Sunday, September 20, 2026
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WORLD : एनएसए बैठक आज से, चीनी विदेश मंत्री भी होंगे शामिल; चीन की कथनी-करनी का होगा कूटनीतिक परीक्षण

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ब्रिक्स देशों के एनएसए की दो दिवसीय 16वीं बैठक सोमवार से भारत में होगी। बैठक में सुरक्षा, आतंकवाद और तकनीकी खतरों पर चर्चा होगी। इसमें अजीत डोभाल और चीन के वांग यी शामिल होंगे। भारत सीमा विवाद पर सख्त रुख रखते हुए डैपसांग और डेमचोक से चीनी सैनिकों की वापसी का मुद्दा उठा सकता है।

भारत की मेजबानी में सोमवार से ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) और उच्च प्रतिनिधियों की 16वीं बैठक शुरू हो रही है। दो दिवसीय इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल करेंगे। सितंबर में प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले आयोजित यह बैठक सदस्य देशों के बीच राजनीतिक और रणनीतिक सहमति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बैठक का औपचारिक एजेंडा गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों, आतंकरोधी सहयोग और नई प्रौद्योगिकियों से जुड़े खतरों पर केंद्रित है। वहीं, भारत और चीन के बीच जारी सीमा गतिरोध की पृष्ठभूमि इसे अतिरिक्त महत्व प्रदान कर रही है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक का मुख्य विषय दुनिया के सामने तेजी से उभर रही गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां होंगी। सदस्य देशों के प्रतिनिधि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य, नई तकनीकों के दुरुपयोग से पैदा हो रहे खतरों और उनसे निपटने के उपायों पर विचार-विमर्श करेंगे। इसके अलावा आतंकरोधी सहयोग तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित उपयोग पर गठित ब्रिक्स संयुक्त कार्य समूहों के निष्कर्षों की भी समीक्षा की जाएगी।

बैठक में चीन का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के उच्च प्रतिनिधि वांग यी करेंगे। डोभाल के निमंत्रण पर उनकी भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर कई दौर की बातचीत के बाद कुछ विवादित बिंदुओं से सैनिकों की आंशिक वापसी जरूर हुई है, लेकिन पूर्ण सैन्य वापसी और गश्त के अधिकारों को लेकर गतिरोध अब भी कायम है।

यही कारण है कि यह बैठक केवल बहुपक्षीय सुरक्षा मुद्दों तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे भारत-चीन संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण नजर से देखा जा रहा है। डोभाल और वांग यी की मौजूदगी में होने वाला यह संवाद इस बात का संकेत है कि दोनों देश मतभेदों के बावजूद बातचीत के रास्ते खुले रखना चाहते हैं। हालांकि भारत का रुख इस मामले में पहले से स्पष्ट और सख्त रहा है। भारत लगातार यह कहता रहा है कि सीमा पर पूर्ण शांति और स्थिरता बहाल हुए बिना द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य नहीं माना जा सकता।

इस बैठक को चीन की कथनी और करनी की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है। एक ओर चीन बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग और साझेदारी की बात करता है, वहीं दूसरी ओर सीमा विवाद से जुड़े मुद्दे अब भी पूरी तरह सुलझ नहीं पाए हैं। भारत के लिए यह अवसर चीन के वास्तविक रुख को परखने का भी माना जा रहा है। इसके पूरे आसार हैं कि भारत चीनी पक्ष के सामने डैपसांग और डेमचोक जैसे रणनीतिक क्षेत्रों से चीनी सैनिकों की पूर्ण वापसी का मुद्दा उठाए। इस दृष्टि से बैठक दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकती है।

चीन की रणनीति लंबे समय से सीमा विवाद को अलग रखते हुए व्यापारिक और बहुपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की रही है। बीजिंग यह संदेश देना चाहता है कि सीमा पर मतभेदों के बावजूद दोनों बड़ी एशियाई शक्तियां ब्रिक्स जैसे मंचों पर मिलकर काम कर सकती हैं। वांग यी की भारत यात्रा को इसी रणनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

चीन की इस सक्रियता के पीछे उसकी भूराजनीतिक चुनौतियां भी मानी जा रही हैं। पश्चिम के साथ बढ़ते व्यापार युद्ध और अमेरिका की घेराबंदी के बीच चीन ब्रिक्स को एक मजबूत पश्चिम-विरोधी मंच के रूप में प्रस्तुत करना चाहता है। इसके लिए उसे भारत जैसे प्रमुख सदस्य देश के सहयोग की आवश्यकता है। हालांकि भारत इस समीकरण को भलीभांति समझता है और वह ऐसा कोई संकेत नहीं देना चाहता कि सीमा पर जारी विवादों को नजरअंदाज कर सामान्य सहयोग की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

ऐसे में नई दिल्ली में शुरू हो रही यह बैठक केवल सुरक्षा सहयोग और उभरती चुनौतियों पर चर्चा का मंच नहीं होगी, बल्कि भारत-चीन संबंधों के भविष्य, सीमा विवाद पर प्रगति की संभावनाओं और चीन की वास्तविक प्रतिबद्धताओं को परखने का अवसर भी साबित हो सकती है। इसी वजह से ब्रिक्स एनएसए बैठक पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।

BUSINESS : भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर 23 को होगी अहम बैठक; अभिषेक बनर्जी के करीबी के खिलाफ वारंट

अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर अगले सप्ताह भारत दौरे पर आएंगे। वह 23 और 24 जून को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ अंतरिम व्यापार समझौते से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि 22 जून को भारत पहुंचने वाले हैं। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को बताया कि उनकी अपेक्षा है कि बातचीत का केंद्र उस फ्रेमवर्क समझौते को अंतिम रूप देना होगा, जिस पर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की हालिया यात्रा के दौरान चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर भी चर्चा करेंगे, जिस पर लगातार वार्ता चल रही है। इससे पहले 2 से 4 जून के बीच अमेरिका के मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में अमेरिकी टीम ने भारतीय अधिकारियों के साथ समझौते को अंतिम रूप देने पर बातचीत की थी। 5 जून को पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत और अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के सभी लंबित मुद्दों को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रहे और द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को अगले महीने के मध्य तक लागू किए जाने की संभावना है। अग्रवाल ने कहा कि भारत, अमेरिकी सेक्शन 301 जांचों के मुद्दे पर भी अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है।

अभिषेक बनर्जी के करीबी के खिलाफ अदालत का गिरफ्तारी वारंट
पश्चिम बंगाल के कथित भूमि घोटाले में तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी सुमित रॉय के खिलाफ अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। पुलिस का कहना है कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और कई प्रयासों के बावजूद उनका पता नहीं चल सका। रॉय ने अग्रिम जमानत के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। मामले की जांच फिलहाल जारी है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, भूमि घोटाले के मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके पूर्व मेदिनीपुर विधायक सुजय हाजरा से पूछताछ के दौरान सुमित रॉय का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने मामले में उनकी भूमिका की जांच शुरू की। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित भूमि सौदों और वित्तीय लेन-देन में उनकी क्या भूमिका रही।

NATIONAL : नौसेना को मिले 3 स्वदेशी INS: ब्रह्मोस से लैस दूनागिरी, संशोधक देगा सुरक्षित राह, अग्रय बिछाएगा बारूदी सुरंग

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भारत ने समुद्री सुरक्षा और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। भारतीय नौसेना में रविवार को तीन अत्याधुनिक स्वदेशी युद्धपोतों आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय को शामिल किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में कोलकाता में इन तीनों जहाजों को नौसेना में कमीशन किया गया। ये तीनों प्लेटफॉर्म पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित किए गए हैं। एक ओर आईएनएस दूनागिरी दुश्मन के रडार को चकमा देकर सटीक हमला करने में सक्षम है, तो दूसरी ओर आईएनएस अग्रय दुश्मन की पनडुब्बियों का शिकार कर सकता है। वहीं आईएनएस संशोधक समुद्र की गहराइयों का अध्ययन और समुद्री मार्गों की मैपिंग करेगा। इन तीनों युद्धपोतों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ गई है।

आईएनएस दूनागिरी को नौसेना का नया ब्रह्मास्त्र क्यों कहा जा रहा है?
आईएनएस दूनागिरी प्रोजेक्ट-17ए के तहत बना पांचवां स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट है। इसका डिजाइन भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है, जबकि इसका निर्माण कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) ने किया है। यह युद्धपोत ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल से लैस है और सतह, हवा तथा पानी के नीचे मौजूद खतरों का एक साथ मुकाबला कर सकता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका बेहद कम रडार क्रॉस-सेक्शन है, जिससे दुश्मन के लिए इसकी पहचान करना कठिन हो जाता है। लगभग 6,700 टन वजनी यह युद्धपोत 30 नॉट की अधिकतम गति से चल सकता है।

हनुमान जी से आईएनएस दूनागिरी का क्या संबंध?
आईएनएस दूनागिरी का नाम हिमालय के द्रोणागिरी पर्वत के नाम पर रखा गया।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, हनुमान जी लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए द्रोणागिरी पर्वत को उठाकर लाए थे।
नौसेना के अनुसार, यह युद्धपोत हनुमान जी की शक्ति, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है।
आईएनएस दूनागिरी के कमिशनिंग कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन दिव्य आलोक ने कहा कि युद्धपोत उसी समर्पण और सेवा भावना से देश की रक्षा करेगा।
यह आधुनिक स्टेल्थ तकनीक से लैस है, जिससे दुश्मन के लिए इसका पता लगाना मुश्किल होता है।
इसमें बराक-8 मिसाइल, स्वदेशी वरुणास्त्र टॉरपीडो, एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर, मल्टी-फंक्शन रडार और कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम लगे हैं।
आईएनएस दूनागिरी के करीब 75 प्रतिशत उपकरण स्वदेशी हैं, जो आत्मनिर्भर भारत की ताकत को दर्शाते हैं।

आईएनएस संशोधक की भूमिका क्या होगी?
आईएनएस संशोधक किसी पारंपरिक युद्धपोत की तरह सीधे युद्ध नहीं करेगा, लेकिन इसकी भूमिका भारतीय नौसेना के लिए बेहद अहम है। यह सर्वे वेसल (लार्ज) श्रेणी का चौथा जहाज है। इसका मुख्य काम समुद्र की मैपिंग, समुद्री डेटा संग्रह, तटीय और गहरे समुद्री क्षेत्रों का हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करना है। यह जहाज बंदरगाहों, समुद्री व्यापार मार्गों और नौवहन चैनलों का सर्वेक्षण भी करेगा। आईएनएस संशोधक एक बार में करीब 12,000 किलोमीटर तक लगातार यात्रा कर सकता है। यह रक्षा के साथ-साथ नागरिक उपयोग के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। समुद्री आपदा प्रबंधन, समुद्री संसाधनों की पहचान और सुरक्षित नौवहन में इसकी बड़ी भूमिका होगी।

