई है.

इसके अलावा पीएम किसान सम्मान निधि योजना में भी कुछ अहम बदलाव किए गए हैं. उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अब योजना का लाभ लेने के लिए यूनिक किसान आईडी अनिवार्य कर दी गई है. साथ ही, यदि जंगली जानवरों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचता है और 72 घंटे के भीतर उसकी रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है, तो अब उस नुकसान की भरपाई भी योजना के तहत की जा सकेगी.

आठवें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारियों के लिए नया साल अहम साबित हुआ है. सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया था, जिसके बाद 1 जनवरी 2026 से आठवां वेतन आयोग औपचारिक रूप से लागू हो चुका है. लंबे समय से इसका इंतजार किया जा रहा था, क्योंकि इससे वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी की उम्मीद जुड़ी हुई है.

हालांकि जानकारों के मुताबिक, फिलहाल इसका असर सिर्फ कागजी प्रक्रिया तक सीमित रहेगा. यानी कर्मचारियों की बढ़ी हुई सैलरी और भत्तों का रिकॉर्ड तो तैयार किया जाएगा, लेकिन वास्तविक रूप से बढ़ा हुआ वेतन और एरियर मिलने में अभी कुछ समय लग सकता है. सरकार की ओर से नई वेतन संरचना, फिटमेंट फैक्टर और भत्तों को लेकर अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद ही इसका लाभ सीधे कर्मचारियों और पेंशनधारियों को मिल पाएगा. ऐसे में फिलहाल सभी को थोड़े और इंतजार के लिए तैयार रहना होगा.

कुल मिलाकर, 1 जनवरी 2026 से लागू हुए ये बदलाव जहां कुछ मामलों में राहत लेकर आए हैं, वहीं कई मोर्चों पर आम आदमी का खर्च बढ़ने वाला है. ऐसे में नए साल की शुरुआत के साथ इन नियमों को समझना और उसी हिसाब से वित्तीय योजना बनाना बेहद जरूरी हो गया है.

NATIONAL : बैसाखी से पीट-पीटकर रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर की हत्या, फैक्ट्री में मिला खून से लथपथ शव, गांव में दहशत

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हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव राजपुर में दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर दलबीर की बेरहमी से हत्या कर दी गई. अज्ञात हमलावरों ने उन्हें उनकी ही बैसाखी से पीट-पीटकर मार डाला. शव फैक्ट्री के अंदर मिला. पुलिस और क्राइम ब्रांच मामले की गहन जांच में जुटी है.

साल के पहले ही दिन हरियाणा के सोनीपत जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. सोनीपत के गांव राजपुर में दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान दलबीर के रूप में हुई है. दलबीर दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे और चार महीने पहले ही सेवानिवृत्त हुए थे.

मिली जानकारी के अनुसार दलबीर अपाहिज़ थे और इसी कारण उन्हें चार महीने पहले दिल्ली पुलिस से रिटायर होना पड़ा था. रिटायरमेंट के बाद वह अपने गांव राजपुर में रह रहे थे. उन्होंने गांव में ही एक फैक्ट्री बनवाई थी और उसी फैक्ट्री में अकेले रह रहे थे. मंगलवार सुबह उनकी फैक्ट्री के अंदर से खून से लथपथ शव बरामद किया गया.

बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावरों ने दलबीर को उनकी ही बैसाखी से बेरहमी से पीटा. गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई. शव मिलने की सूचना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया. घटना की जानकारी मिलते ही सोनीपत पुलिस के आला अधिकारी और क्राइम ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी.

मृतक के बेटे संदीप राठी ने बताया कि उनके पिता दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर थे और हाल ही में रिटायर हुए थे. वह गांव में फैक्ट्री बनाकर अकेले रहते थे. सुबह फैक्ट्री के अंदर से उनके पिता का शव बरामद हुआ. संदीप ने गांव के ही एक व्यक्ति पर अपने पिता की हत्या का शक जताया है.

