Thursday, March 19, 2026
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Ahmedabad news : ‘कार रोक दो, केस नहीं करूंगा’, बोनट पर लटके बुजुर्ग को लेकर 500 मीटर तक ड्राइवर ने दौड़ाई कार

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अहमदाबाद में एक खतरनाक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. निकोल इलाके में एक कार चालक ने बुजुर्ग को कार की बोनट पर लटकाकर करीब 500 मीटर तक गाड़ी दौड़ा दी. बुजुर्ग लगातार कार रोकने की गुहार लगाते रहे, लेकिन चालक नहीं रुका. पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेकर कार और चालक की तलाश शुरू कर दी गई हैं.

गुजरात के अहमदाबाद में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कार चालक ने बुजुर्ग व्यक्ति को कार की बोनट पर लटकाकर सड़क पर गाड़ी दौड़ा दीं इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए. यह घटना शहर के निकोल इलाके की बताई जा रही है.

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बुजुर्ग व्यक्ति कार की बोनट पर लटके हुए हैं और लगातार कार चालक से गाड़ी रोकने की गुहार लगा रहे हैं. वीडियो में बुजुर्ग यह कहते हुए भी सुनाई दे रहे हैं कि वह चालक के खिलाफ कोई केस नहीं करेंगे, बस कार रोक दी जाए. इसके बावजूद चालक गाड़ी रोकने के बजाय सड़क पर तेज गति से आगे बढ़ता रहता है.

जानकारी के अनुसार यह घटना रात करीब 10:30 बजे खोडियार मंदिर के पास हुई. बताया जा रहा है कि कार चालक और किसी अन्य वाहन के बीच हल्की टक्कर हुई थी. इसके बाद बुजुर्ग व्यक्ति चालक को समझाने के लिए उसके पास पहुंचे. इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया और बुजुर्ग कार के सामने आ गए. आरोप है कि चालक ने गाड़ी आगे बढ़ा दी, जिससे बुजुर्ग कार की बोनट पर लटक गए. इसके बावजूद चालक ने गाड़ी नहीं रोकी और करीब 500 मीटर तक उन्हें बोनट पर लटकाकर गाड़ी चलाता रहा. आसपास मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.

इस मामले में गुजरात पुलिस का कहना है कि अभी तक इस घटना को लेकर थाने में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. हालांकि वायरल वीडियो में कार का नंबर स्पष्ट दिखाई दे रहा है, जिसके आधार पर पुलिस चालक की पहचान करने की कोशिश कर रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोपी चालक को पकड़ लिया जाएगा.

Panjab news : अब छोटा भाई नहीं. तो पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी BJP? अमित शाह का मोगा से चुनावी शंखनाद, कह दी बड़ी बात

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पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा इलेक्शन के लिए सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोगा से चुनावी शंखनाद कर दिया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) पर जमकर हमला बोला. उन्होंने यह भी संकेत दिए कि बीजेपी आगामी चुनाव में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और पहली बार सूबे में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के संकल्प के साथ मैदान में उतरेगी.

केंद्रीय गृहमंत्री ने अपने संबोधन में सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस का जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘गुरु तेग बहादुर जी हिंदी चादर कहे गए, क्योंकि उन्होने कश्मीरी पंडितों को मुगलों के आतंक से बचाने के लिए अपना सिर काटकर उनकी रक्षा करने का काम किया था. आज मैं इस मंच से, पंजाब की पवित्र भूमि से, मोगा की पवित्र भूमि से कहना चाहता हूं कि अगर गुरु तेग बहादुर जी नहीं होते तो आज भारत में कोई हिंदू बचा न होता. उनके बलिदान ने ही इस देश को टिका कर रखा है. यहां नानक देव जी महाराज से लेकर दशम पिता तक सभी महान सिख गुरुओं को प्रणाम करता हूं.’

अमित शाह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल पर कड़ा तंज कसा. उन्होंने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, ‘आम आदमी पार्टी बदलाव के वादे पर सत्ता में आई थी. मैं AAP के नेताओं से पूछना चाहता हूं, आपके मुख्यमंत्री असल में क्या कर रहे हैं? पूरे देश में, जहां भी केजरीवाल को जाना होता है, इस मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार के खर्चे पर हवाई जहाज किराए पर लेने और उसे अपने पर्सनल पायलट के तौर पर वहां उड़ाने के अलावा कुछ नहीं किया है. इस राज्य के मुख्यमंत्री को शर्म से सिर झुका लेना चाहिए. दिल्ली से चार ‘सूबेदार’ आए हैं, और वे पंजाब का पैसा लूटकर उसे वापस दिल्ली ले जा रहे हैं और पंजाब के मुख्यमंत्री उफ़ तक नहीं कर रहे. पंजाब सरकार सिर्फ केजरीवाल का एटीएम बन गई है.’

