Wednesday, February 4, 2026
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Delhi Election 2025: देर रात कांग्रेस ने जारी की चौथी लिस्ट, जानें किसे कहां से मिला टिकट

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कांग्रेस ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को पांच और उम्मीदवार घोषित किए। पार्टी ने 70 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए अब तक कुल 68 उम्मीदवार घोषित कर दिए है। इससे पहले चार अलग-अलग सूचियों में कुल 63 प्रत्याशी घोषित किए गए थे। कांग्रेस उम्मीदवारों की इस पांचवीं सूची में कुल पांच नाम शामिल हैं। पार्टी ने बवाना से सुरेंद्र कुमार, रोहिणी से सोमेश गुप्ता, करोल बाग से राहुल धानक, तुगलकाबाद से वीरेंद्र बिधूड़ी और बदरपुर से अर्जुन भड़ाना को उम्मीदवार बनाया है।

कांग्रेस ने मंगलवार को 15 उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी की थी। इस महीने की शुरुआत में उसने एकमात्र उम्मीदवार की तीसरी सूची जारी की थी, जिसमें मुख्यमंत्री आतिशी के मुकाबले के लिए कालकाजी से महिला कांग्रेस प्रमुख अलका लांबा को मैदान में उतारा गया। गत 24 दिसंबर को पार्टी ने 26 उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची जारी की थी।

पार्टी ने दिसंबर की शुरुआत में 21 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की थी, जिसमें नई दिल्ली से पूर्व सांसद संदीप दीक्षित को मैदान में उतारा गया था। वह आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को चुनौती दे रहे हैं। दिल्ली विधानसभा के लिए पांच फरवरी को मतदान होगा और मतगणना आठ फरवरी को होगी।

भारत में पहली बार 6 साल के बच्चे की सफल किडनी ऑटो-ट्रांसप्लांट सर्जरी

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उज्बेकिस्तान का 6 साल का बच्चा ‘बाइलेट्रल विल्म्स ट्यूमर’ से जूझ रहा था, जो एक दुर्लभ प्रकार का किडनी कैंसर है। डॉक्टरों ने बच्चे की सफल किडनी ऑटो-ट्रांसप्लांट सर्जरी कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह सर्जरी भारत में इस प्रकार का पहला मामला है और विश्व स्तर पर अब तक केवल 16 ऐसे मामले सामने आए हैं।

सर्जरी का जटिलता से भरा रास्ता

इस बच्चे की दोनों किडनियों में ट्यूमर था, जिससे उसकी जान को खतरा था। बच्चे के माता-पिता ने पहले उज्बेकिस्तान में कीमोथेरेपी करवाई, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने भारत में इलाज कराने का फैसला लिया। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल में यूरोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट के डायरेक्टर डॉ. परेश जैन के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने इस बच्चे का इलाज शुरू किया।

अगस्त 2024 में राइट किडनी में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के जरिए ट्यूमर निकाला गया, लेकिन लेफ्ट किडनी पर टिश्यू की मोटी परत और ट्यूमर की स्थिति ने सर्जरी को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया। इस जटिल स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने ऑटो किडनी ट्रांसप्लांट करने का निर्णय लिया।

ऑटो-ट्रांसप्लांट सर्जरी की प्रक्रिया

सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने बच्चे की किडनी को शरीर से बाहर निकाला, फिर ट्यूमर को हटा दिया और बाद में किडनी को पेट के निचले हिस्से में रीप्लांट किया। यह सर्जरी करीब आठ घंटे तक चली और पूरी तरह से सफल रही।

बच्चे की स्थिति में सुधार

सर्जरी के बाद बच्चे की स्थिति में सुधार हुआ है और वह अब स्वस्थ महसूस कर रहा है। डॉक्टरों ने इसे भारत में एक ऐतिहासिक सफलता माना है, क्योंकि यह प्रकार की सर्जरी पहले कभी नहीं की गई थी।

