WORLD : 14 साल की बच्ची को देख हैवान बना 41 साल का अरशद हबीब, इस्लाम कबूल कराया, फिर चौथी बीवी बना लिया

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पाकिस्तान के लाहौर से अल्पसंख्यकों पर जुल्म की एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने इंसानियत को पूरी तरह शर्मसार कर दिया है. यहां 41 साल के एक शादीशुदा मुस्लिम शख्स अरशद हबीब ने मिर्गी और मानसिक बीमारी से जूझ रही 14 साल की एक मासूम ईसाई बच्ची निशा बीबी को अपनी हवस का शिकार बनाने के लिए किडनैप कर लिया. अपनी तीन शादियों और बच्चों की बात छुपाकर दरिंदे अरशद ने इस लाचार बच्ची का जबरन इस्लाम में धर्म परिवर्तन कराया और उसे अपनी चौथी बीवी बना लिया.

इस्लामाबाद: पाकिस्तान से एक बार फिर अल्पसंख्यकों पर जुल्म बेहद खौफनाक खबर सामने आई है. लाहौर में एक 41 साल के शादीशुदा मुस्लिम शख्स ने 14 साल की एक मासूम ईसाई बच्ची को अपना शिकार बनाया है. आरोपी ने पहले इस मिर्गी और मानसिक बीमारी से जूझ रही लाचार बच्ची का अपहरण किया, फिर जबरन उसका धर्म बदलवाकर उससे निकाह कर लिया. पाकिस्तान में हिंदू और ईसाई लड़कियों के जबरन धर्मांतरण का ये कोई पहला मामला नहीं है, लेकिन इस बार एक बीमार और नाबालिग बच्ची को निशाना बनाकर हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गई हैं.

लाहौर में एक 41 साल के शादीशुदा मुस्लिम आदमी ने मिर्गी और मानसिक स्वास्थ्य की दिक्कतों से जूझ रही 14 साल की एक ईसाई लड़की को किडनैप किया, जबरदस्ती उसका इस्लाम में धर्म बदलवाया और उसकी स्वास्थ्य का फायदा उठाते हुए उससे निकाह कर लिया.

क्रिश्चियन डेली इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, लाहौर की गुलबहार कॉलोनी में दिहाड़ी मजदूर और लोकल ब्रेथ्रेन चर्च के सदस्य अब्बास मसीह ने बताया कि उनकी बेटी निशा बीबी एक मुस्लिम घर में घरेलू मदद का काम करती थी. वह 12 मई को काम से घर नहीं लौटी. मसीह ने क्रिश्चियन डेली इंटरनेशनल-मॉर्निंग स्टार न्यूज को बताया, ‘जब निशा काम से घर नहीं लौटी, तो हम उसके मालिक के घर गए, जहां हमें बताया गया कि वह पहले ही जा चुकी है’

उन्होंने बताया कि जब वो नहीं मिली तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया. उन्होंने कहा कि मालिक के घर से मिले सीसीटीवी फुटेज में निशा को एक अनजान अधेड़ उम्र के आदमी के साथ जाते हुए दिखने के बाद पुलिस ने किडनैपिंग की एफआईआर दर्ज की. उन्होंने कहा कि परिवार ने सीसीटीवी फुटेज से लिया गया स्क्रीनशॉट उस इलाके के लोगों के साथ साझा करके उस आदमी की पहचान करने की भी कोशिश की.

मसीह ने कहा, ‘जहां मेरी बेटी काम करती थी, वहां सामने वाले घर में काम करने वाली एक महिला ने तुरंत उस आदमी को अपने पति अरशद हबीब के रूप में पहचान लिया’. महिला ने बताया कि हबीब उसी दिन उनके दो नाबालिग बच्चों के साथ बिना बताए गायब हो गया था.