केंद्रीय गृह मंत्री ने संकेत दिए कि बीजेपी पंजाब में किसी से गठबंधन नहीं करेगी. उन्होंने कहा, ‘पहली बार अपनी सरकार बनाने के लिए चुनाव लड़ने जा रहे हैं.
पंजाब विधानसभा में चुनाव की आज से शुरुआत कर रहे हैं, हम हमेशा से छोटे भाई की भूमिका में आपके सामने आए थे, इसलिए हमारी सरकार कभी बनी नहीं थी. पंजाब को अगर कोई नशे से मुक्त कर सकता है केवल नरेंद्र मोदी और बीजेपी की डबल इंजन की भाजपा सरकार कर सकती है. एक मौका बीजेपी को देकर देखें हम पंजाब में परिवर्तन लाएंगे.’

गृह मंत्री ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि 2024 के चुनावों में भाजपा को मिला 19% वोट शेयर इस बात का प्रमाण है कि पंजाब की जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा, “हम हमेशा ‘छोटे भाई’ की भूमिका में रहे, इसलिए कभी हमारी सरकार नहीं बनी। लेकिन इस बार हम पंजाब के गौरव को वापस लाने के लिए अकेले चुनाव लड़ेंगे और सरकार बनाएंगे।”

शाह ने पंजाब की बदहाली के लिए कांग्रेस, अकाली दल और वर्तमान सरकार को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने जनता से ‘डबल इंजन’ सरकार के लिए एक मौका मांगते हुए कहा, मैं मैं वादा करता हूं कि बीजेपी को मौका दें, हम 2 साल के भीतर पंजाब से नशे के कारोबार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे. उन्होंने कहा कि गैंगस्टरों की उगाही और बढ़ते अपराधों को केवल भाजपा की इच्छाशक्ति ही रोक सकती है. साथ ही वादा किया कि सरकार बनने पर पंजाब से जा रही इंडस्ट्री और युवाओं के पलायन को रोकने के लिए ठोस आर्थिक बदलाव लाए जाएंगे.

Recipe : गेहूं के आटे से भी बन जाते हैं गरमागरम भटूरे, नोट कर लें शानदार रेसिपी

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दिल्ली जैसे शहरों में दुकानों पर लोग छोले भटूरे खाने के लिए खासतौर पर पहुंचते हैं, लेकिन अगर आप बाहर का मैदा वाला भटूरा खाने से बचना चाहते हैं तो आप घर पर ही गेहूं के आटे से बने भटूरे बना सकते हैं.

छोले भटूरे का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. यह नॉर्थ इंडिया की सबसे पसंदीदा डिश में से एक मानी जाती है. हालांकि, जब सेहत की बात आती है तो कई लोग इसे खाने से बचते हैं. क्योंकि भटूरे मैदे से बनाए जाते हैं और उन्हें डीप फ्राई किया जाता है. मैदा गेहूं का ही रिफाइंड रूप होता है, लेकिन प्रोसेसिंग के दौरान इसमें मौजूद कई पोषक तत्व कम हो जाते हैं, इसलिए हेल्थ कॉन्शियस लोग इसे कम खाने की कोशिश करते हैं. दिल्ली जैसे शहरों में कई मशहूर दुकानों पर लोग छोले भटूरे खाने के लिए खास तौर पर पहुंचते हैं.

अगर आप बाहर का मैदा वाला भटूरा खाने से बचना चाहते हैं तो आप घर पर ही गेहूं के आटे से ही उतने ही फूले- फूले और टेस्टी भटूरे बना सकते हैं. इसके लिए आपको सही सामान और थोड़ी सी तकनीक की जरूरत होती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि गेहूं के आटे से भी आप गरमा-गरम भटूरे कैसे बना सकते हैं और इसकी रेसिपी क्या है.

