Saturday, June 27, 2026
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NATIOANL : जम्मू-कश्मीर के जोजिला पास में एवलांच:कई गाड़ियां 8 फीट बर्फ में दबीं, एक ड्राइवर भी फंसा; रेस्क्यू जारी, 28 दिन में दूसरी घटना

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जम्मू-कश्मीर के जोजिला पास के शैतान नाला क्षेत्र में शनिवार को एवलांच (हिमस्खलन) हुआ। इसकी चपेट में आने से कई वाहन 8 फीट से ज्यादा बर्फ में दब गए। एक टैंकर ड्राइवर एवलांच में फंसा हुआ है।सैन्य अधिकारियों के मुताबिक सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमों को मौके पर भेजा गया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। टीमें बर्फ हटाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं।

पिछले 28 दिनों में जोजिला पास में यह दूसरा एवलांच है। 28 मार्च को हुए एवलांच में 7 लोगों की मौत हो गई थी।शैतान नाला श्रीनगर-लेह नेशनल हाईवे का एक संवेदनशील हिस्सा है, जहां खराब मौसम के दौरान अक्सर एवलांच की घटनाएं होती रहती हैं।जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर-लेह हाईवे पर शुक्रवार दोपहर 4 बजे एवलांच आया। जोजिला पास के जीरो प्वाइंट के पास इस हादसे में 12 से ज्यादा वाहन 6 फीट से ज्यादा बर्फ में दब गए। हादसे में 7 लोगों की मौके पर मौत हुई है।

पुलिस के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। 5 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। सड़क से मलबा और बर्फ हटाने का काम जारी है।जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग में लगातार जारी बर्फबारी से मंगलवार रात एवलांच (हिमस्खलन) आया। एवलांच में फिलहाल किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं है। कई होटलों को नुकसान पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि एवलांच मंगलवार रात 10.12 बजे मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में सोनमर्ग रिजॉर्ट में हुआ।

देश के कई हिस्सों में लू का असर तेज होता जा रहा है। तीन चौथाई हिस्सा हीटवेव की चपेट में हैं। उत्तर-पश्चिम, उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के 5 राज्यों के 14 शहरों में पारा 44°C के पार जा चुका है। दिल्ली में शनिवार दोपहर को पारा 42.8°C तक पहुंच गया। यह इस साल का सबसे गर्म दिन रहा।

NATIONAL : CM आवास जा रहे प्रदर्शनकारियों का हंगामा, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

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मणिपुर की राजधानी इम्फाल में शनिवार को आयोजित COCOMI की एक बड़ी रैली अचानक तनावपूर्ण हो गई. यह रैली मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने के लिए निकाली गई थी, लेकिन रास्ते में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव हो गया. जिसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़कर प्रदर्शनकारियों का तितर-बितर किया.

मणिपुर में शनिवार को एक बहुत बड़ी रैली का आयोजन हुआ. ये रैली COCOMI ने निकाली थी. COCOMI का पूरा नाम है मणिपुर की अखंडता पर समन्वय समिति यानी मणिपुर की अखंडता बचाने वाली कमेटी. ये कमेटी मणिपुर के लोगों के हक में काम करती है.

इस रैली में हजारों लोग शामिल हुए. ये लोग इंफाल शहर के अलग-अलग जगहों से निकले और मिलकर मुख्यमंत्री यानी CM के घर की तरफ मार्च करने लगे. इनका मकसद था कि CM को एक ज्ञापन सौंपा जाए जिसमें छह बड़ी मांगें लिखी थीं.लेकिन जैसे जैसे रैली आगे बढ़ी, माहौल खराब होता गया. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई. पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस चलाई. खासकर इंफाल के मशहूर इमा केटल मार्केट के पास हालात बहुत खराब हो गए. दुकानदार और खरीददार सब भागने लगे. कोई बड़ी चोट की खबर नहीं है लेकिन ख़बर लिखे जाने तक माहौल अभी भी तनावपूर्ण है.

शनिवार को दोपहर करीब 1 बजे रैली शुरू हुई. लेकिन ये एक जगह से नहीं निकली. पूरे इंफाल के अलग-अलग इलाकों से लोग निकले. लैमलोंग बाजार से लोग आए. लम्बोई खोंगनांगखोंग से आए. काकवा केटल से आए. तिद्दिम ग्राउंड से आए. हाओ ग्राउंड से आए. ओरिएंटल कॉलेज से भी लोग जुड़े.

इसके अलावा केशमथोंग, वांगोई और खांगेमबल्ली इलाकों से भी बहुत सारे लोग आए. ये सब इलाके इंफाल की घाटी में आते हैं. यानी मेइती समुदाय के ज्यादातर लोग यहां से आए. हजारों लोग सड़कों पर उतर आए. नारे लगा रहे थे. बैनर और पोस्टर लेकर चल रहे थे. माहौल शुरू में शांतिपूर्ण था. लोग बस अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते थे.

