WORLD : ट्रंप ने पीएम मोदी को किया फोन, 40 मिनट हुई बातचीत, होर्मुज जलमार्ग को लेकर की अहम चर्चा

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन करके पश्चिम एशिया संकट के बारे में जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने होर्मुज जलमार्ग को खुला और सुरक्षित रखने की जरूरत पर जोर दिया। ट्रंप के साथ फोन पर हुई लगभग 40 मिनट की बातचीत के बाद मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने और अमेरिकी राष्ट्रपति ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष सभी क्षेत्रों में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “मुझे मेरे मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया था। हमने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हासिल की गई महत्वपूर्ण प्रगति का जायजा लिया। हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने लिखा, “हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और होर्मुज जलमार्ग को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया।”

ट्रंप-मोदी की बातचीत के बाद अमेरिकी राजदूत ने कहा कि नयी दिल्ली और वाशिंगटन के बीच आने वाले दिनों में ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुछ बड़े सौदे होने की उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने इन सौदों के बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया। यह अमेरिकी राष्ट्रपति और पीएम मोदी के बीच इस साल फोन पर हुई तीसरी बातचीत थी। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हाल में हुई शांति वार्ता के बाद यह दोनों नेताओं की पहली बातचीत है। ट्रंप और पीएम मोदी ने 2 फरवरी को एक व्यापार समझौते में हुई प्रगति की घोषणा करने और 24 मार्च को पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा करने के लिए फोन पर बातचीत की थी।

गोर के मुताबिक, बातचीत के अंत में ट्रंप ने पीएम मोदी से कहा, “मैं बस आपको यह बताना चाहता हूं कि हम सब आपसे प्यार करते हैं।” अमेरिकी राजदूत ने कहा, “कुछ बड़े सौदे हैं, जिनकी घोषणा अगले कुछ दिनों या हफ्तों में की जाएगी। हमारे रिश्ते मजबूत स्थिति में हैं, कुछ बहुत ही दिलचस्प और रोमांचक होगा।”

अमेरिकी राजदूत ने कहा, “तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोत्तरी का केवल एक ही कारण है और वह यह है कि कोई (ईरान) इस क्षेत्र को बंधक बनाए हुए है।” उन्होंने कहा, “जाहिर है कि अमेरिका इस जलमार्ग को खोलना चाहता है और इसलिए मुझे लगता है कि इससे भारत सहित पूरी दुनिया को फायदा होगा।” गोर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी पर भी चर्चा की।

सर्जियो गोर ने इस्लामाबाद में वार्ता विफल होने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच नयी बातचीत की संभावनाओं से जुड़े सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “भविष्य में होने वाली किसी भी वार्ता की घोषणा करना मेरा काम नहीं है। उन्होंने नाकेबंदी और होर्मुज जलमार्ग जल्द से जल्द फिर से खोलने के महत्व पर चर्चा की। सच कहूं तो, इस वजह से पूरा क्षेत्र, पूरी दुनिया पीड़ित है।”

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत नाकाम रहने का एक प्रमुख कारण यह था कि दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद गहरे अविश्वास को दूर करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए। अमेरिका और ईरान के संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं जिनमें राजनीतिक, सामरिक और वैचारिक मतभेद गहराई से जुड़े हुए हैं। ऐसे में पहले पर्दे के पीछे से कूटनीतिक और छोटे-छोटे समझौते पर आगे बढ़ने की जरूरत थी लेकिन सीधे औपचारिक वार्ता शुरू कर दी गई। यही कारण था कि लंबी वार्ता के बावजूद संवाद सकारात्मक दिशा में आगे नहीं बढ़ पाया। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें

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