वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने महिला आरक्षण बिल का लोकसभा में विरोध किए जाने के मसले पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत तमाम विपक्षी दलों को घेरा। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल विपक्ष के विरोध के कारण गिर गया था। इस कारण महिलाओं को 2029 के लोकसभा चुनाव से 33 फीसदी आरक्षण देने का मसला फिलहाल लटकता दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए उनके आक्रोश का सामना करने के लिए तैयार रहने की बात कही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में भारी वोटिंग और उसमें महिलाओं की भागीदारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं घरों से निकलकर आ रही हैं और अपने आक्रोश का प्रदर्शन अपने वोट के जरिए कर रही हैं। चुनाव परिणाम में यह विपक्षी दलों को दिखेगा। साथ ही, उन्होंने केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भी महिलाओं के आक्रोश को वोटों के जरिए दिखने की बात कही।
पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण की वोटिंग बुधवार 29 अप्रैल को होने वाली है। ऐसे में वाराणसी की धरती से पीएम नरेंद्र मोदी बंगाल चुनाव के मैदान में बड़ा संदेश देते दिखाई दिए। उन्होंने सीधे तौर पर महिलाओं के आक्रोश को वोटो के जरिए भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में पड़ने की बात कही। साथ ही, महिलाओं के विकास और उत्थान को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री बनने तक किए गए कार्यों का भी जिक्र किया।

पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर जोरदार हमला बोला। प्रधानमंत्री ने कहा कि नई संसद बनी तो पहला काम हमने बहनों को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ही किया। 40 वर्षों से बहनों का यह अधिकार लटका हुआ था। इसलिए, वर्ष 2023 में संसद में नारी शक्ति अधिनियम पारित करवाया। पीएम ने कहा कि कानून बनने के बाद उसका लागू होना आवश्यक होता है, इसलिए पिछले दिनों संसद में इसको लेकर चर्चा की गई।
पीएम मोदी ने कहा कि संविधान में संशोधन को लेकर हम कानून लेकर आए। यह संशोधन ऐसा था जिसके बाद ज्यादा संख्या में बहनें विधानसभा और लोकसभा में पहुंच पातीं, लेकिन कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके जैसी पार्टियों ने एक बार फिर देश की महिलाओं को धोखा दिया। ऐसे दलों ने 40 सालों से रोक लगाई हुई थी और फिर इसे लाल झंडी दिखा दी।
पीएम मोदी ने विपक्ष पर परिवारवादी दलों वाला हमला बोला। उन्होंने कहा कि असल में सारे परिवारवादी और तुष्टिकरण में डूबे दल नारी शक्ति से डरे हुए हैं। ये परिवारवादी दल देश की उन बेटियों को विधानसभा और संसद नहीं आने देना चाहते हैं, जो कॉलेज कैंपस से लेकर पंचायतों और स्थानीय निकायों तक अपने दम पर नेतृत्व दे रही हैं। ये जानते हैं कि अगर धरातल पर काम करने वाली बेटियां ऊपर आ गईं तो इनका नियंत्रण खत्म हो जाएगा। इनकी सत्ता पर सवाल खड़े हो जाएंगे।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यही कारण है कि जो परिवारवादी दल हैं, वह संसद में हुए विरोध में सबसे आगे रहे हैं। पीएम ने दावा किया कि ऐसे तमाम दलों को माताएं और बहनें उनकी जगह दिखाने का कार्य करेंगी। पीएम मोदी के वाराणसी में किए गए हमले पर राजनीति गरमाने लगी है।