ज्ञान, अनुसंधान और खोज की भारतीय परंपरा से संशोधक का क्या संबंध?
दरअसल ‘संशोधक’ का अर्थ होता है शोध करने वाला, खोज करने वाला या अनुसंधानकर्ता।
आईएनएस संशोधक का मुख्य काम समुद्र की गहराई, समुद्री मार्गों और समुद्र तल का सर्वेक्षण करना है।
यह युद्धपोत समुद्र के भीतर की जानकारी जुटाकर नौसेना को रणनीतिक और तकनीकी सहायता प्रदान करता है।
इसे एक तरह से समुद्र में तैरती हुई अत्याधुनिक प्रयोगशाला माना जाता है।
आईएनएस संशोधक हाइड्रोग्राफिक सर्वे, समुद्री नक्शे तैयार करने, समुद्री डेटा एकत्र करने और नौवहन मार्गों का अध्ययन करने में सक्षम है।
इसका उद्देश्य लड़ाई लड़ना नहीं, बल्कि युद्धपोतों और पनडुब्बियों को सटीक जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे सुरक्षित और प्रभावी तरीके से ऑपरेशन कर सकें।

इसीलिए आईएनएस संशोधक को भारत की वैज्ञानिक क्षमता, समुद्री अनुसंधान और ज्ञान-आधारित नौसैनिक शक्ति का प्रतीक माना जा रहा है।
आईएनएस अग्रय की मारक क्षमता कितनी है?
आईएनएस अग्रय में लाइटवेट टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर, अत्याधुनिक सोनार सिस्टम, 30 मिमी नेवल गन और कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम लगाए गए हैं। इसमें हल-माउंटेड सोनार और वेरिएबल डेप्थ सोनार भी मौजूद हैं, जो समुद्र की गहराई में छिपी पनडुब्बियों का पता लगा सकते हैं। इसके अलावा, यह दुश्मन के टॉरपीडो को निष्क्रिय करने के लिए उन्नत डिकॉय सिस्टम से भी लैस है। यह युद्धपोत 25 नॉट की गति से चल सकता है और लगभग 3,300 किलोमीटर तक यात्रा कर सकता है।

आईएनएस अग्रय को अर्जुन के गांडीव से क्यों जोड़ा गया?
आईएनएस अग्रय अर्णाला श्रेणी का चौथा एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट है।
इसका इंसिग्निया महाभारत के महान धनुर्धर अर्जुन के गांडीव धनुष से प्रेरित है।
गांडीव धनुष अपनी अचूकता और सटीक निशाने के लिए प्रसिद्ध था।
आईएनएस अग्रय का मुख्य उद्देश्य दुश्मन की पनडुब्बियों को खोजकर उन्हें नष्ट करना है।
इसके कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सुनील मल्होत्रा के अनुसार, जिस तरह अर्जुन का गांडीव कभी लक्ष्य नहीं चूकता था, उसी तरह यह युद्धपोत भी दुश्मन पर सटीक वार करने में सक्षम है।
आकार में छोटा होने के बावजूद यह जहाज आधुनिक हथियारों और उन्नत सेंसर प्रणालियों से लैस एक घातक प्लेटफॉर्म है।
इसमें स्वदेशी सोनार, कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम, टॉरपीडो, रॉकेट लॉन्चर और रिमोट कंट्रोल गन जैसी अत्याधुनिक प्रणालियां लगी हैं।
यह युद्धपोत तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाकर उन्हें नष्ट करने में सक्षम है।

भारतीय नौसेना के लिए ये तीनों जहाज कितने महत्वपूर्ण हैं?
भारतीय नौसेना के पास इस समय लगभग 140 से 145 सक्रिय युद्धपोत हैं और 2030 तक इसे 150 से 160 युद्धपोतों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। भारत के लिए समुद्री शक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया का करीब 90 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्गों से होता है। विशाखापत्तनम स्थित पूर्वी कमान चीन की गतिविधियों पर नजर रखती है, जबकि मुंबई और कारवार स्थित पश्चिमी कमान अरब सागर में पाकिस्तान और समुद्री डाकुओं पर निगरानी रखती है। अंडमान और निकोबार कमान रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है।

भारत की समुद्री रणनीति में इन जहाजों की क्या भूमिका होगी?
आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय केवल युद्धपोत नहीं हैं, बल्कि ये भारत की आत्मनिर्भर रक्षा नीति के प्रतीक भी हैं। एक ओर दूनागिरी दुश्मनों के खिलाफ आक्रामक क्षमता बढ़ाएगा, वहीं अग्रय तटीय क्षेत्रों को पनडुब्बी खतरों से सुरक्षित करेगा। दूसरी तरफ आईएनएस संशोधक समुद्री सुरक्षा और नौवहन को मजबूत बनाएगा। इन तीनों जहाजों के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति और मजबूत होगी।

SPORTS : महिला टी20 विश्व कप में भारत की पहली हार, दक्षिण अफ्रीका ने 6 विकेट से हराया

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मैनचेस्टर, 21 जून (हि.स.)। आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम को अपनी पहली हार का सामना करना पड़ा। मैनचेस्टर में खेले गए मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को छह विकेट से पराजित कर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। दक्षिण अफ्रीका की अनुभवी ऑलराउंडर मारिजान कैप ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी टीम की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने आक्रामक शुरुआत की। शेफाली वर्मा ने तेज बल्लेबाजी करते हुए शुरुआती ओवरों में रन गति को बनाए रखा, जबकि स्मृति मंधाना ने भी उपयोगी योगदान दिया। पावरप्ले में भारत ने तेज शुरुआत का फायदा उठाया, लेकिन इसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।

