Thursday, February 5, 2026
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वैष्णो देवी के दर्शन करने हुए और भी अद्भुत…. भक्तों को मिलेगी दोहरी खुशी

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उत्तर भारत में सर्दी अपने चरम पर है, और पहाड़ों पर बर्फबारी ने मौसम को और भी ठंडा बना दिया है। हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई है, जिससे पर्यटक और श्रद्धालु इन इलाकों का रुख कर रहे हैं। अगर आप भी जम्मू-कश्मीर जाने का सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए सबसे बेहतरीन समय है, खासकर यदि आप वैष्णो देवी के दर्शन करना चाहते हैं। इस समय माता वैष्णो देवी के दर्शन और बर्फबारी का अद्भुत संगम आपको एक अनोखा अनुभव देने वाला है।

हाल ही में जम्मू-कश्मीर में हुई बर्फबारी के बाद, मां वैष्णो देवी भवन और भैरो घाटी में त्रिकूट पर्वत पूरी तरह से सफेद चादर से ढक चुका है। इस खूबसूरत दृश्य को देखकर देशभर से आ रहे श्रद्धालु अपनी यात्रा का आनंद दोगुना अनुभव कर रहे हैं। एक ओर जहां प्राचीन गुफा के कपाट खुल चुके हैं, वहीं दूसरी ओर ताजा बर्फबारी ने इन स्थानों को और भी आकर्षक बना दिया है। भक्त अब न केवल माता के दर्शन कर रहे हैं, बल्कि बर्फ का भी आनंद ले रहे हैं, जिससे उन्हें वैष्णो देवी में दोहरी खुशी मिल रही है।

यदि आप भी इस यात्रा पर जा रहे हैं, तो मौसम की ताजगी का पूरी तरह से लाभ उठाने के लिए गर्म कपड़े लेकर जाएं। बर्फबारी के कारण तापमान में लगातार गिरावट आ रही है और मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक यहां शुष्क मौसम रहेगा। इसलिए, यात्रा से पहले अपनी पूरी तैयारी कर लें और ठंडी से बचने के लिए अतिरिक्त कपड़े जरूर पैक करें।

संपत्ति विवाद में खून की होली, लखनऊ में 6 हत्याओं पर कोर्ट ने दंपति को दी फांसी की सजा

लखनऊ की एक विशेष अदालत ने राजधानी के बंथरा क्षेत्र में सम्पत्ति को लेकर अपने ही परिवार के 2 बच्चों समेत 6 लोगों की हत्या करने के आरोपी दंपति को शुक्रवार को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी करार दिए गए दंपति को हत्या के जुर्म में फांसी के साथ 1-1 लाख रुपए का जुर्माना, साजिश रचने के जुर्म में आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा दोषी करार दिए गए पति को शस्त्र अधिनियम के तहत 3 साल की कैद और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

जानिए, क्या है पूरा मामला?
विशेष न्यायाधीश रोहित सिंह ने बंथरा थाना क्षेत्र में 30 अप्रैल 2020 को अपने ही परिवार के 2 बच्चों समेत 6 लोगों की नृशंस हत्या के आरोपी अजय सिंह और उसकी पत्नी रूपा सिंह को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि दोषियों को तब तक फांसी पर लटकाया जाए जब तक उनकी मौत न हो जाए। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि जब तक उच्च न्यायालय से फांसी की पुष्टि न हो जाए तब तक दोषी करार दंपति को फांसी पर ना लटकाया जाए। दंपति को हत्या के जुर्म में फांसी की सजा देने के साथ उन पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसी तरह साजिश रचने के जुर्म में उन्हें आजीवन कारावास की सजा देने के साथ 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा दोषी करार दिये गये पति को शस्त्र अधिनियम के तहत तीन साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी गई है।

