Sunday, September 20, 2026
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NATIONAL : राम मंदिर के चढ़ावे में गबन की जांच के लिए पीएमओ से पहुंचे अफसर, आज पहुंचेगी एसआईटी

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राम मंदिर के चढ़ावे में गबन के मामले के तूल पकड़ने के बाद केंद्र भी सक्रिय हो गया है। रविवार को पीएमओ की तरफ से एक बड़े अफसर के मंदिर पहुंचने की चर्चा है। अफसर अपने स्तर से जांच पड़ताल के बाद जानकारी जुटाकर पीएमओ को देंगे। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय एसआईटी (विशेष जांच दल) सोमवार को अयोध्या पहुंचेगी। टीम ट्रस्ट के पदाधिकारियों से जानकारी लेने के साथ मंदिर के कर्मचारियों और चिह्नित संदिग्धों से पूछताछ करेगी। ट्रस्ट की ओर से की गई अब तक की जांच का पूरा ब्योरा भी जुटाएगी। इस बीच एक सप्ताह पहले उजागर हुए इस मामले में गबन के साक्ष्य मिलने के बाद भी अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।

मंदिर की दान राशि में हेरफेर का मामला बीते सप्ताह उजागर हुआ था। ट्रस्ट के पदाधिकारी तब से खुद ही गोपनीय जांच में जुटे हैं। ट्रस्ट के ऑफिस के पास किसी भी बाहरी शख्स के जाने पर रोक है। इन सबके बीच शनिवार को श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था।

इसमें लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज लखनऊ किरन एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन शामिल हैं। चर्चा थी कि एसआईटी रविवार से जांच शुरू करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी सोमवार को अयोध्या पहुंचकर जांच शुरू करेगी। टीम केवल धन के लेन-देन और तकनीकी पहलुओं की जांच ही नहीं, बल्कि यह भी पता लगाएगी कि किसी स्तर पर संरक्षण, लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई। किसी ट्रस्टी या पदाधिकारी की संलिप्तता या प्रशासनिक चूक के प्रमाण मिलने पर उनके अधिकार सीमित किए जा सकते हैं।

अधिकारियों से मिले बिना लखनऊ रवाना हुए विनय कटियार
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर अधिकारियों से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराने का एलान करने वाले पूर्व सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता विनय कटियार रविवार को अधिकारियों से मिले बिना ही लखनऊ रवाना हो गए।

विनय कटियार ने शनिवार को अयोध्या पहुंचने के दौरान कहा था कि वह रविवार सुबह डीआईजी और एसएसपी से मिलकर राम मंदिर के चढ़ावे में कथित घपला करने वालों के खिलाफ शिकायत करेंगे तथा दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि किसी ने श्रद्धालुओं के दान में गड़बड़ी की है तो उसे जेल भेजा जाना चाहिए। हालांकि रविवार को उनके अधिकारियों से मिलने का कार्यक्रम नहीं हो सका और वह बिना किसी औपचारिक शिकायत के ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए।

नृपेंद्र मिश्र ने लिया दानपेटियों का जायजा
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने रविवार को श्रीराम जन्मभूमि परिसर में दानपेटियों और चढ़ावे के प्रबंधन की व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने चढ़ावा संग्रह, सुरक्षा और बैंक में जमा कराने तक की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने रामलला के गर्भगृह में रखी दान पेटियां भी देखीं। मिश्र ने जांच के लिए गठित एसआईटी पर भरोसा जताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 24 घंटे से भी कम समय में जांच समिति गठित कर दी। समिति की संस्तुतियां का क्रियान्वयन किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच : अवधेश प्रसाद
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने रविवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में पत्रकार वार्ता कर राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह मामला सामान्य वित्तीय गड़बड़ी का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की एसआईटी पर उन्हें भरोसा नहीं है। मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में गठित स्वतंत्र समिति से कराई जाए। साथ ही ट्रस्ट को भंग कर सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों को पदों से हटाया जाए।

ट्रस्ट भवन में लगा नया लॉकर
राम मंदिर के दान से जुड़े प्रकरण के बाद व्यवस्थाओं में बदलाव शुरू हो गया है। इसी क्रम में ट्रस्ट कार्यालय में नया उच्च सुरक्षा वाला लॉकर लगाया गया है। इसका उद्देश्य दानपेटियों से प्राप्त नकदी, बहुमूल्य आभूषणों और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के सुरक्षित रखरखाव की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपनी देखरेख में नए लॉकर को अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्थापित करवाया है।

BUSINESS : लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स में 711 अंकों की गिरावट

नई दिल्ली, 19 जून (हि.स)। हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार लाल निशान पर खुला। शुरुआत बेहद खराब रही है। भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम हो गए।