सर्जरी के महत्व पर डॉक्टरों की टिप्पणी

डॉ. परेश जैन ने कहा कि यह एक अत्यधिक जटिल सर्जरी थी और उनकी टीम ने पूरी मेहनत और समर्पण के साथ इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। यह सर्जरी किडनी ट्रांसप्लांट और ट्यूमर रिमूवल के साथ-साथ मरीज के जीवन को बचाने का एक महत्वपूर्ण कदम था।

ऑस्ट्रेलिया के बाद अब इस देश ने भी स्कूलों में बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर लगाया बैन

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ऑस्ट्रेलिया (Australia) के बाद अब एक और  देश ने स्कूलों में बच्चों के स्मार्टफोन पर बैन (smartphone ban) लगा दिया है। ब्राजील (Brazil के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने सोमवार को स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग को प्रतिबंधित करने वाले विधेयक पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दे दिया। अब ब्राजील के प्राथमिक और उच्च विद्यालयों में बच्चों को स्कूल के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। इस कानून के तहत छात्र केवल आपातकालीन स्थिति, शैक्षिक उद्देश्यों, या विकलांगता के मामलों में स्मार्टफोन का उपयोग कर सकेंगे।

शिक्षा मंत्री कैमिलो सैंटाना ने कहा, “आजकल बच्चे बहुत कम उम्र में ऑनलाइन हो रहे हैं, जिससे माता-पिता के लिए उनकी ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक करना मुश्किल हो गया है। स्कूलों में स्मार्टफोन पर प्रतिबंध लगाना बच्चों की सुरक्षा और उनके ध्यान केंद्रित रखने में मदद करेगा।” राष्ट्रपति लूला के इस कदम को न केवल उनके सहयोगियों, बल्कि उनके धुर विरोधी, पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के समर्थकों ने भी समर्थन दिया। कई अभिभावकों और छात्रों ने भी इस फैसले की सराहना की है।

हालांकि इस विधेयक को लेकर कुछ आलोचकों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस कानून को पर्याप्त जांच के बिना जल्दबाजी में पारित किया गया है। इससे सभी आयु वर्ग के उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता पर असर पड़ सकता है। ब्राजील में यह कानून फरवरी से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से लागू होगा। उम्मीद है कि इस कदम से छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी और माता-पिता की चिंता कम होगी।

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाला विधेयक पहले ही सीनेट से पास हो चुका है। इस विधेयक के अनुसार, टिकटॉक, फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और रेडिट जैसे प्लेटफार्मों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चे उनके प्लेटफॉर्म पर अकाउंट न बना सकें। नियमों का उल्लंघन करने पर इन कंपनियों पर 33 मिलियन डॉलर (लगभग 2.5 अरब रुपये) का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

ISRO ने SPADEX मिशन में ऐतिहासिक सफलता की हासिल, ऐसा करने वाला भारत बना चौथा देश

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 2024 के अंत में लॉन्च किए गए SPADEX मिशन में बड़ी सफलता हासिल की है। इस मिशन के तहत अंतरिक्ष में दो सैटेलाइट्स की डॉकिंग और अनडॉकिंग प्रक्रिया को अंजाम देना था। ISRO ने 15 जनवरी 2025 को सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा की कि भारत ने यह सफलता प्राप्त कर ली है। इसके साथ ही भारत, अमेरिका, रूस और चीन के बाद ऐसा करने वाला चौथा देश बन गया है।

क्या है SPADEX मिशन का महत्व
SPADEX मिशन को लेकर अंतरिक्ष समुदाय में भारी उत्साह था, क्योंकि यह भारत के लिए एक बड़ी तकनीकी सफलता थी। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य दो सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में जोड़ना (डॉकिंग) और फिर उन्हें अलग करना (अनडॉकिंग) था। डॉकिंग के बाद, दोनों सैटेलाइट्स के बीच सटीक संपर्क स्थापित करना और इसके बाद अनडॉकिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देना जरूरी था। यह तकनीक भविष्य में भारत को अंतरिक्ष में अपने स्वयं के स्पेस स्टेशन स्थापित करने की दिशा में मदद कर सकती है।

