Saturday, June 27, 2026
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WORLD : US में बोले दत्तात्रेय होसबाले: मुस्लिम हमारे अपने, हिंदू ही थे इनके पूर्वज; RSS के सरकार्यवाह के संकेत क्या?

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारतीय मुसलमानों को लेकर बड़ी बात कही है। अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में जब उनसे मुस्लिम समुदाय के प्रति संघ के दृष्टिकोण पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही बेबाकी से अपनी बात रखी। होसबोले ने कहा कि भारत के 99.99 फीसदी मुसलमानों के पूर्वज हिंदू ही थे और वे इसी देश की मिट्टी की संतान हैं।

होसबाले ने क्या-क्या कहा? 
होसबाले ने कहा कि केवल पूजा पद्धति बदल लेने से किसी व्यक्ति की राष्ट्रीयता या उसके पूर्वज नहीं बदल जाते। उन्होंने कहा, ‘भारतीय मुसलमानों के पूर्वज भारतीय ही थे और वे हिंदू थे। इसलिए, भारत के लगभग सभी मुसलमान हिंदू मूल के ही वंशज हैं। हमारा यह मानना है कि वे हमारे समाज का अभिन्न अंग हैं।’ उन्होंने समझाया कि भले ही समय के साथ उनके धर्म या इबादत करने के तरीकों में बदलाव आया हो, लेकिन उनकी सभ्यता की जड़ें और उनकी राष्ट्रीय पहचान आज भी वही है जो सदियों पहले थी। संघ इसी विचार को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।

‘चालबाजियों से समुदाय के बीच पैदा हुआ तनाव’
उन्होंने कहा कि कुछ विशेष प्रकार की चालबाजियों और राजनीतिक हितों के कारण समय-समय पर समुदायों के बीच तनाव पैदा हुए हैं। होसबाले का मानना है कि इन गलतफहमियों को दूर करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए मुस्लिम नेतृत्व के साथ एक निरंतर और व्यापक संवाद की आवश्यकता है।

आरएसएस के वरिष्ठ नेता ने जानकारी दी कि पिछले कुछ वर्षों से संघ ने इस दिशा में सक्रिय कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ वर्षों में आरएसएस ने मुस्लिम समुदाय के प्रमुखों और बौद्धिक नेतृत्व के साथ संवाद की प्रक्रिया शुरू की है। इसका मुख्य उद्देश्य उन सभी शंकाओं और गलतफहमियों को दूर करना है, जो दशकों से किसी न किसी कारणवश बनी हुई थीं।’ 

होसबाले पर जयराम रमेश ने कसा तंज
अमेरिका के दौरे पर गए आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के एक बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। होसबाले ने वाशिंगटन में कहा था कि आरएसएस कोई अमेरिकी श्वेत वर्चस्ववादी समूह जैसा संगठन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और सेवा पर आधारित संगठन है। इस पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पलटवार करते हुए कहा कि आरएसएस दिखावे का राष्ट्रवाद करता है और विदेश में स्वीकार्यता पाने के लिए बेताब है। रमेश ने आरोप लगाया कि आरएसएस की विचारधारा यूरोपीय फासीवादी आंदोलनों से प्रेरित है। यह भारत की विविधता और एकता के विचार के खिलाफ है।

NATIONAL : उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के लिए अगले चार दिन बेहद भारी, चलेगी भीषण लू

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भारत के कई राज्यों में तेजी से गरमी बढ़ रही है। बीते कुछ दिनों में लू और गरमी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। दोपहर की धूप अभी से झुलसाने लगी है। इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर कहा है कि कई राज्यों में अगले चार दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है।

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी भागों और मध्य भारत में प्रचंड गर्मी ने कोहराम मचा दिया है। आसमान से बरसती आग और औद्योगिक इकाइयों व वाहनों से फैलते प्रदूषण ने दिल्ली-एनसीआर समेत बड़े शहरों में दुश्वारियां और बढ़ा दी हैं। ज्यादातर इलाकों में लू चल रही है और सुबह 10 बजे के बाद से ही घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। अभी तीन से चार दिन यही स्थित बनी रहने और लू चलने की प्रबल संभावना है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम हिमालयी क्षेत्रों और पूर्वोत्तर में गरज-चमक के साथ बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से मौसम खुशनुमा बना हुआ है।