मध्यक्रम में कप्तान हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा और अन्य बल्लेबाजों ने उपयोगी पारियां खेलीं, जिससे भारत निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 158 रन तक पहुंच सका। दक्षिण अफ्रीका की ओर से गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम की शुरुआत धीमी रही और शुरुआती ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाया। भारतीय स्पिनरों ने शुरुआती सफलताएं दिलाकर टीम को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

हालांकि इसके बाद मारिजान कैप और ताजमिन ब्रिट्स ने संयमित और आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार मिश्रण पेश किया। दोनों खिलाड़ियों के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी ने दक्षिण अफ्रीका को मैच में वापस ला दिया। कैप ने अंतिम ओवरों में तेज बल्लेबाजी करते हुए भारत की जीत की उम्मीदों को समाप्त कर दिया।

भारतीय टीम को बीच के ओवरों में कैप को आउट करने के अवसर भी मिले, लेकिन कुछ कैच छूटने का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। अंतिम दो ओवरों में दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए अपेक्षाकृत कम रन चाहिए थे और कैप ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम को जीत दिला दी।

मारिजान कैप ने ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए गेंदबाजी में भी महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और बल्लेबाजी में नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

इस हार के बावजूद भारतीय टीम अंक तालिका में मजबूत स्थिति में बनी हुई है। अब टीम की नजर अगले मुकाबले पर होगी, जहां जीत उसे सेमीफाइनल की दौड़ में और मजबूत स्थिति में पहुंचा सकती है।

RAJASTHAN : राजस्थान में प्री-मानसून की बारिश जारी, 17 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट

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जयपुर, 22 जून (हि.स.)। राजस्थान में प्री-मानसून की गतिविधियां रविवार को भी जारी रहीं। उत्तरी राजस्थान के बीकानेर संभाग के अलावा पूर्वी राजस्थान के जयपुर और कोटा संभाग के कई इलाकों में सुबह से देर शाम तक अच्छी बारिश हुई। कई जिलों में 10 से 30 मिलीमीटर तक वर्षा हुई, जबकि श्रीगंगानगर जिले में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई।

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को प्रदेश के 17 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान झुंझुनूं शहर में 34 मिमी, हनुमानगढ़ के पल्लू में 30 मिमी, श्रीगंगानगर शहर में 14 मिमी तथा रजियासर में 12 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा चूनावढ़ में 9 मिमी, बींझबायला में 8 मिमी, नागौर के कुचामन सिटी में 5 मिमी और कोटा में 6 मिमी बरसात हुई।

सबसे अधिक बारिश सीकर जिले के धोद में 65 मिमी मापी गई। इसके अलावा लोसल में 45 मिमी और दांतारामगढ़ में 13 मिमी वर्षा हुई।

चूरू के तारानगर में 7 मिमी और राजलदेसर में 5 मिमी बारिश हुई। अलवर, जयपुर, बीकानेर और फलोदी के कई इलाकों में भी मेघ जमकर बरसे।

बारिश के बावजूद प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का असर बना रहा। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जबकि बाड़मेर और जैसलमेर में पारा 41-41 डिग्री तथा बीकानेर में 40 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

कोटा में तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली और सड़कों पर पानी भर गया, वहीं श्रीगंगानगर में मूसलाधार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।

BUSINESS : शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी उछले

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नई दिल्ली, 22 जून (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार में आज शुरुआती कारोबार के दौरान मजबूती का रुख बना हुआ है। आज के कारोबार की शुरुआत भी बढ़त के साथ हुई थी। बाजार खुलते ही मुनाफा वसूली के चक्कर में हुई बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक की चाल में थोड़ी गिरावट भी आई, लेकिन थोड़ी देर बाद ही खरीदारों ने मोर्चा संभाल लिया। खरीदारों की लिवाली की वजह से दोनों सूचकांकों की चाल में सुधार होने लगा। सुबह 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद सेंसेक्स 0.52 प्रतिशत और निफ्टी 0.55 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे।

10 बजे तक का कारोबार होने के बाद स्टॉक मार्केट के दिग्गज शेयरों में से एटरनल, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, एनटीपीसी और नेस्ले के शेयर 2.22 प्रतिशत से लेकर 1.03 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजी और एचडीएफसी बैंक के शेयर 6.75 प्रतिशत से लेकर 2.41 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार करते हुए नजर आ रहे थे।

अभी तक के कारोबार में स्टॉक मार्केट में 2,783 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हो रही थी। इनमें से 2,011 शेयर मुनाफा कमा कर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि 772 शेयर नुकसान उठा कर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इसी तरह सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 20 शेयर लिवाली के सपोर्ट से हरे निशान में बने हुए थे। दूसरी ओर 10 शेयर बिकवाली के दबाव में लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। जबकि निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से 35 शेयर हरे निशान में और 15 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आ रहे थे।

बीएसई का सेंसेक्स आज 357.77 अंक की मजबूती के साथ 77,160.67 अंक के स्तर पर खुला। कारोबार की शुरुआत होते ही मुनाफा वसूली के चक्कर में हुई बिकवाली की वजह से यह सूचकांक फिसल कर 77,008.02 अंक के स्तर तक आ गया। इसके बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे इस सूचकांक की चाल में तेजी आ गई। पहले 10 मिनट के कारोबार में ही सेंसेक्स उछल कर 77,249.27 अंक के स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद एक बार फिर बिकवाली का दबाव बनने की वजह से इस सूचकांक की चाल में मामूली कमजोरी आ गई। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच सुबह 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद सेंसेक्स 398.81 अंक की तेजी के साथ 77,201.71 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