शिकायतकर्ता ने बंथरा थाने में 30 अप्रैल 2020 को दर्ज कराई थी रिपोर्ट
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, शिकायतकर्ता गुड्डी ने बंथरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 अप्रैल 2020 को उसके भाई अजय सिंह, उसकी पत्नी रूपा सिंह और बेटे ने साजिश रचकर उसके पिता अमर सिंह, मां राम दुलारी, भाई अरुण सिंह, भाभी राम सखी, भतीजे सौरभ और भतीजी सारिका की कुल्हाड़ी से काटकर और गोली मारकर हत्या कर दी। मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि अजय सिंह अपने पिता से धन की मांग करता था और उसे डर था कि उसके पिता जमीन बेचकर सारा पैसा उसके छोटे भाई अरुण और उसकी पत्नी राम सखी को दे देंगे। इसी वजह से उसने परिवार के 6 लोगों की हत्या कर दी।

संपत्ति विवाद में परिवार के 2 बच्चों समेत 6 लोगों की हत्या
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जांच में आरोपी बेटा नाबालिग पाया गया और उसका मामला किशोर न्यायालय में भेज दिया गया। गवाहों ने अदालत को बताया था कि अजय ने अपने भाई और उसके परिवार की हत्या बगीचे में की थी, जबकि पिता की हत्या खेत में और मां की हत्या घर में की गई। अजय ने प्रताप के बगीचे में भाई अरुण सिंह के सिर में गोली मार दी और उसकी पत्नी राम सखी और उसके छह साल के बेटे और तीन साल की बेटी की वहीं कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी।

परिवार के 6 सदस्यों की हत्या के दोषी दंपति को फांसी की सजा सुनाई गई
अदालत ने कहा कि अपराध का एकमात्र मकसद संपत्ति विवाद था और जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया, वह बेहद नृशंस था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आस-पास और पूरे समाज में भय और आतंक पैदा करने की इच्छा से हत्या करना सामूहिक रूप से समाज की अंतरात्मा को इस तरह प्रभावित करता है कि इस न्यायालय की राय में अभियुक्तों के लिए एकमात्र न्यायोचित सजा मृत्युदंड है। अदालत ने गुरुवार 16 दिसंबर को मामले में फैसला सुनाते हुए अभियुक्तों को दोषी करार दिया था, जिसके बाद सजा की अवधि पर शुक्रवार को सुनवाई के बाद फैसला सुनाया गया।

Hyderabad Metro ने 13 किलोमीटर की दूरी को सिर्फ 13 मिनट में पूरा किया..

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हैदराबाद मेट्रो, जिसे शहर की लाइफलाइन कहा जाता है, ने एक बार फिर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका साबित की है। मेट्रो न केवल यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का साधन है, बल्कि इसने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक अनोखा योगदान दिया है। 17 जनवरी 2025 को मेट्रो ने 13 किलोमीटर की दूरी को मात्र 13 मिनट में तय कर एक डोनर हार्ट को ट्रांसप्लांट के लिए पहुंचाया।

यह अनूठा मिशन रात 9:30 बजे शुरू हुआ, जब मेट्रो ने एलबी नगर स्थित कामिनेनी अस्पताल से लकड़ी का पुल इलाके के ग्लेनीगल्स ग्लोबल अस्पताल तक डोनर हार्ट को पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध कराया। 13 मेट्रो स्टेशनों से गुजरते हुए इस सफर को मेट्रो ने बिना किसी बाधा के पूरा किया। मेट्रो की तेज रफ्तार और कुशल प्रबंधन के कारण इस जीवन रक्षक मिशन में कीमती समय बचाया जा सका।

मेडिकल टीम ने संभाली जिम्मेदारी

कामिनेनी अस्पताल की मेडिकल टीम ने डोनर हार्ट को एक विशेष मेडिकल बॉक्स में रखा और मेट्रो से सफर कर उसे ग्लेनीगल्स ग्लोबल अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाया। इस दौरान मेट्रो के अंदर डॉक्टर और अन्य मेडिकल स्टाफ की मौजूदगी देखी गई। सोशल मीडिया पर इस घटनाक्रम का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग मेट्रो की इस उपलब्धि की सराहना कर रहे हैं।