वहीं इस मामले में गन्नौर के एसीपी ऋषिकांत ने बताया कि कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि गांव राजपुर में एक फैक्ट्री के अंदर एक व्यक्ति का शव पड़ा है. मौके पर पहुंचने पर शव की पहचान दलबीर के रूप में हुई. दलबीर दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद से रिटायर थे और उसी फैक्ट्री में रहते थे. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उनकी बैसाखी से पीट-पीटकर हत्या की गई है.

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है. पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है.

UP : बाजार में शॉपिंग करने आई नाबालिग बच्ची के गर्दन पर चाकू रखकर युवक ने बनाया बंधक

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बिजनौर के नजीबाबाद में कपड़ों की सेल के दौरान एक नकाबपोश युवक ने नाबालिग बच्ची के गले पर चाकू रखकर उसे बंधक बना लिया. नए साल पर गश्त कर रही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को पकड़ लिया और बच्ची को सुरक्षित छुड़ा लिया. आरोपी बाराबंकी का रहने वाला बताया जा रहा है.

बिजनौर जिले के नजीबाबाद कस्बे में बुधवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बाजार में कपड़ों की सेल के दौरान एक सिरफिरे युवक ने नाबालिग बच्ची को चाकू दिखाकर बंधक बना लिया. यह घटना शाम करीब सात बजे की है. बच्ची अपनी एक सहेली के साथ कपड़े खरीदने के लिए बाजार आई थी.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों नाबालिग बच्चियां सेल लगी दुकान पर कपड़े देख रही थीं, तभी अचानक एक नकाबपोश युवक वहां पहुंचा और एक बच्ची के गले पर चाकू रख दिया. युवक ने बच्ची को जान से मारने की धमकी देते हुए पैसों की मांग शुरू कर दी. घटना होते ही दुकान के अंदर हड़कंप मच गया. दुकानदारों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए.

भीड़ ने आरोपी युवक को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन युवक ने बच्ची के गले पर चाकू और कसकर रख दिया और उसे मारने की धमकी देने लगा. हालात बिगड़ते देख तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. नए साल के चलते शहर में गश्त पर निकली पुलिस फोर्स को जैसे ही सूचना मिली, बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए.

पुलिस ने पहले युवक को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब उसने बच्ची को छोड़ने से इनकार कर दिया, तो पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए उसे काबू में कर लिया. पुलिस ने आरोपी के हाथ से चाकू छीना और बच्ची को सुरक्षित बंधन मुक्त कराया. इसके बाद आरोपी युवक को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया.

नजीबाबाद के सीओ नितेश प्रताप सिंह ने बताया कि पकड़ा गया युवक बाराबंकी जिले का रहने वाला है और अपना नाम अजीत बता रहा है. प्रारंभिक पूछताछ में युवक का व्यवहार असामान्य लग रहा है. आरोपी का कहना है कि वह बाहर रहकर परेशान हो चुका था और जेल जाना चाहता था, इसलिए उसने यह घटना की. हालांकि उसने बच्ची से पैसों की मांग भी की थी.

पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और उसका आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है. यह भी जांच की जा रही है कि वह बाराबंकी से नजीबाबाद क्यों आया था और इस घटना के पीछे उसका असली मकसद क्या था. बच्ची सुरक्षित है और पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

BIHAR : हिजाब विवाद के बीच डॉ नुसरत प्रवीण ने नहीं किया ज्वाइन, 31 दिसंबर थी लास्ट डेट

पटना के सदर अस्पताल में आयुष चिकित्सक डॉ नुसरत प्रवीण ने 31 दिसंबर को भी ज्वाइन नहीं किया. सिविल सर्जन ने बताया कि अब ज्वाइनिंग की संभावना कम है क्योंकि अंतिम तिथि खत्म हो चुकी है. 15 दिसंबर को हिजाब विवाद के बाद से वह सामने नहीं आई हैं और मामला अनिश्चित बना हुआ है.