इस वजह से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 710.77 अंक यानी 0.92 फीसदी की गिरावट के साथ 76,699.20 के स्तर पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 194.20 अंक यानी 0.80 फीसदी फिसलकर 23,973.80 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है।

आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा करीब 6 फीसदी तक की गिरावट है। इंफोसिस के शेयर में 8 फीसदी, टीसीएस 6 फीसदी, टेक महिंद्रा 6 फीसदी और एचसीएल टेक शेयर में 5 फीसदी तक गिरावट है। वहीं, भारतीय मुद्रा रुपया शुरुआती कारोबार में 10 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.30 पर कारोबार कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि गरुवार को शेयर बाजार में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 254.36 अंक यानी 0.33 फीसदी की उछाल के साथ 77,409.98 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 82.30 अंक यानी 0.34 फीसदी चढ़कर 24,168 के स्तर पर बंद था।

NATIONAL : नारी शक्ति के दावों की खुली पोल: आरक्षण कानून के बाद भी महिलाएं उपेक्षित, चुनावों में मिले सिर्फ 10 फीसदी टिकट

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संसद से महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद भी 2024 से अब तक के चुनावों में दलों ने सिर्फ 10% टिकट महिलाओं को दिए। देश में 152 लोकसभा सीटें ऐसी थीं जहां एक भी महिला उम्मीदवार नहीं थी। यह स्थिति दिखाती है कि बिना कानूनी मजबूरी के राजनीतिक दल महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के लिए तैयार नहीं हैं।

देश की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है। चुनाव सुधारों पर काम करने वाली संस्था एडीआर ने एक नया खुलासा किया है। संसद से महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद भी हालात नहीं बदले हैं। राजनीतिक दल महिलाओं को टिकट देने में अब भी भारी कंजूसी कर रहे हैं। साल 2024 के बाद से हुए चुनावों में केवल 10 फीसदी महिलाओं को ही उम्मीदवार बनाया गया है।

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने 51,708 उम्मीदवारों के आंकड़ों का बारीकी से अध्ययन किया है। यह अध्ययन महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद हुए लोकसभा और राज्यों के विधानसभा चुनावों पर आधारित है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन कुल उम्मीदवारों में से केवल 5,095 ही महिलाएं थीं। यह कुल संख्या का महज 10 प्रतिशत बैठता है।

साल 2024 के लोकसभा चुनाव की तस्वीर भी बेहद निराशाजनक रही। इस चुनाव में कुल 8,360 उम्मीदवारों ने भाग्य आजमाया था। इनमें से महिला उम्मीदवारों की संख्या सिर्फ 800 थी। देश के कुल 543 संसदीय क्षेत्रों में से 152 सीटें ऐसी थीं, जहां एक भी महिला उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरी। यही वजह है कि वर्तमान 18वीं लोकसभा में केवल 74 महिला सांसद हैं, जो पूरे सदन का सिर्फ 14 फीसदी हिस्सा है।

महिलाओं को आगे बढ़ाने के बड़े-बड़े दावे करने वाले दलों की पोल इस रिपोर्ट ने खोल दी है। राष्ट्रीय दलों में भारतीय जनता पार्टी ने सबसे ज्यादा 16 प्रतिशत महिलाओं को टिकट दिए। कांग्रेस और माकपा इस मामले में 13-13 प्रतिशत पर रहीं। बहुजन समाज पार्टी ने केवल आठ प्रतिशत महिलाओं को मैदान में उतारा। वहीं आम आदमी पार्टी ने इस विश्लेषण के दायरे में आए अपने 22 उम्मीदवारों में से एक भी महिला को टिकट नहीं दिया।

विधानसभा चुनावों के आंकड़े भी कुछ ऐसे ही हैं। बिल पास होने के बाद से देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा चुनाव कराए गए। इनमें उतरे कुल 31,429 उम्मीदवारों में से सिर्फ 3,273 महिलाएं थीं। यह आंकड़ा भी लगभग 10.2 प्रतिशत ही ठहरता है। किसी भी राज्य में महिला उम्मीदवारों का ग्राफ 14 प्रतिशत से ऊपर नहीं गया। साल 2024 में ओडिशा इस मामले में सबसे आगे रहा, जहां 13.9 फीसदी महिला प्रत्याशी थीं। इसके बाद 2025 में दिल्ली में 13.7 फीसदी और 2026 में पुडुचेरी में 13.6 फीसदी महिला उम्मीदवार थीं।

देश में महिलाओं की आबादी लगभग 49 प्रतिशत है। कुल 66.29 करोड़ मतदाता महिलाएं हैं। इसके बावजूद राजनीतिक ताकत के मामले में भारत बहुत पीछे है। 1 मार्च 2025 की आईपीयू रैंकिंग के अनुसार, संसद में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के मामले में भारत दुनिया के 185 देशों में 151वें स्थान पर खड़ा है।

महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) संसद से पास तो हो चुका है, लेकिन इसके तहत 33 प्रतिशत सीटें मिलने में अभी वक्त लगेगा। यह कानून देश में अगली जनगणना और फिर होने वाले परिसीमन के बाद ही प्रभावी होगा। रिपोर्ट की मानें तो इसके लिए साल 2026-27 में प्रस्तावित जनगणना का समय पर होना बहुत जरूरी है, तभी साल 2029 के अगले लोकसभा चुनाव से महिलाओं को उनका असली हक मिल पाएगा।

Jharkhand : झारखंड राज्यसभा चुनाव में बढ़ा सियासी रोमांच, क्रॉस वोटिंग के गणित से बढ़ी महागठबंधन की टेंशन

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झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। एक सीट झामुमो संस्थापक शिबू सोरेन के निधन से खाली हुई है, जबकि दूसरी सीट भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल पूरा होने से रिक्त हो रही है।

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों समेत देशभर की 24 सीटों पर चुनाव की घोषणा के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो संस्थापक शिबू सोरेन के निधन से खाली हो रही एक सीट और भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल पूरा होने के कारण दूसरी सीट पर चुनाव होना है। ऐसे में दोनों सीटों पर मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है।

विधानसभा में संख्या बल के आधार पर महागठबंधन खुद को मजबूत स्थिति में मान रहा है। झामुमो के पास 34 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 16, राजद के 4 और माले के 2 विधायक हैं। इसी संख्या के आधार पर गठबंधन दोनों सीटों पर जीत का दावा कर रहा है।

हालांकि अंदरखाने सीट बंटवारे को लेकर खींचतान भी सामने आने लगी है। कांग्रेस एक सीट पर अपना दावा ठोक रही है, लेकिन अब तक महागठबंधन में अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।

बीजेपी की आक्रामक रणनीति

दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी संख्या बल कम होने के बावजूद चुनाव को लेकर आक्रामक रणनीति अपनाए हुए है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दोनों सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ने का दावा किया है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि एनडीए की नजर क्रॉस वोटिंग और सत्तापक्ष में सेंधमारी की संभावना पर टिकी हुई है।

चुनाव कार्यक्रम भी हुआ तय

राज्यसभा चुनाव के कार्यक्रम के अनुसार 1 जून को अधिसूचना जारी हो चुकी है। 8 जून तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जबकि 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 11 जून तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे और 18 जून को मतदान कराया जाएगा। उसी दिन चुनाव परिणाम भी घोषित किए जाएंगे।

बिहार-बंगाल की सफलता से उत्साहित बीजेपी

हाल ही में बिहार, असम और पश्चिम बंगाल में मिली राजनीतिक सफलता से भाजपा काफी उत्साहित नजर आ रही है। वहीं इन राज्यों में झामुमो की अनदेखी को लेकर महागठबंधन के भीतर भी असहजता की चर्चा हो रही है। ऐसे में झारखंड का यह राज्यसभा चुनाव सिर्फ संख्या का खेल नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राजनीतिक रणनीति और अंदरूनी समीकरणों की बड़ी परीक्षा भी समझा जा रहा है।

NATIONAL : शाह बोले- डिजिटल मार्केट प्लेस और अंतरराष्ट्रीय विस्तार से होगी सहकारी उत्पादों की पहचान

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को सहकारी बैंकिंग, जैविक उत्पादों और सहकारी निर्यात को मजबूत करने के लिए बनाए गए राष्ट्रीय रोडमैप की समीक्षा की। गृह मंत्री ने उन उपायों की जानकारी दी, जिसके माध्यम से सहकारी क्षेत्र को विस्तार का मौका मिलेगा। को-आप मार्क, डिजिटल मार्केट प्लेस और अंतरराष्ट्रीय विस्तार से सहकारी उत्पादों की पहचान होगी। इसके जरिए सहकारी उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी और वे बाजार में मजबूती से टिक पाएंगे।

शाह ने कहा, सहकारी बैंक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म, साइबर सुरक्षा प्रणाली और साझा सेवाओं को जल्द से जल्द अपनाएं। ग्रामीण सहकारी बैंक ‘सहकार सारथी’ से और शहरी सहकारी बैंक एनयूसीएफडीसी से जुड़ें। गृह मंत्री ने सहकारी बैंकों को साइबर क्राइम से सचेत रहने की सलाह दी है। इसके लिए उन्होंने म्यूल हंटर. एआई का इस्तेमाल करने की बात कही है। इसे गृह मंत्रालय के I4C के साथ एकीकृत कर सहकारी बैंकों में धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन और साइबर सुरक्षा की तैयारियों को मजबूत किया जा सकेगा।