सारे लोग मिलकर तिद्दिम रोड की तरफ बढ़े. इनकी मंजिल थी मुख्यमंत्री का घर यानी CM बंगला. वहां जाकर एक ज्ञापन सौंपना था. इस ज्ञापन में छह बड़ी मांगें लिखी थीं.

पहली मांग, शांति और नॉर्मल लाइफ बहाल करो. मतलब मणिपुर में जो हिंसा चल रही है उसे रोको. दूसरी मांग, आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करो. मतलब जो भी इंसान मणिपुर में रहता है उसकी जान और माल की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है. अगर सरकार लोगों को बचा नहीं सकती तो वो सरकार कैसी?

तीसरी मांग, जो लोग हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं उन पर कार्रवाई करो. मतलब पिछले संघर्ष में जिन्होंने लोगों को मारा, जलाया, बलात्कार किया, उन सबको पकड़ो और सजा दो. बिना सजा के शांति नहीं आएगी.

चौथी मांग, मणिपुर की जमीन की रक्षा करो. क्षेत्रीय अखंडता बचाओ. कोई बाहर से आकर यहां जमीन न छीने. पांचवीं और छठी मांगें भी इन्हीं से जुड़ी थीं. कुल मिलाकर ये ज्ञापन कह रहा था कि सरकार सुनो, हमारी बात मानो, वरना हम और बड़ी आवाज उठाएंगे.

जैसे जैसे रैली CM के घर की तरफ बढ़ रही थी, माहौल बदलने लगा. पुलिस ने रास्ते रोक दिए. प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया. और यहीं से झड़प शुरू हो गई. कुछ प्रदर्शनकारी आगे बढ़ना चाहते थे. पुलिस ने रोका. धक्का-मुक्की हुई. पत्थरबाजी शुरू हो गई. पुलिस ने लाठीचार्ज किया. और फिर आंसू गैस चलाई गई. आंसू गैस कई जगहों पर चलाई गई. लेकिन सबसे ज्यादा हालात खराब हुए ख्वाइरामबंद इमा केटल के पास.

रैली में कुछ लोग मुख्यमंत्री के घर तक पहुंचने में कामयाब हुए. COCOMI के कुछ नेता मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से मिलने गए. वो उनसे ज्ञापन सौंपना चाहते थे. लेकिन बाकी हजारों लोग इमा केटल और जॉन्सटोन स्कूल के पास इंतजार कर रहे थे. उन्हें पता नहीं था कि अंदर क्या हो रहा है. और जब बाहर आंसू गैस चली तो सब बिखर गए.

ये रैली इसलिए बड़ी थी क्योंकि मणिपुर में लोगों का गुस्सा बहुत ज्यादा है. पिछले दो साल से अधिक समय से लोग तबाही में जीने को मजबूर हैं. लोगों को लगता है कि सरकार ज्यादा कुछ नहीं कर रही. हिंसा रुक नहीं रही. जिम्मेदार लोग आजाद घूम रहे हैं.

अभी तक कोई बड़ी चोट की खबर नहीं आई है. ये राहत की बात है. पुलिस का कहना है कि उन्होंने स्थिति काबू में ले ली है. पुलिस हर जगह नजर रखे हुए है.

NATIONAL : राहुल बोले- ममता BJP का रास्ता खोल रहीं:हिमंता ने कहा- बंगाल में डबल सेंचुरी बनाएंगे; EC ने 5 अफसर सस्पेंड किए, शाह का रोड शो

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के हुगली में रैली की। उन्होंने कहा- मेरे ऊपर 36 केस हैं क्योंकि मैं BJP से लड़ता रहता हूं। ED ने मेरे से 55 घंटे पूछताछ की। मेरा घर ले लिया गया था। लेकिन ममता जी के साथ ऐसा क्यों नहीं हुआ। क्योंकि जो ममता बंगाल में कर रही हैं, मोदी जी देश में कर रहे हैं। ममता बंगाल मे BJP का रास्ता खोल रही हैं।

उन्होंने कहा कि मोदी बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, पर उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कंट्रोल करते हैं। मोदी ने अमेरिका को हमारे देश का कृषि सेक्टर बेच दिया। आप जानते हो कि देश में जहां भी नरेंद्र मोदी जाते हैं, वो सिर्फ नफरत फैलाते हैं। कुछ साल पहले कांग्रेस ने देशभर में भारत जोड़ो यात्रा की। कांग्रेस के दौर में बंगाल में उद्योग थे।

वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आज कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि इस बार हम असम में सेंचुरी और बंगाल में डबल सेंचुरी बनाएंगे। मैं भरोसे से कह सकता हूं कि बंगाल में पहले चरण में ही भाजपा 110 सीटें जीत चुकी है।उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से आने वालों के कारण अगले दो दशकों में असम और बंगाल में हिंदू अपना बहुमत का दर्जा खो देंगे। TMC नेता कुणाल घोष ने कहा कि पार्टी को पहले फेज की 152 सीटों में से 125 से 135 सीटें मिलेंगी। ममता बनर्जी के नेतृत्व में सरकार बनेगी।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा में रोड शो किया। इधर, चुनाव आयोग ने लापरवाही बरतने और निष्पक्षता नहीं रखने पर पांच अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड अधिकारियों में एएसपी और एसडीपीओ भी शामिल हैं।