सेंसेक्स की तरह ही एनएसई के निफ्टी में आज 93.50 अंक उछल कर 24,106.60 अंक के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। बाजार खुलते ही लिवालों और बिकवालों के बीच खींचतान शुरू हो गई, जिसकी वजह से इस सूचकांक की चाल में भी उतार-चढ़ाव होने लगा। बिकवाली का दबाव बनने पर निफ्टी 24,073.15 अंक के स्तर तक गिर गया, वहीं खरीदारी का सपोर्ट मिलने पर इसने 24,148.70 अंक तक छलांग भी लगाई।

बाजार में लगातार जारी लिवाली और बिकवाली के बीच सुबह 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद निफ्टी 132.20 अंक की मजबूती के साथ 24,145.30 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इसके पहले पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 607.08 अंक यानी 0.78 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,802.90 अंक के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी ने 154.90 अंक यानी 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,013.10 अंक के स्तर पर शुक्रवार के कारोबार का अंत किया था।

ODISHA : स्कूली पाठ्यपुस्तकों में ‘त्रुटियां’; सरकार ने सुधार करने का आश्वासन दिया

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भुवनेश्वर, 16 जून (भाषा) ओडिशा के सरकारी स्कूलों के कुछ शिक्षकों ने पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए नयी पाठ्यपुस्तकों में कई ‘‘त्रुटियों’’ की ओर इशारा किया है, जिनमें ‘‘वर्तनी की अशुद्धियां’’ और प्रख्यात हस्तियों के ‘‘गलत नाम’’ शामिल हैं।

‘प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष ब्रह्मानंद महाराणा ने कहा कि स्कूल की इन पाठ्यपुस्तकों में 1,600 से अधिक ‘‘त्रुटियां’’ पाई गई हैं।

ये पाठ्यपुस्तकें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार तैयार की गई हैं और इन्हें 2026-27 शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाना है।

इन ‘‘त्रुटियों’’ में ‘‘वर्तनी की अशुद्धियां’’, प्रख्यात हस्तियों के गलत नाम और तथ्यों में गलतियों से लेकर गलत तस्वीरें तक शामिल हैं।

उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा, ‘‘पहली से आठवीं कक्षा तक की पाठ्यपुस्तकों में कुल 1,678 त्रुटियां पाई गईं। ओडिशा विधानसभा की जगह कर्नाटक विधानसभा की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है।’’

महाराणा ने बताया कि इसी तरह, ओडिशा की नियमगिरि पहाड़ियों को झारखंड में स्थित बताया गया था।

उन्होंने मामले की जांच किये जाने, और त्रुटि के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को तुरंत त्रुटियों को ठीक करना चाहिए और छात्रों को संशोधित पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराया जाना चाहिए।’’

स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने कहा, ‘‘विभाग त्रुटियों को लेकर चिंतित है और उन्हें ठीक करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि पाठ्यपुस्तकें नयी तैयार की गई हैं, इसलिए उनमें छपाई की कुछ गलतियां हो सकती हैं।’’

इस बीच, विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ओडिया शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर रही है।

पार्टी के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने कहा कि ये पाठ्यपुस्तकें ‘‘राष्ट्रीय शर्म’’ का विषय हैं और ‘‘इस तरह की त्रुटियां न केवल उड़िया भाषा, साहित्य और संस्कृति को कमजोर करती हैं, बल्कि छात्रों के भविष्य को भी खतरे में डालती हैं।’’

बीजद नेता ने सभी ‘‘त्रुटिपूर्ण पाठ्यपुस्तकों’’ को तुरंत वापस लेने और उच्च-स्तरीय जांच की मांग की।

NATIONAL : टेलीग्राम ऐप पर अस्थायी बैन रहेगा या नहीं: फैसला सुरक्षित, NEET री-एग्जाम पेपर लीक पर हुई गरमागरम बहस

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टेलीग्राम ऐप पर केंद्र सरकार के अस्थायी बैन को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. केंद्र सरकार ने NEET री-एग्जाम पेपर लीक की चिंताओं के कारण ये बैन लगाया है. दिल्ली हाईकोर्ट में इस याचिका पर गरमागरम बहस देखने को मिली. केंद्र सरकार की ओर से भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलीलें दीं.

सॉलिसिटर जनरल की दलील
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाई कोर्ट में दलील दी, ‘कृपया जनहित का ध्यान रखें. हम छात्रों की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते. उनके [Telegram] पास तारीख और समय बदलने का फीचर है. मान लीजिए कि 21 जून को सबके पास पेपर है, तो कोई उसे 22 जून को Telegram पर पोस्ट कर सकता है और तारीख व समय बदलकर यह दिखा सकता है कि इसे 18 जून को अपलोड किया गया था. ऐसा 2024 में हुआ था. हमने उचित कदम उठाए हैं. हमने ऐसे उपाय किए हैं, जिनसे कम से कम दखल हो.’

तुषार मेहता ने फाइनल ऑर्डर पढ़कर सुनाया और कहा कि Telegram पर लगाई गई रोक किसी खास घटना से जुड़ी है और कुछ समय के लिए है.