सहकार सारथी ने एईपीएस सेवाएं शुरू की हैं। इसके जरिए चुनिंदा सहकारी बैंकों में ई-केवाईसी लाइव के माध्यम से अगस्त 2026 तक 100 सहकारी बैंकों को कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

एनयूसीएफडीसी सभी शहरी सहकारी बैंकों को तकनीकी समाधान और संस्थागत मदद देने के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म पर लाने का काम कर रहा है। एनसीओएल जैविक किसानों से खरीद बढ़ाएगा और परीक्षण, प्रमाणन तथा बाजार संपर्क को मजबूत करेगा। एनसीईएल सहकारी उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक पहुंच बढ़ाएगा।

WORLD : ‘प्रिय मित्र नरेंद्र…’, मैक्रों ने हिंदी बोलकर चौंकाया, PM मोदी ने कहा- वादा निभाना है

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फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत इनोवेट्स 2026 के उद्घाटन के दौरान मैक्रों ने औपचारिक रूप से पीएम मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी थी.

फ्रांस में आयोजित सालाना G7 समिट का समापन हो गया है. ऐसे में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस की सफल यात्रा पर आभार जताया. लेकिन चौंकाने वाली बात ये रही कि उन्होंने हिंदी में वीडियो शेयर कर पीएम मोदी को विदाई दी.

मैक्रों ने हिंदी में कहा कि प्रिय मित्र नरेंद्र, मुझे बहुत खुशी है, दौरे के लिए स्वागत करते हुए. फ्रांस और भारत की दोस्ती अमर रहे. इसके बाद उन्होंने अंग्रेजी में कहा कि मुझे उम्मीद है कि मैंने हिंदी सही तरीके से बोली. आपकी इस यात्रा के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. हमारी दोस्ती के लिए शुक्रिया. ये दौरा बेहद कामयाब रहा. फ्रांस आपसे प्यार करता है. हम फरवरी में आपसे दोबारा मिलने के लिए उत्सुक हैं. जय हिंद.

मैक्रों ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पीएम मोदी के साथ एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें वह पीएम मोदी का फ्रांस दौरे के लिए आभार जताते हैं. इस पर पीएम मोदी उनसे कहते हैं कि अब आपको भी अपना वादा पूरा करना है और भारत आना है. इस पर मैक्रों कहते हैं कि वह अगले साल फरवरी में जरूर भारत आएंगे.

इससे पहले भारत इनोवेट्स 2026 के उद्घाटन के दौरान मैक्रों ने औपचारिक रूप से पीएम मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी थी. इस उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए मैक्रों ने कहा था कि यह मील का पत्थर प्रधानमंत्री के नेतृत्व और भारतीय लोकतंत्र की मजबूती दोनों को दर्शाता है.

उन्होंने कार्यक्रम में कहा था कि यह आपके दृढ़ संकल्प वाले कार्यों, आपके देश की ताकत और उसकी महान उपलब्धियों के बारे में बहुत कुछ बताता है. यह वास्तव में अद्भुत है. बता दें कि 10 जून 2026 को प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा किया था, जिससे उन्होंने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का 4,398 दिनों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया था. नेहरू ने यह कार्यकाल 1952 से 1964 के बीच पूरा किया था.

WORLD :’किराए के 1500 करोड़ रुपये बचेंगे’, पीएम मोदी ने बताया मंत्रालयों के लिए क्यों बनाया कर्तव्य भवन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “अमृतकाल में इन्हीं भवनों में विकसित भारत की नीतियां बनेंगी, फैसले होंगे और आने वाले दशकों में यहीं से राष्ट्र की दिशा तय होगी.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सेंट्रल विस्टा के कर्तव्य पथ पर नवनिर्मित कर्तव्य भवन के लोकार्पण के बाद जनता को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा, “कर्तव्य भवन विकसित भारत की नीतियों और दिशा का मार्गदर्शन करेगा. इससे पहले अलग-अलग मंत्रालयों के किराए पर 1500 करोड़ रुपए खर्च हो रहे थे.”

उन्होंने आगे कहा कि ये केवल कुछ नए भवन और सामान्य इनफ्रास्ट्रक्चर नहीं हैं. अमृतकाल में इन्हीं भवनों में विकसित भारत की नीतियां बनेंगी, फैसले होंगे और आने वाले दशकों में यहीं से राष्ट्र की दिशा तय होगी. मैं आप सभी को कर्तव्य पथ भवन की बहुत-बहुत बधाई देता हूं. मैं इसके निर्माण से जुड़े सभी इंजीनियरों और श्रमिक साथियों का भी इस मंच से धन्यवाद करता हूं.