गेहूं के भटूरे बनाने के लिए सामग्री

दो कप गेहूं का आटा

आधा कप सूजी

आधा कप ताजा दही

एक छोटी चम्मच चीनी

एक चौथाई चम्मच बेकिंग सोडा

स्वाद अनुसार नामक

एक टेबल स्पून तेल (मोयन के लिए)

जरूरत के अनुसार गुनगुना पानी

तलने के लिए तेल

भटूरे का आटा तैयार करने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में गेहूं का आटा और सूजी डालकर मिला लें. इसके बाद इसमें नमक, चीनी और बेकिंग सोडा डालें. अब दही और थोड़ा सा तेल डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स कर लें. इसके बाद थोड़ा गुनगुना पानी डालते हुए नरम आटा गूंथ लें. ध्यान रखें कि आटा ज्यादा सख्त न हो. क्योंकि नरम आटे से भटूरे अच्छी तरह खुलते हैं. आटे को लगभग 5 से 7 मिनट तक अच्छी तरह मसल कर गूंथे जिससे उसमें लचीलापन आता है. इसके बाद आटा गूंथने के बाद उसकी सतह पर थोड़ा तेल लगाकर उसे ढक दें. इसे कम से कम 1 से 2 घंटे के लिए किसी गर्म जगह पर रख दें. इस दौरान आटा थोड़ा फर्मेट हो जाता है, जिससे भटूरे तलते समय अच्छी तरह फूलते और मुलायम होते हैं.

आटे के फर्मेट होने के बाद आटे को हल्का सा मसल लें और उसकी छोटी-छोटी लोईयां बना ले. अब हर लोई को बेलन की मदद से मीडियम मोटाई में बेल लें. कोशिश करें कि भटूरा ज्यादा पतला न हो तभी वह अच्छी तरह खुलता है. अब कढ़ाई में तेल डालकर अच्छी तरह गर्म करें. तेल गर्म होने के बाद एक-एक करके भटूरे तेल में डालें और हल्के से दबाएं. इससे कुछ ही सेकंड में भटूरा गुब्बारे की तरह खुलने लगता है. वहीं दोनों तरफ से सुनहरा होने तक तलें और फिर निकाल लें. गरमा गरम भटूरे को छोले, अचार और प्याज के साथ सर्वे किया जा सकता है.

Life style : सैलरी बढ़ने के बाद भी क्यों नहीं होती बचत? जानें क्या है लाइफस्टाइल इंफ्लेशन और इससे बचने के तरीके.

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अक्सर देखा जाता है कि जैसे-जैसे किसी व्यक्ति की सैलरी बढ़ती है, वैसे-वैसे उसके खर्च भी बढ़ने लगते हैं. ऐसे में कमाई बढ़ने के बावजूद बचत और निवेश में खास फर्क नहीं दिखता. अक्सर देखा जाता है कि जैसे-जैसे किसी व्यक्ति की सैलरी बढ़ती है, वैसे-वैसे उसके खर्च भी बढ़ने लगते हैं. ऐसे में कमाई बढ़ने के बावजूद बचत और निवेश में खास फर्क नहीं दिखता. लोगों की चाहत तो होती है कि वे खुद के लिए कुछ पैसों की बचत करें पर लाइफस्टाइल में बदलाव के कारण बचत हो नहीं पाती है.

वित्तीय योजना बनाने वाले जानकारों का कहना है कि आय बढ़ने के साथ-साथ बचत और निवेश को भी बढ़ाना उतना ही जरूरी है. वरना बढ़ता खर्च धीरे-धीरे आपकी अतिरिक्त कमाई को खत्म कर देती हैं. इसी स्थिति को आमतौर पर लाइफस्टाइल इंफ्लेशन कहा जाता है. आइए जानते है आखिर इसके कैसे बचा जा सकता है. जब किसी व्यक्ति की कमाई बढ़ती है तो अक्सर उसके साथ खर्च करने की आदत भी बढ़ने लगती है. धीरे-धीरे यह स्थिति ऐसी बन जाती है कि बचाया हुआ पैसा भी एक समय में खर्च हो जाता है.

नई-नई जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसों की जरुरत हमेशा बनी ही रहती है. इसे ही लाइफस्टाइल इंफ्लेशन कहा जाता है. अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो सैलरी या इनकम बढ़ने के बाद भी लोग बचत की ओर कदम नहीं बढ़ा पाते हैं. सैलरी आने से पहले ही बचत की तैयारी कर लें. सैलरी आते ही सबसे पहले तय किए हुए पैसों का निवेश करें, इसके बाद ही दूसरे जरुरतों को पूरा करें. ऐसा करने से आपके पास सीमित पैसों का ही संसाधन होगा और आप केवल जरूरी चीजों पर ही खर्च कर पाएंगे.