क्रिश्चियन डेली इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, मसीह ने कहा कि उनकी बेटी को मिर्गी है और उसे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें हैं और उसकी मानसिक हालत ने उसे आसान टारगेट बना दिया था. उन्होंने आगे कहा, ‘हमें बाद में पता चला कि आरोपी की पहले ही तीन शादियां हो चुकी हैं और उन शादियों से उसके बच्चे भी हैं’. उनके मुताबिक, पुलिस ने बाद में परिवार को डॉक्यूमेंट्स दिखाए, जिसमें दावा किया गया था कि निशा ने 15 फरवरी को इस्लाम धर्म अपना लिया था और तीन दिन बाद हबीब से निकाह कर लिया था.

मसीह ने कहा, ‘हम यह देखकर हैरान रह गए कि मेरी बेटी ने अपनी मर्जी से धर्म बदला और आरोपी से निकाह किया. इसके सबूत के तौर पर एक कथित कन्वर्जन सर्टिफिकेट और शादी के डॉक्यूमेंट्स पेश किए गए’. उन्होंने कहा कि ये डॉक्यूमेंट्स हबीब को क्रिमिनल केस से बचाने के लिए बनाए गए लगते हैं.

परिवार की वकील जुनारा पैट्रिक ने कहा कि हबीब ने कथित तौर पर एक साथ कई बार निकाह किया था. पैट्रिक ने कहा कि कानूनी टीम ने हबीब को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रहीम यार खान जिले में पाया, जहां वह कथित तौर पर निशा और अपनी तीसरी पत्नी से दो बच्चों के साथ रह रहा था.

पैट्रिक ने कहा कि आरोपी ने अपनी तीसरी पत्नी की ओर से अपने दो बच्चों को वापस पाने के लिए एक हेबियस कॉर्पस पिटीशन फाइल की है और निशा के किडनैपिंग केस में हबीब को मुख्य आरोपी बनाया है. पैट्रिक के मुताबिक, हबीब ने जांचकर्ताओं को गुमराह करने के लिए नकली कानूनी डॉक्यूमेंट्स तैयार किए हैं.

पैट्रिक ने कहा, ‘2 मार्च को लाहौर में एक मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए एक बयान में दावा किया गया है कि निशा 18 साल की है, उसने अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म अपनाया है और हबीब से अपनी मर्जी से निकाह किया है’. उन्होंने बयान के असली होने से इनकार किया और हबीब पर जिम्मेदारी से बचने के लिए धर्म का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.

अप्रैल की शुरुआत में एक रिपोर्ट में पता चला कि पाकिस्तान में पुलिस ने एक 15 साल की ईसाई लड़की को रेस्क्यू करने से मना कर दिया है, जिसे बंदूक की नोंक पर किडनैप किया गया था. पीड़ित पिता ने आरोप लगाया कि उस बच्ची को जबरदस्ती इस्लाम धर्म कबूल करवाया गया और किडनैपर से शादी करवाई गई.

क्रिश्चियन डेली इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के जरानवाला शहर के अफजल जावेद मसीह ने कहा कि उनकी बेटी सिदरा बीबी को 27 मार्च को अली मुर्तजा नाम के एक मुस्लिम आदमी और उसके दो साथियों ने उनके घर से किडनैप कर लिया. उन्होंने आगे कहा कि वे लोग दीवार फांदकर घर में घुसे और बंदूक की नोंक पर सिदरा को किडनैप कर लिया.

मसीह ने कहा कि पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन उन्होंने सिदरा बीबी की उम्र 15 साल के बजाय 17 साल गलत लिखी, जो उनके आधिकारिक जन्म सर्टिफिकेट पर लिखी है. उन्होंने आगे कहा, ‘मैं अनपढ़ हूं और मुझे इस अंतर के बारे में बाद में पता चला, जब एक कार्यकर्ता ने इस ओर ध्यान दिलाया’.

उन्होंने कहा कि पुलिस ने शुरू में संदिग्ध के रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया. डॉक्यूमेंट्स सामने आए जिनमें दावा किया गया था कि सिदरा बीबी ने इस्लाम धर्म अपना लिया था और पंजाब के रहीम यार खान जिले में मुर्तजा अली से अपनी मर्जी से शादी कर ली थी.

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