WORLD : जून-तिमाही में घरों की बिक्री जनवरी-2023 के बाद सबसे कम:ईरान युद्ध और सप्लाई चेन संकट से सेंटीमेंट बिगड़ा; टॉप-7 शहरों में 90,715 घर बिके

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देश में अप्रैल-जून तिमाही के दौरान रेसिडेंशियल घरों की बिक्री में बड़ी गिरावट आई है। यह जनवरी 2023 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। इस बात की जानकारी रियल एस्टेट कंसलटेंट फर्म एनरॉक ने दी।

ईरान युद्ध के कारण बनी अनिश्चितता और सप्लाई चेन में रुकावटों की वजह से देश भर में बायर्स का सेंटीमेंट प्रभावित हुआ है। वित्त-वर्ष 2026 में कुल 4,04,005 यूनिट्स की बिक्री हुई है, जो FY23 के बाद सबसे कम है।

घरों की बिक्री 6% घटी, पुणे में सबसे ज्यादा 15% गिरावट

एनरॉक के डेटा के अनुसार, इस तिमाही में घरों की बिक्री सालाना आधार पर 6% घटकर 90,715 यूनिट्स रह गई है, जबकि Q2 2025 में 96,285 यूनिट्स बिकी थीं।

तिमाही-दर-तिमाही आधार पर देखें तो हाउसिंग सेल्स में 11% की गिरावट आई है। टॉप 7 शहरों में से केवल कोलकाता में 10%, हैदराबाद में 2% और बेंगलुरु में 1% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई है।

दूसरी तरफ पुणे में इस तिमाही के दौरान सबसे ज्यादा 15% की सालाना गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट, जीसीसी आधारित रोजगार केंद्रों और इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर में अभी भी सबसे ज्यादा सेल्स ग्रोथ है।

एमएमआर और बेंगलुरु की हिस्सेदारी 48% से ज्यादा रही

देश के टॉप-7 शहरों की कुल बिक्री में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन और बेंगलुरु की हिस्सेदारी 48% से ज्यादा रही है। Q2 2026 में इन दोनों शहरों में कुल मिलाकर लगभग 43,995 यूनिट्स की बिक्री हुई है।

एनरॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि ये आंकड़े अनुमान के मुताबिक ही हैं, क्योंकि पूरे सेक्टर पर मिडल ईस्ट वॉर का असर साफ दिख रहा था।

इसके अलावा युद्ध के कारण पैदा हुई रुकावटों और आईटी/आईटीईएस सेक्टर में एआई से जुड़ी अनिश्चितताओं ने बायर्स को फिलहाल इंतजार करने पर मजबूर कर दिया है।

नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग सालाना 7% बढ़ी

मार्केट में नए घरों की लॉन्चिंग में सालाना आधार पर 7% की बढ़ोतरी हुई है। यह Q2 2025 के 98,625 यूनिट्स से बढ़कर Q2 2026 में 1,06,000 यूनिट्स पर पहुंच गई।

नए सप्लाई में एमएमआर और बेंगलुरु का दबदबा रहा, जो कुल नई इन्वेंट्री का 53% है। कुल नई लॉन्चिंग में एमएमआर, पुणे, हैदराबाद और बेंगलुरु की हिस्सेदारी 81% रही।

बेंगलुरु: यहां Q2 2026 में नई सप्लाई में सालाना आधार पर 41% की भारी बढ़ोतरी हुई, लेकिन तिमाही आधार पर 11% की गिरावट आई।
एमएमआर: यहां नए सप्लाई में सालाना 23% की बढ़ोतरी हुई, जबकि तिमाही आधार पर 14% की गिरावट रही।
तिमाही आधार पर टॉप शहरों में नई सप्लाई 16% घटी

अनुज पुरी ने बताया कि बड़े और लिस्टेड डेवलपर्स ने 2025 में खरीदे गए बड़े लैंड पार्सल पर प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए, जिससे सालाना आधार पर नए लॉन्च मजबूत रहे।

हालांकि, तिमाही आधार पर टॉप शहरों में नई सप्लाई 16% घटी है, क्योंकि कमजोर बायर्स सेंटीमेंट के कारण कई डेवलपर्स ने नए सप्लाई की रफ्तार धीमी कर दी है।

घरों की औसत कीमतों में 7% की सालाना बढ़ोतरी, NCR में सबसे ज्यादा उछाल

टॉप-7 शहरों में औसत रेसिडेंशियल कीमतों में तिमाही आधार पर 1% की बढ़ोतरी हुई, लेकिन सालाना आधार पर यह 7% बढ़ी है। पिछले साल देखी गई डबल-डिजिट ग्रोथ के मुकाबले इस तिमाही में सालाना ग्रोथ रेट कम हुआ है।
दिल्ली-एनसीआर में Q2 2026 के दौरान सालाना आधार पर सबसे ज्यादा 13% की कीमत ग्रोथ देखी गई, जबकि तिमाही आधार पर यह ग्रोथ 2% रही। इसके बाद बेंगलुरु 8% की सालाना कीमत बढ़ोतरी के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
टॉप 7 शहरों में उपलब्ध कुल इन्वेंट्री (बिना बिके घर) Q2 2026 के अंत तक बढ़कर 6.16 लाख यूनिट्स से ज्यादा हो गई है। Q2 2025 के अंत में यह आंकड़ा 5.62 लाख यूनिट्स था, जिसमें सालाना 10% की बढ़ोतरी हुई है।
बेंगलुरु में इन्वेंट्री में सबसे ज्यादा 34% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई। यहाँ इन्वेंट्री Q2 2025 के अंत में लगभग 58,890 यूनिट्स थी, जो Q2 2026 के अंत तक बढ़कर लगभग 79,180 यूनिट्स हो गई है।
क्या होती है इन्वेंट्री?

रियल एस्टेट भाषा में ‘इन्वेंट्री’ का मतलब उन तैयार या निर्माणाधीन घरों से होता है जो डेवलपर्स के पास बेचने के लिए उपलब्ध हैं लेकिन अभी तक बिके नहीं हैं।

मार्केट सेंटीमेंट बिगड़ने के मुख्य कारण

मिडल ईस्ट में चल रहा युद्ध, ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही रुकावटें और आईटी सेक्टर में एआई के कारण पैदा हुई नौकरियों की अनिश्चितता।

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