जिससे फिजूलखर्ची अपने आप ही कम हो जाएगी. ऐसा लंबे समय तक करने से निवेश और बचत की आदत बनती है. सैलरी या इनकम में बढ़ोतरी से लोगों के छोटे-छोटे खर्च बढ़ने लगते है. उदाहरण के लिए पैसों की आमदनी बढ़ने के बाद अक्सर लोग महंगे कपड़े, गैजेट, महंगी छुट्टियों को अपनी जरूरत समझने लगते हैं. हालांकि, इससे पहले भी उनका काम चल रहा होता है. इसलिए खर्च को अपग्रेड करने से पहले एक बार विचार करना चाहिए या खर्च करने से पहले थोड़ा रुककर सोचना आपकी सहायता कर सकता हैं.

सैलरी बढ़ने के बाद कई लोग तुरंत अपनी जीवनशैली बदलने लगते हैं, लेकिन ऐसा करना हमेशा सही नहीं होता. बेहतर यह है कि किसी भी अपग्रेड को धीरे-धीरे और सोच-समझकर किया जाए. अचानक बड़े खर्च करने के बजाय पहले जरूरी चीजों पर ध्यान देना चाहिए. जैसे अच्छा हेल्थ इंश्योरेंस लेना और जरूरी खर्चों को प्राथमिकता देना. इस तरह आप बिना दबाव के अपनी लाइफस्टाइल में संतुलित सुधार कर सकते हैं.

Bollywood : ‘मुझे ट्रॉमा हो गया था’, जब अक्षय खन्ना के साथ काम करना पड़ गया था फराह खान को भारी

बॉलीवुड की मशहूर कोरियोग्राफर और फिल्म मेकर फराह खान ने हाल ही में खुलासा किया है कि वो अक्षय खन्ना के साथ काम करने से बचती थीं. बॉलीवुड की मशहूर कोरियोग्राफर और फिल्म मेकर फराह खान इन दिनों अपने यूट्यूब व्लॉग्स को लेकर काफी चर्चा में बनी रहत हैं. फराह खान इसमें सेलेब्स के घर जाती हैं और उनके यहां खाना बनाती हैं, सीखती हैं और मजेदार वीडियो बनाकर शेयर करती हैं. फिल्म इंडस्ट्री में फराह खान के लगभग सभी दोस्त ही हैं तो वो सभी के घर जाती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसे एक्टर भी हैं जिनके साथ काम करने से फराह खान बचती हैं? नहीं जानते होंगे ना, आइये बताते हैं!

इस बारे में फराह खान ने हाल ही में रणवीर इलाहाबादिया के पॉडकास्ट में बताया है. हाल ही में इस पॉडकास्ट में शामिल हुईं फराह खान ने यहां बहुत सारी बातें की. इसी दौरान उन्होंने बताया कि एक समय था जब वो अक्षय खन्ना के साथ काम करने से बचा करती थीं. दरअसल फराह खान से उनकी कल्ट क्लासिक फिल्म ‘तीस मार खान’ के बारे में जब बात की गई तो उन्होंने इस बारे में बताया.फराह खान ने बताया कि ‘तीस मार खान’ फिल्म में आतिश कपूर के किरदार के लिए सबसे पहले वो शरमन जोशी के पास गई थीं. शरमन ने इसके लिए मना कर दिया था. जिसके बाद अक्षय खन्ना को ये रोल ऑफर हुआ. फराह ने ये भी बताया कि अक्षय का नाम इसके लिए सबसे आखिर में, क्योंकि वो उनके साथ काम करने से बचती थीं. पिछली फिल्मों में एक्टर के सेट पर बिहेवियर को लेकर वो उनके साथ काम नहीं करना चाहती थीं.