पटना में हिजाब विवाद से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में है. आयुष चिकित्सक डॉ नुसरत प्रवीण ने 31 दिसंबर को भी पटना सदर अस्पताल में ज्वाइन नहीं किया. यह ज्वाइनिंग की आखिरी तारीख थी. अब उनकी नियुक्ति को लेकर स्थिति अनिश्चित हो गई है.पटना के सिविल सर्जन डॉ अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि डॉ नुसरत प्रवीण ने आज भी अस्पताल में योगदान नहीं दिया है. विभाग की ओर से पहले ही ज्वाइनिंग की तिथि 31 दिसंबर तक बढ़ाई जा चुकी थी. अब यह समय सीमा पूरी हो गई है और आगे तिथि बढ़ने की संभावना नहीं है.सिविल सर्जन ने कहा कि यदि डॉ नुसरत प्रवीण विभाग को पत्र लिखकर यह बताती हैं कि किसी कारणवश वह ज्वाइन नहीं कर पाईं, तो उस स्थिति में आगे का निर्णय स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिया जाएगा. फिलहाल विभाग की ओर से कोई नया निर्देश जारी नहीं किया गया है.

बता दें, 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री सचिवालय में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान एक घटना सामने आई थी. इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. वीडियो में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के व्यवहार को लेकर काफी आलोचना और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं. इसी दौरान डॉ नुसरत प्रवीण का हिजाब खींचे जाने का मामला सामने आया था.

इस घटना के बाद यह खबर आई थी कि डॉ नुसरत प्रवीण डिप्रेशन में हैं और संभव है कि वह नौकरी ज्वाइन न करें. इसके बाद से उनका कोई स्पष्ट पता नहीं चल पाया. आज ज्वाइनिंग की अंतिम तिथि भी समाप्त हो गई, लेकिन वह सदर अस्पताल नहीं पहुंचीं. बीच में एक दिन उनकी सहेली और एक मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल की ओर से यह दावा किया गया था कि डॉ नुसरत प्रवीण नौकरी ज्वाइन करेंगी. हालांकि यह दावा सही साबित नहीं हुआ और ज्वाइनिंग नहीं हो सकी.

सिविल सर्जन डॉ अविनाश कुमार सिंह ने कहा कि समय सीमा समाप्त हो चुकी है और जब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई विशेष निर्देश नहीं आते, तब तक डॉ नुसरत प्रवीण की नियुक्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाएगी. फिलहाल पूरा मामला विभागीय निर्णय पर टिका हुआ है और सभी की नजरें स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर बनी हुई हैं.

NATIONAL : ‘तीन बहनें हिम्मत नहीं जुटा पाईं, पर मैं भाग निकली…’, रतलाम की बेटी ने 14 साल की उम्र देखे घर में ‘देह के ग्राहक’, बोली- अब उस देहरी नहीं लौटूंगी

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रतलाम से भोपाल आई युवती ने बताया कि उसने कई बार भागने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रही. आखिरकार उसने ‘पढ़ाई और कोचिंग’ का बहाना बनाया. परिवार को लगा कि शहर जाकर वह और ‘ मोटी कमाई’ करेगी, इसलिए उन्होंने उसे घर की चौखट लांघने की इजाजत दे दी. इसी मौके का फायदा उठाकर वह भोपाल भाग आई.

“14 बरस की रही होऊंगी तब, जब एक दिन एक अनजान शख्स मेरे घर के उस कमरे में दाखिल हुआ जिसे मैं अपना सुरक्षित ठिकाना समझती थी. जब तक कुछ सोच पाती या किसी को पुकार पाती, दरवाजा बंद हो चुका था… उस दिन के बाद जो हुआ, वह बताने लायक नहीं है. आज भी सोचती हूं तो बदन ही नहीं, रूह तक सिहर उठती है.”