इन राज्यों में चलेगी लू, नहीं मिलेगी गरमी से राहत
भारतीय मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में पिछले कई दिनों से लू चल रही है। इससे लू की स्थिति और भी गंभीर हो गई। आईएमडी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, असम, अरुणाचल, मणिपुर, कर्नाटक और महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर बारिश और तेज हवाएं चलने से लोगों को गर्मी से राहत भी मिली।

गरमी बढ़ाने वाला अल नीनो इस साल फिर ढाएगा कहर
संयुक्त राष्ट्र ने चेताया है कि पिछली बार दुनिया का तापमान रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने वाली मौसमी घटना अल नीनो के इस साल 2026 के मध्य में फिर से लौटने की उम्मीद है। जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र की मौसम एवं जलवायु एजेंसी विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने कहा कि आगामी मई से जुलाई के बीच अल नीनो के हालात बनने के पूरे आसार हैं और इसके शुरुआती संकेत भी दिखने लगे हैं।

यह मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में सतह के तापमान को बढ़ाती है। इससे हवाओं, दबाव और वर्षा के पैटर्न में परिवर्तन आता है। मौसम की  स्थिति अल नीनो और उसके विपरीत ला नीना और सामान्य स्थिति के बीच बदलती रहती है। पिछले अल नीनो के कारण 2023 अब तक का दूसरा सबसे गर्म साल और 2024 अब तक का सबसे गर्म साल बना।

भीषण गर्मी की चपेट में यूपी
उत्तर प्रदेश में प्रचंड गर्मी अपने पूरे रंग में है। शुक्रवार को प्रदेश के ज्यादातर इलाके भीषण गर्मी के चपेट में रहे। तपिश के प्रकोप से अब जनजीवन और लोगों का कामकाज प्रभावित होने लगा है। प्रयागराज, वाराणसी, हरदोई, आगरा, मेरठ,अलीगढ़ और शाहजहांपुर जैसे शहरों भयानक लू के थपेड़ों का प्रकोप रहा और दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। 45.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रयागराज प्रदेश में सर्वाधिक गर्म रहा। वहीं 44.3 डिग्री, बांदा और हमीरपुर में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

तेजी से बढ़ रहा समुद्री सतह का तापमान
डब्ल्यूएमओ ने कहा कि उसके नवीनतम मासिक वैश्विक मौसमी जलवायु अपडेट में समुद्र की सतह का तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जो मई-जुलाई की शुरुआत में अल नीनो की स्थिति की संभावित वापसी की तरफ इशारा करता है। पूर्वानुमानों से संकेत मिलता है कि अगले तीन महीनों में दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहेगा। 

डब्ल्यूएमओ ने कहा कि हालांकि, जलवायु परिवर्तन से अल नीनो घटनाओं की तीव्रता नहीं बढ़ती है, लेकिन यह इससे जुड़े असर को बढ़ा सकता है, क्योंकि गर्म महासागर और वायुमंडल से लू और भारी वर्षा जैसी चरम मौसम घटनाओं के लिए ऊर्जा और नमी की उपलब्धता बढ़ जाती है।़

NATIONAL : भागवत बोले- भारत विश्वगुरु जरूर बनेगा, कोई संदेह नहीं:राम मंदिर बनने को लेकर भी लोग शक करते थे, वैसे ही यह लक्ष्य भी अब तय है

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राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु बनेगा और इस पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक समय था, जब लोग अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण को लेकर संशय में रहते थे। इसे असंभव मानते थे।

लेकिन आज वह मंदिर सबके सामने साक्षात खड़ा है। ठीक उसी प्रकार, भारत का विश्वगुरु के रूप में पुनरुत्थान भी पूरी तरह निश्चित है और इस यात्रा को रोका नहीं जा सकता। भागवत ने यह बात नागपुर में नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट परिसर में बनने वाले भारत दुर्गा शक्ति स्थल मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में कही।

इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, स्वामी मित्रानंदजी महाराज, साध्वी ऋतंभरा और धीरेन्द्र शास्त्री सहित कई धार्मिक नेता भी मौजूद थे।

भारत के भविष्य पर संदेह न करें- भागवत

RSS चीफ ने कहा- देश के भविष्य को लेकर कोई संदेह न रखें और साहस व आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जीएं। उनके मुताबिक, अगर लोग अपने संकल्प के अनुसार कदम-दर-कदम आगे बढ़ें, तो भारत मजबूत और नैतिक रूप से सशक्त बनेगा।