NATIONAL : मोदी के मन की बात का 133वां एपिसोड:पीएम बोले- दुनिया में तनाव का माहौल है, बुद्ध के शांति के विचार आज काफी अहम

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‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में पीएम ने दुनिया में चल रहे तनाव और लड़ाई का जिक्र किया। पीएम ने कहा- आज संघर्ष के बीच भगवान बुद्ध के विचार और भी अहम हो गए हैं।

पीएम ने विज्ञान पर भी बात की। उन्होंने कहा- भारत ने विज्ञान को हमेशा प्रगति से जोड़ा है। हम विकसित भारत के संकल्प को बढ़ा रहे हैं।

29 अप्रैल को ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में पीएम ने ईरान-अमेरिका जंग पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि दुनिया में जंग चल रही है। पेट्रोल-डीजल का संकट पैदा हुआ है, लेकिन भारत इस चुनौती से निपट रहा है।

पीएम के मन की बात में 5 बड़ी बातें…

बुद्ध का संदेश आज भी अहम: आज भी मई महीने की शुरुआत एक पावन अवसर के साथ होने जा रही है। कुछ ही दिनों में हम बुद्ध पूर्णिमा मनाएंगे। मैं आप सभी देशवासियों को अपनी अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। भगवान गौतम बुद्ध का जीवन संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने हमें सिखाया है कि शांति हमारे भीतर से शुरु होती है, उन्होंने बताया है कि स्वयं पर विजय सबसे बड़ी विजय होती है।

पर्यावरण संरक्षण के बड़े सुंदर प्रतीक: कच्छ के रण में बरसात खत्म होते ही यहां की धरती जीवंत हो जाती है। हर साल लाखों फ्लेमिंगो यहां आते हैं। पूरा इलाका गुलाबी रंग से रंग जाता है, इसलिए इसे ‘Flamingo City’ कहा जाता है । ये पक्षी यहीं घोसलें बनाते हैं और अपने बच्चों को बड़ा करते हैं। कच्छ के लोग इन्हें ‘लाखा जी के बाराती’ कहते हैं। अब लाखा जी के ये बाराती कच्छ में पर्यावरण संरक्षण के बड़े सुंदर प्रतीक बन गए हैं।

विंड एनर्जी में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा: आज पवन-शक्ति भारत के विकास की नई कहानी लिख रही है। भारत ने हाल ही में पवन-ऊर्जा यानि विंड एनर्जी में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब भारत का विंड एनर्जी जनरेशन कैपेसिटी 56 गीगावॉट से अधिक हो चुकी है। पिछले एक साल में ही करीब 6 गीगावॉट नई क्षमता जुड़ी है। विंड एनर्जी में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया भी हमारी तरफ देख रही है।

भारत के विकास के लिए पवन ऊर्जा जरूरी: गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान देश के अनेक राज्य इस सेक्टर में अपना परचम लहरा रहे हैं। गुजरात के कच्छ, पाटन, बनासकांठा जैसे क्षेत्र जहां पहले सिर्फ रेगिस्तान नजर आता था। आज वहां बड़े रिन्यूएबल एनर्जी पार्क बन रहे हैं। इसका लाभ युवाओं को मिल रहा है, नए अवसर बन रहे हैं, नई स्किल्स विकसित हो रही हैं, रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं। साथियो, भारत के विकास के लिए सौर और पवन ऊर्जा जरूरी हैं।

पूरे नॉर्थईस्ट में बंबू सेक्टर फल-फूल रहा है: अंग्रेजों के बनाए कानून के हिसाब से बांस को पेड़ के रूप में परिभाषित किया गया था और इससे जुड़े नियम बहुत कड़े थे। कहीं पर भी बांस को ले जाना बहुत मुश्किल था। ऐसे में यहां के लोग बांस से जुड़े काम-धंधे से दूर होते गए। साथियो, साल 2017 में कानून में बदलाव करके हमने बांस को पेड़ की कैटेगरी से बाहर किया। जिसके नतीजे सबके सामने हैं। आज पूरे नॉर्थईस्ट में बंबू सेक्टर फल-फूल रहा है।

132वां एपिसोडः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा में अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि दुनिया में जंग चल रही है। पेट्रोल-डीजल का संकट पैदा हुआ है, लेकिन भारत इस चुनौती से निपट रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

131वां एपिसोड: पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में ग्लोबल AI इम्पेक्ट समिट के दौरान, कई देश के नेता, उद्योग जगत के लीडर्स, इनोवेटर, टेक कंपनी के दिग्गज जुटे। AI की मदद से प्राचीन ग्रंथों को, पांडुलिपि को संरक्षित कर रहे हैं। AI समिट में भारत की ताकत दुनिया के सामने आई। युवाओं में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को लेकर उत्साह बढ़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