भारत कैसे बना चौथा देश
SPADEX मिशन में डॉकिंग की सफलता के बाद भारत ने एक नई उपलब्धि हासिल की है। इससे पहले, यह तकनीक केवल अमेरिका, रूस और चीन के पास थी, लेकिन अब भारत इस खास क्लब में शामिल हो गया है। भारत की सफलता इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की स्थिति और मजबूत हुई है।

SPADEX मिशन की लॉन्चिंग
ISRO ने 30 दिसंबर 2024 को SPADEX मिशन को लॉन्च किया था। इस मिशन के तहत दो सैटेलाइट्स को पृथ्वी की कक्षा में भेजा गया था। 12 जनवरी 2025 तक दोनों सैटेलाइट्स महज 3 मीटर की दूरी पर पहुंच गए थे, लेकिन डॉकिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। इसके बावजूद ISRO के वैज्ञानिकों ने मिशन को लेकर विश्वास बनाए रखा और 15 जनवरी को यह घोषणा की गई कि डॉकिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

SPADEX मिशन अभी पूरी तरह से सफल नहीं
SPADEX मिशन अभी पूरी तरह से सफल नहीं हुआ है। अब अगला कदम अनडॉकिंग की प्रक्रिया है, जो मिशन की सफलता को अंतिम रूप देगा। इस प्रक्रिया में, दोनों सैटेलाइट्स को अलग किया जाएगा, और अगर यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होती है, तो इस मिशन को पूरी तरह से सफल माना जाएगा।

SPADEX मिशन की भविष्यवाणी
यह मिशन केवल इसरो के लिए तकनीकी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसके भविष्य में कई उपयोग हैं। डॉकिंग और अनडॉकिंग की यह तकनीक अंतरिक्ष मलबा साफ करने के कार्य में भी उपयोगी साबित हो सकती है। साथ ही, यह चंद्रयान 4 और अन्य अंतरिक्ष मिशनों के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। भविष्य में इस तकनीक के जरिए भारत अंतरिक्ष में अपने खुद के स्पेस स्टेशन स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है। ISRO का SPADEX मिशन भारत के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो सकता है। इस मिशन के जरिए भारत ने एक नई तकनीकी क्षमता हासिल की है, जो न केवल अंतरिक्ष अन्वेषण में बल्कि अंतरिक्ष से जुड़े अन्य कार्यों में भी काम आ सकती है। यह उपलब्धि इसरो के लिए और भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम है, जो दुनिया के शीर्ष अंतरिक्ष अन्वेषण देशों के साथ भारत को खड़ा करती है।

पाकिस्तान में टिकटों की कीमतों का हुआ ऐलान, महंगी और सस्ती जानकर रह जाएंगे हैरान

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पाकिस्तान में 19 फरवरी से शुरू होने वाली चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के लिए टिकटों की कीमतों की घोषणा कर दी गई है। यह टूर्नामेंट पिछले 29 सालों में पाकिस्तान में आयोजित होने वाला पहला आईसीसी इवेंट है। यह टूर्नामेंट पाकिस्तान के तीन प्रमुख शहरों – लाहौर, कराची और रावलपिंडी में खेला जाएगा। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इन शहरों के स्टेडियमों के लिए टिकट की कीमतें तय कर दी हैं, जो विभिन्न श्रेणियों में बांटी गई हैं।

जानिए क्या है टिकटों की कीमतें
सामा टीवी के अनुसार, चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए तीनों शहरों में होने वाले मैचों के टिकट की कीमत 620 पाकिस्तानी रुपये से लेकर 7750 पाकिस्तानी रुपये तक रखी गई है। इन कीमतों को भारतीय रुपयों में परिवर्तित करें तो सस्ती टिकट की कीमत लगभग 310 रुपये और महंगी टिकट की कीमत करीब 5580 रुपये होती है। इन टिकटों के मूल्य दर्शाते हैं कि टूर्नामेंट में सभी वर्गों के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ विकल्प उपलब्ध होंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट का हिस्सा बन सकें।

