अमरावती विदर्भ में बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए अमरावती जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिले में जलवायु लचीलापन मजबूत करने और नागरिकों को लू से बचाने के लिए प्रशासन ने इनक्रिस प्रोजेक्ट के तहत सुरक्षात्मक उपायों को तेज कर दिया है।
विदर्भ में सबसे अधिक पारा अकोला में दर्ज किया गया है। वहीं दूसरे नंबर पर अमरावती है। अमरावती में पारा 44 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा संचालित इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर वर्ग, विशेषकर किसानों और कृषि मजदूरों को अत्यधिक गर्मी से बचाना है।
पहले चरण में जिले के पुसदा, यावली, शिराला, रोहनखेड, भातकुली, खोलापुर और दर्यापुरदारापुर जैसे गांवों और चुनिंदा ब्लॉक्स में गहन मूल्यांकन किया गया है। इस प्रक्रिया में महिला किसानों, खेतिहर मजदूरों, आशा स्वयंसेविकाओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल हुए।

सर्वेक्षण में कमियां और समाधानप्रशासन द्वारा किए गए सर्वे में यह बात सामने आई कि खेतों और कार्यस्थलों पर पीने के पानी, छाया साये और विश्राम के स्थानों की भारी कमी है। इसके समाधान के लिए गर्मी प्रतिरोधी कूलिंग कॉरिडोर और विश्राम क्षेत्रों का निर्माण, प्रमुख स्थानों पर ठंडे पानी के डिस्पेंसर लगाना, धूप में काम करने वाले मजदूरों और किसानों के लिए हरे रंग के शेड की व्यवस्था, स्थानीय स्तर पर कूलिंग के उचित इंतजाम कर स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को बनाए रखना जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा गर्मी का सामना करने के लिए जल्द ही जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही पूरे जिले में हीट स्ट्रोक उष्माघात से बचाव के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।