फिर हुए सवाल-जवाब
हाई कोर्ट ने पूछा, ‘हम 15 करोड़ लोगों के अधिकारों को सिर्फ़ इसलिए कैसे रोक सकते हैं क्योंकि नागरिकों का एक समूह परीक्षा दे रहा है?’
तुषार मेहता का जवाब, ‘इस प्लेटफॉर्म पर बहुत सारे ग्रुप और चैनल चल रहे हैं. हो सकता है कि माननीय जजों ने दूसरे प्लेटफ़ॉर्म पर इस तरह से चलने वाले चैनलों के बारे में कभी नहीं सुना हो.’
बेंच: सवाल यह है कि क्या आप किसी और के अधिकारों की रक्षा के लिए किसी दूसरे व्यक्ति के अधिकारों को रोक सकते हैं. जब किसी राज्य या राज्य के किसी हिस्से में इंटरनेट पर रोक लगाई जाती है, तो हो सकता है कि सिर्फ 10% लोग ही उपद्रवी हों. अगर कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी हो, तो इसकी इजाजत दी जा सकती है. यहीं पर ‘आनुपातिकता’ (proportionality) की कसौटी लागू होती है.
मामला क्या है
NEET परीक्षाओं के कारण 22 जून तक प्लेटफॉर्म पर रोक लगाने वाले केंद्र सरकार के आदेश को चुनौती दी गई थी. केंद्र सरकार का कहना है कि टेलीग्राम ‘फ्रेंकस्टीन’ जैसा है. वहीं टेलीग्राम का कहना है कि सरकार का आदेश जरूरत से ज़्यादा सख्त है और वह कानूनों का पालन कर रहा है.

टेलीग्राम पर गंभीर आरोप
केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा है कि इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम नया ‘डार्क वेब’ बनता जा रहा है, जो अपराधियों को जोड़ता है और उनकी गैर-कानूनी गतिविधियों में मदद करता है. केंद्र सरकार ने ये बातें टेलीग्राम की उस याचिका के विरोध में कहीं, जिसमें उसने NEET-UG (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट अंडरग्रेजुएट) की दोबारा परीक्षा से पहले भारत में अपनी सर्विस पर 22 जून तक रोक लगाने के सरकारी फैसले को चुनौती दी थी.
सरकार ने हाई कोर्ट को बताया, “टेलीग्राम नया ‘डार्क वेब’ बन गया है और यह गलत काम करने वालों को आपस में जोड़ता है. अपराधी तेजी से टेलीग्राम का इस्तेमाल कर रहे हैं. वे ऐसे चैनलों पर लिंक पोस्ट करते हैं जो ‘डीप वेब’ लिंक के जरिए ‘डार्क वेब’ फोरम से जुड़ते हैं, जिससे अधिकारियों के लिए अपराधियों का पता लगाना और उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है.”
सरकार का यह फैसला इस चिंता पर आधारित था कि NEET-UG 2026 पेपर लीक में शामिल संगठित धोखाधड़ी करने वाले नेटवर्क ने टेलीग्राम का इस्तेमाल किया था. इसी लीक की वजह से मई 2026 में हुई परीक्षा रद्द कर दी गई थी.
केंद्र सरकार के किस विभाग ने जारी किए आदेश

स्पॉन्सर किया गया
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत एक आदेश जारी किया, जिसमें भारत में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म तक पहुंच को 22 जून तक सीमित कर दिया गया. एक अन्य आदेश में प्लेटफॉर्म को निर्देश दिया गया कि वह पहले से पोस्ट किए गए संदेशों के लिए संदेश-संपादन (message-editing) सुविधा को 30 जून तक बंद कर दे. सरकार ने इस कदम को 21 जून को होने वाली पुन: परीक्षा की शुचिता (integrity) की रक्षा के लिए आवश्यक बताया.

अधिकारियों का तर्क था कि टेलीग्राम चैनलों का उपयोग लीक या नकली प्रश्न पत्र वितरित करने, धोखाधड़ी का समन्वय करने और प्लेटफॉर्म की संपादन सुविधा के माध्यम से संदेश टाइमस्टैम्प में हेरफेर करने के लिए किया जा रहा था.

टेलीग्राम ने इसी आदेश को दी चुनौती
टेलीग्राम ने इस बैन को चुनौती देते हुए एक रिट याचिका दायर की और तर्क दिया कि ऐप को इस तरह बड़े पैमाने पर ब्लॉक करना गैर-कानूनी और असंवैधानिक था. कंपनी ने यह भी दावा किया कि उसने गैर-कानूनी NEET कंटेंट से जुड़े 900 से ज़्यादा लिंक हटा दिए हैं और नियमों के उल्लंघन की पहचान करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग टूल्स और मैनुअल मॉडरेशन का इस्तेमाल किया है.

केंद्र सरकार ने ऐप पर लगाए गए अस्थायी बैन को सही ठहराने के लिए टेलीग्राम की याचिका पर अपना जवाब दाखिल किया. अन्य तर्कों के अलावा, केंद्र सरकार ने बताया कि “Neet Mafia” नाम के एक टेलीग्राम चैनल की पहचान की गई थी, जिसके आखिरी बार जांचने पर लगभग 18,617 सब्सक्राइबर थे.

हलफनामे के अनुसार, यह चैनल कथित NEET परीक्षा पेपर लीक, एडवांस बुकिंग की व्यवस्था, पेमेंट लेने के तरीकों और परीक्षा से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराने के वादों से संबंधित कंटेंट को बड़े पैमाने पर फैला रहा था. केंद्र सरकार के जवाबी हलफनामे में कहा गया है, “इस चैनल का दायरा ही यह दिखाता है कि टेलीग्राम में एक साथ हज़ारों यूज़र्स तक परीक्षा से जुड़ा गैर-कानूनी कंटेंट बड़े पैमाने पर पहुंचाने की क्षमता है.” केंद्र सरकार के अनुसार, टेलीग्राम का खास टेक्निकल आर्किटेक्चर, जो पूरी तरह से क्लाउड-बेस्ड है, बड़ी मात्रा में कंटेंट भेजने की सुविधा देता है.