फराह ने इस बारे में आगे बात करते हुए कहा, ’90s समय में मैंने अक्षय के साथ दो-तीन फिल्में की थीं, और उसके बाद मुझे ट्रॉमा हो गया था. क्योंकि वो उस समय बिल्कुल अलग इंसान था. हां, वो इंट्रोवर्ट था, लेकिन सेट पर अच्छा नहीं था. जब भी मुझे पता चलता था कि किसी फिल्म में अक्षय खन्ना हैं, मैं कह देती थी कि मेरे पास डेट्स नहीं हैं. मुझे लगता है उस समय उसने खुद कहा था कि उसके बाल झड़ रहे थे, वो हमेशा चिढ़-चिढ़ा रहता था. चीजें फेंक देता था और बोलता था कि ये कैसा डायलॉग है? वो उस वक्त ऐसा ही इंसान था’.

बता दें कि अक्षय खन्ना ने फराह खान के सात फिल्म ‘तीस मार खान’ में काम किया था. इस फिल्म में एक्टर आतिश कपूर के किरदार में थे. फिल्म में अक्षय की एक्टिंग को बहुत पसंद किया गया था. हालांकि उस समय ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा पाई थी लेकिन बाद में इस फिल्म को दर्शकों का बहुत प्यार मिला था.

Sports : IPL 2026 से पहले धोनी को चेतावनी! एक्स-CSK खिलाड़ी ने कहा अब युवाओं को जिम्मेदारी देने का समय

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आईपीएल 2026 से पहले इरफान पठान ने एमएस धोनी को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब चेन्नई सुपर किंग्स में युवा खिलाड़ियों को जिम्मेदारी दी जाए और धोनी मार्गदर्शक की तरह काम करें। आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने जा रही है और एक बार फिर सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले खिलाड़ी हैं एम एस धोनी. चेन्नई सुपर किंग्स के दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज को लेकर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने बड़ा बयान दिया है. पठान का मानना है कि अब समय आ गया है जब चेन्नई की टीम में नई पीढ़ी को ज्यादा जिम्मेदारी दी जाए, जबकि धोनी का अनुभव टीम के लिए मार्गदर्शक की तरह काम कर सकता है.

पठान के मुताबिक चेन्नई सुपर किंग्स में अब धीरे-धीरे नई पीढ़ी को आगे लाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कई सालों तक धोनी ने टीम की जिम्मेदारी संभाली है, लेकिन अब युवाओं को आगे बढ़ने और टीम की कमान संभालने का मौका मिलना चाहिए. पठान ने खास तौर पर रुतुराज गायकवाड़, शिवम दुबे, डेवाल्ड ब्रेविसऔर आयुष म्हात्रे जैसे खिलाड़ियों का नाम लेते हुए कहा कि ये खिलाड़ी भविष्य में टीम की बड़ी ताकत बन सकते हैं.

हालांकि पठान ने यह भी कहा कि धोनी की मौजूदगी टीम के लिए बेहद अहम है. उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों को बहुत कुछ सिखा सकता है. उन्होंने कहा कि जैसे ही आईपीएल का सीजन करीब आता है, धोनी पूरी तरह तैयार नजर आते हैं. उनकी फिटनेस और तैयारी देखकर लगता है कि वह एक बार फिर मैदान और ड्रेसिंग रूम दोनों जगह टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं.

पठान के मुताबिक चेन्नई सुपर किंग्स की सोच में भी अब बदलाव नजर आ रहा है. टीम अब सिर्फ अनुभवी खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं रहना चाहती, बल्कि युवा खिलाड़ियों को भी बड़े मंच पर मौका देना चाहती है. अगर युवा खिलाड़ी धोनी के अनुभव से सीखते हुए खेलेंगे, तो टीम का भविष्य और भी मजबूत हो सकता है. पठान, जो एक समय CSK का हिस्सा भी रह चुके हैं, उन्होंने आगे कहा की कागज पर यह टीम काफी रोमांचक नजर आ रही है. छक्के लगाने की क्षमता और इरादे के मामले में वो इस युवा CSK टीम की निडरता देखने के लिए तैयार है.

पठान ने इस दौरान कोलकत्ता नाइट राइडर्स की टीम को लेकर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि इस सीजन में टीम को तेज गेंदबाजों की उपलब्धता को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है. उन्होंने खास तौर पर मथीशा पथिराना की चोट और हर्षित राणा की गैरमौजूदगी को टीम के लिए चुनौती बताया. पठान का मानना है कि केकेआर को शुरुआती मैचों में घरेलू मैदान का फायदा मिल सकता है. टीम अपने ज्यादातर शुरुआती मुकाबले ईडन गार्डन्स में खेलेगी, जिससे खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को रणनीति बनाने में मदद मिल सकती है.