130वां एपिसोड: आज भारतीय संस्कृति और त्योहारों की पहचान पूरी दुनिया में बन रही है। विदेशों में भी भारत के त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी भाषा और संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

129वां एपिसोड: पीएम ने कहा- ICMR ने हाल ही में रिपोर्ट में बताया कि निमोनिया और UTI जैसी बीमारियों में दवाई कमजोर साबित हो रही हैं। इसकी वजह बिना सोचे दवा का सेवन हैं। आज कल लोग एंटी बायोटिक दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोग सोचते हैं कि एक गोली ले लो बीमारी दूर हो जाएगी। मैं अपील करता हूं कि अपने मन से दवाओं का सेवन करने से बचें। पूरी खबर पढ़ें…

128वां एपिसोड: पीएम ने कहा- भारतीय खेलों के लिए यह महीना (नवंबर 2025) शानदार रहा। शुरुआत महिला टीम की ICC महिला वर्ल्ड कप जीत से हुई। भारत को कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी का भी ऐलान हुआ। टोक्यो में हुए डेफ ओलिंपिक्स में भारत ने रिकॉर्ड 20 मेडल जीते। महिला कबड्डी टीम ने वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा, बॉक्सिंग कप में भी 20 मेडल पाए। पूरी खबर पढ़ें…

NATIONAL : इतिहास के पन्नों में 26 अप्रैल : सिक्किम का विलय और चेर्नोबिल की त्रासदी का दिन

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इतिहास में 26 अप्रैल की तारीख कई अहम घटनाओं के लिए जानी जाती है। इस दिन एक ओर भारत के राजनीतिक नक्शे में बड़ा बदलाव हुआ, तो दूसरी ओर दुनिया ने एक ऐसे परमाणु हादसे का सामना किया, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया।

26 अप्रैल 1975 को सिक्किम को भारतीय गणराज्य में शामिल करने की प्रक्रिया निर्णायक चरण में पहुंची। इससे पहले 14 अप्रैल को राज्य में जनमत संग्रह कराया गया था, जिसमें जनता ने भारी बहुमत से भारत में विलय के पक्ष में मतदान किया। इसके बाद 16 मई 1975 को सिक्किम को औपचारिक रूप से भारत का 22वां राज्य घोषित किया गया। इस निर्णय को अधिकांश देशों ने मान्यता दी, हालांकि चीन ने इसे लंबे समय तक स्वीकार नहीं किया।

इसी तारीख से जुड़ी दूसरी बड़ी घटना 26 अप्रैल 1986 की है, जब चेर्नोबिल हादसे ने पूरी दुनिया को हिला दिया। तत्कालीन सोवियत संघ (अब Ukraine) में स्थित चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र में हुए इस विस्फोट को इतिहास का सबसे भयानक परमाणु हादसा माना जाता है।

यह हादसा प्रीप्यत शहर के पास स्थित परमाणु रिएक्टर में हुआ, जहां विस्फोट इतना भीषण था कि रिएक्टर की छत उड़ गई। शुरुआती हादसे में 30 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि रेडियोधर्मी विकिरण के कारण लाखों लोग प्रभावित हुए। रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 50 लाख लोग इस त्रासदी की चपेट में आए और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के चलते हजारों लोगों की जान गई।

इस हादसे से निकला रेडिएशन हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराए गए परमाणु बमों से भी अधिक घातक था, जिसका असर वर्षों तक उत्तरी और पूर्वी यूरोप में महसूस किया गया। इस त्रासदी के बाद वैश्विक स्तर पर परमाणु सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हुई और कई देशों ने अपने सुरक्षा मानकों को सख्त किया।

इस तरह 26 अप्रैल इतिहास में एक ऐसी तारीख बन गई, जो जहां एक ओर राजनीतिक एकीकरण की कहानी कहती है, वहीं दूसरी ओर मानवता को तकनीकी जोखिमों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी भी देती है।

महत्वपूर्ण घटनाचक्र

1654 – यहूदियों को ब्राजील से निकाला गया।

1755 – रूस का पहला विश्वविद्यालय राजधानी मॉस्को में खोला गया।

1828 – यूनान की आजादी के समर्थन में रूस की तुर्की के खिलाफ युद्ध की घोषणा।

1903 – गांधीजी ने दक्षिण अफ्रीका में वकालत शुरू की और वहां ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन की स्थापना की।

1959 – क्यूबा ने पनामा पर आक्रमण किया।

1962 – पहली बार अमेरिकी अंतरिक्ष यान ने चांद की सतह को छुआ।

1964 – तंगांयिका और जंजीबार के विलय के बाद तंजानिया संयुक्त गणराज्य की स्थापना हुई और जूलियस न्येरेरे इसके प्रथम राष्ट्रपति बने।

1975 – सिक्किम भारत का 22वां राज्य बना।

1986 – तत्कालीन सोवियत संघ के यूक्रेन प्रांत के चेरनोबिल में परमाणु हादसा हुआ,जिससे बड़ी मात्रा में रेडियोधर्मी विकिरण हुआ।

1999 – नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री तथा नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष मनमोहन अधिकारी का निधन।