13 स्टेशन, 13 मिनट

कामिनेनी अस्पताल से ग्लेनीगल्स ग्लोबल अस्पताल के बीच की दूरी 13 किलोमीटर है, जिसमें 13 मेट्रो स्टेशन आते हैं। आम दिनों में इस सफर में अधिक समय लग सकता था, लेकिन ग्रीन कॉरिडोर की मदद से मेट्रो ने इसे 13 मिनट में पूरा कर दिखाया। इस मिशन ने न केवल मरीज की जान बचाई बल्कि यह साबित किया कि हैदराबाद मेट्रो संकट की घड़ी में भी एक मजबूत सहायक बनकर उभर सकती है।

तकनीक और मानवता का मेल

यह मिशन एक बार फिर दिखाता है कि कैसे आधुनिक तकनीक और इंसानी प्रयास मिलकर बड़ी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। मेट्रो की यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में एक मील का पत्थर है, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में नई उम्मीद भी जगाती है।

Google की बादशाहत खतरे में! क्या AI के दौर में सर्च इंजन का छिन जाएगा ताज?

सर्च इंजन के बाजार में गूगल का दबदबा लंबे समय से कायम रहा है। इसके सर्च इंजन ने ना केवल इंटरनेट यूज़र्स का सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया है, बल्कि इसके एल्गोरिदम ने हर सर्च क्वेरी को सबसे बेहतर तरीके से जवाब दिया है। लेकिन अब यह स्थिति बदलती हुई नजर आ रही है। गूगल की मार्केट हिस्सेदारी में गिरावट देखने को मिल रही है, और इसके पीछे एक बड़ा कारण AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित सर्च इंजन का उदय है।

गूगल का घटा मार्केट शेयर
Statcounter की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के आखिरी तीन महीनों में गूगल की सर्च इंजन मार्केट हिस्सेदारी 90% से भी नीचे गिर गई है। अक्टूबर में गूगल का सर्च इंजन मार्केट शेयर 89.34% था, नवंबर में यह थोड़ा बढ़कर 89.99% हुआ, लेकिन दिसंबर में यह फिर से घटकर 89.74% तक आ गया। गूगल के लिए यह एक बड़ी गिरावट है क्योंकि यह पहली बार नहीं हुआ जब उसका मार्केट शेयर इतना कम हुआ हो, इससे पहले 2015 में भी गूगल का बाजार हिस्सेदारी 90% से नीचे गिरा था।

Microsoft के Bing को मिली बढ़त
इस गिरावट का सबसे बड़ा फायदा Microsoft के Bing सर्च इंजन को हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 की आखिरी छमाही में Bing की मार्केट हिस्सेदारी 4% तक पहुंच गई है। यह गूगल के लिए एक चिंता का विषय बन सकता है क्योंकि Bing का पहले की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन हुआ है। यह वृद्धि Bing की AI तकनीक और ChatGPT जैसी स्मार्ट टूल्स के साथ जुड़ी हुई है, जिससे उपयोगकर्ताओं का रुझान तेजी से इस सर्च इंजन की तरफ बढ़ा है। हालांकि, Bing अभी भी गूगल से बहुत पीछे है, लेकिन यह वृद्धि दर्शाती है कि धीरे-धीरे Bing सर्च इंजन के प्रति उपयोगकर्ताओं का विश्वास बढ़ रहा है।

AI के प्रभाव से गूगल को हो रही चुनौती
गूगल की बादशाहत को अब केवल पारंपरिक सर्च इंजन से ही नहीं, बल्कि AI-आधारित सर्च इंजन से भी कड़ी चुनौती मिल रही है। ChatGPT और Perplexity जैसे सर्च इंजन तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं, जो उपयोगकर्ताओं को AI की मदद से सटीक और सटीक परिणाम प्रदान करते हैं। ये AI सर्च इंजन गूगल के पारंपरिक सर्च इंजन को टक्कर दे रहे हैं और लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। हालांकि, Statcounter ने अपनी रिपोर्ट में इन AI सर्च इंजनों का विश्लेषण नहीं किया, लेकिन ये साफ है कि AI की बढ़ती लोकप्रियता गूगल के लिए खतरे की घंटी बन सकती है।