पीएम मोदी ने कहा, “हमने बहुत मंथन के बाद कर्तव्य भवन नाम दिया है. कर्तव्य पथ, कर्तव्य भवन हमारे लोकतंत्र की, हमारे संविधान की मूल भावना का उद्घोष करते हैं.”

उन्होंने आगे कहा कि आज़ादी के बाद, देश की प्रशासनिक मशीनरी दशकों तक ब्रिटिश काल में बनी इमारतों में ही चलती रही. इन प्रशासनिक इमारतों में काम करने की स्थिति बहुत खराब थी, जहां काम करने वालों के लिए जगह की कमी, रोशनी की कमी और वेंटिलेशन की कमी थी.

प्रधानमंत्री ने कहा, “कर्तव्य’ सिर्फ एक इमारत का नाम भर नहीं है, यह करोड़ों देशवासियों के सपनों को साकार करने की तपोभूमि है. कर्तव्य ही आरंभ है, कर्तव्य ही प्रारब्ध है. करुणा और कर्मणता के स्नेहसूत्र में बंधा कर्म… यही तो है कर्तव्य.”

नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “हमारी सरकार, एक हॉलिस्टिक विजन के साथ भारत के नव-निर्माण में जुटी है. ये तो पहला कर्तव्य भवन पूरा हुआ है, ऐसे कई कर्तव्य भवनों का निर्माण तेजी से चल रहा है. देश का कोई भी हिस्सा आज विकास की धारा से अछूता नहीं है.

पीएम मोदी ने कहा, “:कर्तव्य भवन जैसा आधुनिक बुनियादी ढाँचा, न केवल जन-समर्थक भावना को दर्शाता है, बल्कि ग्रह-समर्थक भी है. यह भवन नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करने के लिए छत पर सौर पैनल से सुसज्जित है, और उन्नत अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों को इसके डिज़ाइन में सहजता से एकीकृत किया गया है. आज देश भर में टिकाऊ, हरित भवन बनाने का दृष्टिकोण तेज़ी से गति पकड़ रहा है.”

WORLD : पीएम बोले- 12 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में प्रगति की, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले

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पीएम मोदी ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए भारत में अपनी 12 साल की सरकार की उपलब्धियां गिनवाईं। पीएम ने कहा, फ्रांस में बसे भारतीयों ने दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाया है। पीएम मोदी ने कहा कि वे देश के 140 करोड़ लोगों की शुभकामनाएं लेकर आए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए शहर की विविधता और भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि पेरिस रोशनी का शहर है। यह रंगों का शहर है। यहां विचार हैं और नवाचार के लिए प्रेरणा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के विभिन्न राज्यों से आए भारतीय इस शहर को और भी खूबसूरत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी पेरिस को नए रंगों से भर देते हैं। पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय की विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, कोई मराठी है और कोई बंगाली है। उन्होंने कहा कि भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां देखने को मिलता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, जब मैं 14 जून को नीस पहुंचा, तो सबसे पहले मैंने ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। आज जब मैं फ्रांस से लौटने की तैयारी कर रहा हूं, तो मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं ‘भारत कनेक्ट’ कार्यक्रम में आया हूं। जिस तरह से आपने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस संबंधों को जोड़ा है, वह हमारी रणनीतिक साझेदारी की एक बड़ी ताकत बन रहा है। मैं आपके लिए 1.4 अरब भारतीय नागरिकों की ओर से शुभकामनाएं लाया हूं। इस गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं।

‘नए भारत की कहानी सामाजिक परिवर्तन की कहानी है’
पीएम मोदी ने कहा कि लगातार 12 साल तक चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की ही ताकत है कि एक चाय बेचने वाले को इस पद तक पहुंचाया है। पिछले 12 साल 140 करोड़ भारतीयों की अद्भुत क्षमता का प्रमाण रहे हैं। इस दौरान भारत की जीडीपी दोगुनी हो गई है। एयरपोर्ट्स की संख्या दोगुनी हो गई है। यूनिवर्सिटीज की संख्या भी दोगुनी हो गई है। हाईवे का निर्माण भी दोगुना हो गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज नए भारत की कहानी केवल आर्थिक प्रगति की कहानी नहीं है और न ही यह वहीं तक सीमित है। यह सामाजिक परिवर्तन की भी कहानी है। पिछले 12 वर्षों में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा, मैं आपको कुछ और तथ्य बताता हूं, ताकि आप समझ सकें कि भारत किस गति और किस पैमाने पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का निर्यात 35 गुना बढ़ा है। एक और तथ्य यह है कि भारत में मोबाइल निर्माण इकाइयों की संख्या 100 गुना बढ़ गई है।