2004 – ईराक के नये झंडे को मान्यता मिली।

2006 – भारत और उज़बेकिस्तान ने 6 समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

2007 – जापानी कंपनी सोनी ने भारत में वर्ष 2010 तक 2 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य रखा।

2008 – प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जम्मू-कश्मीर में बना 390 मेगावाट का दुलहस्ती हाइडल पावर प्रोजेक्ट देश को समर्पित किया।

2008 – अमेरिका ने भारत के साथ किये गए 123 समझौते में किसी भी परिवर्तन की सम्भावना से इन्कार किया।

2010 – बिहार सरकार ने बिहार के प्रसिद्ध चिनिया केले की ब्रांडिंग ‘गंगा केला’के रूप में करने का फैसला किया।

जन्म

1864 – पण्डित गुरुदत्त विद्यार्थी – स्वामी दयानन्द सरस्वती के शिष्य तथा आर्य समाज के पाँच प्रमुख नेताओं में से एक।

1892 – कृष्ण चन्द्र गजपति – भारत के स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे।

1908 – सर्व मित्र सिकरी – भारत के भूतपूर्व 13वें मुख्य न्यायाधीश थे।

1942 – मीनू मुमताज – भारतीय अभिनेत्री थीं।

1987 – नितिन बोस – प्रसिद्ध फ़िल्म निर्देशक, छायाकार और लेखक।

1996 – विजय कुमार यादव – भारत के जूडो खिलाड़ी हैं।

निधन

1748 – मुहम्मदशाह रौशन अख़्तर – मुग़ल वंश का 14वाँ बादशाह था।

1920 – श्रीनिवास अयंगर रामानुजन, आधुनिक काल के एक महान् भारतीय गणितज्ञ

1969 – लछमन सिंह गिल – शिरोमणि अकाली दल के राजनीतिज्ञ थे।

1982 – मलयज- प्रतिष्ठित कवि और आलोचक

1987 – शंकर- प्रसिद्ध संगीतकार (शंकर जयकिशन)

2005 – स्वामी रंगनाथानन्द – ‘रामकृष्ण संघ’ के एक हिन्दू संन्यासी थे। उनका पूर्व नाम ‘शंकरन कुट्टी’ था।

2010 – प्रभा राव, राजस्थान की राज्यपाल।

महत्वपूर्ण अवसर

चेरनोबिल दिवस

विश्व बौद्धिक सम्पदा दिवस

RASHIFAL : आज का राशिफल

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मेष
आज का दिन फायदेमंद रहेगा । सामाजिक दायरा बढ़ेगा व मान सम्मान में वृद्धि होगी । महत्वपूर्ण कार्य करने में रुचि रहेगी। आज किसी प्रभावशाली व्यक्ति से आपकी मुलाकात होने की संभावना है । व्यस्त रहेंगे। आपको किसी मामले में बड़ा निर्णय लेना पड़ सकता है ।

वृष
आज आप खुद को उर्जावान महसूस करेंगे। जीवनसाथी को किसी कार्य में सफलता मिलने से घर में खुशी का माहौल बनेगा । किसी नये प्रोजेक्ट पर काम करने से आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा । माता-पिता के साथ शॉपिंग करने जायेंगे ।

मिथुन
आज ऑफिस में काम का प्रेशर थोड़ा बढ़ सकता है । आप कुछ ऐसे मामलों में भी पड़ सकते हैं, जिनका समाधान निकालने में आपको थोड़ी परेशानी हो सकती है । पारिवारिक कामों को पूरा करने में घर के सभी सदस्यों का सहयोग प्राप्त होगा । आप अपने खर्चों को लेकर चिंतित रह सकते हैं । साथ ही आपको अपने आसपास हर चीज़ पर गौर करने की जरूरत है।

कर्क
आज किसी खास व्यक्ति से अचानक मुलाकात आपके करियर की दिशा में बदलाव ला सकती है । इस राशि के आर्ट्स स्टूडेंट्स को थोड़ी मेहनत करने की जरूरत है । आज आपका कोई काम बनते-बनते रुक सकता है, लेकिन शाम तक वो काम भी पूरा हो जायेगा ।

सिंह
आज कलात्मक कार्यों में आपकी रूचि बढ़ेगी । धैर्य से निर्णय लेने पर सफलता के नए आसार खुलेंगे । किसी काम में जीवनसाथी की मदद मिलने से आपको फायदा होगा । आपको अपने भविष्य के बारे में थोड़ा विचार करने की जरूरत है। इससे आपकी बहुत-सी उलझनें दूर होंगी ।

कन्या
आज परिवार वालों का सहयोग प्राप्त होगा । अपने काम के लिये दूसरों को सहमत कराने में आप बहुत हद तक सफल रहेंगे । आज कुछ जरूरी निर्णय आपको फायदा दिला सकते हैं। इस राशि के कारोबारियों को किसी व्यक्ति से जरूरी मुलाकात करनी पड़ सकती है ।