Trending : फर्जी IAS बताकर किया था गिरफ्तार, अब UPSC में चयन के मिले सबूत, पुलिस की कार्रवाई पर सवाल

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आरोपी के परिजनों ने दस्तावेज पेश करते हुए बताया कि राहुल कौशिक ने 2008 में UPSC परीक्षा पास की थी और उन्हें इंडियन पोस्टल सर्विस मिली थी. फिलहाल पुलिस ने उन्हें जमानत दे दी. उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के नौचंदी थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है. पुलिस ने राहुल कौशिक नाम के व्यक्ति को फर्जी IAS अधिकारी बताकर गिरफ्तार किया और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका खुलासा भी कर डाला. पुलिस का दावा था कि वह खुद को IAS बताकर लोगों को धमकाता था और अधिकारियों को भी फोन कर गुमराह करता था.

लेकिन अब मामले में नया मोड़ आ गया. आरोपी के परिजनों ने दस्तावेज पेश करते हुए बताया कि राहुल कौशिक ने 2008 में UPSC परीक्षा पास की थी और उन्हें इंडियन पोस्टल सर्विस मिली थी. परिवार ने पुलिस को प्रशिक्षण की तस्वीरें, सर्टिफिकेट और UPSC रिजल्ट से जुड़ी अखबार की कटिंग भी दिखाई. इसके बाद पुलिस ने राहुल कौशिक का धारा 151 में चालान कर थाने से ही जमानत दे दी.

पुलिस अब अपना बचाव करते हुए कह रही है कि राहुल फिलहाल किसी पद पर तैनात नहीं हैं, और परिवार द्वारा दिए गए दस्तावेजों की जांच की जा रही है. इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. यहां बता दें कि यह मामला सोशल मीडिया पर भी काफी तूल पकड़ा था, जिसने पहले से ही पुलिस पर सवाल उठाए थे. अब परिवार के आरोपों पर पुलिस दोहरी घिरती हुई नजर आ रही है. चूंकि पुलिस सूत्रों के मुताबिक UPSC परीक्षा की भी अगर बात मानी जाए तो IAS नहीं थे राहुल कौशिक. अभी फिलहाल जांच जारी है.

खुद को IAS बताने वाले राहुल कौशिक ने भी अब इस मामले में पुलिस पर कई आरोप लगाए हैं. उनके मुताबिक पुलिस ने उन्हें बिना किसी कारण गिरफ्तार कर लिया और उनका फोन जब्त कर लिया. अब उन्होंने इस मामले में इन्साफ की गुहार लगाईं है. बहरहाल इस मामले में अब कई दावे आने बाकी है.

Technology : घर बैठे कमाना चाहते हैं पैसे? जानिए कैसे शुरू करें YouTube चैनल और कब मिलेगा मोनेटाइजेशन

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आज के डिजिटल दौर में इंटरनेट सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहा बल्कि यह कमाई का एक बड़ा जरिया भी बन चुका है. आज के डिजिटल दौर में इंटरनेट सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहा बल्कि यह कमाई का एक बड़ा जरिया भी बन चुका है. खासतौर पर वीडियो प्लेटफॉर्म YouTube ने लाखों लोगों को घर बैठे कमाने का मौका दिया है. अगर आपके पास कोई खास हुनर, जानकारी या दिलचस्प कंटेंट है तो आप भी अपना यूट्यूब चैनल शुरू करके अच्छी कमाई कर सकते हैं.

यूट्यूब चैनल शुरू करना बहुत मुश्किल नहीं है. सबसे पहले आपको एक Google अकाउंट की जरूरत होती है. उसी अकाउंट से आप यूट्यूब पर लॉग-इन करके अपना चैनल बना सकते हैं. चैनल बनाने के बाद आपको अपने चैनल का नाम, प्रोफाइल फोटो और डिस्क्रिप्शन सेट करना होता है. इसके बाद आप अपने पसंद के विषय पर वीडियो बनाकर अपलोड करना शुरू कर सकते हैं. कई लोग टेक्नोलॉजी, कुकिंग, एजुकेशन, ट्रैवल, गेमिंग या व्लॉग जैसे विषयों पर वीडियो बनाकर लोकप्रिय हो चुके हैं.