VVIP टिकट के आलावा क्या है विशेष मैच की कीमतें
चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान पाकिस्तान के रावलपिंडी में होने वाले पाकिस्तान और बांग्लादेश के मैच के लिए सामान्य टिकट की कीमत 2000 पाकिस्तानी रुपये रखी गई है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 620 रुपये होती है। इसके अलावा, PCB ने VVIP टिकटों की कीमत 12,000 पाकिस्तानी रुपये (3726 भारतीय रुपये) तय की है। विशेष रूप से सेमीफाइनल मैचों के लिए VVIP  टिकटों की कीमत 25,000 पाकिस्तानी रुपये (7764 भारतीय रुपये) तक बढ़ जाएगी। इन टिकटों की बिक्री के लिए लगभग 18,000 टिकटों का आवंटन किया गया है। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि एक व्यक्ति एक बार में कितने टिकट खरीद सकता है और क्या ये टिकट केवल ऑनलाइन बिक्री के लिए होंगे या स्टेडियम काउंटर से भी खरीदे जा सकेंगे।

पाकिस्तान के खिलाफ भारत का मुकाबला
इस बार चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन हाइब्रिड मॉडल में किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि भारत अपने सभी मैच दुबई में खेलेगा। पाकिस्तान के खिलाफ भारत का मुकाबला 23 फरवरी को दुबई में होगा, जो टूर्नामेंट का सबसे रोमांचक और महत्वपूर्ण मैच होगा। इसके बाद अगर भारत सेमीफाइनल या फाइनल तक पहुंचता है, तो उन मैचों का आयोजन दुबई में ही किया जाएगा। आईसीसी के नियमों के अनुसार, मेज़बान देश को गेट मनी से होने वाली आय का पूरा हक मिलता है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) का मानना है कि वह दुबई में होने वाले मैचों से मिलने वाली गेट मनी और हॉस्पिटैलिटी बॉक्स की बिक्री से होने वाली आय को भी अपनी ओर रखेगा।

एक व्यक्ति कितने टिकट खरीद सकता है ?
PCB ने दर्शकों के लिए 18,000 टिकटों का आवंटन किया है, लेकिन इस बात का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है कि एक व्यक्ति कितने टिकट खरीद सकता है। टिकटों की बिक्री की प्रक्रिया भी एक महत्वपूर्ण बिंदु होगी, क्योंकि यह दर्शकों के लिए ऑनलाइन या स्टेडियम काउंटर से उपलब्ध हो सकती है। हालांकि, इस बार महामारी के कारण ऑनलाइन खरीदारी को प्राथमिकता दी जा सकती है।

टूर्नामेंट का बेसब्री से इंतजार
यह चैम्पियंस ट्रॉफी पाकिस्तान में आयोजित होने वाला पहला आईसीसी इवेंट है, जो पिछले 29 सालों में पहली बार पाकिस्तान में हो रहा है। इस वजह से यह टूर्नामेंट पाकिस्तान क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। पाकिस्तान क्रिकेट प्रेमी इस टूर्नामेंट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। साथ ही, भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैचों को लेकर भी दर्शकों का उत्साह चरम पर है। 23 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मैच विशेष रूप से बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित करेगा, क्योंकि यह दोनों देशों के बीच गहरी क्रिकेट प्रतिद्वंद्विता का प्रतीक है। इस टूर्नामेंट की टिकटों की कीमतें दर्शाती हैं कि PCB ने सभी वर्गों के दर्शकों को ध्यान में रखते हुए टिकटों की कीमतें तय की हैं। सबसे सस्ती टिकट से लेकर VVIP टिकटों तक, सभी के लिए एक उपयुक्त विकल्प उपलब्ध होगा। इसके साथ ही, यह टूर्नामेंट पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है और दर्शकों के लिए इसे देखने का एक सुनहरा अवसर है।

