BHAKTI : अक्षय तृतीया आज, जानें पूजा-खरीदारी का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, कथा सहित सबकुछ

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इस साल अक्षय तृतीया पर कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में मां लक्ष्मी, कुबेर जी की पूजा करने के साथ खरीदारी करना शुभ माना जा रहा है। आइए जानते हैं अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा, मंत्र, कथा सोना-चांदी खरीदने का समय सहित सबकुछ

हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का अत्यंत विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य के लिए पंचांग या मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं पड़ती, इसलिए इसे अबूझ मुहूर्तों में शामिल किया जाता है। हर वर्ष यह पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है और इसे नई शुरुआत, समृद्धि और शुभ फल देने वाला दिन माना जाता है। इस वर्ष की अक्षय तृतीया और भी खास मानी जा रही है, क्योंकि ग्रहों की स्थिति के अनुसार कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। इस दिन त्रिपुष्कर योग से लेकर गजकेसरी योग, मालव्य योग, लक्ष्मी नारायण योग, रवि योग, अक्षय योग आदि बन रहे हैं। इन सभी योगों के कारण इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस शुभ अवसर पर मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है, जिससे घर में सुख-शांति आती है और धन-समृद्धि में वृद्धि होती है।

इस दिन सोना-चांदी या अन्य कीमती वस्तुएं खरीदना भी अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि इसे स्थायी समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में अक्षय तृतीया पर क्या खरीदें, पूजा कैसे करें, कौन से मंत्रों का जाप करें और किन बातों का ध्यान रखें। आइए जानते हैं अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा, लक्ष्मी आरती, कुबेर जी आरती सहित अन्य जानकारी…

19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त है। इसकी कुछ अवधि 1 घंटे 32 मिनट की होगी।

शास्त्रों में अक्षय तृतीया के दिन किए जाने वाले 14 महादानों के बारे में बताया गया है। इन्हें करने से सुख-समृद्धि के साथ अक्षय पुण्य की प्राप्ति हो सकती है।

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