उन्होंने कहा कि भारत के विश्वगुरु बनने का सपना निरंतर प्रयासों और सामूहिक अनुशासन के माध्यम से साकार होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह का परिवर्तन वर्तमान पीढ़ी में देखा जा सकता है।

उन्होंने कहा- भारत के भविष्य पर संदेह न करें। साहस और आत्मनिर्भरता के साथ जीएं और इन मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं। भारत मजबूत होगा और दुनिया का मार्गदर्शन करेगा। लोगों को संदेह था कि राम मंदिर बनेगा या नहीं, लेकिन यह बन गया। उसी प्रकार भारत का विश्वगुरु बनना निश्चित है।

पश्चिमी चश्मे को उतार फेंकने की जरूरत- भागवत

डॉक्टर भागवत ने कहा कि भारत को यदि वास्तव में समझना है, तो इसे इसकी अपनी सभ्यता और सनातन मूल्यों की दृष्टि से देखना होगा। उन्होंने कहा कि पिछले 150 वर्षों में विकसित हुई पश्चिमी सोच से भारत को नहीं समझा जा सकता। नागरिकों को इस विदेशी विचारधारा की परतों को उतार फेंकना होगा।

यदि हम अपने संकल्प के अनुसार कदम दर कदम आगे बढ़ें, तो भारत मजबूत, सदाचारी और वैश्विक मार्गदर्शक बनेगा। भागवत ने कहा कि भारत को सही मायने में समझने के लिए, लोगों को पहले भारत को गहराई से समझना होगा और फिर उसे अपने दैनिक जीवन में उतारना शुरू करना होगा।

पश्चिमी सोच को त्यागकर भारतीय परंपराओं से जुड़ें- भागवत

आरएसएस प्रमुख ने नागरिकों से पश्चिमी सोच को त्यागने और विचार एवं व्यवहार में भारतीय परंपराओं से दोबार जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन दैनिक जीवन में छोटे, लेकिन सार्थक बदलावों से शुरू होगा, जैसे कि भाषा, पहनावा, खान-पान की आदतें और सांस्कृतिक प्रथाएं।

भारत को जानना, स्वीकार करना और दैनिक जीवन में जीना जरूरी है। इस बात पर जोर देते हुए कि आत्म-साक्षात्कार की ऐसी प्रक्रिया के माध्यम से ही एक मजबूत और आत्मविश्वासी भारत की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।

NATIONAL : कभी हां, कभी न… अराघची अचानक PAK के लिए रवाना, अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की सुगबुगाहट तेज

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नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर कायम गतिरोध और खाड़ी में तीसरे अमेरिकी युद्धपोत के पहुंचने से बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अचानक शुक्रवार से तीन देशों की यात्रा पर रवाना हुए। उनकी यात्रा का पहला पड़ाव पाकिस्तान है। इसके बाद वह ओमान और रूस भी जाएंगे।

अराघची की यात्रा दोनों पक्षों के बीच शांति वार्ता जल्द शुरू कराने के कूटनीतिक प्रयासों के तहत बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सूत्रों का दावा है कि अराघची के साथ एक छोटा दल भी इस्लामाबाद पहुंचेगा। वहां वे पहले से मौजूद अमेरिकी लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा टीम के साथ बैठक करके शांति वार्ता की रूपरेखा तय करेंगे। इसके बाद उच्चस्तरीय अमेरिकी दल शनिवार रात तक इस्लामाबाद पहुंच सकता है।
अराघची के दौरे को लेकर अमेरिका ने दी प्रतिक्रिया
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अराघची के दौरे को लेकर कहा कि ईरान के पास समझौता करने का अच्छा मौका है। ईरान को केवल अपना परमाणु हथियार छोड़ना है। इससे पहले गुरुवार को ट्रंप ने भी कहा था कि वह समझौते को लेकर किसी तरह की हड़बड़ी में नहीं हैं। हालांकि, ट्रंप पर ईरान युद्ध जारी रखने के लिए एक मई से पहले संसद की मंजूरी लेने का दबाव बढ़ रहा है। इस मुद्दे पर उनकी अपनी ही पार्टी के कई सांसद विरोध में हैं।अराघटी ने रखी ये मांग
इससे पहले अराघची ने अमेरिका से विभिन्न देशों में फ्रीज ईरान की 11 खरब डॉलर की रकम को डीफ्रीज करने की मांग की। उन्होंने इसके लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया और युद्धविराम खत्म करने की चेतावनी भी दी। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि संपत्ति जारी होने तक होर्मुज पूरी तरह बंद रहेगा। बीते 24 घंटे में केवल पांच मालवाहक जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजर सके हैं।