तुला
आज परिवार वालों के साथ टाइम स्पेंड करने का मौका मिलेगा। आपकी सभी परेशानियाँ दूर होंगी। किसी काम से थोड़ी भागदौड़ करनी पड़ सकती है । आज नये कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी । आप कोई नया कोर्स भी ज्वॉइन करने के बारे में सोच सकते हैं।

वृश्चिक
आज तरक्की के कई नए रास्ते नज़र आयेंगे । आप पारिवारिक रिश्तों के बीच सामंजस्य बनाने में सफल होंगे । शाम को बच्चों के साथ समय व्यतीत करेंगे । कई दिनों से रूके हुए काम में सफलता मिल सकती है।

धनु
आज व्यापारी वर्ग को धन लाभ होगा । आप बच्चों के साथ ख़ुशी के पल बितायेंगे । इस राशि के सिविल इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए आज का दिन अनुकूल है । उन्हें किसी बड़ी कंपनी से जॉब के लिए कॉल या ईमेल आ सकती है। आपके सकारात्मक विचारों से खुश होकर बॉस आपको कोई गिफ्ट दे सकते है ।

मकर
आज पहले किये गये काम में मेहनत का बेहतर परिणाम हासिल होगा । ऑफिस का खुशनुमा वातावरण आपके मन को उत्साह से भर देगा । आप खुद को एनर्जेटिक महसूस करेंगे । जीवनसाथी के साथ लंबी बातचीत होगी । इससे आपके रिश्तों में मजबूती आयेगी । आज कुछ नए दोस्त बनने की संभावना है । आपका सामाजिक दायरा बढ़ेगा ।

कुंभ
आज आपके भाग्य के सितारे बुलंद रहेंगे । अगर आप किसी महत्वपूर्ण काम को पूरा करने की सोच रहे हैं, तो वह काम आज पूरा हो जाएगा । आज जीवनसाथी के साथ डिनर का प्लान बना सकते हैं , इससे आपके रिश्ते मधुर बनेंगे । इस राशि के वकीलों के लिए आज का दिन उत्तम रहेगा । कोई जरूरी केस आपके पक्ष में रहेगा ।

मीन
आज किसी पुरानी बात को लेकर आप थोड़े परेशान हो सकते हैं, लेकिन शाम तक सब ठीक हो जायेगा । आज घर पर अचानक से कोई मेहमान आ सकता है जिससे घर का महौल खुशनुमा रहेगा । आप कोई सामान कहीं रखकर भूल सकते हैं इसलिए अपनी सभी जरूरी चीजों का ध्यान रखें।

NATIONAL : राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर जारी दो दिन और झुलसाएगी गर्मी, फिर बदलेगा मौसम

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जयपुर, 25 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर जारी है, लेकिन अब इससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद भी नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन यानी 25 और 26 अप्रैल को प्रदेशवासियों को तेज लू और झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा, जिसके बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा और मौसम में बदलाव आएगा।

पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। शुक्रवार को राज्य के 24 शहरों का अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच मापा गया। बाड़मेर में पारा 44.1 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे यह प्रदेश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल रहा।

दोपहर बाद उत्तर-पश्चिमी जिलों में मौसम ने हल्की करवट भी ली। चूरू, हनुमानगढ़, झुंझुनूं और बीकानेर में बादल छाने के साथ धूलभरी हवाएं चलीं, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली।

हनुमानगढ़ में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हुई। हालांकि, यहां रात का तापमान 31.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो इस सीजन की सबसे गर्म रात रही।

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 25 और 26 अप्रैल को तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। उत्तर-पश्चिमी जिलों में हीटवेव का प्रभाव रहेगा और कुछ स्थानों पर पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के असर से 16 जिलों में आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे गर्मी से राहत मिल सकती है।

राजधानी जयपुर में शुक्रवार को सीजन का सबसे गर्म दिन रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया। कोटा में भी 42 डिग्री तापमान के साथ दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। अलवर में 42.6 डिग्री तापमान के बीच नगर निगम ने सड़कों पर पानी का छिड़काव कर राहत देने का प्रयास किया।

उदयपुर, अजमेर और सीकर में भी गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। सीकर में 42 डिग्री तापमान के साथ यह सीजन का सबसे गर्म दिन रहा, वहीं जोधपुर में पारा सामान्य से करीब 4 डिग्री ऊपर पहुंच गया।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल दो दिन तक गर्मी अपने तीखे तेवर दिखाएगी, लेकिन इसके बाद आने वाला पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश के कई हिस्सों में राहत लेकर आएगा।

NATIONAL : पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अपना कुनबा बढ़ाने की रणनीति तेज कर दी है। आम आदमी पार्टी में हालिया बगावत के बाद भाजपा और आक्रामक नजर आ रही है

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ताजा घटनाक्रम में सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में जाने को पार्टी की बड़ी सियासी सफलता माना जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि भाजपा आगामी चुनाव से पहले संगठन विस्तार और राजनीतिक बढ़त हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अपना कुनबा बढ़ाने की रणनीति तेज कर दी है। आम आदमी पार्टी में हालिया बगावत के बाद भाजपा और आक्रामक नजर आ रही है। पार्टी की नजर अब कांग्रेस शिअद और आप के नाराज नेताओं पर है जिससे विरोधी दलों में बेचैनी बढ़ गई है।