कनाडा की स्वास्थ्य प्रणाली की लोगों तक पहुंच सबसे कमजोर, 10 देशों में से नौवें स्थान पर पहुंचा

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कनाडा की स्वास्थ्य प्रणाली हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार, लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच के मामले में पिछड़ गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा की स्वास्थ्य सेवाएं देखभाल, समानता और प्रतीक्षा समय के दृष्टिकोण से अन्य देशों की तुलना में काफी कमजोर साबित हो रही हैं। विशेष रूप से, इस मामले में कनाडा केवल संयुक्त राज्य अमेरिका से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, जबकि अन्य देशों जैसे नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम कहीं अधिक बेहतर स्थिति में हैं। सी.डी. होवे इंस्टीट्यूट द्वारा किए गए इस अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया कि कनाडा 10 देशों में से नौवें स्थान पर है, जिसमें पहले स्थान पर नीदरलैंड और दूसरे स्थान पर यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों का नाम शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कनाडा में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता उच्च है, लेकिन लोगों को इन सेवाओं तक पहुंच प्राप्त करने में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कनाडा के विभिन्न प्रांतों और क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता
सी.डी. होवे इंस्टीट्यूट ने अपनी रिपोर्ट में कनाडा के विभिन्न प्रांतों और क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता में अंतर की बात की है। न्यूफाउंडलैंड और लैब्राडोर तथा नुनावुत जैसे प्रांतों में स्वास्थ्य सेवा का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा, जबकि प्रिंस एडवर्ड आइलैंड, क्यूबेक और ओंटारियो में कुछ बेहतर स्थिति रही। स्वास्थ्य सेवाओं में समयबद्धता की बात करें तो कनाडा अपने समकक्ष देशों के मुकाबले सबसे खराब स्थान पर है। रिपोर्ट में बताया गया कि 47 प्रतिशत लोगों को विशेषज्ञ से मिलने के लिए दो महीने या उससे अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। यही नहीं, 59 प्रतिशत लोगों को वैकल्पिक सर्जरी के लिए भी समान समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब कुछ लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद समय पर उपचार नहीं मिल पाता है।

औसत आय वाले नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्राप्त करना
कनाडा की स्वास्थ्य प्रणाली में वित्तीय दिक्कतें भी प्रमुख समस्याओं में से एक बन गई हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि कम या औसत आय वाले नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्राप्त करना एक बड़ी चुनौती है। पिछले वर्ष में लगभग एक-चौथाई कम आय वाले कनाडाई नागरिकों ने स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में असमर्थता का अनुभव किया। यह संख्या उच्च आय वाले लोगों की तुलना में दोगुनी थी।  अटलांटिक प्रांत, अल्बर्टा, ब्रिटिश कोलंबिया और युकोन जैसे क्षेत्रों में कई वयस्कों ने लागत के कारण दवाइयां, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं और घरेलू देखभाल की जरूरतों को छोड़ने की सूचना दी। इसने यह साबित कर दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं की लागत वहनीय नहीं होने के कारण लाखों नागरिकों को इनसे वंचित रहना पड़ता है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।

स्ट्रोक के बाद 30 दिनों में अस्पताल में मृत्यु
स्वास्थ्य परिणामों के मामले में कनाडा की स्थिति औसत से थोड़ा खराब रही है। रिपोर्ट में शिशु मृत्यु दर और स्ट्रोक के बाद 30 दिनों में अस्पताल में मृत्यु दर को लेकर भी चिंता जताई गई। शिशु मृत्यु दर के मामले में कनाडा दूसरे स्थान पर रहा, जबकि स्ट्रोक के बाद अस्पताल में मृत्यु दर भी दूसरे स्थान पर रही। यह आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि कनाडा में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के बावजूद, समय पर इलाज न मिलने के कारण मरीजों की जान को खतरा हो सकता है।