दौरे से पहले अराघची ने की पाकिस्तान से बात
अमेरिकी सेंटकाम ने कहा है कि ईरान के दो जहाजों को इंटरसेप्ट किया है, जो गुपचुप तरीके से होर्मुज पार करने का प्रयास कर रहे थे। प्रेट्र के अनुसार, तीन देशों के दौरे से पहले अराघची ने पाकिस्तानी समकक्ष इसहाक डार और पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ चर्चा की।

हालांकि ईरानी पक्ष ने बातचीत का विस्तृत ब्योरा साझा नहीं किया, लेकिन पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय घटनाक्रम, युद्धविराम और अमेरिका-ईरान संवाद को आगे बढ़ाने के प्रयासों पर विचार-विमर्श किया।

डार ने इस दौरान लंबित मुद्दों के समाधान के लिए निरंतर संवाद और सहयोग को क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए अनिवार्य बताया। डान अखबार के अनुसार, अराघची के साथ एक छोटा वार्ता दल भी शामिल होगा। हालांकि, शांति वार्ता का नेतृत्व करनेवाले ईरानी संसद प्रमुख एमबी गलीबाफ नहीं आएंगे।

अराघची ने चेताया, 48 घंटे में खत्म कर देंगे युद्धविराम
अराघची ने चेतावनी दी है कि होर्मुज तब तक बंद रहेगा, जब तक ईरान की करीब 11 खरब डॉलर की फ्रीज संपत्ति जारी नहीं की जाती। उन्होंने एक्स पर एक वीडियो संदेश में कहा कि अगर अगले 48 घंटों के भीतर कोई ठोस प्रस्ताव नहीं आता है, तो मौजूदा युद्धविराम भी टूट सकता है। इससे पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान पर प्रतिबंधों के चलते विभिन्न देशों को ईरानी तेल व गैस निर्यात के बदले मिलनेवाली 50 से 100 अरब डालर की रकम उन्हीं देशों के बैंकों में जब्त पड़ी हुई है। ईरान ने शांति समझौते के लिए इस रकम को जारी करने की भी शर्त रखी है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर उस पर कई सालों से आर्थिक पाबंदियां लगी हैं।

युद्ध मंजूरी के लिए ट्रंप के पास केवल छह दिन शेष
न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के पास ईरान युद्ध को जारी रखने के लिए केवल छह दिन बचे हैं। अमेरिकी संविधान के अनुसार, किसी भी युद्ध को 60 दिन में संसद की मंजूरी लेनी पड़ती है। उन्होंने 28 फरवरी को शुरू युद्ध के बारे में संसद को दो मार्च को सूचित किया, जिसके चलते एक मई को 60 दिनों की अवधि पूरी हो रही है। इससे पहले उन्हें मंजूरी लेनी होगी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध को लेकर संसद में ट्रंप की स्थिति कमजोर मानी जा रही है। 100 सदस्यों वाली सीनेट में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के 53 सांसद हैं, जबकि विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 47 सदस्य हैं। ट्रंप की पार्टी के ही लगभग 10 सांसद ईरान युद्ध के विरोध में आवाज उठा चुके हैं।

हालांकि, ट्रंप के पास एक और विकल्प है। राष्ट्रपति एक बार के लिए 30 दिन का अतिरिक्त समय ले सकते हैं, लेकिन यह सिर्फ सैनिकों की सुरक्षित वापसी के लिए होता है, न कि युद्ध जारी रखने के लिए।

2003 के बाद खाड़ी में सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य जमावड़ा
रायटर के अनुसार, खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत करते हुए तीसरा विमानवाहक पोत भी तैनात कर दिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि 2003 के बाद यह पहला मौका है, जब एक साथ तीन अमेरिकी विमानवाहक पोत इस क्षेत्र में सक्रिय हैं।