गूगल के लिए बढ़ती कानूनी और बाजार संबंधी चुनौतियां
गूगल की मार्केट हिस्सेदारी में गिरावट के कई कारण हैं। इसके अलावा, गूगल पर कई देशों में अवैध तरीके से बाजार में एकाधिकार स्थापित करने का आरोप भी लगा है, जिसकी वजह से गूगल पर जांच हो रही है। गूगल की ओर से किए गए अनुशासनहीन व्यापारिक कृत्य और प्रतिस्पर्धा को दबाने के प्रयासों पर निगरानी रखी जा रही है। इन कानूनी जटिलताओं और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते गूगल को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

कैसी है वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा
हालांकि, गूगल के पास अभी भी अधिकांश सर्च इंजन बाजार पर नियंत्रण है, लेकिन इसका दबदबा धीरे-धीरे कम हो रहा है। 90% से ऊपर का मार्केट शेयर खोना गूगल के लिए एक बड़ा संकेत है। इसका मतलब यह भी है कि अन्य कंपनियों और एआई आधारित सर्च इंजन की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। अगर गूगल ने अपनी रणनीतियों में बदलाव नहीं किया, तो आने वाले समय में उसे और भी बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। गूगल की सर्च इंजन मार्केट हिस्सेदारी में गिरावट आ रही है, और इसके साथ ही अन्य सर्च इंजन, जैसे Bing, बढ़ते जा रहे हैं। Bing का 4% बाजार हिस्सेदारी तक पहुंचना गूगल के लिए एक खतरे की घंटी है। इसके अलावा, AI आधारित सर्च इंजन जैसे ChatGPT और Perplexity भी गूगल की स्थिति को चुनौती दे रहे हैं। गूगल के लिए यह समय अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करने का है, क्योंकि सर्च इंजन बाजार में बदलाव तेजी से हो रहा है।

67 साल के संत ने पहना 6 करोड़ रुपये का सोना, हर आभूषण में छिपी है साधना की गहरी कहानी!

प्रयागराज के महाकुंभ मेला 2025 में श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करने वाले कई अद्भुत साधु-संतों में एक प्रमुख नाम है, गोल्डन बाबा का। एसके नारायण गिरी जी महाराज, जिन्हें गोल्डन बाबा के नाम से जाना जाता है, इन दिनों कुंभ मेला में चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनका व्यक्तित्व और अनोखा अंदाज श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचता है।

गोल्डन बाबा का जन्म केरल में हुआ था, लेकिन वर्तमान में वे दिल्ली में रहते हैं। उन्होंने निरंजनी अखाड़े से जुड़कर आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत की। गोल्डन बाबा की विशेष पहचान उनके शरीर पर पहने गए सोने के आभूषणों से है। वे लगभग 4 किलो सोना पहनते हैं, जिनकी कीमत लगभग 6 करोड़ रुपये बताई जा रही है। उनका हर आभूषण, चाहे वह अंगूठी हो, कंगन हो, घड़ी हो या हाथ में सोने की छड़ी, सबमें एक आध्यात्मिक और साधना से जुड़ी हुई गहरी कहानी छिपी हुई है। उनकी छड़ी पर देवी-देवताओं के लॉकेट लगे होते हैं, जो उनके साधना और धार्मिक जीवन का प्रतीक माने जाते हैं।

बाबा का कहना है कि ये आभूषण उनकी साधना से जुड़ी हुई हैं और हर गहने में एक आध्यात्मिक शक्ति समाई हुई है। वे इसे दिखावे के रूप में नहीं पहनते, बल्कि यह उनके आस्थाओं, गुरु के प्रति श्रद्धा और साधना का प्रतीक हैं। उनका मानना है कि ये आभूषण न केवल उनके आध्यात्मिक जीवन का हिस्सा हैं, बल्कि इनकी ऊर्जा उन्हें उच्च साधना की दिशा में प्रेरित करती है। गोल्डन बाबा ने अपने आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत निरंजनी अखाड़े के प्रमुख रवींद्र पुरी महाराज से दीक्षा लेकर की थी। उन्होंने शिक्षा और धर्म के संगम पर जोर दिया है। उनका मानना है कि धर्म और शिक्षा दोनों का सामंजस्य समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। वे धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ समाज के विकास के लिए काम कर रहे हैं और समाज में भक्ति, साधना, और ज्ञान का संदेश फैला रहे हैं।