मोदी कहते हैं, अब हर परिवार के पास चाहे वह कितना भी गरीब क्यों न हो, एक बैंक खाता है। वित्तीय समावेशन सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव का एक आंदोलन बन गया है। इन बारह वर्षों की उपलब्धियों में एक ऐसी उपलब्धि भी है जिसे आंकड़ों या डेटा में नहीं मापा जा सकता।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास यात्रा का सबसे बड़ा उद्देश्य आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के संबंधों को मजबूत बनाने में प्रवासी भारतीयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत के अलग-अलग राज्यों से आए लोग फ्रांस में भारत की विविधता और संस्कृति का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। तमिल, पंजाबी, गुजराती, मराठी और बंगाली समेत देश के हर क्षेत्र की झलक यहां दिखाई देती है।

पीएम ने गिनाईं उपलब्धियां
पीएम मोदी ने कहा, आज भारत के लोग अपनी जिंदगी को एक नए स्तर पर ले जाना चाहते हैं और उनका लक्ष्य भारत को भी एक नए स्तर पर ले जाना है। उनमें संकल्प है, उनमें सपने हैं और यही आकांक्षाएं आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी ताकत हैं। मैं आपको भारत की अंतरिक्ष यात्रा का उदाहरण देता हूं। भारत ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान उतारा। दुनिया ने इसे एक बड़ी उपलब्धि माना, लेकिन भारत यहीं नहीं रुका। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। आज भारत अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यही आकांक्षा ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी दिखाई देती है। सोलर पावर में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में चर्चा होती है। लेकिन भारत अगली बड़ी छलांग की तैयारी कर रहा है। ग्रीन हाइड्रोजन में बड़े निवेश किए जा रहे हैं। एडवांस्ड न्यूक्लियर एनर्जी पर काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। आपने भारत के फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर रिएक्टर में हुई प्रगति के बारे में भी सुना होगा। यह हमारे वैज्ञानिकों की एक बड़ी उपलब्धि है, जो भारत के न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में क्रांति ला रही है।

मोदी ने कहा, दुनिया देख रही है: भारत सिर्फ भविष्य की तैयारी नहीं कर रहा है। भारत और मैं यह बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं, भविष्य को आकार दे रहा है। एक समय था जब देशों के बीच रिश्ते सिर्फ व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ भरोसा भी उतना ही जरूरी हो गया है। हर देश एक भरोसेमंद सप्लाई चेन चाहता है। हर देश एक स्थिर साझेदारी चाहता है। हर देश ऐसे पार्टनर की तलाश में है जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत दुनिया में एक भरोसेमंद पार्टनर के तौर पर उभर रहा है।

मोदी ने कहा कि, जी7 बैठक के दौरान मैंने भरोसे पर आधारित पार्टनरशिप बनाने की अहमियत पर जोर दिया। मैंने ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के साथ बराबरी के पार्टनर के तौर पर आगे बढ़ने की बात कही। जी7 समिट में भारत का संदेश यह था: ग्लोबल गवर्नेंस तभी असरदार होगी जब वह सबको साथ लेकर चलने वाली (इनक्लूसिव) होगी। ग्लोबल ग्रोथ तभी टिकाऊ होगी जब उसका फायदा सबको मिलेगा, और ग्लोबल टेक्नोलॉजी इंसानियत के लिए तभी काम की होगी जब उस पर भरोसा किया जा सकेगा।भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में एक नई ऊर्जा है। फ्रांस के साथ भारत का व्यापार लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। चाहे यूरोपियन यूनियन हो या यूनाइटेड किंगडम, भारत दुनिया के हर देश और हर क्षेत्र के साथ समझौते कर रहा है। अगले महीने भारत और यूके के बीच व्यापार समझौता भी लागू हो जाएगा। यह समझौता भारत के किसानों, मजदूरों और इनोवेटर्स के लिए कई नए मौके लेकर आएगा।

भारत-फ्रांस लॉन्च करेंगे ‘तृष्णा’ सैटेलाइट
पीएम ने कहा, आज दुनिया अनिश्चितता और उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी भरोसे, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत आधार बन रही है। इस साल हमने भारत-फ्रांस संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया है। नीस में मेरे मित्र राष्ट्रपति मैक्रों और मैंने अपने संबंधों को वैश्विक भलाई की दिशा में एक ताकत बनाने पर चर्चा की। हम रक्षा से लेकर अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा तक, एआई और जरूरी खनिजों से लेकर हाई-स्पीड रेलवे तक, हर क्षेत्र में मिलकर आगे बढ़ेंगे… अब, हम अगले साल मिलकर ‘तृष्णा’ सैटेलाइट लॉन्च करने जा रहे हैं। यह ‘तृष्णा’ सैटेलाइट दुनिया में भोजन और पानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