हेगसेथ के अनुसार, इस संयुक्त तैनाती में लगभग 200 लड़ाकू विमान, युद्धपोतों का बेड़ा और हजारों नौसैनिक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ई्रान को पता है कि उनके पास अब भी समझौते की खिड़की खुली हुई है। वे चाहें तो वार्ता की मेज पर बुद्धिमानी से चुनाव कर सकते हैं। उन्हें बस इतना करना है कि सार्थक और साबित तरीके से परमाणु हथियार छोड़ दें।

RASHIFAL : आज का राशिफल

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मेष :  आज का दिन आनंददायक सफलता प्रदान करने वाला रहेगा। प्रभावशाली लोगों से बातचीत बहुत ही सकारात्मक रहेगी। किसी लक्ष्य को हासिल करने में भाइयों का भी बखूबी सहयोग मिलेगा। 

वृषभ :वृषभ राशि वालों के लिए समय के अनुसार अपने व्यवहार में बदलाव लाना जरूरी है। बच्चों के साथ व्यवहार करते समय उन्हीं के नजरिए से देखना उचित रहेगा। पति पत्नी के बीच संबंधों में मधुरता रहेगी। प्रेम संबंधों में भी नजदीकियां बनी रहेंगी।

मिथुन: मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। जीवन से जुड़े कुछ बदलाव होंगे।सहकर्मियों के साथ तालमेल मजबूत रहेगा और किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में आपकी भूमिका रहेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं जो भविष्य की सफलता का आधार बनेंगी।

कर्क : कर्क राशि के जातकों को आज के दिन व्यवसाय में फायदा मिलने के अवसर प्राप्त होंगे। पैसों से संबंधित मामलों में भी प्रगति होगी।लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों को मुद्रा सुधारने की आवश्यकता है।

सिंह : सिंह राशि के लोगों के लिए आज का दिन मिश्रित रहेगा। जीवनसाथी के साथ किसी भी प्रकार का मतभेद हो सकता है।पिछली कुछ गलतियों से सीख कर आप अपनी कार्यप्रणाली में कुछ परिवर्तन लाएंगे, जो कि बेहतरीन रहेंगे। युवाओं को करियर संबंधी किसी परीक्षा मे बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। घर के सदस्यों में आपसी तालमेल प्रेम पूर्ण बना रहेगा।

कन्या : कन्या राशि के लोगों के लिए आज का दिन बहुत अच्छा काम लेकर आएगा। जीवनसाथी की ओर से सहयोग मिलेगा। घर के सदस्यों में आपसी तालमेल प्रेम पूर्ण बना रहेगा। किसी मित्र के मिलने से खुशनुमा यादें भी ताजा होगी।

तुला : तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन खुशियों से भरा रहेगा। आपको आपके फंसे हुए पैसे वापस मिल सकते हैं।नौकरी में आपके बेहतरीन कार्य की सराहना होगी और पदोन्नति संबंधी खुशखबरी मिल सकती है।

वृश्चिक: वृश्चिक राशि के लोगों के लिए आज का दिन परेशानियों से भरा रहेगा। सहकर्मियों के साथ विवाद हो सकता है।काम में नेतृत्व, योजना और तेज निर्णय की अपेक्षा रहेगी। सरकारी विभाग या कॉर्पोरेट सेक्टर में इंटरव्यू संबंधी संदेश मिल सकता है।

धनु : धनु राशि के लोगों के लिए दिन परेशानियों से भरा रहेगा। आप अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए अधिक मेहनत करेंगे।जीवनसाथी आपकी किसी सख्त बात को गलत समझ सकते हैं, इसलिए संवाद को शांत रखें। सिंगल लोगों को किसी जिम्मेदार एवं प्रभावी व्यक्तित्व से सहज आकर्षण महसूस हो सकता है।

मकर: आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। जीवनसाथी के साथ घूमने जा सकते हैं और आज आपका अपने जीवनसाथी के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा।

कुंभ : आज के दिन आप किसी भी प्रकार की यात्रा या प्रवास पर जा सकते हैं। दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा।काम में सफलता मिलेगी।

मीन : मीन राशि के लोगों के लिए आज का दिन आनंद लेकर आएगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में पार्टनर के साथ सामंजस्य बढ़ सकता है।

ENTERTAINMENT : ‘धुरंधर’ के लिए राकेश बेदी को मिला 1 करोड़ का बोनस? जमील जमाली ने अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘कहां है पैसा’

राकेश बेदी ने आखिरकार उन अफवाहों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिनमें कहा जा रहा था कि उन्हें ‘धुरंधर’ फ्रैंचाइजी में अपने अभिनय के लिए आदित्य धर से 1 करोड़ रुपये का बोनस मिला है।