यह दास्तां उस 21 बरस की युवती की है, जो मध्य प्रदेश के मालवा इलाके के रतलाम स्थित अपने गांव के उस ‘नरक’ को पीछे छोड़कर राजधानी भोपाल पहुंची है, जिसे उसका समाज ‘रिवाज’ कहता है.पीड़िता ने जो खुलासा किया वह किसी भी सभ्य समाज के माथे पर कलंक है. उसने बताया कि 14 साल की उम्र से लेकर 21 साल तक लगभग हर दिन अनजान दरिंदे उसके घर आते रहे. वह कोई चोरी-छिपे होने वाला अपराध नहीं था, बल्कि उसके अपने माता-पिता और मामा उन दरिंदों से चंद कागजी नोटों का ‘परमिट’ लेकर उन्हें घर के अंदर दाखिल करवाते थे.

जब उसने अपनी बड़ी बहनों या मां से इस जुल्म की शिकायत की, तो उसे यह कहकर खामोश कर दिया गया- ‘यही हमारे समाज की रवायत है.’ बाछड़ा समाज की इस कुप्रथा ने उसके घर को ही एक ऐसी ‘मंडी’ बना दिया था, जहां उसकी अस्मत का सौदा हर रोज 200-500 रुपए में होता था.

युवती ने भोपाल के महिला थाने में अपनी आपबीती सुनाते हुए समाज के उस ढांचे पर चोट की, जहां पुरुष कोई काम-धंधा नहीं करते. उसने बताया, “मेरे भाई और पिता घर के बाहर बैठे रहते थे. वे कोई काम नहीं करते, क्योंकि उनकी पूरी गृहस्थी हम बेटियों की ‘कमाई’ पर टिकी थी. उनके लिए हम इंसान नहीं, बल्कि नोट छापने की मशीन थे.”

21 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते उस युवती ने तय कर लिया कि “हर रोज किश्तों में मरने से बेहतर है कि एक बार मर लिया जाए.” उसने घर से निकलने की एक खतरनाक योजना बनाई. उसने अपने लालची परिजनों को यकीन दिलाया कि वह शहर जाकर ‘कोचिंग’ करेगी.घर के बड़े इतने ‘भोले’ नहीं थे कि अपनी कमाई के जरिए को यूं ही छोड़ दें, लेकिन उनके लालच ने ही युवती के लिए रास्ता खोल दिया. उन्होंने सोचा कि शहर जाकर वह ‘धंधा’ और बड़े पैमाने पर करेगी और मोटी रकम घर भेजेगी. इसी उम्मीद में उन्होंने उसे घर की देहरी लांघने की इजाजत दे दी.

रतलाम से बस पकड़कर सीधे भोपाल पहुंची युवती ने स्थानीय पुलिस पर भी गंभीर सवाल उठाए. उसने कहा कि वह रतलाम में अपनी सुनवाई की उम्मीद छोड़ चुकी थी क्योंकि वहां की पुलिस अक्सर ऐसे मामलों में मौन रहती है या रसूखदारों और समाज के ठेकेदारों का साथ देती है. भोपाल के महिला थाने में अब उसकी शिकायत पर माता-पिता और दो मामाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

युवती की आंखों में अपनी आजादी की चमक तो है, लेकिन अपनी उन तीन बहनों के लिए दर्द भी है जो आज भी उसी नरक में कैद हैं. उसने रुंधे गले से कहा, “मेरी तीन बहनें हिम्मत नहीं जुटा पाईं, वे आज भी वहां नोची जा रही हैं… पर मैं अब उस देहरी पर कभी कदम नहीं रखूंगी, चाहे कुछ भी हो जाए.”पीड़िता ने दावा किया कि उसकी तरह हजारों लड़कियों की जिंदगी पर जो ‘परंपरा’ के नाम पर देह व्यापार के अंधेरे में धकेली जा रही हैं. भोपाल पुलिस ने युवती को सुरक्षित गृह में भेज दिया है और मामले की जांच तेज कर दी है.

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