गोल्डन बाबा का जीवन न केवल एक साधु का जीवन है, बल्कि वह एक प्रेरणा भी है। वे कहते हैं कि साधना के बिना कोई भी आध्यात्मिक उन्नति संभव नहीं है, और वे अपने आभूषणों के माध्यम से लोगों को यह समझाना चाहते हैं कि हर चीज़ का एक गहरा आध्यात्मिक अर्थ होता है। कुंभ मेला में गोल्डन बाबा की उपस्थिति लोगों को उनके साधना के प्रति आस्था और प्रेरणा देती है। उनके पास छह सोने के लॉकेट हैं, जिनसे लगभग 20 मालाएं बन सकती हैं। उनका मोबाइल भी सोने की परत में ढका हुआ है।

श्रद्धालु उन्हें ‘गोल्डन बाबा’ के नाम से जानते हैं और उनके पास आशीर्वाद लेने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। गोल्डन बाबा का मानना है कि उनका यह सोने से सजा रूप केवल एक भव्यता नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक जीवन की ओर संकेत करता है। गोल्डन बाबा की छवि कुंभ मेले में एक विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जो न केवल उनके आभूषणों के कारण, बल्कि उनके आध्यात्मिक संदेश और साधना के प्रति प्रतिबद्धता के कारण भी लोगों के दिलों में विशेष स्थान बना चुकी है। उनके व्यक्तित्व में अध्यात्म, भक्ति और साधना का अद्भुत समागम है, जो समाज को एक सकारात्मक दिशा की ओर प्रेरित करता है।

पंजाब में वाहन चालक हो जाए सावधान, जारी हो गई ये खास चेतावनी

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पंजाब के बिगड़ रहे मौसम के बीच वाहन चालकों के लिए  खास चेतावनी जारी हुई है। दरअसल, मौसम विभाग द्वारा शीत लहर, कोल्ड डे व घनी धुंध की चेतावनी जारी की गई जिसके अन्तर्गत 19 जनवरी तक पंजाब में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। वहीं घने कोहरे के कारण विजीबिल्टी भी कम होगी, जिससे वाहन चालकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए बेहद परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही लोगों को इस मौसम में अलर्ट रकने की सलाह दी है। कहा गया है कि जब तक कोई इमरजेंसी न हो, घर से बाहर न निकलें और चेहरा ढक कर रखें।

घने से बहुत घने कोहरे का Alert 
वहीं, पंजाब का न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री तक पहुंच गया है। महानगर जालंधर के अधिकतम तापमान में 2.9 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि धुंध व शीत लहर के बीच पंजाब के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज हो रही, जिसके चलते हालात खराब हो रहे हैं और आने वाले कुछ दिनों में ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही। आलम यह है कि भारी ठंड से जन-जीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। पंजाब में न्यूनतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री कम होकर 2-3 डिग्री सैल्सियस तक लुढ़क गया है।  इस समय कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है और इस तरह की घातक कड़ाके की ठंड से बचाव करना बेहद जरूरी हो जाता है अन्यथा स्वास्थ्य बिगड़ने की संभावना बेहद बढ़ जाती है। आई.एम.डी. की ताजा अपडेट के मुताबिक पंजाब में मौसम शुष्क चल रहा है। पंजाब में अधिकांश स्थानों पर घने से बहुत घने कोहरे की सूचना है। पंजाब में कई स्थानों पर कोल्ड डे से लेकर घातक कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है। इसी क्रम में शीत लहर से लेकर भारी शीत लहर की स्थिति बताई गई है।

बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान पर हमला करने वाले हमलावर की नई तस्वीर आई सामने

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मुंबई के बांद्रा इलाके में अभिनेता सैफ अली खान पर हुए हमले के दो दिन बाद हमलावर की एक नई तस्वीर सामने आई है। यह तस्वीर सीसीटीवी फुटेज से ली गई है, जिसमें हमलावर को पहले के मुकाबले अलग कपड़ों में देखा जा सकता है।