पीएम मोदी ने अंत में फुटबॉल का जिक्र करते हुए कहा, एक और चीज है जो भारत और फ्रांस को जोड़ती है, वह है फुटबॉल। फुटबॉल का बुखार इस समय अपने चरम पर है। फ्रांस में इसका जुनून हर जगह दिखाई देता है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज अपने चरम पर है। खासकर फ्रांसीसी टीम की भारत में बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग है। फ्रांस ने इस विश्व कप की शुरुआत शानदार जीत के साथ की है। मैं फ्रांसीसी टीम को शुभकामनाएं देता हूं।

WORLD : फ्रांस में PM मोदी बोले- भारत के DNA में इनोवेशन, मैक्रों ने भी तारीफ की

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फ्रांस की यात्रा पर पहुंचे पीएम मोदी का राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया और नीस शहर में ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन किया। कार्यक्रम के तहत भारत और फ्रांस के अलावा अन्य देशों के मुख्य इनोवेशन स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल फंड एक साथ आएंगे। पीएम मोदी शनिवार की रात ही फ्रांस पहुंचे हैं।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत इनोवेट्स दुनिया के लिए एक निमंत्रण है कि वे भारत के साथ मिलकर वैश्विक इनोवेशन का अगला अध्याय लिखें। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की ‘सुधार एक्सप्रेस’ रुकेगी नहीं, यह चलती रहेगी। एक दशक पहले दुनिया भारत को टेक्नोलॉजी अपनाने वाले देश के तौर पर देखती थी, लेकिन अब यह देश टेक्नोलॉजी देने वाले के तौर पर उभर रहा है।

भारत टिकाऊ भविष्य के लिए इनोवेशन कर रहा है। भारत दुनिया के लिए इनोवेशन कर रहा है। इनोवेशन देश के डीएनए में है। भारत दुनिया में समाधानों के उपभोक्ता के तौर पर नहीं, बल्कि समाधानों में योगदान देने वाले के तौर पर उभरा है।

पीएम मोदी ने कहा, ‘दुनिया भर के अलग-अलग देश एक-दूसरे के साथ व्यापार करते हैं। रणनीतिक साझेदारी करते हैं, लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो आपसी हितों के अलावा एक साझा सोच (विजन) से भी प्रेरित होते हैं। भारत-फ्रांस के संबंध ऐसे ही रिश्तों में से एक हैं।’

‘दोनों मिलकर खोज रहे वैश्विक चुनौतियों का समाधान’
दोनों देशों के संबंधों पर पीएम मोदी ने यह भी कहा कि इस रिश्ते में जुड़ाव, भरोसा, इनोवेशन, प्रेरणा, साझा मूल्य और साझा विजन है। इसी रिश्ते की नींव पर हमने पिछले कुछ वर्षों में मिलकर नई पहल शुरू की हैं और नए विचारों को आगे बढ़ाया है। हमने वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए भी हर संभव प्रयास किया है। चाहे वह इंटरनेशनल सोलर अलायंस हो, एआई से जुड़ी बातचीत हो या सुरक्षा से सस्टेनेबिलिटी तक हमारी साझेदारी हो। दोनों देशों ने मानवता से जुड़ी चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए मिलकर काम किया है। इस साल फरवरी में ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर’ की शुरुआत हुई थी। मुझे खुशी है कि आज हम फ्रांस के साथ मिलकर ‘भारत इनोवेट्स’ का उद्घाटन कर रहे हैं।

ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और फ्रांस साथ
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत को इनोवेशन का देश बताया। उन्होंने कहा, ‘भारत और फ्रांस एक सच्ची साझेदारी और सहयोगी एआई में आपसी सम्मान पर भरोसा करते हैं। जलवायु और ऊर्जा के क्षेत्रों में फ्रांस और भारत मिलकर इनोवेशन कर रहे हैं। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में हम स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स जैसे प्रोजेक्ट्स और टेक्नोलॉजी पर मिलकर काम कर रहे हैं।

मैक्रों ने कहा कि भारत ग्लोबल इनोवेशन में सबसे आगे है। उन्होंने भारत के स्पेस सेक्टर का उदाहरण दिया और कहा चंद्रयान-3 मिशन के जरिए चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने का कारनामा रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया। इससे भारत की ताकत और इनोवेशन की क्षमता का पता चलता है।

पीएम मोदी का स्वागत करना सम्मान की बात: मैक्रों
मैक्रों ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीस में आपका स्वागत करना हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है। कुछ महीने पहले हमने मुंबई में मिलकर ‘फ्रांस-भारत इनोवेशन वर्ष’ की शुरुआत की थी। सवाल यह नहीं था कि भारत इनोवेशन कर रहा है या नहीं, बल्कि यह था कि भारत के साथ मिलकर इनोवेशन कौन करेगा… प्रधानमंत्री, मैं आपकी इस यात्रा के लिए आपको बधाई देना चाहता हूं।