राकेश बेदी ने आखिरकार ‘धुरंधर’ के प्रोड्यूसर्स से 1 करोड़ रुपये का बोनस मिलने की खबरों पर रिएक्ट किया है और उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक मजेदार वीडियो पोस्ट कर सच बताया है। ऐसी खबरें सामने आई थी कि ‘धुरंधर’ में ‘जमील जमाली’ के दमदार परफॉर्मेंस के लिए मिल रहे प्यार के चलते उन्हें आदित्य धर और लोकेश धर की ओर से 1 करोड़ रुपये का बोनस दिया गया है। हालांकि, राकेश बेदी ने अब खुलासा किया है कि बोनस वाली यह पूरी बात सिर्फ एक बेबुनियाद अफवाह है। उन्हें यह पैसा नहीं मिला है।

‘धुरंधर’ एक्टर राकेश बेदी ने सोशल मीडिया के जरिए 1 करोड़ बोनस को लेकर चल रही अफवाहों का खंडन किया है। उन्होंने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें कहा, ‘आज कल इंटरनेट पर एक वीडियो बहुत वायरल हो रहा है। कई लोग मुझे भेज रहे हैं वीडियो, मीडिया वाले, दोस्त सब भेज रहे हैं वीडियो यह है कि मुझे प्रोडक्शन हाउस से धुरंधर के बाद 1 करोड़ रुपये मिला हैं।’ राकेश ने आगे कहा, ‘भैया, वो कहा पड़ा है, किसके घर में पड़ा है, किसकी जेब में है… मुझे बता दो यार। किसने छुपा के रखा है, मुझे बता दो… मैं ले लूं, क्योंकि मेरे अकाउंट में तो अब तक नहीं आया है।’

राकेश बेदी ने इसी वीडियो में आगे हंसाते हुए कहा, ‘और अगर आ गया तो बता दूं या शायद ना बताऊं, लेकिन फिलहाल नहीं मिला है यार। अभी तक तो कुछ नहीं। आप दिलवा सकते हो तो प्लीज दिलवा दो यार।’ सोशल मीडिया पर एक्टर ने ये वीडियो शेयर कर अफवाहों पर विराम लगा दिया है।

इस फिल्म में राकेश बेदी का किरदार जमील जमाली का था, जो एक RAW एजेंट है। वह भारत के सबसे बड़े दुश्मन पाकिस्तान के राजनीतिक तंत्र और सिविल प्रशासन में घुसपैठ करके उसे अंदर से धीरे-धीरे खत्म कर देता है। बता दें कि ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने दुनिया भर में 1800 करोड़ रुपये कमाए हैं। यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक बनकर उभरी है। धुरंधर के दो पार्ट आ चुके हैं, जिसकी दोनों फ्रेंचाइजी ब्लॉकबस्टर साबित हुई। अक्षय कुमार की भूत बंगला से कड़े मुकाबले के बावजूद, धुरंधर का सीक्वल अभी भी सिनेमाघरों में चल रहा है।

NATIONAL : राघव चड्ढा के अलावा AAP के वे 6 सांसद जो BJP में हुए शामिल, सभी हैं बड़े नाम

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आप आदमी पार्टी के सात सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है। इसमें राघव चड्ढा, हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। आइये जानते हैं कि किन सात सासंदों ने आम आदमी पार्टी छोड़ी है।

आप आदमी पार्टी से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया है। राघव चड्ढा के अलावा आम आदमी पार्टी के 6 और बड़े नेताओं ने AAP छोड़ दी है। जिन नेताओं ने AAP छोड़कर BJP की सदस्यता ली है, उनके नाम कुछ इस प्रकार हैं-

  1. राघव चड्ढा

राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी के युवा और प्रमुख नेताओं में से एक थे। वे राज्यसभा सांसद हैं और पहले दिल्ली में विधायक रह चुके हैं। वे चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और पार्टी के वित्तीय व रणनीतिक मामलों में अहम भूमिका निभा रहे थे। राघव चड्ढा को साफ छवि और प्रभावी वक्तृत्व के लिए जाना जाता है।