कनाडा में सुधार की आवश्यकता
इस रिपोर्ट के निष्कर्ष यह स्पष्ट करते हैं कि कनाडा की स्वास्थ्य प्रणाली में सुधार की सख्त आवश्यकता है। विशेष रूप से, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने, प्रतीक्षा समय घटाने और खर्च की वहनीयता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। कनाडा की सरकार और स्वास्थ्य नीति निर्माताओं को इन मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि नागरिकों को समय पर और समान रूप से उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। कनाडा में स्वास्थ्य सेवा का मॉडल दुनिया में एक आदर्श माना जाता है, लेकिन यह रिपोर्ट दर्शाती है कि इसके समक्ष कई चुनौतियां हैं, जिन्हें दूर करने के लिए समग्र और समर्पित प्रयासों की आवश्यकता है।

BPSC News: बदल गया बीपीएससी की वेबसाइट का पता, अब इस नए ‘Link’ पर मिलेगी जानकारी

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बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट का पता यानी यूआरएल को बुधवार से बदल दिया है।

बीपीएससी के सचिव के हस्ताक्षर से बुधवार को जारी सूचना में कहा गया है कि बिहार लोक सेवा आयोग, पटना की आधिकारिक वेबसाइट ‘bpsc.bih.nic.in’ रही है। लेकिन, 15 जनवरी 2025 से वेबसाइट का पता यानी यूआरएल को बदलकर ‘bpsc.bihar.gov.in’ कर दिया गया है।

आयोग ने बताया कि अब से बीपीएससी की प्रकाशित होने वाली सभी आवश्यक सूचनाएं, विज्ञापन, परीक्षाफल, साक्षात्कार पत्र, पाठ्यक्रम एवं अन्य अद्यतन सूचनाएं bpsc.bihar.gov.in पर प्रकाशित की जाएंगी।

हिंडनबर्ग रिसर्च के बंद होने के बाद अदानी ग्रुप के शेयरों में 9% तक की तेजी

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अदानी ग्रुप के शेयरों में आज जोरदार उछाल देखा गया, जब हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपने विवादास्पद रिपोर्ट को बंद कर दिया। हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट ने पहले अदानी समूह के स्टॉक्स को भारी गिरावट में डाल दिया था, लेकिन अब उनके द्वारा इस रिपोर्ट को बंद करने के बाद ग्रुप के स्टॉक्स में 9% तक की वृद्धि देखी जा रही है।

हिंडनबर्ग रिसर्च के संस्थापक नेट एंडरसन ने सोशल मीडिया पर यह घोषणा की कि उन्होंने हिंडनबर्ग रिसर्च को बंद करने का निर्णय लिया है। इस खबर के साथ ही अडानी समूह की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में 9 फीसदी तक की तेजी देखी जा रही है।

अडानी पावर, अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी एंटरप्राइजेज और अन्य कंपनियों के शेयरों में जोरदार वृद्धि दर्ज की जा रही है। अडानी पावर और अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर 7.8 फीसदी तक चढ़े हैं, वहीं अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी टोटल गैस और अंबुजा सीमेंट के शेयरों में भी अच्छी खासी बढ़त है। हालांकि, अडानी विल्मर के शेयरों में मामूली गिरावट देखने को मिली है।

यह उत्साह तब आया है जब हिंडनबर्ग रिसर्च ने जनवरी 2023 में अडानी समूह के खिलाफ एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें समूह पर मार्केट मैनिपुलेशन और अकाउंटिंग फ्रॉड के गंभीर आरोप लगाए गए थे। इसके बाद अडानी के शेयरों में भारी गिरावट आई थी, जिससे समूह का मार्केट कैपिटलाइजेशन 20 लाख करोड़ रुपये से घटकर 7.50 लाख करोड़ रुपये रह गया था।