मैंक्रों ने आगे कहा कि कुछ ही दिन पहले आप आजादी के बाद से भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बने हैं। यह एक लंबा सफर रहा है, जो आपके पक्के इरादे और आपके देश की मजबूती को दिखाता है। यह वाकई बहुत शानदार है। इसलिए हमें बहुत गर्व है कि आप हमारे बीच यहां मौजूद हैं।

SPORTS : फीफा वर्ल्ड कप में 68 साल बाद दिखा दुर्लभ नजारा! पांचवें दिन के सभी मैच रहे बराबरी पर, टूटा पुराना रिकॉर्ड

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FIFA वर्ल्ड कप 2026 का पांचवां दिन पूरी तरह से ड्रॉ मैचों के नाम रहा। 15 जून का दिन कमजोर मानी जाने वाली टीमों (अंडरडॉग्स) के लिए शानदार रहा। सबसे पहले, केप वर्डे ने अपने मजबूत डिफेंस के दम पर यूरोपियन चैंपियन और 2010 वर्ल्ड कप विजेता स्पेन को 0-0 से ड्रॉ पर रोका।

इसके बाद, बेल्जियम और मिस्र का मैच 1-1 से ड्रॉ रहा, जबकि सऊदी अरब और उरुग्वे का मैच भी 1-1 से ड्रॉ हुआ।

आखिरी मैच सबसे रोमांचक रहा, जिसमें ईरान और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहा। ईरान-न्यूजीलैंड मैच वर्ल्ड कप में एक ऐतिहासिक पल बन गया; टूर्नामेंट के एक ही दिन में चार मैच ड्रॉ होने की घटना 68 साल में पहली बार हुई। ऐसी अनोखी घटना इससे पहले 15 जून 1958 को स्वीडन में हुए वर्ल्ड कप के दौरान देखी गई थी। उस समय स्वीडन और वेल्स (0-0), वेस्ट जर्मनी और नॉर्दर्न आयरलैंड (2-2), पैराग्वे और यूगोस्लाविया (3-3) और इंग्लैंड और ऑस्ट्रिया (2-2) के बीच मैच ड्रॉ रहे थे।

ग्रुप G: न्यूजीलैंड ने मजबूत ईरान को ड्रॉ पर रोका; चार शानदार टीम गोल

लॉस एंजिल्स में खेले गए ग्रुप G के मैच में, न्यूजीलैंड ने मजबूत ईरान को 2-2 से ड्रॉ पर रोका। मैच में चार शानदार टीम गोल हुए। एलिजा जस्ट ने 7वें मिनट में न्यूजीलैंड को शुरुआती बढ़त दिलाई। रामिन रेजियन ने 33वें मिनट में स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद एलिजा जस्ट ने 54वें मिनट में अपना दूसरा गोल करके न्यूजीलैंड को फिर से आगे कर दिया। हालांकि, ठीक दस मिनट बाद, 64वें मिनट में मोहम्मद मोहेब्बी ने नेट में जोरदार शॉट मारा और रोमांचक मैच को 2-2 से बराबर कर दिया।

ग्रुप H: उरुग्वे का मैच ड्रॉ; कोई भी दक्षिण अमेरिकी देश नहीं जीता

मियामी में ग्रुप H के एक मैच में, सऊदी अरब ने उरुग्वे को 1-1 से ड्रॉ पर रोका और उरुग्वे के दूसरे हाफ में किए गए जोरदार हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। इस नतीजे के साथ, ग्रुप की सभी टीमें अब एक-एक पॉइंट पर बराबरी पर हैं। इस ड्रॉ के साथ, मौजूदा वर्ल्ड कप में अब तक मैदान पर उतरीं सभी चार दक्षिण अमेरिकी टीमें अपना पहला मैच जीतने में नाकाम रही हैं।

ग्रुप G: मिस्र की पहली जीत की तलाश जारी; बेल्जियम का मैच 1-1 से ड्रॉ रहा

सिएटल में बेल्जियम और मिस्र के बीच ग्रुप G का पहला मैच 1-1 से ड्रॉ पर खत्म हुआ। मिस्र के इमाम अशूर ने 20वें मिनट में अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। 66वें मिनट में, मिस्र के डिफेंडर मोहम्मद हानी ने गलती से गेंद को अपने ही नेट में डाल दिया। बेल्जियम ने आखिरी समय में जीत के लिए ज़ोरदार कोशिश की, लेकिन गोल नहीं कर पाए। मिस्र अभी भी वर्ल्ड कप के इतिहास में अपनी पहली जीत का इंतज़ार कर रहा है।

अब तक, एशियाई परिसंघ की नौ में से छह टीमें खेल चुकी हैं और कोई भी नहीं हारी है। इन छह मैचों में, एशियाई टीमों ने दो जीत और चार ड्रॉ हासिल किए हैं।

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