  1. संदीप पाठक
    संदीप पाठक भी आम आदमी पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के मजबूत स्तंभ माने जाते थे। वे राज्यसभा सांसद हैं और पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री भी थे। हालांकि अब वह भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। संदीप पाठक आईआईटी से पढ़े हुए हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी के विस्तार और चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
  1. अशोक मित्तल
    अशोक मित्तल एक शिक्षाविद और उद्योगपति हैं, जो लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक हैं। वह भी आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद थे, हालांकि अब उन्होंने भी आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें जाना जाता है और वे उच्च शिक्षा सुधार पर सक्रिय रहते हैं।
  2. हरभजन सिंह
    हरभजन सिंह भारत के पूर्व क्रिकेटर और प्रसिद्ध ऑफ-स्पिन गेंदबाज हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत को जीत दिलाई। क्रिकेट से संन्यास के बाद वे राजनीति में आए और राज्यसभा सदस्य बने। उनकी पहचान एक आक्रामक और जोशीले खिलाड़ी के रूप में रही है।
  3. राजेंद्र गुप्ता
    राजेंद्र गुप्ता एक भारतीय उद्योगपति और नेता हैं, जिनका जन्म 2 जनवरी 1959 को हुआ था। वे ट्राइडेंट ग्रुप के संस्थापक हैं, जो कपड़ा, कागज और केमिकल के क्षेत्र में काम करता है। उन्हें 2007 में व्यापार और उद्योग में योगदान के लिए पद्म श्री मिला। 2025 में वह आम आदमी पार्टी के टिकट पर पंजाब से राज्यसभा सांसद बने। फिलहाल राजेंद्र गुप्ता ने भी आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
  4. विक्रमजीत सिंह साहनी
    विक्रमजीत सिंह साहनी एक उद्योगपति और समाजसेवी हैं। वे सन फाउंडेशन के प्रमुख हैं और आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद थे। हालांकि अब उन्होंने भी आम आदमी पार्टी छोड़ दी है।
  5. स्वाति मालीवाल
    स्वाति मालीवाल सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता हैं। वे दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रह चुकी हैं और महिलाओं के अधिकारों के लिए सक्रिय रही हैं। वे कई सामाजिक अभियानों और जनहित मुद्दों पर मुखर आवाज उठाती रही हैं। हाल ही स्वाति मालीवाल और अरविंद केजरीवाल के बीच विवाद भी देखने को मिला था।

NATIONAL : राघव चड्ढा समेत AAP के 7 सांसदों ने छोड़ी पार्टी, भड़के संजय सिंह; बोले-‘पंजाब में शुरू हुआ ऑपरेशन लोटस’

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आम आदमी पार्टी में टूट हुई है। राघव चड्ढा ने AAP छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपने साथ 6 राज्यसभा सांसदों के होने का दावा किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी में बड़ी टूट हुई है। पार्टी में हुई इस टूट को लेकर AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी का पंजाब में ऑपरेशन लोटस शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि AAP के बागी सांसदों को पंजाब माफ नहीं करेगा। सिंह ने कहा कि आदमी पार्टी के सांसदों को तोड़ा गया है। संजय सिंह की यह प्रतिक्रिया तब सामने आई है जब राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है।

संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए AAP सांसद राघव चड्ढा ने कहा, “हमने फैसला किया है कि हम, राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को BJP में मिला लेंगे।” इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि जिस AAP को ”मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वह अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकता से भटक गई है। अब यह पार्टी देश के हित में नहीं, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम करती है। पिछले कुछ सालों से, मुझे यह महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं। इसलिए, आज हम यह घोषणा करते हैं कि मैं AAP से खुद को अलग कर रहा हूं और जनता के करीब जा रहा हूं।”

राघव चड्ढा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद AAP सांसद संजय सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “भाजपा का ऑपरेशन लोटस और राजनीति का खेल जिसमें भगवंत मान के कार्य रोकने का काम बड़े पैमाने पर शुरू हो गया है। पंजाब की सरकार वहां के बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का काम करती है। पंजाब के किसी भी व्यक्ति को कोई रोग हो तो 10 लाख रुपए तक का इलाज कराने का काम किया जाता है। ऐसी सरकार को भाजपा ने रोकने और तोड़ने का काम किया है। आज राज्यसभा के 7 सांसद अलग होकर भाजपा में शामिल हुए हैं। इन सातों नामों को पंजाब की जनता माफ नहीं करेगी। राघव चड्ढा को AAP ने क्या नहीं दिया लेकिन वो भाजपा में चले गए। इन सभी नेताओं को AAP ने जमीन से उठाकर संसद तक पहुंचाने का काम किया था लेकिन इन सातों लोगों ने पंजाब की जनता को धोखा दिया है।”