पहले सामने आई तस्वीर में हमलावर नीली शर्ट पहने नजर आया था, जबकि हमले की रात उसने काले रंग की टी-शर्ट पहनी हुई थी। वहीं, नई तस्वीर में वह पीले रंग की टी-शर्ट में दिख रहा है।

मुंबई पुलिस का मानना है कि हमलावर ने घटना के बाद बांद्रा से ट्रेन के जरिए शहर में घूमने या किसी अन्य जगह जाने की कोशिश की। पुलिस की कई टीमें शहर के रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं ताकि संदिग्ध का पता लगाया जा सके।

एफआईआर के अनुसार, आरोपी ने अभिनेता के छोटे बेटे जेह के कमरे में घुसकर हमला किया। घटना के दौरान एक घरेलू सहायक के शोर मचाने पर सैफ बीच में आए और हमलावर ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में सैफ को छाती और रीढ़ की हड्डी सहित छह गंभीर चोटें आईं।

54 वर्षीय सैफ अली खान को तुरंत लीलावती अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी सर्जरी की गई। डॉक्टरों ने उनकी रीढ़ से चाकू निकाला और स्पाइनल फ्लूइड लीक की समस्या को ठीक किया। फिलहाल सैफ की हालत खतरे से बाहर है।

इस हमले में सैफ के अलावा दो घरेलू सहायक भी घायल हुए, जिन्हें हमलावर ने हेक्सा ब्लेड से चोट पहुंचाई। मुंबई पुलिस ने हमलावर को पकड़ने के लिए 35 टीमें गठित की हैं। संदिग्ध की पहचान हो चुकी है और उसकी तलाश जारी है।

बिहार में 5 IAS अधिकारियों का तबादला, कुछ को मिला अतिरिक्त प्रभार, देखें पूरी लिस्ट

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बिहार सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पांच अधिकारियों का शुक्रवार को तबादला कर दिया तथा एक आईएएस को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। सामान्य प्रशासन विभाग की शुक्रवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, बिहार मानवाधिकार आयोग के सचिव राजेश कुमार को कोसी प्रमंडल, सहरसा का आयुक्त बनाया गया है। साथ ही राजेश कुमार अगले आदेश तक पूर्णिया प्रमंडल के आयुक्त पद के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।

कई सचिवों का हुआ ट्रांसफर
कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव दयानिधान पाण्डेय को राजस्व पर्षद, पटना का अपर सदस्य बनाया गया है। वहीं, गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव पद पर पदस्थापित किया गया है। साथ ही प्रणव कुमार अगले आदेश तक गृह विभाग के सचिव, महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएं, सामान्य प्रशासन विभाग के जांच आयुक्त और बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम के प्रबंध निदेशक के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की सचिव सीमा त्रिपाठी को बिहार मानवाधिकार आयोग का सचिव बनाया गया है। केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापसी के बाद सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देकर पदस्थापन के लिए प्रतीक्षारत आईएएस मनोज कुमार सिंह को स्वास्थ्य विभाग का सचिव बनाया गया है। इस व्यवस्था के आलोक में वाणिज्य कर विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह स्वास्थ्य विभाग के सचिव पद के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त हो जाएंगे।

ग्रामीण कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह की छुट्टी अवधि तक के सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र को ग्रामीण कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कनाडा-अमेरिका में सबसे बड़ी ट्रेड वार की आशंका… कनाडाई विदेश मंत्री ने दी ये धमकी

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कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, क्योंकि अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडाई उत्पादों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की योजना बनाई है। यह फैसला ट्रंप की व्यापक आर्थिक और विदेशी नीति का हिस्सा है, जो अन्य देशों जैसे मैक्सिको और चीन को भी लक्षित करता है।

वाशिंगटन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने चेतावनी दी कि अगर यह टैरिफ लागू हुआ, तो यह दोनों देशों के बीच दशकों का सबसे बड़ा व्यापारिक टकराव होगा। उन्होंने कहा, “अमेरिका हमारे खिलाफ व्यापार युद्ध शुरू करेगा, लेकिन हम पूरी ताकत से जवाब देने के लिए तैयार हैं।”