साल 2022 से पहले भाजपा शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन में रही और तीन बार सरकार का हिस्सा बनी। पिछली बार पार्टी ने अकेले चुनाव लड़कर अपनी रणनीति बदली और कांग्रेस व शिअद में सेंधमारी कर कई बड़े नेताओं को अपने साथ जोड़ा। इसी ट्रेंड को भाजपा अब फिर दोहराने की तैयारी में है क्योंकि फरवरी 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।असंतुष्ट नेताओं पर भाजपा की पैनी नजर
पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा लंबे समय से अन्य दलों के असंतुष्ट नेताओं पर नजर रखती है। उनकी राजनीतिक छवि और जनाधार को परखने के बाद ही उन्हें पार्टी में शामिल किया जाता है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि पार्टी किसी पर दबाव नहीं बनाती। जब अन्य दलों के नेता अपने दल से असंतुष्ट होते हैं और उन्हें लगता है कि उनकी पार्टी अपने सिद्धांतों से भटक गई है तब वे भाजपा के करीब आते हैं।

उन्होंने बताया कि भाजपा में शामिल होने के लिए एक तय प्रक्रिया है। इसमें संभावित नेता का साक्षात्कार लिया जाता है और उसके राजनीतिक करियर व छवि का पूरा आकलन किया जाता है। सभी पहलुओं की जांच के बाद ही पार्टी उन्हें सदस्यता देती है। इस कारण यह आरोप गलत है कि भाजपा दबाव बनाकर नेताओं को शामिल करती है। पंजाब भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रितपाल बलियावाल का कहना है कि हालिया घटनाक्रम अभी शुरुआत है। उनके अनुसार कई बड़े नेता भाजपा के संपर्क में हैं और आने वाले समय में और बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

राजनीतिक बढ़त के लिए झोंकी ताकत
साल 2022 के चुनाव से पहले और उसके बाद भाजपा ने कांग्रेस और शिअद के कई प्रमुख नेताओं को अपने साथ जोड़ा। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ और वित्त मंत्री मनप्रीत बादल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा जयइंद्र कौर, प्रितपाल सिंह बलियावाल, रंजन कामरा, फतेहजंग बाजवा, केवल ढिल्लों, जगमीत सिंह, रिपजीत सिंह बराड़, अश्वनी सेखड़ी और शिअद के गोनी अजनाला, परमिंद्र बराड़, जगदीप सिंह नकई और महेंद्र कौर जोश सहित कई नेता भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

ताजा घटनाक्रम में सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में जाने को पार्टी की बड़ी सियासी सफलता माना जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि भाजपा आगामी चुनाव से पहले संगठन विस्तार और राजनीतिक बढ़त हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।

NATIONAL : राघव चड्ढा के ऐलान पर अरविंद केजरीवाल की पहली प्रतिक्रिया, ‘बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ किया धक्का

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आम आदमी पार्टी को बड़ा सियासी झटका लगा. राघव चड्ढा ने बड़ा ऐलान करते हुए शुक्रवार (24 अप्रैल) को कहा कि उनके साथ पार्टी के छह और राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल होंगे. उन्होंने आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधा और कहा कि ये पुरानी पार्टी नहीं रही. इस पर दिल्ली के पूर्व सीएम और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है.

अरविंद केजरीवाल ने अपने एक्स पोस्ट में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, “बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ किया धक्का.” कौन कौन बीजेपी में होंगे शामिल
राघव चड्ढा
अशोक मित्तल
स्वाति मालीवाल
हरभजन सिंह
संदीप पाठक
विक्रमजीत सिंह साहनी
राजेंद्र गुप्ता

ईडी का छापा पड़ा और तोड़ लिया- संजय सिंह
वहीं आप के सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, “ऑपरेशन लोटस का खेल खेला जा रहा है. हमारे सांसदों को तोड़ा जा रहा है. उनको अपनी पार्टी में शामिल किया जा रहा है. ईडी-सीबीआई का इस्तेमाल किया जा रहा है. कुछ दिन पहले अशोक मित्तल के यहां ईडी का छापा पड़ा. चीजें अपने आप में जुड़ती हैं. ईडी का छापा पड़ा और तोड़ लिया. इसका मतलब भय दिखाकर और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करके ऑपरेशन लोटस चलाया जा रहा है.”

‘मैं उनके दोस्ती के काबिल नहीं था क्योंकि…’- राघव चड्ढा
राघव चड्ढा ने कहा, “मैं प्रयास कर रहा था कि चीजें अच्छी हों. मैंने पार्टी के कार्यक्रमों से खुद को इसलिए अलग कर लिया क्योंकि मैं उनके गुनाह में शामिल नहीं होना चाहता था. मैं उनकी दोस्ती के काबिल नहीं था क्योंकि मैं उनके गुनाह में शामिल नहीं था. हमारे पास दो ही विकल्प थे. या तो हम राजनीति छोड़ दें या फिर अपने अनुभव को लेकर पॉजिटिव पॉलिक्स करेंगे. इसलिए हमने फैसला लिया कि राज्यसभा में आप के दो तिहाई सांसद खुद को बीजेपी के साथ मर्ज करते हैं.”