केंद्र के जवाबी हलफनामे में कहा गया है कि यह प्लेटफ़ॉर्म दो लाख सदस्यों तक के ग्रुप और ऐसे पब्लिक चैनल बनाने की सुविधा देता है जो लगभग असीमित लोगों तक कंटेंट पहुंचा सकते हैं, जिससे किसी भी गैर-कानूनी कंटेंट की पहुंच काफी बढ़ जाती है. केंद्र का यह भी तर्क है कि यह प्लेटफ़ॉर्म फ़ोन नंबर के बजाय बॉट और यूज़रनेम के इस्तेमाल की सुविधा देता है, जिससे यह उन लोगों के लिए आपराधिक गतिविधियों का अड्डा बन गया है, जो अपनी पहचान छिपाना चाहते हैं. जवाबी हलफनामे में जिन गैर-कानूनी गतिविधियों का ज़िक्र किया गया है, उनमें ड्रग तस्करी, आतंकवाद, बच्चों का शोषण, साइबर स्कैम और धोखाधड़ी शामिल हैं.

आतंकवादी संगठनों को भी पहुंचा रहा फायदा
हलफनामे में कहा गया है, “आतंकवादी संगठनों से जुड़े लोग टेलीग्राम ग्रुप और चैनल के ज़रिए चरमपंथी हिंसक गतिविधियों और दूसरे कट्टरपंथी कंटेंट का प्रचार कर रहे हैं. इनका मकसद गलत जानकारी फैलाना या कानून-व्यवस्था को बिगाड़ना है.” सरकार ने यह भी दावा किया है कि इस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े कंटेंट (CSEAM) के साथ-साथ पायरेटेड फिल्में, वेब सीरीज़ और दूसरे पेड मीडिया कंटेंट को फैलाने के लिए किया जा रहा है.

केंद्र सरकार ने हलफनामे में यह भी बताया गया है कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर साइबर अपराध की शिकायतों में काफी बढ़ोतरी हुई है. इन शिकायतों में कहा गया है कि धोखाधड़ी और आपराधिक साइबर गतिविधियों को अंजाम देने के लिए टेलीग्राम का इस्तेमाल किया गया था. केंद्र ने यह भी आरोप लगाया है कि टेलीग्राम बॉट्स नागरिकों के निजी डेटा, जिनमें निजी मोबाइल नंबर और आधार कार्ड विवरण शामिल हैं, तक पहुंच बनाने में मदद कर रहे हैं.

हलफनामे में कहा गया है, “जब इस तरह की जानकारी बार-बार और व्यापक रूप से प्रसारित होने लगती है, तो मध्यस्थ द्वारा होस्ट की गई सभी जानकारी को ब्लॉक करना ही एकमात्र विकल्प होता है, क्योंकि तकनीकी रूप से अवैध सामग्री को वैध सामग्री से अलग करना संभव नहीं है.” केंद्र ने आगे कहा है कि वह निष्पक्ष पुन: NEET परीक्षा आयोजित करने और उक्त पुन: परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. हलफनामे में कहा गया है, “धारा 69A के तहत जानकारी को ब्लॉक होने से रोकने में किसी भी देरी के परिणामस्वरूप अधिनियम की धारा 69A के तहत परिकल्पित परिणाम हो सकते थे और इससे बड़े पैमाने पर छात्र अशांति, सार्वजनिक व्यवस्था में व्यवधान और संज्ञेय अपराध करने के लिए उकसाने की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी.”

FIFA WC: स्विस टीम ने दूसरे हाफ में दिखाया दम, मन्जांबी ने दागे दो गोल; झाका ने पेनाल्टी से जीत पर लगाई मुहर

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फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-बी मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से करारी शिकस्त दी। लंबे समय तक संघर्षपूर्ण रहे इस मुकाबले में स्विस टीम ने अंतिम 20 मिनट में आक्रामक खेल दिखाते हुए चार गोल दागे और टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की।

लॉस एंजिलिस स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले का पहला हाफ गोलरहित रहा। दोनों टीमों ने सावधानीपूर्वक खेल दिखाया, लेकिन कोई भी पक्ष बढ़त हासिल नहीं कर सका। दूसरे हाफ में स्विट्जरलैंड ने दबाव बढ़ाया और मैच के अंतिम चरण में बोस्नियाई रक्षा पंक्ति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

74वें मिनट में युवा खिलाड़ी जोहान मंजाम्बी ने शानदार गोल कर स्विट्जरलैंड का खाता खोला। इसके बाद 84वें मिनट में रूबेन वर्गस ने बढ़त को दोगुना कर दिया। 90वें मिनट में मन्जांबी ने अपना दूसरा गोल दागकर स्कोर 3-0 कर दिया और मैच लगभग स्विट्जरलैंड की झोली में डाल दिया।

रेड कार्ड बना टर्निंग पॉइंट

बोस्निया-हर्जेगोविना की मुश्किलें 80वें मिनट में और बढ़ गईं, जब डिफेंडर तारिक मुहरेमोविच को अंतिम खिलाड़ी के रूप में फाउल करने पर सीधे लाल कार्ड दिखाया गया। इसके बाद टीम 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर हो गई और स्विट्जरलैंड ने इसका पूरा फायदा उठाया।

अंतिम मिनटों में गोलों की बारिश

इंजरी टाइम में बोस्निया-हर्जेगोविना के एरमिन माहमिक ने 90+3 मिनट में शानदार गोल कर अंतर कम किया और स्कोर 3-1 कर दिया। हालांकि, इसके तुरंत बाद स्विट्जरलैंड को पेनल्टी मिली, जिसे कप्तान ग्रेनिट झाका ने 90+7 मिनट में गोल में बदलकर टीम की 4-1 की शानदार जीत पर मुहर लगा दी।