हिंडनबर्ग रिसर्च के संस्थापक नेट एंडरसन ने एक पोस्ट में बताया कि पिछले साल के अंत से उन्होंने अपनी टीम और परिवार के साथ इस कंपनी को बंद करने का निर्णय लिया था। एंडरसन के मुताबिक, कंपनी ने पोंजी स्कीमों से जुड़े अपनी आखिरी प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के बाद अपनी गतिविधियों पर विराम लगाया है।

महाकुंभ की ‘मॉडर्न साध्वी’ हर्षा रिछारिया ने करा दिया विवाद, इस हरकत पर भड़के संत

प्रयागराज महाकुंभ में इन दिनों एंकर और इंफ्लुएंसर हर्षा रिछारिया का नाम चर्चाओं में है, खासकर जब वह पहले अमृत स्नान के दौरान शाही रथ पर बैठी दिखाई दीं। इस घटना को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि काली सेना के प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप ने हर्षा के आचरण पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ जैसे पवित्र आयोजन का उद्देश्य ज्ञान और अध्यात्म का प्रसार होना चाहिए, न कि इसे मॉडल्स के प्रचार कार्यक्रम में तब्दील किया जाए।

महाकुंभ के दौरान भगवा वस्त्र पहने हर्षा की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। हालांकि, बाद में उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह संन्यासिन नहीं हैं। इस मामले में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (ABAP) के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि भगवा वस्त्र पहनना कोई अपराध नहीं है, और युवती ने निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर से मंत्र दीक्षा ली है।

स्वामी आनंद स्वरूप ने बुधवार को फेसबुक पर पोस्ट करते हुए कहा कि महाकुंभ जैसे आयोजन में धर्म, संस्कृति और परंपरा की रक्षा हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने भगवा वस्त्र की महत्ता पर जोर देते हुए इसे त्याग, तपस्या और सनातन धर्म का प्रतीक बताया। उनका मानना था कि कुछ लोग इन पवित्र परंपराओं का उल्लंघन कर रहे हैं, और इसे लेकर हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि इनका संरक्षण किया जाए।

महंत रवींद्र पुरी ने हर्षा के बारे में कहा कि वह एक मॉडल हैं और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती हैं। उन्होंने कहा कि हर्षा ने निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर से मंत्र दीक्षा ली है, लेकिन वह संन्यासिन नहीं बनी हैं। महंत ने यह भी बताया कि यह परंपरा है कि जब भी सनातन धर्म का आयोजन होता है, युवा भगवा वस्त्र पहनते हैं, जो कोई अपराध नहीं है। हर्षा रिछारिया ने इस पूरे विवाद के बाद अपने बयान में कहा कि वह संन्यासिन नहीं हैं और अभी सनातन धर्म को समझ रही हैं।

सर्दी का कहर जारी, कक्षा 8 तक के स्कूलों में बढ़ाई गई छुट्टियां

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उत्तर प्रदेश में इस समय ठंड की मार अपने चरम पर है। घने कोहरे और ठंडी हवाओं ने बच्चों और बुजुर्गों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लखनऊ से लेकर सीतापुर तक, दिनभर धुंध और कोहरे में लिपटे आसमान के कारण, स्कूलों की घंटियां गूंजने से पहले ही ठंडी हवाओं ने बच्चों के कदमों को रोक दिया है। इस कठोर सर्दी के मद्देनजर, बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा 8 तक के स्कूलों में 17 जनवरी तक अवकाश बढ़ा दिया है।

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि 16 और 17 जनवरी को भी शीतकालीन अवकाश रहेगा, जो मौसम विभाग के शीतलहर के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए लिया गया निर्णय है। यह छुट्टी सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में लागू होगी।

इसके पहले, 14 जनवरी तक सर्दी के कारण स्कूलों में छुट्टियां दी गई थीं, और 15 जनवरी से स्कूलों में पढ़ाई फिर से शुरू हो गई थी। मगर, लगातार बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने अतिरिक्त दो दिनों की छुट्टी घोषित कर दी है।

बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने इस संबंध में एक पत्र जारी कर शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए यह निर्देश दिया है।

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