यूट्यूब पर सफल होने के लिए सबसे जरूरी चीज है अच्छा और उपयोगी कंटेंट. अगर आपके वीडियो लोगों के काम के हैं या उन्हें पसंद आते हैं तो धीरे-धीरे आपके चैनल पर सब्सक्राइबर और व्यूज़ बढ़ने लगते हैं. वीडियो की क्वालिटी, साफ आवाज और दिलचस्प प्रस्तुति भी काफी मायने रखती है. साथ ही नियमित रूप से वीडियो अपलोड करने से चैनल तेजी से ग्रो करने की संभावना बढ़ जाती है.

यूट्यूब पर कमाई शुरू करने के लिए चैनल का मोनेटाइजेशन ऑन होना जरूरी होता है. इसके लिए प्लेटफॉर्म की कुछ शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं. आमतौर पर किसी चैनल को कम से कम 1000 सब्सक्राइबर और पिछले 12 महीनों में 4000 घंटे का वॉच टाइम पूरा करना होता है. जब ये शर्तें पूरी हो जाती हैं तो आप यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम के लिए आवेदन कर सकते हैं. मंजूरी मिलने के बाद आपके वीडियो पर विज्ञापन दिखने लगते हैं और वहीं से कमाई शुरू होती है.

मोनेटाइजेशन के अलावा भी यूट्यूब से पैसे कमाने के कई तरीके होते हैं. कई क्रिएटर्स ब्रांड प्रमोशन, स्पॉन्सरशिप, एफिलिएट मार्केटिंग और लाइव स्ट्रीम के जरिए भी अच्छी आय प्राप्त करते हैं. अगर आप धैर्य और मेहनत के साथ लगातार अच्छा कंटेंट बनाते हैं तो यूट्यूब आपके लिए कमाई का एक मजबूत प्लेटफॉर्म बन सकता है.

World : ‘जंग का असर देशवासियों पर.’, LPG क्राइसिस को लेकर असम के सिलचर से पीएम मोदी ने क्या कहा?

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पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया की कुछ ताकतें भारत की तेजी से हो रही प्रगति को पचा नहीं पा रही हैं और कांग्रेस तेजी से उन्हीं ताकतों के हाथों की कठपुतली बनती जा रही है. असम के सिलचर में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच केंद्र सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि इसका असर देशवासियों पर कम से कम पड़े, लेकिन कांग्रेस इस स्थिति में भी देश में घबराहट फैलाने और सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही है. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की तेजी से होती तरक्की कुछ विदेशी ताकतों और कांग्रेस को रास नहीं आ रही है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि आम नागरिकों को कम से कम मुश्किलों का सामना करना पड़े. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी गंभीर स्थिति में भी कांग्रेस जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने में विफल रही है और देश में पैनिक पैदा करने की कोशिश कर रही है. पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया की कुछ ताकतें भारत की तेजी से हो रही प्रगति को पचा नहीं पा रही हैं और कांग्रेस तेजी से उन्हीं ताकतों के हाथों की कठपुतली बनती जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता देश को बदनाम करने के लिए लगातार प्रोपेगेंडा चला रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का हर राज्य कांग्रेस को सबक सिखा रहा है और पार्टी लगातार चुनाव हार रही है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि निकट भविष्य में कांग्रेस अपनी हार के इतिहास की ‘सेंचुरी’ पूरी करने वाली है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सड़क, रेलवे और शिक्षा से जुड़े विभिन्न विकास परियोजनाओं के माध्यम से बराक वैली को उत्तर-पूर्व के लिए एक बड़े लॉजिस्टिक्स और ट्रेड हब के रूप में विकसित किया जा रहा है. इससे इलाके के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के कई अवसर पैदा होंगे.

पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद कई दशकों तक कांग्रेस सरकारों ने उत्तर-पूर्व को दिल्ली और देश की मुख्यधारा से दूर रखा. उन्होंने कहा कि बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने उत्तर-पूर्व को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है और आज यह क्षेत्र भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का केंद्र बन गया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह कांग्रेस ने उत्तर-पूर्व को नजरअंदाज किया, उसी तरह बराक घाटी को भी लंबे समय तक उपेक्षित रखा गया. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार इस स्थिति को बदलने के लिए लगातार विकास कार्य कर रही है.

