छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख, प्रधानमंत्री मोदी की ओर से 2-2 लाख और वेदांता कंपनी की ओर से 35-35 लाख रुपये दिए जाएंगे. साथ ही कंपनी, हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी देगी. हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड समेत पांच राज्यों के रहने वाले हैं.सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई. बॉयलर का ट्यूब फटने से प्लांट में हुए हादसे में शुरुआत में चार मजदूरों की मौत हुई थी. इसके बाद से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. 2-3 मजदूरों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है. हादसे में 23 मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए थे.
छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया गया है. प्रधानमंत्री मोदी की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे. वेदांता कंपनी की ओर से प्रत्येक मृतक परिवार को 35-35 लाख रुपये और एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया गया है.

हादसे में घायल लोगों का जिला प्रशासन की निगरानी में बेहतर इलाज किया जा रहा है. घायलों के लिए 5 एयर एम्बुलेंस स्टैंडबाय पर रखी गई हैं, जरूरत पड़ने पर उन्हें हैदराबाद के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा. बुधवार 15 अप्रैल को कलेक्टर-एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि मृतकों के शव उनके गृहग्राम भेजे जा रहे हैं.
सीएम ने जताया दुख
हादसे में 20 लोगों की मौत पर सीएम सीएम विष्णुदेव साय ने दुख जताया है. उन्होंने कहा कि हम अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं. साथ ही, शोकाकुल परिजनों को इस दुःख की घड़ी को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना करते हैं. जो लोग घायल हैं, उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना है.
हादसे में जान गंवाने वाले 17 मजदूर 5 राज्यों
रितेश कुमार (सोनबर्शा, भागलपुर, बिहार)
अमृत लाल पटेल (मंझापारा, डभरा, सक्ती, छत्तीसगढ़)
थंडा राम लहरे (मालखरौदा, सक्ती, छत्तीसगढ़)
तरुण कुमार ओझा (सिंदरी, धनबाद, झारखंड)
आकिब खान (दरभंगा, बिहार)
सुसांत जना (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल)
अब्दुल करीम (झारखंड)
उधव सिंह यादव (रायगढ़, छत्तीसगढ़)
शेख सैफुद्दीन (हल्दिया, पश्चिम बंगाल)
पप्पू कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश)
अशोक परहिया (पलामू, झारखंड)
मनस गिरी (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल)
बृजेश कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश)
रामेश्वर महिलांगे (जांजगीर–चांपा, छत्तीसगढ़)
कार्तिक महतो (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल)
नदीम अंसारी (सक्ती, छत्तीसगढ़)
शिबनाथ मुर्मू (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल)
तीन अन्य