BUSINESS : आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द किया: ग्राहकों, वॉलेट और जमा राशि पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

एक महत्वपूर्ण नियामक कार्रवाई में, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) का बैंकिंग लाइसेंस 24 अप्रैल, 2026 को कारोबार बंद होने के समय से तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत की गई है।

इस कदम के साथ ही पेटीएम पेमेंट्स बैंक भारत में बैंकिंग कारोबार नहीं कर पाएगा। आरबीआई ने यह भी कहा है कि वह बैंक को बंद करने के लिए उच्च न्यायालय का रुख करेगा।आरबीआई ने लाइसेंस क्यों रद्द किया?

केंद्रीय बैंक ने कई गंभीर चिंताओं का हवाला दिया।

आरबीआई ने कहा कि बैंक का संचालन इस तरह से किया जा रहा था जो बैंक और उसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक था। आरबीआई ने प्रबंधन के आचरण पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह जमाकर्ताओं और जनहित के लिए प्रतिकूल था।आरबीआई ने कहा, “बैंक के कामकाज का संचालन बैंक और उसके जमाकर्ताओं के हितों के प्रतिकूल तरीके से किया गया। इस प्रकार, बैंक बीआर अधिनियम की धारा 22 (3) (बी) का अनुपालन नहीं कर रहा है।”

इसके अलावा, आरबीआई ने कहा कि बैंक को जारी रखने की अनुमति देने से किसी भी प्रकार का उपयोगी उद्देश्य या जनहित पूरा नहीं होगा।

नियामक ने यह भी कहा कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक अपने पेमेंट्स बैंक लाइसेंस से जुड़ी शर्तों का पालन करने में विफल रहा।

अब क्या होता है?

लाइसेंस रद्द होने के कारण, पेटीएम पेमेंट्स बैंक अब बैंक के रूप में काम नहीं कर सकता है और यह जमा स्वीकार नहीं कर सकता है या बैंकिंग गतिविधियां संचालित नहीं कर सकता है।

आरबीआई उच्च न्यायालय के माध्यम से कानूनी परिसमापन प्रक्रिया शुरू करेगा।

ग्राहकों के पैसे का क्या होगा?

आरबीआई ने कहा कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक के पास बैंक के बंद होने पर अपनी पूरी जमा देनदारी चुकाने के लिए पर्याप्त तरलता है।इसमें कहा गया है, “पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड के पास बैंक के समापन पर अपनी पूरी जमा देनदारी चुकाने के लिए पर्याप्त तरलता है।”

इसका मतलब यह है कि नियामक का मानना ​​है कि बैंक के पास जमाकर्ताओं को बकाया राशि लौटाने के लिए पर्याप्त धनराशि है।

वॉलेट, फास्टैग और प्रीपेड खातों के बारे में क्या?

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पहले लगाए गए प्रतिबंधों के कारण ग्राहक खातों, प्रीपेड उपकरणों और वॉलेट में नए जमा, क्रेडिट और टॉप-अप पहले ही बंद हो चुके थे।

केंद्रीय बैंक ने कहा, “पहले बैंक को 11 मार्च, 2022 से नए ग्राहकों को जोड़ना बंद करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद, 31 जनवरी, 2024 और 16 फरवरी, 2024 को बैंक पर कुछ व्यावसायिक प्रतिबंध भी लगाए गए थे, जिनमें अन्य बातों के अलावा, मौजूदा ग्राहक खातों, प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स, वॉलेट आदि में किसी भी प्रकार की और जमा/क्रेडिट/टॉप-अप की अनुमति नहीं थी।”

Paytm Payments Bank से विशेष रूप से जुड़ी सेवाओं का उपयोग करने वाले ग्राहकों को भविष्य में कंपनी के दिशानिर्देशों के आधार पर वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर स्विच करने की आवश्यकता हो सकती है।

क्या पहले भी कार्रवाई की गई थी?जी हां। आरबीआई ने पहले कई प्रतिबंध लगाए थे:

11 मार्च 2022: बैंक को नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक दिया गया।

31 जनवरी 2024 और 16 फरवरी 2024 : नए डिपॉजिट, क्रेडिट और वॉलेट टॉप-अप पर रोक सहित अतिरिक्त प्रतिबंध लागू किए गए।

यह नवीनतम निर्णय अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई है, जिसके परिणामस्वरूप लाइसेंस पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है।

अब ग्राहकों को क्या करना चाहिए?

ग्राहक निकासी की समयसीमा, रिफंड, खाता बंद करने की प्रक्रिया और लिंक की गई सेवाओं के माइग्रेशन के संबंध में आरबीआई और पेटीएम से आधिकारिक सूचना की प्रतीक्षा कर सकते हैं।

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