ग्रुप-बी में मजबूत हुई स्विट्जरलैंड की स्थिति

पहले मैच में ड्रॉ खेलने के बाद स्विट्जरलैंड के लिए यह जीत बेहद अहम रही। इस परिणाम के साथ स्विस टीम ने ग्रुप-बी में नॉकआउट चरण की अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। वहीं बोस्निया-हर्जेगोविना के लिए अब अगले मुकाबले में जीत लगभग अनिवार्य हो गई है। करीब 70 मिनट तक संतुलित दिखने वाला मुकाबला अंतिम चरण में पूरी तरह स्विट्जरलैंड के नाम रहा। मन्जांबी और वर्गास की प्रभावशाली मौजूदगी, झाका की कप्तानी और बोस्निया के रेड कार्ड ने मैच का रुख बदल दिया। स्विट्जरलैंड ने दिखा दिया कि दबाव के क्षणों में वह किसी भी टीम के खिलाफ घातक साबित हो सकता है।

NATIONAL : बागी गुट ही असली TMC, ममता की पार्टी के कांग्रेस में विलय होने की अटकलों पर बोले ऋतब्रत बनर्जी

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तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने बुधवार (10 जून 2026) को दावा किया कि उनका गुट ही ‘असली तृणमूल’ है. उन्होंने इसी के साथ टीएमसी के कांग्रेस में विलय की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया. ऋतब्रत का यह बयान पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी की कांग्रेस नेताओं के साथ मुलाकात और उनके नीत गुट के भविष्य को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बीच आया है.

ऋतब्रत ने दावा किया कि उनके नेतृत्व में बागी गुट के विधायकों की संख्या 58 से बढ़कर 64 हो गई है. उन्होंने कहा कि उनके नीत गुट को पार्टी के ज्यादातर विधायकों और बड़ी संख्या में सांसदों का समर्थन हासिल है और वे तृणमूल कांग्रेस के बैनर तले ही काम करते रहेंगे. बंगाल विधानसभा के बाहर उन्होंने कहा, ‘हम ही असली तृणमूल कांग्रेस हैं. हम कांग्रेस में विलय नहीं कर रहे हैं.’

ममता बनर्जी की कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात और राष्ट्रीय राजधानी में अभिषेक बनर्जी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच बातचीत की खबरों के बाद लगाई जा रही अटकलों के बीच उनकी ये टिप्पणियां आई है. इन मुलाकातों ने राजनीतिक हलकों में ममता नीत धड़े के भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब पार्टी अपने 28 साल के इतिहास के सबसे बड़े अंदरूनी संकट से जूझ रही है.

ऋतब्रत ने हालांकि उन सुझावों को खारिज कर दिया कि संगठन कांग्रेस के नेतृत्व वाली किसी व्यवस्था का हिस्सा बन सकता है. उन्होंने कहा, ‘हमारे साथ विधायकों की संख्या पहले ही 64 के पार हो चुकी है. कल एक और विधायक के हमारे साथ जुड़ने पर यह संख्या 65 हो सकती है. जाहिर है, असली तृणमूल कांग्रेस हम ही हैं. दिल्ली में कौन किससे मिलता है, यह उनका मामला है और हमारे लिए इसका कोई महत्व नहीं है.’ बागी नेता ने कहा कि विधानसभा में गुट की बदली हुई ताकत को दर्शाने वाला एक नया पत्र विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा जाएगा.

उन्होंने दावा किया कि बागी गुट को न केवल विधायकों का, बल्कि सांसदों, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों और जिला-स्तर के नेताओं का भी समर्थन प्राप्त है. ऋतब्रत ने सवाल किया, ‘ज्यादातर विधायक कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं. ज्यादातर सांसद भी कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं. कई जिला नेता और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि भी कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं तो फिर विलय का सवाल ही कहां उठता है?’ उन्होंने दोहराया कि लोकसभा में बागी सांसद बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए का समर्थन जारी रखेंगे.

ऋतब्रत का यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि तृणमूल के 20 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई में एक अलग संसदीय गुट बनाने की जानकारी दे दी है और एनडीए को समर्थन देने का संकल्प व्यक्त किया है. इस हफ्ते की शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस का संकट तब और गहरा गया, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी के भीतर शुरू हुई बगावत संसद तक पहुंच गई.

इस माहौल में दिल्ली में ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और कांग्रेस नेतृत्व के बीच हुई मुलाकातों का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है. ऐसी अटकलें भी तेज हैं कि ममता बनर्जी नीत तृणमूल का धड़ा कांग्रेस के साथ नजदीकी रिश्ते बनाने या पार्टी के विलय पर विचार कर सकता है. किसी भी पक्ष ने सार्वजनिक रूप से विलय के बारे में बात नहीं की है, लेकिन इन बैठकों ने इतनी राजनीतिक चर्चा पैदा कर दी है कि बागी खेमे को बार-बार अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ रही है.

ऋतब्रत से जब यह पूछा गया कि अगर ममता बनर्जी अपने धड़े का कांग्रेस में मिलाने का फैसला करती हैं तो क्या होगा, तो उन्होंने सीधा जवाब देने से परहेज किया. उन्होंने कहा, ‘कल के सवालों का जवाब कल ही मिलेगा. आज की बात करें तो यह संख्या 64 है और बढ़ रही है.’

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