संजय सिंह ने इस दौरान यह भी कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से कहना चाहता हूं कि आपने भगवंत मान के कार्यों को रोकने का जो काम किया है, उसके लिए आपको पंजाब की जनता कभी माफ नहीं करेगी। आज पंजाब जैसी अच्छी सरकार के साथ ऑपरेशन लोटस का खेल खेला जा रहा है। प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करके ऑपरेशन लोटस का तंत्र चलाया जा रहा है।”

BUSINESS : सर्राफा बाजार में सस्ता हुआ सोना, चांदी में भी बड़ी गिरावट

सर्राफा बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान सोने के भाव में आज लगातार पांचवें दिन कमजोरी नजर आ रही है। सोने की तरह ही चांदी ने भी आज गोता लगाया है। सोना आज 1,100 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,200 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया है। इसी तरह चांदी की कीमत में भी आज 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना आज 0.49 प्रतिशत गिर कर 4,675.50 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया है। इसी तरह चांदी भी आज 76.37 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करता हुआ नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट की वजह से भारत में भी हाजिर सोने और चांदी की कीमत में गिरावट का रुख बना हुआ है।

आज की इस गिरावट के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,53,540 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,54,250 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं 22 कैरेट सोना आज 1,40,740 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,41,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। वहीं चांदी के भाव में आई गिरावट के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज 2,59,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है।

दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,53,690 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,40,890 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,53,540 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,40,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,53,590 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,40,790 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।

इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,54,250 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,41,390 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,53,540 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,40,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,53,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,40,790 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,53,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,40,890 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,53,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,40,790 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,53,690 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,40,890 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने के भाव में गिरावट का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,53,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,40,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

ENTERTAINMENT : सलमान खान की नई फिल्म ‘एसवीसी63’ ईद 2027 पर होगी रिलीज

अभिनेता सलमान खान ने अपनी नई फिल्म ‘एसवीसी 63’ को लेकर प्रशंसकों को बड़ी खुशखबरी दी है। अभिनेता ने सोशल मीडिया पर फिल्म के सेट से एक वीडियो शेयर करते हुए इसकी रिलीज तारीख का ऐलान किया। सलमान ने बताया कि उनकी यह अनाम फिल्म ईद 2027 के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस घोषणा के बाद उनके प्रशंसकों में फिल्म को लेकर उत्साह बढ़ गया है।

सलमान खान ने पोस्ट के साथ लिखा कि “थोड़ा दूर की सोचना चाहिए, इसलिए ईद की घोषणा की गई। फिक्र मत करो, इस वाली का भी बताएंगे जब सही समय आएगा। … पेशेंस, थोड़ा सा सब्र… मेरे जितना ही इंतजार करना पड़ेगा, बहरहाल जो आपका हाल है वही मेरा भी हाल है… हाहा” अपने खास अंदाज में उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह फैंस उनकी फिल्मों का इंतजार कर रहे हैं, वह खुद भी उतनी ही बेसब्री से इस फिल्म के लिए उत्साहित हैं। उनके इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है।

फिल्म का निर्देशन साउथ भारतीय निर्देशक वामशी पेडिपल्ली कर रहे हैं, जबकि इसे निर्माता दिल राजू प्रस्तुत कर रहे हैं। इस फिल्म में सलमान खान के साथ अभिनेत्री नयनतारा मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। हालांकि फिल्म के बाकी कलाकारों के नाम अभी सामने नहीं आए हैं। बताया जा रहा है कि फिल्म का मुहूर्त 22 अप्रैल को हुआ था और फिलहाल इसकी शूटिंग मुंबई में जारी है।

सलमान खान की पिछली फिल्म ‘सिकंदर’ दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई थी, ऐसे में उनकी नई फिल्म से काफी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। वहीं ‘मातृभूमि’ को लेकर भी चर्चा जारी है, लेकिन फिलहाल उनकी इस नई फिल्म की रिलीज तारीख ने फैंस के बीच नई उत्सुकता पैदा कर दी है। अब सभी की नजरें फिल्म के आधिकारिक शीर्षक और इसके पहले लुक पर टिकी हैं।

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