खबरों के अनुसार, कनाडा अमेरिका से आयातित स्टील, सिरेमिक (जैसे टॉयलेट और सिंक), कांच और संतरे के रस पर कड़े प्रतिशोधात्मक टैरिफ लगाने की योजना बना रहा है। यह उपाय चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे, जिससे कनाडाई उपभोक्ताओं और रोजगार की रक्षा की जा सके।

कनाडा के निवर्तमान प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भी ट्रंप के प्रस्तावित टैरिफ की आलोचना की। उन्होंने कहा, “ये टैरिफ न केवल कनाडा बल्कि अमेरिकी नौकरियों को भी खतरे में डालेंगे, उपभोक्ताओं के लिए महंगाई बढ़ाएंगे और पूरे महाद्वीप में सुरक्षा और आर्थिक लागतों पर नकारात्मक प्रभाव डालेंगे।”

आर्थिक विशेषज्ञों ने भी संभावित व्यापार युद्ध के गंभीर परिणामों की चेतावनी दी है। स्कोटियाबैंक के एक विश्लेषण के अनुसार, व्यापार युद्ध की स्थिति में कनाडा की जीडीपी पांच प्रतिशत से अधिक घट सकती है, बेरोजगारी बढ़ सकती है और महंगाई में इजाफा हो सकता है।

इस संभावित संघर्ष का प्रभाव दोनों देशों की सीमाओं से परे, वैश्विक बाजारों और आपूर्ति श्रृंखलाओं तक महसूस किया जा सकता है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि दोनों देश कैसे इस विवाद को सुलझाने का प्रयास करते हैं।

यूपी में बारिश और कोहरे का अलर्ट, लखनऊ सहित कई इलाकों में ठंड बढ़ने की संभावना.

अगले 2 दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में घना तो कुछ जगहों पर बहुत घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 21 से 23 जनवरी तक हल्के कोहरे और हल्की बारिश का पूर्वानुमान जताया है। शनिवार को प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में घने कोहरे के कारण ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इनमें सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीर नगर, गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, मऊ, बलिया, इटावा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, आगरा, हाथरस, अलीगढ़, मथुरा और आगरा शामिल हैं।

कोहरे के लिए यलो अलर्ट जारी
कई अन्य जिलों में कोहरे का यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। इन जिलों में गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हापुड़, मुरादाबाद, बदायूं, एटा, फर्रुखाबाद, औरैया, जालौन, झांसी, महोबा, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, चित्रकूट, अयोध्या, बहराइच, अंबेडकरनगर, जौनपुर, सुलतानपुर, प्रयागराज, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और अन्य जिले शामिल हैं। इस दौरान रात और सुबह वाहन चलाने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

न्यूनतम तापमान में गिरावट
शनिवार को इटावा में सबसे कम न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लखीमपुर खीरी में यह 11 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान फतेहपुर में सबसे कम 16.6 डिग्री सेल्सियस और बहराइच में सबसे अधिक 26.4 डिग्री सेल्सियस रहा। लखनऊ में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

ठंडी हवाओं के साथ बढ़ेगी शीतलहर
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश हो सकती है। इसके साथ ही सर्द हवाएं चलेंगी, जिससे दिन का तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। मौसम विभाग ने इस दौरान कोल्ड डे की चेतावनी भी जारी की है। उत्तर प्रदेश के अधिकतर जिलों में घना कोहरा और ठंड बनी रहेगी, जिससे लोगों की दिनचर्या पर असर पड़ सकता है।

बर्फबारी का असर
उत्तर भारत में मौसम विभाग ने 21 जनवरी से उत्तरी राज्यों में बर्फबारी और बादल छाने का अलर्ट जारी किया है, जिसका असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा। इसके कारण ठंड और शीतलहर की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

यात्रियों को करना पड़ सकता है परेशानी का सामना
घने कोहरे और ठंड के कारण रेल और हवाई यातायात पर भी असर पड़ने की संभावना है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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