उन्होंने कहा कि बीजेपी का मंत्र है कि जो क्षेत्र विकास की दौड़ में पीछे रह गए हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाए. जहां कांग्रेस सरकारें सीमा क्षेत्रों को देश का आखिरी गांव मानती थीं, वहीं बीजेपी सरकार उन्हें देश का पहला गांव मानती है. इसी सोच के तहत कछार जिले से वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अगले चरण की शुरुआत की गई है. पीएम मोदी ने कहा कि असम सरकार ने चाय बागानों से जुड़े हजारों परिवारों को जमीन का अधिकार देकर ऐतिहासिक कदम उठाया है. उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त जारी की गई है, जिससे किसानों को आर्थिक मदद मिल रही है.

प्रधानमंत्री ने बताया कि करीब 24 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले शिलांग-सिलचर हाई स्पीड कॉरिडोर का भूमिपूजन किया गया है. उन्होंने कहा कि यह नॉर्थ-ईस्ट का पहला एक्सेस कंट्रोल हाई स्पीड कॉरिडोर होगा और इससे क्षेत्र के लोगों के दशकों पुराने इंतजार का अंत होगा. प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लंबे समय तक असम के युवाओं को हिंसा और आतंकवाद के चक्र में उलझाए रखा और ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाई. उन्होंने कहा कि आज असम के युवाओं के सामने अवसरों का नया आकाश खुल रहा है.

Life style : खाने से साथ जरूर खानी चाहिए हरी मिर्च, जानें इसके फायदे

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हरी मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन शरीर के कुछ रिसेप्टर को सक्रिय कर देता है. जिससे शरीर ऊर्जा का उपयोग ज्यादा करने लगता है. इससे मेटाबाॅलिज्म बेहतर होने में मदद मिलती है.

भारतीय खाने में तीखापन सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं होता, बल्कि यह सेहत से भी गहराई से जुड़ा हुआ है. अक्सर लोग खाने के साथ हरी मिर्च को सिर्फ स्वाद के लिए खाते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार] रोजाना सीमित मात्रा में हरी मिर्च खाना शरीर के लिए भी फायदेमंद हो सकता है. हरी मिर्च में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में मदद करते हैं.

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार के कैप्साइसिन नाम का एक खास तत्व हरी मिर्च में पाया जाता है, यह शरीर में गर्मी पैदा करने की प्रक्रिया यानी Thermogenesis को हल्का बढ़ा देता है. आसान शब्दों में समझे तो जब हरी मिर्च खाते हैं तो शरीर को थोड़ी एक्स्ट्रा ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है, जिससे मेटाबॉलिज्म बेहतर हो सकता है. हरी मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन शरीर के कुछ रिसेप्टर को सक्रिय कर देता है. जिससे शरीर ऊर्जा का उपयोग ज्यादा करने लगता है. इससे मेटाबाॅलिज्म बेहतर होने में मदद मिलती है. यही वजह है कि वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी सीमित मात्रा में हरी मिर्च का सेवन फायदेमंद माना जाता है.

हरी मिर्च विटामिन सी का अच्छा सोर्स मानी जाती है, इसमें मौजूद विटामिन सी शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करती है. इसके साथ ही यह कोलेजन के निर्माण में भी सहायक होता है जो स्किन और शरीर के कई हिस्सों के लिए जरूरी होता है. वहीं कुछ रिसर्च बताती है कि हरी मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन शरीर में इंसुलिन के काम करने के तरीकों को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. इसे खाने के बाद अचानक ब्लड शुगर बढ़ने की संभावना कम हो सकती है.

मसालेदार और तीखा भोजन पेट में गैस्ट्रिक एंजाइम के उत्पादन को बढ़ा सकता है. इससे खाना बेहतर तरीके से पचने मदद मिलती है. वहीं हरी मिर्च पाचन प्रक्रिया को सक्रिय करने में सहायक मानी जाती है, जिससे कई लोगों को भोजन पचाने में आसानी होती है. हरी मिर्च में सिर्फ विटामिन सी ही नहीं बल्कि विटामिन ए, बी6, आयरन, पोटेशियम और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं. इसके अलावा इसमें बीटा कैरोटीन, ल्यूटिन और दूसरे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं जो शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. यह आंखों, स्किन और इम्यून सिस्टम के लिए भी मददगार हो सकती है.

एक्सपर्ट्स के अनुसार रोजाना खाने के साथ एक से दो हरी मिर्च खाना सामान्य रूप से सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है. हालांकि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए क्योंकि ज्यादा मात्रा में तीखा खाना कुछ लोगों के लिए परेशानी भी बन सकता है.

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